Central Board of Film Certification यानी CBFC एक बार फिर अपने फैसले को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला Chand Mera Dil से जुड़ा है, जिसमें अभिनेता Lakshya Lalwani और अभिनेत्री Ananya Panday के रोमांटिक सीन्स पर बोर्ड ने कैंची चला दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट दिया गया है, लेकिन इसके साथ फिल्म के करीब 96 सेकेंड लंबे किसिंग और लिप-लॉक सीन्स हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। 96 सेकेंड के रोमांटिक सीन हटाए गए मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार CBFC ने फिल्म से: 10 सेकेंड का एक किसिंग सीन हटाने और करीब 1 मिनट 26 सेकेंड के लिप-लॉक विजुअल्स काटने का निर्देश दिया है। कुल मिलाकर फिल्म से लगभग 96 सेकेंड के रोमांटिक विजुअल्स हटाए गए हैं। सोशल मीडिया पर उठे सवाल सेंसर बोर्ड के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि जब हिंसा, खून-खराबा और गालियों से भरी फिल्मों को आसानी से पास किया जा रहा है, तब एक रोमांटिक फिल्म के किसिंग सीन्स पर इतनी सख्ती क्यों दिखाई गई। लोगों ने तुलना करते हुए Animal, KGF और अन्य हिंसक फिल्मों का भी जिक्र किया। 22 मई को रिलीज होगी फिल्म Chand Mera Dil 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म का रनटाइम लगभग 2 घंटे 15 मिनट 36 सेकेंड बताया गया है। एडवांस बुकिंग 18 मई से शुरू हो चुकी है। ट्रेलर ने बटोरी थी तारीफ फिल्म का ट्रेलर 11 मई को रिलीज हुआ था, जिसे दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला। फिल्म में Ananya Panday और Lakshya Lalwani की केमिस्ट्री को काफी पसंद किया गया। ट्रेलर के कुछ डायलॉग्स भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें: “प्यार तो बहुत है, लेकिन इज्जत उससे ज्यादा जरूरी है।” और “लेजेंड्री लव स्टोरीज की एंडिंग ही तो ट्रैजिक होती है।” जैसी लाइनें शामिल हैं। ‘सैयारा’ जैसी फीलिंग की चर्चा ट्रेलर देखने के बाद कई यूजर्स ने फिल्म की तुलना रोमांटिक ड्रामा फिल्मों से की थी। कुछ लोगों का कहना था कि फिल्म में इमोशनल लव स्टोरी के साथ ट्रेजडी और मैच्योर रिलेशनशिप की झलक देखने को मिल रही है। करण जौहर की प्रोडक्शन टीम से जुड़ी फिल्म फिल्म का निर्देशन Vivek Soni ने किया है, जबकि इसे Karan Johar समेत कई निर्माताओं ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में: अनन्या पांडे लक्ष्य लालवानी आस्था सिंह प्रथम राठौड़ एल्विस जोस मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म का अनुमानित बजट करीब 90 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
Veer Pahariya ने अपनी डेब्यू फिल्म Sky Force से बॉलीवुड में दमदार शुरुआत की थी। अब अभिनेता अपने दूसरे बड़े प्रोजेक्ट के लिए तैयार हैं। खबरों के मुताबिक वीर जल्द ही एक नए एक्शन-थ्रिलर ‘Benaam’ में नजर आएंगे, जिसे दिग्गज फिल्ममेकर Mahesh Bhatt प्रेजेंट करेंगे। फिल्म को एक रूटेड कमर्शियल एंटरटेनर बताया जा रहा है, जिसमें एक्शन, ड्रामा और दमदार म्यूजिक का खास मिश्रण देखने को मिलेगा। पहली बार दिखेगा वीर का रग्ड एंटी-हीरो अंदाज सूत्रों के अनुसार ‘Benaam’ में वीर पहाड़िया अब तक के सबसे अलग अवतार में दिखाई देंगे। फिल्म में उनका किरदार एक रॉ और डार्क एंटी-हीरो के रूप में डिजाइन किया गया है। बताया जा रहा है कि इस भूमिका के लिए वीर बड़ा फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन भी करने वाले हैं। फिल्म का किरदार उन्हें एक ज्यादा इंटेंस और एक्शन-ओरिएंटेड स्क्रीन स्पेस एक्सप्लोर करने का मौका देगा। म्यूजिक एल्बम पर रहेगा खास फोकस फिल्म से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ‘Benaam’ में म्यूजिक बहुत अहम भूमिका निभाएगा। मेकर्स इस प्रोजेक्ट को सिर्फ एक्शन फिल्म नहीं, बल्कि मजबूत म्यूजिक एल्बम वाली कमर्शियल फिल्म के तौर पर तैयार कर रहे हैं। महेश भट्ट का इस प्रोजेक्ट से जुड़ना फिल्म को लेकर इंडस्ट्री और दर्शकों दोनों के बीच उत्सुकता बढ़ा रहा है। अभी गुप्त रखी गई हैं कई डिटेल्स फिलहाल फिल्म के निर्देशक, बाकी कलाकारों और तकनीकी टीम से जुड़ी जानकारी को गुप्त रखा गया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक फिल्म की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और आने वाले हफ्तों में इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। ‘Sky Force’ से किया था बॉलीवुड डेब्यू वीर पहाड़िया ने 2025 में रिलीज हुई Sky Force से बॉलीवुड डेब्यू किया था, जिसमें उन्होंने भारतीय वायुसेना अधिकारी की भूमिका निभाई थी। उनकी परफॉर्मेंस को दर्शकों और इंडस्ट्री दोनों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। अब ‘Benaam’ के जरिए वीर एक बिल्कुल अलग और ज्यादा डार्क किरदार में नजर आने वाले हैं, जिसे लेकर फिल्मी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
Ayushmann Khurrana की लेटेस्ट फिल्म Pati Patni Aur Woh Do ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षाकृत धीमी शुरुआत की है। फिल्म ने पहले दिन लगभग ₹3.50 करोड़ का नेट कलेक्शन दर्ज किया, जिससे यह उनके करियर की 8वीं सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म बन गई है। हालांकि फिल्म की यह ओपनिंग उनके पिछले हिट्स की तुलना में कमजोर मानी जा रही है, लेकिन यह फिर भी टॉप 10 ओपनर्स की लिस्ट में जगह बनाने में सफल रही। ‘Thamma’ अभी भी सबसे बड़ी ओपनर Ayushmann Khurrana के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म अभी भी Thamma बनी हुई है, जिसने पहले दिन करीब ₹23 करोड़ का शानदार कलेक्शन किया था। इसके बाद Dream Girl 2 और Dream Girl जैसी फिल्मों ने भी मजबूत ओपनिंग दर्ज की थी, लेकिन Thamma ने सभी रिकॉर्ड्स को बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है। टॉप 10 ओपनर्स की पूरी लिस्ट Thamma – ₹23 करोड़ Dream Girl 2 – ₹9.75 करोड़ Dream Girl – ₹9.50 करोड़ Bala – ₹9.25 करोड़ Shubh Mangal Zyada Saavdhan – ₹8.75 करोड़ Badhaai Ho – ₹7.25 करोड़ Article 15 – ₹4.75 करोड़ Pati Patni Aur Woh Do – ₹3.50 करोड़ (expected) Doctor G – ₹3.50 करोड़ Nautanki Saala – ₹3.25 करोड़ आगे की उम्मीदें फिल्म इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि वीकेंड कलेक्शन और वर्ड ऑफ माउथ पर Pati Patni Aur Woh Do का प्रदर्शन काफी हद तक निर्भर करेगा। अब सभी की नजरें Ayushmann Khurrana की आने वाली फिल्मों Yeh Prem Mol Liya और Udta Teer पर टिकी हुई हैं, जो उनके करियर ग्राफ को फिर से मजबूत कर सकती हैं।
Krishnavataram Part 1: The Heart बॉक्स ऑफिस पर शुरुआती दिनों में ठीक-ठाक प्रदर्शन करती नजर आ रही है, लेकिन पहले सोमवार की कमाई ने फिल्म के आगे के सफर को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। Siddharth Gupta और Sanskruti Jayana स्टारर इस माइथोलॉजिकल फैंटेसी ड्रामा ने अपने पहले सोमवार को करीब 1 से 1.10 करोड़ रुपये की नेट कमाई की। सामान्य तौर पर यह कलेक्शन ठीक माना जा सकता है, लेकिन जिस तरह की ग्रोथ फिल्म को चाहिए थी, उसके मुकाबले यह थोड़ा कमजोर माना जा रहा है। सोमवार को नहीं बनी वीकेंड जैसी पकड़ फिल्म ने शनिवार और रविवार को अच्छी बढ़त दिखाई थी। खासकर रविवार को फिल्म ने 3.25 करोड़ रुपये की कमाई कर उम्मीदें बढ़ा दी थीं। हालांकि सोमवार को कलेक्शन फिर से शुक्रवार के स्तर के करीब पहुंच गया, जिससे संकेत मिला कि फिल्म को दर्शकों से स्थिर सपोर्ट अभी नहीं मिल पा रहा। Krishnavataram Part 1: The Heart का हिंदी बॉक्स ऑफिस पर कुल नेट कलेक्शन अब 7.75 करोड़ रुपये पहुंच गया है। वहीं तेलुगु और तमिल डब वर्जन से फिल्म ने लगभग 65 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई की है। पहले हफ्ते में 10 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म पहले हफ्ते के अंत तक हिंदी में करीब 10 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू सकती है। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि फिल्म में कोई बड़ा स्टार नहीं है और इसे हिंदी बेल्ट में सिर्फ 700 स्क्रीन पर रिलीज किया गया है। ऐसे में इसकी अब तक की कमाई को पूरी तरह कमजोर नहीं माना जा रहा। Mahavatar Narsimha से हो रही तुलना पिछले साल रिलीज हुई Mahavatar Narsimha का उदाहरण भी लगातार दिया जा रहा है। भगवान विष्णु के अवतारों पर आधारित इस एनिमेटेड फिल्म ने शुरुआत में धीमी कमाई की थी, लेकिन बाद में जबरदस्त ग्रोथ दिखाते हुए हिंदी में करीब 170 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। इसी तरह Laalo: Krishna Sada Sahayate ने भी शुरुआती हफ्तों में खास प्रदर्शन नहीं किया था, लेकिन बाद में अचानक तेजी पकड़ ली थी। इसी वजह से ट्रेड एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि Krishnavataram Part 1: The Heart के लिए अभी उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं। दूसरे हफ्ते में असली परीक्षा अब फिल्म के लिए सबसे जरूरी होगा कि वीकडेज में इसकी कमाई शनिवार के स्तर के करीब बनी रहे और दूसरे हफ्ते में स्क्रीन काउंट और दर्शकों का सपोर्ट बढ़े। माइथोलॉजिकल फिल्मों का ट्रेंड कई बार धीरे-धीरे मजबूत होता है, इसलिए आने वाले दिन फिल्म के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं। Krishnavataram Part 1 Hindi Box Office Collection दिन नेट कलेक्शन प्रीव्यू ₹0.40 करोड़ शुक्रवार ₹1.00 करोड़ शनिवार ₹2.10 करोड़ रविवार ₹3.25 करोड़ सोमवार ₹1.00 करोड़ (अनुमानित) कुल ₹7.75 करोड़
बॉलीवुड के चर्चित सिंगर Abhijeet Bhattacharya ने एक बार फिर सुपरस्टार Shah Rukh Khan के साथ अपने रिश्तों पर खुलकर बात की है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने दोनों के बीच वर्षों पुराने मनमुटाव की वजह ‘अहंकार’ और ‘आत्मसम्मान’ को बताया और कहा कि एक छोटी सी पहल से यह विवाद खत्म हो सकता था। “माफी मांग लेते तो सब ठीक हो जाता” अभिजीत ने कहा कि उनके और शाहरुख के बीच दूरी की सबसे बड़ी वजह यह रही कि अभिनेता ने कभी माफी नहीं मांगी। उनके शब्दों में, “शाहरुख का अहंकार और मेरा आत्मसम्मान– यही हमारे बीच दरार की वजह बने। अगर उन्होंने एक बार माफी मांग ली होती, तो शायद सब ठीक हो जाता।” पुराने रिश्तों की मिसाल दी सिंगर ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि इंडस्ट्री में कई बार लोग आपसी मतभेदों के बावजूद रिश्ते बनाए रखते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए Aamir Khan का जिक्र किया और कहा कि मतभेद होने के बावजूद रिश्ते निभाए जा सकते हैं। भावनात्मक जुड़ाव की बात अभिजीत ने बताया कि उन्होंने सिर्फ शाहरुख ही नहीं, बल्कि कई अन्य एक्टर्स के लिए भी गाना गाना कम कर दिया था, क्योंकि उनकी आवाज पर्दे पर शाहरुख की छवि से गहराई से जुड़ गई थी। यह रिश्ता उनके लिए सिर्फ प्रोफेशनल नहीं, बल्कि भावनात्मक भी था। “छोटी कोशिश से खत्म हो सकता था तनाव” उन्होंने कहा कि शाहरुख के आसपास होने के बावजूद उन्हें कई बार अलग-थलग महसूस होता था। उनके मुताबिक, “अगर शाहरुख एक छोटी सी कोशिश कर लेते, तो हमारे बीच का तनाव खत्म हो सकता था।” सुलह की संभावना पर क्या बोले? हालांकि सिंगर ने पूरी तरह से सुलह की संभावना को खारिज नहीं किया, लेकिन यह भी साफ किया कि अब उनके बीच पहले जैसा रिश्ता नहीं रहा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में कभी-कभार औपचारिक बातचीत के अलावा अब कोई खास संपर्क नहीं है। शाहरुख की फिल्मों में अभिजीत की पहचान एक दौर था जब अभिजीत भट्टाचार्य की आवाज Baadshah और Main Hoon Na जैसी फिल्मों में शाहरुख खान की पहचान बन चुकी थी। उनके गाए कई गाने आज भी फैंस के बीच लोकप्रिय हैं।
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता Varun Dhawan की अपकमिंग फिल्म Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। फैंस जिस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, उसकी रिलीज डेट में बदलाव किया गया है। पहले यह फिल्म 22 मई 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब मेकर्स ने इसे आगे बढ़ाकर 5 जून 2026 कर दिया है। IPL के बाद रिलीज का फैसला फिल्म की रिलीज डेट बदलने के पीछे एक बड़ा कारण Indian Premier League का सीजन माना जा रहा है। मेकर्स का मानना है कि IPL खत्म होने के बाद दर्शकों का फोकस फिल्मों की ओर ज्यादा रहेगा, जिससे बॉक्स ऑफिस पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। रोमांस और कॉमेडी का फुल डोज यह फिल्म एक फैमिली एंटरटेनर है, जिसमें रोमांस, कॉमेडी और हल्का-फुल्का ड्रामा देखने को मिलेगा। Mrunal Thakur Pooja Hegde दोनों एक्ट्रेसेस फिल्म में Varun Dhawan के साथ लीड रोल में नजर आएंगी। इस तिकड़ी को लेकर पहले से ही दर्शकों के बीच काफी चर्चा है। David Dhawan की वापसी फिल्म का निर्देशन David Dhawan ने किया है, जो अपनी कॉमिक टाइमिंग और एंटरटेनिंग फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। लंबे समय बाद वह एक बार फिर दर्शकों के लिए फुल-ऑन कॉमेडी और फैमिली ड्रामा लेकर आ रहे हैं। क्या है खास प्रोडक्शन: Tips Films Limited को-प्रोडक्शन: Maximillian Films (UK) जॉनर: फैमिली एंटरटेनर फिल्म की रिलीज आगे बढ़ने से फैंस को थोड़ा इंतजार जरूर करना पड़ेगा, लेकिन उम्मीद है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाल मचाएगी।
हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय कॉमेडी फ्रेंचाइज़ी में से एक हेरा फेरी 3 को लेकर दर्शकों का इंतजार फिलहाल और लंबा होने वाला है। अभिनेता-निर्माता अक्षय कुमार ने साफ कर दिया है कि फिल्म पर काम अभी शुरू नहीं हो पाएगा और इसे बनने में कम से कम एक साल का समय लग सकता है। अक्षय कुमार ने तोड़ी चुप्पी हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अक्षय कुमार ने फिल्म को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ‘हेरा फेरी 3’ फिलहाल नहीं बन रही है। अक्षय ने बताया कि फिल्म से जुड़े कई मुद्दे अब भी सुलझे नहीं हैं, जिसकी वजह से प्रोजेक्ट लगातार पीछे खिसक रहा है। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि “शायद कुछ मंत्र पढ़ने पड़ेंगे ताकि सब ठीक हो जाए”, लेकिन मौजूदा स्थिति में फिल्म अगले एक साल तक शुरू होने की संभावना नहीं है। फैंस के साथ-साथ खुद अक्षय भी हैरान इस बहुप्रतीक्षित फिल्म के टलने से जहां फैंस निराश हैं, वहीं अक्षय कुमार ने भी माना कि वह खुद इस स्थिति से हैरान हैं। उन्होंने कहा कि जब सही समय आएगा, तब फिल्म जरूर बनेगी, लेकिन उम्मीद है कि इसमें इतना समय न लग जाए कि कलाकार उम्रदराज हो जाएं। क्या स्टारकास्ट है देरी की वजह? काफी समय से यह चर्चा थी कि फिल्म में परेश रावल और सुनील शेट्टी के साथ तालमेल की समस्या इसकी देरी का कारण है। हालांकि अक्षय कुमार ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि तीनों कलाकार हाल ही में वेलकम टू द जंगल में साथ काम कर चुके हैं, जिससे साफ है कि उनके बीच कोई मतभेद नहीं है। क्यों खास है ‘हेरा फेरी’ फ्रेंचाइज़ी? हेरा फेरी और हेरा फेरी 2 ने भारतीय दर्शकों को खूब हंसाया और एक कल्ट स्टेटस हासिल किया। बाबूराव, राजू और श्याम की तिकड़ी आज भी दर्शकों की पसंदीदा है, यही वजह है कि तीसरे पार्ट को लेकर उम्मीदें बेहद ऊंची हैं। फिलहाल, ‘हेरा फेरी 3’ के फैंस को थोड़ा और इंतजार करना होगा, क्योंकि फिल्म की राह में अभी कई बाधाएं हैं जिन्हें पार करना बाकी है।
मुंबई: बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय कॉमेडी फ्रेंचाइजी में से एक ‘हेरा फेरी’ के तीसरे पार्ट का इंतजार कर रहे फैंस के लिए बड़ा झटका सामने आया है। अभिनेता Akshay Kumar ने साफ कर दिया है कि ‘Hera Pheri 3’ फिलहाल नहीं बन रही है। यह बयान ऐसे समय आया है जब उनकी फिल्म Bhoot Bangla रिलीज हो चुकी है और फैंस उनसे लगातार इस बहुप्रतीक्षित फिल्म को लेकर सवाल कर रहे थे। क्या बोले अक्षय कुमार? एक इंटरव्यू के दौरान अक्षय कुमार ने कहा कि “दुर्भाग्यवश, ‘हेरा फेरी 3’ अभी नहीं बन रही है।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस खबर से उन्हें खुद भी झटका लगा था। अक्षय ने संकेत दिया कि फिल्म कई तरह की जटिलताओं में उलझी हुई है–हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ बातें वह सार्वजनिक तौर पर नहीं बता सकते। उनके मुताबिक, “ऐसा नहीं है कि हम तीनों साथ नहीं हैं। हम साथ हैं, लेकिन कई समझौते और मुद्दे हैं जो प्रोजेक्ट को आगे बढ़ने से रोक रहे हैं।” विवादों में फंसी रही फिल्म ‘हेरा फेरी 3’ लंबे समय से विवादों में घिरी हुई है। खासकर Paresh Rawal के अचानक प्रोजेक्ट से अलग होने की खबर ने सभी को चौंका दिया था। इसके अलावा, फिल्म के कॉपीराइट को लेकर निर्माता Firoz Nadiadwala और एक साउथ फिल्म प्रोड्यूसर के बीच कानूनी विवाद भी सामने आया, जिससे प्रोजेक्ट और अटक गया। फेमस तिकड़ी का क्या होगा? फैंस लंबे समय से Suniel Shetty, अक्षय कुमार और परेश रावल की आइकॉनिक तिकड़ी को फिर से पर्दे पर देखने का इंतजार कर रहे हैं। 2000 में रिलीज हुई Hera Pheri और 2006 की Phir Hera Pheri ने बाबूराव, राजू और श्याम के किरदारों को अमर बना दिया था। “बुढ़ापा न आ जाए…” अक्षय कुमार ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उम्मीद है फिल्म बनने में इतनी देरी न हो जाए कि “बुढ़ापा आ जाए।” उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सही समय आने पर फिल्म जरूर बनेगी, लेकिन फिलहाल इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा। फैंस को बड़ा झटका इस अपडेट के बाद सोशल मीडिया पर फैंस की निराशा साफ दिखाई दे रही है। लंबे समय से इस फिल्म को लेकर जो उम्मीदें थीं, वे फिलहाल टूटती नजर आ रही हैं।
मुंबई: हिंदी सिनेमा के दमदार कॉमिक अभिनेता राजपाल यादव ने अपने करियर, फिल्मी सफर और भविष्य की योजनाओं को लेकर एक खास बातचीत में दिलचस्प खुलासे किए हैं। अपनी आने वाली फिल्म भूत बंगला के प्रमोशन के दौरान उन्होंने न सिर्फ अपने सफर को याद किया, बल्कि अक्षय कुमार के साथ एक खास तरह की एक्शन फिल्म करने की इच्छा भी जाहिर की। करियर को आकार देने वाले तीन निर्देशक राजपाल यादव ने अपने 25 साल लंबे करियर में जिन निर्देशकों का सबसे बड़ा योगदान माना, उनमें राम गोपाल वर्मा, प्रियदर्शन और डेविड धवन का नाम प्रमुख रूप से लिया। उन्होंने कहा कि इन तीनों निर्देशकों ने उनके अंदर के कलाकार को निखारने में अहम भूमिका निभाई। छोटे-बड़े किरदारों में लगातार प्रयोगों के जरिए उन्हें अपने अभिनय की कई परतें दिखाने का मौका मिला। उनके मुताबिक, इन निर्देशकों ने उन्हें न सिर्फ 25 तरह के किरदार निभाने का अवसर दिया, बल्कि 250 नए अंदाज गढ़ने की प्रेरणा भी दी। ‘टॉम एंड जेरी’ जैसी जोड़ी बनाना चाहते हैं राजपाल यादव ने खुलकर कहा कि उनकी और अक्षय कुमार की जोड़ी को अक्सर ‘टॉम एंड जेरी’ से जोड़ा जाता है। इस संदर्भ में उन्होंने अपनी बड़ी इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि अगर वे दोनों इस तरह की जोड़ी हैं, तो उन्हें दुनिया का सबसे बेहतरीन ‘टॉम एंड जेरी’ बनकर दिखाना चाहिए। उन्होंने बताया कि वह और अक्षय कुमार एक ऐसी फिल्म की तलाश में हैं, जिसमें दोनों का फुल-ऑन एक्शन और कॉमिक टकराव देखने को मिले। उनका मानना है कि दर्शक भी इस जोड़ी को बड़े पर्दे पर जबरदस्त एक्शन अंदाज में देखने के लिए उत्सुक हैं। एक्शन फिल्म के बाद मिलेगी संतुष्टि राजपाल यादव का कहना है कि अक्षय कुमार के साथ एक पूरी तरह एक्शन फिल्म करने के बाद ही उन्हें एक अलग तरह की संतुष्टि मिलेगी। यह उनके करियर का एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है।
मुंबई, एजेंसियां। दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन के बाद देओल परिवार एक बड़े भावनात्मक दौर से गुजर रहा है। हाल ही में उनके बेटे बॉबी देओल ने एक इंटरव्यू में पिता के जाने के बाद परिवार में आए बदलावों और रिश्तों की नई परिभाषा पर खुलकर बात की। पिता की कमी और समय का एहसास बॉबी देओल ने बताया कि पिता के जाने के बाद उन्हें सबसे ज्यादा इस बात का एहसास हुआ कि समय सबसे कीमती होता है। उन्होंने कहा कि कई बार उन्हें पछतावा होता है कि काश उन्होंने अपने पिता के साथ और ज्यादा वक्त बिताया होता। अब उनके लिए परिवार, खासकर पत्नी और बच्चों के साथ समय बिताना सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है। उनके मुताबिक, सफलता का असली मतलब अपनों के साथ बिताया गया समय है, न कि सिर्फ करियर या शोहरत। बहनों से बढ़ी नजदीकियां बॉबी ने अपनी सौतेली बहनों ईशा देओल और अहाना देओल के साथ रिश्तों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को और करीब ला दिया है। पहले जहां दूरी महसूस होती थी, अब सभी एक-दूसरे का सहारा बन रहे हैं। बॉबी के मुताबिक, दुख के समय में कभी-कभी गलतफहमियां भी होती हैं, लेकिन समय के साथ रिश्ते और मजबूत हो जाते हैं। परिवार में आई भावनात्मक परिपक्वता उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना का असर अगली पीढ़ी पर भी पड़ा है। उनके बच्चों में अब जीवन को लेकर अधिक समझ और परिपक्वता आई है। परिवार के सभी सदस्य इस नुकसान से अपने-अपने तरीके से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। यादों में जिंदा हैं धर्मेंद्र बॉबी देओल अक्सर सोशल मीडिया पर अपने पिता के पुराने वीडियो और यादों को देखते हैं। उनके अनुसार, धर्मेंद्र की सादगी और गर्मजोशी आज भी उन्हें महसूस होती है। धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर को हुआ था। उन्हें भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए मरणोपरांत ‘पद्म विभूषण’ से भी सम्मानित किया गया। उनके जाने के बाद भी उनका परिवार और फैंस उन्हें हमेशा याद करते रहेंगे।
हिंदी सिनेमा की चर्चित वॉर फ्रेंचाइजी ‘बॉर्डर’ अब अपने अगले अध्याय की ओर बढ़ रही है। Border 3 को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है कि फिल्म पर काम शुरू हो चुका है और इसे 2027 के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक बनाने की तैयारी की जा रही है। Sunny Deol एक बार फिर इस फ्रेंचाइजी का चेहरा बने रहेंगे, और उनकी देशभक्ति वाली छवि को इस बार और भी बड़े स्तर पर पेश करने की योजना है। वहीं, Varun Dhawan के साथ आई पिछली फिल्म Border 2 की सफलता ने इस फ्रेंचाइजी को नई ऊंचाई दी है। फिल्म ने दुनियाभर में 450 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर जबरदस्त सफलता हासिल की थी, जिससे मेकर्स का भरोसा और मजबूत हुआ है। सनी देओल की इमेज पर खास फोकस मेकर्स इस बार सनी देओल की ‘देशभक्त हीरो’ वाली छवि को और भव्य तरीके से पेश करने की तैयारी में हैं। Nidhi Dutta इस प्रोजेक्ट को लेकर खास रणनीति बना रही हैं और फिल्म की कहानी व लेखन में भी सक्रिय रूप से शामिल हैं। वॉर जोन से आगे, अब वायुसेना और फैंटेसी पर फोकस रिपोर्ट्स के अनुसार, जेपी फिल्म्स अब पारंपरिक वॉर जोन से आगे बढ़ते हुए भारतीय वायुसेना पर आधारित एक नई फिल्म भी शुरू करने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही एक बड़े बजट की फैंटेसी एडवेंचर फ्रेंचाइजी पर भी काम चल रहा है, जो स्टूडियो के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सनी देओल के लिए नया दौर Gadar 2 की ऐतिहासिक सफलता के बाद सनी देओल का करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। अब उनके पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स की लाइन है, जिनमें Ramayanam भी शामिल है, जहां वह ‘हनुमान’ के किरदार में नजर आएंगे। इसके अलावा Jaat 2 और Lahore 1947 जैसे प्रोजेक्ट्स भी चर्चा में हैं। जल्द होगी कास्टिंग की घोषणा फिल्म की शूटिंग देश के अलग-अलग हिस्सों में की जाएगी और उम्मीद है कि आने वाले महीनों में ‘बॉर्डर 3’ की आधिकारिक कास्टिंग और बाकी डिटेल्स का ऐलान कर दिया जाएगा।
जब कोई फिल्म दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ती है, तो उसका कारण सिर्फ दमदार अभिनय नहीं होता, बल्कि किरदार का लुक और प्रस्तुति भी उतनी ही अहम भूमिका निभाते हैं। Dhurandhar 2 में Ranveer Singh का किरदार इसी बात का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है, जहां उनका वॉर्डरोब ही उनके किरदार की पूरी यात्रा को बयां करता है। सोल्जर से ‘शेर-ए-बालोच’ तक का सफर फिल्म में रणवीर का किरदार जस्किरत सिंह रंगी से हमजा उर्फ ‘शेर-ए-बालोच’ में बदलता है। इस बदलाव को सिर्फ उनके अभिनय या स्क्रीन प्रेजेंस से नहीं, बल्कि उनके कपड़ों ने भी मजबूती से दर्शाया है। कॉस्ट्यूम डिजाइनर Smriti Chauhan ने हर लुक को इस तरह डिजाइन किया कि वह किरदार के हर पड़ाव को दर्शा सके। शुरुआत में एक साधारण स्ट्राइप्ड टी-शर्ट से लेकर बाद में डार्क पठानी सूट, लेदर जैकेट्स और हैवी एक्सेसरीज़ तक–हर बदलाव एक नई कहानी कहता है। आम आदमी से जुड़ा पहला लुक फिल्म के शुरुआती हिस्से में रणवीर का सिंपल स्ट्राइप्ड टी-शर्ट वाला लुक दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय हुआ। यह कोई हाई-फैशन स्टाइल नहीं, बल्कि एक आम भारतीय युवक की पहचान जैसा लगता है। यही सादगी जस्किरत के उस मानवीय पक्ष को दिखाती है, जो हर दर्शक को अपने जैसा महसूस होता है–एक साधारण इंसान, जो हालात के चलते असाधारण बन जाता है। जैसे-जैसे बढ़ा किरदार, वैसे-वैसे बदला स्टाइल जैसे ही जस्किरत का किरदार हमजा में बदलता है, उसके कपड़ों में भी कठोरता और गहराई दिखने लगती है। डार्क रंग, खासकर काले शेड्स, लंबे बाल, घनी दाढ़ी और लेयरिंग–ये सब मिलकर उसे एक खतरनाक और प्रभावशाली व्यक्तित्व देते हैं। डिजाइनर स्मृति चौहान के मुताबिक, काले रंग को खासतौर पर उस मोड़ के लिए बचाकर रखा गया था, जब किरदार पूरी तरह ‘किंग ऑफ लयारी’ बन जाता है। किरदार में दिखा सामाजिक और मनोवैज्ञानिक असर फिल्म के दौरान हमजा का स्टाइल अलग-अलग किरदारों से प्रेरित दिखता है–जैसे रहमान डाकैत से काले रंग का प्रभाव, मेजर इकबाल से जैकेट्स, और उजैर बलोच से कुछ एक्सेसरीज़। इस तरह वॉर्डरोब सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि किरदार के सामाजिक और मानसिक बदलाव का प्रतीक बन जाता है। अंत में सादगी की वापसी फिल्म के अंत में जब रणवीर का किरदार अपने शहर लौटता है, तो उनके कपड़ों में फिर से सादगी दिखाई देती है। हल्के ब्राउन और न्यूड टोन के रंगों का इस्तेमाल किया गया, ताकि दर्शकों का ध्यान पूरी तरह किरदार के भावनात्मक पहलू पर रहे। वॉर्डरोब बना फिल्म की असली ताकत Dhurandhar 2 में वॉर्डरोब सिर्फ कपड़े नहीं, बल्कि एक कहानी है–एक ऐसे इंसान की, जो आम जिंदगी से उठकर एक खौफनाक पहचान बन जाता है। रणवीर सिंह का यह लुक दर्शाता है कि सही कॉस्ट्यूम डिजाइन कैसे किसी किरदार को जीवंत और यादगार बना सकता है।
बॉलीवुड में इन दिनों फिल्म ‘धुरंधर 2’ की सफलता को लेकर जबरदस्त चर्चा है। निर्देशक आदित्य धर की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है और दर्शकों के साथ-साथ इंडस्ट्री के बड़े नामों का भी ध्यान खींच रही है। इसी कड़ी में फिल्म ‘एनिमल’ के निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म देखने के बाद खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी, जो अब चर्चा का केंद्र बन गई है। वांगा का बयान: ‘प्रोपेगेंडा’ बहस पर सीधा हमला संदीप रेड्डी वांगा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने पोस्ट में ‘धुरंधर 2’ की जोरदार तारीफ करते हुए उन आलोचकों पर निशाना साधा, जो फिल्म को ‘प्रोपेगेंडा’ करार दे रहे हैं। उन्होंने लिखा कि फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक कुछ लोग प्रोपेगेंडा के सहारे आगे बढ़ते रहे, लेकिन अब वही लोग इस फिल्म का मजाक उड़ा रहे हैं। वांगा ने साफ कहा कि अगर किसी की पहली प्रतिक्रिया मजाक उड़ाना है, तो उसे खुद को ‘लिबरल’ कहने का हक नहीं होना चाहिए। उन्होंने मौजूदा दौर को “अजीब समय” बताते हुए सवाल उठाया कि कब से सच को प्रोपेगेंडा कहा जाने लगा। साथ ही उन्होंने फिल्म को “शानदार” बताते हुए इसके कलाकारों और निर्माताओं की सराहना की। आदित्य धर का जवाब: सम्मान और समर्थन वांगा के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आदित्य धर ने उनके बेबाक अंदाज की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वांगा जिस आत्मविश्वास और ईमानदारी के साथ अपनी बात रखते हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है और दूसरों को भी अपनी आवाज पर भरोसा करने की प्रेरणा देता है। धर ने इस दौरान सुपरस्टार प्रभास को ‘लेजेंड’ बताते हुए उन्हें अपना प्यार भेजा और वांगा की आने वाली फिल्म ‘स्पिरिट’ के लिए शुभकामनाएं दीं। ‘स्पिरिट’ को लेकर भी जताई उत्सुकता आदित्य धर ने कहा कि वे ‘स्पिरिट’ का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और अगर जरूरत पड़ी तो वांगा की हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि हाल ही में इस फिल्म के सेट पर आग लगने की खबर सामने आई थी, जिसके बाद से फिल्म चर्चा में बनी हुई है। सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस ‘धुरंधर 2’ की सफलता के साथ-साथ ‘प्रोपेगेंडा’ बनाम ‘सच्चाई’ की बहस भी तेज हो गई है। एक ओर जहां फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ वर्ग इसकी आलोचना भी कर रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह बहस किस दिशा में जाती है और फिल्म का बॉक्स ऑफिस सफर कितना लंबा चलता है।
सलमान खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘मातृभूमि: में वॉर रेस्ट इन पीस’ लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म की रिलीज डेट को लेकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं, लेकिन अभी तक इसे लेकर कोई फाइनल ऑफिशियल घोषणा नहीं हुई है। रिलीज डेट फिर टली! पहले फिल्म अप्रैल 2026 में रिलीज होने वाली थी फिर खबर आई कि इसे मई 2026 में लाया जाएगा लेकिन अब मई में रिलीज होना लगभग नामुमकिन माना जा रहा है लेटेस्ट अपडेट: अगर सभी अप्रूवल (सेंसर आदि) समय पर मिल जाते हैं, तो फिल्म जून 2026 में रिलीज हो सकती है क्या बदली गई फिल्म की कहानी? जी हां, रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म में बड़े बदलाव किए गए हैं: फिल्म का नाम बदला गया पहले: ‘बैटल ऑफ गलवान’ अब: ‘मातृभूमि: में वॉर रेस्ट इन पीस’ लगभग 40% फिल्म री-शूट की गई सलमान के किरदार में रोमांस और बैकस्टोरी जोड़ी गई भारत-चीन हालात में बदलाव के चलते कहानी में बदलाव गानों को मिला शानदार रिस्पॉन्स फिल्म के अब तक रिलीज हुए गानों को फैंस से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है, जिससे फिल्म का हाइप बना हुआ है। देरी की वजह क्या है? सेंसर और अप्रूवल से जुड़ी समस्याएं नए कट में कुछ तकनीकी दिक्कतें री-शूट के कारण पोस्ट-प्रोडक्शन में देरी सलमान खान के अपकमिंग प्रोजेक्ट दिल राजू के साथ नई फिल्म (2027 रिलीज की चर्चा) इस फिल्म के लिए सलमान वजन कम कर रहे हैं राज & डीके के साथ प्रोजेक्ट शूटिंग: अगस्त से शुरू
धर्मा प्रोडक्शंस की नई रोमांटिक फिल्म Chaand Mera Dil का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। Ananya Panday और Lakshya Lalwani की नई जोड़ी को पहली बार साथ देखने को लेकर उत्साह तो था, लेकिन टीजर देखने के बाद दर्शकों की प्रतिक्रियाएं बंटी हुई नजर आ रही हैं। रोमांस ज्यादा, लेकिन नया क्या? फिल्म का टीजर बेहद इंटेंस और रोमांटिक है, जिसमें कॉलेज लाइफ, प्यार और इमोशंस को दिखाया गया है। कहानी दो इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स-चांदनी और आरव-के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दोस्ती और पढ़ाई के बीच एक-दूसरे से प्यार कर बैठते हैं। हालांकि, दर्शकों का एक बड़ा वर्ग मान रहा है कि फिल्म की कहानी और ट्रीटमेंट पहले देखी गई फिल्मों जैसा ही है। ‘2 स्टेट्स’ से तुलना, फैंस ने जताई निराशा टीजर सामने आते ही कई यूजर्स ने इसकी तुलना 2 States और अन्य रोमांटिक फिल्मों से कर दी। कुछ लोगों ने इसे “सस्ती 2 स्टेट्स” तक कह दिया। हालांकि, Lakshya Lalwani की स्क्रीन प्रेजेंस और एक्टिंग की जमकर तारीफ हो रही है, वहीं Ananya Panday के प्रदर्शन को लेकर दर्शक पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे। करण जौहर का रोमांस फॉर्मूला फिर वापसी पर फिल्म Karan Johar के बैनर के तहत बनाई जा रही है, जो पहले Kuch Kuch Hota Hai, Kabhi Khushi Kabhie Gham, Kal Ho Naa Ho जैसी हिट लव स्टोरीज दे चुका है। इस बार मेकर्स उसी क्लासिक रोमांस को नए अंदाज में पेश करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन टीजर ने फिलहाल दर्शकों को पूरी तरह कन्विंस नहीं किया है। रिलीज डेट और बॉक्स ऑफिस मुकाबला ‘चांद मेरा दिल’ अब 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। पहले इसे 2025 में रिलीज किया जाना था, लेकिन किसी कारणवश इसमें देरी हुई। मई 2026 में कई फिल्में अलग-अलग तारीखों पर रिलीज हो रही हैं, जिससे सीधी टक्कर से बचने की रणनीति अपनाई गई है। ऐसे में फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छा मौका मिल सकता है। क्या बनेगी गेम चेंजर फिल्म? यह फिल्म Ananya Panday और Lakshya Lalwani दोनों के करियर के लिए अहम मानी जा रही है। अब देखना होगा कि दर्शकों की शुरुआती आलोचना के बावजूद फिल्म रिलीज के बाद क्या कमाल दिखा पाती है।
दिल्ली के एक साधारण परिवार से निकलकर इंजीनियरिंग करने वाली तापसी पन्नू ने कभी नहीं सोचा था कि वह फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाएंगी। लेकिन किस्मत और मेहनत ने उन्हें यहां तक पहुंचा दिया। शुरुआत मॉडलिंग से हुई, जहां उनका मकसद सिर्फ एक्स्ट्रा कमाई था। लेकिन धीरे-धीरे यही शौक करियर बन गया और उन्हें साउथ फिल्म इंडस्ट्री में मौका मिला। हालांकि, वहां उन्हें लंबे समय तक सिर्फ ग्लैमरस रोल्स तक सीमित रखा गया। जब फ्लॉप फिल्मों ने दिया ‘पनौती’ का टैग साउथ में कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलीं, जिसके बाद तापसी को ‘पनौती’ तक कहा गया। इस टैग ने उनके आत्मविश्वास को हिला दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। बॉलीवुड में एंट्री भी आसान नहीं रही। ‘चश्मे बद्दूर’ से शुरुआत के बाद कई फिल्में औसत या फ्लॉप रहीं। इस दौरान तापसी खुद को लेकर असुरक्षित महसूस करती थीं-उन्हें लगता था कि वह हीरोइन बनने के लायक नहीं हैं। आत्म-संदेह और स्ट्रगल का दौर तापसी ने खुद स्वीकार किया कि वह अपने लुक, स्टाइल और कॉन्फिडेंस को लेकर काफी परेशान रहती थीं। हर फिल्म उनके लिए एक डर की तरह थी। उन्हें यह भी लगता था कि वह बाकी हीरोइनों जितनी खूबसूरत नहीं हैं, इसलिए शायद इंडस्ट्री उन्हें स्वीकार नहीं करेगी। यह दौर उनके लिए मानसिक रूप से भी काफी कठिन रहा। ‘पिंक’ से बदली किस्मत 2016 में आई फिल्म ‘पिंक’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बनी। इस फिल्म ने उनकी इमेज पूरी तरह बदल दी और उन्हें एक गंभीर अभिनेत्री के रूप में पहचान दिलाई। कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों से बनाई अलग पहचान ‘पिंक’ के बाद तापसी ने सिर्फ वही फिल्में चुननी शुरू कीं जिनकी कहानी मजबूत हो। उन्होंने ‘मुल्क’, ‘मनमर्जियां’, ‘बदला’, ‘थप्पड़’ जैसी फिल्मों से साबित किया कि वह सिर्फ ग्लैमरस एक्ट्रेस नहीं, बल्कि एक दमदार परफॉर्मर हैं। खासकर ‘थप्पड़’ में उनके अभिनय को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड भी मिला। आउटसाइडर से इंडस्ट्री की मजबूत आवाज तक तापसी ने हमेशा कंटेंट को प्राथमिकता दी, न कि सिर्फ कमर्शियल सफलता को। उन्होंने अपने फैसलों से यह साबित किया कि टैलेंट और सही चुनाव के दम पर इंडस्ट्री में जगह बनाई जा सकती है। पर्सनल लाइफ और शुरुआती सफर जन्म: 1 अगस्त 1987, नई दिल्ली परिवार: जाट सिख परिवार शिक्षा: कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करियर शुरुआत: मॉडलिंग और एड्स 1984 के सिख दंगों का असर उनके परिवार ने भी झेला, लेकिन मुश्किल समय में पड़ोसियों की मदद से वे सुरक्षित रहे। सीख क्या मिलती है? तापसी पन्नू की कहानी बताती है कि: असफलता अंत नहीं होती आत्म-संदेह सबसे बड़ी बाधा है सही मौके और मेहनत से पहचान बदली जा सकती है
फिल्म का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर आया सामने एक्शन और थ्रिल से भरपूर फिल्म Dhurandhar The Revenge का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर आखिरकार रिलीज हो गया है। फिल्म के पहले भाग की जबरदस्त सफलता के बाद दर्शक इसके दूसरे पार्ट का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। शनिवार सुबह ठीक 11:01 बजे जारी किए गए इस ट्रेलर ने रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। निर्देशक Aditya Dhar की इस फिल्म में Ranveer Singh एक बार फिर खतरनाक अंदाज में नजर आ रहे हैं। फिल्म में वह जसकीरत सिंह रंगी के किरदार में दिखाई देंगे, जो बदले की आग में जलता हुआ दुश्मनों पर कहर बरपाता है। ट्रेलर में दिखा दमदार एक्शन और सस्पेंस करीब 3 मिनट 25 सेकंड लंबे इस ट्रेलर की शुरुआत R. Madhavan द्वारा निभाए गए किरदार अजय सान्याल से होती है, जिसे आतंकवादी धमकाते नजर आते हैं। लेकिन जैसे ही वह देश का अपमान करने की कोशिश करता है, रणवीर सिंह का किरदार अचानक सामने आता है और दुश्मनों को करारा जवाब देता है। ट्रेलर में जबरदस्त एक्शन सीक्वेंस, हाई-ऑक्टेन ड्रामा और रहस्यमय घटनाओं की झलक देखने को मिलती है, जिससे साफ है कि फिल्म दर्शकों को रोमांच से भरपूर अनुभव देने वाली है। लियारी की सत्ता को लेकर बढ़ा संघर्ष कहानी में रहमान डकैत की हत्या के बाद लियारी की सड़कों पर अफरा-तफरी मच जाती है। रणवीर सिंह का किरदार हमजा अली माजरी के अंदाज में पूरे इलाके में दहशत फैलाता नजर आता है। अब फिल्म की कहानी का सबसे बड़ा सवाल यही है कि लियारी का अगला सरगना कौन बनेगा? इसी रहस्य और बदले की कहानी के इर्द-गिर्द फिल्म की पूरी पटकथा बुनी गई है। कब रिलीज होगी फिल्म फिल्म Dhurandhar The Revenge को 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। ट्रेलर के बाद से ही फैंस के बीच फिल्म को लेकर उत्साह और भी बढ़ गया है, और माना जा रहा है कि यह एक्शन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका कर सकती है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।