धनबाद। धनबाद में ड्रंक एंड ड्राइव जांच अभियान के दौरान बड़ा बवाल हो गया। सीएमआरआई गेट के पास ट्रैफिक पुलिस की टीम वाहन जांच अभियान चला रही थी, तभी एक कार चालक ने पुलिस के रुकने के संकेत को नजरअंदाज करते हुए भागने की कोशिश की। हालांकि पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को घेरकर रोक लिया। इसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की घटना सामने आई। ब्रेथ एनालाइजर जांच में शराब पीने की पुष्टि ट्रैफिक विभाग के परिचारी प्रवर राकेश कुमार दुबे की शिकायत के अनुसार, सिटी सेंटर की ओर से आ रही टाटा पंच कार (JH10DH6065) को जांच के लिए रोका गया था। कार चालक की पहचान विपुल कुमार सिंह के रूप में हुई। पुलिस द्वारा की गई ब्रेथ एनालाइजर जांच में चालक के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई। बताया गया कि शराब की मात्रा तय सीमा से अधिक पाई गई। कार्रवाई के दौरान बढ़ा विवाद जांच के बाद जब पुलिस कार्रवाई करने लगी तो चालक आक्रोशित हो गया। आरोप है कि उसने ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की और वर्दी उतरवाने तक की धमकी दी। इसी बीच चालक के बुलाने पर उसके दो साथी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस और आरोपियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ी, दस्तावेज भी नष्ट किए पुलिस का आरोप है कि हंगामे के दौरान एक ट्रैफिक कर्मी की वर्दी फाड़ दी गई और उन्हें हल्की चोटें भी आईं। मामला थाने पहुंचने के बाद भी शांत नहीं हुआ। आरोपियों ने कथित तौर पर जब्ती सूची फाड़ दी और जब्त वाहन छुड़ाने की कोशिश की। दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने और सरकारी दस्तावेज नष्ट करने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। मुख्य आरोपी विपुल कुमार सिंह और अनिमेष कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
धनबाद। धनबाद के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र अंतर्गत जियलगोरा के समीप सोमवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। ऑटो और तेज रफ्तार ट्रेलर की आमने-सामने टक्कर में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ही परिवार के छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शादी समारोह में जा रहा था परिवार जानकारी के अनुसार, सभी लोग Bokaro जिले के चंदनकियारी थाना क्षेत्र के अमलाबाद के निवासी हैं। परिवार सासाराम-डेहरी में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए निकला था और धनबाद स्टेशन से ट्रेन पकड़ने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रेलर ने मारी टक्कर घायल परिवार के मुखिया परमेश्वर ठाकुर ने बताया कि पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो में सवार लोग सड़क पर जा गिरे। इस हादसे में राजमणि देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक समेत अन्य छह लोग घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। दो घायलों का इलाज एसएनएमएमसीएच में चल रहा है, जबकि चार अन्य को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस जांच में जुटी जोड़ापोखर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
धनबाद। धनबाद के पुटकी थाना क्षेत्र स्थित गोपालिचक में बीसीसीएल की आउटसोर्सिंग माइंस में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस दुर्घटना में सीनियर सुपरवाइजर रामस्वरूप चौहान की मौके पर ही मौत हो गई। वे गोधर क्षेत्र के रहने वाले थे और रोज की तरह ड्यूटी पर पहुंचे थे। भारी वाहन की चपेट में आने से गई जान जानकारी के अनुसार, घटना के समय रामस्वरूप चौहान माइंस के अंदर कर्मियों को काम पर लगा रहे थे। इसी दौरान एक भारी वोल्वो वाहन उनकी कमर के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कंपनी की ओर से परिजनों को अस्पताल में भर्ती होने की सूचना दी गई थी, लेकिन जब वे पहुंचे तो उनका शव मिला। सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही है। खनन के दौरान उठने वाली धूल के कारण दृश्यता कम हो जाती है, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होती। जांच के आदेश, पुलिस जुटी पड़ताल में कंपनी प्रबंधन ने घटना की जांच कराने की बात कही है। वहीं पुटकी थाना प्रभारी वकार हुसैन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।
धनबाद। धनबाद में आवारा कुत्तों के झुंड ने 5 साल के मासूम बच्चे को नोंच खाया। घटना, गोनुडीह ओपी क्षेत्र की है जहां आवारा कुत्तों के झुंड ने 5 साल के बच्चे पर हमला कर दिया। मृत बच्चे की पहचान अंकित के रूप में हुई है। घटना के संबंध में मिली जानकरी के मुताबिक, अंकित घर के बाहर खेल रहा था कि तभी आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक उसपर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चो को नोंच खाया। गंभीर रूप से घायल अंकित को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पूरी घटना गोंदूडीह ओपी क्षेत्र स्थित भोलानाथ बसेरिया, 4 नंबर यादव बस्ती की है। कुंदन यादव का 5 साल का बेटा अंकित यादव हनुमान मंदिर के पा खेल रहा था, तभी आवारा कुत्तों को झुंड वहां पहुंचा और अंकित को घेरकर हमला कर दिया। कुत्तों ने अंकित के शरीर को कई जगह बुरी तरह नोंच डाला। हमले में बच्चे को गंभीर चोट लगी, जिसकी वजह से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शोर-शराबा सुनकर स्थानीय लोग पहुंचे तो अंकित को लहूलुहान हालत में पाया। सूचना पर पहुंचे परिजन अंकित के शव की हालत देखकर चीत्कार कर उठे।
धनबाद। कोयलांचल में एक बार फिर "पावर वार" शुरू हो गया है। यह वार न सिर्फ वर्चस्व की लड़ाई है, बल्कि कोयलांचल में खुद को साबित करने की कोशिश भी है। इस बार यह जंग धनबाद के सांसद और मेयर के बीच है। यानी इस पावर वार में सांसद ढुल्लू महतो और मेयर संजीव सिंह आमने-सामने हैं। इस पावर वार के पीछे कई गहरे राज छिपे हैं। यह सिर्फ वर्चस्व की लड़ाई मात्र नहीं है, बल्कि कोयलांचल की सत्ता हासिल करने की भी जंग है। मामला सियासी भी है दोनों को अपना-अपना वजूद साबित करने की जरूरत है, तो जंग के पीछे अभी से ही अगले लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तैयारी भी है। यह अलग बात है कि चुनाव में अभी बहुत वक्त है, लेकिन जिस प्रकार संजीव सिंह तमाम विरोधों के बावजूद मेयर की कुर्सी पर काबिज हुए हैं, कई पुराने और दिग्गज नेताओं का समीकरण गड़बड़ा गया है और वे भी नया समीकरण बनाने में जुट गये हैं। चर्चा तो यह भी है कि टिकट के लिए अभी से गोलबंदी शुरू हो गई है। शर्त पर शर्त रखे जा रहे हैं। अगले उम्मीदवार के लिए तैयार हो रही जमीन! धनबाद, झरिया, निरसा, बाघमारा, सिंदरी और टुंडी से भाजपा के कौन उम्मीदवार होंगे, इसकी जमीन अभी से ही तैयार की जाने लगी है और यही जमीन "पावर' की लड़ाई को आगे बढ़ा रही है। पावर की लड़ाई लड़ने वालों को कोई ना कोई बहाना चाहिए, बहना मिलते ही आमने-सामने हो जा रहे हैं। सांसद और मेयर की लड़ाई तो अब जग जाहिर है। दोनों एक दूसरे के खिलाफ बयान बाजी भी कर रहे हैं। संजीव सिंह कतरास इलाके में अपनी सक्रियता तेज किए हुए हैं, तो सांसद ढुल्लू महतो ने शहरी इलाकों में अपने समर्थकों को सक्रिय कर दिया है और खुद भी वह शहरी इलाकों में एक्टिव हैं। सबसे अधिक चर्चा सांसद और पूर्व सांसद की दोस्ती की है। यानी ढुल्लू महतो और पीएन सिंह के बीच की निकटता की। लोग बता रहे हैं कि दो ध्रुव का मिलन आखिर क्यों हुआ? किन शर्तों पर हुआ? क्या इसके पीछे भी विधानसभा की कोई सीट है? हालांकि अभी लोग इन सब बातों को लेकर कयास ही लगा रहे हैं, लेकिन कुछ न कुछ खिचड़ी तो पक ही रही है। कोयलांचल की राजनीति ले रही करवट कोयलांचल में राजनीति जिस हिसाब से करवट ले रही है, जो चर्चाएं चल रही है, भाजपा के नेता और कार्यकर्ता दबी जुबान में जो बता रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि इस राजनीति के पीछे बड़ी वजह है। यह बात भी सच है कि मेयर चुनाव के पहले सांसद ढुल्लू महतो ने संजीव सिंह के बारे में कई बातें कही थी। उन बातों का असर हुआ कि कोयलांचल में गोलबंदी हुई और संजीव सिंह भारी मतों से जीत गए। इसके बाद नए ढंग की राजनीति शुरू हुई है। इस राजनीति के टारगेट में केवल संजीव सिंह ही नहीं बल्कि कई वर्तमान विधायक भी है। कई लोग सतर्क हो गये हैं कि कहीं संजीव सिंह अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी में तो नहीं जुटे हैं। मतलब मौजूदा सांसद के लिए इससे बड़ी चिंता की वजह कोई और हो भी नहीं सकती। यह अलग बात है कि टिकट किसे मिलेगा, किसे नहीं, यह तय करना केंद्रीय नेतृत्व का काम है। लेकिन, केंद्रीय नेतृत्व भी तो सभी पक्षों की रायशुमारी से ही अपनी राय बनाता है। शुभम हत्याकांड को लेकर भी राजनीति कतरास के शुभम हत्याकांड को लेकर भी यहां नए ढंग की राजनीति शुरू हो गई है। संजीव सिंह पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं, तो सांसद ढुल्लू महतो इसकी सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि शुभम हत्याकांड में धनबाद पुलिस की जांच तेज हो गई है। धनबाद में नए ग्रामीण एसपी ने कार्यभार संभाल लिया है और उनके कार्यभार ग्रहण करते ही शुभम हत्याकांड पर हल्ला मचा हुआ है। लगातार अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। अपराधियों के नेटवर्क के भी खुलासे की भी मांग हो रही है। दोनों ही पक्ष अपने-अपने ढंग से झंडा उठाये हुए हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि कोयलांचल में राजनीति का यह रंग आगे क्या-क्या गुल खिलाता है।
धनबाद। जिले में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्कूलों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। Jharkhand Education Tribunal Act 2017 के तहत अब सभी निजी विद्यालयों को फीस, किताब और ड्रेस से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। फीस और री-एडमिशन पर स्पष्ट नियम प्रशासन ने निर्देश दिया है कि स्कूल अपनी वार्षिक फीस का पूरा ब्योरा वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करें। अभिभावकों पर एकमुश्त फीस जमा करने का दबाव नहीं बनाया जाएगा, बल्कि उन्हें तिमाही आधार पर भुगतान की सुविधा दी जाएगी। साथ ही री-एडमिशन के नाम पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और डेवलपमेंट फीस का उद्देश्य स्पष्ट करना होगा। किताब और ड्रेस को लेकर सख्ती नए नियमों के अनुसार, स्कूलों को नवंबर तक अगले सत्र की किताबों और ड्रेस की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। स्कूल ड्रेस पांच साल से पहले नहीं बदली जा सकेगी और निर्धारित किताबों में भी बार-बार बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, स्कूल परिसर में किताब और ड्रेस बेचने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, जिससे अभिभावकों को बाजार से सस्ती दर पर सामग्री खरीदने का विकल्प मिलेगा। उल्लंघन पर जुर्माना और जांच प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन एक सप्ताह के भीतर करना होगा। इसके बाद पांच सदस्यीय टीम द्वारा औचक निरीक्षण किया जाएगा। किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। छात्रों की सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर इसके साथ ही बीपीएल श्रेणी के छात्रों के लिए 25% सीट आरक्षित रखने, स्कूल बसों में GPS और CCTV अनिवार्य करने तथा चालकों का पुलिस सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन कदमों से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
धनबाद। झारखंड के आतंक का पर्याय बन चुके गैंगस्टर प्रिंस खान के सबसे करीबी गुर्गे शैफी उर्फ मेजर को इंटरपोल की मदद से गिरफ्तार किया गया है। उसकी गिरफ्तारी कोलकाता नहीं बल्कि दुबई में हुई है। दुबई में उसे गिरफ्तार कर कोलकाता लाया गया। मेजर की गिरफ्तारी झारखंड पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। उसे विदेश से भारत लाने के बाद कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचाया गया, जहां से झारखंड पुलिस की एक विशेष टीम उसे कड़ी सुरक्षा के बीच धनबाद लेकर आई। प्रिंस खान को लेकर बड़े खुलासों की उम्मीद पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड पर पूछताछ के दौरान गिरोह के नेटवर्क, फंडिंग और प्रिंस खान के ठिकानों के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। झारखंड के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर प्रिंस खान को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सूचना मिली है। करीब चार साल पहले दुबई भागने और इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बावजूद वह अब तक पुलिस की पहुंच से बाहर है। प्रिंस खान से जुड़ी कुछ अहम जानकारिया धनबाद में कई सालों से प्रिंस खान ने दहशत फैला रखी है अर्से से झारखंड पुलिस को प्रिंस खान की तलाश है 2021 में प्रिंस खान पुलिस से बचने के लिए दुबई भाग गया अब वह दुबई से पाकिस्तान भाग गया है प्रिंस खान, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में छिपा है पुलिस प्रिंस खान को आतंकवादी घोषित कराने की कोशिश में है राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा ताजा खुफिया इनपुट के अनुसार, प्रिंस खान ने अपना ठिकाना दुबई से बदलकर अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बना लिया है। वह वहीं से रांची, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर के बड़े कारोबारियों को वर्चुअल नंबरों के जरिए रंगदारी के लिए धमकाता है। कभी वासेपुर की गलियों से अपराध शुरू करने वाला प्रिंस खान अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है। प्रिंस खान को घोषित किया जाएगा आतंकवादी पाकिस्तान से गतिविधियों को अंजाम देने की सूचना के बाद झारखंड पुलिस अब उसे 'आतंकवादी' घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि प्रिंस खान के सिंडिकेट को न केवल अपराधी, बल्कि कई 'व्हाइट कॉलर' लोग और जमीन कारोबारी भी हथियार और धन की आपूर्ति कर समर्थन दे रहे हैं। इतना ही नहीं, प्रिंस ने दुबई में एक आंतकी संगठन की मदद से पनाह ली है। और वह झारखंड से वसूले गये रंगदारी के पैसे में उस आतंकी संगठन को कमीशन भी दे रहा है। मेजर की गिरफ्तारी प्रिंस खान के अंत की शुरुआत मेजर की गिरफ्तारी को प्रिंस खान के साम्राज्य के अंत की शुरुआत माना जा रहा है। धनबाद पुलिस के साथ-साथ राज्य के अन्य जिलों की पुलिस भी मेजर को रिमांड पर लेने की तैयारी में है, जहां-जहां उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि प्रिंस खान के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में यह सबसे बड़ी कार्रवाई है।
धनबाद। पाकिस्तान में छिपे वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। धनबाद पुलिस ने प्रिंस का दाहिना हाथ माने जाने वाले सैफी अब्बास उर्फ ‘मेजर’ को गिरफ्तार कर लिया है। उसे बीते रविवार को कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से पकड़ा गया। सैफी लंबे समय से पुलिस की नजर में था और उसके मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। इसी बीच इनपुट मिला कि वह दुबई से कोलकाता लौट रहा है। दुबई से लौटा था सूचना मिलते ही धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नौशाद आलम और सिंदरी एसडीपीओ आशुतोष की टीम कोलकाता रवाना की गई। फ्लाइट लैंड होने के बाद जैसे ही सैफी एयरपोर्ट से बाहर निकलने लगा, इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे डिटेन कर लिया। पश्चिम बंगाल एसटीएफ भी रंगदारी के एक मामले में उसकी तलाश कर रही थी। एयरपोर्ट पर ही उससे प्रारंभिक पूछताछ की गई। प्रिंस गैंग का ‘मेजर’ निकला सैफी जांच में सामने आया है कि ‘मेजर’ के नाम से झारखंड में दहशत फैलाने वाला कोई और नहीं, बल्कि सैफी अब्बास ही है। वह छद्म नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी मांगने, धमकी भरे ऑडियो-वीडियो और मैसेज भेजने के साथ-साथ पर्चे फिंकवाने का काम करता था। धनबाद पुलिस को पूछताछ में प्रिंस खान के पूरे नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिससे आने वाले दिनों में बड़े खुलासे संभव हैं। मेजर के खिलाफ दर्जनों मामले सैफी के खिलाफ धनबाद समेत राज्य के विभिन्न थानों में 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। आसनसोल में दर्ज एक रंगदारी केस में पश्चिम बंगाल पुलिस ने सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया। अब धनबाद पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर उसे अपने साथ लाने की तैयारी कर रही है। मेजर के नाम से लोगों को मिल रही थी धमकी बताते चलें कि कि इससे पहले भी ‘मेजर’ नाम से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन धमकी भरे ऑडियो-वीडियो लगातार सामने आते रहे। अब सैफी की गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि प्रिंस गैंग की जड़ तक पहुंचने में मदद मिलेगी। अब सैफी की गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि प्रिंस गैंग की जड़ तक पहुंचने में मदद मिलेगी। गोपी के साथ सैफी गया था दुबई वर्ष 2021 में वासेपुर में नन्हे खान की हत्या के बाद प्रिंस खान दुबई भाग गया। उसका भाई गोपी खान, साला और एक अन्य रिश्तेदार भी दुबई पहुंच गए। वहां सैफी के जरिए प्रिंस रंगदारी के लिए ऑडियो, वीडियो मैसेज भेज कर धनबाद और अन्य जिलों में आतंक फैलाने लगा। हमले और फायरिंग भी करवाई। लाल डायरी में दर्ज हैं खुफिया राज सैफी के सामान की तलाशी में पुलिस को एक लाल डायरी मिली है। यह रंगदारी प्रकरण का काला दस्तावेज है, जिसमें रंगदारी प्रकरण का लेनदेन का पूरा हिसाब है। रंगदारी देने वाले और किसे पैसा भेजा गया, उनके नाम के साथ रकम दर्ज है। पुलिस को डायरी से यह पता चल पाएगा कि धनबाद के अलावा राज्य के अन्य जिलों से कौन-कौन व्यवसायी रंगदारी दे रहे थे। बांग्लादेश भागने की तैयारी में था मेजर सैफी के मोबाइल की जांच में धनबाद पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। धनबाद के अलावा रांची, जमशेदपुर, पलामू में व्यवसायियों को भेजे गए धमकी भरे दर्जनों ऑडियो-वीडियो मैसेज मिले हैं। यह भी जानकारी मिली है कि जांच एजेंसियों की दबिश के बीच प्रिंस कैसे कमजोर हुआ और डंकी रूट से पाकिस्तान भाग गया। प्रिंस की टीम में शामिल अन्य लोग भी इधर-उधर छिपे हुए हैं। दबिश के बीच ही सैफी भाग कर कोलकाता आया था। पकड़ा नहीं जाता तो वह भी डंकी रूट से बांग्लादेश भाग जाता। उसके बांग्लादेश भागने का रूटमैप भी पुलिस को हाथ लगा है। भागने में उसके मददगार भी अब रडार में हैं।
रांची। झारखंड के धनबाद जिले में अपराधियों ने दिनदहाड़े एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। सोनारडीह थाना क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने घर में घुसकर जनता मजदूर संघ से जुड़े और मेयर संजीव सिंह के समर्थक शुभम यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है। घर में घुसकर मारी तीन गोलियां बताया जा रहा है कि घटना के समय शुभम यादव अपने दादा-दादी के साथ घर पर मौजूद था। इसी दौरान अचानक बाइक सवार अपराधी पहुंचे और घर में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बदमाशों ने उसे तीन गोलियां मारीं और मौके से फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल अवस्था में शुभम को अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान हुई मौत घटना के बाद शुभम यादव को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे अशर्फी अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की तलाश जारी घटना की सूचना मिलते ही मेयर संजीव सिंह अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। वहीं ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी और सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जांच पुलिस के अनुसार, मृतक शुभम यादव का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज थे। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है और प्रशासन पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा है।
कोलकाता, धनबाद, एजेंसियां। ईडी ने अवैध कोयला खनन और तस्करी से जुड़े आरोपियों की 159.51 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है। इसके साथ ही इस मामले में जब्त संपत्ति का आंकड़ा 482.22 करोड़ रुपए पहुंच गया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण कानून की तहत की गई है। इस तस्करी का केंद्र बिंदु अनूप माझी उर्फ लाला का वह संगठित गिरोह है, जिसने कोयले की चोरी से लेकर उसे वैध दिखाने का पूरा तंत्र खड़ा कर रखा था। ECL में बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी अब तक की जांच में ईडी को पता चला है कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के पट्टा क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी की जाती थी। फिर उसे वैध कारोबार का रूप दे दिया जाता था। इस पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए लाला और उसके सहयोगियों ने ऐसा तंत्र तैयार किया था, जिसमें फर्जी कागज, सांकेतिक व्यवस्था और गैरकानूनी पैसों के लेनदेन के गुप्त रास्ते शामिल थे। जांच एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संपत्तियों की पड़ताल में जुटी है। लाला पैड और 10 रुपए का टोकन इस तस्करी को लाला पैड के नाम से चल रहे फर्जी परिवहन चालान के माध्यम से अंजाम दिया जाता था। तस्करी में लगे ट्रक चालकों को 10 या 20 रुपए का एक नोट दिया जाता था। चालक उस नोट को ट्रक की नंबर प्लेट के पास रखकर तस्वीर खींचता और उसे वॉट्सएप के जरिए गिरोह के संचालकों तक पहुंचाता था। इसके बाद वही तस्वीर रास्ते में तैनात भ्रष्ट पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को भेज दी जाती थी। यह तस्वीर ही पास का काम करती थी। इसे देखते ही ट्रक को बिना रोक-टोक के आगे जाने दिया जाता था। यानी एक साधारण नोट पूरे अवैध कारोबार का इजाजत पत्र बन गया था। हवाला नेटवर्क का भी सहारा काली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए बैंकिंग व्यवस्था से बचते हुए हवाला नेटवर्क का भी सहारा लिया गया। यहां भी पहचान के तौर पर करेंसी नोट के क्रमांक का इस्तेमाल होता था। पैसे भेजने वाला और पाने वाला एक ही नोट के नंबर का मिलान करते थे और बिना किसी कागजी प्रक्रिया के करोड़ों रुपए इधर से उधर कर दिए जाते थे। इस तरीके ने जांच एजेंसियों के लिए पैसों के स्रोत तक पहुंचना बेहद कठिन बना दिया। प. बंगाल की कई फैक्ट्रियों में खपाया अवैध कोयला जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध कोयले को पश्चिम बंगाल की कई फैक्ट्रियों में खपाया गया। श्याम समूह की कंपनियां श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड और श्याम फेरो अलॉयज लिमिटेड ने इस कोयले को नकद में खरीदा। इन कंपनियों का प्रबंधन संजय अग्रवाल और बृज भूषण अग्रवाल के हाथों में है। आरोप है कि इन्होंने इस अवैध कमाई को कॉरपोरेट बॉन्ड और अन्य निवेश माध्यमों के जरिए वैध बनाने की कोशिश की, जिससे हजारों करोड़ रुपए का समानांतर साम्राज्य खड़ा हो गया। इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी अनूप माझी उर्फ लाला है।
धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक परिवार पिछले पांच दिनों से महिला के सड़ते हुए शव के साथ एक ही फ्लैट में रह रहा था। यह सनसनीखेज घटना गोविंदपुर थाना क्षेत्र के कौआबांध स्थित वास्तु विहार सोसाइटी की है। रविवार की रात जब घर से आने वाली दुर्गंध असहनीय हो गई, तब पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सड़ा-गला शव बरामद किया। मृतका की पहचान 40 वर्षीय लिपिका कुमारी के रूप में हुई है। दुर्गंध ने खोला पांच दिनों से छिपा खौफनाक राज वास्तु विहार सोसाइटी के इस फ्लैट से पिछले कुछ दिनों से हल्की बदबू आ रही थी, जिसे शुरुआत में स्थानीय निवासियों ने नजरअंदाज कर दिया। हालांकि, रविवार शाम होते-होते यह गंध इतनी तेज हो गई कि आसपास के लोगों का जीना मुहाल हो गया। अनहोनी की आशंका को देखते हुए तुरंत गोविंदपुर थाना पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब फ्लैट का दरवाजा खुलवाया, तो अंदर का दृश्य देख उनके भी होश उड़ गए। कमरे में लिपिका कुमारी का शव अत्यंत क्षत-विक्षत स्थिति में पड़ा था और वह पूरी तरह सड़ चुका था। परिजनों की चुप्पी और बीमारी का दावा सवालों के घेरे में पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि लिपिका कुमारी की मौत संभवतः 8 अप्रैल को ही हो गई थी। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से बीमार थी। चौंकाने वाली बात यह है कि मौत के बाद परिजनों ने न तो किसी को जानकारी दी और न ही अंतिम संस्कार की कोई प्रक्रिया शुरू की। वे पांच दिनों तक उसी फ्लैट में शव के साथ सामान्य रूप से आते-जाते रहे। लिपिका अपने परिवार के साथ साल 2022 से इस फ्लैट में रह रही थी। इस लंबी खामोशी ने पुलिस के मन में कई गंभीर संदेह पैदा कर दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिसिया पूछताछ से सुलझेगी गुत्थी घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर तुरंत शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौत की सटीक वजह और समय का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। फिलहाल, घर के सदस्यों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी या क्या मंशा थी, जिसके कारण परिवार ने इतनी बड़ी घटना को पांच दिनों तक बाहरी दुनिया से छिपाए रखा। इलाके में दहशत का माहौल, जांच जारी इस घटना के बाद से पूरी वास्तु विहार सोसाइटी और आसपास के क्षेत्रों में दहशत के साथ-साथ चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि कैसे कोई परिवार एक सड़ते हुए शव की दुर्गंध के बीच इतने दिनों तक रह सकता है। पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
धनबाद। कोयलांचल के कुख्यात और लंबे समय से फरार चल रहे अपराधी प्रिंस खान और उसके गुर्गों के खिलाफ धनबाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को पुलिस की टीम ने वासेपुर क्षेत्र में बड़ी दबिश दी। अदालत से प्राप्त आदेश के आलोक में पुलिस ने प्रिंस खान और उसके करीबी सहयोगी गोपी खान के घर पर सार्वजनिक उद्घोषणा (इश्तेहार) चस्पा की है। यह कदम अपराधियों को आत्मसमर्पण करने का अंतिम अवसर देने और उसके बाद उनकी संपत्तियों की कुर्की-जब्ती करने की कानूनी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अदालती आदेश के बाद वासेपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई धनबाद के वासेपुर स्थित कमरमखदूमी रोड पर शनिवार को पुलिस की हलचल काफी तेज रही। बैंक मोड़ थाना की पुलिस टीम ने भारी सुरक्षा के बीच प्रिंस खान और गोपी खान के आवासों को चिन्हित कर वहां नोटिस चिपकाया। बैंक मोड़ थाना के एएसआई सुनील कुमार रवि ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि ये दोनों आरोपी कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित हैं और लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे हैं। इश्तेहार चस्पा होने के बाद अब पुलिस जल्द ही अदालत से कुर्की-जब्ती का वारंट प्राप्त कर इनकी संपत्तियों को कुर्क करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। रंगदारी और आर्म्स एक्ट के दर्जनों मामलों में है तलाश प्रिंस खान पर धनबाद के विभिन्न थानों में रंगदारी, हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन अपराधों के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। एएसआई सुनील कुमार रवि के अनुसार, विशेष रूप से बैंक मोड़ थाना कांड संख्या 175/2023 और 277/2023 के तहत दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लंबे समय से छापेमारी कर रही है। पुलिस का मानना है कि इस कानूनी प्रक्रिया से फरार चल रहे अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर आरोपी न्यायालय या पुलिस के समक्ष उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके घरों की ईंट से ईंट बजा दी जाएगी। एसएसपी की दोटूक: अपराधियों की धमकियों से न डरें व्यवसायी इस बड़ी कार्रवाई से एक दिन पहले, शुक्रवार को एसएसपी प्रभात कुमार ने जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण मासिक अपराध समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में पुलिस कप्तान ने अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और संगठित अपराध के खात्मे के सख्त निर्देश दिए। मीडिया से बातचीत में एसएसपी ने जिले के व्यवसायियों और आम नागरिकों को आश्वस्त किया कि किसी भी अपराधी द्वारा मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से दी जाने वाली धमकियों से घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर धमकी को गंभीरता से ले रही है और अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय और भविष्य की रणनीति प्रिंस खान के विदेश में छिपे होने की आशंकाओं के बीच, धनबाद पुलिस अब केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि प्रिंस खान से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए उच्चस्तरीय रणनीति तैयार की गई है। पुलिस न केवल जमीनी स्तर पर कार्रवाई कर रही है, बल्कि तकनीकी सर्विलांस और अंतरराज्यीय समन्वय के माध्यम से भी अपराधियों पर शिकंजा कस रही है। जिले में भय का माहौल पैदा करने वाले संगठित सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस पहले से अधिक आक्रामक और त्वरित कार्रवाई करने की योजना पर काम कर रही है, ताकि कोयलांचल में शांति व्यवस्था बनी रहे।
धनबाद। धनबाद जिले के मैथन इलाके में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मधुमक्खियों का एक बड़ा झुंड अचानक उग्र होकर राहगीरों पर टूट पड़ा। यह घटना बीएसके कॉलेज से मैथन जाने वाले मुख्य मार्ग पर डीवीसी मेंटेनेंस के पास स्थित एक फल दुकान के समीप हुई। हमले की चपेट में स्कूली बच्चे, स्थानीय लोग और राह चलते यात्री आ गए। घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने या सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का मौका तक नहीं मिला। डंक से बचने के लिए भागते रहे लोग, सड़क पर बनी भगदड़ जैसी स्थिति प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसी अज्ञात कारण से मधुमक्खियों का झुंड आक्रामक हो गया और सड़क से गुजर रहे लोगों को लगातार डंक मारने लगा। इससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका दहशत और चीख-पुकार से भर गया। राहगीरों और बच्चों में खास तौर पर घबराहट का माहौल देखा गया। स्थानीय समाजसेवी की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा इस दौरान स्थानीय समाजसेवी रंजीत महतो ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए राहत कार्य संभाला। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को वैकल्पिक रास्तों से सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते लोगों को वहां से नहीं हटाया जाता, तो स्थिति और भयावह हो सकती थी। घायलों का अस्पताल में इलाज, एक की हालत गंभीर मधुमक्खियों के हमले में घायल सभी लोगों को तत्काल मैथन के बीपी नियोगी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के कंपाउंडर एम. कुमार ने बताया कि कई लोगों को प्राथमिक उपचार दिया गया है। हालांकि, एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कर इलाज जारी है। इस घटना ने स्थानीय लोगों को हिला कर रख दिया है। फिलहाल लोग उस इलाके से गुजरते समय सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं।
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी 8 से 10 अप्रैल 2026 तक वॉशिंगटन DC की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वे अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत-अमेरिका संबंधों की व्यापक समीक्षा व्यापार और रक्षा सहयोग को मजबूत करना पश्चिम एशिया (Middle East) के मौजूदा संकट पर चर्चा किन-किन मुद्दों पर होगी बात? विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, इस यात्रा में कई अहम क्षेत्रों पर बातचीत होगी: द्विपक्षीय व्यापार और संभावित ट्रेड एग्रीमेंट रक्षा सहयोग विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा हालात खास तौर पर, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। उच्च-स्तरीय संवाद की कड़ी यह दौरा विदेश मंत्री एस. जयशंकर की फरवरी में हुई US यात्रा के बाद हो रहा है दोनों देशों के बीच लगातार उच्च-स्तरीय बातचीत हो रही है पृष्ठभूमि: संबंधों में आई थी खटास हाल के समय में कुछ मुद्दों पर तनाव भी देखा गया: अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ (शुल्क) लगाना पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत-पाक तनाव पर विवादित बयान अब दोनों देश संबंधों को स्थिर और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। क्यों अहम है यह दौरा? बदलते वैश्विक हालात (खासकर पश्चिम एशिया) भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका आर्थिक और रक्षा साझेदारी की जरूरत ऐसे में यह यात्रा भारत-अमेरिका रिश्तों को नई दिशा दे सकती है।
धनबाद। धनबाद से लोकमान्य तिलक टर्मिनस, मुंबई के बीच नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू हो गया है। सोमवार देर रात 11 बजे धनबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 7 से सांसद ढुल्लू महतो ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्पेशल के रूप में चल रही थी अब तक यह ट्रेन स्पेशल सेवा के रूप में चलाई जा रही थी, जिसे रेल मंत्रालय ने स्थायी और नियमित सेवा का दर्जा दे दिया है। ट्रेन के नियमित होने से धनबाद और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को मुंबई के लिए सीधी और बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध हो गई है, जिससे लंबे समय से चली आ रही मांग भी पूरी हुई है। स्टेशन पर हुआ जोरदार स्वागत इस ट्रेन के नियमित परिचालन को लेकर धनबाद में उत्साह का माहौल देखा गया। रात्रि करीब 10:40 बजे जब यह ट्रेन धनबाद स्टेशन पहुंची, तो स्थानीय लोगों, यात्रियों और जनप्रतिनिधियों ने इसका गर्मजोशी से स्वागत किया। सांसद ढुल्लू महतो ने दिखाई हरी झंडी इस मौके पर सांसद ढुल्लू महतो और मंडल रेल प्रबंधक अखिलेश कुमार भी उपस्थित रहे। यात्रा के दौरान अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी ट्रेन का स्वागत किया गया। सांसद ने कहा कि यह सेवा भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर शुरू की गई है। यह क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगी। 39 धंटे में 1848 किमी की दूरी तय करेगी यह साप्ताहिक ट्रेन कुल 1848 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 28 स्टेशनों पर रुकेगी। निर्धारित समय के अनुसार यह बुधवार दोपहर 1:40 बजे मुंबई पहुंचेगी, जबकि वापसी में बुधवार शाम 4:55 बजे मुंबई से रवाना होकर शुक्रवार सुबह 8 बजे धनबाद पहुंचेगी। यात्रियों तो राहत इस सेवा के शुरू होने से रोजगार, इलाज और शिक्षा के लिए मुंबई जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। स्थानीय लोगों में इसे लेकर खुशी की लहर है। उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में इस ट्रेन को दैनिक सेवा के रूप में भी शुरू किया जा सकता है।
धनबाद। धनबाद के केंदुआडीह थाना क्षेत्र में कोयला चोरों की दबंगई देखने को मिली है। झरिया-केंदुआ मार्ग स्थित कुमार मंगलम स्टेडियम के समीप स्पेशल ब्रांच के सहायक अवर निरीक्षक अनुज कुमार और उनकी पत्नी काजल देवी के साथ मारपीट की गई है। दोनों स्कूटी से झरिया जा रहे थे। रास्ता जाम कर रखा था कोयला चोरों ने रास्ते में कोयला चोरी कर रहे लोगों ने रास्ता जाम कर रखा था। उन्होंने रास्ता देने की बात कही। इसी क्रम में विवाद बढ़ गया। मामला मारपीट तक जा पहुंचा। इसी बीच जब मदद करने को लोग पहुंचे तो कोयला चोर भाग निकले। पहले गाली दी, फिर लाठी-रॉड से मारा घटना के संबंध में एएसआई की पत्नी काजल देवी ने बताया कि स्टेडियम के पास असामाजिक तत्व हाइवा को सड़क पर रोककर जबरन कोयला उतार रहे थे। उनके पति ने स्कूटी को किनारे से निकालने की बात कही, जिस पर आरोपित गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर सभी ने मिलकर लाठी-रॉड से हमला कर दिया। हमलावरों ने दोनों को जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। मामलों की हो रही जांच घटना की सूचना मिलते ही केंदुआडीह पुलिस और CISF के जवान मौके पर पहुंचे। घायल एएसआई और उनकी पत्नी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में स्पेशल ब्रांच के डीएसपी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। बताया गया कि एएसआई अनुज कुमार की पीठ और उनकी पत्नी के शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल दोनों का इलाज चल रहा है। घटनास्थल पर सैकड़ों टन कोयला, आरोपी फरार घटना के बाद सभी आरोपित मौके से फरार हो गए। केंदुआडीह थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय ने बताया कि मामले की सूचना मिल चुकी है, हालांकि अभी तक लिखित शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि हमलावरों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रास्ते में होती है कोयला चोरी बीसीसीएल की खदानों से निकलने वाला कोयला हाइवा के माध्यम से बीएनआर रेलवे साइडिंग भेजा जाता है, लेकिन रास्ते में कोयला चोर जबरन वाहन रोककर कोयला उतार लेते हैं। घटनास्थल पर सैकड़ों टन कोयला पड़े होने से इस अवैध गतिविधि की गंभीरता साफ नजर आती है।
धनबाद। झारखंड के प्रमुख कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन और तस्करी के खिलाफ पुलिस और कोयला कंपनियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की है। सीसीएल के कुजू क्षेत्र और बीसीसीएल के बस्ताकोला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर छापेमारी और डोजरिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान दर्जनों अवैध कोयला खदानों के मुहाने बंद किये गये। जेसीबी की सहायता से बंद किये गये अवैध मुहाने रामगढ़ जिले के मांडू स्थित सेमरा खदान में सीसीएल प्रबंधन ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की। कुजू क्षेत्र के महाप्रबंधक के निर्देश पर क्षेत्रीय सुरक्षा बल और परियोजना सुरक्षा टीम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। जेसीबी मशीनों की सहायता से खदान तक पहुंचने वाले सभी मुख्य और छोटे रास्तों को गहरे गड्ढे खोदकर पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया। बंद खदानों में अवैध गतिविधि बर्दाश्त नही सीसीएल अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि बंद पड़ी खदानों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा प्रभारी शिवधर महतो ने मांडू थाना में औपचारिक आवेदन देकर अवैध उत्खनन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। धनबाद में संयुक्त कार्रवाई उधर, धनबाद के अलकडीहा क्षेत्र में कोयला तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। यहां तिसरा पुलिस, बीसीसीएल प्रबंधन और सीआईएसएफ की संयुक्त टीम ने तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। कुइयां पीओ के नेतृत्व में बंगाली कोठी, कुइंया 5 और 7 नंबर सहित आधा दर्जन से अधिक संवेदनशील स्थलों पर छापेमारी की गई। माफियाओं द्वारा कोयला निकालने के लिए बनाए गए अवैध मुहानों को डोजरिंग कर मिट्टी से भर दिया गया। पिछले सप्ताह ही प्रबंधन ने 40 टन अवैध कोयला जब्त किया था।
धनबाद। निरसा में भाकपा (माले) की दो दिवसीय राज्य कमेटी बैठक में पार्टी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने आर्थिक संकट, विदेश नीति और मजदूरों की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। बैठक में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद निरसा स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश सचिव मनोज भट्ट, निरसा विधायक अरूप चटर्जी, बगोदर के पूर्व विधायक बिनोद सिंह, माले नेता हालधर महतो, राज्य कमेटी सदस्य सुषमा मेहता और सभा प्रभारी जनार्दन प्रसाद समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। विदेश नीति और वैश्विक हालात पर उठाए सवाल मीडिया से बातचीत में दीपांकर भट्टाचार्य ने इजरायल-ईरान तनाव का हवाला देते हुए कहा कि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि भारत को युद्ध के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और अमेरिका व इजरायल से युद्ध रोकने की अपील करनी चाहिए। प्रवासी मजदूरों की स्थिति पर चिंता माले महासचिव ने कहा कि करीब एक करोड़ भारतीय मजदूर ईरान, इजरायल और खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। आर्थिक हालात और महंगाई पर भी निशाना उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। रसोई गैस की किल्लत और छोटे उद्योगों की खराब स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। लेबर कोड पर कड़ा विरोध दीपांकर भट्टाचार्य ने नए श्रम कानूनों का विरोध करते हुए कहा कि ये मजदूरों के हित में नहीं हैं और इससे उनके अधिकार कमजोर होंगे। चुनाव को लेकर रणनीति का ऐलान बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी पार्टी ने अपनी रणनीति स्पष्ट की। पश्चिम बंगाल में लेफ्ट फ्रंट के साथ तालमेल के तहत 10 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया गया है। असम में कांग्रेस और वाम दलों के साथ गठबंधन में कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना है, जबकि मेहाली सीट पर झामुमो का समर्थन मिलने की बात कही गई। दक्षिण भारत में भी सक्रियता बढ़ाने की तैयारी तमिलनाडु में पार्टी ने करीब 14 सीटों पर चुनाव लड़ने और अन्य सीटों पर डीएमके को समर्थन देने की रणनीति बनाई है। वहीं केरल में तीन सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी है।
धनबाद। नगर निगम की पहली बोर्ड बैठक में शहर के विकास और वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बाबूडीह स्थित विवाह भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता मेयर संजीव सिंह ने की, जहां नए वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व बढ़ाने और आधारभूत सुविधाओं पर खर्च की रूपरेखा तय की गई। राजस्व संग्रह बढ़ाने पर जोर निगम ने वर्ष 2026-27 के लिए कुल राजस्व वसूली का लक्ष्य बढ़ाकर 138.24 करोड़ रुपये निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। इस बार आय बढ़ाने के लिए विभिन्न स्रोतों को लेकर स्पष्ट लक्ष्य तय किए गए हैं। होल्डिंग टैक्स पर सबसे ज्यादा निर्भरता राजस्व संरचना में सबसे बड़ा हिस्सा होल्डिंग टैक्स से आने की उम्मीद जताई गई है, जिससे 75 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा विज्ञापन (होर्डिंग), जल उपयोग शुल्क, नक्शा पास और पार्कों से भी आय बढ़ाने की योजना बनाई गई है, हालांकि इन मदों का योगदान अपेक्षाकृत कम रहेगा। करीब 953 करोड़ का बजट, सफाई पर फोकस बैठक में 952.8 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें शहरी सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। विशेष रूप से सफाई व्यवस्था सुधार को प्राथमिकता दी गई है, जबकि सड़क, नाली और पार्क विकास के लिए 130 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है। जलापूर्ति सुधार के लिए अलग प्रावधान शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और उसके रखरखाव के लिए 20 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि नियमित और बेहतर जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। नए कर का प्रस्ताव नहीं, राज्य सरकार को भेजे जाएंगे प्रस्ताव बैठक में किसी नए टैक्स को लागू करने का प्रस्ताव नहीं लाया गया। बोर्ड से स्वीकृति के बाद सभी प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा।
धनबाद। कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान पाकिस्तान से भारत में हथियारों की सप्लाई कर रहा है। उसकी गैंग में कई लड़कियां हैं, जो इस तस्करी को अंजाम दे रही हैं। रांची के रेस्टोरेंट में 7 मार्च की फायरिंग में पकड़े गए प्रिंस खान के हैंडलर अमन सिंह उर्फ कुबेर से धनबाद पुलिस की पूछताछ में कई और नए चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस को पता चला है कि रंगदारी के लिए फायरिंग और हत्याएं कराने के लिए गैंगस्टर प्रिंस खान पाकिस्तान से भारत में हथियारों की सप्लाई कर रहा है। प्रिंस खान ने कई हथियार भेजे पुलिस को जानकारी मिली है कि फरवरी में प्रिंस खान ने पाकिस्तान से पठान नामक अपराधी को दो हथियार देकर अमृतसर के रास्ते तरन तारन भेजा था। उससे हथियार रिसीव करने के लिए पलामू का कृष कुमार सिंह उर्फ आयुष वहां गया था। हालांकि, वहां किसी कारण डिलीवरी नहीं मिलने पर वह खाली हाथ रांची लौट गया था। फिर प्रिंस ने उसे 8 फरवरी को मध्यप्रदेश के बुरहानपुर भेजा था, जहां उसे 3 पिस्टल सौंपी गई थी। 20 फरवरी को वही पिस्टल रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड के पास कुबेर और कृष ने शूटरों को दी थीं। उन्हीं से धनबाद में फहीम खान के बेटे इकबाल खान को गोली मारने का फरमान पाकिस्तान से प्रिंस ने जारी किया था। हालांकि, गोली इकबाल के ड्राइवर को लगी थी। फिर 7 मार्च की रात रांची में एयरपोर्ट थाना क्षेत्र की फैमिली रेस्टोंरेंट में भी उन्हीं हथियारों से फायरिंग की गई थी, जिसमें वेटर मनीष की मौत हो गई थी। बाद में 16 मार्च को भागाबांध में मुठभेड़ के बाद कृष पकड़ा गया था और तभी से धनबाद जेल में बंद है। इकबाल की हत्या के लिए रांची से एक लड़की लाई थी हथियार पुलिस को यह भी पता चला कि प्रिंस खान अपने गिरोह के गुर्गों तक हथियार पहुंचाने के लिए लड़कियों का भी इस्तेमाल कर रहा है। गैंग में कई लड़कियां स्पीलर सेल के रूप में शामिल होकर काम कर रही है। उनके जरिए प्रिंस कारोबारियों की जानकारी भी हासिल करता है। पूछताछ में पता चला कि इकबाल को मारने के लिए रांची में अफजल उर्फ बाबर से एक लड़की ही हथियार लेकर धनबाद आई थी। सुधीश को धनबाद-बोकारो, कुबेर को रांची-पलामू की कमान रंगदारी वसूली के लिए प्रिंस खान ने झारखंड में तीन जोन बना रखे हैं। वहां फायरिंग कराने और रुपए वसूलने के लिए एजेंट भी बना रखे हैं, जिनमें कई लड़कियां हैं। धनबाद और बोकारों में सुधीश ओझा, रांची और पलामू में कुबेर और हजारीबाग में अमन खान को उसने इस काम में लगाया है। अमन कुछ माह पहले ही गैंग से जुड़ा है। पलामू में एक रिसार्ट में काम करनेवाले अभिषेक को भी रंगदारी वसूली में लगाया गया था। गैंग के गुर्गों के संपर्क में रहता है प्रिंस खान प्रिंस खान अपने गिरोह के अपराधियों से 4 मोबाइल एप के जरिए संपर्क में रहता है। इनमें वॉट्सएप और मैसेंजर के साथ जंगी एप भी शामिल है। इन एप के जरिए प्रिंस गिरोह के अपराधियों को निर्देश देता है। पुलिस अब टेक्निकल टीम की मदद से इन एप की डिटेल खंगाल रही है। दुबई गए थे सफेदपोश, अब पुलिस पूछेगी जाने का मकसद पुलिस को पता चला है कि दुबई में प्रिंस खान से मिलने के लिए धनबाद और रांची से कई सफेदपोश गए थे। उनमें वासेपुर के कुछ लोग भी शामिल हैं। संदेह है कि वे प्रिंस को कारोबारियों की जानकारी देते हैं और रंगदारी के पैसे के ट्रांजेक्शन में भी मददगार हैं। उन सबका पता लगाया जा रहा है। उनसे दुबई जाने का मकसद पूछा जाएगा।
धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में हालिया ओलावृष्टि और भारी बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। विशेषकर सिंदरी विधानसभा के बलियापुर प्रखंड में खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हरी-भरी फसलें बनीं बर्बादी का मंजर कुछ दिन पहले तक जिन खेतों में भिंडी, करेला, बरबट्टी (लोबिया) और खीरे की फसलें लहलहा रही थीं, अब वहां सिर्फ टूटे पौधे और कीचड़ का दृश्य नजर आ रहा है। ओलावृष्टि की मार से फसलें जमीन पर गिरकर नष्ट हो गईं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पलभर में खत्म हो गई। किसानों का दर्द: “सब कुछ खत्म हो गया” स्थानीय किसान सुरेश महतो बताते हैं कि उनकी पूरी आजीविका इसी खेती पर निर्भर थी, लेकिन अब सब कुछ बर्बाद हो गया है। वहीं किसान लक्ष्मी महतो के अनुसार उन्हें करीब 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। किसान तपन महतो ने कहा कि न केवल सब्जियां, बल्कि सरसों की फसल भी नष्ट हो गई, जिससे सालभर की जरूरतें प्रभावित होंगी। आर्थिक संकट और बढ़ी चिंता पहले से ही बढ़ती लागत और महंगाई से जूझ रहे किसानों के लिए यह प्राकृतिक आपदा किसी बड़े झटके से कम नहीं है। फसल बर्बादी के कारण अब उनके सामने परिवार के भरण-पोषण और भविष्य की चिंता गहरा गई है। सरकार से मदद की उम्मीद इस आपदा के बाद किसान अब सरकार की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। वे मुआवजे और राहत पैकेज की मांग कर रहे हैं, ताकि फिर से खेती शुरू कर सकें। फिलहाल बलियापुर के खेतों में सिर्फ मिट्टी ही नहीं, बल्कि किसानों की टूटी उम्मीदें भी बिखरी पड़ी हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।