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Chinmayi Sripada reacts strongly to Twisha Sharma and Deepika Nagar dowry harassment death cases
ट्विशा शर्मा और दीपिका नागर केस पर भड़कीं चिन्मयी श्रीपदा, समाज की सोच पर उठाए सवाल

Chinmayi Sripada ने भोपाल की एक्ट्रेस Twisha Sharma और ग्रेटर नोएडा की Deepika Nagar की मौत के मामलों पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर समाज की उस मानसिकता पर सवाल उठाए, जिसमें शादी के बाद बेटियों को “ससुराल की जिम्मेदारी” मान लिया जाता है। इन दोनों मामलों ने एक बार फिर दहेज प्रताड़ना और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर देशभर में बहस छेड़ दी है। चिन्मयी श्रीपदा ने क्या कहा? चिन्मयी श्रीपदा ने अपने पोस्ट में भारतीय समाज और कुछ माता-पिताओं की सोच पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि कई परिवार बेटियों को “सामान” की तरह ससुराल भेज देते हैं, मानो उनकी कोई वापसी नहीं हो सकती। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा: “ट्विशा की मौत इस बात का सबूत है कि कई भारतीय माता-पिता अपनी बेटी को एक वस्तु मानते हैं, जिसे ससुराल में सौंप दिया जाता है और जिसकी कोई रिटर्न पॉलिसी नहीं होती। लड़की ससुराल में मर जाए। कन्यादान के बाद यही सम्मान की बात है। है ना?” उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस को जन्म दे दिया है। सोशल मीडिया पर बंटे लोगों के रिएक्शन चिन्मयी के पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन करते हुए कहा कि: दहेज की मांग को शुरुआत में ही सख्ती से रोकना चाहिए बेटियों को प्रताड़ना सहने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए परिवारों को बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना चाहिए वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि: क्या परिवारों को स्थिति की पूरी जानकारी थी? अगर प्रताड़ना हो रही थी तो पुलिस शिकायत क्यों नहीं की गई? क्या है दीपिका नागर केस? ग्रेटर नोएडा की रहने वाली दीपिका नागर की शादी करीब 14 महीने पहले हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। परिवार के मुताबिक: शादी में करीब 1 करोड़ रुपये खर्च किए गए टोयोटा कार भी दी गई इसके बावजूद 50 लाख रुपये और फॉर्च्यूनर गाड़ी की मांग की गई परिजनों का आरोप है कि मांग पूरी न होने पर दीपिका को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। 17 मई को उनकी मौत की खबर सामने आई। ट्विशा शर्मा केस में क्या आरोप हैं? भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा 12 मई को अपने घर में मृत पाई गई थीं। उनके परिवार ने: पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि ट्विशा को लगातार परेशान किया जा रहा था। वहीं ससुराल पक्ष ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ट्विशा को ड्रग्स की समस्या थी। परिवार ने इस दावे को पूरी तरह खारिज किया है। दहेज प्रथा पर फिर उठे बड़े सवाल इन दोनों मामलों ने एक बार फिर दहेज प्रथा, महिलाओं की सुरक्षा और शादी के बाद बेटियों के प्रति समाज की सोच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर लोग: दहेज विरोधी कानूनों को और सख्त बनाने महिलाओं के लिए सपोर्ट सिस्टम मजबूत करने और परिवारों को जागरूक करने की मांग कर रहे हैं।  

surbhi मई 20, 2026 0
Railway pantry staff serving food to passengers amid debate over rising train meal prices in India
पेट्रोल-डीजल महंगा होने के बाद क्या बढ़ेंगे ट्रेन के खाने के दाम? रेलवे कैटरर्स ने उठाई मांग

Indian Railway Catering and Tourism Corporation और Indian Railways से जुड़ी खानपान सेवाओं को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। ईरान-इजरायल तनाव के बाद बढ़ती महंगाई और ईंधन कीमतों के बीच अब ट्रेन में मिलने वाला खाना भी महंगा हो सकता है। रेलवे कैटरर्स के संगठन ने खाने-पीने की चीजों के रेट बढ़ाने की मांग की है। रेलवे कैटरर्स ने IRCTC को लिखा पत्र ट्रेनों में खानपान सेवा देने वाले ठेकेदारों के संगठन Indian Railway Mobile Caterers Association ने IRCTC को पत्र लिखकर तत्काल टैरिफ रिवीजन की मांग की है। संगठन के अध्यक्ष शरण बिहारी अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा है कि: पेंट्री कार में बिकने वाले खाने-पीने के दाम आखिरी बार 2019 में तय हुए थे तब से खाद्य सामग्री, गैस और ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है कर्मचारियों का वेतन भी बढ़ा है मौजूदा रेट पर क्वालिटी बनाए रखना मुश्किल हो रहा है कैटरर्स का दावा है कि कई वस्तुओं की लागत में 250% तक बढ़ोतरी हो चुकी है। किन ट्रेनों पर पड़ सकता है असर? रेलवे में खानपान सेवाएं मुख्य रूप से दो तरह की होती हैं: 1. प्री-पेड कैटरिंग इनमें यात्री टिकट बुकिंग के दौरान ही खाने का पैसा दे देते हैं। यह सुविधा मुख्य रूप से: Rajdhani Express Shatabdi Express Vande Bharat Express जैसी प्रीमियम ट्रेनों में मिलती है। 2. पोस्ट-पेड कैटरिंग इन ट्रेनों में यात्री खाना खरीदने के बाद भुगतान करते हैं। कैटरर्स संगठन ने दोनों कैटेगरी में कीमतें बढ़ाने की मांग की है। क्या तुरंत बढ़ सकते हैं खाने के दाम? रेलवे से जुड़े जानकारों के अनुसार, पेंट्री कार सेवाओं के टेंडर “फिक्स रेट सप्लाई” मॉडल पर दिए जाते हैं। इसका मतलब है कि: टेंडर अवधि के दौरान तय कीमतें नहीं बदली जा सकतीं पुराने कॉन्ट्रैक्ट में बीच में रेट बढ़ाने का प्रावधान नहीं होता नई कीमतें केवल भविष्य के टेंडर पर लागू हो सकती हैं यानी फिलहाल यात्रियों को तुरंत महंगे खाने का सामना शायद न करना पड़े। अगर घाटा हो रहा है तो क्या करेंगे कैटरर्स? रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हर टेंडर में “एग्जिट क्लॉज” मौजूद होता है। यदि किसी ठेकेदार को तय दरों पर काम करना घाटे का सौदा लग रहा है, तो वह कॉन्ट्रैक्ट छोड़ सकता है। अधिकारियों के मुताबिक रेलवे किसी ठेकेदार पर पुराने रेट पर काम जारी रखने का दबाव नहीं बनाता। महंगाई का असर रेलवे सेवाओं तक पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब रेलवे कैटरिंग तक पहुंचता दिख रहा है। अगर भविष्य में नए टेंडर्स में कीमतें बढ़ाई जाती हैं, तो यात्रियों को ट्रेन में चाय, नाश्ता और भोजन के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। हालांकि रेलवे फिलहाल पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स के नियमों के तहत ही सेवाएं जारी रखे हुए है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Cartoon depicting Prime Minister Narendra Modi as a snake charmer sparks racism controversy online
पीएम मोदी के ‘स्नेक चार्मर’ कार्टून पर विवाद, नॉर्वे के अखबार पर लगा नस्लवाद का आरोप

Narendra Modi को लेकर नॉर्वे के एक प्रमुख अखबार में प्रकाशित कार्टून पर विवाद गहरा गया है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इस कार्टून को नस्लवादी, भारत विरोधी और औपनिवेशिक मानसिकता से प्रेरित बताया है। यह विवाद नॉर्वे के अखबार Aftenposten में प्रकाशित एक कार्टून को लेकर शुरू हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को ‘स्नेक चार्मर’ यानी सपेरे के रूप में दिखाया गया था। कार्टून में क्या दिखाया गया? कार्टून में पीएम मोदी को हाथ में बीन जैसी पाइप पकड़े दिखाया गया है। सामने लकड़ी के बॉक्स में सांप की जगह पेट्रोल स्टेशन के पाइप जैसा चित्र बनाया गया है। यह कार्टून एक ओपिनियन आर्टिकल के साथ प्रकाशित हुआ था, जिसका शीर्षक था — “एक चालाक और थोड़ा परेशान करने वाला आदमी।” कार्टून सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे भारत की पुरानी और रूढ़िवादी छवि से जोड़ने की कोशिश बताया। सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और अन्य माध्यमों पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि यह कार्टून पश्चिमी देशों की उस पुरानी सोच को दर्शाता है, जिसमें भारत को “सांप-सपेरों का देश” के रूप में देखा जाता था। एक यूजर ने लिखा कि यह चित्रण साफ तौर पर नस्लवादी है और भारत की आधुनिक छवि को कमजोर करने की कोशिश करता है। कुछ लोगों ने कहा कि पश्चिमी मीडिया के कुछ हिस्से आज भी औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाए हैं। पीएम मोदी पहले भी उठा चुके हैं यह मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि दुनिया कभी भारत को “सपेरों का देश” मानती थी, लेकिन अब भारत तकनीक, डिजिटल इनोवेशन और वैश्विक नेतृत्व के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। इसी वजह से कार्टून को लेकर लोगों की नाराजगी और बढ़ गई है। कई यूजर्स का कहना है कि इस तरह का चित्रण आधुनिक भारत की उपलब्धियों को नजरअंदाज करता है। पत्रकार के सवाल के बाद बढ़ा विवाद यह मामला उस समय और ज्यादा चर्चा में आ गया जब नॉर्वे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से मीडिया के सवाल नहीं लेने को लेकर एक पत्रकार ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाया। इसके बाद प्रकाशित कार्टून को कुछ लोगों ने उसी विवाद से जोड़कर देखा, इस मामले पर अभी तक नॉर्वे सरकार या अखबार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Stray dogs sitting near public roads as Supreme Court issues strict order on dog bite cases.
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, आदेश में बदलाव से इनकार; डॉग लवर्स और NGO की याचिकाएं खारिज

देशभर में बढ़ते डॉग बाइट मामलों को लेकर Supreme Court of India ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने संबंधी अपने पहले के आदेश में बदलाव करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने डॉग लवर्स और विभिन्न NGO की याचिकाओं को खारिज करते हुए साफ कहा कि 7 नवंबर 2025 के अंतरिम आदेश में कोई संशोधन नहीं किया जाएगा। जस्टिस Vikram Nath, Sandeep Mehta और N. V. Anjaria की बेंच ने 29 जनवरी को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। “कुत्तों के काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते” फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देशभर में बच्चों और आम लोगों पर आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं बेहद गंभीर हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा, “ABC फ्रेमवर्क 2001 में शुरू किया गया था, लेकिन आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी के अनुसार संसाधनों को बढ़ाने और व्यवस्थित योजना बनाने में गंभीर कमी रही है। नसबंदी और टीकाकरण अभियान बिना समुचित योजना के चलाए गए।” स्कूल, अस्पताल और हाईवे से हटाने के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने पहले दिए गए अंतरिम आदेश में राज्यों और National Highways Authority of India (NHAI) को हाईवे, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक संस्थानों के आसपास से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए थे। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जो कुत्ते आक्रामक नहीं हैं और रेबीज से संक्रमित नहीं हैं, उन्हें नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी इलाके में छोड़ा जा सकता है, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। कुत्ता काटे तो जिम्मेदारी किसकी? पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि यदि किसी आवारा कुत्ते के हमले में किसी व्यक्ति की चोट या मौत होती है, तो संबंधित नगर निकाय के साथ-साथ नियमित रूप से कुत्तों को खाना खिलाने वालों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। कोर्ट ने कहा, “ऐसा नहीं हो सकता कि कोई व्यक्ति रोज कुत्तों को खाना खिलाए, लेकिन उनके काटने पर उसकी कोई जिम्मेदारी न हो।” असम के आंकड़ों पर कोर्ट ने जताई चिंता सुनवाई के दौरान कोर्ट ने असम में डॉग बाइट के मामलों पर चिंता जताई। अदालत के अनुसार, वर्ष 2024 में राज्य में 1.66 लाख डॉग बाइट के मामले दर्ज हुए, जबकि 2025 में केवल जनवरी महीने में ही 20,900 घटनाएं सामने आईं। कोर्ट ने इन आंकड़ों को “बेहद भयावह” बताते हुए राज्यों को स्पष्ट और ठोस कार्ययोजना पेश करने की चेतावनी दी। कैसे शुरू हुआ मामला? यह मामला 28 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था, जब सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में बढ़ते डॉग बाइट मामलों और मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया था। उस दौरान सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें आवारा कुत्ते बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर हमला करते दिखाई दे रहे थे। इसके बाद 11 अगस्त 2025 को कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में आठ सप्ताह के भीतर सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम भेजने का आदेश दिया था। हालांकि इस आदेश के खिलाफ डॉग लवर्स और पशु अधिकार संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। बाद में 22 अगस्त 2025 को कोर्ट ने अपने आदेश में आंशिक बदलाव किया था।  

surbhi मई 19, 2026 0
Indian Home Ministry revises citizenship rules with stricter passport verification for foreign applicants.
गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला: नागरिकता नियम 2009 में संशोधन, तीन देशों के आवेदकों के लिए नया नियम लागू

केंद्र सरकार ने नागरिकता प्रक्रिया को और अधिक सख्त एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने नागरिकता नियम, 2009 में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी की है। नए नियमों के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले नागरिकता आवेदकों के लिए पासपोर्ट संबंधी जानकारी देना अब अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले को नागरिकता आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। क्या है नया नियम? संशोधित प्रावधानों के अनुसार, अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के वे लोग जो भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें अपने पासपोर्ट से जुड़ी विस्तृत जानकारी देनी होगी। इसमें पासपोर्ट नंबर, जारी होने की तारीख, यात्रा से संबंधित विवरण और अन्य पहचान दस्तावेज शामिल होंगे। इसके साथ ही आवेदकों की पहचान और यात्रा इतिहास का गहन सत्यापन भी किया जाएगा। गृह मंत्रालय के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य नागरिकता प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, गलत जानकारी और फर्जीवाड़े को रोकना है। क्यों लिया गया फैसला? सरकारी सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय में नागरिकता आवेदन से जुड़े दस्तावेजों की जांच को लेकर कई मामलों में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत महसूस की गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए नियमों में यह संशोधन किया गया है ताकि आवेदन प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित बनाई जा सके। प्रक्रिया होगी अधिक सख्त नई अधिसूचना लागू होने के बाद अब संबंधित देशों से आने वाले आवेदकों को दस्तावेजों के सत्यापन की विस्तृत प्रक्रिया से गुजरना होगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे फर्जी पहचान और अवैध दस्तावेजों के जरिए नागरिकता हासिल करने के प्रयासों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। सरकार ने क्या कहा? गृह मंत्रालय का कहना है कि नागरिकता से जुड़ी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। नए नियमों के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल पात्र और सत्यापित आवेदकों को ही नागरिकता प्रदान की जाए।  

surbhi मई 19, 2026 0
Fuel station worker refilling petrol as fuel prices rise again across major Indian cities.
फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 5 दिनों में दूसरी बढ़ोतरी; जानें आपके शहर में नई कीमतें

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। पिछले पांच दिनों में यह दूसरी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। ताजा बढ़ोतरी के बाद आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। महानगरों में पेट्रोल-डीजल के नए दाम मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 91 पैसे महंगा होकर 107.59 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। कोलकाता कोलकाता में पेट्रोल की कीमत में सबसे अधिक 96 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां पेट्रोल अब 109.70 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं डीजल 94 पैसे महंगा होकर 96.07 रुपये प्रति लीटर हो गया है। चेन्नई चेन्नई में पेट्रोल 82 पैसे बढ़कर 104.49 रुपये प्रति लीटर हो गया, जबकि डीजल की कीमत 86 पैसे बढ़ने के बाद 96.11 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। 15 मई को भी बढ़े थे दाम इससे पहले 15 मई को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की थी। उस समय दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया था। उसी दिन अन्य महानगरों में भी ईंधन की कीमतों में तेज उछाल देखा गया था। कोलकाता में पेट्रोल 108.74 रुपये, मुंबई में 106.68 रुपये और चेन्नई में 103.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था। वहीं डीजल की कीमत कोलकाता में 95.13 रुपये, मुंबई में 93.14 रुपये और चेन्नई में 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गई थी। आम लोगों पर बढ़ेगा असर लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का सीधा असर आम जनता की दैनिक जिंदगी पर पड़ सकता है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका असर खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।  

surbhi मई 19, 2026 0
fuel price hike
पेट्रोल-डीजल ₹3-3 प्रति लीटर महंगे हुए, नई कीमतें लागू

नई दिल्ली, एजेंसियां। पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। रांची में अब पेट्रोल 103 रुपए प्रति लीटर में मिलेगा। डीजल की कीमत करीब 101 रुपए प्रति लीटर हो गई है। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। करीब 2 साल बाद दामों में ये बढ़ोतरी की गई है। CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। दिल्ली में अब एक किलो CNG के लिए ₹79.09 खर्च करने होंगे।   महानगरों में पेट्रोल की नई कीमते शहर         पहले            अब दिल्ली        94.77         97.77    3.00 मुंबई         103.50        106.68    3.14 कोलकाता    105.45      108.74    3.29 चेन्नई            100.80    103.67    2.87 महानगरों में डीजल की नई कीमतें   दिल्ली    87.67        90.67     मुंबई    90.03        93.14     कोलकाता    92.02        95.13 चेन्नई    92.39        95.25     नोट: ये संभावित कीमतें है।   अन्य चीजों पर पड़ेगा असर डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब और किचन पर पड़ता है।  मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे। खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी। बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। 2024 से दाम नहीं बदले थे, चुनाव से पहले कटौती हुई थी मार्च 2024 से कीमतें स्थिर थी देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया।

Anjali Kumari मई 15, 2026 0
Iranian and Russian foreign ministers arrive in New Delhi for crucial BRICS meeting on oil crisis
ब्रिक्स बैठक के लिए दिल्ली पहुंचे ईरान और रूस के विदेश मंत्री, ईरान युद्ध और तेल संकट छाया रहा मुख्य मुद्दा

वैश्विक तनाव के बीच भारत में अहम कूटनीतिक बैठक नई दिल्ली में गुरुवार को होने वाली BRICS देशों की विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले दुनिया के कई अहम देशों के नेता राजधानी पहुंच चुके हैं। इस बैठक में खास तौर पर ईरान और तेल संकट से जुड़ी वैश्विक परिस्थितियां चर्चा के केंद्र में रहने की संभावना है। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और दो दिवसीय इस बैठक में विस्तार किए गए सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। ईरान और रूस के विदेश मंत्री पहुंचे दिल्ली ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची बुधवार देर रात New Delhi पहुंचे। वहीं Russia के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी बैठक में शामिल हो रहे हैं। लावरोव ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कर व्यापार, ऊर्जा और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर चर्चा की। ईरान युद्ध और तेल संकट पर फोकस मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और हालिया संघर्ष, जिसमें Iran और United States तथा Israel की भूमिका बताई जा रही है, ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाले तेल और गैस आपूर्ति मार्गों में बाधा ने कीमतों में अस्थिरता बढ़ा दी है। इस स्थिति का सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ रहा है, जो ऊर्जा और उर्वरक के लिए मध्य पूर्व पर काफी निर्भर हैं। भारत की भूमिका और कूटनीतिक संतुलन विदेश मंत्रालय के अनुसार बैठक में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। भारत का मानना है कि मौजूदा अस्थिर वैश्विक वातावरण में कूटनीतिक सहयोग और भी महत्वपूर्ण हो गया है। भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने की जरूरत है। ब्रिक्स का विस्तार और बढ़ती चुनौतियां BRICS की शुरुआत 2009 में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी। बाद में इसका विस्तार किया गया और इसमें United Arab Emirates, ईरान, मिस्र, इथियोपिया और इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हुए। हालांकि इस बार बैठक में यह भी स्पष्ट नहीं है कि सभी सदस्य देश संयुक्त बयान जारी करेंगे या नहीं, क्योंकि कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। नई दिल्ली में हो रही यह बैठक वैश्विक राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ईरान युद्ध और तेल संकट ने BRICS देशों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, जिन पर सामूहिक रणनीति बनाने की कोशिश की जाएगी।  

surbhi मई 14, 2026 0
Sugar sacks stacked at warehouse after India bans sugar exports till September 2026
चीनी निर्यात पर बड़ा फैसला: भारत ने सितंबर 2026 तक लगाया प्रतिबंध, घरेलू आपूर्ति पर फोकस

सरकार ने अचानक बदली निर्यात नीति भारत सरकार ने घरेलू आपूर्ति और महंगाई नियंत्रण को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। अब देश से चीनी का निर्यात सितंबर 2026 तक रोक दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। यह फैसला पहले की उस नीति से बिल्कुल अलग है, जिसमें सीमित मात्रा में चीनी निर्यात की अनुमति दी गई थी। अब इसे “restricted” से बदलकर पूरी तरह “prohibited” कर दिया गया है। किन-किन प्रकार की चीनी पर लगा प्रतिबंध नए आदेश के अनुसार कच्ची चीनी, सफेद चीनी और रिफाइंड चीनी–तीनों के निर्यात पर रोक रहेगी। यह आदेश वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डीजीएफटी (Directorate General of Foreign Trade) द्वारा जारी किया गया है। हालांकि, यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका को कुछ मौजूदा समझौतों के तहत सीमित निर्यात की अनुमति दी गई है। घरेलू आपूर्ति को लेकर चिंता सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में चीनी उत्पादन 2025-26 सत्र में लगभग 275 लाख टन रहने का अनुमान है। शुरुआती स्टॉक जोड़ने के बाद कुल आपूर्ति लगभग 325 लाख टन हो जाएगी। वहीं घरेलू मांग करीब 280 लाख टन रहने की संभावना है। इसके बाद स्टॉक केवल 45 लाख टन रह जाएगा, जो पिछले कई वर्षों में सबसे कम स्तर माना जा रहा है। मौसम और संकट ने बढ़ाई चिंता विशेषज्ञों का कहना है कि 2026-27 में उत्पादन और घट सकता है। इसका कारण कमजोर मानसून और एल-नीनो की संभावना बताई जा रही है। साथ ही मध्य पूर्व में चल रहे तनाव से उर्वरक आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका है। व्यापारियों और मिलों पर असर अचानक लिए गए इस फैसले से चीनी उद्योग और व्यापारियों पर असर पड़ सकता है। कई कंपनियों ने पहले ही निर्यात के सौदे कर लिए थे, जिन पर अब अनिश्चितता बन गई है। वैश्विक बाजार में कीमतों में उछाल भारत के इस फैसले का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी देखा गया। न्यूयॉर्क में कच्ची चीनी की कीमतों में 2% से अधिक की बढ़ोतरी हुई, जबकि लंदन में सफेद चीनी के भाव लगभग 3% तक बढ़ गए। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है और वैश्विक आपूर्ति में इसकी अहम भूमिका है। ऐसे में निर्यात प्रतिबंध से वैश्विक बाजार में भी दबाव बढ़ सकता है।  

surbhi मई 14, 2026 0
Officials inspect cattle as West Bengal enforces stricter animal slaughter certification rules
पश्चिम बंगाल में पशु वध पर सख्त नियम: बिना सर्टिफिकेट अब नहीं होगा स्लॉटर, 6 महीने जेल या ₹1,000 जुर्माने का प्रावधान

सरकार ने जारी की नई अधिसूचना पश्चिम बंगाल में पशु वध को लेकर नए और कड़े नियम लागू किए गए हैं। नई अधिसूचना के अनुसार अब किसी भी पशु का वध बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के नहीं किया जा सकेगा। यह नियम गाय, बैल, बछड़ा और भैंस समेत कई पशुओं पर लागू होगा। फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य नए नियमों के मुताबिक, किसी भी पशु का वध तभी किया जा सकेगा जब उसे अधिकृत अधिकारी और सरकारी पशु चिकित्सक द्वारा “फिट फॉर स्लॉटर” घोषित किया जाएगा। प्रमाणपत्र में यह भी दर्ज होना जरूरी है कि पशु की उम्र 14 वर्ष से अधिक हो या वह किसी बीमारी, चोट या अक्षमता के कारण काम या प्रजनन के योग्य न हो। यह प्रमाणपत्र नगरपालिका अध्यक्ष या पंचायत समिति प्रमुख और सरकारी पशु चिकित्सक द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया जाएगा। केवल निर्धारित स्थानों पर ही वध की अनुमति अधिसूचना में यह भी साफ किया गया है कि जिन पशुओं को वध के लिए मंजूरी मिलेगी, उनका वध केवल नगरपालिकाओं द्वारा तय किए गए स्लॉटर हाउस या अधिकृत स्थानों पर ही किया जा सकेगा। सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। निरीक्षण में बाधा डालना अपराध सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी परिसर की जांच में बाधा डालना कानूनन अपराध माना जाएगा। प्रशासन और पशु चिकित्सा अधिकारी किसी भी समय निरीक्षण कर सकते हैं और इसमें सहयोग करना अनिवार्य होगा। नियम तोड़ने पर सख्त सजा नए नियमों के उल्लंघन पर अधिकतम 6 महीने की जेल या ₹1,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसके अलावा इन मामलों को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखा गया है, यानी पुलिस सीधे कार्रवाई कर सकेगी। राजनीतिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में यह आदेश ऐसे समय आया है जब राज्य की राजनीति पहले से ही गरम है। हाल ही में विधानसभा चुनावों में राजनीतिक बदलाव के बाद इस तरह के प्रशासनिक फैसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। निष्कर्ष पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा लागू किए गए ये नए नियम पशु वध प्रक्रिया को अधिक नियंत्रित और कानूनी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, इसके सख्त प्रावधानों को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा और तेज होने की संभावना है।  

surbhi मई 14, 2026 0
Khunti tribal girl
खूंटी की आदिवासी युवती दिल्ली 17 साल बनी रही बंधक, यौन शोषण के बाद गर्भपात भी कराया गया

खूंटी। झारखंड के खूंटी की आदिवासी युवती को 17 साल तक दिल्ली में बंधक बनाकर रखा गया। युवती से घरेलू मजदूरी कराई गयी। साथ ही उसका यौन शोषण भी किया गया। इस दौरान उसका गर्भपात कराये जाने की बात भी सामने आई है। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।  काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले जाई गई थी युवती ने बताया कि साल 2009 में जेटा मुंडा नामक व्यक्ति उसे काम दिलाने के बहाने दिल्ली लाया था। उस समय वह 14 साल की थी। उसे कोहाट एन्क्लेव स्थित मधु अग्रवाल के घर पर घरेलू काम के लिए सौंप दिया गया। युवती का आरोप है कि उस दौरान उसे अपने परिवार से बात तक नहीं करने दिया गया और उसके पिता की मौत की खबर भी उससे छिपाई गई।  मालिक की बहू बेटी ने युवती का गर्भपात कराया दिल्ली पुलिस से की गई शिकायत के मुताबिक घर में काम करने वाले एक व्यक्ति ने डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब वह गर्भवती हुई तो मकान मालिक की बहू और बेटी ने उसका गर्भपात करवा दिया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि हाल ही में छत पर नहाते समय एक अन्य युवक ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। जिसे मालिक ने CCTV में देख लिया था, लेकिन कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। नवंबर 2025 में जब पीड़िता का भाई उसे लेने आया तो उसे 10,000 रुपये देकर वापस भेज दिया गया।  खूंटी पुलिस कर रही जांच अब 9 अप्रैल 2026 को जब परिजन दोबारा आए तो मालिक ने 17 साल की मजदूरी के बदले मात्र 1.40 लाख रुपये का डीडी और 15,000 रुपये नकद देकर मामला खत्म करने का दबाव बनाया। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुट गई है। दिल्ली के सुभाष प्लेस थाना में मामला दर्ज होने की सूचना मिलते ही खूंटी पुलिस सक्रिय हो गई है। महिला थाना सह एएचटीयू थाना प्रभारी फुलमनी टोप्पो ने बताया कि दिल्ली में दर्ज शिकायत के आधार पर खूंटी पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि यह पुराना मामला है और खूंटी जिले में कभी शिकायत दर्ज नही कराया गया था।

Anjali Kumari मई 11, 2026 0
Supreme Court bail
पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से मिली बेल

रांची। टेंडर घोटाला के जरिए करोड़ों रुपए की मनी लाउंड्रिंग करने के आरोपी पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की जमानत याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सोमवार की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने आलमगीर आलम को बड़ी राहत देते हुए उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर लीय़ जामनत याचिका स्वीकार होने के बाद अब आलमगीर आलम करीब दो वर्ष के बाद जेल की सलाखों से बाहर आ जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एम एम सुंदरेश्वर और जस्टिस एन कोटीश्वर सिंह की बेंच में आलमगीर आलम की याचिका पर सुनवाई हुई। 11 जुलाई 2025 को झारखंड हाईकोर्ट ने आलमगीर आलम की जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में बेल के लिए गुहार लगाई। आलमगीर आलम की जमानत याचिका झारखण्ड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट ने खारिज की थी। पिछली सरकार में मंत्री रहे आलमगीर आलम को ईडी ने 15 मई 2024 को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में हैं। आरोपों के मुताबिक उनके आप्त सचिव संजीव कुमार लाल एवं उनके नौकर जहांगीर आलम के यहां से मिले 32.30 करोड़ रुपये नकद की बरामदी हुई थी। पैसे बरामद होने के बाद आलमगीर आलम से पूछताछ हुई थी फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। 

Anjali Kumari मई 11, 2026 0
Uttar Pradesh Congress chief Ajay Rai admitted to Medanta Hospital after sudden health scare
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की तबीयत बिगड़ी, मेदांता अस्पताल में भर्ती; पीएम मोदी ने जताई चिंता

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ने से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। उन्हें तुरंत मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान महसूस हुई बेचैनी, फिर हुए बेहोश सूत्रों के अनुसार, अजय राय दिन में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित शिक्षकों और डॉक्टरों के एक सम्मेलन में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अचानक सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत की कुछ देर बाद चक्कर आने लगे कार्यक्रम खत्म होने के बाद उनकी हालत और बिगड़ी अंततः वे बेहोश हो गए स्थिति गंभीर होती देख उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों की टीम कर रही है लगातार निगरानी अस्पताल प्रशासन के अनुसार: उन्हें सीने में दर्द, बेचैनी और बेहोशी की शिकायत के बाद भर्ती किया गया कार्डियोलॉजी और मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है जरूरी मेडिकल जांच (जैसे ECG, ब्लड टेस्ट आदि) किए जा रहे हैं फिलहाल उनकी स्थिति नियंत्रण में और स्थिर बताई जा रही है डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर उन्हें निगरानी में रखा है, ताकि किसी भी तरह की जटिलता से तुरंत निपटा जा सके। पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं नरेंद्र मोदी ने अजय राय की तबीयत बिगड़ने पर चिंता जताई है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने लिखा कि अजय राय के अस्वस्थ होने की जानकारी मिली है उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की यह प्रतिक्रिया बताती है कि इस घटना को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता व्यक्त की जा रही है। स्वास्थ्य बिगड़ने से पहले सरकार पर साधा था निशाना गौर करने वाली बात यह है कि अजय राय ने अस्पताल में भर्ती होने से कुछ समय पहले ही मीडिया से बातचीत की थी। उन्होंने कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होते ही कीमतें बढ़ा दी गईं सरकार पर पहले से योजना बनाने का आरोप लगाया उनके इस बयान के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में चिंता का माहौल अजय राय की तबीयत खराब होने की खबर सामने आते ही: कांग्रेस कार्यकर्ताओं में चिंता बढ़ गई कई नेता और समर्थक अस्पताल पहुंचे सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआएं की जा रही हैं राजनीतिक हलकों में भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। क्या है आगे की स्थिति? फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है और अगले 24 घंटे को अहम माना जा रहा है। अगर उनकी हालत स्थिर बनी रहती है, तो जल्द ही उन्हें सामान्य वार्ड या घर भेजा जा सकता है।

surbhi मई 2, 2026 0
Rescue teams clearing debris after under-construction bridge collapse in Jammu's Bantalab area
जम्मू में निर्माणाधीन पुल गिरा: मलबे में दबे कई मजदूर, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

बंतलाब इलाके में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जब एक निर्माणाधीन पुल का हिस्सा अचानक ढह गया। इस घटना में कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। 6 मजदूर फंसे, 2 को सुरक्षित निकाला गया स्थानीय जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त कुल 6 मजदूर मौके पर काम कर रहे थे। इनमें से 2 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 4 मजदूर अब भी मलबे में फंसे हुए हैं। बचाव कार्य तेजी से जारी है और समय के साथ रेस्क्यू टीमों की चुनौती बढ़ती जा रही है। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर घटना के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। मौके पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी राहत कार्य में जुटी हुई हैं। मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए सावधानीपूर्वक ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुराने पुल की कमजोर नींव बनी वजह? घटनास्थल पर पहुंचे विधायक श्यामलाल शर्मा ने बताया कि यह पुल पहले से ही जर्जर हालत में था और उसकी नींव कमजोर हो चुकी थी। इसी कारण इसका पुनर्निर्माण किया जा रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि खुदाई के दौरान उत्पन्न कंपन या ऊपर से गुजर रहे किसी भारी वाहन के दबाव के कारण पुल का हिस्सा अचानक ढह गया। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। जांच के आदेश की संभावना प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि इस घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हुई। लोगों में दहशत, प्रशासन पर सवाल इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में डर और आक्रोश का माहौल है। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।  

surbhi मई 2, 2026 0
Flooded Bengaluru streets after heavy rain causes widespread damage and casualties
बेंगलुरु में भारी बारिश का कहर: 10 लोगों की मौत, कई इलाके जलमग्न

बेंगलुरु : शहर में अचानक हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। करीब एक घंटे की तेज बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया, जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अस्पताल की दीवार गिरने से 7 की मौत सबसे दर्दनाक हादसा बॉरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल में हुआ, जहां तेज बारिश के दौरान एक दीवार ढह गई। इस हादसे में 7 लोगों की जान चली गई, जिनमें एक 6 साल की बच्ची भी शामिल है। करंट और अन्य हादसों में गई जान बारिश के दौरान अलग-अलग घटनाओं में भी लोगों की मौत हुई। बैनरघट्टा रोड पर वेगा सिटी मॉल के पास 35 वर्षीय रघु की करंट लगने से मौत हो गई। एक अन्य मामले में छात्र सैयद सुफियान की बिजली के तार की चपेट में आने से जान चली गई। चामराजपेट में मंजुनाथ नामक व्यक्ति की मौत उस वक्त हो गई, जब तेज तूफान के दौरान घर की छत का हिस्सा गिर गया। सड़कें बनीं नदी, ट्रैफिक ठप तेज बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप पड़ गया। ऑफिस टाइम में बारिश होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पेड़ और बिजली के खंभे गिरे नगर निकाय के मुताबिक, शहर में कम से कम 87 पेड़ उखड़ गए और 131 पेड़ों की शाखाएं टूट गईं। इनमें से कई पेड़ सड़क किनारे खड़े वाहनों पर गिर गए, जिससे कारों और दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचा। अब तक 60 पेड़ और 98 शाखाओं को हटाया जा चुका है, जबकि बाकी जगहों पर काम जारी है। अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है।  

surbhi मई 1, 2026 0
Commercial LPG cylinder price hike from May 1 impacts restaurants and small businesses in India
कमर्शियल LPG सिलेंडर पर बड़ा झटका: 1 मई से ₹993 महंगा, घरेलू गैस कीमत स्थिर

देशभर में महंगाई के मोर्चे पर एक और बड़ा झटका सामने आया है। 1 मई से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹993 की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। राजधानी दिल्ली में अब इस सिलेंडर की नई कीमत ₹3,071.50 हो गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे व्यवसायों पर पड़ेगा, जहां LPG का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। तेल कंपनियों द्वारा लिया गया यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पहले से ही कारोबारी लागत बढ़ी हुई है। लगातार दूसरे महीने कीमतों में इजाफा होने से छोटे व्यापारियों के लिए खर्च संभालना और मुश्किल हो सकता है। पिछले महीने भी 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹195 से ₹218 तक बढ़ाए गए थे, वहीं 5 किलो वाले मिनी सिलेंडर की कीमत में करीब ₹51 का इजाफा हुआ था। घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, कीमत में कोई बदलाव नहीं जहां कमर्शियल सिलेंडर महंगा हुआ है, वहीं आम जनता के लिए राहत की खबर है। 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में इसकी कीमत अभी ₹913 पर ही बनी हुई है। इससे पहले 7 मार्च को इसमें ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी। हर महीने की पहली तारीख को तय होते हैं दाम देश की प्रमुख तेल कंपनियां–इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम–हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इनकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव और रुपये-डॉलर के उतार-चढ़ाव के आधार पर तय होती हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल ₹94.72 प्रति लीटर और डीजल ₹87.62 प्रति लीटर मिल रहा है। पिछले साल मार्च में ₹2 प्रति लीटर की कटौती के बाद से इनके दाम स्थिर बने हुए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बनी वजह कमर्शियल LPG की कीमतों में इस तेज बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई चेन में रुकावट के चलते कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50% तक की वृद्धि हो चुकी है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम मार्ग पर असर पड़ने से वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर अब घरेलू बाजार में भी दिखने लगा है।  

surbhi मई 1, 2026 0
Petrol and diesel prices remain unchanged in India despite post-election hike rumours and crude oil volatility
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ा अपडेट: चुनाव के बाद भी नहीं बढ़ेंगे दाम, सरकार ने किया साफ इनकारपे

ट्रोल-डीजल रेट में बदलाव नहीं देश में विधानसभा चुनावों की वोटिंग समाप्त होने से ठीक पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर फैली अटकलों पर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ईंधन की कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है। चुनाव के बाद भी दाम बढ़ने की अटकलों पर विराम सरकारी बयान के अनुसार, 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में मतदान समाप्त होने के बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार अस्थिर बनी हुई हैं, जिसके कारण पहले से ही बाजार में चिंता का माहौल है। अफवाहों पर सरकार की चेतावनी पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, कुछ राज्यों में कीमत बढ़ने की अफवाहों के चलते लोगों ने पैनिक बाइंग शुरू कर दी थी। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार– कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं कुछ जगहों पर मांग 30% से ज्यादा बढ़ गई सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की तेल कंपनियों पर बढ़ता आर्थिक दबाव सरकारी तेल कंपनियां मौजूदा दरों पर भारी नुकसान झेल रही हैं। अनुमानित दैनिक घाटा करीब ₹2,400 करोड़ पेट्रोल पर लगभग ₹20 प्रति लीटर का नुकसान डीजल पर करीब ₹100 प्रति लीटर तक का घाटा इसके बावजूद सरकार ने कीमतें स्थिर रखी हैं। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल पिछले दो महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 50% से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में तनाव और सप्लाई बाधाओं के कारण तेल बाजार प्रभावित हुआ है, जिससे कीमतें 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। 2022 से स्थिर हैं खुदरा ईंधन के दाम भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें अप्रैल 2022 से लगभग स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल: ₹94.77 प्रति लीटर डीजल: ₹87.67 प्रति लीटर हालांकि अंतरराष्ट्रीय कीमतों और घरेलू रेट के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है। सरकार ने क्या कहा? पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में फिलहाल पर्याप्त ईंधन स्टॉक मौजूद है। पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त भंडार आपूर्ति व्यवस्था सामान्य किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं सरकार ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से इनकार कर दिया है, लेकिन वैश्विक बाजार और तेल कंपनियों के घाटे को देखते हुए आगे स्थिति पर नजर बनी रहेगी। फिलहाल आम जनता को राहत जरूर मिली है, लेकिन तेल बाजार की अस्थिरता चिंता का कारण बनी हुई है।  

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
LPG cylinder booking, delivery and eKYC rules changing across India from May 1, 2026
1 मई से बदलेंगे LPG के नियम: बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक बड़ा बदलाव, जानिए पूरा अपडेट

LPG उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर अगर आप घर में एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 1 मई 2026 से LPG से जुड़े कई नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब और सुविधा पर पड़ेगा। इन बदलावों में बुकिंग सिस्टम, डिलीवरी प्रक्रिया, eKYC और कीमतों तक कई अहम अपडेट शामिल हैं। गैस बुकिंग के नियम होंगे सख्त नए नियमों के तहत अब गैस सिलेंडर बुक करने के बीच का समय बढ़ा दिया गया है। पहले शहरी क्षेत्रों में 21 दिन बाद रीफिल बुक किया जा सकता था अब यह समय बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है ग्रामीण इलाकों में यह अंतराल 45 दिन तक हो सकता है इसका मतलब है कि अब उपभोक्ताओं को गैस का इस्तेमाल ज्यादा योजना बनाकर करना होगा। डिलीवरी में OTP सिस्टम लागू गैस सिलेंडर डिलीवरी को सुरक्षित बनाने के लिए अब OTP आधारित सिस्टम लागू किया जा रहा है। डिलीवरी के समय मोबाइल पर OTP आएगा OTP बताने के बाद ही सिलेंडर मिलेगा इससे गलत डिलीवरी और गड़बड़ी पर रोक लगेगी eKYC अनिवार्य, सब्सिडी पर असर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए आधार eKYC अब जरूरी कर दिया गया है। हर वित्त वर्ष में एक बार eKYC करना अनिवार्य सब्सिडी पाने के लिए यह जरूरी प्रक्रिया होगी जिनका eKYC पहले से पूरा है, उन्हें दोबारा करने की जरूरत नहीं LPG की कीमतों में उतार-चढ़ाव हाल के दिनों में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में लगभग 60 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें भी लगातार बदल रही हैं 1 मई के बाद कीमतों में और बदलाव की संभावना जताई जा रही है PNG गैस की ओर बढ़ रहा जोर सरकार अब धीरे-धीरे पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा दे रही है। जिन इलाकों में PNG उपलब्ध है, वहां इसे अपनाने पर जोर भविष्य में LPG सप्लाई पर असर पड़ सकता है तय समय में PNG कनेक्शन न लेने पर LPG सुविधा प्रभावित हो सकती है LPG सिलेंडर बुकिंग के नए आसान तरीके उपभोक्ता अब कई तरीकों से गैस बुक कर सकते हैं: व्हाट्सऐप के जरिए मिस्ड कॉल या IVRS कॉल से SMS के माध्यम से मोबाइल ऐप और वेबसाइट से हमेशा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ही बुकिंग करने की सलाह दी गई है। उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सावधानियां केवल आधिकारिक नंबर और ऐप का ही इस्तेमाल करें किसी अनजान लिंक या कॉल से बचें पेमेंट से पहले पूरी जानकारी जरूर जांचें 1 मई से लागू होने वाले ये नए नियम LPG उपभोक्ताओं के लिए काफी महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ रहे हैं। जहां एक ओर सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर लोगों को बुकिंग और उपयोग में ज्यादा सतर्क रहना होगा।  

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi playing football with children during his Gangtok visit in Sikkim
गंगटोक में बच्चों संग फुटबॉल खेलते नज़र आए पीएम मोदी, सिक्किम दौरे की तस्वीरें हुईं वायरल

सिक्किम की सुबह में दिखा पीएम मोदी का अलग अंदाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों दो दिवसीय सिक्किम दौरे पर हैं। मंगलवार सुबह राजधानी गंगटोक में उनका एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। पीएम मोदी ने स्थानीय बच्चों और युवाओं के साथ फुटबॉल खेला। इस दौरान उन्होंने मैदान में जमकर मस्ती की और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने इस खास पल की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कीं, जो देखते ही देखते वायरल हो गईं। सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें पीएम मोदी ने तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, "गंगटोक की एक खूबसूरत सुबह, सिक्किम में अपने नन्हे दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने का आनंद ही अलग है।" एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, "इन ऊर्जावान युवाओं के साथ फुटबॉल का शानदार सत्र रहा।" प्रधानमंत्री की इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर लोगों का खूब प्यार मिल रहा है। सोमवार शाम गंगटोक पहुंचे थे प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम गंगटोक पहुंचे थे। हेलीपैड से लोकभवन तक उनका भव्य रोड शो आयोजित किया गया। सड़क के दोनों ओर हजारों लोग पीएम मोदी की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़े। पूरे शहर में उत्साह और उत्सव का माहौल देखने को मिला। आज इन कार्यक्रमों में होंगे शामिल मंगलवार को प्रधानमंत्री गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा करेंगे। यहां सिक्किम की समृद्ध जैव विविधता और पुष्प विरासत को प्रदर्शित करने के लिए 'स्वर्ण जयंती मैत्री मंजरी पार्क' विकसित किया गया है। इसके बाद पीएम मोदी पालजोर स्टेडियम में सिक्किम के 50वें स्थापना दिवस के समापन समारोह में शामिल होंगे। 4 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन योजनाओं से राज्य के बुनियादी ढांचे, पर्यटन और कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की उम्मीद है। पिछले वर्ष मौसम बना था बाधा सिक्किम ने पिछले वर्ष अपने स्थापना के 50 वर्ष पूरे किए थे। उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी को शामिल होना था, लेकिन खराब मौसम के कारण वह गंगटोक नहीं पहुंच सके थे। उस समय उन्होंने पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लोगों को संबोधित किया था।  

surbhi अप्रैल 28, 2026 0
UP ATS arrests two suspects in Noida linked to ISI and Pakistani gangsters
यूपी ATS की बड़ी कार्रवाई: ISI और पाकिस्तानी गैंगस्टर्स से जुड़े दो संदिग्ध नोएडा से गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों आरोपी पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर्स और खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे और भारत में आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और समीर खान के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 20 वर्ष बताई जा रही है। सोशल मीडिया से हो रहा था रेडिकलाइजेशन ATS के मुताबिक, पाकिस्तानी गैंगस्टर्स शहजाद भट्टी और आबिद जट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारतीय युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेल रहे थे। इन युवाओं को संवेदनशील स्थानों की रेकी, टारगेटेड हमले और स्लीपर सेल तैयार करने के लिए उकसाया जा रहा था। हथियार और मोबाइल बरामद छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से 32 बोर की पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, एक चाकू और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। ATS को मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल सबूत भी मिले हैं। बड़ी साजिश का खुलासा पूछताछ में सामने आया है कि तुषार को कथित तौर पर ग्रेनेड हमले और टारगेटेड हत्या जैसे काम सौंपे गए थे। इसके बदले उसे लाखों रुपये और दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजने का लालच दिया गया था। वहीं, समीर खान को कथित तौर पर "TTH" लिखने, नए लोगों को जोड़ने और नेटवर्क विस्तार की जिम्मेदारी दी गई थी। UAPA समेत कई धाराओं में केस दोनों आरोपियों के खिलाफ लखनऊ में UAPA, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। ATS अब उनके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है। एजेंसी का कहना है कि इस कार्रवाई से एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया।  

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
RBI ordered by Bombay High Court to exchange old Rs 500 demonetised notes
नोटबंदी के 10 साल बाद RBI को पुराने ₹500 के नोट बदलने का आदेश, जानिए क्या है पूरा मामला

नोटबंदी को लगभग दस साल बीत चुके हैं, लेकिन उससे जुड़े कुछ मामले आज भी अदालतों में पहुंच रहे हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प मामला महाराष्ट्र से सामने आया है, जहां Bombay High Court की नागपुर बेंच ने Reserve Bank of India को 2016 में जब्त किए गए पुराने ₹500 के नोट नई करेंसी में बदलने का आदेश दिया है। यह फैसला इसलिए खास है, क्योंकि नोटबंदी के बाद पुराने नोट बदलने की समयसीमा कब की समाप्त हो चुकी है। क्या है पूरा मामला? यह मामला महाराष्ट्र के गिरीश मलानी से जुड़ा है। 1 दिसंबर 2016 को, जब देश में नोटबंदी लागू थी, मलानी माहूर जा रहे थे। उस दौरान स्थानीय निकाय चुनावों के चलते पुलिस ने जांच के दौरान उनके पास से ₹500 के 400 पुराने नोट, यानी कुल ₹2 लाख, जब्त कर लिए थे। महत्वपूर्ण बात यह है कि उस समय पुराने नोट बदलने की आधिकारिक समयसीमा अभी समाप्त नहीं हुई थी। यानी अगर रकम जब्त न होती, तो मलानी नियमानुसार बैंक में जमा या बदल सकते थे। आयकर जांच में रकम निकली वैध पुलिस द्वारा जब्त की गई राशि की जांच बाद में आयकर विभाग ने की। जांच में पाया गया कि यह पैसा पूरी तरह वैध था और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध लेनदेन का कोई सबूत नहीं मिला। हालांकि, आयकर विभाग की जांच पूरी होने तक पुराने नोट जमा या बदलने की सरकारी समयसीमा समाप्त हो चुकी थी। इसके बाद मलानी ने RBI से पुराने नोट बदलने का अनुरोध किया, लेकिन केंद्रीय बैंक ने नियमों का हवाला देते हुए उनकी मांग ठुकरा दी। हाई कोर्ट ने क्या कहा? मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने साफ कहा कि जब नोट बदलने की समयसीमा चल रही थी, उस दौरान रकम पुलिस की हिरासत में थी। ऐसे में याचिकाकर्ता को देरी के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने यह भी माना कि जब आयकर विभाग ने रकम को वैध घोषित कर दिया है, तो केवल तकनीकी कारणों से किसी नागरिक को उसकी वैध कमाई से वंचित नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने RBI को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर नई मुद्रा जारी करने का आदेश दिया। क्या यह फैसला सभी पर लागू होगा? यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। इसका सीधा जवाब है–नहीं। यह आदेश एक विशेष मामले में, खास परिस्थितियों को देखते हुए दिया गया है। अगर किसी व्यक्ति के पुराने नोट सरकारी एजेंसी की कार्रवाई, न्यायिक प्रक्रिया या अन्य वैध कारणों से समयसीमा के भीतर जमा नहीं हो सके थे, तो वह अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अब आम नागरिक पुराने नोट लेकर RBI पहुंच सकते हैं। क्यों अहम है यह फैसला? यह फैसला बताता है कि अदालतें तकनीकी नियमों से ऊपर न्याय के मूल सिद्धांत को प्राथमिकता देती हैं। यदि किसी व्यक्ति की गलती न हो और उसकी वैध संपत्ति प्रशासनिक प्रक्रिया में फंस जाए, तो न्यायपालिका राहत दे सकती है। नोटबंदी के वर्षों बाद आया यह फैसला उन मामलों के लिए मिसाल बन सकता है, जहां सरकारी कार्रवाई के कारण लोग अपने वैध धन से वंचित रह गए थे।  

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0