Energy News

Commercial LPG cylinders and a 5kg LPG cylinder displayed after a price cut announced for July 1, 2026.
LPG Price Update: जुलाई के पहले दिन मिली राहत, कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹183.50 और 5 किलो 'छोटू' सिलेंडर ₹13 हुआ सस्ता

जुलाई महीने की शुरुआत आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भारत में भी ईंधन की कीमतों पर इसका असर दिखने लगा है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और 5 किलो के 'छोटू' एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है। इसके अलावा, निजी ईंधन विक्रेता नयारा एनर्जी ने भी पेट्रोल और डीजल के दाम घटाए हैं। वहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में भी ₹5 प्रति लीटर की कमी की गई है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ ₹183.50 सस्ता सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 तक की कटौती की है। राजधानी दिल्ली में अब इस सिलेंडर की नई कीमत ₹2,930 हो गई है। इस कटौती से होटल, रेस्तरां, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की उम्मीद है। 5 किलो का 'छोटू' सिलेंडर भी हुआ सस्ता इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के अनुसार, 5 किलो वाले एलपीजी 'छोटू' सिलेंडर की कीमत में ₹13 की कमी की गई है। दिल्ली में इसकी नई कीमत अब ₹808.50 हो गई है। गौरतलब है कि 1 जून को इसी सिलेंडर की कीमत में ₹11 की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद इसका दाम ₹821.50 हो गया था। अब नई कटौती से उपभोक्ताओं को राहत मिली है। पेट्रोल, डीजल और ATF भी हुए सस्ते कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर अन्य ईंधनों पर भी दिखाई दिया है। नयारा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत ₹5 प्रति लीटर घटाकर लगभग ₹110 प्रति लीटर कर दी गई है। किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा? 5 किलो का 'छोटू' सिलेंडर विशेष रूप से उन लोगों के बीच लोकप्रिय है जो किराए पर रहते हैं या बार-बार स्थान बदलते हैं। इस कटौती का सबसे अधिक लाभ मिलेगा— प्रवासी मजदूरों को दूसरे शहरों में पढ़ाई कर रहे छात्रों को अकेले रहने वाले नौकरीपेशा लोगों को छोटे परिवारों और अस्थायी उपभोक्ताओं को छोटू सिलेंडर की खास बातें यह फ्री ट्रेड एलपीजी श्रेणी में आता है। इसे खरीदने के लिए केवल पहचान पत्र (ID Proof) की आवश्यकता होती है। पते का प्रमाण (Address Proof) देना जरूरी नहीं होता। इसे किसी भी अधिकृत एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर, किराना स्टोर या ऑथराइज्ड आउटलेट से आसानी से रिफिल कराया जा सकता है। रिफिल के लिए एक ही डिस्ट्रीब्यूटर से जुड़े रहना आवश्यक नहीं है। राहत की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद घरेलू बाजार में एलपीजी और अन्य ईंधनों की कीमतों में आई यह कटौती आम उपभोक्ताओं और व्यवसायों दोनों के लिए राहतभरी मानी जा रही है। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में घरेलू एलपीजी और अन्य ईंधनों की कीमतों में भी क्या और राहत मिलती है।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Fuel station display showing updated petrol and diesel prices for June 23, 2026.
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में नहीं हुआ बड़ा बदलाव, जानें 23 जून 2026 के ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today 23 June 2026: देशभर में आज के लिए पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए गए हैं। आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 23 जून 2026 को ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, कुछ शहरों में कुछ पैसों की बढ़ोतरी और गिरावट जरूर दर्ज की गई है। पिछले कुछ समय से अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही थी, लेकिन हालिया कूटनीतिक प्रगति के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी आई है। इसके बावजूद तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल घरेलू कीमतों को स्थिर बनाए रखा है। पेट्रोल के ताजा रेट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹102.12 प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है। पेट्रोल का ताजा भाव (₹ प्रति लीटर) शहर आज का रेट बदलाव लखनऊ ₹101.92 +₹0.03 पटना ₹113.37 -₹0.17 भागलपुर ₹114.78 +₹0.64 दरभंगा ₹113.90 -₹0.17 गया ₹114.40 -₹0.32 मुजफ्फरपुर ₹114.16 +₹0.06 देवघर ₹105.05 +₹0.10 धनबाद ₹105.27 -₹0.21 जमशेदपुर ₹105.22 -₹0.25 रांची ₹105.26 स्थिर दिल्ली ₹102.12 स्थिर कोलकाता ₹113.47 -₹0.04 मुंबई ₹111.21 +₹0.03 चेन्नई ₹107.76 -₹0.11 गुरुग्राम ₹102.97 +₹0.17 नोएडा ₹102.08 -₹0.01 बेंगलुरु ₹111.68 +₹1.07 भोपाल ₹114.65 +₹0.20 डीजल के ताजा रेट दिल्ली में डीजल की कीमत ₹95.20 प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है। डीजल का ताजा भाव (₹ प्रति लीटर) शहर आज का रेट बदलाव लखनऊ ₹95.41 +₹0.05 पटना ₹99.36 -₹0.18 भागलपुर ₹100.68 +₹0.60 गया ₹100.35 -₹0.30 दरभंगा ₹99.86 -₹0.16 मुजफ्फरपुर ₹100.11 +₹0.06 देवघर ₹100.25 +₹0.10 धनबाद ₹100.49 -₹0.17 जमशेदपुर ₹100.42 -₹0.23 रांची ₹100.49 स्थिर दिल्ली ₹95.20 स्थिर कोलकाता ₹99.82 स्थिर मुंबई ₹97.83 स्थिर चेन्नई ₹99.55 -₹0.10 गुरुग्राम ₹95.64 +₹0.17 नोएडा ₹95.56 +₹0.02 बेंगलुरु ₹99.56 +₹1.02 भोपाल ₹99.74 +₹0.18 क्यों स्थिर हैं ईंधन के दाम? रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान के तेल निर्यात पर अस्थायी छूट दिए जाने और स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के सकारात्मक संकेतों के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद बनी है। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 78 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। इसके बावजूद तेल कंपनियां फिलहाल घरेलू बाजार में कीमतों में बदलाव करने से बच रही हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें कैसे तय होती हैं? ईंधन की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं, जिनमें शामिल हैं: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला वैट (VAT)

surbhi जून 23, 2026 0
Coal mining and trading concept illustrating India's new Coal Exchange Rules 2026 for market-based pricing.
Coal Exchange Rules 2026: अब बाजार तय करेगा कोयले का दाम, देश में खुलेंगे कोल एक्सचेंज

नई दिल्ली: भारत सरकार ने कोयला क्षेत्र में बड़ा सुधार करते हुए 'कोल एक्सचेंज नियम, 2026' अधिसूचित कर दिए हैं। इस नई व्यवस्था के तहत देश में कोल एक्सचेंज स्थापित किए जाएंगे, जहां बाजार आधारित प्रणाली के जरिए कोयले की खरीद-बिक्री और कीमतों का निर्धारण किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे कोयला व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी, सप्लाई चेन मजबूत होगी और ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। कोयला मंत्रालय के अनुसार, इन नियमों के जरिए कोल एक्सचेंज स्थापित करने और उनके संचालन के लिए एक स्पष्ट नियामक ढांचा तैयार किया गया है। इससे कोयले की कीमतें मांग और आपूर्ति के आधार पर तय होंगी और उद्योगों को अधिक प्रतिस्पर्धी बाजार उपलब्ध होगा। क्या होंगे बड़े बदलाव? नई व्यवस्था लागू होने के बाद कोयला क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे: कोयले की कीमतें बाजार आधारित तरीके से तय होंगी। खरीद-बिक्री प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी बनेगी। कमर्शियल और कैप्टिव खदान संचालकों को अधिक खरीदार मिल सकेंगे। सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्र के खिलाड़ी इस प्लेटफॉर्म पर भाग ले सकेंगे। ऊर्जा क्षेत्र की दक्षता और आपूर्ति सुरक्षा मजबूत होगी। कोयला व्यापार में डिजिटल और आधुनिक व्यवस्था विकसित होगी। MMDR संशोधन अधिनियम 2025 से मिला आधार कोयला मंत्रालय ने बताया कि खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2025 के तहत पहली बार खनिज एक्सचेंज की अवधारणा पेश की गई थी। इस कानून ने केंद्र सरकार को कोयला और उसके प्रसंस्कृत रूपों सहित विभिन्न खनिजों के पारदर्शी और कुशल व्यापार को बढ़ावा देने का अधिकार दिया। इसी प्रावधान के तहत 4 जून 2026 को आधिकारिक राजपत्र में कोल एक्सचेंज नियम, 2026 प्रकाशित किए गए। CCO करेगा निगरानी और रेगुलेशन सरकार ने कोल कंट्रोलर ऑर्गनाइजेशन (CCO) को कोल एक्सचेंजों के पंजीकरण और नियमन की जिम्मेदारी सौंपी है। दिसंबर 2025 में CCO को इस कार्य के लिए अधिकृत किया गया था। नई व्यवस्था के तहत पात्र संस्थाओं को: कोल एक्सचेंज स्थापित करने, उनका संचालन करने, बाजार के नियम और उप-नियम बनाने, तथा कोयला व्यापार को सुगम बनाने की अनुमति दी जाएगी। इन एक्सचेंजों का रजिस्ट्रेशन 25 वर्षों तक वैध रहेगा। सरकार का क्या है उद्देश्य? सरकार पारंपरिक आपूर्ति तंत्र से आगे बढ़कर एक अधिक प्रतिस्पर्धी और आधुनिक कोयला बाजार विकसित करना चाहती है। इसका उद्देश्य उद्योगों को बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना, व्यापार को आसान बनाना और आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था को बढ़ावा देना है। कोयला मंत्रालय के अनुसार, यह पहल Ease of Doing Business, पारदर्शिता और आधुनिक ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिजली और उद्योग जगत को होगा फायदा विशेषज्ञों का मानना है कि कोल एक्सचेंज शुरू होने से बिजली उत्पादन कंपनियों, इस्पात उद्योग और अन्य कोयला आधारित क्षेत्रों को अधिक लचीला और प्रतिस्पर्धी बाजार मिलेगा। साथ ही देश की ऊर्जा आपूर्ति को भी दीर्घकालिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।  

surbhi जून 10, 2026 0
Agricultural waste being processed into 2G ethanol for clean fuel and industrial applications.
2G Ethanol Technology: क्या है 2G इथेनॉल टेक्नोलॉजी? जानिए कैसे बनता है और किन-किन क्षेत्रों में होता है इस्तेमाल

2G Ethanol Technology: भारत में इथेनॉल आधारित ईंधन को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग से लेकर E85 फ्यूल तक, सरकार तेल आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में अब 2G इथेनॉल (Second Generation Ethanol) चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे इथेनॉल की अगली पीढ़ी की तकनीक माना जाता है, क्योंकि यह अनाज की बजाय कृषि अवशेषों और जैविक कचरे से तैयार किया जाता है। क्या है 2G इथेनॉल? 2G इथेनॉल यानी सेकेंड जेनरेशन इथेनॉल एक ऐसा जैव ईंधन है, जिसे गन्ने के रस या खाद्यान्न से नहीं बल्कि कृषि से निकलने वाले अवशेषों से तैयार किया जाता है। इसके लिए मुख्य रूप से इन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है— पराली (Rice Straw) गन्ने की खोई (Bagasse) मक्के के डंठल बांस अन्य कृषि और जैविक कचरा यह तकनीक खाद्यान्न संकट की चिंता को दूर करती है और किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत भी बन सकती है। 1G और 2G इथेनॉल में क्या अंतर है? 1G इथेनॉल 2G इथेनॉल गन्ने के रस और अनाज से बनता है कृषि कचरे और जैविक अवशेषों से बनता है खाद्यान्न उपयोग को लेकर चिंता रहती है खाद्यान्न पर कोई असर नहीं पड़ता पारंपरिक तकनीक उन्नत और आधुनिक तकनीक सीमित कच्चा माल बड़े पैमाने पर उपलब्ध कृषि अवशेष कैसे बनता है 2G इथेनॉल? 2G इथेनॉल तैयार करने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है— 1. कच्चे माल का संग्रह खेतों से पराली, गन्ने की खोई और अन्य कृषि अवशेषों को इकट्ठा कर प्लांट तक पहुंचाया जाता है। 2. प्री-ट्रीटमेंट कचरे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर स्टीम और केमिकल्स की मदद से उसके रेशों को ढीला किया जाता है। 3. एंजाइम प्रक्रिया विशेष एंजाइम्स की मदद से जटिल कार्बोहाइड्रेट को फर्मेंटेबल शुगर में बदला जाता है। 4. फर्मेंटेशन यीस्ट की सहायता से शुगर को अल्कोहल में परिवर्तित किया जाता है। 5. डिस्टिलेशन अंतिम चरण में पानी अलग करके शुद्ध 2G इथेनॉल तैयार किया जाता है। 2G इथेनॉल के फायदे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होती है। पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलती है। किसानों को कृषि अवशेषों से अतिरिक्त आय मिल सकती है। कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। पर्यावरण के अनुकूल ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। गाड़ियों के अलावा कहां-कहां होता है इस्तेमाल? 2G इथेनॉल का उपयोग सिर्फ पेट्रोल में मिश्रण तक सीमित नहीं है। सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल इससे विमानन क्षेत्र के लिए पर्यावरण अनुकूल ईंधन तैयार किया जा सकता है। दवा और कॉस्मेटिक उद्योग कॉस्मेटिक्स, दवाइयों, पेंट और रसायन उद्योग में इसका उपयोग किया जाता है। बायोप्लास्टिक निर्माण 2G इथेनॉल से ऐसे बायोप्लास्टिक तैयार किए जा सकते हैं, जो आसानी से नष्ट हो जाते हैं और पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाते हैं। बिजली उत्पादन इथेनॉल प्लांट से निकलने वाले अवशेषों का उपयोग बिजली उत्पादन में भी किया जा सकता है। भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण? 2G इथेनॉल तकनीक भारत के लिए दोहरी समस्या का समाधान पेश करती है। एक ओर यह तेल आयात पर निर्भरता कम करती है, वहीं दूसरी ओर पराली जलाने जैसी पर्यावरणीय समस्या से निपटने में भी मददगार साबित हो सकती है।  

surbhi जून 6, 2026 0
CNG station fuel dispenser showing revised gas prices amid rising fuel costs in India
पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG भी महंगी, 8 दिनों में 4 रुपये तक बढ़े दाम

Compressed Natural Gas की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बने संकट का असर अब भारत के फ्यूल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। शनिवार, 23 मई को देशभर में CNG, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर इजाफा किया गया। नई दरों के मुताबिक पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। वहीं CNG की कीमत में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में CNG 81 रुपये के पार ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में Compressed Natural Gas की कीमत 80.09 रुपये से बढ़कर 81.09 रुपये प्रति किलो हो गई है। वहीं अन्य शहरों में नई कीमतें इस प्रकार हैं: नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा: 89.70 रुपये प्रति किलो गुरुग्राम: 86.12 रुपये प्रति किलो कानपुर: 92.42 रुपये प्रति किलो Indraprastha Gas Limited के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी के कारण यह बढ़ोतरी करनी पड़ी है। 8 दिनों में 4 रुपये तक बढ़े दाम मई महीने में यह तीसरी बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। 15 मई से पहले दिल्ली में CNG की कीमत 77.09 रुपये प्रति किलो थी। 15 मई: 2 रुपये की बढ़ोतरी 17 मई: 1 रुपये की बढ़ोतरी 23 मई: 1 रुपये की नई बढ़ोतरी इस तरह सिर्फ 8 से 10 दिनों के भीतर CNG करीब 4 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है। इसी दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी लगभग पौने पांच रुपये तक का इजाफा दर्ज किया गया है। आम लोगों की जेब पर बढ़ेगा बोझ फ्यूल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर सीधे आम लोगों के बजट पर पड़ेगा। रोजाना कार, बाइक, ऑटो और टैक्सी से सफर करने वालों का खर्च बढ़ सकता है। सबसे ज्यादा असर कमर्शियल वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ने की संभावना है। ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से आने वाले दिनों में फल, सब्जियां और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं। हालांकि कंपनियों का कहना है कि मौजूदा बढ़ोतरी के बाद भी CNG से वाहन चलाने का खर्च पेट्रोल और डीजल की तुलना में करीब 45 प्रतिशत तक कम है।  

surbhi मई 23, 2026 0
Jharkhand fuel shortage
झारखंड में होने लगी पेट्रोल-डीजल की किल्लत

रांची। झारखंड में पेट्रोल-डीजल की किल्लत दिखने लगी है। रांची के हरमू मुक्तिधाम के सामने स्थित भारत पेट्रोलियम और बंदी उरांव रोड स्थित एचपीसीएल का पेट्रोल पंप में पेट्रोल-डीजल नहीं है। दोनों पंप सूखे पड़ गये हैं। उधर, जमशेदपुर में भी तीन पंपों पर ताले लटक गये हैं। वहीं खूंटी के अनिगड़ा स्थित इंडियन ऑयल टर्मिनल से भी पेट्रोल-डीजल की आपूति आधी कर दी गई है।  टैंकर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस टर्मिनल से पहले रोज 400 टैंकरों से आपूर्ति हो रही थी, पर अब 200 टैंकर से ही आपूर्ति हो रही है। यहां से 15 जिलों रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद, पलामू, हजारीबाग, चतरा, रामगढ़, चाईबासा, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और लातेहार में आपूर्ति की जाती है। सूत्रों के मुताबिक पारादीप रिफाइनरी से ही कम सप्लाई मिलने के कारण यह स्थिति बनी है। रांची के आसपास के इलाकों में आधा दर्जन पंपों पर तेल नही दक्षिणी छोटानागपुर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजहंस मिश्रा ने बताया कि रांची आसपास के इलाकों में भी आधा दर्जन पेट्रोल पंप ड्राई रहे, क्योंकि तेल कंपनियां पहले की तुलना में करीब 30 प्रतिशत कम सप्लाई दे रही है। वहीं झारखंड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह के अनुसार तेल कंपनियों की ओर से कार मं 2000 रुपए और बाइक में 200 रुपए से ज्यादा का पेट्रोल न दिए जाने का अघोषित आदेश है।   चाईबासा में पुलिस की निगरानी में बिक्री   चाईबासा में मंगलवार को 10 पेट्रोल पंप बंद रहे। इससे अफरातफरी मच गई। इसके बाद अधिकारियों ने अन्य पेट्रोल पंपों का जायजा लिया। पुलिस की निगरानी में पेट्रोल-डीजल की बिक्री शुरू कराई। इसी बीच डीसी के निर्देश पर पेट्रोल-डीजल की सीमा भी तय कर दी गई। दोपहिया वाहन को 100 रुपए, छोटी चारपहिया गाड़ियों को 500 रुपए और बड़ी गाड़ियों को 1000 रुपए का पेट्रोल देने का निर्देश दिया। इसके अलावा बोतल-गैलन में पेट्रोल-डीजल बेचने पर रोक लगा दी।

Unknown मई 13, 2026 0
Oil tanker at sea representing global crude trade amid US decision to extend Russia oil purchase waiver
ईरान युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच अमेरिका का बड़ा फैसला: रूस से तेल पर छूट बढ़ाई, वैश्विक बाजार में राहत और विवाद दोनों

  अमेरिका ने फिर बढ़ाई रूस से तेल खरीद की अनुमति वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने एक अहम और चर्चित फैसला लिया है। ट्रंप प्रशासन ने रूस से प्रतिबंधित कच्चे तेल की खरीद पर दी गई अस्थायी छूट को एक बार फिर बढ़ा दिया है। इस निर्णय के तहत कई देश, जिनमें भारत भी शामिल है, सीमित समय के लिए रूस से तेल और पेट्रोलियम उत्पाद खरीद सकेंगे। यह छूट अब 16 मई तक प्रभावी रहेगी और इसे ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। किन शर्तों के साथ मिली छूट अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, यह अनुमति केवल उन्हीं तेल शिपमेंट्स पर लागू होगी जो शुक्रवार तक जहाजों में लोड किए जा चुके हैं। इसके अलावा, इस छूट से ईरान, क्यूबा और उत्तर कोरिया से जुड़े किसी भी प्रकार के व्यापार को पूरी तरह बाहर रखा गया है। इसका मतलब यह है कि अमेरिका रूस से तेल व्यापार पर पूरी तरह रोक लगाने के बजाय उसे सीमित और नियंत्रित तरीके से जारी रखना चाहता है। ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाने की कोशिश यह फैसला ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव और मध्य पूर्व में युद्ध जैसे हालात के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर हो गया है। हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका इस कदम के जरिए वैश्विक तेल आपूर्ति को अचानक झटके से बचाना चाहता है, ताकि कीमतें बहुत अधिक न बढ़ें। एशियाई देशों की मांग का असर रिपोर्ट्स के अनुसार, एशिया के कई देशों ने अमेरिका पर दबाव बनाया था कि उन्हें वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों तक पहुंच दी जाए। भारत जैसे बड़े आयातक देशों ने रूस से सस्ती तेल आपूर्ति को जारी रखने की मांग की थी, ताकि घरेलू ऊर्जा कीमतों पर नियंत्रण रखा जा सके। इसी दबाव और वैश्विक आपूर्ति संकट को देखते हुए अमेरिका ने यह अस्थायी राहत दी है। पहले के रुख से बदलाव दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ दो दिन पहले अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने संकेत दिया था कि यह छूट आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। लेकिन अचानक लिए गए इस फैसले ने अमेरिकी नीति में बदलाव को दर्शाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। तेल कीमतों में भारी गिरावट इसी बीच, ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य को आंशिक रूप से खोलने के बाद वैश्विक तेल बाजार में लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिरता अस्थायी हो सकती है, क्योंकि क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है। राजनीतिक विवाद भी तेज अमेरिकी संसद के कई सदस्यों ने इस फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि इससे रूस को आर्थिक रूप से फायदा मिलेगा, जबकि वह यूक्रेन युद्ध में शामिल है। दूसरी ओर, यूरोपीय संघ ने भी प्रतिबंधों में ढील देने का विरोध जताया है। ईरान युद्ध, हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच अमेरिका का यह कदम वैश्विक ऊर्जा नीति को नई दिशा दे सकता है। हालांकि यह फैसला अस्थायी राहत देता है, लेकिन इसके राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव आने वाले समय में और अधिक स्पष्ट हो सकते हैं।  

surbhi अप्रैल 18, 2026 0
Fuel station display board showing updated petrol and diesel prices in Bihar cities on April 17, 2026
बिहार में बढ़े पेट्रोल के दाम, जानें 17 अप्रैल 2026 को आपके शहर में क्या है नया रेट

पटना: 17 अप्रैल 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय तेल कंपनियों ने आज के रेट अपडेट किए हैं। इस बार कीमतों में मिला-जुला असर देखने को मिला है, लेकिन बिहार के कई शहरों में पेट्रोल की कीमतों ने बढ़त दर्ज की है, जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। बिहार में बढ़ी कीमतें, आम आदमी पर असर राज्य के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल के दाम बढ़े हुए नजर आए: Patna: ₹105.54 (+0.31) Bhagalpur: ₹106.66 (+0.64) Muzaffarpur: ₹106.10 (+0.32) हालांकि, Gaya में हल्की राहत मिली है, जहां कीमत ₹106.25 (-0.03) रही। देश के बड़े शहरों में क्या है हाल? देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतों पर नजर डालें: Mumbai: ₹103.54 (+0.04) Delhi: ₹94.77 (कोई बदलाव नहीं) Kolkata: ₹105.41 (स्थिर) Chennai: ₹100.80 (-0.10) Bengaluru: ₹102.92 (-0.07) डीजल की कीमतों में मिली राहत डीजल के मोर्चे पर आज थोड़ी राहत देखने को मिली है: Mumbai: ₹90.03 (स्थिर) Delhi: ₹87.67 (स्थिर) Patna: ₹91.78 (+0.29) Bhagalpur: ₹92.81 (+0.60) Chennai: ₹92.39 (-0.09) क्यों बदलते रहते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? भारत में ईंधन की कीमतें मुख्य रूप से इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर निर्भर करती हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्यों द्वारा लगाए गए वैट (VAT) का भी कीमतों पर सीधा असर पड़ता है। घर बैठे ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट आप SMS के जरिए भी अपने शहर का ताजा फ्यूल रेट जान सकते हैं: Indian Oil: “RSP” लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
Prototype Fast Breeder Reactor at Kalpakkam with nuclear facility visuals and PM Modi announcement
PM मोदी का देर रात संदेश: भारत ने हासिल की नई परमाणु ताकत, दूसरे चरण में एंट्री

भारत ने अपने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक बड़ा और अहम पड़ाव पार कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात ट्वीट कर वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए बताया कि देश तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। यह उपलब्धि तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) के “क्रिटिकैलिटी” हासिल करने से जुड़ी मानी जा रही है। क्या हासिल किया भारत ने? भारत ने सफलतापूर्वक फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तकनीक में बड़ी उपलब्धि हासिल की है यह तकनीक खपत से ज्यादा परमाणु ईंधन पैदा कर सकती है इससे भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा मजबूत होगी ‘क्रिटिकैलिटी’ का क्या मतलब है? सरल भाषा में- जब परमाणु रिएक्टर स्वयं चलने वाली (self-sustaining) विखंडन प्रक्रिया हासिल कर लेता है यानी अब उसे बाहरी न्यूट्रॉन की जरूरत नहीं रहती इसे ही “क्रिटिकैलिटी” कहा जाता है, जो किसी भी रिएक्टर के सफल संचालन की सबसे अहम तकनीकी उपलब्धि होती है। फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (FBR) क्या होता है? यह एक उन्नत परमाणु रिएक्टर है अपनी खपत से ज्यादा फ्यूल (ईंधन) पैदा करता है प्लूटोनियम और यूरेनियम के मिश्रण का इस्तेमाल करता है खास बात: यह रिएक्टर थोरियम को उपयोगी ईंधन (U-233) में बदलने का रास्ता खोलता है। क्यों खास है भारत के लिए? भारत के पास- दुनिया का सिर्फ 2% यूरेनियम लेकिन करीब 25% थोरियम भंडार इसलिए भारत की रणनीति रही है कि थोरियम का इस्तेमाल कर लंबे समय तक सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा हासिल की जाए। भारत का 3-स्टेज परमाणु कार्यक्रम पहला चरण: प्राकृतिक यूरेनियम से बिजली उत्पादन दूसरा चरण (अब शुरू): प्लूटोनियम आधारित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर थोरियम को उपयोगी ईंधन में बदलने की तैयारी तीसरा चरण (भविष्य): पूरी तरह थोरियम आधारित रिएक्टर दीर्घकालिक ऊर्जा आत्मनिर्भरता दुनिया में भारत की स्थिति इस उपलब्धि के बाद भारत- रूस के बाद कमर्शियल फास्ट ब्रीडर रिएक्टर रखने वाला दूसरा देश बन सकता है स्वदेशी ताकत का उदाहरण यह परियोजना पूरी तरह मेड इन इंडिया है 200 से ज्यादा भारतीय कंपनियों (MSME सहित) का योगदान उन्नत सेफ्टी सिस्टम: आपात स्थिति में खुद बंद होने की क्षमता आगे क्या? यह सफलता भारत को तीसरे चरण यानी थोरियम आधारित ऊर्जा क्रांति की ओर ले जाएगी इससे- ऊर्जा आयात पर निर्भरता घटेगी स्वच्छ ऊर्जा बढ़ेगी भारत की वैश्विक तकनीकी स्थिति मजबूत होगी

surbhi अप्रैल 7, 2026 0
Petrol pump display showing latest fuel prices with vehicles refueling at Indian petrol station
6 अप्रैल 2026 के पेट्रोल-डीजल रेट जारी: कुछ शहरों में बढ़ोतरी, कहीं राहत-SMS से ऐसे जानें अपने शहर का भाव

नई दिल्ली: सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को देश की सरकारी तेल कंपनियों-Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum-ने पेट्रोल और डीजल की ताजा कीमतें जारी कर दी हैं। आज के अपडेट में देशभर में कीमतों का मिला-जुला रुख देखने को मिला है। कुछ शहरों में ईंधन महंगा हुआ है, जबकि कुछ जगहों पर मामूली राहत भी दर्ज की गई है। प्रमुख शहरों में पेट्रोल के ताजा दाम आज पेट्रोल की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज हुआ है। मुंबई: ₹103.54 (+0.04) बेंगलुरु: ₹102.92 (+0.37) कोलकाता: ₹105.41 (स्थिर) पटना: ₹105.23 (स्थिर) चेन्नई: ₹100.80 (-0.10) गुरुग्राम: ₹95.65 (स्थिर) नोएडा: ₹94.77 (-0.13) नई दिल्ली: ₹94.77 (स्थिर) मुजफ्फरपुर: ₹105.71 (-0.34) डीजल की कीमतों में क्या बदलाव हुआ? डीजल के दामों में आज अपेक्षाकृत स्थिरता देखी गई, हालांकि कुछ शहरों में हल्की बढ़ोतरी या गिरावट दर्ज हुई। चेन्नई: ₹92.39 (-0.10) कोलकाता: ₹92.02 (स्थिर) बेंगलुरु: ₹90.99 (+0.34) पटना: ₹91.49 (स्थिर) मुंबई: ₹90.03 (स्थिर) नई दिल्ली: ₹87.67 (स्थिर) गुरुग्राम: ₹88.10 (स्थिर) नोएडा: ₹87.89 (-0.12) क्यों बदलते रहते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? ईंधन की कीमतें कई अहम कारकों पर निर्भर करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स, रिफाइनिंग लागत और मांग-आपूर्ति का संतुलन-ये सभी मिलकर अंतिम कीमत तय करते हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में रेट अलग होते हैं। SMS से ऐसे जानें अपने शहर का रेट घर बैठे अपने मोबाइल से पेट्रोल-डीजल की कीमत जानना बेहद आसान है: Indian Oil (IOCL): RSP <शहर कोड> लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें

surbhi अप्रैल 6, 2026 0
Indian LPG ship ‘Green Sanvi’ safely crossing Strait of Hormuz amid Middle East tensions
होर्मुज स्ट्रेट से भारत के लिए राहत: ईरान ने भारतीय जहाजों को दी सुरक्षित निकासी की अनुमति

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है, जिससे देश में LPG सप्लाई को लेकर उम्मीद बढ़ गई है। ‘ग्रीन सान्वी’ लेकर आ रहा 44,000 टन LPG भारतीय झंडे वाला जहाज ‘ग्रीन सान्वी’ सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है इस पर करीब 44,000 मीट्रिक टन LPG लदा हुआ है जहाज अब मुंबई बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है सातवां जहाज पहुंचा भारत की ओर युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 6 LPG जहाज भारत पहुंच चुके हैं ‘ग्रीन सान्वी’ इस दौरान होर्मुज पार करने वाला 7वां जहाज है इससे देश में LPG की कमी को कुछ हद तक दूर करने में मदद मिलेगी क्यों अहम है यह राहत? होर्मुज स्ट्रेट पर पाबंदियों के कारण कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई भारत में कई जगह LPG के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं अभी 17 जहाज फंसे हुए होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में 17 भारतीय जहाज अब भी फंसे हैं इनमें से ग्रीन आशा और जग विक्रम जैसे जहाज LPG से लदे हुए हैं ये जहाज ईरान की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं आगे क्या? अगर बाकी जहाजों को भी जल्द क्लियरेंस मिलती है, तो: भारत में LPG संकट काफी हद तक कम हो सकता है सप्लाई चेन फिर से सामान्य होने लगेगी

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Ras Laffan industrial city damaged after attack impacting Qatar LNG production and global gas supply
ईरान के हमले से वैश्विक गैस संकट: कतर की 17% LNG क्षमता ठप, भारत पर मंडरा रहा बड़ा खतरा

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान द्वारा कतर के प्रमुख गैस केंद्र रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर किए गए हमले ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला कर रख दिया है। इस हमले के कारण कतर की लगभग 17% LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) उत्पादन क्षमता प्रभावित हो गई है, जिसे पूरी तरह बहाल होने में 3 से 5 साल तक का समय लग सकता है। 20 अरब डॉलर का नुकसान, वर्षों तक असर कतर एनर्जी के CEO साद अल-काबी के अनुसार, हमले में 14 LNG ट्रेनों में से दो और एक गैस-टू-लिक्विड (GTL) प्लांट को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इससे हर साल करीब 12.8 मिलियन टन LNG उत्पादन प्रभावित होगा और अनुमानित 20 अरब डॉलर का राजस्व नुकसान हो सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस संकट का असर अगले 5 वर्षों तक बना रह सकता है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित होगी। ‘फोर्स मेज्योर’ लागू, सप्लाई पर संकट कतर को अपने कई अंतरराष्ट्रीय अनुबंधों पर ‘फोर्स मेज्योर’ घोषित करना पड़ा है, जिसका मतलब है कि वह तय आपूर्ति पूरी नहीं कर पाएगा। इसका असर इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों पर पड़ेगा, जो कतर की LNG पर निर्भर हैं। इस हमले का असर बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर भी पड़ा है, जिनमें ExxonMobil और Shell शामिल हैं, जिनकी इस प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी है। भारत के लिए क्यों है खतरे की घंटी? भारत अपनी गैस जरूरतों का लगभग 50-60% हिस्सा कतर से आयात करता है। ऐसे में इस हमले का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है। LPG (रसोई गैस) की कीमतों में बढ़ोतरी   उद्योगों के लिए गैस सप्लाई में कमी   बिजली उत्पादन लागत में वृद्धि   विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो भारत को वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करनी पड़ सकती है। वैश्विक बाजार में हड़कंप कतर दुनिया की लगभग 20% LNG सप्लाई करता है, ऐसे में इस हमले का असर पूरी दुनिया पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई   यूरोप में गैस कीमतों में 24% तक उछाल   LPG, हीलियम, कंडेन्सेट और अन्य उत्पादों में भारी गिरावट   क्षेत्रीय तनाव और गहराया यह हमला उस समय हुआ जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। ईरान ने यह कार्रवाई अपने गैस ढांचे पर हुए हमलों के जवाब में की। साद अल-काबी ने इस घटना को ‘क्षेत्र के लिए बड़ा झटका’ बताते हुए कहा कि इससे मध्य पूर्व की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा सकता है। तेल और गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
High electricity demand in Bihar with power lines and transformers amid rising summer heat and energy consumption
बिहार में बिजली की रिकॉर्ड मांग: गर्मी और गैस संकट ने बढ़ाया लोड, पटना बना ‘पावर हब’

पटना: बिहार में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी का असर अब बिजली खपत पर साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ते तापमान और LPG संकट के कारण राज्य में बिजली की मांग ने इस बार रिकॉर्ड स्तर छू लिया है। आंकड़ों के मुताबिक, 18 मार्च को जहां पिछले साल 405 मेगावाट बिजली की खपत दर्ज की गई थी, वहीं इस साल यह बढ़कर 517 मेगावाट तक पहुंच गई है। यानी इस बार खपत में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। गर्मी बढ़ते ही बढ़ी बिजली की खपत मार्च में ही तापमान बढ़ने के कारण लोगों ने पंखे, कूलर और एसी का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। आमतौर पर यह स्तर महीने के अंत में देखने को मिलता था, लेकिन इस बार पहले ही खपत 500 मेगावाट के पार पहुंच गई है। बिजली कंपनियों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ सकता है। गैस संकट ने बढ़ाया दबाव बढ़ती बिजली खपत के पीछे एक बड़ा कारण रसोई गैस की कमी भी है। LPG सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति के चलते कई घरों में लोग खाना बनाने के लिए इंडक्शन चूल्हों और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे घरेलू बिजली उपयोग में अचानक बढ़ोतरी हुई है, जिसने सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। पटना बना सबसे बड़ा खपत केंद्र पूरे बिहार में इस समय करीब 4900 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है। इसमें अकेले पटना जिला 600 से 650 मेगावाट खपत के साथ सबसे आगे है। अन्य शहरों में मुजफ्फरपुर में 210 मेगावाट, गया में 243 मेगावाट और पूर्णिया में 128 मेगावाट की औसत खपत दर्ज की जा रही है। इंडक्शन और इलेक्ट्रिक उपकरणों का बढ़ता चलन गैस संकट के कारण पटना समेत कई शहरों में इंडक्शन चूल्हा और इलेक्ट्रिक ओवन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही घरों में कूलर और एसी भी पूरे समय चल रहे हैं, जिससे बिजली की मांग और बढ़ गई है। बिजली कंपनियों का अनुमान है कि इस साल अधिकतम खपत 1000 मेगावाट के आंकड़े को भी पार कर सकती है। ‘जीरो ट्रिपिंग’ पर फोकस ऊर्जा विभाग ने बढ़ती मांग को देखते हुए सभी जिलों में मेंटेनेंस कार्य तेज कर दिया है। ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने निर्देश दिया है कि 31 मार्च तक सभी जरूरी मरम्मत कार्य पूरे कर लिए जाएं। साथ ही इंजीनियरों को ‘जीरो ट्रिपिंग’ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तकनीकी खराबियों से बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो। सिस्टम को दुरुस्त करने में जुटी टीमें बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रांसमिशन लाइन और ट्रांसफार्मरों की लगातार जांच की जा रही है। ग्रिड की स्थिरता और वोल्टेज सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उद्देश्य साफ है-गर्मी के चरम पर पहुंचने से पहले ही व्यवस्था को मजबूत कर लिया जाए, ताकि लोगों को बिजली कटौती का सामना न करना पड़े। आने वाले दिनों में बढ़ सकती है चुनौती बिजली खपत में यह तेजी आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकती है। अगर गर्मी और बढ़ी और गैस संकट जारी रहा, तो मांग और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे पीक ऑवर्स में बिजली का संयम से उपयोग करें, ताकि सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव कम किया जा सके।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
People standing in long queues outside LPG gas agency amid supply concerns in India
LPG आपूर्ति पर संकट की आशंका: जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने लागू किया ESMA, रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश

  पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। इसी पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार ने LPG की संभावित कमी और जमाखोरी को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए Essential Services Maintenance Act (ESMA) के प्रावधान लागू कर दिए हैं। सरकार ने तेल रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को LPG उत्पादन अधिकतम करने और उपलब्ध हाइड्रोकार्बन संसाधनों को LPG पूल की ओर मोड़ने का निर्देश दिया है, ताकि घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न आए। सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर अनिश्चितता बढ़ गई है। खास तौर पर Strait of Hormuz के आसपास की स्थिति ने तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई को लेकर चिंता पैदा कर दी है। भारत अपने कुल कच्चे तेल और गैस आयात का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से प्राप्त करता है, जो इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर हैं।   LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए देश की सभी प्रमुख रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य यह है कि घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जा सके और बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा न हो। आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की कुल LPG खपत लगभग 3.13 करोड़ टन रही, जबकि घरेलू स्तर पर इसका उत्पादन करीब 1.28 करोड़ टन ही हो पाया। शेष मांग को आयात के जरिए पूरा करना पड़ा। ऐसे में वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान की आशंका को देखते हुए सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं।   प्राकृतिक गैस वितरण की प्राथमिकताएं तय सरकार ने आवश्यक वस्तु कानून के प्रावधान लागू करते हुए प्राकृतिक गैस की उपलब्धता और वितरण की प्राथमिकता भी तय कर दी है। इसके तहत पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और वाहनों के लिए संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) को पहली प्राथमिकता दी गई है और इन्हें 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी प्राथमिकता उर्वरक उत्पादन करने वाले संयंत्रों को दी गई है। इन संयंत्रों को उनकी पिछले छह महीनों की औसत जरूरत के आधार पर कम से कम 70 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है, ताकि कृषि क्षेत्र पर इसका प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।   ESMA क्या है Essential Services Maintenance Act (ESMA) एक ऐसा कानून है, जिसे आवश्यक सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए लागू किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि आम जनता के दैनिक जीवन से जुड़ी सेवाएं-जैसे सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं और ऊर्जा आपूर्ति-किसी भी स्थिति में बाधित न हों।   महाराष्ट्र में गैस सिलेंडर के लिए कतारें इस बीच गैस की संभावित कमी की खबरों के बाद कुछ क्षेत्रों में उपभोक्ताओं के बीच चिंता भी बढ़ती दिखाई दे रही है। महाराष्ट्र के रत्नागिरी और कोल्हापुर जैसे शहरों में LPG सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें देखी गई हैं। कई उपभोक्ता समय से पहले ही सिलेंडर जमा करने की कोशिश कर रहे हैं। रत्नागिरी शहर की ‘शांतादुर्गा गैस एजेंसी’ समेत कई वितरण केंद्रों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ देखी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।   सरकार की अपील सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराहट में गैस सिलेंडर का अतिरिक्त भंडारण न करें। अधिकारियों का कहना है कि देश में घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0