Delhi Police

Delhi Police Special Cell officials display seized weapons, petrol bombs and a stolen motorcycle after busting two alleged terror-linked modules.
दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' के दो मॉड्यूल का भंडाफोड़; 6 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (NDR) ने राजधानी में संभावित बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए कथित 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' से जुड़े दो अलग-अलग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में दिल्ली और पंजाब से कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से पेट्रोल बम, आधुनिक पिस्तौल, चोरी की मोटरसाइकिल और कई एन्क्रिप्टेड चैट रिकॉर्ड बरामद किए हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, दोनों मॉड्यूल अलग-अलग तरह की आपराधिक और आतंकी गतिविधियों में सक्रिय थे और उनके तार कई राज्यों तक फैले हुए थे। दो मॉड्यूल में काम कर रहा था नेटवर्क स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सलमान, दानिश उर्फ चांद मियां, तैयब, अली फजल, जुबैर और मलकीत शामिल हैं। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क दो अलग-अलग मॉड्यूल के माध्यम से संचालित हो रहा था। पहला मॉड्यूल: पेट्रोल बम हमलों की साजिश पुलिस के मुताबिक पहला मॉड्यूल कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। इस मॉड्यूल से जुड़े सलमान, दानिश उर्फ चांद मियां समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इनका काम पेट्रोल बम हमलों को अंजाम देना था। छापेमारी के दौरान इनके पास से तीन पेट्रोल बम और एक चोरी की मोटरसाइकिलबरामद की गई। पुलिस का दावा है कि इस मॉड्यूल का संचालन कथित रूप से हुनैन राणा, जो शहजाद भट्टी का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है, कर रहा था। दूसरा मॉड्यूल: हथियार तस्करी का नेटवर्क दूसरा मॉड्यूल कथित रूप से आधुनिक हथियारों की अवैध तस्करी में शामिल था। गिरफ्तार आरोपियों में शाहीन बाग निवासी तैयब, उसका जीजा अली फजल, जुबैर और अमृतसर निवासी मलकीत शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, अली फजल का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। इस मॉड्यूल के पास से तीन आधुनिक हथियार और कई एन्क्रिप्टेड चैट रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस ठिकाने और भीड़भाड़ वाले इलाके थे निशाने पर प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपियों के संभावित निशानों में पुलिस प्रतिष्ठान और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानशामिल थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनकी साजिश कितनी आगे बढ़ चुकी थी और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। जांच जारी दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल अब बरामद डिजिटल साक्ष्यों, हथियारों के स्रोत और आरोपियों के अन्य संपर्कों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नेटवर्क को किस स्तर पर संचालित किया जा रहा था और इसके तार किन अन्य राज्यों या संगठनों से जुड़े हो सकते हैं।  

Deepshikha जुलाई 7, 2026 0
Delhi Police investigates a bomb threat email case targeting key Indian security and strategic institutions, with officials conducting technical analysis and questioning a suspect.
ISRO-DRDO समेत कई बड़े संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी, दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद के संदिग्ध से की पूछताछ

नई दिल्ली: देश की कई प्रमुख सुरक्षा और रणनीतिक संस्थाओं को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ईमेल मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में पुलिस ने गाजियाबाद निवासी एक संदिग्ध से पूछताछ की है। शुरुआती जांच में सभी धमकियां फर्जी पाई गई हैं, हालांकि पुलिस ईमेल भेजने के उद्देश्य और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रही है। 29 जून को मिला था धमकी भरा ईमेल 29 जून को विभिन्न सरकारी और सुरक्षा एजेंसियों को एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। इसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), नागरिक उड्डयन मंत्रालय और दिल्ली-न्यूयॉर्क एयर इंडिया फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ईमेल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। संबंधित सभी कार्यालयों और परिसरों की तत्काल जांच कराई गई, लेकिन कहीं भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। तकनीकी जांच के बाद गाजियाबाद पहुंची पुलिस धमकी भरे ईमेल की तकनीकी जांच के आधार पर दिल्ली पुलिस गाजियाबाद के संयोग नगर स्थित बैंक कॉलोनी पहुंची। यहां 36 वर्षीय निशांत त्यागीसे पूछताछ की गई। पुलिस ने संदिग्ध के घर की तलाशी भी ली, लेकिन वहां से कोई विस्फोटक या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया? पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि संदिग्ध वर्ष 2008 से एक गंभीर बीमारी से पीड़ित है और कई प्रतिष्ठित अस्पतालों में उसका इलाज हो चुका है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी भरा ईमेल किस उद्देश्य से भेजा गया था और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका है या नहीं। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ISRO मुख्यालय में मच गया था हड़कंप धमकी भरे ईमेल के बाद सबसे अधिक सतर्कता ISRO मुख्यालय में बरती गई। ईमेल मिलते ही अधिकारियों ने तत्काल इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर परिसर खाली कराया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। बम निरोधक दस्ता, सुरक्षा एजेंसियां और जांच टीमों ने पूरे परिसर की गहन तलाशी ली, लेकिन जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। जांच जारी दिल्ली पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियां अब ईमेल की तकनीकी जांच, डिजिटल ट्रेल और संदिग्ध की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
Sapna Jain Gogi Gang
दिल्ली में 50 लाख की रंगदारी की साजिश का खुलासा, कारोबारी की पत्नी निकली मास्टरमाइंड

नई दिल्ली, एजेंसियां। पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर में एक कारोबारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि कथित रंगदारी की पूरी साजिश किसी बाहरी गैंगस्टर ने नहीं, बल्कि कारोबारी की पत्नी ने गोगी गैंग से जुड़े एक आरोपी के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने कारोबारी की पत्नी सपना जैन और गोगी गैंग से जुड़े राजत को गिरफ्तार कर लिया है।   अमेरिकी नंबर से मिली थी धमकी पुलिस के अनुसार, 14 जून को कारोबारी को अमेरिका के एक नंबर से कॉल और मैसेज आए थे। कॉल करने वाले ने खुद को गोगी गैंग का सदस्य बताते हुए 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। आरोपी ने कारोबारी के घर और दुकान की तस्वीरें तथा लोकेशन भेजकर रकम नहीं देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायत मिलने के बाद मामला स्पेशल सेल को सौंपा गया।   तकनीकी जांच में खुली साजिश तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने सोनीपत निवासी राजत को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल फोन की जांच में कारोबारी की पत्नी सपना जैन और उसकी बहन से लगातार संपर्क के सबूत मिले। इसके बाद पुलिस ने सपना जैन को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें कथित साजिश का खुलासा हुआ।   पारिवारिक विवाद बना कथित वजह पुलिस के मुताबिक, कारोबारी और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। पूछताछ में महिला ने आरोप लगाया कि उसकी सास हमेशा बेटे का पक्ष लेती थीं। इसी नाराजगी के चलते उसने कथित तौर पर राजत की मदद से पहले पति से 50 लाख रुपये की उगाही और बाद में सास की हत्या तथा पति पर जानलेवा हमला कराने की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि महिला अपने पति की गतिविधियों और आवाजाही की जानकारी भी आरोपियों तक पहुंचा रही थी।   स्पेशल सेल के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राजत पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और गोगी गैंग के सदस्यों के संपर्क में था। पुलिस अब अमेरिका से संचालित कथित रंगदारी नेटवर्क, गैंग के अन्य सदस्यों और इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

abhishek singh जून 30, 2026 0
Smartphone showing WhatsApp security settings and protection against hacked accounts.
##21# कोड से बच सकता है आपका WhatsApp अकाउंट? दिल्ली पुलिस ने बताया हैक अकाउंट वापस पाने का तरीका

आज के डिजिटल दौर में WhatsApp हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग अलर्ट से लेकर निजी बातचीत तक, लगभग हर जरूरी जानकारी इसी प्लेटफॉर्म पर मौजूद रहती है। ऐसे में अगर आपका WhatsApp अकाउंट हैक हो जाए, तो यह बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। इसी को देखते हुए दिल्ली पुलिस की IFSO (Intelligence Fusion and Strategic Operations) यूनिट के जॉइंट सीपी रजनीश गुप्ता ने एक वीडियो के जरिए हैक हुए WhatsApp अकाउंट को वापस पाने का तरीका बताया है। क्यों जरूरी है ##21# कोड? दिल्ली पुलिस के अनुसार, अगर किसी हैकर ने कॉल या मैसेज फॉरवर्डिंग के जरिए आपके OTP अपने डिवाइस पर प्राप्त करने की व्यवस्था कर रखी है, तो सबसे पहले उस फॉरवर्डिंग को बंद करना जरूरी है। इसके लिए अपने फोन में: ##21# डायल करने की सलाह दी गई है। यह USSD कोड कई मामलों में सक्रिय कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग्स को बंद करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि अलग-अलग ऑपरेटर और डिवाइस के अनुसार इसका प्रभाव अलग हो सकता है। इसलिए इसे सुरक्षा के अतिरिक्त कदम के रूप में देखा जाना चाहिए। WhatsApp अकाउंट वापस पाने के लिए अपनाएं ये स्टेप्स 1. सबसे पहले ##21# डायल करें इससे संभावित कॉल या मैसेज फॉरवर्डिंग बंद हो सकती है और OTP गलत व्यक्ति तक पहुंचने का खतरा कम हो सकता है। 2. Meta के शिकायत फॉर्म पर जाएं WhatsApp सपोर्ट फॉर्म खोलें। 3. "Are you a law enforcement officer?" पर "No" चुनें 4. अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें देश के कोड के साथ अपना WhatsApp नंबर दो बार भरें। 5. "My account has been hacked" विकल्प चुनें 6. समस्या का विवरण लिखें बताएं कि आपका अकाउंट हैक हो गया है और आप लॉगिन नहीं कर पा रहे हैं। 7. अपना नाम और ईमेल आईडी भरें 8. Electronic Signature में अपना नाम दर्ज कर फॉर्म सबमिट करें इसके बाद क्या होगा? फॉर्म सबमिट करने के बाद Meta आपकी शिकायत की समीक्षा करेगा। सत्यापन पूरा होने पर हैकर के डिवाइस से आपका WhatsApp अकाउंट लॉगआउट किया जा सकता है। इसके बाद आप OTP की मदद से दोबारा अपने अकाउंट में लॉगिन कर सकेंगे। Facebook और Instagram के लिए भी उपलब्ध है सुविधा अगर आपका Facebook या Instagram अकाउंट हैक हो गया है, तो Meta इन प्लेटफॉर्म्स के लिए भी अलग रिकवरी फॉर्म उपलब्ध कराता है। सुरक्षा के लिए इन बातों का रखें ध्यान WhatsApp में टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर ऑन करें। किसी के साथ OTP साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत सतर्क हो जाएं। अपने ईमेल अकाउंट की सुरक्षा भी मजबूत रखें।

surbhi जून 15, 2026 0
Police personnel outside Guru Randhawa's Delhi gym after firing incident investigation began.
गुरु रंधावा के जिम पर ताबड़तोड़ फायरिंग, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी

नई दिल्ली: पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर गुरु रंधावा के दिल्ली स्थित जिम पर गुरुवार सुबह फायरिंग की घटना सामने आने के बाद सनसनी फैल गई। पश्चिम विहार इलाके के पुष्कर एन्क्लेव में स्थित ‘24 HS Fitness Delhi’ जिम के बाहर बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने कई राउंड गोलियां चलाईं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और आरोपियों की पहचान के लिए कई टीमों को लगाया गया है। सोशल मीडिया पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी घटना के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित के नाम से एक पोस्ट वायरल हुआ, जिसमें फायरिंग की जिम्मेदारी ली गई। पोस्ट में दावा किया गया कि गुरु रंधावा को पहले भी सलमान खान से दूरी बनाने की चेतावनी दी गई थी। पोस्ट में कहा गया कि गुरु रंधावा सलमान खान के करीब थे और चेतावनी के बावजूद उन्होंने दूरी नहीं बनाई। साथ ही गैंग की ओर से दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की धमकी भी दी गई। पुलिस कर रही है दावों की जांच हालांकि, पुलिस अभी सोशल मीडिया पर किए गए दावों की सत्यता की जांच कर रही है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की गई है कि फायरिंग के पीछे वास्तव में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का ही हाथ है। सलमान खान विवाद से जुड़ रहा मामला लॉरेंस बिश्नोई गैंग लंबे समय से अभिनेता सलमान खान को धमकियां देता रहा है। 1998 के काले हिरण शिकार मामले को लेकर बिश्नोई समाज की नाराजगी और लॉरेंस गैंग की ओर से बार-बार दी जाने वाली धमकियों के कारण सलमान खान को पहले से ही Z+ सुरक्षा प्रदान की गई है। इसी कड़ी में हाल के वर्षों में सलमान खान और उनके करीबी लोगों से जुड़े कई मामलों में धमकी और फायरिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब गुरु रंधावा के जिम पर हुई गोलीबारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।  

surbhi जून 11, 2026 0
Heavy security deployment at Delhi Airport ahead of Cockroach Janata Party protest call.
CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली हाई अलर्ट पर, अभिजीत दीपके पहुंचे राजधानी

  नई दिल्ली: डिजिटल संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे, दिल्ली की सीमाओं तथा अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस महीने की शुरुआत में समर्थकों और छात्रों से दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने अपने समर्थकों से 6 जून को दिल्ली एयरपोर्ट पर उनसे मिलने का भी आह्वान किया था। सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस को कोई औपचारिक अनुमति आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।  सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य खुफिया सूचनाओं के आधार पर एहतियातन सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। राजधानी में बढ़ाई गई सुरक्षा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली जिले समेत कई रणनीतिक स्थानों पर 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। आईजीआई एयरपोर्ट, प्रमुख रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल और दिल्ली की सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा प्रमुख बाजारों, चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। एयरपोर्ट परिसर के बाहर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है, जबकि दिल्ली की सीमाओं और मध्य दिल्ली की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की जांच भी तेज कर दी गई है। अभिजीत दीपके के दिल्ली पहुंचने का दावा सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया है कि अभिजीत दीपके दिल्ली पहुंच चुके हैं और इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा की है। रांका के अनुसार, दीपके दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति लेने के लिए संबंधित थाने जाएंगे, जिसके बाद जंतर-मंतर पर धरना आयोजित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि यह दिन भारतीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है और संगठन अपने मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना चाहता है। वरिष्ठ अधिकारियों ने की समीक्षा शुक्रवार को पुलिस उपायुक्त (आईजीआई) विचित्र वीर समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एक उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा हालात का आकलन किया गया और सभी फील्ड इकाइयों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। जिला पुलिस इकाइयों को पर्याप्त संख्या में बल तैयार रखने और पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर बनाए रखने के लिए कहा गया है। खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस खुफिया एजेंसियों और अन्य सुरक्षा संस्थानों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा और यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। साथ ही राजधानी में कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।  

surbhi जून 6, 2026 0
Delhi Hotel Fire Case
दिल्ली अग्निकांड में होटल मालिक लवकेश बजाज 4 दिन की पुलिस रिमांड पर

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड मामले में जांच तेज हो गई है। इस हादसे में 21 लोगों की मौत के बाद पुलिस अब मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। इसी क्रम में आरोपी होटल मालिक लवकेश बजाज को साकेत कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी से पूछताछ आवश्यक है। जांच के दौरान होटल से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, संचालन संबंधी रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जुटाने की जरूरत है। अदालत ने पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए रिमांड मंजूर कर ली। आरोपी ने किया रिमांड का विरोध सुनवाई के दौरान लवकेश बजाज ने पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए दावा किया कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और हिरासत की आवश्यकता नहीं है। वहीं, उसके वकील ने अदालत में यह भी कहा कि अब तक उन्हें एफआईआर की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस पर दिल्ली पुलिस ने आश्वासन दिया कि नियमानुसार एफआईआर की कॉपी जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी। कई एजेंसियां कर रही हैं जांच मामले की जांच को व्यापक रूप से आगे बढ़ाते हुए दिल्ली पुलिस ने नगर निगम (एमसीडी) को पत्र लिखकर होटल भवन का स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्वे कराने का अनुरोध किया है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि इमारत सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं। इसके अलावा बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस से भवन के बिजली कनेक्शन और विद्युत प्रणाली से संबंधित जानकारी मांगी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं शॉर्ट सर्किट या विद्युत सुरक्षा में लापरवाही हादसे का कारण तो नहीं बनी। होटल के दस्तावेजों की भी होगी पड़ताल दक्षिण जिला प्रशासन को भी मामले में विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट को होटल के रजिस्ट्रेशन, मालिकाना हक, लाइसेंस और अन्य कानूनी दस्तावेजों की जांच करने को कहा गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि होटल निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत संचालित हो रहा था या नहीं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Unknown जून 4, 2026 0
Firefighters and rescue teams at Delhi hotel after deadly fire killed 21 people.
मालवीय नगर होटल अग्निकांड पर सख्ती, एलजी ने बिठाई जांच; फरार मालिकों पर शिकंजा

  दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की विस्तृत पड़ताल की जा सके। उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। राजधानी में चलेगा विशेष अग्नि सुरक्षा अभियान हादसे के बाद उपराज्यपाल ने दिल्ली भर में एक महीने का विशेष निरीक्षण अभियान चलाने का आदेश दिया है। इस दौरान होटल, नर्सिंग होम, कोचिंग संस्थान, रेस्तरां और अन्य संवेदनशील व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। निर्देशों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दमकल संचालन में बाधाओं की होगी पहचान प्रशासन ने अग्निशमन विभाग और पुलिस को संयुक्त सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य ऐसे इलाकों की पहचान करना है जहां संकरी गलियों, अवैध निर्माण या अन्य कारणों से दमकल वाहनों की पहुंच प्रभावित होती है। सर्वेक्षण के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फरार आरोपियों के खिलाफ कड़ा कदम हादसे के बाद जांच एजेंसियों ने होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LoC) जारी किया है ताकि वे देश छोड़कर न जा सकें। साथ ही गैर इरादतन हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश जारी है। 21 लोगों की गई जान बुधवार सुबह मालवीय नगर के ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में लगी आग ने बड़ी त्रासदी का रूप ले लिया। हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। मृतकों में मध्य एशिया और अफ्रीकी देशों के नागरिकों के होने की भी जानकारी सामने आई है। बेसमेंट से शुरू हुई आग ने लिया विकराल रूप प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग इमारत के बेसमेंट स्थित रेस्तरां क्षेत्र से शुरू हुई। बताया जा रहा है कि काम शुरू होने के कुछ समय बाद जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे ऊपरी मंजिलों पर ठहरे कई लोग फंस गए। हादसे की हर परत खंगाल रही जांच एजेंसियां जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि भवन में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, और कहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई थी। मजिस्ट्रेट जांच, पुलिस कार्रवाई और तकनीकी निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी।  

Deepshikha जून 4, 2026 0
Delhi Police arrests influencer The Skin Doctor over social media posts linked to Sunjay Kapur case
‘द स्किन डॉक्टर’ को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार, संजय कपूर मामले से जुड़े पोस्ट पर कार्रवाई

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुई गिरफ्तारी Delhi Police ने मशहूर डर्मेटोलॉजिस्ट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर डॉ. नीलम सिंह उर्फ “The Skin Doctor” को गिरफ्तार किया है। उन पर कारोबारी Sunjay Kapur की मौत के बाद कपूर परिवार से जुड़े कथित सोशल मीडिया पोस्ट करने का आरोप है। सूत्रों के अनुसार कपूर परिवार की शिकायत के बाद वसंत कुंज थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिसके आधार पर जांच शुरू हुई। पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच अधिकारियों ने अभी तक सार्वजनिक रूप से आरोपों का पूरा विवरण साझा नहीं किया है, लेकिन मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया गतिविधियों और पोस्ट की प्रकृति की जांच कर रही है। कौन हैं ‘The Skin Doctor’? डॉ. नीलम सिंह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @theskindoctor13 नाम से सक्रिय हैं। वे स्किन केयर, एंटी-एजिंग और ब्यूटी टिप्स से जुड़े कंटेंट के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा वे राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर भी लगातार टिप्पणी करते रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स बताए जाते हैं। पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था रिपोर्ट्स के मुताबिक अप्रैल 2026 में भी दिल्ली पुलिस ने उन्हें एक अन्य हाई-प्रोफाइल संपत्ति विवाद से जुड़े पोस्ट के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके कुछ दिनों बाद उन्होंने संजय कपूर की मौत से जुड़ा पोस्ट किया, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। पोस्ट में क्या कहा गया था? बताया जा रहा है कि डॉ. सिंह ने अपने पोस्ट में उस खबर का जिक्र किया था जिसमें कहा गया था कि पोलो खेलते समय संजय कपूर ने गलती से मधुमक्खी निगल ली थी। उन्होंने लिखा था कि ऐसी स्थिति में गंभीर एलर्जी, सांस रुकने या हार्ट संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं। साथ ही उन्होंने ऐसी मेडिकल इमरजेंसी में तुरंत इलाज कराने की सलाह भी दी थी। संजय कपूर की मौत और परिवार विवाद Sunjay Kapur ऑटो कंपोनेंट कंपनी Sona Comstar के प्रमुख थे और अभिनेत्री Karisma Kapoor के पूर्व पति थे। जून में लंदन में पोलो खेलते समय उनकी मौत हो गई थी। मेडिकल रिपोर्ट में मौत का कारण हृदय संबंधी बीमारी बताया गया था। हालांकि बाद में परिवार की ओर से मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए गए और जांच की मांग की गई। सोशल मीडिया और राजनीति से भी जुड़ा नाम डॉ. नीलम सिंह को सोशल मीडिया पर भाजपा समर्थक टिप्पणियों के लिए भी जाना जाता है। वे अक्सर प्रधानमंत्री Narendra Modi और बीजेपी से जुड़े मुद्दों पर पोस्ट करते रहे हैं। हाल ही में उनका नाम अभिनेत्री Samantha Ruth Prabhu से जुड़े सोशल मीडिया विवाद में भी सामने आया था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है और डिजिटल रिकॉर्ड तथा सोशल मीडिया पोस्ट की गहन जांच की जा रही है।  

surbhi मई 14, 2026 0
Delhi Police investigates private bus after woman alleges gangrape in moving vehicle
दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप का आरोप, 2 आरोपी गिरफ्तार

महिला ने प्राइवेट बस में गैंगरेप का लगाया आरोप राष्ट्रीय राजधानी New Delhi में एक महिला ने प्राइवेट बस में गैंगरेप का आरोप लगाया है। मामले के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक घटना महिला की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस ने बस भी की जब्त अधिकारियों ने बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई बस को भी जब्त कर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि बस “Royal Travels & Cargo” नामक कंपनी की थी, जिसका कार्यालय फरीदाबाद में स्थित बताया गया है। पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है। रात में बस में बैठाने का आरोप शिकायत के अनुसार महिला को रात के समय समय पूछने के बहाने बस में बैठाया गया। इसके बाद चलती बस में कई लोगों द्वारा उसके साथ करीब दो घंटे तक दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि बस दिल्ली के रानी बाग इलाके में कई किलोमीटर तक घूमती रही। राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस मामले की तुलना निर्भया कांड से करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता की स्थिति बनी हुई है। पुलिस जांच जारी दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और सभी जरूरी सबूत जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।  

surbhi मई 14, 2026 0
Delhi police escort accused Rahul Meena in IRS officer's daughter murder case
IRS अधिकारी की बेटी हत्याकांड: बायोमेट्रिक लॉकर खोलने के लिए छत से घसीटा, स्क्रूड्राइवर से तोड़ा

दिल्ली के चर्चित IRS अधिकारी की बेटी हत्याकांड में जांच के दौरान रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी राहुल मीणा ने कथित तौर पर 22 वर्षीय UPSC अभ्यर्थी के साथ दुष्कर्म के बाद उसे छत से नीचे घसीटा और बायोमेट्रिक लॉकर खोलने के लिए उसकी उंगलियों का इस्तेमाल करने की कोशिश की। जब फिंगरप्रिंट से लॉकर नहीं खुला, तो आरोपी ने स्क्रूड्राइवर और अन्य औजारों की मदद से उसे तोड़ डाला। इसके बाद वह नकदी और जेवरात लेकर फरार हो गया। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी को घर की सुरक्षा व्यवस्था और अंदरूनी बनावट की पूरी जानकारी थी। वह सुबह उस समय घर में दाखिल हुआ, जब पीड़िता के माता-पिता जिम गए हुए थे। CCTV फुटेज में वह घर में प्रवेश करते और करीब एक घंटे बाद कपड़े बदलकर बैग के साथ निकलते दिखाई दिया। कोर्ट में कबूला गुनाह गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की अदालत में पेश किए जाने पर राहुल मीणा ने कहा, "मुझसे अपराध हो गया... गलती हो गई।" कोर्ट ने उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। 12 घंटे में दो राज्यों में दो रेप जांच में यह भी सामने आया है कि दिल्ली आने से कुछ घंटे पहले आरोपी ने राजस्थान के अलवर में भी एक महिला से कथित दुष्कर्म किया था। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, हत्या और लूट समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।  

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
Security personnel investigating terror plot suspects linked to Delhi temples and Connaught Place attack plan
लश्कर की बड़ी साजिश नाकाम: दिल्ली के प्रमुख मंदिर और कनॉट प्लेस थे निशाने पर, 8 आतंकी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 31 मार्च 2026: राष्ट्रीय राजधानी को दहलाने की एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने Lashkar-e-Taiba से जुड़े एक खतरनाक मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए इसके मास्टरमाइंड Shabbir Ahmed Lone समेत कुल 8 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आए खुलासे सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर थी नजर पूछताछ में शब्बीर अहमद लोन ने खुलासा किया कि उसने दिल्ली के प्रमुख धार्मिक स्थलों-Kalkaji Temple, Lotus Temple और Chhatarpur Temple-की रेकी कर इसकी जानकारी पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचाई थी। इसके अलावा राजधानी के सबसे व्यस्त व्यावसायिक केंद्र Connaught Place को भी निशाना बनाने की योजना थी। यहां की भीड़भाड़ और व्यावसायिक गतिविधियों को देखते हुए इसे संभावित हमले के लिए उपयुक्त माना गया था। ISI और नए आतंकी संगठन की साजिश जांच में यह भी सामने आया है कि Inter-Services Intelligence और लश्कर बांग्लादेश में The Resistance Front की तर्ज पर एक नया आतंकी संगठन खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह भारत के खिलाफ क्षेत्रीय स्तर पर आतंकवादी नेटवर्क को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पोस्टरों से खुला नेटवर्क का सुराग इस पूरे मॉड्यूल का खुलासा 8 फरवरी 2026 को हुआ, जब Janpath Metro Station और अन्य इलाकों में पाकिस्तान समर्थक और भड़काऊ पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों में कश्मीर से जुड़े संदेश और आतंकी Burhan Wani की तस्वीरें भी शामिल थीं। इसी सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ी और पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ। कई राज्यों में छापेमारी, अवैध घुसपैठ का खुलासा दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु के तिरुप्पुर में एक साथ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुल 8 आतंकियों को गिरफ्तार किया। इनमें से 7 बांग्लादेशी नागरिक बताए जा रहे हैं, जो अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे। टेक्निकल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से इस नेटवर्क की परतें खोली गईं। अंततः 9 मार्च 2026 को शब्बीर अहमद लोन को दिल्ली के गाजीपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। समय रहते टली बड़ी त्रासदी दिल्ली पुलिस का दावा है कि अगर यह मॉड्यूल सक्रिय हो जाता, तो देश में एक बड़ा आतंकी हमला हो सकता था। समय पर की गई कार्रवाई ने संभावित बड़े नुकसान को टाल दिया।  

surbhi मार्च 31, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0