Healthy Lifestyle

Healthy early dinner setup with vegetables and balanced meal supporting better metabolic and circadian health
बेहतर मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए रात का खाना कब खाना चाहिए? विशेषज्ञ ने बताया सही समय

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर देर रात खाना खाते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि डिनर का समय हमारी मेटाबॉलिक हेल्थ, नींद और लंबी उम्र पर बड़ा असर डाल सकता है। हाल ही में longevity और regenerative medicine विशेषज्ञ Dr Saranya Wyles ने बताया कि शाम को जल्दी खाना खाना शरीर की प्राकृतिक circadian rhythm के साथ बेहतर तालमेल बनाता है और इससे overall health को फायदा मिल सकता है। शाम 6 बजे से पहले डिनर को माना बेहतर Mayo Clinic में cellular ageing और regenerative medicine विशेषज्ञ डॉ. सारन्या वायल्स का कहना है कि वह अपने परिवार के साथ नियमित समय पर डिनर करने को प्राथमिकता देती हैं। उनके अनुसार, आदर्श रूप से शाम का खाना 6 बजे से पहले खा लेना चाहिए। वहीं रविवार को उनके घर में डिनर का समय और जल्दी, यानी करीब 4:30 बजे रखा जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जल्दी खाना खाने से शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी यानी circadian rhythm सही तरीके से काम करती है, जिससे digestion और metabolic health बेहतर बनी रहती है। क्या है Circadian Rhythm? Circadian rhythm शरीर की 24 घंटे चलने वाली जैविक प्रक्रिया है, जो सूरज की रोशनी और दिन-रात के चक्र से प्रभावित होती है। यही प्रक्रिया तय करती है कि शरीर में कौन-से हार्मोन कब रिलीज होंगे, नींद कैसी होगी और ऊर्जा का स्तर कैसा रहेगा। Nutritionist और hormone विशेषज्ञ Hannah Alderson के अनुसार cortisol hormone, जिसे stress hormone भी कहा जाता है, सुबह सबसे अधिक सक्रिय होता है और दिनभर धीरे-धीरे कम होता जाता है। ऐसे में देर रात भारी भोजन करना शरीर को भ्रमित कर सकता है, क्योंकि उस समय शरीर आराम की तैयारी कर रहा होता है, न कि digestion की। देर रात खाना क्यों हो सकता है नुकसानदायक? विशेषज्ञों के मुताबिक: देर रात भारी भोजन करने से digestion प्रभावित हो सकता है नींद की गुणवत्ता खराब हो सकती है इंसुलिन sensitivity कम हो सकती है शरीर का metabolic balance बिगड़ सकता है हालांकि बहुत ज्यादा भूखे पेट सोना भी नींद को प्रभावित कर सकता है, इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी माना जाता है। हेल्दी डिनर के लिए अपनाती हैं ‘Modular Dinner’ तरीका डॉ. सारन्या वायल्स ने अपने व्यस्त शेड्यूल में healthy eating बनाए रखने के लिए “Modular Dinner” strategy अपनाई हुई है। इसका मतलब है कि सप्ताहांत में खाने की बेसिक तैयारी कर ली जाए और फिर सप्ताह के दिनों में कुछ ही मिनटों में भोजन तैयार किया जा सके। इसके तहत वह पहले से तैयार रखती हैं: कटे हुए गाजर, खीरा, टमाटर और सेलरी स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी जैसे फल चिकन या टोफू जैसे प्रोटीन स्रोत क्विनोआ जैसे whole grains उनका कहना है कि slow cooker का इस्तेमाल समय बचाने में काफी मदद करता है। रंग-बिरंगे भोजन को देती हैं प्राथमिकता एक dermatologist और longevity expert होने के नाते डॉ. वायल्स खाने में रंगों की विविधता को बेहद महत्वपूर्ण मानती हैं। उनके अनुसार अलग-अलग रंगों वाली सब्जियां और फल शरीर को phytonutrients प्रदान करते हैं, जो कोशिकाओं की सुरक्षा में मदद करते हैं। वह खास तौर पर इन खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करने की सलाह देती हैं: बैंगनी शकरकंद ब्रोकली कद्दू हरी पत्तेदार सब्जियां Gut Health पर भी ध्यान जरूरी विशेषज्ञों के अनुसार अच्छी metabolic health के लिए gut health भी महत्वपूर्ण है। इसके लिए डॉ. वायल्स प्रोबायोटिक और fermented foods को डाइट में शामिल करती हैं, जैसे: दही Kimchi Sauerkraut इसके अलावा Omega-3 से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे: Salmon Sardines Avocado और olive oil, turmeric, salt और pepper जैसे मसालों और healthy dressings को भी वह जरूरी मानती हैं। क्या कहती है यह रिसर्च? विशेषज्ञों का निष्कर्ष है कि लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक सख्त नियमों से ज्यादा जरूरी है consistency यानी नियमितता। समय पर भोजन करना, संतुलित डाइट लेना और शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी के अनुसार जीवनशैली अपनाना metabolic health को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।  

surbhi मई 18, 2026 0
Watermelon vs Melon
गर्मी में तरबूज या खरबूज? जानें कौन सा फल रखेगा शरीर को ज्यादा हाइड्रेट

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों के मौसम में शरीर में पानी की कमी होना आम समस्या है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में तरबूज और खरबूजा दोनों ही शरीर को ठंडक और ऊर्जा देने वाले बेहतरीन फल माने जाते हैं। हालांकि, दोनों के पोषण और गुणों में बड़ा अंतर होता है।   तरबूज: शरीर को जल्दी ठंडक और पानी तरबूज को गर्मियों का “हाइड्रेशन किंग” कहा जाता है। इसमें लगभग 91 प्रतिशत पानी होता है, जो शरीर को तेजी से हाइड्रेट करने में मदद करता है। 100 ग्राम तरबूज में करीब 30 कैलोरी होती है, इसलिए यह हल्का और ताजगी देने वाला फल माना जाता है।   तरबूज में लाइकोपीन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें एल-सिट्रुलिन तत्व भी मौजूद होता है, जो एक्सरसाइज के बाद मांसपेशियों के दर्द को कम करने में सहायक माना जाता है। गर्मी, लू और शरीर में पानी की कमी से बचाव के लिए तरबूज बेहद लाभकारी है।   खरबूजा: पोषण और इम्यूनिटी का खजाना खरबूजे में पानी की मात्रा तरबूज से थोड़ी कम होती है, लेकिन इसमें पोषक तत्व ज्यादा पाए जाते हैं। 100 ग्राम खरबूजे में करीब 34 कैलोरी होती है। इसमें विटामिन A, विटामिन C, पोटैशियम और फाइबर भरपूर मात्रा में मिलते हैं। खरबूजा आंखों की रोशनी, त्वचा और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करता है। इसका फाइबर पाचन सुधारने और कब्ज से राहत दिलाने में भी फायदेमंद माना जाता है।   कौन है बेहतर विकल्प? अगर आपका लक्ष्य शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना है, तो तरबूज बेहतर विकल्प है। वहीं बेहतर पोषण, पाचन और इम्यूनिटी के लिए खरबूजा ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। दोनों फलों को संतुलित मात्रा में खाने से गर्मियों में शरीर स्वस्थ और तरोताजा बना रह सकता है।

Anjali Kumari मई 16, 2026 0
Person returning home in summer heat avoiding cold water and AC for better health
गर्मियों में घर लौटते ही करते हैं ये 5 गलतियां? सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर

तेज गर्मी के बाद छोटी गलतियां बन सकती हैं बड़ी परेशानी गर्मियों में बाहर से घर लौटने के बाद लोग अक्सर राहत पाने के लिए कुछ ऐसी आदतें अपना लेते हैं जो बाद में सेहत पर भारी पड़ सकती हैं। तेज धूप, पसीना और गर्म हवाओं के बीच शरीर पहले से ही थका और गर्म होता है। ऐसे में अचानक की गई कुछ गलतियां सर्दी-जुकाम, पेट दर्द, कमजोरी और स्किन प्रॉब्लम्स का कारण बन सकती हैं। अगर आप भी गर्मी में खुद को फिट और हेल्दी रखना चाहते हैं, तो इन 5 गलतियों से बचना बेहद जरूरी है। 1. बाहर से आते ही ठंडा पानी पीना धूप से लौटने के बाद शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है। ऐसे में तुरंत फ्रिज का बर्फीला पानी पीना नुकसान पहुंचा सकता है। इससे गले में खराश, खांसी और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बेहतर होगा कि घर आने के बाद 10-15 मिनट आराम करें और फिर सामान्य तापमान का पानी पिएं। 2. तुरंत AC या कूलर के सामने बैठ जाना गर्मी से राहत पाने के लिए कई लोग घर आते ही सीधे एसी या कूलर के सामने बैठ जाते हैं। लेकिन शरीर के गर्म होने पर अचानक ठंडी हवा लगने से तापमान तेजी से बदलता है। इस वजह से सिरदर्द, बदन दर्द और सर्दी-जुकाम जैसी परेशानी हो सकती है। पहले कुछ देर सामान्य तापमान में रहें, फिर धीरे-धीरे ठंडी जगह पर जाएं। 3. पसीने में तुरंत नहाना बहुत ज्यादा पसीने में भीगने के तुरंत बाद ठंडे पानी से नहाना शरीर के लिए नुकसानदायक माना जाता है। ऐसा करने से नसों पर असर पड़ सकता है और कमजोरी या चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है। पहले शरीर को सामान्य होने दें और पसीना सूखने के बाद ही नहाएं। 4. तुरंत भारी या तला-भुना खाना खाना धूप और गर्मी से लौटने के बाद शरीर पहले से ही थका होता है। ऐसे समय में भारी, मसालेदार या तला-भुना खाना खाने से पाचन खराब हो सकता है। इससे गैस, अपच और आलस महसूस हो सकता है। बेहतर होगा कि पहले नींबू पानी, छाछ या हल्के फल लें और कुछ देर बाद भोजन करें। 5. पसीने वाले कपड़ों में ज्यादा देर रहना गर्मी में भीगे हुए कपड़ों में लंबे समय तक रहने से स्किन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इससे खुजली, लाल दाने और फंगल इंफेक्शन होने का खतरा रहता है। बाहर से घर लौटते ही सूखे और साफ कपड़े पहन लेना चाहिए। गर्मियों में इन बातों का रखें खास ध्यान गर्मी के मौसम में शरीर को अचानक ठंडक देने की बजाय धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लाना ज्यादा जरूरी होता है। सही आदतें अपनाकर आप खुद को बीमारियों से बचा सकते हैं और पूरे मौसम में स्वस्थ रह सकते हैं।  

surbhi मई 14, 2026 0
drink water tips
क्या आप भी खड़े होकर पीते हैं पानी? आज ही बदलें तरीका

नई दिल्ली, एजेंसियां। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर जल्दबाजी में खड़े होकर पानी पी लेते हैं। हालांकि यह आदत सामान्य लगती है, लेकिन कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ और पारंपरिक मान्यताएं इसे शरीर के लिए नुकसानदायक मानती हैं। माना जाता है कि पानी पीने का तरीका भी हमारी सेहत पर गहरा असर डालता है।   पाचन तंत्र पर पड़ सकता है असर खड़े होकर पानी पीने से पानी तेजी से पेट तक पहुंचता है, जिससे पाचन तंत्र को उसे सही तरीके से प्रोसेस करने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इससे गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं आराम से बैठकर धीरे-धीरे पानी पीने से शरीर पानी को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है।   जोड़ों में दर्द और कमजोरी की आशंका बुजुर्गों के अनुसार लंबे समय तक खड़े होकर पानी पीने की आदत जोड़ों पर असर डाल सकती है। इससे घुटनों में दर्द, जोड़ों में अकड़न और कमजोरी की समस्या बढ़ सकती है। हालांकि इसका वैज्ञानिक प्रमाण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, फिर भी सही आदत अपनाना बेहतर माना जाता है।   किडनी और हाइड्रेशन पर प्रभाव मान्यताओं के अनुसार तेजी से पानी पीने पर किडनी पानी को ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती। इससे शरीर को पर्याप्त हाइड्रेशन नहीं मिल पाता और थकान, कमजोरी व ड्राईनेस जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं।   हार्ट और लंग्स पर भी पड़ सकता है असर कुछ लोगों को खड़े होकर पानी पीने पर सीने में भारीपन या बेचैनी महसूस हो सकती है। माना जाता है कि तेजी से पानी शरीर में जाने से ऑक्सीजन और तरल पदार्थों का संतुलन थोड़ी देर के लिए प्रभावित हो सकता है।   क्या है पानी पीने का सही तरीका? विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा शांत होकर बैठकर पानी पीना चाहिए। पानी को छोटे-छोटे घूंट में पीना बेहतर माना जाता है। बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से भी बचना चाहिए और भोजन के तुरंत बाद पानी पीने के बजाय कुछ समय का अंतर रखना चाहिए।

Anjali Kumari मई 14, 2026 0
Healthy anti-inflammatory summer drinks with turmeric, ginger, green tea and chia seeds
शरीर की सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं ये 5 हेल्दी ड्रिंक्स, गर्मियों में रोज पीना हो सकता है फायदेमंद

क्यों बढ़ रही है शरीर में inflammation की समस्या? आजकल खराब लाइफस्टाइल, तनाव, कम नींद, ज्यादा शुगर और प्रोसेस्ड फूड की वजह से शरीर में inflammation यानी अंदरूनी सूजन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसके शुरुआती संकेत अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जैसे लगातार थकान, पेट फूलना, स्किन पर पिंपल्स, सुस्ती या शरीर में भारीपन महसूस होना। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि रोजमर्रा की छोटी हेल्दी आदतें शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं। ऐसे में anti-inflammatory drinks शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ सूजन कम करने में भी सहायक मानी जाती हैं। 1. हल्दी और काली मिर्च की चाय हल्दी में मौजूद curcumin शरीर की सूजन कम करने में मदद करता है। वहीं काली मिर्च इसके असर को बढ़ाने का काम करती है। कैसे बनाएं? एक कप पानी में आधा चम्मच हल्दी, थोड़ा अदरक और एक चुटकी काली मिर्च डालकर 5-7 मिनट तक उबालें। चाहें तो इसमें शहद या थोड़ा दूध मिला सकते हैं। 2. अदरक और नींबू पानी अदरक को प्राकृतिक anti-inflammatory माना जाता है, जबकि नींबू शरीर को detox करने और hydration बनाए रखने में मदद करता है। कैसे बनाएं? पानी में अदरक उबालें और फिर उसमें नींबू का रस मिलाएं। स्वाद के लिए थोड़ा शहद भी डाल सकते हैं। इसे गर्म या ठंडा दोनों तरह से पिया जा सकता है। 3. ग्रीन टी और पुदीना ग्रीन टी में antioxidants भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। पुदीना इसे refreshing बनाता है और पाचन में मदद करता है। कैसे बनाएं? गर्म पानी में ग्रीन टी और पुदीने की पत्तियां डालकर 2-3 मिनट तक छोड़ दें। चाहें तो नींबू भी मिला सकते हैं। गर्मियों में इसे chilled drink की तरह भी पिया जा सकता है। 4. Tart Cherry Spritzer टार्ट चेरी में ऐसे compounds पाए जाते हैं जो शरीर की सूजन और muscle soreness कम करने में मदद कर सकते हैं। कैसे बनाएं? एक गिलास में बिना शक्कर वाला tart cherry juice लें और उसमें sparkling water मिलाएं। ऊपर से थोड़ा नींबू निचोड़ें और बर्फ डालकर सर्व करें। 5. खीरा, पुदीना और चिया सीड्स वाला पानी यह ड्रिंक गर्मियों में शरीर को ठंडक और hydration देने के साथ digestion में भी मदद कर सकता है। Chia seeds में fiber और omega-3 fatty acids पाए जाते हैं। कैसे बनाएं? पानी में खीरे के टुकड़े, पुदीने की पत्तियां और चिया सीड्स डालें। 15-20 मिनट बाद इसमें नींबू का रस मिलाकर पिएं। रोजाना की छोटी आदतें दे सकती हैं बड़ा फायदा विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी ड्रिंक अकेले चमत्कार नहीं कर सकती, लेकिन रोजाना sugary beverages की जगह हेल्दी drinks अपनाने से शरीर को फायदा मिल सकता है। सही खानपान, पर्याप्त नींद और hydration के साथ ये drinks overall health बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं।  

surbhi मई 11, 2026 0
Refreshing anti-inflammatory drinks including turmeric tea, green tea and chia cucumber detox water on table
Anti-Inflammatory Drinks: दिनभर शरीर को हाइड्रेट और हेल्दी रखने के लिए ये 5 ड्रिंक्स हो सकते हैं फायदेमंद

आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में थकान, ब्लोटिंग, लो एनर्जी और स्किन ब्रेकआउट जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। कई बार ये शरीर में बढ़ती सूजन यानी inflammation के संकेत हो सकते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि रोजमर्रा की कुछ छोटी आदतें, जैसे पर्याप्त पानी पीना और सही ड्रिंक्स का चुनाव करना, शरीर को अंदर से सपोर्ट करने में मदद कर सकता है। खासतौर पर ऐसे पेय जिनमें अदरक, हल्दी, ग्रीन टी या चिया सीड्स जैसे तत्व हों, शरीर की प्राकृतिक anti-inflammatory प्रक्रिया को सपोर्ट कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इन ड्रिंक्स को बनाने के लिए महंगे इंग्रीडिएंट्स या जटिल रेसिपी की जरूरत नहीं होती। किचन में मौजूद साधारण चीजों से इन्हें आसानी से तैयार किया जा सकता है। 1. हल्दी और काली मिर्च की चाय हल्दी में मौजूद curcumin को प्राकृतिक anti-inflammatory तत्व माना जाता है। वहीं काली मिर्च इसके अवशोषण को बेहतर बनाने में मदद करती है। सामग्री 1 कप पानी आधा चम्मच हल्दी पाउडर या ताजी हल्दी आधा चम्मच कद्दूकस किया अदरक एक चुटकी काली मिर्च 1 चम्मच शहद (वैकल्पिक) थोड़ा दूध (वैकल्पिक) बनाने का तरीका पानी उबालकर उसमें हल्दी, अदरक और काली मिर्च डालें। 5 से 7 मिनट तक पकने दें। छानकर कप में निकालें और चाहें तो शहद या दूध मिलाएं। इसे गर्मागर्म पिएं। 2. अदरक और नींबू पानी अदरक को पाचन और सूजन कम करने में मददगार माना जाता है, जबकि नींबू शरीर को तरोताजा महसूस कराता है। सामग्री डेढ़ कप पानी 1 इंच अदरक के टुकड़े आधे नींबू का रस 1 चम्मच शहद (वैकल्पिक) बनाने का तरीका अदरक को पानी में 5-10 मिनट तक उबालें। फिर गैस बंद करके उसमें नींबू रस और शहद मिलाएं। इसे गर्म या ठंडा दोनों तरह से पिया जा सकता है। 3. पुदीना वाली ग्रीन टी ग्रीन टी में antioxidants पाए जाते हैं, जबकि पुदीना इसे और ज्यादा refreshing बना देता है। सामग्री 1 ग्रीन टी बैग या 1 चम्मच ग्रीन टी 1 कप गर्म पानी 4-5 पुदीना पत्तियां 1 नींबू स्लाइस (वैकल्पिक) बनाने का तरीका ग्रीन टी और पुदीना को 2-3 मिनट तक गर्म पानी में डालकर रखें। फिर छान लें। चाहें तो नींबू मिलाएं। इसे गर्म या ठंडा दोनों तरह से पिया जा सकता है। 4. टार्ट चेरी स्प्रिट्जर टार्ट चेरी जूस को रिकवरी और शरीर की सूजन कम करने से जोड़कर देखा जाता है। सामग्री आधा कप बिना शक्कर वाला टार्ट चेरी जूस आधा कप स्पार्कलिंग वॉटर बर्फ थोड़ा नींबू रस बनाने का तरीका गिलास में बर्फ डालें, फिर चेरी जूस और स्पार्कलिंग वॉटर मिलाएं। ऊपर से नींबू रस डालकर हल्के से मिक्स करें। 5. खीरा, पुदीना और चिया वॉटर यह ड्रिंक शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ हल्का और फ्रेश महसूस कराने में मदद कर सकती है। सामग्री 2 कप पानी 5-6 खीरे के स्लाइस 5 पुदीना पत्तियां 1 चम्मच चिया सीड्स चौथाई नींबू का रस बनाने का तरीका पानी में खीरा, पुदीना और चिया सीड्स डालें। 15-20 मिनट तक छोड़ दें ताकि चिया फूल जाए। फिर नींबू रस मिलाकर पिएं। क्यों जरूरी है consistency? हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार कोई भी ड्रिंक जादुई इलाज नहीं होती। लेकिन रोजाना sugary drinks की जगह ज्यादा पौष्टिक और hydrating विकल्प चुनना लंबे समय में शरीर को फायदा पहुंचा सकता है। छोटे लेकिन लगातार किए गए बदलाव अक्सर बड़े wellness trends से ज्यादा असरदार साबित होते हैं।  

surbhi मई 9, 2026 0
Healthy morning habits like hydration, exercise and planning help reduce stress and boost daily energy
सुबह की ये 5 आदतें बदल सकती हैं आपका दिन, कम होगा स्ट्रेस और बढ़ेगी एनर्जी

भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई चाहता है कि उसका दिन आसान, संतुलित और तनाव मुक्त बीते। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि दिन की शुरुआत जिस तरह होती है, वही पूरे दिन के मूड और प्रोडक्टिविटी को तय करती है। अगर सुबह सही आदतों के साथ शुरू हो, तो न सिर्फ काम आसान हो जाते हैं, बल्कि मानसिक शांति और ऊर्जा भी बनी रहती है। यहां जानिए ऐसी 5 आसान सुबह की आदतें, जो आपकी दिनचर्या को पूरी तरह बदल सकती हैं। 1. दिन की शुरुआत पॉजिटिव सोच से करें सुबह उठते ही कुछ पल शांति से बिताएं और सकारात्मक विचारों के साथ दिन की शुरुआत करें। भगवान का स्मरण या कृतज्ञता व्यक्त करना मन को स्थिर करता है इससे दिनभर के लिए सकारात्मक ऊर्जा मिलती है 2. खाली पेट एक गिलास पानी जरूर पिएं रातभर सोने के बाद शरीर को हाइड्रेशन की जरूरत होती है। सुबह गुनगुना या सामान्य पानी पीना शरीर को डिटॉक्स करता है पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है शरीर में ताजगी लाता है 3. ताजी हवा और हल्की धूप लें सुबह उठकर कुछ समय खुले वातावरण में बिताना बेहद फायदेमंद होता है। खिड़की खोलकर या बाहर जाकर फ्रेश एयर लें हल्की धूप शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देती है दिमाग फ्रेश रहता है और आलस दूर होता है 4. हल्की एक्सरसाइज या वॉक करें सुबह शरीर को एक्टिव करना जरूरी है। लाइट स्ट्रेचिंग या 10–15 मिनट की वॉक करें इससे शरीर की जकड़न दूर होती है पूरे दिन के लिए एनर्जी मिलती है 5. दिन की प्लानिंग करें सुबह का समय दिमाग के लिए सबसे शांत और साफ होता है। दिनभर के कामों की प्राथमिकता तय करें जरूरी मीटिंग्स और टास्क पहले प्लान करें इससे भागदौड़ कम होती है और स्ट्रेस घटता है

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
Person doing yoga and pilates alongside gym workout for balanced fitness routine
सिर्फ वेट ट्रेनिंग नहीं, योग और पिलाटेस भी उतने ही जरूरी–लॉन्ग लाइफ और फिटनेस के लिए संतुलित रूटीन का मंत्र

  आज की तेज रफ्तार जिंदगी में फिट रहने के लिए लोग जिम और वेट ट्रेनिंग पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ भारी वजन उठाना ही पर्याप्त नहीं है। Yoga और Pilates जैसे लो-इम्पैक्ट वर्कआउट्स भी उतने ही अहम हैं, खासकर अगर आप लंबी और स्वस्थ जिंदगी चाहते हैं। फिटनेस का सही फॉर्मूला: बैलेंस जरूरी लॉन्गेविटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक संतुलित फिटनेस रूटीन में तीन प्रमुख हिस्से होने चाहिए: कार्डियो (जैसे दौड़ना, तैराकी) स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (वेट्स, बॉडीवेट एक्सरसाइज) स्ट्रेचिंग और माइंडफुलनेस (योग और पिलाटेस) विशेषज्ञ Vicente Mera का मानना है कि शरीर को पूरी तरह फिट रखने के लिए इन तीनों का संयोजन जरूरी है। 2:2:1 रूटीन: हफ्ते का स्मार्ट प्लान स्पोर्ट्स साइंस एक्सपर्ट David de la Fuente Franco एक आसान फॉर्मूला सुझाते हैं: 2 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग 2 दिन कार्डियो 1 दिन योग या स्ट्रेचिंग यह संतुलन शरीर को ओवरलोड किए बिना बेहतर रिजल्ट देता है। योग और पिलाटेस क्यों हैं जरूरी फिटनेस ट्रेनर Cristina Merino के अनुसार, योग और पिलाटेस: बैलेंस और स्टेबिलिटी सुधारते हैं बॉडी अवेयरनेस बढ़ाते हैं सही तकनीक और फॉर्म बनाए रखने में मदद करते हैं इससे वेट ट्रेनिंग के दौरान चोट लगने का खतरा कम हो जाता है और परफॉर्मेंस बेहतर होती है। लॉन्गेविटी के लिए योग का योगदान विशेषज्ञ Nigma Talib बताती हैं कि हफ्ते में दो बार 90 मिनट का योग: शरीर में सूजन (inflammation) को 20% तक कम कर सकता है ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करता है मानसिक स्वास्थ्य और सेल्फ-अवेयरनेस को मजबूत बनाता है स्ट्रेचिंग: बेहतर वर्कआउट का आधार ओस्टियोपैथ Francisco Moreno के अनुसार, नियमित स्ट्रेचिंग: मसल्स को लचीला और मजबूत बनाती है चोट का जोखिम कम करती है ब्लड सर्कुलेशन और रिकवरी बेहतर करती है रोजमर्रा के दर्द और जकड़न को कम करती है

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Assorted supplements like Ashwagandha, magnesium, and vitamin D capsules with healthy lifestyle elements
Ashwagandha, Magnesium और Vitamin D: क्या हर किसी को सप्लीमेंट्स लेना जरूरी है? नई रिपोर्ट में सामने आई सच्चाई

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में “परफेक्ट हेल्थ” पाने की चाहत लोगों को तेजी से सप्लीमेंट्स की ओर धकेल रही है। Ashwagandha, Magnesium और Vitamin D जैसे सप्लीमेंट्स इन दिनों खासा ट्रेंड में हैं। लेकिन सवाल यह है–क्या वास्तव में हर किसी को इनकी जरूरत है? सप्लीमेंट्स का बढ़ता चलन अमेरिका के आंकड़ों के मुताबिक, आधे से ज्यादा वयस्क किसी न किसी प्रकार का सप्लीमेंट लेते हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। बाजार में करीब 1 लाख से ज्यादा तरह के सप्लीमेंट्स मौजूद हैं–विटामिन्स से लेकर “डिटॉक्स” और “सुपरफूड” तक। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनमें से ज्यादातर सप्लीमेंट्स किसी सख्त मेडिकल अप्रूवल प्रक्रिया से नहीं गुजरते, जिससे इनके प्रभाव और सुरक्षा पर सवाल उठते हैं। क्या सच में जरूरी हैं ये सप्लीमेंट्स? विशेषज्ञों के अनुसार, सप्लीमेंट्स का काम केवल “पूरक” होना है, यानी जो पोषण आपकी डाइट से नहीं मिल पा रहा, उसे पूरा करना। यदि किसी व्यक्ति में किसी विटामिन या मिनरल की कमी पाई जाती है, तो सप्लीमेंट्स फायदेमंद हो सकते हैं लेकिन बिना जरूरत या बिना जांच के इन्हें लेना जरूरी नहीं है किन सप्लीमेंट्स पर सबसे ज्यादा भरोसा? कुछ डॉक्टरों के अनुसार, कुछ सप्लीमेंट्स पर अपेक्षाकृत ज्यादा भरोसा किया जा सकता है: Vitamin D: खासकर उन लोगों के लिए जो धूप कम लेते हैं Magnesium: नींद और मानसिक स्वास्थ्य में मदद कर सकता है Omega-3: दिल की सेहत के लिए (हालांकि इसके नतीजे मिश्रित हैं) हालांकि, इनकी डोज हर व्यक्ति के लिए अलग होती है और बिना डॉक्टर की सलाह के लेना सही नहीं माना जाता। Ashwagandha और ट्रेंडिंग सप्लीमेंट्स का सच Ashwagandha जैसे हर्बल सप्लीमेंट्स को तनाव कम करने और ऊर्जा बढ़ाने के लिए खूब प्रमोट किया जा रहा है, खासकर सोशल मीडिया पर। लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि सोशल मीडिया पर मिली जानकारी अक्सर अधूरी या भ्रामक हो सकती है। साइड इफेक्ट्स भी हैं बड़ा खतरा एक अध्ययन के अनुसार, हर साल हजारों लोग सप्लीमेंट्स के साइड इफेक्ट्स के कारण अस्पताल पहुंचते हैं। वेट लॉस सप्लीमेंट्स सबसे ज्यादा खतरनाक पाए गए “डिटॉक्स” और “स्लीप” सप्लीमेंट्स भी जोखिम बढ़ा सकते हैं डॉक्टर क्या सलाह देते हैं? विशेषज्ञों का साफ कहना है: पहले अपनी डाइट सुधारें पर्याप्त नींद लें नियमित व्यायाम करें जरूरत हो तभी सप्लीमेंट्स लें क्योंकि कोई भी गोली अच्छी जीवनशैली की जगह नहीं ले सकती।  

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
Fresh green betel leaves used in Ayurveda for headache, digestion, immunity and natural home remedies
Betel Leaves: सिरदर्द से एलर्जी तक, पान के पत्ते के देसी नुस्खे से पाएं राहत

भारतीय परंपरा में पान के पत्तों का खास महत्व रहा है, लेकिन अब यह सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं। आयुर्वेद के अनुसार, पान के पत्ते प्राकृतिक औषधि की तरह काम करते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। इनमें कैल्शियम, विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाने और कई छोटी-बड़ी समस्याओं में राहत देने में मदद करते हैं। पान के पत्तों के बड़े फायदे 1. यूरिक एसिड कंट्रोल में मदद आजकल बढ़ता यूरिक एसिड कई लोगों की परेशानी बन चुका है। पान के पत्ते शरीर में जमा अतिरिक्त यूरिक एसिड को संतुलित करने में सहायक माने जाते हैं। 2. पाचन तंत्र को बनाएं मजबूत गैस, कब्ज और एसिडिटी में राहत पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है खाना खाने के बाद पान का पत्ता चबाना फायदेमंद हो सकता है। 3. दांत और मसूड़ों के लिए लाभकारी मसूड़ों की सूजन और दर्द कम करता है दांतों को मजबूत बनाने में मदद ध्यान रखें: पान बिना तंबाकू और सुपारी के ही खाएं। 4. सूजन और दर्द में राहत पान के पत्तों में मौजूद तत्व: सूजन कम करते हैं हल्के दर्द में आराम देते हैं पत्ते को हल्का गर्म करके प्रभावित जगह पर लगाने से राहत मिल सकती है। 5. सर्दी-खांसी और एलर्जी में उपयोगी शहद के साथ सेवन करने से खांसी में राहत इम्युनिटी मजबूत करता है 6. सिरदर्द और छोटे घाव में कारगर सिरदर्द में पत्ते का लेप लगाने से आराम छोटे घाव भरने में मददगार उपयोग करते समय रखें ध्यान तंबाकू और सुपारी के साथ पान का सेवन नुकसानदायक हो सकता है सीमित मात्रा में ही उपयोग करें किसी गंभीर बीमारी में डॉक्टर की सलाह जरूर लें

surbhi अप्रैल 8, 2026 0
Priyanka Chopra glowing skin beauty secrets with natural skincare and healthy lifestyle routine.
ग्लोइंग स्किन का राज: Priyanka Chopra के ब्यूटी सीक्रेट्स, जिन्हें आप भी कर सकते हैं फॉलो

बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी पहचान बना चुकीं प्रियंका चोपड़ा सिर्फ अपने अभिनय ही नहीं, बल्कि अपनी दमकती त्वचा के लिए भी जानी जाती हैं। उनकी “ग्लास स्किन” जैसी चमक के पीछे महंगे प्रोडक्ट्स ही नहीं, बल्कि घरेलू नुस्खे और अनुशासित लाइफस्टाइल का बड़ा योगदान है। घरेलू नुस्खों पर भरोसा प्रियंका चोपड़ा अक्सर बताती हैं कि उनकी स्किनकेयर का बड़ा हिस्सा उनकी मां और दादी के बताए पारंपरिक नुस्खों से आता है। राइस वॉटर + नारियल तेल मास्क: यह मिश्रण स्किन को टाइट करने और पोर्स को छोटा करने में मदद करता है इसे सोने से पहले कुछ मिनट के लिए लगाने की सलाह दी जाती है 6-स्टेप नाइट रूटीन प्रियंका अपनी त्वचा की देखभाल के लिए एक सख्त नाइट स्किनकेयर रूटीन फॉलो करती हैं। मेकअप हटाना डीप क्लीनिंग मॉइश्चराइजिंग स्किन को हाइड्रेट रखना साथ ही, वह नियमित रूप से प्रोफेशनल फेशियल भी करवाती हैं। हेल्दी ड्रिंक्स से आती है नेचुरल ग्लो प्रियंका की स्किनकेयर सिर्फ बाहर से नहीं, बल्कि अंदर से भी होती है। सौंफ, जीरा और धनिया का पानी: यह ड्रिंक पाचन सुधारता है और एसिडिटी कम करता है अदरक और शहद का शॉट: इम्यूनिटी बढ़ाने और गले की खराश दूर करने में मददगार अनोखा टिप भी किया शेयर एक बार प्रियंका ने मजाकिया अंदाज में बताया कि पैरों पर कच्चा लहसुन रगड़ने से सूजन कम हो सकती है। हालांकि, ऐसे उपाय अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। क्यों खास है उनका तरीका? प्रियंका चोपड़ा का मानना है कि असली खूबसूरती अंदर से आती है। संतुलित आहार हेल्दी लाइफस्टाइल नियमित स्किनकेयर इन तीनों का मेल ही उनकी ग्लोइंग स्किन का असली राज है।

surbhi अप्रैल 7, 2026 0
Unhealthy lifestyle habits like stress, poor sleep and screen time causing premature ageing signs
Causes Of Premature Ageing: ये 8 आदतें बना रही हैं आपको समय से पहले बूढ़ा

आजकल लोग फिट रहने के लिए जिम, डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल पर ध्यान दे रहे हैं, लेकिन रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी आदतें ऐसी हैं, जो चुपचाप एजिंग प्रोसेस को तेज कर रही हैं। उम्र बढ़ना सिर्फ चेहरे की झुर्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर सेल्स के स्तर पर भी असर डालता है। आइए जानते हैं वो 8 आदतें, जो आपको समय से पहले बूढ़ा बना रही हैं- 1. लंबे समय तक बैठे रहना रोज 8 घंटे से ज्यादा बैठना स्मोकिंग जितना खतरनाक हो सकता है। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा होता है और एजिंग तेजी से बढ़ती है। 2. नींद की कमी कम नींद लेने से शरीर सही से रिपेयर नहीं हो पाता, जिससे स्किन, इम्यूनिटी और दिमाग पर असर पड़ता है। 3. लगातार तनाव में रहना लंबे समय तक तनाव रहने से कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो झुर्रियों और कई बीमारियों का कारण बनता है। 4. ज्यादा स्क्रीन टाइम मोबाइल और लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल नींद के चक्र को बिगाड़ता है और स्किन को नुकसान पहुंचाता है। 5. पानी कम पीना डिहाइड्रेशन से स्किन ड्राई और बेजान हो जाती है और शरीर के जरूरी फंक्शन धीमे पड़ जाते हैं। 6. ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड अधिक शुगर से शरीर में ग्लाइकेशन बढ़ता है, जिससे स्किन की इलास्टिसिटी कम होती है और झुर्रियां जल्दी आती हैं। 7. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से दूरी मसल्स उम्र के साथ कम होते हैं। एक्सरसाइज न करने से शरीर कमजोर और सुस्त हो जाता है। 8. सोशल कनेक्शन की कमी अकेलापन और सामाजिक दूरी मेंटल हेल्थ पर असर डालती है और समय से पहले एजिंग का कारण बन सकती है। कैसे बचें इन आदतों से? रोजाना 60 मिनट फिजिकल एक्टिविटी करें 7–8 घंटे की नींद लें स्ट्रेस मैनेज करें (योग/मेडिटेशन) पानी ज्यादा पिएं हेल्दी डाइट अपनाएं स्क्रीन टाइम सीमित करें दोस्तों और परिवार से जुड़े रहें

surbhi मार्च 31, 2026 0
Person drinking water and healthy beverages to stay hydrated throughout the day
सुबह की कॉफी से लेकर देर रात तक—दिनभर हाइड्रेटेड रहने के आसान और असरदार तरीके

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग फिटनेस और डाइट पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन सबसे जरूरी चीज़—पानी पीना—अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। सही हाइड्रेशन सिर्फ प्यास बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर के हर महत्वपूर्ण कार्य—डाइजेशन, ब्रेन फंक्शन, स्किन हेल्थ और एनर्जी लेवल—को सीधे प्रभावित करता है। यह रिपोर्ट बताती है कि कैसे आप सुबह की शुरुआत से लेकर रात तक छोटी-छोटी आदतों के जरिए खुद को पूरी तरह हाइड्रेटेड रख सकते हैं।   क्यों जरूरी है रोज़ हाइड्रेटेड रहना? पानी शरीर के लिए एक “नेचुरल फ्यूल” की तरह काम करता है। इसके नियमित सेवन से: शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है त्वचा हेल्दी और ग्लोइंग बनती है टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं दिमाग तेज़ और फोकस बेहतर होता है थकान और मांसपेशियों में ऐंठन से बचाव होता है पाचन बेहतर रहता है   कितना पानी पीना चाहिए? विशेषज्ञों के अनुसार, औसतन: पुरुष: लगभग 3.7 लीटर प्रतिदिन महिलाएं: लगभग 2.7 लीटर प्रतिदिन हालांकि, भारत जैसे गर्म देशों में या अगर आप एक्सरसाइज करते हैं, तो यह मात्रा और बढ़ सकती है।   डिहाइड्रेशन के संकेत पहचानें अगर आप इन लक्षणों को महसूस कर रहे हैं, तो समझिए शरीर को पानी की जरूरत है: मुंह सूखना और होंठ फटना थकान और चिड़चिड़ापन गहरे रंग का यूरिन सिरदर्द या चक्कर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई   सुबह की शुरुआत ऐसे करें रातभर बिना पानी के रहने के बाद शरीर को तुरंत हाइड्रेशन की जरूरत होती है। उठते ही 1–2 गिलास पानी पिएं नींबू पानी लें—यह मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है बेड के पास पानी रखें ताकि याद रहे   दिनभर हाइड्रेट रहने के स्मार्ट तरीके 1. सिर्फ पानी ही नहीं, ये ड्रिंक्स भी हैं फायदेमंद नारियल पानी नींबू पानी (निंबू पानी) छाछ हर्बल टी ORS (खासकर गर्मियों में) कैफीन और ज्यादा मीठे ड्रिंक्स से दूरी बनाएं।   2. खाने से भी बढ़ाएं हाइड्रेशन कुछ फल और सब्जियां पानी से भरपूर होती हैं: फल: तरबूज, संतरा, अंगूर, खरबूजा सब्जियां: खीरा, टमाटर, लौकी   3. वर्कआउट के दौरान ध्यान रखें एक्सरसाइज से पहले, दौरान और बाद में पानी पिएं इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करें केला, नारियल पानी अच्छे विकल्प हैं   4. ऑफिस में अपनाएं ये आसान टिप्स डेस्क पर पानी की बोतल रखें हर ब्रेक में पानी पिएं मोबाइल में रिमाइंडर लगाएं बार-बार कॉफी की जगह पानी लें   गर्मी और सर्दी—दोनों में जरूरी है हाइड्रेशन गर्मियों में: थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार पानी पिएं धूप से बचें हल्के कपड़े पहनें सर्दियों में: प्यास कम लगती है, फिर भी पानी पिएं सूप और हर्बल टी लें स्किन ड्रायनेस से बचाव होता है   स्किन और एनर्जी के लिए हाइड्रेशन अगर आपकी त्वचा डल लगती है या बार-बार थकान महसूस होती है, तो पानी की कमी इसकी बड़ी वजह हो सकती है। फायदे: स्किन में नेचुरल ग्लो ड्रायनेस कम एनर्जी लेवल बेहतर फाइन लाइन्स कम नजर आती हैं

kalpana मार्च 26, 2026 0
Man with belly fat measuring waist showing need for weight loss and healthy lifestyle
पुरुषों में जिद्दी पेट की चर्बी: कारण, खतरे और कम करने के असरदार तरीके

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पुरुषों के लिए पेट की जिद्दी चर्बी (Stubborn Belly Fat) एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुकी है। यह सिर्फ दिखने में ही खराब नहीं लगती, बल्कि कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। इस विशेष रिपोर्ट में हम विस्तार से समझते हैं कि यह समस्या क्यों होती है, इसके क्या संकेत हैं, और इसे कम करने के लिए कौन-कौन से वैज्ञानिक और व्यावहारिक उपाय अपनाए जा सकते हैं।   क्या हैं जिद्दी पेट की चर्बी के प्रमुख संकेत? पुरुषों में पेट की चर्बी अक्सर सामान्य डाइट या एक्सरसाइज से भी कम नहीं होती। इसके कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं: बाहर निकला हुआ पेट: लगातार डाइट और वर्कआउट के बावजूद पेट कम न होना कमर का बढ़ता घेरा: Waist size में लगातार वृद्धि विसरल फैट (Visceral Fat): यह आंतरिक अंगों के आसपास जमा होता है और सबसे खतरनाक माना जाता है BMI का बढ़ना: सामान्य स्तर (18.5–24.9) से अधिक होना पेट में भारीपन या असहजता मेटाबॉलिक सिंड्रोम के लक्षण: हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, इंसुलिन रेजिस्टेंस   किन कारणों से बढ़ती है पेट की चर्बी? विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार होते हैं: खराब खानपान: जंक फूड, ज्यादा शुगर और ट्रांस फैट व्यायाम की कमी: बैठकर काम करने वाली जीवनशैली हार्मोनल बदलाव: उम्र बढ़ने के साथ टेस्टोस्टेरोन में कमी तनाव (Stress): ज्यादा कोर्टिसोल हार्मोन चर्बी बढ़ाता है जेनेटिक फैक्टर: कुछ लोगों में यह समस्या वंशानुगत होती है   स्वास्थ्य के लिए कितनी खतरनाक है? पेट की चर्बी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इसके गंभीर खतरे हैं: दिल की बीमारियों का बढ़ा जोखिम स्ट्रोक की संभावना टाइप-2 डायबिटीज कुछ कैंसर (कोलन, पैंक्रियास आदि) स्लीप एपनिया जैसी समस्या   कैसे पाएं छुटकारा? अपनाएं ये असरदार उपाय 1. संतुलित डाइट और नियमित एक्सरसाइज हाई प्रोटीन और फाइबर वाली डाइट लें शुगर और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं कार्डियो (जॉगिंग, साइक्लिंग) और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का कॉम्बिनेशन अपनाएं 2. स्ट्रेस मैनेजमेंट योग, मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग अपनाएं पर्याप्त नींद लें (7–8 घंटे) 3. मेडिकल ट्रीटमेंट (डॉक्टर की सलाह से) कुछ दवाएं जैसे Orlistat या Liraglutide मदद कर सकती हैं लेकिन इनका उपयोग विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें 4. सर्जरी (आखिरी विकल्प) लिपोसक्शन या टमी टक केवल गंभीर मामलों में और डॉक्टर की सलाह पर

kalpana मार्च 26, 2026 0
Ram Kapoor smiling and showing fitness transformation after losing 55 kg naturally
50 की उम्र में कमाल! Ram Kapoor ने घटाया 55 किलो वजन, बिना सर्जरी बदली जिंदगी

50 की उम्र बनी टर्निंग पॉइंट टीवी और फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित अभिनेता Ram Kapoor इन दिनों अपनी जबरदस्त फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने महज 18 महीनों में 55 किलो वजन घटाकर सभी को हैरान कर दिया। खास बात यह है कि उन्होंने यह बदलाव बिना किसी सर्जरी या सप्लीमेंट के हासिल किया। अभिनेता के अनुसार, 50 साल की उम्र उनके लिए एक चेतावनी साबित हुई। उस समय उनका वजन करीब 140 किलो था और वे स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं से जूझ रहे थे। शूटिंग के दौरान बढ़ा वजन, बिगड़ी सेहत Ram Kapoor ने बताया कि वे अपने करियर के दौरान फिल्मों Neeyat और Jubilee की शूटिंग के वक्त सबसे ज्यादा वजन में थे। उस दौरान उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती थी और सामान्य चलना भी मुश्किल हो गया था। उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें डायबिटीज थी, पैर में चोट थी और शारीरिक गतिविधियां करना बेहद कठिन हो गया था। यही वह समय था जब उन्होंने अपने जीवन को बदलने का फैसला लिया। परिवार के लिए लिया बड़ा फैसला अभिनेता ने कहा कि उनके दो बच्चे हैं और वे उनके लिए एक बेहतर उदाहरण बनना चाहते थे। यही सोच उनके बदलाव की सबसे बड़ी प्रेरणा बनी। उन्होंने अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी और धीरे-धीरे अपने लाइफस्टाइल को पूरी तरह बदल दिया। बिना सर्जरी अपनाया ‘ओल्ड-स्कूल’ तरीका जहां कई लोग वजन घटाने के लिए सर्जरी या सप्लीमेंट का सहारा लेते हैं, वहीं Ram Kapoor ने पारंपरिक तरीके को चुना। उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह से मानसिक और शारीरिक बदलाव का नतीजा है। उनका फोकस इन चीजों पर रहा: संतुलित डाइट नियमित एक्सरसाइज पर्याप्त नींद शरीर को हाइड्रेट रखना फास्टिंग इंटरवल्स का पालन पहले भी घटाया वजन, लेकिन इस बार सोच बदली अभिनेता ने स्वीकार किया कि वे पहले भी दो बार 30 किलो तक वजन घटा चुके थे, लेकिन बाद में फिर बढ़ गया। इस बार उन्होंने जल्दी परिणाम पाने के बजाय स्थायी बदलाव पर ध्यान दिया। उनका मानना है कि फिटनेस सिर्फ वजन कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जीवनशैली है, जिसमें निरंतर सुधार जरूरी है। मानसिक बदलाव ने दिलाई असली जीत Ram Kapoor ने अपनी मानसिक स्थिति पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वे खुद से निराश और असंतुष्ट हो गए थे, और यही स्थिति उनके लिए बदलाव की शुरुआत बनी। उन्होंने यह भी कहा कि जब इंसान अपने जीवन के सबसे निचले स्तर पर होता है, तभी असली बदलाव की संभावना पैदा होती है। अब 25 साल जैसा महसूस करते हैं आज अभिनेता खुद को पहले से ज्यादा फिट, ऊर्जावान और खुश महसूस करते हैं। उन्होंने बताया कि अब वे बिना रुके 12 घंटे तक चल सकते हैं, जो पहले उनके लिए असंभव था।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
Bigg Boss 19 winner Gaurav Khanna showcasing his fitness and natural diet routine at 44
Bigg Boss19 के विनर गौरव खन्ना की फिटनेस का राज: बिना प्रोटीन शेक के भी ऐसे रखते हैं खुद को सुपर फिट

टीवी अभिनेता Gaurav Khanna ने Bigg Boss 19 का खिताब जीतकर एक बार फिर अपनी लोकप्रियता साबित कर दी है। शो के होस्ट Salman Khan ने उन्हें ट्रॉफी के साथ 50 लाख रुपये का पुरस्कार भी दिया। लेकिन जीत के साथ-साथ उनकी फिटनेस भी चर्चा में है। 40 पार की उम्र में भी उनकी फिट बॉडी और एनर्जी ने फैंस को हैरान कर दिया है। कड़ी मेहनत और अनुशासन है फिटनेस का असली राज Gaurav Khanna की फिटनेस किसी शॉर्टकट का नतीजा नहीं, बल्कि सालों की मेहनत और अनुशासन का परिणाम है। कॉलेज के दिनों से ही उन्होंने नियमित वर्कआउट और हेल्दी डाइट को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बना लिया था। करीब पांच साल पहले उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए नॉन-वेज छोड़कर शाकाहारी डाइट अपनाई, जिसमें प्रोटीन की कमी को पौधों से मिलने वाले विकल्पों से पूरा किया। क्या है गौरव खन्ना की डाइट? उनकी डाइट पूरी तरह संतुलित और नेचुरल फूड्स पर आधारित है: बादाम: लंबे समय तक ऊर्जा के लिए ग्रीक योगर्ट: पाचन और गट हेल्थ के लिए क्विनोआ और चना: प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत पनीर (ग्रिल्ड): मसल्स के लिए जरूरी प्रोटीन सोया मिल्क: प्लांट-बेस्ड न्यूट्रिशन खास बात यह है कि Gaurav Khanna प्रोटीन शेक या सप्लीमेंट्स पर ज्यादा निर्भर नहीं रहते, बल्कि नेचुरल डाइट से ही अपनी जरूरत पूरी करते हैं। वर्कआउट रूटीन: फिटनेस का पूरा पैकेज उनकी फिटनेस का दूसरा मजबूत स्तंभ है उनका वर्कआउट रूटीन: सर्किट ट्रेनिंग योग और स्ट्रेचिंग स्पोर्ट्स एक्टिविटी पर्याप्त नींद और हाइड्रेशन गौरव खुद बताते हैं कि उनकी फिटनेस पर बॉलीवुड स्टार Akshay Kumar का भी काफी असर है, जो अपने अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। 44 की उम्र में भी शानदार फिटनेस करीब 44 साल की उम्र में Gaurav Khanna जिस तरह खुद को फिट और एक्टिव रखते हैं, वह कई लोगों के लिए प्रेरणा है। उनका मानना है कि फिट रहना एक दिन का काम नहीं, बल्कि लगातार निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है।  

surbhi मार्च 19, 2026 0
Himalayan berries, highlighting fitness and health benefits
हिमालय का सुपरफ्रूट अब आपके जिम तक: जानिए Sea Buckthorn जूस के जबरदस्त फायदे

आजकल फिटनेस और हेल्थ के प्रति जागरूक लोगों के बीच एक नया सुपरफ्रूट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है-सी बकथॉर्न (Sea Buckthorn)। हिमालय के ऊंचे और कठिन इलाकों, खासकर लद्दाख में पाए जाने वाले इस फल से बना जूस अब जिम जाने वालों की पहली पसंद बनता जा रहा है। यह सिर्फ एक हेल्थ ड्रिंक नहीं, बल्कि पोषण से भरपूर ऐसा प्राकृतिक स्रोत है जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। क्या है Sea Buckthorn और क्यों है खास? Sea Buckthorn एक जंगली बेरी है, जो हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाती है। इसमें कई दुर्लभ पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो इसे एक “सुपरफ्रूट” बनाते हैं। इसमें ओमेगा फैटी एसिड (3, 6, 7, 9) भरपूर मात्रा में होते हैं विटामिन C, A और E से भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स से लैस, जो शरीर को अंदर से सुरक्षित रखते हैं कई कंपनियां जैसे WellWith Life इसे कोल्ड-प्रेस तकनीक से तैयार करती हैं, जिससे इसके पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं। जिम करने वालों के लिए क्यों है बेस्ट ड्रिंक? जो लोग नियमित वर्कआउट, वेट ट्रेनिंग या कार्डियो करते हैं, उनके लिए यह जूस बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। 1. मसल्स और जोड़ों के लिए फायदेमंद ओमेगा फैटी एसिड सूजन कम करते हैं और मांसपेशियों की रिकवरी में मदद करते हैं। 2. इम्युनिटी और पाचन में सुधार कड़ी एक्सरसाइज से इम्युन सिस्टम कमजोर हो सकता है, लेकिन Sea Buckthorn जूस इसे मजबूत बनाता है और पाचन बेहतर करता है। 3. त्वचा को बनाता है चमकदार इसमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाते हैं, जिससे आपकी फिटनेस बाहर से भी नजर आती है।   आसान और इंस्टेंट हेल्थ ड्रिंक दूसरे सप्लीमेंट्स की तरह इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता। बस पानी की बोतल में मिलाएं शेक करें और पी लें यह प्री-वर्कआउट या पोस्ट-वर्कआउट ड्रिंक के रूप में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। प्राकृतिक “एनर्जी और स्टैमिना बूस्टर” Sea Buckthorn को पारंपरिक रूप से एक प्राकृतिक “अफ्रोडिज़िएक” (यौन शक्ति बढ़ाने वाला) भी माना जाता है। यह ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है हार्मोन बैलेंस बनाए रखता है शरीर की स्टैमिना और एनर्जी बढ़ाता है पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन सपोर्ट और महिलाओं में हार्मोन संतुलन में भी मददगार माना जाता है। रोजमर्रा की जिंदगी में कैसे शामिल करें? आप इसे अपने डेली रूटीन में आसानी से जोड़ सकते हैं: सुबह: एक गिलास पानी में एक चम्मच मिलाकर वर्कआउट से पहले: 15–30 मिनट पहले बोतल में मिलाकर वर्कआउट के बाद: शेक या जूस में मिलाकर शाम को: आराम के समय सेवन कर सकते हैं

surbhi मार्च 18, 2026 0
Kriti Sanon demonstrating her high-protein fitness routine and workout for a strong body.
कृति सेनन का ‘हाई-प्रोटीन फिटनेस फॉर्मूला’: ऐसे पाएं मसल्स और फिट बॉडी

बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन ने अपनी फिटनेस और ट्रांसफॉर्मेशन से एक बार फिर लोगों को प्रेरित किया है। उनका “हाई-प्रोटीन, हाई-एक्शन” फिटनेस प्लान आज युवाओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, खासकर उन लोगों के लिए जो हेल्दी तरीके से वजन बढ़ाकर मसल्स बनाना चाहते हैं।   डाइट नहीं, बैलेंस है असली मंत्र कृति सेनन का मानना है कि फिट रहने के लिए सख्त डाइट की जरूरत नहीं, बल्कि संतुलित खानपान जरूरी है। वह “सब खाओ, लेकिन सही खाओ और जमकर वर्कआउट करो” के सिद्धांत पर चलती हैं। उनके अनुसार, शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते रहें, यही सबसे अहम है।   ‘मिमी’ के लिए किया जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन मिमी फिल्म के लिए कृति ने वजन बढ़ाने का चैलेंज लिया था। इसके लिए उन्होंने खास डाइट प्लान और वर्कआउट रूटीन अपनाया, जिससे उनका फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन काफी चर्चा में रहा।   एक्शन रोल के लिए खास तैयारी अपनी आगामी फिल्म गणपथ के लिए कृति ने हाई-प्रोटीन डाइट, संतुलित कार्ब्स और हेल्दी फैट्स पर फोकस किया। यह डाइट उन्हें स्टैमिना, स्ट्रेंथ और एक्शन सीन के लिए जरूरी एनर्जी देती है।   शरीर को मानती हैं ‘लैब’ कृति अपनी बॉडी को एक ‘एक्सपेरिमेंट’ की तरह देखती हैं। वह अलग-अलग डाइट और न्यूट्रिशन प्लान ट्राय करके समझती हैं कि उनके शरीर पर क्या सबसे अच्छा काम करता है।   दिनभर का डाइट प्लान कैसा होता है? सुबह (ब्रेकफास्ट): अंडे और ओट्स ताजे फल (विटामिन C के लिए) दोपहर (लंच): ग्रिल्ड चिकन या मछली ब्राउन राइस हरी और रंग-बिरंगी सब्जियां शाम/रात (डिनर): हल्का खाना जैसे सूप, सलाद या ग्रिल्ड वेजिटेबल आसान पाचन और बेहतर नींद के लिए   वर्कआउट और डाइट का सही तालमेल कृति का मानना है कि सिर्फ डाइट या सिर्फ वर्कआउट से काम नहीं चलता। दोनों का संतुलन जरूरी है। वह नियमित रूप से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट करती हैं।   हाइड्रेशन पर खास ध्यान दिनभर भरपूर पानी पीना उनकी फिटनेस का अहम हिस्सा है। इससे शरीर एक्टिव रहता है और स्किन भी हेल्दी बनी रहती है।   फिटनेस का असली मंत्र कृति सेनन का फिटनेस फॉर्मूला साफ है- संतुलित डाइट + नियमित वर्कआउट + निरंतरता = फिट और स्ट्रॉन्ग बॉडी  

surbhi मार्च 17, 2026 0
वजन के अनुसार रोज कितना प्रोटीन लेना चाहिए, हेल्थ और फिटनेस गाइड
जाने आपके वजन के हिसाब से कितना प्रोटीन हैं  जरूरी?

नई दिल्ली,एजेंसियां। प्रोटीन हमारे शरीर के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। यह मांसपेशियों के निर्माण, हार्मोन और एंजाइम के निर्माण के साथ-साथ बाल और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि उन्हें रोजाना कितनी मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार यह मात्रा व्यक्ति के शरीर के वजन, उम्र और शारीरिक गतिविधियों पर निर्भर करती है।   वजन के अनुसार कितनी होनी चाहिए प्रोटीन की मात्रा पोषण विशेषज्ञों और कई शोधों के अनुसार एक सामान्य वयस्क व्यक्ति को प्रतिदिन अपने शरीर के प्रति किलोग्राम वजन के हिसाब से लगभग 0.8 से 1 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति का वजन 60 किलोग्राम है, तो उसे रोजाना लगभग 48 से 60 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। हालांकि यह मात्रा सभी लोगों के लिए एक समान नहीं होती। यदि कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय है या नियमित रूप से व्यायाम करता है, तो उसे सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा प्रोटीन की जरूरत हो सकती है।   एक्सरसाइज करने वालों को ज्यादा प्रोटीन की जरूरत पोषण संबंधी कई अध्ययनों के अनुसार जो लोग नियमित रूप से जिम या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं, उन्हें मांसपेशियों की मरम्मत और विकास के लिए अधिक प्रोटीन की आवश्यकता होती है। ऐसे लोगों के लिए प्रति किलोग्राम वजन के हिसाब से लगभग 1.2 से 1.7 ग्राम प्रोटीन की जरूरत बताई जाती है।वहीं एथलीट या अत्यधिक शारीरिक गतिविधियों में शामिल लोगों के लिए यह मात्रा 2 ग्राम प्रति किलोग्राम तक हो सकती है, जिससे शरीर के ऊतकों की मरम्मत तेजी से हो सके।   उम्र और विशेष परिस्थितियों में बढ़ जाती है जरूरत बढ़ती उम्र के बच्चों और किशोरों को शरीर के विकास के लिए अधिक प्रोटीन की आवश्यकता होती है। इसके अलावा 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में मांसपेशियों की कमी होने लगती है, इसलिए उन्हें भी पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेने की सलाह दी जाती है।गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सामान्य लोगों की तुलना में प्रतिदिन लगभग 20 से 25 ग्राम अतिरिक्त प्रोटीन की आवश्यकता हो सकती है।   प्रोटीन की कमी और ज्यादा सेवन दोनों नुकसानदायक विशेषज्ञों के अनुसार प्रोटीन की कमी होने पर बाल झड़ना, नाखून कमजोर होना, थकान और बार-बार बीमार पड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं जरूरत से ज्यादा प्रोटीन, खासकर सप्लीमेंट्स के रूप में लेने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या भी हो सकती है।   संतुलित आहार है सबसे बेहतर उपाय स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोटीन के लिए प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का सेवन करना सबसे सुरक्षित तरीका है। दालें, पनीर, अंडे, दूध, सोयाबीन और नट्स जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।

Ranjan Kumar Tiwari मार्च 14, 2026 0
Woman checking weight on a scale, highlighting fitness and body composition awareness.
क्या वजन मशीन सच बताती है? फिटनेस की असली सच्चाई जानिए

  आज के समय में फिटनेस को अक्सर एक ही चीज़ से मापा जाता है-वजन मशीन पर दिखने वाला नंबर। कई बार एक सप्ताह की छुट्टी, एक भारी भोजन या दिनचर्या में थोड़ा बदलाव भी उस नंबर को बदल देता है और लोगों को लगता है कि उनकी सारी मेहनत बेकार हो गई। यही कारण है कि वजन मशीन का आंकड़ा कई लोगों के आत्मविश्वास और मानसिक स्थिति को प्रभावित करने लगता है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि फिटनेस और स्वास्थ्य को केवल वजन से नहीं आंका जा सकता। असल में शरीर की सेहत कई अन्य कारकों पर निर्भर करती है, जिन्हें समझना अधिक जरूरी है।   वजन ही फिटनेस का सही पैमाना नहीं हमारे शरीर का कुल वजन कई चीजों से मिलकर बना होता है। इसमें हड्डियों का वजन, मांसपेशियां, शरीर में मौजूद वसा, अंग, कोशिकाएं और अन्य ऊतक शामिल होते हैं। इसी वजह से दो अलग-अलग व्यक्ति का वजन समान हो सकता है, लेकिन उनका शरीर पूरी तरह अलग दिख सकता है। उदाहरण के तौर पर एक व्यक्ति के शरीर में मांसपेशियों की मात्रा ज्यादा और वसा कम हो सकती है, जबकि दूसरे व्यक्ति में वसा अधिक और मांसपेशियां कम हो सकती हैं। ऐसे में दोनों का वजन भले ही एक जैसा हो, लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से पहला व्यक्ति ज्यादा फिट माना जाएगा।   मसल्स और बॉडी कंपोजिशन का महत्व जो लोग नियमित व्यायाम करते हैं, उनके शरीर में मांसपेशियां मजबूत होती हैं और हड्डियों की घनत्व भी बेहतर होता है। इससे शरीर कई बीमारियों से बेहतर तरीके से लड़ पाता है। विशेषज्ञों के अनुसार अच्छी बॉडी कंपोजिशन-यानी कम फैट और ज्यादा मसल्स-डायबिटीज, थायरॉयड और हाई ब्लड प्रेशर जैसी पुरानी बीमारियों के खतरे को कम कर सकती है। साथ ही इससे शरीर की फुर्ती, संतुलन और चलने-फिरने की क्षमता भी बेहतर रहती है।   डॉक्टर जब वजन कम करने को कहते हैं, तो उसका मतलब क्या होता है? अक्सर डॉक्टर जब वजन कम करने की सलाह देते हैं, तो उनका मतलब केवल शरीर का कुल वजन कम करना नहीं होता। असल में उनका उद्देश्य शरीर में मौजूद अतिरिक्त वसा को कम करना होता है। इसे फैट लॉस कहा जाता है, जिसे केवल साधारण वजन मशीन से सही तरीके से मापा नहीं जा सकता।   बॉडी कंपोजिशन जांच के विकल्प शरीर की सही संरचना जानने के लिए DEXA (Dual-Energy X-Ray Absorptiometry) स्कैन जैसे टेस्ट किए जाते हैं, जिनसे हड्डियों की घनत्व और शरीर में फैट व मसल्स की मात्रा का सही अनुमान लगाया जा सकता है। हालांकि यह जांच काफी महंगी होती है। इसके अलावा कई फिटनेस सेंटर भी बॉडी कंपोजिशन रिपोर्ट देते हैं, लेकिन ये कई बार बाहरी कारकों पर निर्भर होने के कारण पूरी तरह सटीक नहीं होती।   फिटनेस की असली पहचान क्या है? विशेषज्ञों के अनुसार असली फिटनेस केवल वजन से नहीं बल्कि शरीर की कार्यक्षमता से पहचानी जाती है। यदि आपका शरीर आसानी से सांस लेता है, आप बिना थकान के चल-फिर सकते हैं, व्यायाम के बाद जल्दी रिकवरी हो जाती है और दिल की धड़कन सामान्य रहती है-तो यह स्वस्थ शरीर की निशानी है। इसलिए फिटनेस जर्नी में सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है निरंतरता, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
Jharkhand Health Minister Irfan Ansari arrives at Assembly riding a bicycle promoting fitness and healthy lifestyle.
साइकिल से विधानसभा पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, फिटनेस का दिया संदेश; महंगाई और भाजपा पर भी बोले

  झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे। मंत्री के इस अंदाज ने राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम लोगों का भी ध्यान खींचा। विधानसभा परिसर पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि साइकिल से आने का उद्देश्य सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी है।   फिटनेस के लिए साइकिलिंग को बताया बेहतर विकल्प स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में साइकिल चलाना एक आसान और प्रभावी व्यायाम हो सकता है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच साइकिल एक सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल साधन भी है। नियमित रूप से साइकिल चलाने से शरीर फिट रहता है और कई बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में साइकिलिंग को शामिल करें।   स्वास्थ्य बजट पर सकारात्मक चर्चा की उम्मीद इरफान अंसारी ने बताया कि बुधवार को विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग के बजट पर भी चर्चा प्रस्तावित है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सदन में इस विषय पर सकारात्मक और सार्थक बहस होगी। मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है और बजट में कई ऐसे प्रस्ताव लाए जाएंगे जो स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेंगे।   महंगाई को लेकर जताई चिंता इस दौरान मंत्री ने देश में बढ़ती महंगाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि एलपीजी गैस सहित कई जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम लोगों, खासकर महिलाओं को काफी परेशानी हो रही है। उनके अनुसार महंगाई का असर सीधे तौर पर आम परिवारों के बजट पर पड़ रहा है।   रामनवमी के मुद्दे पर भाजपा पर हमला रामनवमी जुलूस में डीजे बजाने को लेकर चल रहे विवाद पर भी स्वास्थ्य मंत्री ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा का धरना और विरोध केवल राजनीतिक नाटक है। मंत्री ने कहा कि भारत सभी धर्मों और समुदायों का देश है और समाज में आपसी भाईचारा तथा सौहार्द बनाए रखना सबसे जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि धार्मिक आयोजनों को राजनीति से दूर रखते हुए शांति और सद्भाव के साथ मनाया जाए।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0