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Gold jewellery displayed at a jewellery store as India plans a revamped Gold Monetisation Scheme with jeweller participation.
Gold Monetisation Scheme का नया प्लान: घरों में रखे सोने को इस्तेमाल में लाने की तैयारी, पहली बार जूलर्स को मिल सकती है बड़ी भूमिका

नई दिल्ली: भारतीय परिवारों के पास अनुमानित 30,000 टन से अधिक सोना मौजूद है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा वर्षों से घरों और लॉकरों में निष्क्रिय पड़ा है। अब इस सोने को आर्थिक गतिविधियों में लाने के लिए केंद्र सरकार Gold Monetisation Scheme (GMS) का नया संस्करण तैयार कर रही है। इस बार योजना में पहली बार जूलर्स (सर्राफा कारोबारियों) को भी महत्वपूर्ण भूमिका देने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य सोने के आयात पर निर्भरता कम करना, घरेलू गोल्ड संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और निष्क्रिय पड़े सोने को वित्तीय प्रणाली से जोड़ना है। अगस्त में आ सकता है नया वर्जन रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने हाल के दिनों में वरिष्ठ मंत्रियों, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), बैंकों और बुलियन इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं। इन चर्चाओं के बाद योजना को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, Gold Monetisation Scheme का नया संस्करण अगस्त 2026 में घोषित किया जा सकता है, ताकि त्योहारी सीजन से पहले इसे लागू किया जा सके। पहली बार जूलर्स को मिलेगी अहम जिम्मेदारी नई व्यवस्था के तहत जूलर्स केवल सोना बेचने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे कलेक्शन और एग्रीगेशन सेंटर की भूमिका निभा सकते हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार— ग्राहक अपना सोना जूलर्स के पास जमा कर सकेंगे। जूलर्स सोने की प्रारंभिक जांच और सत्यापन करेंगे। इसके बाद सोना अधिकृत रिफाइनर्स और बैंकों तक पहुंचाया जाएगा। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और ट्रेसेबिलिटी सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा। इसके बदले जूलर्स को सोने के संग्रह, परीक्षण, जमा प्रक्रिया और अन्य सेवाओं के लिए सर्विस या हैंडलिंग फीस मिलने की संभावना है। सरकार का फोकस आयात कम करने पर भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातक देशों में शामिल है। बढ़ती वैश्विक कीमतों और आयात शुल्क में वृद्धि का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है। मई 2026 में सोने का आयात घटकर करीब 12 अरब डॉलर रह गया। सरकार का मानना है कि यदि घरों में रखा निष्क्रिय सोना वित्तीय प्रणाली में आए, तो आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। 2015 में शुरू हुई थी योजना, लेकिन नहीं मिली सफलता सरकार ने पहली बार 2015 में Gold Monetisation Scheme शुरू की थी। इस योजना के तहत लोग अपना सोना बैंक में जमा कर ब्याज कमा सकते थे। हालांकि, यह योजना अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी। इंडस्ट्री के अनुसार, लगभग 11 वर्षों में केवल 39 टन सोना ही इस योजना के जरिए प्रणाली में आ सका। आखिर क्यों नहीं चली Gold Monetisation Scheme? विशेषज्ञों के मुताबिक योजना के सीमित प्रभाव के पीछे कई कारण रहे— भारतीय परिवारों का सोने से भावनात्मक जुड़ाव। आभूषण जमा कराने को लेकर भरोसे की कमी। ब्याज दरें अपेक्षाकृत कम होना। प्रक्रिया का जटिल और समय लेने वाला होना। मीडियम और लॉन्ग-टर्म डिपॉजिट विकल्प बंद होना। वर्तमान में योजना के तहत केवल एक से तीन वर्ष की शॉर्ट-टर्म बैंक डिपॉजिट सुविधा उपलब्ध है। क्या बदलेगी नई योजना की तस्वीर? सरकार को उम्मीद है कि यदि जूलर्स को इस प्रक्रिया में शामिल किया जाता है, तो लोगों का भरोसा बढ़ेगा और योजना तक पहुंच आसान होगी। इससे घरों में रखा निष्क्रिय सोना आर्थिक गतिविधियों में शामिल हो सकेगा, जिससे आयात पर दबाव कम करने और गोल्ड इकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Indian stock market opens higher as Sensex surges over 500 points, led by gains in Infosys and Adani Enterprises.
Share Market Opening: लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 500 अंक उछला, Infosys और Adani Enterprises में शानदार बढ़त

मुंबई: घरेलू शेयर बाजार ने लगातार दूसरे कारोबारी दिन मजबूत शुरुआत की। अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत से भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 500 अंक तक उछल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 24,150 अंक के करीब पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी शेयरों में देखने को मिली, जबकि व्यापक बाजार (Broader Market) में भी सकारात्मक माहौल बना रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत शुरुआत सुबह करीब 9:40 बजे तक— बीएसई सेंसेक्स 493.71 अंक यानी 0.64% की बढ़त के साथ 77,416.35 अंक पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 50 143.85 अंक यानी 0.60% चढ़कर 24,149.70 अंक पर पहुंच गया। वहीं, शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया भी मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। Infosys के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जिससे यह सेंसेक्स के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहा। इसके अलावा— HCL Technologies TCS Tech Mahindra के शेयरों में भी लगभग 2 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली। आईटी शेयरों में आई इस तेजी ने पूरे बाजार की धारणा को मजबूत किया। Adani Enterprises सहित कई दिग्गज शेयरों में बढ़त आईटी कंपनियों के अलावा Adani Enterprises सहित कई अन्य प्रमुख शेयरों में भी निवेशकों की अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। हालांकि, सभी शेयरों में तेजी नहीं रही। Bajaj Finance के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और यह सेंसेक्स में सबसे अधिक नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी दिखी मजबूती केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.3% मजबूत रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी लगभग 0.3% की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो— निफ्टी आईटी लगभग 3% चढ़ा। निफ्टी रियल्टी में करीब 1% की तेजी रही। निफ्टी मेटल इंडेक्स भी लगभग 1% मजबूत हुआ। एनएसई पर कारोबार के दौरान लगभग— 1,818 शेयरों में तेजी, 586 शेयरों में गिरावट, जबकि 99 शेयर बिना किसी बदलाव के कारोबार करते नजर आए। यह आंकड़े बाजार में व्यापक खरीदारी का संकेत देते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिला समर्थन विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी है। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 1.06 प्रतिशत गिरकर 70.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच कतर की राजधानी दोहा में जारी वार्ता से निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई है। दोनों देशों के प्रतिनिधि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से सामान्य रूप से संचालित करने और ईरान के फ्रीज किए गए फंड को जारी करने जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की संभावना बढ़ सकती है। निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यही कारक आगे बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
Investors tracking Advit Jewels IPO subscription data and strong grey market premium trends.
Advit Jewels IPO को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, खुलते ही 3 घंटे में 4 गुना से ज्यादा भरा, GMP से मजबूत लिस्टिंग के संकेत

नई दिल्ली: ज्वैलरी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Advit Jewels का आईपीओ 23 जून से निवेशकों के लिए खुल गया और पहले ही दिन इसे शानदार प्रतिक्रिया मिली। आईपीओ खुलने के शुरुआती तीन घंटों के भीतर ही रिटेल कैटेगरी में यह चार गुना से अधिक सब्सक्राइब हो गया, जिससे निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर उत्साह साफ नजर आ रहा है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए लगभग 165 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके तहत करीब 1.19 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। निवेशक इस आईपीओ में 25 जून तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि शेयरों की संभावित लिस्टिंग 1 जुलाई को हो सकती है। क्या है प्राइस बैंड और निवेश की शर्तें? Advit Jewels ने अपने आईपीओ का प्राइस बैंड 130 रुपये से 138 रुपये प्रति शेयर तय किया है। एक लॉट में 100 शेयर शामिल हैं। रिटेल निवेशक न्यूनतम एक लॉट और अधिकतम 14 लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं। क्या करती है Advit Jewels? जयपुर स्थित Advit Jewels अपने प्रसिद्ध 'Rambhajo' ब्रांड के तहत हाथ से तैयार की जाने वाली कुंदन, पोल्की, डायमंड और स्टडेड ज्वैलरी का निर्माण और सप्लाई करती है। कंपनी B2B मॉडल के तहत डीलर्स और रिटेलर्स को सेवाएं देने के साथ-साथ कस्टमाइज्ड ऑर्डर पर भी ज्वैलरी तैयार करती है। आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और अन्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। ग्रे मार्केट में मजबूत संकेत आईपीओ खुलने के साथ ही ग्रे मार्केट में भी Advit Jewels के शेयरों की मांग तेज दिखाई दी। दोपहर 12 बजे तक कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 65 रुपये पहुंच गया था। 138 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर यह लगभग 47 प्रतिशत प्रीमियम दर्शाता है। यदि ग्रे मार्केट का यह रुझान जारी रहता है, तो लिस्टिंग के समय निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि GMP केवल एक संकेतक होता है और वास्तविक लिस्टिंग प्रदर्शन बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। एक्सपर्ट्स की राय रिसर्च फर्म Equivision ने इस आईपीओ को 'सब्सक्राइब' रेटिंग दी है। फर्म के अनुसार कंपनी की मजबूत राजस्व वृद्धि, बढ़ती लाभप्रदता और संगठित ज्वैलरी बाजार में मजबूत उपस्थिति इसकी प्रमुख ताकत हैं। साथ ही टियर-1 और टियर-2 शहरों में विस्तार की रणनीति को भी सकारात्मक माना गया है।  

surbhi जून 23, 2026 0
Stock Market
Stock Market: हरे निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, निफ्टी 100.96 अंक चढ़कर 23,483.55 के  पार

नई दिल्ली, एजेंसियां। लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिली। आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 382.50 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,649.84 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 100.96 अंक चढ़कर 23,483.55 के स्तर पर पहुंच गया।   शुरुआती कमजोरी के बाद बाजार ने दिखाई मजबूती कारोबार के दौरान बाजार में शुरुआत में दबाव देखने को मिला और सेंसेक्स एक समय 73,815.12 तक फिसल गया था। हालांकि बाद में निवेशकों की खरीदारी लौटने से बाजार ने जोरदार वापसी की और दिन के अंत तक 1,000 अंकों से अधिक की रिकवरी दर्ज की। इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 508 अंक और निफ्टी 165 अंक गिरकर बंद हुए थे।   आईटी शेयर बने बाजार के हीरो मंगलवार की तेजी में आईटी सेक्टर की सबसे बड़ी भूमिका रही। बीएसई आईटी इंडेक्स 4.40 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। सबसे ज्यादा बढ़त टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में 6.53 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके अलावा इन्फोसिस 5.66 प्रतिशत, एचसीएल टेक 4.08 प्रतिशत और टेक महिंद्रा 1.76 प्रतिशत चढ़े। आईटी कंपनियों के अलावा अदाणी पोर्ट्स, टाइटन, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। वहीं एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड और आईसीआईसीआई बैंक जैसे शेयर दबाव में रहे।   वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी टेक कंपनियों के मजबूत नतीजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्लाउड तथा एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी में बढ़ते निवेश ने आईटी शेयरों को मजबूती दी है। इसके अलावा वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल और बड़े शेयरों के आकर्षक मूल्यांकन ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।   निवेशकों की नजर आगे किन कारकों पर? हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,911 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, लेकिन बाजार की मजबूती बरकरार रही। दूसरी ओर, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और एशियाई तथा यूरोपीय बाजारों में सकारात्मक रुख ने भी भारतीय बाजार को सहारा दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में विदेशी निवेश, वैश्विक आर्थिक संकेतक और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की दिशा शेयर बाजार की अगली चाल तय करेगी। \

Unknown जून 2, 2026 0
Stock Market
Stock Market: लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोमवार को बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की, लेकिन दिनभर के कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव बढ़ने से प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। इसके साथ ही बाजार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज करने में सफल रहा।   सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट कारोबार समाप्त होने पर BSE Sensex 508.40 अंक यानी 0.67 प्रतिशत गिरकर 74,267.34 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 165.16 अंक यानी 0.70 प्रतिशत टूटकर 23,382.60 पर पहुंच गया। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ी कमी दर्ज की गई। विदेशी मुद्रा बाजार में भी दबाव देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 12 पैसे कमजोर होकर 94.97 के स्तर पर बंद हुआ, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।   एचयूएल और श्रीराम फाइनेंस समेत कई शेयरों में कमजोरी दिन के कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। Hindustan Unilever Limited और Shriram Finance के शेयरों में करीब तीन प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। व्यापक बाजार की बात करें तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में सूचीबद्ध 2,201 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि केवल 1,151 शेयरों में बढ़त देखने को मिली। 99 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।   गिरावट के पीछे क्या हैं कारण? विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में जारी कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। दोनों देशों से जुड़े घटनाक्रमों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निवेशकों की धारणा प्रभावित हो रही है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। वैश्विक बॉन्ड यील्ड में वृद्धि और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ते रुझान के कारण विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पूंजी निकाल रहे हैं।   आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल? विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होता है और विदेशी निवेश की वापसी होती है, तो बाजार में फिर से स्थिरता देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों को सतर्कता बरतने और बाजार की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

Unknown जून 1, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 800 अंक चढ़ा; निफ्टी 24 हजार के करीब

मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के चलते निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत हुआ, जिसका असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 863 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 76,278 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 256 अंकों की बढ़त लेकर 23,975 के करीब कारोबार करता दिखा। कुछ समय बाद सेंसेक्स 900 अंक तक उछल गया, जबकि निफ्टी भी 24 हजार के करीब पहुंच गया।   ऑटो और बैंकिंग सेक्टर में खरीदारी बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, लार्सन एंड टुब्रो और इंटरग्लोब एविएशन जैसे शेयरों में मजबूत तेजी दर्ज की गई। वहीं टीसीएस और सन फार्मा के शेयरों में हल्की कमजोरी देखने को मिली।   कच्चे तेल में गिरावट बनी बड़ी वजह विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट है। ब्रेंट क्रूड करीब 5.5 प्रतिशत टूटकर 97 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। हाल के दिनों में यह 100-105 डॉलर के स्तर पर बना हुआ था। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों से तेल बाजार में नरमी आई है।   विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल के दाम घटने से भारत को बड़ा फायदा हो सकता है। इससे महंगाई का दबाव कम होगा, आयात लागत घटेगी और कंपनियों के मुनाफे में सुधार होगा।   वैश्विक बाजारों का भी मिला समर्थन एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। जापान का निक्केई इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया और चीन के बाजार भी बढ़त में रहे। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिका-ईरान वार्ता सफल रहती है और कच्चे तेल की कीमतें नीचे बनी रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में आगे भी तेजी जारी रह सकती है।

Unknown मई 25, 2026 0
Stock market
Stock market: तेजी के साथ शुरू हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान पर खुले। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी और अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को मजबूती दी।   सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा चढ़ा शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 450 अंकों से अधिक उछलकर 75,850 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी भी बढ़त के साथ 23,750 के पार कारोबार करता नजर आया। निवेशकों की मजबूत खरीदारी से बाजार में उत्साह का माहौल रहा।   आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी सेंसेक्स में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, टाइटन, बजाज फाइनेंस और मारुति सुजुकी के शेयर भी बढ़त में रहे। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में गिरावट देखी गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा, ट्रेंट और एशियन पेंट्स भी नुकसान में कारोबार करते नजर आए।   ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये की बढ़ोतरी का असर भी बाजार पर दिखाई दिया। चार साल बाद हुई इस बढ़ोतरी के चलते तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ाकर मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।   वैश्विक बाजारों से मिला समर्थन अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को करीब एक फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर पड़ा। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी ने भी बाजार की तेजी को समर्थन दिया।

Unknown मई 15, 2026 0
Stock market investors tracking Sensex and Nifty gains amid rising crude oil prices and weak rupee
Stock Market Update: रुपये में गिरावट और महंगे कच्चे तेल के बीच भी शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 400 अंक उछला

घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। रुपये में कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और एशियाई बाजारों में गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। सुबह के कारोबार में BSE Sensex 400 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि NIFTY 50 में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। बाजार का हाल सुबह 10 बजे तक: सेंसेक्स 348.65 अंक यानी 0.46% बढ़कर 75,747.37 पर पहुंच गया निफ्टी 102.70 अंक यानी 0.43% चढ़कर 23,792.30 पर ट्रेड करता दिखा पिछले सत्र में भी बाजार में मजबूत तेजी दर्ज की गई थी। किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी? सेंसेक्स में सबसे ज्यादा तेजी इन कंपनियों के शेयरों में देखी गई: Adani Ports and Special Economic Zone Infosys Tata Consultancy Services Power Grid Corporation of India HCL Technologies Tech Mahindra Maruti Suzuki India आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। किन शेयरों में आई गिरावट? दूसरी ओर कुछ दिग्गज कंपनियों के शेयर दबाव में रहे: State Bank of India Asian Paints UltraTech Cement Reliance Industries इनमें करीब 2% तक की गिरावट दर्ज की गई। रुपया फिर कमजोर भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले शुरुआती कारोबार में 29 पैसे टूटकर 95.93 तक पहुंच गया। कमजोर रुपये का असर आमतौर पर आयात लागत और विदेशी निवेश धारणा पर पड़ता है। कच्चे तेल में फिर तेजी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी जारी रही। ब्रेंट क्रूड: 107 डॉलर प्रति बैरल तेजी: 1.22% कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय मानी जाती हैं। विदेशी निवेशकों का रुख बदला विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को: 187 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे यह लगातार सात दिनों की बिकवाली के बाद पहली खरीदारी रही, जिसने बाजार सेंटीमेंट को मजबूत किया। एशियाई बाजारों में दबाव एशियाई बाजारों में गिरावट का माहौल रहा: दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3% से ज्यादा टूटा जापान का निक्केई 1% से ज्यादा गिरा हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग भी लाल निशान में रहा चीन का शंघाई कंपोजिट हल्की बढ़त में दिखा इसके विपरीत अमेरिकी और यूरोपीय बाजार पिछले कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे।  

surbhi मई 15, 2026 0
Taxpayer filing Income Tax Return online as ITR-1 and ITR-4 utilities go live for AY 2026-27
ITR Filing 2026 शुरू: आयकर विभाग ने ITR-1 और ITR-4 यूटिलिटीज किए लाइव, अब भर सकेंगे टैक्स रिटर्न

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शुरू हुई आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया Income Tax Department ने वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने ITR-1 और ITR-4 फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटीज और ऑनलाइन फाइलिंग सुविधा को ई-फाइलिंग पोर्टल पर लाइव कर दिया है। इसका मतलब है कि अब योग्य करदाता अपना Income Tax Return (ITR) दाखिल कर सकते हैं। आयकर विभाग ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी आयकर विभाग ने 15 मई 2026 की सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी साझा की। विभाग ने बताया कि: AY 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-4 की एक्सेल यूटिलिटी उपलब्ध है ऑनलाइन फाइलिंग सुविधा भी शुरू कर दी गई है करदाता अब पोर्टल पर जाकर अपना रिटर्न भर सकते हैं क्या है ITR-1 और ITR-4? ITR-1 (सहज) ITR-1 Sahaj मुख्य रूप से वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए होता है। जिनकी आय: सैलरी या पेंशन से हो एक मकान से आय हो अन्य स्रोतों से सीमित आय हो वे इस फॉर्म का उपयोग कर सकते हैं। ITR-4 ITR-4 छोटे व्यापारियों और प्रोफेशनल्स के लिए होता है, जो presumptive taxation scheme के तहत टैक्स भरते हैं। विशेषज्ञों ने क्या कहा? टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, विभाग ने कुछ समय पहले इन फॉर्म्स को नोटिफाई किया था और अब उनकी यूटिलिटीज भी जारी कर दी गई हैं। इससे टैक्सपेयर्स समय रहते अपना रिटर्न भर सकेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि जल्दी रिटर्न फाइल करने से: रिफंड जल्दी मिलने की संभावना रहती है अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचा जा सकता है टैक्स प्लानिंग आसान होती है कब तक भरना होगा ITR? आयकर नियमों के अनुसार: ITR दाखिल करने की सामान्य अंतिम तिथि: 31 जुलाई 2026 हालांकि, सरकार जरूरत पड़ने पर तारीख बढ़ा भी सकती है। क्या होता है Income Tax Return (ITR)? Income Tax Return एक आधिकारिक दस्तावेज होता है, जिसके जरिए करदाता अपनी: कुल आय टैक्स देनदारी निवेश कटौतियां की जानकारी आयकर विभाग को देते हैं। भारत में अलग-अलग श्रेणी के टैक्सपेयर्स के लिए ITR-1 से ITR-7 तक कुल सात प्रकार के फॉर्म उपलब्ध हैं। ऑनलाइन कैसे करें ITR फाइल? करदाता: आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं संबंधित ITR फॉर्म चुनें जानकारी भरें दस्तावेज अपलोड करें रिटर्न सबमिट कर ई-वेरिफाई करें

surbhi मई 15, 2026 0
Stock market chart showing upward trend for Eternal shares after ICICI Direct buy rating
ICICI Direct की ‘Buy’ रेटिंग: Eternal के शेयर पर भरोसा, ₹360 का टारगेट तय

ब्रोकरेज फर्म ICICI Direct ने Eternal के शेयर पर भरोसा जताते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹360 तय किया है। 29 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में फर्म ने कंपनी के ग्रोथ आउटलुक को मजबूत बताया है। Quick Commerce में शानदार ग्रोथ रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का क्विक कॉमर्स (QC) सेगमेंट उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। ग्रोथ और मार्जिन दोनों ने अनुमान को पीछे छोड़ा Q1 FY27 के लिए आउटलुक और बेहतर रहने की संभावना मिड-मई 2026 से बढ़ती महंगाई के बीच डिमांड और तेज हो सकती है कंपनी मैनेजमेंट ने मिड-टर्म में QC सेगमेंट के लिए करीब 60% CAGR ग्रोथ का अनुमान जताया है। EBITDA में बड़ी छलांग की उम्मीद ICICI Direct का मानना है कि कंपनी का कंसोलिडेटेड एडजस्टेड EBITDA FY29 तक 1 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इसके पीछे तीन प्रमुख कारण बताए गए हैं: प्रोडक्ट असॉर्टमेंट में सुधार टॉप-8 शहरों से आगे विस्तार नए शहरों में बढ़ती डिमांड Food Delivery सेगमेंट भी मजबूत फूड डिलीवरी (FD) बिजनेस में भी तेजी बनी हुई है। कम न्यूनतम ऑर्डर वैल्यू और ऑफर्स से डिमांड बढ़ी EBITDA मार्जिन में QoQ 10 बेसिस पॉइंट का सुधार Q4 FY26 में पहली बार QC ने MTU (Monthly Transacting Users) के मामले में FD को पीछे छोड़ा ‘Going Out’ सेगमेंट में भी सुधार कंपनी का ‘Going Out’ बिजनेस भी लगातार बेहतर हो रहा है, जहां सीजनल चुनौतियों के बावजूद मार्जिन में बढ़ोतरी देखी गई है। DCF मॉडल के आधार पर टारगेट ब्रोकरेज ने तीन-स्टेज DCF (Discounted Cash Flow) मॉडल के आधार पर ₹360 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है और निवेशकों को इस स्टॉक में खरीदारी की सलाह दी है। यह रिपोर्ट बताती है कि Eternal का बिजनेस मॉडल तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले समय में इसमें मजबूत ग्रोथ की संभावना बनी हुई है। हालांकि, निवेश से पहले जोखिम और बाजार की स्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।  

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Person making secure UPI payment on smartphone with warning icons about online fraud risks
Digital Payment Alert: बढ़ते डिजिटल ट्रांजेक्शन के बीच ठगी से बचने के लिए NPCI की 5 जरूरी सलाह

भारत में डिजिटल भुगतान का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में जहां करीब 23,834 करोड़ डिजिटल ट्रांजेक्शन हुए थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या 28,000 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन फ्रॉड के मामले भी बढ़े हैं। ऐसे में National Payments Corporation of India (NPCI) ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के लिए 5 अहम सुझाव दिए हैं। 1. पेमेंट से पहले नाम जरूर जांचें किसी भी भुगतान से पहले स्क्रीन पर दिख रहे नाम को ध्यान से देखें। सुनिश्चित करें कि पैसा सही व्यक्ति या व्यापारी को ही जा रहा है। कुछ सेकंड की सावधानी आपको बड़ी गलती से बचा सकती है। 2. भरोसेमंद ऐप और वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें हमेशा विश्वसनीय पेमेंट ऐप या आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने या संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचें, क्योंकि यही फ्रॉड का सबसे बड़ा जरिया बनते हैं। 3. PIN और OTP कभी साझा न करें आपका UPI PIN, OTP और बैंक डिटेल पूरी तरह गोपनीय होती हैं। कोई भी व्यक्ति–चाहे वह खुद को बैंक या सरकारी अधिकारी बताए–इन जानकारियों को मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और जानकारी साझा न करें। 4. जल्दबाजी में निर्णय न लें अगर कोई आपसे तुरंत पैसे भेजने या जानकारी देने का दबाव बनाता है, तो सावधान रहें। ऐसे मामलों में समय लें, जानकारी की जांच करें और जरूरत पड़े तो संबंधित व्यक्ति या संस्था से खुद संपर्क करें। 5. ट्रांजेक्शन अलर्ट पर रखें नजर अपने बैंक खाते में SMS और ऐप नोटिफिकेशन को एक्टिव रखें। हर लेनदेन की जानकारी तुरंत मिलने से आप किसी भी संदिग्ध गतिविधि को जल्दी पकड़ सकते हैं और तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं। डिजिटल पेमेंट जितना सुविधाजनक है, उतना ही सतर्क रहने की भी जरूरत है। थोड़ी सी जागरूकता और सावधानी से आप ऑनलाइन ठगी से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।  

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Bandhan Bank stock chart rising sharply with green arrows showing strong gains after earnings
Bandhan Bank Share: मुनाफे और डिविडेंड के दम पर शेयर में जोरदार उछाल, एक महीने में 40% से ज्यादा की तेजी

शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जहां Bandhan Bank निवेशकों के लिए चर्चा का केंद्र बन गया। बैंक के मजबूत तिमाही नतीजों और डिविडेंड के ऐलान के बाद इसके शेयर में तेज उछाल आया और यह 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गया। एक दिन में 12% से ज्यादा की छलांग मंगलवार को 178.30 रुपये पर बंद हुआ बंधन बैंक का शेयर बुधवार को तेजी के साथ खुला और कुछ ही घंटों में 200 रुपये के पार निकल गया। दोपहर तक यह करीब 13% की तेजी के साथ 201.60 रुपये पर कारोबार करता दिखा, जबकि इंट्रा-डे में 201.80 रुपये का नया 52-वीक हाई भी बनाया। एक महीने में 40% से ज्यादा रिटर्न इस शेयर ने हाल के दिनों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। एक महीने पहले कीमत: 141.35 रुपये मौजूदा कीमत: लगभग 201.60 रुपये कुल उछाल: करीब 43% अगर किसी निवेशक ने एक महीने पहले 1 लाख रुपये लगाए होते, तो उसकी वैल्यू आज लगभग 1.43 लाख रुपये हो चुकी होती। तिमाही नतीजों ने भरी रफ्तार बंधन बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया: शुद्ध मुनाफा: 68% बढ़कर 534 करोड़ रुपये नेट इंटरेस्ट इनकम (NII): 1.4% बढ़कर 2,795.4 करोड़ रुपये इन मजबूत आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और शेयर में तेजी को गति दी। डिविडेंड का ऐलान भी बना वजह बैंक ने 10 रुपये के फेस वैल्यू वाले शेयर पर 1.50 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया है, जिसने निवेशकों के लिए इस स्टॉक को और आकर्षक बना दिया। लॉन्ग टर्म में प्रदर्शन मिला-जुला हालांकि शॉर्ट टर्म में यह शेयर शानदार प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन लंबी अवधि में रिटर्न उतने मजबूत नहीं रहे: 6 महीने: 17% की बढ़त 1 साल: करीब 20% रिटर्न 5 साल: लगभग 40% गिरावट यह तेजी इस बात का संकेत है कि मजबूत फंडामेंटल्स और निवेशकों का भरोसा किसी भी स्टॉक को तेजी से ऊपर ले जा सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म निवेश से पहले पूरी जांच जरूरी है।  

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Yes Bank logo with stock market chart showing performance after Q4 results and ICICI Securities rating
Yes Bank पर ICICI Securities की ‘Hold’ सलाह, ₹21 का टारगेट–Q4 रिजल्ट मजबूत, लेकिन आगे सतर्क रहने की जरूरत

ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने Yes Bank के शेयर पर ‘Hold’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹21 का टारगेट प्राइस तय किया है। 19 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में ब्रोकरेज ने बैंक के ताजा नतीजों को मजबूत बताया, लेकिन भविष्य के जोखिमों को देखते हुए निवेशकों को फिलहाल होल्ड करने की सलाह दी है। Q4FY26 में दमदार प्रदर्शन Yes Bank ने चौथी तिमाही (Q4FY26) में बेहतर प्रदर्शन किया है। बैंक का शुद्ध मुनाफा (PAT) ₹10.7 अरब रहा, जो साल-दर-साल 45% की वृद्धि दर्शाता है। यह आंकड़ा अनुमान के अनुरूप रहा, लेकिन ₹3.4 अरब के कंटिजेंट प्रावधान को समायोजित करने पर प्रदर्शन और मजबूत नजर आता है। बैंक की नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और CASA (Current Account Savings Account) में भी सुधार देखा गया है, जो बैंक की कोर ऑपरेटिंग मजबूती को दर्शाता है। एसेट क्वालिटी में सुधार, लेकिन जोखिम बरकरार रिपोर्ट के अनुसार, रिटेल स्लिपेज और SMA (Special Mention Accounts) में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी यह स्तर लगभग 2.8% पर बना हुआ है, जो चिंता का विषय बना हुआ है। बैंक का RoA (Return on Assets) Q4 में 1% तक पहुंच गया, जबकि पूरे FY26 में यह 0.8% रहा। आगे चलकर FY27 में RoA के 1% के आसपास रहने का अनुमान है। NIM में बढ़त, RIDF का दबाव घटा Yes Bank ने सेक्टर में NIM पर दबाव के बावजूद बेहतर प्रदर्शन किया है। इसका एक बड़ा कारण RIDF (Rural Infrastructure Development Fund) का घटता प्रभाव है, जो अब कुल एसेट का करीब 6% रह गया है और FY27 तक 5% से नीचे आने की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि FY27-28 में NIM में और सुधार हो सकता है, हालांकि बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च (opex) और SR (Security Receipts) रिकवरी में कमी इसका असर कम कर सकती है। कैपिटल पोजिशन मजबूत बैंक का CET-1 रेशियो 13.8% पर है, जो एक संतुलित और सुरक्षित पूंजी स्थिति को दर्शाता है। क्यों दी ‘Hold’ की सलाह? हालांकि बैंक के फंडामेंटल्स में सुधार दिख रहा है, लेकिन ICICI Securities ने टारगेट प्राइस को ₹24 से घटाकर ₹21 कर दिया है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं: कोर प्रॉफिटेबिलिटी (PPOP) में और सुधार की जरूरत क्रेडिट कॉस्ट पर अनिश्चितता SR रिकवरी में संभावित गिरावट इसलिए ब्रोकरेज ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे अभी स्टॉक को होल्ड रखें और आगे के प्रदर्शन पर नजर बनाए रखें।  

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
Person planning finances with documents, calculator, tax forms before March 31 deadline
1 अप्रैल 2026 से बदलेंगे वित्तीय नियम: PPF, NPS और टैक्स सेविंग से जुड़े काम 31 मार्च तक निपटाना जरूरी

नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल 2026 से कई अहम नियम लागू होने जा रहे हैं। ऐसे में अगर आपने समय रहते अपने निवेश और टैक्स से जुड़े जरूरी काम पूरे नहीं किए, तो आपको न सिर्फ आर्थिक नुकसान हो सकता है, बल्कि जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। आइए जानते हैं वे 5 जरूरी काम, जिन्हें 31 मार्च से पहले पूरा करना बेहद जरूरी है। PPF और सुकन्या समृद्धि में न्यूनतम निवेश अगर आपका खाता Public Provident Fund (PPF) या सुकन्या समृद्धि योजना में है, तो हर साल न्यूनतम राशि जमा करना जरूरी है। PPF: कम से कम ₹500 सुकन्या समृद्धि योजना: ₹250 अगर यह जमा नहीं किया गया, तो खाता डिफॉल्ट हो सकता है और उसे दोबारा चालू करने के लिए पेनल्टी देनी पड़ेगी। NPS में योगदान पूरा करें National Pension System (NPS) में निवेश करने वालों के लिए 31 मार्च आखिरी मौका है। टियर-1 अकाउंट एक्टिव रखने के लिए ₹1,000 का न्यूनतम निवेश जरूरी सेक्शन 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 तक अतिरिक्त टैक्स छूट समय सीमा चूकने पर टैक्स बचत का फायदा नहीं मिलेगा। PAN-Aadhaar लिंक और KYC अपडेट सरकार ने PAN और Aadhaar लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। अगर आपका KYC अपडेट नहीं है: बैंक ट्रांजेक्शन रुक सकते हैं डीमैट अकाउंट फ्रीज हो सकता है इसलिए 31 मार्च से पहले ये काम जरूर पूरा करें। टैक्स सेविंग निवेश (Section 80C) पुरानी टैक्स व्यवस्था अपनाने वालों के लिए 31 मार्च आखिरी मौका है। ₹1.5 लाख तक की छूट निवेश विकल्प: LIC, ELSS, FD, ट्यूशन फीस इसके अलावा, सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी टैक्स बचत का लाभ उठाया जा सकता है। होम लोन प्री-पेमेंट का मौका होम लोन लेने वालों के लिए मार्च का महीना बेहद अहम होता है। सेक्शन 80C: प्रिंसिपल पर छूट सेक्शन 24(b): ब्याज पर छूट अगर आप अतिरिक्त प्री-पेमेंट करते हैं, तो ब्याज का बोझ घटेगा और टैक्स में भी राहत मिलेगी। निष्कर्ष 31 मार्च 2026 आपके लिए सिर्फ तारीख नहीं, बल्कि वित्तीय प्लानिंग का आखिरी मौका है। समय पर ये काम पूरे कर आप न सिर्फ टैक्स बचा सकते हैं, बल्कि भविष्य की आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं।  

surbhi मार्च 30, 2026 0
Kaizad Bharucha, senior HDFC Bank executive, during corporate meeting amid leadership transition discussion
HDFC बैंक का नया संकटमोचक: कौन हैं कैजाद भरूचा जिन पर बैंक जता रहा सबसे ज्यादा भरोसा?

देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में से एक HDFC Bank इन दिनों नेतृत्व से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर चर्चा में है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के बाद कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस बीच, बैंक ने केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन की जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि, इन सभी घटनाओं के बीच सबसे ज्यादा चर्चा बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा को लेकर हो रही है, जिन्हें अब संगठन में और बड़ी भूमिका मिलने के संकेत दिए गए हैं। तीन दशक का अनुभव, गहरी पकड़ कैजाद भरूचा का HDFC बैंक के साथ जुड़ाव करीब 30 साल पुराना है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1986 में SBI कमर्शियल एंड इंटरनेशनल बैंक से की थी और 1995 में HDFC बैंक से जुड़े। तब से लेकर आज तक उन्होंने बैंक के भीतर कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। फिलहाल भरूचा बैंक के एसेट बिजनेस को संभाल रहे हैं, जिसमें लोन और अन्य क्रेडिट गतिविधियां शामिल हैं। बोर्ड और मैनेजमेंट दोनों स्तरों पर उनकी मजबूत पकड़ और अनुभव उन्हें बैंक के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में शामिल करता है। RBI की मंजूरी, तीन साल का कार्यकाल जनवरी 2026 में Reserve Bank of India (RBI) ने कैजाद भरूचा की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी थी। अप्रैल 2026 से वे अगले तीन वर्षों तक पूर्णकालिक निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। यह कदम बैंक के नेतृत्व में स्थिरता लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। लगातार बढ़ता कद पिछले एक दशक में कैजाद भरूचा का कद लगातार बढ़ा है। 2014 में उन्हें एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया   होलसेल और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग की जिम्मेदारी दी गई   2023 में उन्हें डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर (DMD) बनाया गया   यह पद पिछले पांच वर्षों से खाली था, जिसे भरूचा को सौंपना बैंक के भीतर उनके बढ़ते प्रभाव का संकेत माना गया। DMD बनने के बाद उन्हें रिटेल बैंकिंग की जिम्मेदारी भी दी गई, जिससे उनका दायरा और व्यापक हो गया। संकट के दौर में भरोसे का चेहरा बैंक के शीर्ष स्तर पर हुए बदलावों के बीच, केकी मिस्त्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा की जा रही है और कैजाद भरूचा को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि वे इस चुनौतीपूर्ण दौर में बैंक के लिए “संकटमोचक” की भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0