Heatwave India

– Storm damage in Uttar Pradesh after deadly winds and heavy rain caused widespread destruction
यूपी में आंधी-तूफान का कहर: 96 लोगों की मौत, कई जिलों में भारी तबाही

तेज आंधी और बारिश ने मचाई तबाही Uttar Pradesh में बुधवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। अलग-अलग जिलों में पेड़ गिरने, दीवार ढहने और बिजली गिरने की घटनाओं में 96 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल और प्रयागराज मंडल के जिलों में देखने को मिला, जहां तेज हवाओं और बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। भदोही और प्रयागराज में सबसे ज्यादा मौतें मृतकों में सबसे अधिक 18 लोगों की जान Bhadohi में गई, जबकि Prayagraj में 17 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा मिर्जापुर में 15, फतेहपुर में 10, उन्नाव और बदायूं में 6-6, प्रतापगढ़ और बरेली में 4-4 लोगों की जान गई। कई अन्य जिलों में भी मौतों की खबर सामने आई है। गांवों में ज्यादा नुकसान ग्रामीण इलाकों में तेज तूफान के कारण कच्चे मकान और टीन शेड उड़ गए। कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही। सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ और कई मार्गों पर लंबा जाम लग गया। किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने दिए राहत के निर्देश Yogi Adityanath ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और राहत एजेंसियों को मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने को कहा है। गर्मी और तूफान दोनों से परेशान लोग एक तरफ जहां बारिश और आंधी से कुछ इलाकों में गर्मी से राहत मिली, वहीं बुंदेलखंड और दक्षिणी यूपी के कई जिले भीषण गर्मी से बेहाल रहे। Banda प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा झांसी, हमीरपुर और प्रयागराज में भी तापमान 43 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। रेलवे सेवाएं भी प्रभावित आंधी का असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा। फतेहपुर में पेड़ गिरने से ओएचई लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे दिल्ली-हावड़ा रूट करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रहा। कानपुर होकर गुजरने वाली करीब 22 ट्रेनें प्रभावित हुईं। वहीं प्रयागराज-जौनपुर रेलखंड पर भी पेड़ गिरने से ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। मौसम विभाग ने दी चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान फिर धीरे-धीरे बढ़ सकता है। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना अभी बनी हुई है।  

surbhi मई 14, 2026 0
Driver using sunshade and checking car during extreme summer heat on a sunny day
तपती धूप में ड्राइविंग कर रहे हैं? इन 10 स्मार्ट टिप्स से बचाएं अपनी कार और खुद को नुकसान से

भीषण गर्मी और हीटवेव के इस दौर में जहां घर से बाहर निकलना ही चुनौती बन गया है, वहीं कार से सफर करना भी अब पहले जैसा आसान नहीं रहा। तेज धूप में ड्राइविंग के दौरान न सिर्फ आपकी सेहत पर असर पड़ता है, बल्कि आपकी कार के अहम हिस्सों पर भी भारी दबाव पड़ता है। कार का केबिन मिनटों में तपने लगता है, इंजन ओवरहीट हो सकता है और टायर के फटने तक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। क्यों खतरनाक है हीटवेव में ड्राइविंग? गर्मियों में कार के भीतर का तापमान बेहद तेजी से बढ़ता है। पार्क की गई गाड़ी कुछ ही मिनटों में ओवन जैसी गर्म हो सकती है। इससे एसी सिस्टम पर अतिरिक्त लोड पड़ता है, इंजन ज्यादा मेहनत करता है और टायर में हवा फैलने से ब्लोआउट का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हीटवेव के दौरान ड्राइविंग को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। इन 10 स्मार्ट टिप्स से रखें खुद को और अपनी कार को सुरक्षित 1. समझदारी से करें पार्किंग जहां तक संभव हो, अपनी कार को छांव या कवर पार्किंग में रखें। विंडशील्ड सनशेड का उपयोग केबिन को ठंडा रखने में मदद करता है। 2. AC चालू करने से पहले करें वेंटिलेशन कार स्टार्ट करने के बाद तुरंत एसी ऑन न करें। पहले खिड़कियां खोलकर गर्म हवा को बाहर निकलने दें। 3. AC का सही इस्तेमाल करें एकदम से एसी को फुल कूलिंग पर सेट करने के बजाय धीरे-धीरे तापमान कम करें, इससे सिस्टम पर दबाव कम पड़ेगा। 4. इंजन के तापमान पर रखें नजर कूलेंट लेवल नियमित रूप से चेक करें और तापमान गेज पर नजर बनाए रखें। ओवरहीटिंग के संकेत मिलते ही गाड़ी रोक दें। 5. टायर प्रेशर रखें संतुलित गर्मी में हवा फैलने से टायर प्रेशर बढ़ सकता है। नियमित जांच से ब्लोआउट जैसी घटनाओं से बचा जा सकता है। 6. हमेशा पानी साथ रखें डिहाइड्रेशन से बचने के लिए ड्राइविंग के दौरान पर्याप्त पानी साथ रखें, खासकर लंबी यात्रा में। 7. बच्चों या पालतू जानवरों को कार में न छोड़ें बंद कार में तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। 8. कार के इंटीरियर को सुरक्षित रखें लेदर सीट, डैशबोर्ड और स्टीयरिंग को कवर या सनशेड से बचाएं ताकि वे अधिक गर्म न हों। 9. चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें अगर कोई अजीब आवाज, गंध या वार्निंग लाइट दिखे तो तुरंत जांच कराएं। 10. सही समय पर करें यात्रा सुबह या शाम के समय यात्रा करना ज्यादा सुरक्षित होता है। दोपहर में ड्राइविंग से बचें।  

surbhi अप्रैल 30, 2026 0
Assortment of cooling foods like coconut water, cucumber, watermelon and buttermilk for summer heat relief
Heatwave Alert: गर्मी और थकान से बचाएंगे ये 8 ‘कूलिंग फूड्स’, एक्सपर्ट्स ने बताया सही तरीका

तेज गर्मी के बीच शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है–पसीना ज्यादा आता है, पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम होते हैं और थकान महसूस होती है। ऐसे में सही खानपान बेहद जरूरी हो जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कुछ खास ‘कूलिंग फूड्स’ शरीर के तापमान को संतुलित रखने, हाइड्रेशन बनाए रखने और पाचन सुधारने में अहम भूमिका निभाते हैं। कूलिंग फूड्स क्यों हैं जरूरी? पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के दौरान शरीर में थर्मोरेगुलेशन (तापमान नियंत्रण) की प्रक्रिया सक्रिय रहती है। ऐसे में पानी, पोटैशियम, मैग्नीशियम और एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्वों से भरपूर फूड्स शरीर को ठंडा रखने के साथ ऊर्जा भी बनाए रखते हैं।   ये 8 फूड्स गर्मी में देंगे राहत 1. Coconut Water नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक, जो तुरंत हाइड्रेशन देता है और थकान कम करता है। 2. Buttermilk (छाछ) पाचन को बेहतर बनाता है, शरीर को ठंडा रखता है और ब्लोटिंग कम करता है। 3. Cucumber (खीरा) हाई वॉटर कंटेंट के कारण शरीर को हाइड्रेट रखता है और स्किन को भी फायदा देता है। 4. Black Raisins (भिगोए हुए किशमिश) ऊर्जा बढ़ाते हैं, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। 5. Chia Seeds / Sabja Seeds शरीर में लंबे समय तक पानी बनाए रखते हैं और एसिडिटी कम करते हैं। 6. Fennel Tea (सौंफ की चाय) पाचन सुधारती है और शरीर की आंतरिक गर्मी को कम करती है। 7. Gulkand पारंपरिक ठंडा फूड, जो एसिडिटी और हीट को बैलेंस करता है। 8. Watermelon और Muskmelon हाई वॉटर कंटेंट वाले ये फल शरीर को तुरंत ठंडक और ऊर्जा देते हैं। क्या न करें? एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि बहुत ज्यादा ठंडे पेय या आइसक्रीम तुरंत राहत तो देते हैं, लेकिन पाचन को बिगाड़ सकते हैं। असली कूलिंग फूड्स वो होते हैं जो शरीर को अंदर से संतुलित करें। ध्यान रखें हर व्यक्ति का पाचन अलग होता है, इसलिए फूड्स का चयन अपनी बॉडी के अनुसार करें। जरूरत हो तो हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह लें।  

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Heatwave, rising oil prices and dry farmland depict economic pressure from weak monsoon in India
भारत पर ‘ट्रिपल अटैक’ का खतरा: महंगा क्रूड, भीषण गर्मी और कमजोर मानसून से बढ़ी आर्थिक चिंता

भारत की अर्थव्यवस्था इस समय एक साथ कई मोर्चों पर दबाव झेलती नजर आ रही है। बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के बीच अब भीषण गर्मी और कमजोर मानसून के संकेतों ने महंगाई और आर्थिक स्थिरता को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले महीनों में आम लोगों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। महंगे क्रूड से बढ़ा दबाव वैश्विक स्तर पर जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचाई पर बनी हुई हैं। इससे भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर सीधा असर पड़ता है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट और उत्पादन लागत बढ़ती है, जिसका असर हर वस्तु की कीमत पर पड़ता है। भीषण गर्मी ने बढ़ाई बिजली मांग देश के कई हिस्सों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। गर्मी के कारण एयर कंडीशनर और कूलर के इस्तेमाल में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। हाल ही में देश में पावर डिमांड 256 गीगावाट तक पहुंच गई, जो एक नया रिकॉर्ड है। कमजोर मानसून से खेती पर खतरा जून से सितंबर के बीच आने वाला मानसून भारत की कृषि व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इस बार सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है, तो फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिससे खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी आ सकती है। महंगाई बढ़ने का खतरा Reserve Bank of India ने जहां महंगाई दर 4.6% रहने का अनुमान जताया था, वहीं अब विशेषज्ञ इसे 5% से ऊपर जाने की आशंका जता रहे हैं। अगर मानसून कमजोर रहता है, तो यह आंकड़ा 5.8% तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो सकती है, बल्कि दरें बढ़ाने का दबाव भी बन सकता है। ‘परफेक्ट स्टॉर्म’ जैसी स्थिति का खतरा ANZ Bank के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, ऊंची ऊर्जा कीमतें, भीषण गर्मी और कमजोर मानसून मिलकर “परफेक्ट स्टॉर्म” यानी गंभीर आर्थिक संकट जैसी स्थिति पैदा कर सकते हैं। खासकर खाद्य महंगाई सबसे बड़ा जोखिम बनकर उभर रही है। आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा? खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं किसानों की आय पर असर पड़ सकता है ग्रामीण इलाकों में मांग घट सकती है खेती की लागत बढ़ने से महंगाई और तेज हो सकती है कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में खाद्य पदार्थों की हिस्सेदारी करीब 37% है, इसलिए खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर हर घर के बजट पर पड़ेगा। क्या है राहत की उम्मीद? कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति पूरी तरह बिगड़ेगी नहीं। Nomura Holdings के अनुसार, भारत के पास गेहूं और चावल का पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है, जिससे कीमतों को नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही बेहतर सिंचाई और जलवायु-प्रतिरोधी बीजों के कारण खेती पर असर पहले के मुकाबले कुछ कम हो सकता है।  

surbhi अप्रैल 28, 2026 0
Jharkhand Weather
Jharkhand Weather: झारखंड में भीषण गर्मी का कहर, कई जिलों में लू का अलर्ट जारी

रांची। झारखंड में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। Ranchi स्थित मौसम केंद्र के ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक दर्ज किया गया, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।   इन जिलों में हीट वेव का अलर्ट मौसम विभाग ने 21 अप्रैल को राज्य के कई जिलों के लिए लू (हीट वेव) का अलर्ट जारी किया है। इनमें Palamu, Garhwa, Latehar, Chatra, Bokaro, Dhanbad, Simdega, East Singhbhum, West Singhbhum और Seraikela-Kharsawan शामिल हैं। 22 अप्रैल को भी कई इलाकों में गर्म हवा चलने की संभावना जताई गई है।   डालटनगंज सबसे गर्म, कई शहरों में 42 पार राज्य में सबसे अधिक तापमान Daltonganj में 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री ज्यादा है। Jamshedpur में पारा 42.6 डिग्री और Bokaro में 42.2 डिग्री तक पहुंच गया।   राजधानी रांची भी तपिश से बेहाल राजधानी रांची में भी तापमान 40.1 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.2 डिग्री अधिक है। Chaibasa में 41.4 डिग्री तापमान रहा, जबकि देवघर, कोडरमा और गोड्डा में भी पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया।   रात में भी नहीं मिल रही राहत राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। रांची और जमशेदपुर में रात का तापमान 25 डिग्री से अधिक रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही।   बढ़ती गर्मी से बदला स्कूल टाइम लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।

Anjali Kumari अप्रैल 21, 2026 0
School children affected by heatwave in Gumla as temperature reaches 39°C causing illness
गुमला में बढ़ती गर्मी का कहर: 39°C तापमान, लू की चपेट में आ रहे छात्र

झारखंड के Gumla जिले में गर्मी ने अचानक तेज़ी पकड़ ली है। तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के साथ ही लू का असर साफ दिखाई देने लगा है। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली छात्रों पर पड़ रहा है, जहां बड़ी संख्या में बच्चे बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। छात्रों की सेहत पर असर स्थानीय अस्पतालों में ऐसे कई छात्र पहुंचे हैं, जिन्हें तेज गर्मी और लू के कारण बुखार, बदन दर्द और कमजोरी की शिकायत हुई। हालांकि राहत की बात यह है कि समय पर इलाज मिलने से सभी छात्र अब खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और धूप में लंबे समय तक रहने के कारण बच्चों में यह समस्या बढ़ रही है। मॉर्निंग क्लास लागू नहीं, बढ़ रही परेशानी राज्य सरकार ने गर्मी को देखते हुए सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक स्कूल संचालन का निर्देश दिया है, ताकि बच्चे तेज धूप से बच सकें। लेकिन गुमला के कई निजी स्कूल अब भी दोपहर 3 बजे तक कक्षाएं चला रहे हैं, जिससे छात्रों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। गौरतलब है कि जंगलों से घिरा गुमला आमतौर पर अत्यधिक गर्मी से बचा रहता है, लेकिन इस बार यहां भी तापमान में असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। डॉक्टरों की सलाह: सावधानी ही बचाव जिला अस्पताल के डीएस डॉ अनुपम किशोर ने अभिभावकों और छात्रों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है: पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ लें हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें तेज धूप में बाहर निकलने से बचें चक्कर या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत ठंडी जगह पर जाएं स्थिति गंभीर होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

surbhi अप्रैल 21, 2026 0
India Weather Alert 14 April 2026
आज का मौसम 14 अप्रैल: 9 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कई हिस्सों में लू का कहर

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। India Meteorological Department (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 14 अप्रैल को जहां एक ओर कई राज्यों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में आने वाले हैं। इन राज्यों में तूफान और बारिश का अलर्ट IMD ने West Bengal, Sikkim, Assam, Meghalaya, Nagaland, Mizoram, Tripura, Karnataka और Kerala में तेज बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में 40 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही बिजली गिरने का भी खतरा है। किसानों को खास सतर्कता बरतने और खुले में काम करने से बचने की सलाह दी गई है। उत्तर भारत में बढ़ेगी गर्मी Delhi-NCR, Uttar Pradesh, Bihar, Madhya Pradesh और Rajasthan में अब गर्मी का प्रकोप तेज होने वाला है। दिल्ली में तापमान 36–38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि लखनऊ और भोपाल जैसे शहरों में भी पारा 38 डिग्री के करीब रहने का अनुमान है। पहाड़ी राज्यों में बदलेगा मौसम Himachal Pradesh, Uttarakhand और Jammu and Kashmir में 14 से 17 अप्रैल के बीच मौसम करवट ले सकता है। कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में तेज बारिश West Bengal और Assam में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 50 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। दक्षिण भारत में भी असर Kerala और Tamil Nadu के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, राज्य के कई हिस्सों में तापमान में 2-3 डिग्री तक बढ़ोतरी भी दर्ज की जा सकती है। प्रमुख शहरों का तापमान (14 अप्रैल) दिल्ली: 37°C / 23°C मुंबई: 32°C / 27°C चेन्नई: 34°C / 27°C कोलकाता: 37°C / 27°C लखनऊ: 38°C / 24°C पटना: 37°C / 22°C भोपाल: 38°C / 26°C जयपुर: 37°C / 24°C 

surbhi अप्रैल 14, 2026 0
People riding bikes and cycling in heavy rain on city road in Jharkhand amid changing weather conditions
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज: 27-28 मार्च को बारिश की चेतावनी, तेज धूप से बढ़ेगा UV खतरा

झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदलने वाला है। एक ओर जहां तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, वहीं दूसरी ओर 27 और 28 मार्च को बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग ने इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। तापमान में तेज बढ़ोतरी के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। 24 से 26 मार्च तक मौसम शुष्क रहेगा, जिससे गर्मी का असर और बढ़ेगा। 27-28 मार्च को बारिश और गरज के आसार 27 और 28 मार्च को झारखंड के कई हिस्सों में अचानक मौसम बदल सकता है। इस दौरान मेघ गर्जन, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम सामान्य जीवन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज धूप से बढ़ेगा UV किरणों का खतरा भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि साफ आसमान और तेज धूप के कारण अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों का प्रभाव बढ़ सकता है। खासतौर पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। इन जिलों में बढ़ी गर्मी राज्य के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है: सरायकेला: 34.4°C (सबसे अधिक) मेदिनीनगर: 33.6°C जमशेदपुर: 33.5°C बोकारो: 33.1°C रांची: 27.9°C (4.2 डिग्री की बढ़ोतरी) चाईबासा में 35°C तक पहुंच सकता है पारा कोल्हान क्षेत्र के चाईबासा में अगले 24 घंटों में तापमान 34 से 35 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। रात की ठंडक अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है और गर्मी का असर बढ़ने लगा है। कई जिलों में 36-37°C तक जाएगा तापमान देवघर, धनबाद, जामताड़ा और गोड्डा में तापमान 35-36 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं चतरा, गढ़वा और पलामू में पारा 36 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। दक्षिणी झारखंड के सिंहभूम इलाके में तापमान 37 डिग्री तक जा सकता है। 29 मार्च से फिर साफ होगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 29 मार्च के बाद फिर से मौसम साफ हो जाएगा और शुष्क स्थिति लौट आएगी। लोगों के लिए जरूरी सलाह दोपहर में तेज धूप से बचें अधिक मात्रा में पानी पिएं हल्के और ढीले कपड़े पहनें बाहर निकलते समय सिर ढकें बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें

surbhi मार्च 24, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0