झारखंड

धनबाद में मधुमक्खियों का हमला, स्कूली बच्चों समेत कई लोग घायल

Anjali Kumari अप्रैल 9, 2026 0
Bee attack Dhanbad
Bee attack Dhanbad

धनबाद। धनबाद जिले के मैथन इलाके में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मधुमक्खियों का एक बड़ा झुंड अचानक उग्र होकर राहगीरों पर टूट पड़ा। यह घटना बीएसके कॉलेज से मैथन जाने वाले मुख्य मार्ग पर डीवीसी मेंटेनेंस के पास स्थित एक फल दुकान के समीप हुई। हमले की चपेट में स्कूली बच्चे, स्थानीय लोग और राह चलते यात्री आ गए। घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने या सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का मौका तक नहीं मिला।

 

डंक से बचने के लिए भागते रहे लोग, सड़क पर बनी भगदड़ जैसी स्थिति


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसी अज्ञात कारण से मधुमक्खियों का झुंड आक्रामक हो गया और सड़क से गुजर रहे लोगों को लगातार डंक मारने लगा। इससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका दहशत और चीख-पुकार से भर गया। राहगीरों और बच्चों में खास तौर पर घबराहट का माहौल देखा गया।

 

स्थानीय समाजसेवी की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा


इस दौरान स्थानीय समाजसेवी रंजीत महतो ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए राहत कार्य संभाला। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को वैकल्पिक रास्तों से सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते लोगों को वहां से नहीं हटाया जाता, तो स्थिति और भयावह हो सकती थी।

 

घायलों का अस्पताल में इलाज, एक की हालत गंभीर


मधुमक्खियों के हमले में घायल सभी लोगों को तत्काल मैथन के बीपी नियोगी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के कंपाउंडर एम. कुमार ने बताया कि कई लोगों को प्राथमिक उपचार दिया गया है। हालांकि, एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कर इलाज जारी है।
इस घटना ने स्थानीय लोगों को हिला कर रख दिया है। फिलहाल लोग उस इलाके से गुजरते समय सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

झारखंड

View more
Hazaribagh Treasury Scam
हजारीबाग ट्रेजरी घोटाला: 8 साल में 15 करोड़ की अवैध निकासी, 3 पुलिसकर्मी जेल

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग से एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जहां जिला ट्रेजरी से पिछले आठ वर्षों में 15 करोड़ 41 लाख 41 हजार 485 रुपये की अवैध निकासी किए जाने का खुलासा हुआ है। बोकारो के बाद अब हजारीबाग में सामने आए इस घोटाले ने प्रशासनिक तंत्र और सरकारी भुगतान प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस पूरे मामले की पुष्टि हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने की है। उन्होंने बताया कि कोषागार एवं सांस्थिक वित्त निदेशालय, वित्त विभाग, झारखंड सरकार द्वारा किए गए डाटा एनालिसिस में जिला कोषागार से दो बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन की जानकारी सामने आई। इसके बाद जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच टीम गठित की।   जांच में सामने आया फर्जीवाड़े का तरीका जांच टीम ने जिला कोषागार में उपलब्ध दस्तावेजों, अभिलेखों और विपत्रों की पड़ताल की। इस दौरान पता चला कि Temp. Pay ID बनाकर सरकारी राशि को अवैध रूप से निकाला गया और फिर उसे अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। जांच में 21 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की गई, जिन्हें फ्रीज करने का निर्देश संबंधित बैंकों को दिया गया है। इन खातों में मौजूद लगभग 1.60 करोड़ रुपये की राशि फिलहाल सुरक्षित कर ली गई है।   तीन पुलिसकर्मियों की संलिप्तता उजागर जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि इस घोटाले में पुलिस विभाग की लेखा शाखा में कार्यरत तीन सिपाहियों—शंभु कुमार, रजनीश सिंह और धीरेन्द्र सिंह—की भूमिका रही है। गहन पूछताछ में तीनों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। इस संबंध में कोषागार पदाधिकारी, हजारीबाग की ओर से लोहसिंगना थाना में कांड संख्या 32/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। अब पुलिस इस घोटाले में शामिल अन्य लोगों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

Anjali Kumari अप्रैल 9, 2026 0
Preeti Jewellers robbery case

प्रीति ज्वेलर्स लूटकांड का खुलासा, डिलीवरी बॉय बनकर ही रची थी पूरी साजिश

SSP Ranchi orders

रांची के विभिन्न थानों में 10 सब-इंस्पेक्टरों की पोस्टिंग, एसएसपी ने जारी किया आदेश

Bee attack Dhanbad

धनबाद में मधुमक्खियों का हमला, स्कूली बच्चों समेत कई लोग घायल

Jharkhand weather alert
झारखंड में आज गरज-चमक, तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट

रांची। झारखंड में आज यानी 9 अप्रैल को मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में आंशिक बादल, गरज-चमक, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। विशेष रूप से पूर्वी और निकटवर्ती मध्य झारखंड के इलाकों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि आज के दौरान कुछ स्थानों पर वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है।   इन जिलों के लोग बरतें विशेष सावधानी मौसम केंद्र के अलर्ट के मुताबिक पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में गरज-तूफान का असर अधिक रहने की आशंका है। इसके अलावा रांची, बोकारो, हजारीबाग, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका और गोड्डा समेत कई जिलों में भी आकाशीय बिजली और तेज हवा का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें।   10 अप्रैल से मौसम साफ, फिर बढ़ेगा तापमान मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव अस्थायी है और 10 अप्रैल से मौसम साफ होने लगेगा। 10 से 14 अप्रैल के बीच राज्य में बारिश की गतिविधियां कम होंगी और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। रांची मौसम केंद्र के पूर्वानुमान में भी कई जिलों में आज के बाद अधिकतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ने के संकेत दिए गए हैं। यानी आज राहत वाली ठंडक के बाद फिर से गर्मी की वापसी तय मानी जा रही है।   प्रमुख शहरों का हाल पिछले 24 घंटों में कई शहरों का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। रांची में अधिकतम तापमान करीब 30°C, जमशेदपुर में लगभग 34°C, जबकि सरायकेला राज्य के सबसे गर्म इलाकों में रहा। मौसम में ठंडक और हल्की बारिश के कारण फिलहाल लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है।

Anjali Kumari अप्रैल 9, 2026 0
Anganwadi gas shortage

आंगनबाड़ी में गैस न मिलने के कारण, सेविकाएं घर से बनाकर ला रहीं बच्चों का भोजन

Ranchi electricity office cartridge

रांची के बिजली ऑफिस में कारतूस से बंधा लिफाफा मिला,ऊपर लिखा था उग्रवादी संगठन का नाम

Khunti witchcraft killing

डायन-बिसाही के शक में खूंटी में खूनी हमला, टांगी से दंपती को किया अधमरा

Health cottages in Panchayat
हर पंचायत में ‘हेल्थ कॉटेज’ बनाने की तैयारी, ई-संजीवनी से गांवों तक पहुंचेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा

रांची। डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की है कि झारखंड की सभी पंचायतों में जल्द ‘हेल्थ कॉटेज’ स्थापित किए जाएंगे, जहां इलाज के साथ स्वास्थ्य के अनुकूल वातावरण भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह घोषणा रांची में आयोजित ई-संजीवनी टेलीमेडिसीन विषयक राज्यस्तरीय कार्यशाला में की गई। इस कार्यक्रम में राज्यभर के सिविल सर्जन, स्वास्थ्य अधिकारी और टेलीमेडिसीन से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए।   ई-संजीवनी प्रोटोकॉल गाइडलाइंस का अनावरण कार्यशाला के दौरान डॉ. इरफान अंसारी, विजय हांसदा और शशि प्रकाश झा ने ई-संजीवनी टेलीमेडिसीन की प्रोटोकॉल गाइडलाइंस का अनावरण किया। साथ ही बेहतर सेवा देने वाले 13 डॉक्टरों और 12 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (CHO) को सम्मानित भी किया गया। मंत्री ने कहा कि कोविड जैसे कठिन समय में ई-संजीवनी ने मरीजों और डॉक्टरों के बीच महत्वपूर्ण सेतु का काम किया।   मॉनिटरिंग सेल और ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ पर जोर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में अत्याधुनिक और AI आधारित तकनीकों को शामिल कर व्यापक सुधार किए जाएंगे। उन्होंने डॉक्टरों को मरीजों के प्रति सहज, सरल और संवेदनशील व्यवहार अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही एक सशक्त मॉनिटरिंग सेल बनाया जाएगा। इसके अलावा, राज्य में रक्त उपलब्धता के लिए नई नीति, टोल-फ्री नंबर, और 747 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ खोलने की प्रक्रिया भी जारी है। इन मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से लोगों को दवाएं और उनके उपयोग की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि दूरदराज गांवों तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें।

Anjali Kumari अप्रैल 9, 2026 0
Cloudy sky with rainfall and cool breeze in Ranchi amid yellow weather alert in Jharkhand

रांची में बारिश से मौसम सुहावना, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी; 10 अप्रैल से बढ़ेगी गर्मी

Giridih lithium discovery

गिरिडीह की धरती में ‘सफेद सोना’! लिथियम की तलाश में जुटी GSI

Women supervisors certificate verification

महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति के सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच 15 अप्रैल से

0 Comments

Top week

Thick smoke rising near Tehran university after gas station attack causing panic in campus area
दुनिया

तेहरान में गैस स्टेशन पर हमला, यूनिवर्सिटी परिसर में मचा हड़कंप

surbhi अप्रैल 6, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?