अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। 16 मई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हफ्तेभर की तेज उतार-चढ़ाव के बाद बाजार फिलहाल थोड़ा शांत नजर आ रहा है। आज कितना सस्ता हुआ सोना? आज सोने की कीमत में मामूली 1 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट देखी गई है। आज का गोल्ड रेट कैरेट आज का रेट कल का रेट बदलाव 24 कैरेट (1 ग्राम) ₹15,790 ₹15,791 -₹1 22 कैरेट (1 ग्राम) ₹14,474 ₹14,475 -₹1 18 कैरेट (1 ग्राम) ₹11,842 ₹11,843 -₹1 शहरों में 22 कैरेट सोने का भाव शहर आज का रेट बदलाव Patna ₹14,479 -₹1 Lucknow ₹14,489 -₹1 Ranchi ₹14,474 -₹1 New Delhi ₹14,489 -₹1 Mumbai ₹14,474 -₹1 Kolkata ₹14,474 -₹1 चांदी में भी दिखी हल्की गिरावट चांदी की कीमतों में भी आज नरमी देखने को मिली है। 1 किलो चांदी का भाव 100 रुपये घटकर ₹2,89,900 पर पहुंच गया है। आज का सिल्वर रेट यूनिट आज का रेट कल का रेट बदलाव 1 ग्राम ₹289.90 ₹290 -₹0.10 10 ग्राम ₹2,899 ₹2,900 -₹1 1 किलो ₹2,89,900 ₹2,90,000 -₹100 शहरों में चांदी का भाव शहर आज का रेट (1Kg) बदलाव Patna ₹2,89,900 -₹100 Lucknow ₹2,89,900 -₹100 Ranchi ₹2,89,900 -₹100 New Delhi ₹2,89,900 -₹100 Mumbai ₹2,89,900 -₹100 अभी खरीदना सही रहेगा? विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार फिलहाल स्थिर नजर आ रहा है। छोटी खरीदारी करने वालों के लिए यह अच्छा मौका माना जा सकता है। हालांकि बड़ी खरीदारी करने वाले निवेशक 1-2 दिन बाजार की चाल और अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर नजर रख सकते हैं।
ब्रोकरेज फर्म Emkay Global Financial Services ने Bajaj Finance के शेयर पर ‘Reduce’ रेटिंग बनाए रखते हुए ₹950 का टारगेट प्राइस तय किया है। 30 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कंपनी ने तिमाही नतीजों को मजबूत बताया, लेकिन वैल्यूएशन को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर बजाज फाइनेंस ने इस तिमाही में ग्रोथ, प्रॉफिटेबिलिटी और क्रेडिट कॉस्ट तीनों मोर्चों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स): ₹54.6 अरब यह आंकड़ा ब्रोकरेज के अनुमान से बेहतर और बाजार के अनुमान के करीब रहा क्रेडिट कॉस्ट घटकर 1.6% पर आ गई, जो मुख्य वजह रही कंपनी प्रबंधन का मानना है कि 3MOB, 6MOB और 9MOB कोहोर्ट्स में सुधार के चलते क्रेडिट क्वालिटी आगे भी बेहतर हो सकती है। FY27 के लिए क्या है कंपनी का आउटलुक? कंपनी ने अगले वित्त वर्ष के लिए सकारात्मक गाइडेंस दी है: AUM (Assets Under Management) ग्रोथ: 22–24% PAT ग्रोथ: AUM से थोड़ा ज्यादा मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद ऑपरेटिंग खर्च (Opex/NTI) में 25–40 बेसिस पॉइंट सुधार क्रेडिट कॉस्ट गाइडेंस: 1.45–1.60% (पहले 1.65–1.75%) यह संकेत देता है कि कंपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और क्रेडिट क्वालिटी में सुधार के रास्ते पर है। EPS अनुमान में बढ़ोतरी Q4 प्रदर्शन और मैनेजमेंट के सकारात्मक संकेतों को ध्यान में रखते हुए, ब्रोकरेज ने FY27–FY28 के EPS (Earnings Per Share) अनुमान में 4–8% तक की बढ़ोतरी की है। फिर भी ‘Reduce’ रेटिंग क्यों? हालांकि कंपनी के फंडामेंटल्स मजबूत हैं, लेकिन Emkay का मानना है कि: मौजूदा वैल्यूएशन पहले से ही काफी ऊंचा है भविष्य की ग्रोथ का बड़ा हिस्सा शेयर प्राइस में शामिल हो चुका है ऐसे में निवेशकों को मुनाफावसूली (profit booking) पर विचार करना चाहिए
देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी Reliance Industries एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है। हाल के महीनों में शेयर अपने उच्चतम स्तर से करीब 15% नीचे आने के बाद अब इसमें जोरदार उछाल की उम्मीद जताई जा रही है। कई ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के लिए अपने टारगेट प्राइस बढ़ा दिए हैं, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बनता दिख रहा है। ग्लोबल ब्रोकरेज का भरोसा, ₹1,910 तक जा सकता है शेयर Goldman Sachs ने रिलायंस पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस ₹1,910 तय किया है। यह मौजूदा स्तर से काफी ऊपर है और निवेशकों के लिए मजबूत अपसाइड की ओर इशारा करता है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल (O2C) बिजनेस पर जो दबाव पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात के कारण था, वह अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। इससे कंपनी की परफॉर्मेंस में सुधार की उम्मीद है। जियो IPO बनेगा सबसे बड़ा ट्रिगर Nomura ने रिलायंस के शेयर के लिए ₹1,640 का टारगेट दिया है और कहा है कि Jio Platforms का संभावित IPO निकट भविष्य में सबसे बड़ा कैटालिस्ट साबित हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिलायंस अगले महीने जियो के IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर फाइल कर सकती है। इससे न सिर्फ कंपनी की वैल्यूएशन बढ़ेगी, बल्कि टेलीकॉम सेक्टर में भी नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है। अन्य ब्रोकरेज भी बुलिश CLSA: ₹1,800 का टारगेट, ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग Morgan Stanley: ₹1,803 का टारगेट JPMorgan Chase: ₹1,675 का टारगेट, ‘ओवरवेट’ रेटिंग इन सभी अनुमानों से साफ है कि बड़े निवेशक रिलायंस के भविष्य को लेकर आशावादी हैं। अभी कहां है शेयर? रिलायंस का शेयर फिलहाल करीब ₹1,364 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि इसका 52 हफ्ते का हाई ₹1,611 रहा है। मौजूदा स्तर से ब्रोकरेज टारगेट तक पहुंचने में अच्छा खासा रिटर्न मिलने की संभावना जताई जा रही है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि O2C बिजनेस में सुधार और जियो IPO जैसे बड़े ट्रिगर आने वाले समय में रिलायंस के शेयर को नई ऊंचाई तक ले जा सकते हैं। हालांकि, निवेश से पहले बाजार जोखिम और अपनी वित्तीय स्थिति का आकलन करना जरूरी है।
ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने आईटी सेक्टर की कंपनी Mastek पर सकारात्मक रुख बनाए रखते हुए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। अपनी 20 अप्रैल 2026 की रिसर्च रिपोर्ट में फर्म ने स्टॉक के लिए 2240 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 28% की संभावित तेजी दर्शाता है। Q4FY26 प्रदर्शन: स्थिर ग्रोथ, लेकिन मार्जिन पर दबाव कंपनी ने चौथी तिमाही में मिश्रित प्रदर्शन दिया। कॉन्स्टेंट करंसी (CC) आधार पर राजस्व में 0.3% की तिमाही दर से बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 103.5 मिलियन डॉलर तक पहुंचा। वहीं, 12 महीने का ऑर्डर बैकलॉग सालाना आधार पर 13.6% की मजबूत वृद्धि के साथ सकारात्मक संकेत दे रहा है। हालांकि, वेतन वृद्धि के पूरे तिमाही प्रभाव के कारण मार्जिन में लगभग 70 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई। इसके बावजूद, विदेशी मुद्रा से लाभ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार ने इस दबाव को कुछ हद तक कम किया। भौगोलिक प्रदर्शन: UK मजबूत, अमेरिका में सुधार के संकेत यूनाइटेड किंगडम कंपनी के लिए स्थिरता का मुख्य आधार बना रहा, जहां हेल्थ, लाइफ साइंसेज (HLS) और BFSI सेक्टर में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला। उत्तरी अमेरिका अभी भी रिकवरी मोड में है, लेकिन ऑर्डर बुक और डील पाइपलाइन में सुधार से आने वाले समय में धीरे-धीरे मजबूती की उम्मीद जताई जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार FY27 से ज्यादा स्थिर टर्नअराउंड देखने को मिल सकता है। मिडिल ईस्ट और अफ्रीका (MEA) क्षेत्र में लंबित प्रोजेक्ट्स के राजस्व से सपोर्ट मिला, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण क्लाइंट्स के फैसलों में देरी से निकट अवधि में दबाव बना रह सकता है। रणनीतिक बदलाव: AI आधारित सेवाओं पर फोकस कंपनी अब AI-ड्रिवन और आउटकम-बेस्ड एंगेजमेंट मॉडल की ओर तेजी से बढ़ रही है। यह रणनीति अल्पकालिक उतार-चढ़ाव ला सकती है, लेकिन लंबे समय में ग्रोथ और क्लाइंट वॉलेट शेयर बढ़ाने में मददगार मानी जा रही है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत ऑर्डर बुक, UK बाजार में स्थिरता और AI आधारित रणनीति के चलते कंपनी का लॉन्ग-टर्म आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। इसी आधार पर ब्रोकरेज ने ‘बाय’ की सलाह बरकरार रखी है।
देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC Bank को लेकर LKP Research ने सकारात्मक रुख अपनाया है। 21 अप्रैल 2026 को जारी अपनी ताज़ा रिपोर्ट में ब्रोकरेज हाउस ने बैंक की रेटिंग को अपग्रेड करते हुए ‘BUY’ कर दिया है और ₹1002 का टारगेट प्राइस तय किया है। मजबूत तिमाही प्रदर्शन ने बढ़ाया भरोसा रिपोर्ट के मुताबिक, HDFC Bank ने हालिया तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक की ग्रोथ रिटेल, SME और कॉरपोरेट सेगमेंट में मजबूत एडवांस (loans) बढ़ने के कारण हुई। मार्जिन स्थिर रहे, लेकिन मुनाफे (bottom line) में सुधार मुख्य रूप से प्राविजन खर्च में 18.3% की सालाना गिरावट के चलते देखने को मिला। इसके साथ ही ऑपरेटिंग एफिशिएंसी भी स्थिर बनी रही। एसेट क्वालिटी में मल्टी-ईयर बेस्ट वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद बैंक ने अपनी एसेट क्वालिटी को कई वर्षों के सर्वोत्तम स्तर पर बनाए रखा है। LKP Research का मानना है कि बैंक विभिन्न सेक्टर्स पर लगातार निगरानी रख रहा है ताकि ग्रोथ लाभदायक और टिकाऊ बनी रहे। डिपॉजिट ग्रोथ से घट रही चिंता बैंक की डिपॉजिट ग्रोथ 14.4% YoY रही, जो क्रेडिट ग्रोथ से तेज है। इससे लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो (LDR) को लेकर चिंताएं कम होती दिख रही हैं, जो पहले निवेशकों के लिए एक अहम मुद्दा था। आगे की ग्रोथ को लेकर उम्मीद ब्रोकरेज के अनुसार, HDFC Bank FY28 तक: RoA (Return on Assets): 2.1% RoE (Return on Equity): 15.6% हासिल कर सकता है। यह बैंक की मजबूत फ्रेंचाइजी, स्थिर ग्रोथ और सामान्य होते क्रेडिट कॉस्ट के कारण संभव माना जा रहा है। वैल्यूएशन और टारगेट LKP Research ने Sum-of-the-Parts (SOTP) वैल्यूएशन मॉडल के आधार पर ₹1002 का टारगेट दिया है और मौजूदा स्तरों पर स्टॉक को आकर्षक बताया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को कीमती धातुओं का रुझान एक बार फिर अलग-अलग दिशा में नजर आया। जहां सोने की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई, वहीं चांदी अब भी दबाव में बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर बदलते आर्थिक संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच जारी कूटनीतिक वार्ता ने निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में ताजा भाव अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी एक्सचेंज (COMEX) पर सोना 4,837.50 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो मजबूती का संकेत देता है। इसके विपरीत, चांदी की कीमत 79.515 डॉलर प्रति औंस पर बनी रही, जो हालिया गिरावट से उबर नहीं पाई है। घरेलू वायदा बाजार (MCX) में 20 अप्रैल के बंद भाव के अनुसार, सोना 1,53,902 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,52,574 रुपये प्रति किलोग्राम पर दर्ज की गई। कीमतों में उतार-चढ़ाव की प्रमुख वजहें 1. अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का प्रभाव पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता जारी है। इस कूटनीतिक पहल से मध्य-पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद जगी है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जिससे महंगाई के दबाव में कुछ नरमी आई है। हालांकि, इस राहत ने बुलियन बाजार में मिश्रित संकेत पैदा किए हैं। 2. डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड का दबाव वैश्विक अनिश्चितता के बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती और ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि देखी गई है। इससे सोने में निवेश की अवसर लागत बढ़ जाती है, जिससे इसकी कीमतों पर दबाव बना रहता है। चांदी पर भी इसका नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। 3. फेडरल रिजर्व की सख्त नीति अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति अब भी सख्त बनी हुई है। ब्याज दरों में संभावित वृद्धि और सख्ती भरे रुख ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिससे सोने-चांदी दोनों की तेजी सीमित हो रही है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य-पूर्व में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव भविष्य में महंगाई को फिर बढ़ा सकता है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोना अनिश्चितता के माहौल में सोना अब भी सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सतर्कता के साथ कदम उठाने की जरूरत है। रणनीति क्या हो? बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशक “बाय ऑन डिप्स” की रणनीति अपनाएं। यानी कीमतों में गिरावट आने पर धीरे-धीरे निवेश करना लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकता है।
नई दिल्ली: वैश्विक बाजार संकेतों और घरेलू मांग के बीच 17 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोना और चांदी दोनों मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। हालांकि सर्राफा बाजार में रुख मिला-जुला रहा, जहां सोने में मामूली बढ़त जबकि चांदी में हल्की गिरावट देखी गई। एमसीएक्स पर जून डिलीवरी वाला सोना करीब 150 रुपये की तेजी के साथ 1,53,301 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 1,53,050 रुपये के निचले और 1,53,301 रुपये के उच्च स्तर तक गया। सुबह 9:25 बजे के आसपास सोना 68 रुपये की बढ़त के साथ 1,53,220 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी ने तेज उछाल दिखाया। यह पिछले सत्र में 2,48,628 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और आज 2,50,001 रुपये पर खुली। शुरुआती कारोबार में चांदी 1,699 रुपये चढ़कर 2,50,327 रुपये तक पहुंची। सुबह 9:30 बजे यह करीब 0.56% की बढ़त के साथ 2,50,022 रुपये पर कारोबार कर रही थी। सर्राफा बाजार का हाल सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमतों में मामूली तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना: ₹1,55,580 प्रति 10 ग्राम (+₹10) 22 कैरेट सोना: ₹1,42,610 प्रति 10 ग्राम (+₹10) 18 कैरेट सोना: ₹1,16,690 प्रति 10 ग्राम (+₹10) चांदी: ₹2,69,900 प्रति किलो (-₹100) प्रमुख शहरों में सोने का भाव (सुबह 9:30 बजे) दिल्ली: 24K ₹1,55,730 | 22K ₹1,42,760 | 18K ₹1,16,840 मुंबई: 24K ₹1,54,200 | 22K ₹1,41,350 | 18K ₹1,15,650 कोलकाता: 24K ₹1,54,200 | 22K ₹1,41,350 | 18K ₹1,15,650 चेन्नई: 24K ₹1,56,670 | 22K ₹1,43,610 | 18K ₹1,19,810 पटना: 24K ₹1,55,630 | 22K ₹1,42,660 | 18K ₹1,16,740
देशभर के सर्राफा बाजार में एक बार फिर रौनक लौट आई है। Akshaya Tritiya और शादी के सीजन की वजह से सोने-चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा असर कीमतों पर देखने को मिल रहा है। 16 अप्रैल 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दोनों धातुओं के भाव में लगातार बढ़त दर्ज की गई है। सोने के दाम में लगातार तेजी ताजा रुझानों के मुताबिक: 24 कैरेट सोना ₹15,536 प्रति ग्राम तक पहुंच गया यानी ₹1,55,360 प्रति 10 ग्राम पिछले दो दिनों में 100 ग्राम पर करीब ₹29,000 तक की बढ़त शादी-ब्याह और त्योहारों के कारण बाजार में खरीदारी तेज है, जिससे कीमतों को मजबूती मिल रही है। आज का सोना भाव (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट: ₹1,55,360 (+₹10) 22 कैरेट: ₹1,42,410 (+₹10) 18 कैरेट: ₹1,16,520 (+₹10) प्रमुख शहरों में सोने के दाम (प्रति ग्राम) Delhi: ₹15,551 (24K) Mumbai: ₹15,536 (24K) Chennai: ₹15,623 (24K) Kolkata: ₹15,536 (24K) Patna: ₹15,698 (24K) चांदी भी रिकॉर्ड स्तर पर Silver की कीमतों में भी तेजी जारी है: 1 ग्राम: ₹270.10 1 किलो: ₹2,70,100 इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्लोबल मार्केट की हलचल के चलते चांदी इस महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। शहरों में चांदी के दाम (1 किलो) Delhi / Mumbai: ₹2,70,100 Chennai: ₹2,75,100 Patna / Ranchi: ₹2,75,000 क्या आगे और बढ़ेंगे दाम? विशेषज्ञों का मानना है कि: अंतरराष्ट्रीय तनाव त्योहारों की मजबूत मांग इन कारणों से Gold के दाम आगे और बढ़ सकते हैं। अनुमान है कि आने वाले समय में सोना ₹1.60 लाख से ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। खरीदारी का सही समय? अगर आप निवेश या ज्वेलरी के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा तेजी को ध्यान में रखते हुए सही समय पर निर्णय लेना अहम होगा। अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर खरीदारी को पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है, जिससे मांग और बढ़ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर में कमजोरी के बीच कीमती धातुओं में हलचल तेज हो गई है। 15 अप्रैल 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी के दामों में मामूली गिरावट देखने को मिली। निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ने से सोना एक बार फिर चमकता नजर आ रहा है। सोने की कीमतों में क्यों आई तेजी? ग्लोबल मार्केट में Gold की कीमतें मजबूती के साथ करीब 4,850 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई हैं। इसके पीछे प्रमुख वजह अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की उम्मीदें और डॉलर का कमजोर होना है। भारतीय बाजार में भी इसका असर साफ दिखा: 24 कैरेट सोना: ₹1,53,940 प्रति 10 ग्राम (+₹10) 22 कैरेट सोना: ₹1,41,110 प्रति 10 ग्राम (+₹10) 18 कैरेट सोना: ₹1,15,460 प्रति 10 ग्राम (+₹10) प्रमुख शहरों में सोने के रेट (प्रति ग्राम) दिल्ली: ₹15,409 (24K), ₹14,126 (22K) मुंबई: ₹15,394 (24K), ₹14,111 (22K) पटना: ₹15,556 (24K), ₹14,260 (22K) यह बढ़त भले ही मामूली हो, लेकिन बाजार के रुख को दर्शाती है कि निवेशक अभी भी सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। चांदी में भारत में नरमी, ग्लोबल बाजार में मजबूती जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Silver की कीमत 1.6% बढ़कर करीब 81 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई, वहीं भारतीय बाजार में चांदी के दामों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। आज का चांदी भाव: 1 किलोग्राम: ₹2,54,900 (₹100 की गिरावट) 100 ग्राम: ₹25,490 1 ग्राम: ₹254.90 शहरों में चांदी के रेट (1 किलो) दिल्ली/मुंबई/कोलकाता: ₹2,54,900 पटना/रांची: ₹2,65,000
नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, खासकर United States और Iran के बीच जारी तनातनी के बीच सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, अनिश्चितता के माहौल में सेफ-हेवन निवेश के तौर पर इनकी मांग अभी भी बनी हुई है, जिससे बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना फिलहाल सीमित नजर आ रही है। सोने के दाम में मामूली गिरावट आज 24 कैरेट सोने की कीमत में हल्की नरमी देखने को मिली। प्रति 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,52,830 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले दिन के मुकाबले ₹10 कम है। इसी तरह 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव में भी ₹10 की गिरावट दर्ज की गई है। रिटेल बाजार में मांग स्थिर बनी हुई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम है। सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट: ₹1,52,830 (– ₹10) 22 कैरेट: ₹1,40,090 (– ₹10) 18 कैरेट: ₹1,14,620 (– ₹10) शहरों में सोने के दाम देश के प्रमुख शहरों में सोने के रेट में मामूली अंतर देखने को मिला: मुंबई: 24K ₹15,283 | 22K ₹14,009 (प्रति ग्राम) दिल्ली: 24K ₹15,298 | 22K ₹14,024 चेन्नई: 24K ₹15,381 | 22K ₹14,099 कोलकाता: 24K ₹15,283 | 22K ₹14,009 Bengaluru: 24K ₹15,283 | 22K ₹14,009 पटना: 24K ₹15,447 | 22K ₹14,160 रांची: 24K ₹15,447 | 22K ₹14,160 चांदी में भी आई हल्की गिरावट चांदी की कीमतों में भी सोमवार को मामूली गिरावट दर्ज की गई। 1 किलोग्राम चांदी का भाव ₹2,59,900 पर आ गया है, जो पिछले दिन से ₹100 कम है। हालांकि, अप्रैल महीने के शुरुआती रुझानों को देखें तो चांदी अब भी करीब 1.92% की बढ़त के साथ मजबूत स्थिति में बनी हुई है। औद्योगिक मांग और निवेशकों की दिलचस्पी इसे सहारा दे रही है। चांदी का भाव 1 किलो: ₹2,59,900 (– ₹100) 100 ग्राम: ₹25,990 (– ₹10) 10 ग्राम: ₹2,599 (– ₹1) शहरों में चांदी के रेट मुंबई: ₹2,599 (10g) | ₹2,59,900 (1kg) दिल्ली: ₹2,599 | ₹2,59,900 चेन्नई: ₹2,649 | ₹2,64,900 कोलकाता: ₹2,599 | ₹2,59,900 Bengaluru: ₹2,599 | ₹2,59,900 पटना: ₹2,650 | ₹2,65,000 रांची: ₹2,650 | ₹2,65,000 निवेशकों के लिए क्या संकेत? मौजूदा वैश्विक हालात में सोना और चांदी दोनों ही सुरक्षित निवेश विकल्प बने हुए हैं। हालांकि कीमतों में हल्की गिरावट अल्पकालिक है, लेकिन लंबे समय में इनकी स्थिरता बनी रह सकती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करें।
भारतीय सर्राफा बाजार में हफ्ते के आखिरी दिन एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। 11 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई है। ऐसे में अगर आप आज ज्वेलरी खरीदने या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो ताजा रेट्स जानना बेहद जरूरी हो जाता है। सोने के दाम में हल्की बढ़त आज सोने की कीमतों में प्रति ग्राम करीब 1 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। 24 कैरेट सोना अब 15,236 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और बदलते भू-राजनीतिक हालात ने सोने को सहारा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में सोना अब भी सुरक्षित निवेश बना हुआ है, हालांकि आगे कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है। 10 ग्राम सोने का ताजा भाव 24 कैरेट: ₹1,52,360 (₹10 की बढ़त) 22 कैरेट: ₹1,39,660 (₹10 की बढ़त) 18 कैरेट: ₹1,14,270 (₹10 की बढ़त) प्रमुख शहरों में सोने का रेट (प्रति ग्राम) मुंबई: ₹15,236 दिल्ली: ₹15,251 चेन्नई: ₹15,410 कोलकाता: ₹15,236 बेंगलुरु: ₹15,236 पटना: ₹15,464 रांची: ₹15,464 चांदी की कीमत में भी उछाल चांदी के दाम में भी आज तेजी देखने को मिली है। कीमत में 100 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी के साथ चांदी 2,60,100 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर चांदी की लोकप्रियता लगातार बनी हुई है। चांदी का ताजा रेट 1 ग्राम: ₹260.10 100 ग्राम: ₹26,010 1 किलोग्राम: ₹2,60,100 शहरों में चांदी का भाव मुंबई/दिल्ली/कोलकाता/बेंगलुरु: ₹2,60,100 प्रति किलो चेन्नई: ₹2,65,100 प्रति किलो पटना/रांची: ₹2,65,000 प्रति किलो क्या है संकेत? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी दोनों में यह तेजी वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेशकों के सुरक्षित विकल्प की ओर झुकाव को दर्शाती है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के आधार पर कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनी ACME Solar Holdings ने राजस्थान में अपने दो बड़े Battery Energy Storage System (BESS) प्रोजेक्ट्स को कमीशन किया है। हालांकि इस पॉजिटिव अपडेट के बावजूद कंपनी के शेयर में हल्की गिरावट देखने को मिली। शेयर में हल्की कमजोरी 7 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में शेयर ₹279.85 पर ट्रेड करता दिखा करीब 0.29% की गिरावट दर्ज यानी पॉजिटिव खबर के बावजूद बाजार का रिएक्शन सीमित रहा क्या है नया अपडेट? कंपनी की सब्सिडियरी ACME Sun Power ने राजस्थान के Badi Sid में BESS प्रोजेक्ट का चौथा चरण पूरा किया: क्षमता: 33.333 MW / 160.48 MWh कुल प्रोजेक्ट क्षमता: 300 MW / 1409.34 MWh अब तक कुल कमीशन: 133.336 MW / 641.980 MWh वहीं दूसरी सब्सिडियरी ACME Suryodaya ने Sanwara और Mehar Nagar में पांचवां चरण पूरा किया: क्षमता: 76 MW / 160.512 MWh कुल प्रोजेक्ट क्षमता: 285 MW / 601.904 MWh अब तक कुल कमीशन: 247 MW / 521.652 MWh इस फेज की COD: 8 अप्रैल 2026 BESS क्या होता है? Battery Energy Storage System (BESS) ऐसी तकनीक है, जो बिजली को स्टोर करके जरूरत के समय इस्तेमाल करने में मदद करती है। यह खासतौर पर सोलर और विंड एनर्जी के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि इनकी सप्लाई लगातार नहीं होती। फिर शेयर क्यों गिरा? बाजार पहले से ही इस खबर को “प्राइस इन” कर चुका हो सकता है निवेशकों को बड़े मुनाफे या तेज ग्रोथ के संकेत का इंतजार शॉर्ट टर्म में प्रॉफिट बुकिंग निवेशकों के लिए संकेत हालांकि शेयर में मामूली गिरावट है, लेकिन: कंपनी लगातार क्षमता बढ़ा रही है रिन्यूएबल सेक्टर में लंबी अवधि की ग्रोथ पॉजिटिव है
ज्वेलरी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Kalyan Jewellers India Ltd के शेयर में मंगलवार सुबह शुरुआती कारोबार में जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के मजबूत Q4 बिज़नेस अपडेट के बाद स्टॉक में करीब 3% तक की उछाल आई, हालांकि बाद में यह बढ़त कुछ कम हो गई। शुरुआती तेजी, फिर हल्की गिरावट शेयर ने इंट्राडे में ₹435 का हाई छुआ बाद में यह ₹425.5 पर ट्रेड करता दिखा (लगभग 1.3% की बढ़त) पिछले बंद भाव ₹420 के मुकाबले यह बढ़त दर्ज की गई Q4 में दमदार प्रदर्शन कंपनी के मार्च तिमाही (Q4) के आंकड़े काफी मजबूत रहे: भारत में रेवेन्यू ~64% YoY बढ़ा Same-store sales में 45% से ज्यादा की ग्रोथ यह दर्शाता है कि ज्वेलरी की मांग मजबूत बनी हुई है इंटरनेशनल बिजनेस भी मजबूत इंटरनेशनल रेवेन्यू ~45% बढ़ा वेस्ट एशिया बिजनेस में 39% की ग्रोथ कुल रेवेन्यू में ~11% योगदान हालांकि कंपनी ने यह भी बताया कि वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण मार्च के शुरुआती हफ्तों में ग्राहकों की संख्या प्रभावित हुई। विस्तार और ई-कॉमर्स ग्रोथ भारत में 28 नए शोरूम (नेट 24) खोले 14 Candere आउटलेट्स लॉन्च Candere ने 360% से ज्यादा YoY ग्रोथ दर्ज की सेक्टर को मिला सपोर्ट हाल ही में सोना-चांदी के बेस इंपोर्ट प्राइस में कमी से ज्वेलरी कंपनियों को फायदा मिला है, जिससे मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद है। इसी वजह से पूरे सेक्टर में तेजी का माहौल है। एक साल का प्रदर्शन अभी भी कमजोर Kalyan Jewellers का शेयर पिछले 1 साल में ~13.6% गिरा जबकि Nifty 50 करीब 3.6% बढ़ा
Trent Ltd के शेयरों में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बाद शेयर करीब 7 प्रतिशत तक उछल गया, जिससे निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत हुआ है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ट्रेडिंग के दौरान Trent का शेयर 6.8 प्रतिशत बढ़कर इंट्राडे हाई 3,791.90 रुपये तक पहुंच गया। दिन की शुरुआत भी पॉजिटिव रही, जहां स्टॉक 2.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ ओपन हुआ। खास बात यह है कि पिछले तीन ट्रेडिंग सेशंस में यह स्टॉक लगभग 14 प्रतिशत तक चढ़ चुका है। मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ बना तेजी का कारण कंपनी के मार्च तिमाही (Q4FY26) के नतीजों ने बाजार को चौंकाया। स्टैंडअलोन रेवेन्यू 20% बढ़कर 4,937 करोड़ रुपये पहुंचा पिछले साल इसी अवधि में यह 4,106 करोड़ रुपये था पूरे वित्त वर्ष में कंपनी की आय 18% बढ़ी सिर्फ इतना ही नहीं, मर्चेंडाइज सेल्स (अन्य ऑपरेटिंग इनकम को छोड़कर) भी तिमाही में 21% और पूरे साल में 19% बढ़ी है। टैक्स कट और कंज्यूमर डिमांड का असर सितंबर में हुए टैक्स कट्स का सीधा असर कंज्यूमर स्पेंडिंग पर देखने को मिला है। लोगों के पास अधिक डिस्पोजेबल इनकम होने से रिटेल सेक्टर को फायदा मिला, जिसका असर Trent के प्रदर्शन में साफ दिखा। तेजी से बढ़ रहा स्टोर नेटवर्क Trent लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। मार्च 2026 तक कुल स्टोर: 1,286 एक साल पहले: 1,043 स्टोर कंपनी अब छोटे शहरों और कस्बों में विस्तार पर फोकस कर रही है, जहां तेजी से बढ़ती मांग को कैश करने की योजना है। Zudio और Westside की बढ़ती लोकप्रियता Trent के लोकप्रिय ब्रांड Zudio और Westside खासकर युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। यही वजह है कि कंपनी का फोकस अब मेट्रो शहरों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों पर भी है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) 13 अप्रैल 2026 से अपने कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में डेटेड ब्रेंट क्रूड (Platts) फ्यूचर्स लॉन्च करने जा रहा है। S&P ग्लोबल एनर्जी (Platts) के साथ साझेदारी में शुरू हो रहा यह प्रोडक्ट भारतीय कमोडिटी बाजार के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। SEBI की मंजूरी के बाद यह कदम अब भारत के ट्रेडर्स, रिफाइनरियों और निवेशकों को ग्लोबल ऑयल प्राइस पर सीधे दांव लगाने और हेजिंग करने का मौका देगा। क्या है यह नया प्रोडक्ट? ब्रेंट क्रूड दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल बेंचमार्क है, जिस पर 60-70% वैश्विक तेल व्यापार होता है। अभी तक भारत में ज्यादातर ट्रेडिंग MCX पर WTI क्रूड के आधार पर होती थी, लेकिन NSE का यह नया प्रोडक्ट सीधे ब्रेंट प्राइस से जुड़ा होगा। यानी अब भारतीय निवेशक इंटरनेशनल मार्केट के साथ ज्यादा सिंक में ट्रेड कर सकेंगे। ट्रेडिंग के नियम एक नजर में कॉन्ट्रैक्ट सिंबल: BRCRUDEOIL न्यूनतम साइज: 100 बैरल सेटलमेंट: कैश सेटल्ड (कोई फिजिकल डिलीवरी नहीं) ट्रेडिंग करेंसी: भारतीय रुपये बेस प्राइस: Platts Dated Brent Benchmark इससे ट्रेडिंग आसान, ट्रांसपेरेंट और ग्लोबल स्टैंडर्ड के करीब होगी। क्यों यह लॉन्च इतना अहम है? 1. ग्लोबल मार्केट से सीधा कनेक्शन अब भारतीय ट्रेडर्स सीधे अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों पर ट्रेड कर सकेंगे, जिससे प्राइस डिस्कवरी बेहतर होगी। 2. हेजिंग के नए मौके तेल कंपनियां पहले से ही कीमत लॉक कर सकेंगी, जिससे कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का जोखिम कम होगा। 3. MCX को मिलेगी टक्कर अब कमोडिटी ट्रेडिंग में NSE की एंट्री से कॉम्पिटिशन बढ़ेगा, जिससे निवेशकों को बेहतर विकल्प मिलेंगे। 4. रिटेल निवेशकों के लिए बड़ा मौका छोटे निवेशकों को भी अब ग्लोबल ऑयल मूवमेंट से कमाई का मौका मिलेगा। किन सेक्टर्स पर पड़ेगा असर? ऑयल मार्केटिंग कंपनियां रिफाइनरी सेक्टर एविएशन (फ्यूल कॉस्ट पर असर) ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स इन सेक्टर्स के लिए हेजिंग आसान और ज्यादा प्रभावी होगी। क्या हैं जोखिम? कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव जियोपॉलिटिकल तनाव का सीधा असर नए निवेशकों के लिए हाई रिस्क इसलिए बिना समझे ट्रेडिंग करना नुकसानदायक हो सकता है। निवेशक क्या करें? शुरुआती दिनों में बाजार का ट्रेंड समझें छोटे अमाउंट से शुरुआत करें ग्लोबल न्यूज (जंग, सप्लाई, OPEC फैसले) पर नजर रखें लॉन्ग टर्म के लिए इसे डाइवर्सिफिकेशन टूल की तरह देखें
Coal India News: सरकारी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कोल इंडिया (Coal India) के शेयरों में आज हलचल देखने को मिल सकती है। कंपनी को तेलंगाना पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TGGENCO) से 1057.09 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है, जो इसके बिजनेस मॉडल में बदलाव का भी संकेत देता है। क्या है पूरा ऑर्डर? कोल इंडिया को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट पारंपरिक कोयला खनन से अलग एक नई दिशा में कदम है। प्रोजेक्ट: बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लोकेशन: चौटुप्पल, तेलंगाना कुल वैल्यू: ₹1057.09 करोड़ इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को एक बड़े पैमाने पर बिजली स्टोरेज प्लांट स्थापित करना होगा। प्रोजेक्ट की खासियत कुल क्षमता: 750 MWh स्टोरेज समय: 4 घंटे तक बिजली स्टोर प्रोजेक्ट टाइमलाइन: 18 महीने में पूरा करना होगा यह प्लांट खासतौर पर सोलर और विंड एनर्जी को स्टोर करने में मदद करेगा, जिससे पीक डिमांड के समय बिजली की सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। कमाई का नया जरिया इस डील से कोल इंडिया को सिर्फ प्रोजेक्ट वैल्यू ही नहीं, बल्कि रेगुलर इनकम का मौका भी मिलेगा: कंपनी 3.14 लाख मेगावाट प्रति माह के टैरिफ पर बिजली सप्लाई करेगी यानी यह प्रोजेक्ट लॉन्ग टर्म रेवेन्यू स्ट्रीम भी बना सकता है। क्लीन एनर्जी की ओर शिफ्ट अब तक कोल इंडिया मुख्य रूप से कोयला खनन के लिए जानी जाती रही है, लेकिन यह ऑर्डर कंपनी के एनर्जी ट्रांजिशन प्लान को दिखाता है: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में एंट्री बैटरी स्टोरेज टेक्नोलॉजी में निवेश भविष्य के ग्रीन एनर्जी मार्केट में पकड़ मजबूत करने की कोशिश यह कदम निवेशकों के लिए पॉजिटिव संकेत माना जा सकता है। आगे की प्रक्रिया कंपनी को 15 दिनों के भीतर परफॉर्मेंस बैंक गारंटी जमा करनी होगी इसके बाद फाइनल एग्रीमेंट साइन होगा यानी फिलहाल यह ऑर्डर शुरुआती स्टेज में है, लेकिन संभावनाएं मजबूत हैं। शेयर पर क्या असर? इस बड़े ऑर्डर के बाद बाजार में कोल इंडिया के शेयरों पर नजर बनी रहेगी। 27 मार्च 2026 को शेयर कीमत: ₹445 के आसपास 1 साल का रिटर्न: लगभग 11–13% 52 वीक हाई: ₹476 52 वीक लो: ₹350 इसके अलावा कंपनी ने निवेशकों को आकर्षित करते हुए ₹26.40 प्रति शेयर डिविडेंड भी दिया है। निवेशकों के लिए संकेत यह डील कंपनी के बिजनेस में डायवर्सिफिकेशन दिखाती है क्लीन एनर्जी में एंट्री से लॉन्ग टर्म ग्रोथ की संभावना शॉर्ट टर्म में शेयर में वोलैटिलिटी और पॉजिटिव मूवमेंट संभव
बिहार के औद्योगिक विकास को मिला बड़ा बूस्ट बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने जा रही है। देश की दिग्गज कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने राज्य में अपनी नई निर्माण इकाई स्थापित करने का फैसला लिया है। यह मेगा प्रोजेक्ट न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। बांका के कटोरिया में बनेगा प्लांट यह फैक्ट्री बांका जिले के कटोरिया औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित की जाएगी। करीब 59.47 एकड़ जमीन पर बनने वाला यह प्लांट क्षेत्र के औद्योगिक नक्शे को बदलने की क्षमता रखता है। इस परियोजना को राज्य सरकार से मंजूरी मिल चुकी है, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। 1200 करोड़ का निवेश, 1000 को सीधा रोजगार अल्ट्राटेक सीमेंट इस प्रोजेक्ट पर लगभग 1200 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इस बड़े निवेश से करीब 1000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को काम मिलेगा। लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट, निर्माण और छोटे व्यवसायों को भी इस फैक्ट्री के जरिए नई रफ्तार मिलेगी। बांका बनेगा नया इंडस्ट्रियल हब कटोरिया औद्योगिक क्षेत्र में इस फैक्ट्री के लगने से बांका और आसपास के इलाकों में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी। लंबे समय से निवेश की प्रतीक्षा कर रहे इस क्षेत्र के लिए यह प्रोजेक्ट एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सीमेंट उद्योग किसी भी क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को कई गुना बढ़ाने का काम करता है। सरकार की नीतियों का असर दिखा उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी गई। वहीं उद्योग विभाग और बियाडा की ओर से दी जा रही सुविधाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन पर है, जिसका असर अब जमीन पर दिखने लगा है। निवेश के लिए तैयार हो रहा बिहार राज्य में लगातार बेहतर होती नीतियां और निवेश के अनुकूल माहौल यह संकेत दे रहे हैं कि बिहार अब उद्योगों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। अल्ट्राटेक सीमेंट का यह निवेश ‘औद्योगिक बिहार’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। क्या होगा आम लोगों को फायदा? इस प्रोजेक्ट से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, छोटे व्यापारियों की आय बढ़ेगी और क्षेत्र का समग्र विकास होगा।
ऊर्जा क्षेत्र में बिहार की बड़ी छलांग बिहार अब ऊर्जा सेक्टर में तेजी से उभरता हुआ निवेश केंद्र बनता जा रहा है। भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में ‘फोकस स्टेट’ के रूप में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हुए राज्य ने यह साफ संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में यहां ऊर्जा क्षेत्र में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिलेगा। 5 साल में 81,000 करोड़ का निवेश राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए करीब 81,000 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना बनाई है। यह निवेश अलग-अलग सेक्टर में किया जाएगा, जिससे बिजली उत्पादन से लेकर सप्लाई तक की पूरी व्यवस्था मजबूत होगी। पावर जेनरेशन: 38,950 करोड़ रुपए ट्रांसमिशन सिस्टम: 16,194 करोड़ रुपए डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क: 22,951 करोड़ रुपए मेंटेनेंस और रख-रखाव: 3,346 करोड़ रुपए इस व्यापक योजना का मकसद राज्य में बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय और सुचारु बनाना है। रिन्यूएबल एनर्जी में बड़ा लक्ष्य बिहार ने रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी 2025 के तहत वर्ष 2030 तक 24 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। साथ ही 6.1 गीगावाट की एनर्जी स्टोरेज क्षमता विकसित करने की भी योजना है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार कई सुविधाएं दे रही है, जैसे- ट्रांसमिशन शुल्क में छूट ऊर्जा बैंकिंग की सुविधा सिंगल विंडो क्लीयरेंस कार्बन क्रेडिट के प्रावधान ये सभी पहल बिहार को ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में मजबूत खिलाड़ी बनाने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं। 20 साल में दिखा बड़ा बदलाव समिट के दौरान राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में पिछले दो दशकों में हुए बदलावों को भी सामने रखा गया। 2005 में जहां केवल 700 मेगावाट बिजली उपलब्ध थी, वहीं अब मांग 8,700 मेगावाट से ज्यादा हो चुकी है। राज्य में करीब 2.2 करोड़ उपभोक्ता बिजली नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। वितरण कंपनियां, जो 2021 में 1,942 करोड़ के घाटे में थीं, अब 2025 तक करीब 2,000 करोड़ के मुनाफे में पहुंच गई हैं। निवेशकों के लिए क्यों खास है बिहार? ऊर्जा क्षेत्र में सुधार, पारदर्शी नीतियां और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते बिहार अब निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बनकर उभर रहा है। सरकार की योजनाएं साफ संकेत देती हैं कि आने वाले समय में राज्य न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ेगा। क्या बदलेगा आम लोगों के लिए? इस बड़े निवेश का सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलेगा। बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर होगी, कटौती में कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सकेगी।
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार वापसी की। गुरुवार को भारी गिरावट के बाद आज बाजार हरे निशान में खुला। Nifty50 23,200 के ऊपर खुला, जबकि BSE Sensex में 700 अंकों से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में तेजी सुबह 9:16 बजे के आसपास निफ्टी 23,229 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो करीब 227 अंक यानी लगभग 1% की बढ़त है। वहीं सेंसेक्स 74,945 के स्तर पर पहुंच गया, जिसमें करीब 738 अंकों की तेजी दर्ज की गई। यह उछाल गुरुवार की 3% से ज्यादा गिरावट के बाद निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है। बाजार में ‘उम्मीद बनाम डर’ का माहौल बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। एक तरफ वैश्विक तनाव और महंगाई की चिंता है, तो दूसरी तरफ राहत की उम्मीद भी दिख रही है। हाल के बयानों से संकेत मिला है कि पश्चिम एशिया में तनाव कुछ कम हो सकता है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी आई है। इसका सकारात्मक असर बाजार पर पड़ा है। किन सेक्टरों में दिखी मजबूती आज के कारोबार में खासकर बैंकिंग, फाइनेंशियल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में तेजी देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुवार की गिरावट के बाद इन सेक्टरों में ‘बाउंस बैक’ की संभावना पहले से ही थी, जो अब दिखने लगी है। वैश्विक संकेतों का असर एशियाई बाजारों में भी आज तेजी का माहौल रहा, जिससे भारतीय बाजार को सपोर्ट मिला। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी बाजारों में सुधार ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और मजबूत डॉलर के कारण वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी गुरुवार को विदेशी निवेशकों (FII) ने करीब 7,558 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव बना। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 3,864 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक संभाला। आगे क्या रहेगा ट्रेंड? विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अगर वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं, तो बाजार में और सुधार देखने को मिल सकता है। लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। कुल मिलाकर, शुक्रवार की शुरुआत ने यह संकेत जरूर दिया है कि गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी की ताकत मौजूद है, लेकिन आगे का रास्ता अभी भी वैश्विक संकेतों पर निर्भर रहेगा।
रिलायंस समूह की वित्तीय सेवा कंपनी Jio Financial Services के शेयरों को लेकर ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services ने सकारात्मक रुख जताया है। ब्रोकरेज ने इस शेयर पर “Buy” रेटिंग के साथ कवरेज शुरू करते हुए 320 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। मौजूदा कीमत करीब 236 रुपये के आसपास है, यानी यहां से इसमें करीब 36% तक तेजी की संभावना जताई गई है। पिछले एक साल में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर में करीब 5% की बढ़त देखने को मिली है और कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये के आसपास है। टेक्नोलॉजी आधारित फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म ब्रोकरेज के अनुसार जियो फाइनेंशियल एक टेक्नोलॉजी-ड्रिवन फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म के रूप में तेजी से उभर रही है। कंपनी लेंडिंग, पेमेंट्स, एसेट मैनेजमेंट, बीमा और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे कई क्षेत्रों में विस्तार कर रही है। जियो और रिलायंस नेटवर्क का फायदा रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी को Reliance Industries के विशाल नेटवर्क का बड़ा फायदा मिल सकता है। इसके पास Jio के 50 करोड़ से अधिक ग्राहकों का आधार है और Reliance Retail का बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी उपलब्ध है। इससे ग्राहकों को जोड़ने की लागत अन्य पारंपरिक वित्तीय कंपनियों की तुलना में कम हो सकती है। जियो क्रेडिट बनेगा ग्रोथ इंजन ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की लेंडिंग यूनिट जियो क्रेडिट आने वाले समय में प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर बन सकती है। शुरुआती चरण में कंपनी ने होम लोन और प्रॉपर्टी के बदले लोन जैसे सुरक्षित रिटेल प्रोडक्ट्स में अच्छी शुरुआत की है। दिसंबर 2025 तक जियो क्रेडिट का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब 19,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, जो लेंडिंग बिजनेस के तेजी से विस्तार का संकेत देता है। AI और डेटा का इस्तेमाल रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनी अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा का उपयोग करके एक स्केलेबल फाइनेंशियल इकोसिस्टम बना सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए ग्राहकों के लिए पर्सनलाइज्ड क्रेडिट असेसमेंट सिस्टम तैयार किया जा सकता है। मुनाफे में तेज वृद्धि का अनुमान ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट करीब 48% CAGR की दर से बढ़ सकता है। हालांकि निकट अवधि में कंपनी का मुनाफा सीमित रह सकता है, क्योंकि फिलहाल वह लेंडिंग, पेमेंट्स और इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स जैसे क्षेत्रों में विस्तार के लिए निवेश कर रही है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।