Dhanbad News

CPI(ML) Nirsa meeting
निरसा में माले की बैठक: दीपांकर भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार की नीतियों पर बोला हमला, चुनावी रणनीति भी तय

धनबाद। निरसा में भाकपा (माले) की दो दिवसीय राज्य कमेटी बैठक में पार्टी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने आर्थिक संकट, विदेश नीति और मजदूरों की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की।   बैठक में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद निरसा स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश सचिव मनोज भट्ट, निरसा विधायक अरूप चटर्जी, बगोदर के पूर्व विधायक बिनोद सिंह, माले नेता हालधर महतो, राज्य कमेटी सदस्य सुषमा मेहता और सभा प्रभारी जनार्दन प्रसाद समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।   विदेश नीति और वैश्विक हालात पर उठाए सवाल मीडिया से बातचीत में दीपांकर भट्टाचार्य ने इजरायल-ईरान तनाव का हवाला देते हुए कहा कि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि भारत को युद्ध के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और अमेरिका व इजरायल से युद्ध रोकने की अपील करनी चाहिए।   प्रवासी मजदूरों की स्थिति पर चिंता माले महासचिव ने कहा कि करीब एक करोड़ भारतीय मजदूर ईरान, इजरायल और खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही है।   आर्थिक हालात और महंगाई पर भी निशाना उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। रसोई गैस की किल्लत और छोटे उद्योगों की खराब स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है।   लेबर कोड पर कड़ा विरोध दीपांकर भट्टाचार्य ने नए श्रम कानूनों का विरोध करते हुए कहा कि ये मजदूरों के हित में नहीं हैं और इससे उनके अधिकार कमजोर होंगे।   चुनाव को लेकर रणनीति का ऐलान बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी पार्टी ने अपनी रणनीति स्पष्ट की। पश्चिम बंगाल में लेफ्ट फ्रंट के साथ तालमेल के तहत 10 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया गया है। असम में कांग्रेस और वाम दलों के साथ गठबंधन में कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना है, जबकि मेहाली सीट पर झामुमो का समर्थन मिलने की बात कही गई।   दक्षिण भारत में भी सक्रियता बढ़ाने की तैयारी तमिलनाडु में पार्टी ने करीब 14 सीटों पर चुनाव लड़ने और अन्य सीटों पर डीएमके को समर्थन देने की रणनीति बनाई है। वहीं केरल में तीन सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी है।

Anjali Kumari मार्च 31, 2026 0
Dhanbad Municipal Corporation Board Meeting
धनबाद नगर निगम बोर्ड बैठक: 952.8 करोड़ का बजट प्रस्ताव, राजस्व लक्ष्य बढ़ाकर 138 करोड़ किया गया

धनबाद। नगर निगम की पहली बोर्ड बैठक में शहर के विकास और वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बाबूडीह स्थित विवाह भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता मेयर संजीव सिंह ने की, जहां नए वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व बढ़ाने और आधारभूत सुविधाओं पर खर्च की रूपरेखा तय की गई।   राजस्व संग्रह बढ़ाने पर जोर निगम ने वर्ष 2026-27 के लिए कुल राजस्व वसूली का लक्ष्य बढ़ाकर 138.24 करोड़ रुपये निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। इस बार आय बढ़ाने के लिए विभिन्न स्रोतों को लेकर स्पष्ट लक्ष्य तय किए गए हैं।   होल्डिंग टैक्स पर सबसे ज्यादा निर्भरता राजस्व संरचना में सबसे बड़ा हिस्सा होल्डिंग टैक्स से आने की उम्मीद जताई गई है, जिससे 75 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा विज्ञापन (होर्डिंग), जल उपयोग शुल्क, नक्शा पास और पार्कों से भी आय बढ़ाने की योजना बनाई गई है, हालांकि इन मदों का योगदान अपेक्षाकृत कम रहेगा।   करीब 953 करोड़ का बजट, सफाई पर फोकस बैठक में 952.8 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें शहरी सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। विशेष रूप से सफाई व्यवस्था सुधार को प्राथमिकता दी गई है, जबकि सड़क, नाली और पार्क विकास के लिए 130 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है।   जलापूर्ति सुधार के लिए अलग प्रावधान शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और उसके रखरखाव के लिए 20 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि नियमित और बेहतर जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।   नए कर का प्रस्ताव नहीं, राज्य सरकार को भेजे जाएंगे प्रस्ताव बैठक में किसी नए टैक्स को लागू करने का प्रस्ताव नहीं लाया गया। बोर्ड से स्वीकृति के बाद सभी प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा।

Anjali Kumari मार्च 30, 2026 0
Prince Khan weapons Pakistan
पाकिस्तान से लड़कियों के जरिए हथियार भेज रहा प्रिंस खान

धनबाद। कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान पाकिस्तान से भारत में हथियारों की सप्लाई कर रहा है। उसकी गैंग में कई लड़कियां हैं, जो इस तस्करी को अंजाम दे रही हैं।  रांची के रेस्टोरेंट में 7 मार्च की फायरिंग में पकड़े गए प्रिंस खान के हैंडलर अमन सिंह उर्फ कुबेर से धनबाद पुलिस की पूछताछ में कई और नए चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस को पता चला है कि रंगदारी के लिए फायरिंग और हत्याएं कराने के लिए गैंगस्टर प्रिंस खान पाकिस्तान से भारत में हथियारों की सप्लाई कर रहा है। प्रिंस खान ने कई हथियार भेजे पुलिस को जानकारी मिली है कि फरवरी में प्रिंस खान ने पाकिस्तान से पठान नामक अपराधी को दो हथियार देकर अमृतसर के रास्ते तरन तारन भेजा था। उससे हथियार रिसीव करने के लिए पलामू का कृष कुमार सिंह उर्फ आयुष वहां गया था। हालांकि, वहां किसी कारण डिलीवरी नहीं मिलने पर वह खाली हाथ रांची लौट गया था। फिर प्रिंस ने उसे 8 फरवरी को मध्यप्रदेश के बुरहानपुर भेजा था, जहां उसे 3 पिस्टल सौंपी गई थी। 20 फरवरी को वही पिस्टल रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड के पास कुबेर और कृष ने शूटरों को दी थीं। उन्हीं से धनबाद में फहीम खान के बेटे इकबाल खान को गोली मारने का फरमान पाकिस्तान से प्रिंस ने जारी किया था। हालांकि, गोली इकबाल के ड्राइवर को लगी थी। फिर 7 मार्च की रात रांची में एयरपोर्ट थाना क्षेत्र की फैमिली रेस्टोंरेंट में भी उन्हीं हथियारों से फायरिंग की गई थी, जिसमें वेटर मनीष की मौत हो गई थी। बाद में 16 मार्च को भागाबांध में मुठभेड़ के बाद कृष पकड़ा गया था और तभी से धनबाद जेल में बंद है।   इकबाल की हत्या के लिए रांची से एक लड़की लाई थी हथियार पुलिस को यह भी पता चला कि प्रिंस खान अपने गिरोह के गुर्गों तक हथियार पहुंचाने के लिए लड़कियों का भी इस्तेमाल कर रहा है। गैंग में कई लड़कियां स्पीलर सेल के रूप में शामिल होकर काम कर रही है। उनके जरिए प्रिंस कारोबारियों की जानकारी भी हासिल करता है। पूछताछ में पता चला कि इकबाल को मारने के लिए रांची में अफजल उर्फ बाबर से एक लड़की ही हथियार लेकर धनबाद आई थी। सुधीश को धनबाद-बोकारो, कुबेर को रांची-पलामू की कमान रंगदारी वसूली के लिए प्रिंस खान ने झारखंड में तीन जोन बना रखे हैं। वहां फायरिंग कराने और रुपए वसूलने के लिए एजेंट भी बना रखे हैं, जिनमें कई लड़कियां हैं। धनबाद और बोकारों में सुधीश ओझा, रांची और पलामू में कुबेर और हजारीबाग में अमन खान को उसने इस काम में लगाया है। अमन कुछ माह पहले ही गैंग से जुड़ा है। पलामू में एक रिसार्ट में काम करनेवाले अभिषेक को भी रंगदारी वसूली में लगाया गया था। गैंग के गुर्गों के संपर्क में रहता है प्रिंस खान प्रिंस खान अपने गिरोह के अपराधियों से 4 मोबाइल एप के जरिए संपर्क में रहता है। इनमें वॉट्सएप और मैसेंजर के साथ जंगी एप भी शामिल है। इन एप के जरिए प्रिंस गिरोह के अपराधियों को निर्देश देता है। पुलिस अब टेक्निकल टीम की मदद से इन एप की डिटेल खंगाल रही है।   दुबई गए थे सफेदपोश, अब पुलिस पूछेगी जाने का मकसद पुलिस को पता चला है कि दुबई में प्रिंस खान से मिलने के लिए धनबाद और रांची से कई सफेदपोश गए थे। उनमें वासेपुर के कुछ लोग भी शामिल हैं। संदेह है कि वे प्रिंस को कारोबारियों की जानकारी देते हैं और रंगदारी के पैसे के ट्रांजेक्शन में भी मददगार हैं। उन सबका पता लगाया जा रहा है। उनसे दुबई जाने का मकसद पूछा जाएगा।

Anjali Kumari मार्च 30, 2026 0
Dhanbad hailstorm crop damage
धनबाद में ओलावृष्टि के कारण फसलें बर्बाद, किसानों पर टूटा संकट

धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में हालिया ओलावृष्टि और भारी बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। विशेषकर सिंदरी विधानसभा के बलियापुर प्रखंड में खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।   हरी-भरी फसलें बनीं बर्बादी का मंजर कुछ दिन पहले तक जिन खेतों में भिंडी, करेला, बरबट्टी (लोबिया) और खीरे की फसलें लहलहा रही थीं, अब वहां सिर्फ टूटे पौधे और कीचड़ का दृश्य नजर आ रहा है। ओलावृष्टि की मार से फसलें जमीन पर गिरकर नष्ट हो गईं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पलभर में खत्म हो गई।   किसानों का दर्द: “सब कुछ खत्म हो गया” स्थानीय किसान सुरेश महतो बताते हैं कि उनकी पूरी आजीविका इसी खेती पर निर्भर थी, लेकिन अब सब कुछ बर्बाद हो गया है। वहीं किसान लक्ष्मी महतो के अनुसार उन्हें करीब 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। किसान तपन महतो ने कहा कि न केवल सब्जियां, बल्कि सरसों की फसल भी नष्ट हो गई, जिससे सालभर की जरूरतें प्रभावित होंगी।   आर्थिक संकट और बढ़ी चिंता पहले से ही बढ़ती लागत और महंगाई से जूझ रहे किसानों के लिए यह प्राकृतिक आपदा किसी बड़े झटके से कम नहीं है। फसल बर्बादी के कारण अब उनके सामने परिवार के भरण-पोषण और भविष्य की चिंता गहरा गई है।   सरकार से मदद की उम्मीद इस आपदा के बाद किसान अब सरकार की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। वे मुआवजे और राहत पैकेज की मांग कर रहे हैं, ताकि फिर से खेती शुरू कर सकें। फिलहाल बलियापुर के खेतों में सिर्फ मिट्टी ही नहीं, बल्कि किसानों की टूटी उम्मीदें भी बिखरी पड़ी हैं।

Anjali Kumari मार्च 24, 2026 0
Dhanbad restaurant firing Case
धनबाद रेस्टोरेंट फायरिंग मामले में प्रिंस खान गैंग का गुर्गा बोला- स्टॉफ को डराना था मारना नही

धनबाद। धनबाद के भागाबांध इलाके में हुए चर्चित रेस्टोरेंट फायरिंग केस में पुलिस पूछताछ के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। गैंगस्टर प्रिंस खान के गुर्गों ने कबूल किया है कि उनका इरादा केवल डराने का था, लेकिन घटना में रेस्टोरेंट कर्मी की मौत हो गई।   डराने की थी योजना, लेकिन चली जानलेवा गोली गिरफ्तार आरोपी अमन सिंह उर्फ कुबेर और अफजल अमन ने बताया कि ‘द टीटोज फैमिली रेस्टोरेंट’ के संचालक को धमकाने के लिए गोलीबारी की साजिश रची गई थी। कुबेर ने यह भी स्वीकार किया कि उसने प्रिंस खान के निर्देश पर अफजल को पैसे दिए थे। अफजल ने वासेपुर इलाके से हथियार और शूटर की व्यवस्था की, लेकिन शूटर ने डराने के बजाय सीधे गोली मार दी, जिससे कर्मचारी मनीष की मौत हो गई।   कम उम्र के युवाओं को जोड़ रहा था गिरोह पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह में कम उम्र के युवकों को शामिल किया जा रहा था। उन्हें पैसे और कमीशन का लालच देकर आपराधिक गतिविधियों में लगाया जाता था। गिरोह के हर सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाती थीं।   मुठभेड़ के बाद हुई गिरफ्तारी यह घटना 7 मार्च को रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के कुटियातू स्थित रेस्टोरेंट में हुई थी। इसके बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही थी। 16 मार्च को धनबाद में रांची पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।   आगे की जांच जारी पुलिस को आरोपियों से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य अपराधियों की तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

Anjali Kumari मार्च 24, 2026 0
Chitahi Dham in Dhanbad decorated for Ram Navami with devotees gathering for Ram Raj Mandir celebration
धनबाद का चिटाही धाम बना आस्था का केंद्र: 100 साल से रामनवमी पर सजता रामराज मंदिर, हजारों श्रद्धालु जुटते हैं

सदियों पुरानी आस्था, हर साल भव्य आयोजन धनबाद: भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी को लेकर पूरे देश में उत्साह देखने को मिलता है, लेकिन धनबाद के चिटाही धाम स्थित रामराज मंदिर की अलग ही पहचान है। यहां बीते करीब 100 वर्षों से रामनवमी का पर्व बेहद भव्य और पारंपरिक तरीके से मनाया जा रहा है। यह मंदिर आज श्रद्धालुओं के लिए सिर्फ पूजा का स्थल नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा का जीवंत प्रतीक बन चुका है। पेड़ के नीचे शुरू हुआ था मंदिर, आज बन गया भव्य धाम चिटाही धाम के रामराज मंदिर का इतिहास काफी पुराना और रोचक है। शुरुआत में यहां एक पेड़ के नीचे भगवान राम की पूजा की जाती थी। धीरे-धीरे लोगों की श्रद्धा बढ़ती गई और यह स्थान एक प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित हो गया। बाद में बाघमारा क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधि ढुल्लू महतो के प्रयासों से मंदिर का भव्य निर्माण कराया गया। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा वर्ष 2019 में हुई, जिसके बाद इसकी प्रसिद्धि और अधिक बढ़ गई। रामनवमी पर होता है खास शृंगार और पूजा-अर्चना रामनवमी के दिन मंदिर में भगवान श्रीराम और माता सीता का विशेष शृंगार किया जाता है। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया जाता है, जिससे माहौल भक्तिमय हो उठता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना में भाग लेते हैं। दूर-दराज से आने वाले भक्त भी इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं। ध्वज परिवर्तन और महाभंडारा है खास परंपरा इस मंदिर की सबसे अनोखी परंपरा ध्वज परिवर्तन है। जहां अन्य जगहों पर रामनवमी के दिन जुलूस या अखाड़ा निकाला जाता है, वहीं यहां विशाल राम ध्वज को बदला जाता है, जो आस्था का प्रमुख प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही मंदिर परिसर में भव्य महाभंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं और सेवा भाव से जुड़ते हैं। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी से बढ़ती है भव्यता रामनवमी के इस आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी विशेष भागीदारी होती है। धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो और बाघमारा के विधायक शत्रुघ्न महतो मुख्य यजमान के रूप में शामिल होते हैं। उनकी उपस्थिति में पूजा-अर्चना संपन्न होती है, जिससे आयोजन को और अधिक भव्य स्वरूप मिलता है। हर साल बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या चिटाही धाम का रामराज मंदिर अब धनबाद ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। हर साल रामनवमी के मौके पर यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह बढ़ती भीड़ इस बात का प्रमाण है कि मंदिर की धार्मिक महत्ता और लोगों की आस्था दिन-ब-दिन मजबूत होती जा रही है।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
Empty police station yard in Dhanbad where seized bike reportedly went missing raising serious allegations
थाने से गायब हुई जब्त बाइक: धनबाद में पुलिस पर बड़ा आरोप, ‘नई गाड़ी लो’ का दबाव बनाने का दावा

राजगंज थाने से सामने आया हैरान करने वाला मामला धनबाद जिले के राजगंज थाना से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सड़क हादसे के बाद जब्त की गई एक बाइक रहस्यमय तरीके से थाना परिसर से गायब हो गई। जब मालिक आठ महीने बाद अपनी बाइक लेने पहुंचे, तो उन्हें यह जानकारी मिली, जिससे वे हैरान रह गए। पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप पीड़ित बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के विराजपुर मंझीलाडीह निवासी मटन प्रसाद महतो हैं, जो डीजीएमएस में निजी सहायक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि थाने के कर्मियों ने न सिर्फ बाइक गायब होने पर स्पष्ट जवाब देने से बचने की कोशिश की, बल्कि उन्हें दूसरी बाइक लेने का दबाव भी बनाया गया। ग्रामीण एसपी से की शिकायत इस मामले को लेकर मटन प्रसाद महतो ने ग्रामीण एसपी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाइक पुलिस की निगरानी में थी, ऐसे में उसके गायब होने की जिम्मेदारी भी पुलिस की ही बनती है। कैसे हुआ पूरा मामला? पीड़ित के अनुसार, 21 जुलाई 2025 को वह ड्यूटी से लौटते समय एक सड़क हादसे का शिकार हो गए। खरनी गोड़ के पास एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उनकी बाइक के साथ ट्रैक्टर को भी जब्त कर थाने ले आई। इस संबंध में राजगंज थाना में केस दर्ज किया गया था, जो उनके भतीजे मिथुन कुमार साव के बयान पर आधारित था। इलाज के बाद खुला मामला घटना के बाद मटन प्रसाद महतो का इलाज धनबाद से लेकर कोलकाता तक चला। स्वस्थ होने के बाद उन्होंने अपने भतीजे को थाने भेजकर बाइक लाने को कहा। पहले तो पुलिस ने बाइक होने से ही इनकार कर दिया। बाद में जब परिवार ने दबाव बनाया, तो कथित तौर पर पुलिसकर्मियों ने दूसरी बाइक लेने का सुझाव दिया, जिसे पीड़ित ने सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस पर उठे सवाल इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाने में जब्त वाहन का गायब होना और फिर उसकी भरपाई के लिए दूसरी बाइक लेने का कथित दबाव बनाना, व्यवस्था में बड़ी लापरवाही या गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
Government office in Dhanbad with officials amid land dispute case, highlighting administrative action and accountability
धनबाद में प्रशासन पर कड़ा एक्शन: जमीन विवाद में रिपोर्ट न देने पर सीओ की सैलरी रोकी

धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले से प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। लंबे समय तक जमीन विवाद में रिपोर्ट नहीं देने पर उपभोक्ता फोरम ने अंचल अधिकारी (सीओ) की सैलरी पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद जिला प्रशासन में हलचल तेज हो गई है और अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। बार-बार निर्देश के बावजूद नहीं दी गई रिपोर्ट उपभोक्ता फोरम की सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि संबंधित अंचल अधिकारी को कई बार जमीन की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए थे। फोरम यह जानना चाहता था कि संबंधित जमीन रैयती है या गैर आबाद श्रेणी में आती है। इसके बावजूद तय समयसीमा में रिपोर्ट नहीं सौंपी गई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए फोरम ने सख्त रुख अपनाया और सीओ के वेतन पर रोक लगाने का आदेश दे दिया। जिला प्रशासन को भी दिए गए निर्देश फोरम ने अपने आदेश में जिला प्रशासन को भी स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि इस आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए। आदेश की प्रति उपायुक्त और संबंधित अधिकारी को भेज दी गई है। यह कदम साफ संकेत देता है कि अब प्रशासनिक लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। क्या है पूरा मामला यह विवाद धनबाद के भूली क्षेत्र की रहने वाली इंदिरा कुमारी की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने वर्ष 2018 में लुबी सर्कुलर रोड स्थित SSLNT कॉलेज के पीछे एक बिल्डर से करीब 1400 वर्ग फीट का फ्लैट बुक कराया था। आरोप है कि पैसे लेने के बावजूद बिल्डर ने समय पर फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं कराई। लगातार देरी के कारण शिकायतकर्ता को जमीन की वैधता पर संदेह होने लगा। जमीन की वैधता पर उठे गंभीर सवाल शिकायतकर्ता ने आशंका जताई कि संबंधित जमीन कहीं छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act) के दायरे में तो नहीं आती, या फिर यह गैर आबाद जमीन तो नहीं है। इसी संदेह को दूर करने के लिए उन्होंने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। इस मामले में बिल्डर कंपनी और अन्य संबंधित पक्षों को भी शामिल किया गया है। फोरम ने मांगी थी स्पष्ट स्थिति सुनवाई के दौरान फोरम ने अंचल कार्यालय से जमीन की वास्तविक स्थिति पर स्पष्ट रिपोर्ट मांगी थी, जो इस मामले के समाधान के लिए बेहद जरूरी थी। लेकिन समय पर जानकारी नहीं मिलने से न सिर्फ शिकायतकर्ता को परेशानी हुई, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। लापरवाही पर सख्त संदेश उपभोक्ता फोरम का यह फैसला प्रशासन के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। यह साफ कर दिया गया है कि आम लोगों से जुड़े मामलों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर जमीन और संपत्ति जैसे संवेदनशील मामलों में अधिकारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। पीड़ित को जल्द न्याय की उम्मीद इस सख्त कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मामले की सुनवाई अब तेज होगी और शिकायतकर्ता को जल्द न्याय मिल सकेगा। कुल मिलाकर यह मामला सिर्फ जमीन विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की एक बड़ी परीक्षा बन चुका है, जिसमें उपभोक्ता फोरम ने सख्त रुख अपनाकर एक मिसाल पेश की है।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
Strong wind and hailstorm in Jharkhand with orange alert issued for multiple districts
झारखंड में मौसम का ‘खतरनाक मोड़’: 70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी आंधी, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

रांची: झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। खासकर 20 मार्च को हालात ज्यादा गंभीर रहने की संभावना जताई गई है। 70 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती है हवा मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य में तेज आंधी का असर दिखेगा। कई जगहों पर हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट, लोगों को सावधान रहने की सलाह रांची स्थित मौसम केंद्र के निदेशक Abhishek Anand ने बताया कि 20 मार्च के लिए पूरे झारखंड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को अनावश्यक बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। इन जिलों में ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार, रांची, धनबाद, दुमका, देवघर, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, कोडरमा, बोकारो, चतरा, रामगढ़ और हजारीबाग में तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना अधिक है। वहीं खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 19 मार्च को भी दिखेगा असर 19 मार्च को भी राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में दोपहर के बाद 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। 22 मार्च से मिलेगा राहत मौसम विभाग का कहना है कि 22 मार्च से राज्य में मौसम साफ और शुष्क हो जाएगा। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। तापमान और बारिश का हाल गुरुवार को मेदिनीनगर में सबसे अधिक 37.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं रांची का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री और न्यूनतम 18.5 डिग्री रहा। पिछले 24 घंटों में पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव में सबसे ज्यादा 15 mm बारिश दर्ज की गई, जबकि रांची और गुमला में ओलावृष्टि हुई।  

surbhi मार्च 19, 2026 0
Coal mining site with heavy machinery as Coal India raises coal prices from April 1
1 अप्रैल से महंगा होगा कोयला, कोल इंडिया ने बढ़ाईं कीमतें - बिजली और उद्योग पर पड़ेगा असर

धनबाद से बड़ी खबर झारखंड के धनबाद से कोयला उपभोक्ताओं के लिए अहम खबर सामने आई है। देश की प्रमुख कोयला कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड ने सभी ग्रेड के कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 की मध्यरात्रि से लागू होंगी, जिससे कोयला करीब 0.24 फीसदी महंगा हो जाएगा। WPI के आधार पर हुआ कीमतों में संशोधन कंपनी के अनुसार यह मूल्य वृद्धि थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर की गई है। दिसंबर 2024 में WPI जहां 155.7 था, वहीं दिसंबर 2025 में यह बढ़कर 157.2 हो गया। यानी कुल 0.96 फीसदी की वृद्धि हुई। नियमों के तहत इसका 25 फीसदी ही लागू किया गया, जिसके चलते कीमतों में 0.24 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। सभी सहायक कंपनियों को जारी हुआ निर्देश इस संबंध में कोल इंडिया ने अपनी प्रमुख सहायक कंपनियों जैसे बीसीसीएल, ईसीएल और सीसीएल समेत अन्य यूनिट्स को अधिसूचना जारी कर दी है। सभी कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे नई दरों को लागू करें और उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी दें। ई-ऑक्शन में भी लागू होंगी नई दरें नई कीमतें नॉन-रेगुलेटेड सेक्टर (NRS) के लिए लागू होंगी और ई-ऑक्शन में बेस प्राइस के रूप में इस्तेमाल की जाएंगी। कंपनी ने साफ किया है कि ई-ऑक्शन में मिलने वाला प्रीमियम इन बेस कीमतों के ऊपर जोड़ा जाएगा। साथ ही कोकिंग और वॉश्ड कोयले की कीमतें भी इसी फॉर्मूले के आधार पर तय की जाएंगी। विभिन्न ग्रेड के कोयले की नई कीमतें (रुपये प्रति टन) G-2: 3600 G-3: 3449 G-4: 3287 G-5: 3005 G-6: 2761 G-7: 2540 G-8: 1931 G-9: 1506 G-10: 1360 G-11: 1184 G-12: 1101 G-13: 1016 G-14: 930 G-15: 737 G-16: 631 G-17: 561 लो ग्रेड: 534, 507 (G-1 ग्रेड की कीमत स्पष्ट नहीं की गई है) उपभोक्ताओं और उद्योग पर असर कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी का असर बिजली उत्पादन, स्टील और सीमेंट जैसे उद्योगों पर पड़ सकता है। इससे आने वाले समय में बिजली दरों और निर्माण लागत में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। कोल इंडिया का यह फैसला बाजार के अनुरूप मूल्य निर्धारण और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है, लेकिन इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।  

surbhi मार्च 19, 2026 0
Seized tanker filled with spirit and confiscated gas cylinders during raid in Dhanbad and Bokaro
धनबाद में नकली शराब गिरोह पर बड़ी कार्रवाई: 24 हजार लीटर स्पिरिट जब्त, नागालैंड नंबर टैंकर पकड़ा गया

गिरिडीह और हजारीबाग में होनी थी सप्लाई, बोकारो में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण का भी खुलासा धनबाद: झारखंड के धनबाद में अवैध शराब के कारोबार पर प्रशासन ने बड़ा प्रहार किया है। उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए करीब 24 हजार लीटर कच्चा स्पिरिट से भरे एक टैंकर को जब्त किया है। यह स्पिरिट को नकली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाना था। नेशनल हाईवे पर पकड़ा गया संदिग्ध टैंकर यह कार्रवाई तोपचांची थाना क्षेत्र के कोटाल अड्डा स्थित नेशनल हाईवे के पास की गई। टीम ने जीओ पेट्रोल पंप के समीप नागालैंड नंबर (NL-01-L-1775) वाले टैंकर को रोककर जांच की, जिसमें भारी मात्रा में कच्चा स्पिरिट बरामद हुआ। गिरिडीह और हजारीबाग में होनी थी सप्लाई पूछताछ के दौरान टैंकर चालक ने खुलासा किया कि यह स्पिरिट गिरिडीह और हजारीबाग में सक्रिय अवैध शराब निर्माताओं को पहुंचाई जानी थी। इस जानकारी के बाद विभाग ने तुरंत टैंकर को जब्त कर लिया और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी। चालक गिरफ्तार, भेजा गया जेल उत्पाद विभाग ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। बोकारो में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण का भंडाफोड़ इधर बोकारो जिले में भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। माराफारी थाना क्षेत्र के बांसगोड़ा इलाके में एक दुकान पर छापेमारी कर अवैध रूप से रखे गए गैस सिलेंडरों को जब्त किया गया। यह कार्रवाई जिला आपूर्ति पदाधिकारी शालिनी खलखो के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने की। जांच के दौरान दुकान के अंदर छुपाकर रखे गए 8 भरे हुए एचपी गैस सिलेंडर और 19 खाली इंडेन सिलेंडर बरामद किए गए। अभियान तेज, अवैध कारोबारियों में हड़कंप प्रशासन की इन लगातार कार्रवाइयों से अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि नकली शराब और अवैध गैस भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।   इस कार्रवाई को झारखंड में अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस और उत्पाद विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुटे हैं।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
SNMMCH hospital blood crisis
धनबाद के SNMMCH अस्पताल में रक्त संकट, ब्लड के लिए मरीजों को करना पड़ रहा कई दिनों तक इंतजार

धनबाद। धनबाद  के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक हैं Shaheed Nirmal Mahto Medical College and Hospital (SNMMCH), लेकिन इन दिनों यहां का ब्लड बैंक गंभीर रक्त संकट से जूझ रहा है। अस्पताल के 600 बेड वाले इस संस्थान में फिलहाल ब्लड बैंक में केवल 42 यूनिट रक्त ही उपलब्ध है, जबकि इसकी कुल क्षमता लगभग 900 यूनिट की है। रक्त की इस कमी का असर सीधे मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ-साथ बाहर से इलाज के लिए आने वाले लोगों को भी ब्लड के लिए घंटों नहीं बल्कि कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को हो रही है, जिन्हें नियमित अंतराल पर ब्लड चढ़ाना जरूरी होता है। थैलेसीमिया मरीजों के परिजन परेशान अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में कई ऐसे परिवार मिले जो अपने बच्चों के लिए ब्लड का इंतजार कर रहे हैं। गिरिडीह जिले के जमुआ से आए दिलीप सिंह ने बताया कि उनकी सात वर्षीय बेटी Thalassemia से पीड़ित है। वह 10 मार्च को बेटी को ब्लड चढ़ाने के लिए अस्पताल लेकर आए थे, लेकिन दो दिन बाद भी ब्लड उपलब्ध नहीं हो पाया। इसी तरह गिरिडीह के मो. सलीम ने बताया कि उनके बेटे जुबेर अहमद को भी थैलेसीमिया है और उन्हें चार दिनों से ब्लड मिलने का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को हर महीने लगभग तीन यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है और ब्लड नहीं मिलने पर उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगती है। गिरिडीह के ही मो. सलामत अंसारी और धनबाद के गांधी नगर निवासी अरुण कुमार ने भी बताया कि उनके बच्चों को नियमित रूप से ब्लड चढ़ाना पड़ता है, लेकिन ब्लड बैंक में कमी के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं सरिता देवी ने बताया कि उनके पति टीबी से पीड़ित हैं और उन्हें भी ब्लड की जरूरत है, लेकिन उन्हें भी ब्लड नहीं मिल पा रहा है। डॉक्टरों ने जताई चिंता SNMMCH के शिशु रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शांभवी के अनुसार अस्पताल में करीब 200 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे रजिस्टर्ड हैं, जिनमें धनबाद के अलावा गिरिडीह, बोकारो और आसपास के जिलों के मरीज शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन बच्चों को नियमित रूप से ब्लड चढ़ाना जरूरी होता है और शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर 9.5 ग्राम से ऊपर बनाए रखना पड़ता है। समय पर ब्लड नहीं मिलने से बच्चों का शारीरिक विकास रुक सकता है और कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। रक्तदान के लिए लोगों से अपील ब्लड बैंक के सुपरिटेंडेंट डॉ. बी.के. पांडा ने बताया कि अस्पताल में रोजाना दुर्घटना और अन्य मरीजों के लिए करीब 40 से 50 यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है। फिलहाल सभी ग्रुप का ब्लड उपलब्ध तो है, लेकिन मात्रा बहुत कम है।

Anjali Kumari मार्च 13, 2026 0
Dhanbad–Podanur Amrit Bharat Express
धनबाद–पोत्तनूर अमृत भारत एक्सप्रेस का नया टाइम टेबल जारी, स्पेशल ट्रेन की बुकिंग शुरू

धनबाद। दक्षिण भारत के लिए चलने वाली Dhanbad–Podanur Amrit Bharat Express का विस्तृत टाइम टेबल रेलवे की ओर से जारी कर दिया गया है। इस ट्रेन से Dhanbad से Podanur तक की यात्रा लगभग 45 घंटे 20 मिनट में पूरी होगी, जबकि पोत्तनूर से धनबाद आने में 45 घंटे 45 मिनट का समय लगेगा। कतरास से धनबाद के बीच समय का अंतर धनबाद से पहले स्टेशन Katras तक पहुंचने में ट्रेन को केवल 25 मिनट लगेंगे। वहीं कतरास से धनबाद लौटने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगेगा। ट्रेन देर रात 2:30 बजे कतरास से चलकर सुबह 4:00 बजे धनबाद पहुंचेगी। अन्य ट्रेनों से तुलना धनबाद–चंद्रपुरा रेल मार्ग पर चलने वाली कई ट्रेनों की तुलना में अमृत भारत एक्सप्रेस अपेक्षाकृत धीमी रहेगी। इस रूट पर अन्य ट्रेनों का समय इस प्रकार है: * Ranchi–Godda Express – 31 मिनट * Vananchal Express – 45 मिनट * Ranchi–Dhanbad Intercity Express – 48 मिनट * Maurya Express – 50 मिनट * Bhopal–Dhanbad Express – 1 घंटा 2 मिनट * Alleppey Express – 1 घंटा 27 मिनट * Ahmedabad–Kolkata Express – 1 घंटा 25 मिनट * Madar–Kolkata Express – 1 घंटा 25 मिनट स्पेशल ट्रेन की बुकिंग शुरू रेलवे के अनुसार शुक्रवार को चलने वाली धनबाद–पोत्तनूर अमृत भारत स्पेशल ट्रेन के लिए टिकटों की बुकिंग शुरू कर दी गई है। वहीं 21 मार्च से पोत्तनूर से चलने वाली नियमित ट्रेन की बुकिंग भी शुरू हो जाएगी। स्वागत समारोह की तैयारी धनबाद से पोत्तनूर के बीच 23 मार्च से चलने वाली नियमित साप्ताहिक ट्रेन के लिए अभी टिकट बुकिंग शुरू नहीं हुई है। शुक्रवार को धनबाद स्टेशन पर अमृत भारत एक्सप्रेस का स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। उम्मीद है कि इसी के साथ नियमित ट्रेन के लिए टिकट बुकिंग भी शुरू कर दी जाएगी।

Anjali Kumari मार्च 13, 2026 0
illegal coal mining and air pollution issue in Dhanbad district
अवैध कोयला खनन और प्रदूषण पर झारखंड हाई कोर्ट सख्त, धनबाद DC-SSP और BCCL CMD को किया तलब

  झारखंड के Dhanbad में बढ़ते वायु प्रदूषण और अवैध कोयला खनन को लेकर Jharkhand High Court ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को इस मामले में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने धनबाद के उपायुक्त, एसएसपी, नगर आयुक्त और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को तलब किया है। सभी अधिकारियों को 2 अप्रैल को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।   कोर्ट ने जताई प्रदूषण पर चिंता मामले की सुनवाई M. S. Sonak और Rajesh Shankar की खंडपीठ में हुई। अदालत ने कहा कि धनबाद में वायु गुणवत्ता का स्तर बेहद खराब हो चुका है और अवैध खनन तथा कोयले के परिवहन के कारण प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।   पुलिस की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि अवैध खनन रोकने के लिए पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। जबकि Bharat Coking Coal Limited की ओर से इस संबंध में कई प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी हैं।   BCCL के CMD को भी अदालत में बुलाया कोर्ट ने BCCL के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) को भी अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है, ताकि वे इस समस्या के समाधान के लिए ठोस सुझाव दे सकें।   कोल डस्ट से बढ़ रही स्वास्थ्य समस्याएं अदालत ने कहा कि कोल डस्ट के कारण धनबाद में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोगों को सांस संबंधी बीमारियों समेत कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।   BCCL ने बताया क्या कदम उठाए जा रहे BCCL की ओर से अधिवक्ता Amit Kumar Das ने अदालत को बताया कि बंद पड़ी खुली खदानों को भरकर वहां पार्क विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही अवैध खनन रोकने के लिए कई प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई हैं। हालांकि BCCL की ओर से यह भी कहा गया कि अवैध खनन रोकने के मामलों में पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।   जनहित याचिका में उठाया गया मुद्दा धनबाद में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर Gramin Ekta Manch की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि शहर में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसे रोकने के लिए प्रशासन और नगर निगम की ओर से पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी, जिसमें संबंधित अधिकारियों को अदालत में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
NITI Aayog team inspects malnutrition treatment center at Dhanbad Sadar Hospital.
धनबाद Malnutrition Center: नीति आयोग की टीम ने धनबाद कुपोषण उपचार केंद्र का किया औचक निरीक्षण

  झारखंड के धनबाद में गुरुवार को सदर अस्पताल परिसर स्थित कुपोषण उपचार केंद्र का NITI Aayog की टीम ने औचक निरीक्षण किया। टीम ने करीब आधे घंटे तक केंद्र में रहकर वहां की व्यवस्थाओं और कुपोषित बच्चों के इलाज से जुड़ी सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्र में भर्ती बच्चों की संख्या, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और उन्हें मिल रही चिकित्सा सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। टीम ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत कर यह भी जाना कि बच्चों के इलाज की प्रक्रिया किस तरह से चल रही है।   पोषण आहार और इलाज की व्यवस्था की जांच निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कुपोषित बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार की गुणवत्ता और उपलब्धता की भी जानकारी ली। साथ ही यह देखा गया कि बच्चों को समय पर दवाइयां और नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिल रही है या नहीं। टीम ने यह भी जाना कि बच्चों के साथ आने वाली माताओं को केंद्र में किस प्रकार की सुविधाएं और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिए जा रहे हैं।   साफ-सफाई और वार्ड व्यवस्था का लिया जायजा निरीक्षण के दौरान टीम ने केंद्र की साफ-सफाई, वार्ड की स्थिति और उपलब्ध संसाधनों का भी अवलोकन किया। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि कुपोषण से ग्रसित बच्चों के उपचार के लिए केंद्र में आवश्यक दवाएं और पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है और बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाती है। करीब आधे घंटे तक निरीक्षण करने के बाद NITI Aayog की टीम अस्पताल परिसर से रवाना हो गई। अधिकारियों ने केंद्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर संबंधित जानकारी एकत्र की।  

surbhi मार्च 12, 2026 0
CBI officials arrest railway engineer taking bribe at DRM office in Dhanbad Jharkhand
Dhanbad: इंजीनियर 50 हजार घूस लेते CBI के हत्थे चढ़े

झारखंड के Dhanbad में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। CBI की टीम ने कार्रवाई में धनबाद रेल मंडल के वरीय मंडल विद्युत अभियंता Sanjeev Kumar को 50 हजार रुपये की घूस लेते हुए पकड़ा। यह कार्रवाई शुक्रवार शाम डीआरएम कार्यालय में की गई, जिसके बाद पूरे रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। CBI की टीम अभियंता को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई और देर रात तक उनके कार्यालय और आवास पर छापेमारी करती रही।   संवेदक की शिकायत पर हुई कार्रवाई जानकारी के अनुसार यह पूरी कार्रवाई एक रेल संवेदक की शिकायत के आधार पर की गई। संवेदक Avjeet Jha ने रेलवे में इलेक्ट्रिक उपकरणों की आपूर्ति और स्थापना का काम किया था, जिसका कुल बिल लगभग 45 लाख रुपये बताया जा रहा है। संवेदक का आरोप है कि इस बिल के भुगतान के लिए वरीय मंडल विद्युत अभियंता संजीव कुमार की ओर से लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। बार-बार पैसे की मांग से परेशान होकर उन्होंने इसकी शिकायत CBI से कर दी।   सत्यापन के बाद बिछाया गया ट्रैप शिकायत मिलने के बाद CBI ने पहले मामले की जांच की और आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप बिछाया। तय योजना के तहत जब संवेदक घूस की रकम देने पहुंचे, तभी CBI की टीम ने मौके पर छापा मारकर अभियंता को 50 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।   कार्यालय और आवास पर तलाशी गिरफ्तारी के बाद CBI ने अभियंता के कार्यालय और घर पर भी छापेमारी की। रात करीब 11:30 बजे तक चली तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और एक प्रिंटर जब्त किया गया। CBI के डीएसपी Vikas Pathak ने बताया कि शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।   रेलवे विभाग में मचा हड़कंप ईस्ट सेंट्रल रेलवे का East Central Railway के तहत आने वाला धनबाद रेल मंडल देश के सबसे व्यस्त और कमाई वाले रेल मंडलों में से एक माना जाता है। ऐसे में एक वरिष्ठ अभियंता की रिश्वत लेते गिरफ्तारी से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है।  

surbhi मार्च 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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surbhi मार्च 31, 2026 0