आईपीओ बाजार में एक बार फिर निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन मिला है। राजस्थान के जयपुर स्थित हैंडक्राफ्टेड ज्वैलरी निर्माता Advit Jewels के शेयरों ने शेयर बाजार में दमदार शुरुआत करते हुए पहले ही दिन निवेशकों को करीब 36 फीसदी का मुनाफा दे दिया। कंपनी के शेयर बुधवार को BSE और NSE पर अपने इश्यू प्राइस से काफी ऊपर सूचीबद्ध हुए, जिससे आईपीओ में निवेश करने वाले शेयरधारकों की अच्छी कमाई हुई। किस भाव पर हुई लिस्टिंग? NSE पर Advit Jewels का शेयर ₹188.90 प्रति शेयर पर सूचीबद्ध हुआ। कंपनी का इश्यू प्राइस ₹138 था, यानी शेयर ने लगभग 36.8% प्रीमियम के साथ बाजार में एंट्री की। वहीं BSE पर शेयर ₹187 प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 35.5% की बढ़त दर्शाता है। ग्रे मार्केट के अनुमान पर खरी उतरी लिस्टिंग शेयर की लिस्टिंग ग्रे मार्केट की उम्मीदों के अनुरूप रही। लिस्टिंग से पहले कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब ₹50 चल रहा था, जिससे संकेत मिल रहे थे कि शेयर लगभग 36% प्रीमियम पर सूचीबद्ध हो सकता है। वास्तविक लिस्टिंग भी लगभग इसी स्तर पर रही। आईपीओ को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स Advit Jewels के आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। आंकड़ों के अनुसार, यह इश्यू कुल मिलाकर 212.63 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल निवेशक श्रेणी: 95.30 गुना गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 536.38 गुना इतनी मजबूत सब्सक्रिप्शन ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि शेयर की लिस्टिंग दमदार हो सकती है। कंपनी जुटाई गई राशि का क्या करेगी? यह आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू था, जिसमें 1.20 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए गए। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) का कोई हिस्सा शामिल नहीं था। कंपनी ने बताया है कि आईपीओ से जुटाई गई पूंजी का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जाएगा— वर्किंग कैपिटल की जरूरतें पूरी करने के लिए मौजूदा कर्ज का भुगतान सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए निवेशकों के लिए क्या संकेत? Advit Jewels की मजबूत लिस्टिंग एक बार फिर यह दिखाती है कि जिन कंपनियों के बिजनेस मॉडल और आईपीओ को निवेशकों का अच्छा समर्थन मिलता है, वे लिस्टिंग के दिन बेहतर रिटर्न दे सकती हैं। हालांकि, विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि केवल लिस्टिंग गेन के आधार पर निवेश का निर्णय लेने के बजाय कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य की संभावनाओं का भी मूल्यांकन करें।
नई दिल्ली: ज्वैलरी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Advit Jewels का आईपीओ 23 जून से निवेशकों के लिए खुल गया और पहले ही दिन इसे शानदार प्रतिक्रिया मिली। आईपीओ खुलने के शुरुआती तीन घंटों के भीतर ही रिटेल कैटेगरी में यह चार गुना से अधिक सब्सक्राइब हो गया, जिससे निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर उत्साह साफ नजर आ रहा है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए लगभग 165 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके तहत करीब 1.19 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। निवेशक इस आईपीओ में 25 जून तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि शेयरों की संभावित लिस्टिंग 1 जुलाई को हो सकती है। क्या है प्राइस बैंड और निवेश की शर्तें? Advit Jewels ने अपने आईपीओ का प्राइस बैंड 130 रुपये से 138 रुपये प्रति शेयर तय किया है। एक लॉट में 100 शेयर शामिल हैं। रिटेल निवेशक न्यूनतम एक लॉट और अधिकतम 14 लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं। क्या करती है Advit Jewels? जयपुर स्थित Advit Jewels अपने प्रसिद्ध 'Rambhajo' ब्रांड के तहत हाथ से तैयार की जाने वाली कुंदन, पोल्की, डायमंड और स्टडेड ज्वैलरी का निर्माण और सप्लाई करती है। कंपनी B2B मॉडल के तहत डीलर्स और रिटेलर्स को सेवाएं देने के साथ-साथ कस्टमाइज्ड ऑर्डर पर भी ज्वैलरी तैयार करती है। आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और अन्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। ग्रे मार्केट में मजबूत संकेत आईपीओ खुलने के साथ ही ग्रे मार्केट में भी Advit Jewels के शेयरों की मांग तेज दिखाई दी। दोपहर 12 बजे तक कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 65 रुपये पहुंच गया था। 138 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर यह लगभग 47 प्रतिशत प्रीमियम दर्शाता है। यदि ग्रे मार्केट का यह रुझान जारी रहता है, तो लिस्टिंग के समय निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि GMP केवल एक संकेतक होता है और वास्तविक लिस्टिंग प्रदर्शन बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। एक्सपर्ट्स की राय रिसर्च फर्म Equivision ने इस आईपीओ को 'सब्सक्राइब' रेटिंग दी है। फर्म के अनुसार कंपनी की मजबूत राजस्व वृद्धि, बढ़ती लाभप्रदता और संगठित ज्वैलरी बाजार में मजबूत उपस्थिति इसकी प्रमुख ताकत हैं। साथ ही टियर-1 और टियर-2 शहरों में विस्तार की रणनीति को भी सकारात्मक माना गया है।
Gold-Silver Rate Today: अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ताजा कीमतों की जानकारी लेना आपके लिए जरूरी है। 23 जून 2026 को सोने की कीमत में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि चांदी के दाम में मामूली गिरावट देखने को मिली है। बाजार के शुरुआती रुझानों के अनुसार, 24 कैरेट सोना 10 रुपये महंगा होकर ₹1,46,520 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 100 रुपये सस्ती होकर ₹2,49,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। सोने की कीमत में मामूली बढ़त आज 24 कैरेट सोने का भाव 10 रुपये बढ़कर ₹1,46,520 प्रति 10 ग्राम हो गया है। वहीं, 22 कैरेट सोना भी 10 रुपये की तेजी के साथ ₹1,34,310 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। हालांकि, जून महीने की शुरुआत की तुलना में सोने की कीमत अभी भी लगभग 6 प्रतिशत नीचे बनी हुई है। 24 कैरेट सोने का ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम) शहर आज का भाव कल का भाव बदलाव पटना ₹1,46,570 ₹1,46,560 ▲ ₹10 लखनऊ ₹1,46,670 ₹1,46,660 ▲ ₹10 रांची ₹1,46,520 ₹1,46,510 ▲ ₹10 दिल्ली ₹1,46,670 ₹1,46,660 ▲ ₹10 मुंबई ₹1,46,520 ₹1,46,510 ▲ ₹10 कोलकाता ₹1,46,520 ₹1,46,510 ▲ ₹10 चेन्नई ₹1,48,360 ₹1,48,350 ▲ ₹10 चांदी के दाम में आई नरमी सोने के मुकाबले चांदी की कीमत में आज गिरावट दर्ज की गई है। एक किलोग्राम चांदी का भाव 100 रुपये घटकर ₹2,49,900 पर आ गया है। जून महीने में अब तक चांदी की कीमत में करीब 10.75 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। चांदी का ताजा भाव (प्रति किलो) शहर आज का भाव कल का भाव बदलाव पटना ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 लखनऊ ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 रांची ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 दिल्ली ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 मुंबई ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 कोलकाता ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 चेन्नई ₹2,54,900 ₹2,55,000 ▼ ₹100 बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कीमतों और घरेलू मांग के आधार पर आने वाले दिनों में सोना और चांदी के दाम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले ताजा रेट जरूर जांच लें।
नई दिल्ली: लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद सोमवार सुबह सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार शुरू होते ही सोना प्रति 10 ग्राम करीब ₹800 तक उछल गया, जबकि चांदी के दाम में प्रति किलो लगभग ₹4,000 की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस तेजी से निवेशकों और सर्राफा कारोबारियों को राहत मिली है। हाल के दिनों में सोने की कीमतों में आई गिरावट के बाद बाजार में फिर से सकारात्मक माहौल बनता दिखाई दे रहा है। MCX पर क्या रहे भाव? सुबह 9:40 बजे अगस्त डिलीवरी वाला सोना ₹522 की बढ़त के साथ ₹1,47,725 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं जुलाई डिलीवरी वाली चांदी ₹1,914 की तेजी के साथ ₹2,35,099 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। शुरुआती कारोबार में चांदी में करीब ₹4,000 तक का उछाल देखने को मिला। प्रमुख शहरों में आज का सोने का भाव शहर 24 कैरेट 22 कैरेट 18 कैरेट दिल्ली ₹1,46,660 ₹1,34,450 ₹1,10,030 मुंबई ₹1,46,510 ₹1,34,300 ₹1,09,880 कोलकाता ₹1,46,510 ₹1,34,300 ₹1,09,880 चेन्नई ₹1,48,360 ₹1,35,990 ₹1,13,690 लखनऊ ₹1,46,660 ₹1,34,450 ₹1,10,030 कानपुर ₹1,46,660 ₹1,34,450 ₹1,10,030 पटना ₹1,46,560 ₹1,34,350 ₹1,09,930 जयपुर ₹1,46,660 ₹1,34,450 ₹1,10,030 इंदौर ₹1,46,560 ₹1,34,350 ₹1,09,930 भोपाल ₹1,46,560 ₹1,34,350 ₹1,09,930 अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी वैश्विक बाजार में हाजिर सोना 0.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,197.41 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमतों में 1.8 प्रतिशत की तेजी आई और यह 66.10 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी। आगे कैसी रह सकती है चाल? विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों, महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े फैसले आने वाले समय में सोने और चांदी की दिशा तय करेंगे। अगर ब्याज दरों में बढ़ोतरी होती है, तो सोने की लंबी अवधि की तेजी पर दबाव बन सकता है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बनी रह सकती है।
सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार, 19 जून 2026 को बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में शुरुआती कारोबार के दौरान जहां चांदी के दाम में करीब ₹8,000 तक की गिरावट देखने को मिली, वहीं सोना भी लगभग ₹3,000 तक सस्ता हो गया। सर्राफा बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं के भाव नीचे आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा वर्ष के अंत तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत दिए जाने के बाद निवेशकों का रुख बदला है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। एमसीएक्स पर चांदी में भारी गिरावट एमसीएक्स पर 3 जुलाई डिलीवरी वाली चांदी पिछले कारोबारी सत्र में ₹2,37,572 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। शुक्रवार को इसकी शुरुआत ₹2,32,371 से हुई और शुरुआती कारोबार में यह गिरकर ₹2,29,561 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। सुबह करीब 10 बजे चांदी ₹6,944 यानी 2.92 फीसदी की गिरावट के साथ ₹2,30,628 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी। सोने का भाव भी फिसला 5 अगस्त डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में ₹1,49,309 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। शुक्रवार को इसकी शुरुआत ₹1,47,175 पर हुई और शुरुआती कारोबार में यह गिरकर ₹1,46,252 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। सुबह 10 बजे के आसपास सोना करीब ₹2,695 यानी 1.8 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,46,614 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। प्रमुख शहरों में आज का गोल्ड रेट शहर 24 कैरेट 22 कैरेट 18 कैरेट दिल्ली ₹1,46,010 ₹1,33,850 ₹1,09,540 मुंबई ₹1,45,860 ₹1,33,700 ₹1,09,390 कोलकाता ₹1,45,860 ₹1,33,700 ₹1,09,390 चेन्नई ₹1,48,040 ₹1,35,700 ₹1,13,500 लखनऊ ₹1,46,010 ₹1,33,850 ₹1,09,540 कानपुर ₹1,46,010 ₹1,33,850 ₹1,09,540 पटना ₹1,45,910 ₹1,33,750 ₹1,09,440 जयपुर ₹1,46,010 ₹1,33,850 ₹1,09,540 इंदौर ₹1,45,910 ₹1,33,750 ₹1,09,440 भोपाल ₹1,45,910 ₹1,33,750 ₹1,09,440 सर्राफा बाजार में भी आई गिरावट सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना ₹3,650 सस्ता होकर ₹1,45,860 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत ₹3,350 घटकर ₹1,33,700 हो गई। 18 कैरेट सोना ₹2,740 की गिरावट के बाद ₹1,09,390 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। दूसरी ओर, चांदी का भाव ₹10,000 घटकर ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम रह गया है। क्या खरीदारी का सही समय है? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में आई यह गिरावट खरीदारों के लिए एक अवसर हो सकती है, लेकिन निवेश करने से पहले बाजार की चाल और वैश्विक संकेतों पर नजर रखना जरूरी है।
Turtlemint Fintech IPO: इंश्योरटेक सेक्टर की प्रमुख कंपनी टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस का बहुप्रतीक्षित आईपीओ 19 जून 2026 से आम निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है। कंपनी ने इस सार्वजनिक निर्गम का आकार 883 करोड़ रुपये रखा है और इसके लिए प्रति शेयर 144 रुपये से 152 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया है। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया 18 जून को शुरू हो चुकी है। ₹883 करोड़ का है आईपीओ टर्टलमिंट फिनटेक इस आईपीओ के जरिए कुल 883 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसमें: 660.72 करोड़ रुपये के नए शेयर (Fresh Issue) जारी किए जाएंगे। 221.95 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचे जाएंगे। ऊपरी प्राइस बैंड 152 रुपये के आधार पर कंपनी का अनुमानित मार्केट वैल्यूएशन करीब 4,500 करोड़ रुपये आंका गया है। कब तक लगा सकेंगे बोली? रिटेल निवेशकों के लिए यह इश्यू: ओपनिंग डेट: 19 जून 2026 क्लोजिंग डेट: 23 जून 2026 तक खुला रहेगा। वहीं एंकर निवेशकों ने 18 जून को ही इसमें निवेश के लिए बोली लगाई। न्यूनतम कितना निवेश करना होगा? कंपनी ने आईपीओ का लॉट साइज 98 शेयर तय किया है। एक शेयर का अधिकतम मूल्य: ₹152 एक लॉट का निवेश: ₹14,896 निवेशकों को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा, जबकि इसके बाद उसी के गुणक में अतिरिक्त बोली लगाई जा सकेगी। किस वर्ग के लिए कितना आरक्षण? इश्यू में विभिन्न निवेशक श्रेणियों के लिए आरक्षण इस प्रकार है: 75% – क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) 15% – नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) 10% – रिटेल निवेशक ग्रे मार्केट में कैसा है माहौल? ग्रे मार्केट में फिलहाल टर्टलमिंट आईपीओ का प्रीमियम लगभग 1.32% बताया जा रहा है। मौजूदा संकेतों के अनुसार, ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर शेयर में लगभग ₹2 प्रति शेयर की संभावित लिस्टिंग गेन का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, जीएमपी समय के साथ बदल सकता है और इसे निवेश का एकमात्र आधार नहीं माना जाना चाहिए। महत्वपूर्ण तारीखें इवेंट तारीख एंकर बुक ओपन 18 जून 2026 आईपीओ ओपन 19 जून 2026 आईपीओ क्लोज 23 जून 2026 अलॉटमेंट 24 जून 2026 रिफंड प्रक्रिया 25 जून 2026 डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट 25 जून 2026 लिस्टिंग 29 जून 2026 क्या काम करती है Turtlemint? टर्टलमिंट एक टेक्नोलॉजी-आधारित इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म है, जो ग्राहकों, इंश्योरेंस कंपनियों और डिजिटल पार्टनर्स को एक मंच पर जोड़ता है। 30 सितंबर 2025 तक: कंपनी के पास 6 लाख से अधिक डिजिटल पार्टनर्स थे। इनमें करीब 4.85 लाख PoSPs (Point of Sales Persons) शामिल थे। अप्रैल 2022 से सितंबर 2025 के बीच कंपनी ने 1.97 करोड़ इंश्योरेंस पॉलिसियों के वितरण में मदद की।
नई दिल्ली: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में दोनों कीमती धातुओं में तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स (MCX) पर शुरुआती कारोबार में सोना करीब ₹3,300 महंगा हुआ, जबकि चांदी में ₹7,200 तक की तेज बढ़त देखने को मिली। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते और वैश्विक बाजारों में बढ़ी हलचल का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। MCX पर सोने का ताजा भाव 5 अगस्त डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में ₹1,50,528 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को यह: ₹1,53,829 पर खुला शुरुआती कारोबार में ₹3,301 की तेजी के साथ ऊपर पहुंचा सुबह 10:10 बजे के आसपास ₹1,53,245 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता देखा गया चांदी में जबरदस्त उछाल 3 जुलाई डिलीवरी वाली चांदी का पिछला बंद भाव ₹2,46,186 प्रति किलोग्राम था। आज: यह ₹2,51,563 पर खुली शुरुआती कारोबार में ₹2,53,345 प्रति किलो तक पहुंच गई सुबह 10:10 बजे लगभग ₹2,52,486 प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी पिछले तीन दिनों में चांदी की कीमत में करीब ₹18,000 प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई है। सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के भाव गुड रिटर्न्स के अनुसार: 24 कैरेट सोना: ₹1,51,530 प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोना: ₹1,38,900 प्रति 10 ग्राम 18 कैरेट सोना: ₹1,13,650 प्रति 10 ग्राम चांदी: ₹1,65,000 प्रति किलो प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव शहर 24 कैरेट सोना दिल्ली ₹1,51,680 मुंबई ₹1,51,530 कोलकाता ₹1,51,530 चेन्नई ₹1,53,590 लखनऊ ₹1,51,680 पटना ₹1,51,580 जयपुर ₹1,51,680 भोपाल ₹1,51,680 अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं में मजबूती देखी गई। स्पॉट गोल्ड: 2% बढ़कर $4,304.11 प्रति औंस यूएस गोल्ड फ्यूचर (अगस्त): 2% बढ़कर $4,325.20 प्रति औंस स्पॉट सिल्वर: 3.1% उछलकर $70.07 प्रति औंस निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक घटनाक्रम, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियां आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में निवेश से पहले बाजार की दिशा और विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान देना जरूरी है।
नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। गुरुवार, 11 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं घरेलू बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं के दाम में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है। महंगाई और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसका असर सोने और चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या है स्थिति? स्पॉट गोल्ड कारोबार के दौरान 21 नवंबर के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। सोने की कीमत 0.2 फीसदी गिरकर 4,063.87 डॉलर प्रति औंस रही, जबकि स्पॉट सिल्वर 0.9 फीसदी की गिरावट के साथ 63.15 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी। एमसीएक्स पर सोना और चांदी घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 5 अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1,48,017 रुपये प्रति 10 ग्राम से फिसलकर 1,46,444 रुपये तक पहुंच गया। 3 जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 2,35,505 रुपये प्रति किलोग्राम से गिरकर 2,30,493 रुपये तक आ गई। प्रमुख शहरों में आज का सोने का भाव शहर 24 कैरेट 22 कैरेट 18 कैरेट दिल्ली ₹1,45,790 ₹1,33,650 ₹1,09,380 मुंबई ₹1,45,640 ₹1,33,500 ₹1,09,230 कोलकाता ₹1,45,640 ₹1,33,500 ₹1,09,230 चेन्नई ₹1,47,280 ₹1,35,000 ₹1,13,100 लखनऊ ₹1,45,790 ₹1,33,650 ₹1,09,380 पटना ₹1,45,690 ₹1,33,550 ₹1,09,380 जयपुर ₹1,45,790 ₹1,33,650 ₹1,09,380 भोपाल ₹1,45,690 ₹1,33,550 ₹1,09,280 सर्राफा बाजार में भी बड़ी गिरावट गुड रिटर्न्स के अनुसार, 24 कैरेट सोना ₹2,130 सस्ता होकर ₹1,45,640 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। 22 कैरेट सोने में ₹1,950 की गिरावट आई और इसका भाव ₹1,33,500 प्रति 10 ग्राम रह गया। 18 कैरेट सोना ₹1,600 टूटकर ₹1,09,230 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी का भाव करीब ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है। सोने और चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट से खरीदारों को राहत मिल सकती है। हालांकि निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर बनी हुई है।
नई दिल्ली: 10 जून 2026 को घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार के दौरान चांदी के दाम में करीब ₹4,500 की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना लगभग ₹2,900 तक सस्ता हो गया। कीमती धातुओं में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। क्यों गिरे सोना और चांदी के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की आशंका बढ़ गई है। उच्च ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर दबाव बनाता है। इसी वजह से निवेशकों की बिकवाली बढ़ी और दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। MCX पर शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट चांदी: करीब ₹4,500 की गिरावट सोना: लगभग ₹2,900 सस्ता हालांकि, दिनभर के कारोबार के दौरान कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और अंतिम बंद भाव शुरुआती स्तर से अलग हो सकते हैं। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में: पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, और डॉलर की चाल सोना और चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। यदि वैश्विक तनाव और बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग बढ़ने से कीमती धातुओं में फिर से तेजी भी लौट सकती है।
कीमती धातुओं की कीमतों में गुरुवार, 4 जून 2026 को मामूली नरमी देखने को मिली है। सोने और चांदी दोनों के दामों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि कीमतों में बदलाव बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन निवेशकों और आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए ताजा रेट जानना जरूरी है। सोने की कीमत में कितनी आई गिरावट? आज 24 कैरेट सोने की कीमत 10 रुपये घटकर 1,56,210 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। वहीं 22 कैरेट सोना भी 10 रुपये सस्ता होकर 1,43,190 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी सोने को सहारा दे रही है, जबकि घरेलू बाजार में फिलहाल सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम) शहर आज का भाव पटना ₹1,56,260 लखनऊ ₹1,56,360 कोलकाता ₹1,56,210 मुंबई ₹1,56,210 दिल्ली ₹1,56,360 चेन्नई ₹1,58,170 चांदी की कीमत में भी नरमी चांदी के दाम में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है। आज एक किलोग्राम चांदी 100 रुपये सस्ती होकर 2,79,900 रुपये पर पहुंच गई है। हालांकि वैश्विक बाजार में चांदी की कीमतों में मजबूती बनी हुई है, लेकिन घरेलू बाजार में फिलहाल दबाव देखने को मिल रहा है। प्रमुख शहरों में चांदी का भाव (प्रति किलोग्राम) शहर आज का भाव पटना ₹2,79,900 लखनऊ ₹2,79,900 कोलकाता ₹2,79,900 मुंबई ₹2,79,900 दिल्ली ₹2,79,900 चेन्नई ₹2,89,900 आगे क्या रह सकता है रुख? अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,450 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी भी मजबूत स्थिति में बनी हुई है। आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा कई वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगी, जिनमें डॉलर की चाल, ब्याज दरों से जुड़े संकेत और निवेशकों की मांग प्रमुख हैं। फिलहाल घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुओं में केवल मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जिससे खरीदारी की योजना बना रहे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।
भारत की प्रमुख नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग कंपनियों में शामिल CMR Green Technologies का बहुप्रतीक्षित आईपीओ आज निवेशकों के लिए खुल गया है। ऐसे समय में जब वैश्विक बाजार अमेरिका-ईरान तनाव के कारण दबाव में हैं, यह आईपीओ ग्रे मार्केट में मजबूत मांग के चलते निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। कंपनी 5 जून 2026 तक निवेशकों से आवेदन स्वीकार करेगी। बाजार विशेषज्ञों और ब्रोकरेज हाउसों की सकारात्मक राय के साथ बढ़ता ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) इस इश्यू को चर्चा में बनाए हुए है। क्या है आईपीओ का प्राइस बैंड? कंपनी ने आईपीओ के लिए 182 रुपये से 192 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 78 शेयर रखे गए हैं। यानी निवेश करने के लिए न्यूनतम आवेदन 78 शेयरों का करना होगा। कंपनी जुटाएगी 630 करोड़ रुपये कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक Mohan Agarwal के अनुसार, इस इश्यू के जरिए कंपनी लगभग 630.88 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके तहत 3.28 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। क्या करती है कंपनी? फरीदाबाद स्थित CMR Green Technologies देश की सबसे बड़ी नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग कंपनियों में से एक है। कंपनी एल्यूमिनियम, कॉपर, जिंक, स्टेनलेस स्टील और मैग्नीशियम जैसी धातुओं के स्क्रैप को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस कर दोबारा उपयोग योग्य बनाती है। कंपनी के ग्राहकों में भारत के कई बड़े ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग ब्रांड शामिल हैं, जिनमें Honda Cars India, Bajaj Auto, Hero MotoCorp, Royal Enfield, Maruti Suzuki और Jindal Stainless शामिल हैं। कैसी है कंपनी की वित्तीय स्थिति? कंपनी के वित्तीय आंकड़े मजबूत दिखाई देते हैं। दिसंबर 2025 तक नौ महीने की अवधि में शुद्ध लाभ: 162.39 करोड़ रुपये इसी अवधि में राजस्व: 6,291 करोड़ रुपये वित्त वर्ष 2024-25 में शुद्ध लाभ: 155.04 करोड़ रुपये वित्त वर्ष 2024-25 में राजस्व: 6,696.66 करोड़ रुपये अनुमानित मार्केट कैप: 4,205 करोड़ रुपये मजबूत राजस्व और लगातार लाभप्रदता कंपनी की प्रमुख ताकत मानी जा रही है। GMP क्यों बना चर्चा का विषय? ग्रे मार्केट में इस आईपीओ की मांग लगातार बढ़ रही है। प्राइस बैंड घोषणा के दिन GMP: 24 रुपये उसी दिन शाम तक GMP: 33 रुपये आईपीओ खुलने के दिन GMP: 63 रुपये वर्तमान GMP के आधार पर शेयर लगभग 33% प्रीमियम पर लिस्ट होने की संभावना का संकेत मिल रहा है। हालांकि GMP केवल बाजार की भावना दर्शाता है और इसकी कोई आधिकारिक गारंटी नहीं होती। ब्रोकरेज हाउस की राय SBI Securities ने आईपीओ को "Subscribe" रेटिंग दी है। Kantilal Chhaganlal Securities ने "Apply for Long Term" की सलाह दी है। विश्लेषकों का मानना है कि रीसाइक्लिंग सेक्टर की बढ़ती संभावनाएं और कंपनी का स्थापित ग्राहक आधार इसे दीर्घकालिक निवेशकों के लिए आकर्षक बना सकता है। कब होगी लिस्टिंग? कंपनी के शेयरों को BSE और NSE पर सूचीबद्ध किया जाएगा। मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार शेयरों की लिस्टिंग 10 जून 2026 को होने की संभावना है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? CMR Green Technologies का आईपीओ मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, स्थापित ग्राहक नेटवर्क और बढ़ते GMP के कारण बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त कर रहा है। हालांकि किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी के जोखिम, मूल्यांकन और अपने निवेश उद्देश्यों का आकलन करना जरूरी है।
शादी-ब्याह के सीजन और निवेश के बढ़ते रुझान के बीच सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए 3 जून 2026 की शुरुआत राहत भरी खबर लेकर आई है। आज घरेलू बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन लगातार ऊंचे स्तर पर बने हुए कीमती धातुओं के दामों के बीच यह खरीदारों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। सोने की कीमत में आई हल्की नरमी आज 24 कैरेट सोने की कीमत में 10 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद 24 कैरेट सोना 1,56,210 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं 22 कैरेट सोना भी 10 रुपये सस्ता होकर 1,43,190 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर दबाव और निवेशकों की सतर्कता के चलते घरेलू बाजार में कीमतों में यह मामूली नरमी देखने को मिली है। प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम) शहर आज का भाव पटना ₹1,56,260 लखनऊ ₹1,56,360 रांची ₹1,56,210 दिल्ली ₹1,56,360 मुंबई ₹1,56,210 कोलकाता ₹1,56,210 बेंगलुरु ₹1,56,210 चेन्नई ₹1,58,170 चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। आज चांदी 100 रुपये प्रति किलो सस्ती होकर 2,79,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। पिछले कुछ दिनों से स्थिर रहने के बाद चांदी में आई यह नरमी बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रमुख शहरों में चांदी का भाव (प्रति किलो) शहर आज का भाव पटना ₹2,79,900 लखनऊ ₹2,79,900 रांची ₹2,79,900 दिल्ली ₹2,79,900 मुंबई ₹2,79,900 कोलकाता ₹2,79,900 बेंगलुरु ₹2,79,900 चेन्नई ₹2,89,900 खरीदारी का सही समय? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतें अभी भी रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास बनी हुई हैं। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशक चरणबद्ध तरीके से खरीदारी पर विचार कर सकते हैं। वहीं शादी-ब्याह के लिए खरीदारी करने वालों को कीमतों में मामूली राहत जरूर मिली है। हालांकि निवेश से पहले बाजार की चाल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखना जरूरी है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक और भारतीय सर्राफा बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के दबाव में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की सतर्कता और बिकवाली के चलते बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, दिल्ली में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 2,500 रुपये घटकर 1,60,400 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 1,62,900 रुपये प्रति 10 ग्राम था। वहीं चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। चांदी 5,000 रुपये टूटकर 2,69,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि पिछले सत्र में इसका भाव 2,74,700 रुपये प्रति किलोग्राम था। गिरावट के पीछे क्या हैं कारण? विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। मजबूत डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, निवेशकों का रुझान फिलहाल सुरक्षित माने जाने वाले अन्य निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना लगभग 1 प्रतिशत गिरकर 4,504.97 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। हालांकि, इसके विपरीत चांदी में करीब 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और इसका भाव 75.93 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल? विशेषज्ञों के अनुसार, सर्राफा बाजार की दिशा इस सप्ताह कई वैश्विक घटनाओं पर निर्भर करेगी। निवेशकों की नजर अमेरिका के रोजगार आंकड़ों, फेडरल रिजर्व अधिकारियों की टिप्पणियों और पश्चिम एशिया में तनाव से जुड़े नए घटनाक्रमों पर रहेगी। इन कारकों के आधार पर सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
भारत को पीछे छोड़ दक्षिण कोरिया ने बनाई नई पहचान वैश्विक शेयर बाजारों की रैंकिंग में भारत को एक और झटका लगा है। कुछ दिन पहले ताइवान के भारत से आगे निकलने के बाद अब दक्षिण कोरिया ने भी भारतीय बाजार को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार बनने का दर्जा हासिल कर लिया है। दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में आई जबरदस्त तेजी का मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर से जुड़ी कंपनियों का शानदार प्रदर्शन माना जा रहा है। विशेष रूप से सेमीकंडक्टर और मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियों ने निवेशकों का भरोसा जीतते हुए बाजार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। 5 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा दक्षिण कोरिया का बाजार ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में दक्षिण कोरिया की सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं भारतीय शेयर बाजार का कुल मूल्य घटकर करीब 4.8 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। दिलचस्प बात यह है कि भारत की अर्थव्यवस्था दक्षिण कोरिया की तुलना में दोगुने से भी अधिक आकार की है, लेकिन शेयर बाजार मूल्यांकन के मामले में दक्षिण कोरिया फिलहाल आगे निकल गया है। AI और चिप कंपनियों ने बदली तस्वीर दक्षिण कोरिया की इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान Samsung Electronics और SK Hynix जैसी कंपनियों का रहा है। दोनों कंपनियां AI डेटा सेंटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सिस्टम में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं। AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती वैश्विक मांग के कारण इन कंपनियों के शेयरों में भारी उछाल आया है। इस तेजी ने दक्षिण कोरिया के प्रमुख शेयर सूचकांक Kospi को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। ताइवान के बाद दक्षिण कोरिया को भी मिला फायदा AI क्रांति का लाभ केवल दक्षिण कोरिया को ही नहीं मिला है। हाल ही में ताइवान भी भारत को पीछे छोड़कर वैश्विक शेयर बाजार रैंकिंग में आगे निकल गया था। ताइवान की सफलता के पीछे Taiwan Semiconductor Manufacturing Company (TSMC) जैसी चिप निर्माण दिग्गज कंपनी का बड़ा योगदान रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि AI से जुड़ी वैश्विक दौड़ में सेमीकंडक्टर उद्योग वाले देशों को सबसे अधिक लाभ मिल रहा है। घरेलू सुधारों ने भी निभाई भूमिका AI सेक्टर की मजबूती के अलावा दक्षिण कोरिया में कॉर्पोरेट गवर्नेंस सुधारों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। राष्ट्रपति Lee Jae Myung द्वारा शुरू किए गए सुधारों को बाजार ने सकारात्मक संकेत के रूप में लिया है। इससे विदेशी निवेशकों की रुचि भी बढ़ी है और बाजार में नई पूंजी का प्रवाह देखने को मिला है। भारत क्यों पिछड़ रहा है? विशेषज्ञों के अनुसार भारत के सामने इस समय कई चुनौतियां हैं। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली रुपये में कमजोरी बढ़ती तेल कीमतें महंगाई का दबाव कॉर्पोरेट आय वृद्धि में सुस्ती रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से लगभग 26 अरब डॉलर की निकासी की है। इसके अलावा भारत में अभी ऐसी बड़ी सूचीबद्ध कंपनियां अपेक्षाकृत कम हैं जो सीधे AI इंफ्रास्ट्रक्चर या वैश्विक चिप सप्लाई चेन से जुड़ी हों। फिर भी मजबूत है भारत की दीर्घकालिक कहानी बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान गिरावट के बावजूद भारत की दीर्घकालिक विकास क्षमता बरकरार है। भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और घरेलू खपत (Consumption Story) इसकी सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है। युवाओं की बड़ी आबादी, बढ़ता मध्यम वर्ग, डिजिटल अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश आने वाले वर्षों में भारतीय बाजार को फिर मजबूती दे सकते हैं। AI युग में निवेशकों की नई पसंद 2026 में वैश्विक निवेशकों का फोकस उन देशों पर अधिक दिखाई दे रहा है जो AI तकनीक, डेटा सेंटर और चिप निर्माण की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का अहम हिस्सा हैं। दक्षिण कोरिया और ताइवान इस ट्रेंड के सबसे बड़े लाभार्थी बनकर उभरे हैं, जबकि भारत फिलहाल अल्पकालिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि AI और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र में निवेश बढ़ाकर भारत भी भविष्य में इस दौड़ में मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) को अंतिम रूप देने की दिशा में सोमवार से चार दिवसीय उच्चस्तरीय वार्ता शुरू हो रही है। दोनों देशों के मुख्य व्यापार वार्ताकार समझौते के कानूनी मसौदे और विभिन्न व्यापारिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन करेंगे, जबकि अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व अमेरिका के मुख्य व्यापार वार्ताकार ब्रेंडन लिंच के हाथों में होगा। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement-BTA) की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। फरवरी में बनी थी प्रारंभिक सहमति भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी को जारी संयुक्त बयान में पारस्परिक रूप से लाभकारी अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति जताई थी। इसके तहत दोनों देशों ने व्यापार बाधाओं को कम करने, निवेश बढ़ाने और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। अब दोनों पक्षों के सामने इस समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने की चुनौती है, ताकि इसे औपचारिक रूप से लागू किया जा सके। कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, बैठक के दौरान बाजार पहुंच (Market Access), गैर-शुल्कीय बाधाएं (Non-Tariff Measures), सीमा शुल्क प्रक्रियाएं, व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन और आर्थिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा व्यापक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अगले चरणों पर भी चर्चा होने की संभावना है। शुल्क कटौती पर रहेगा फोकस प्रस्तावित रूपरेखा के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए कुछ शुल्कों में राहत देने की सहमति जताई थी। समझौते के अनुसार, भारत पर लागू कुछ आयात शुल्कों को कम करने और व्यापारिक प्रतिबंधों में ढील देने पर बातचीत आगे बढ़नी थी। बाद में अमेरिका में न्यायिक और नीतिगत बदलावों के कारण वार्ता की समय-सीमा प्रभावित हुई। फरवरी में प्रस्तावित बैठक स्थगित कर दी गई थी, जिसके बाद अब दोनों पक्ष एक बार फिर बातचीत की मेज पर आमने-सामने होंगे। व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में अहम कदम विशेषज्ञों का मानना है कि यह चार दिवसीय वार्ता केवल अंतरिम समझौते तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के व्यापक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की नींव भी मजबूत कर सकती है। दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ता व्यापारिक सहयोग वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दे सकता है। भारत-ओमान एफटीए का भी होगा औपचारिक एलान उधर, भारत और ओमान के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) सोमवार से प्रभावी होने जा रहा है। दोनों देश इस संबंध में औपचारिक घोषणा करेंगे। माना जा रहा है कि इससे खाड़ी क्षेत्र में भारत के व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।
BSE Sensex और NIFTY 50 ने सोमवार, 25 मई 2026 को शानदार शुरुआत की। ग्लोबल मार्केट से मिले मजबूत संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के चलते भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। शुरुआती कारोबार में बाजार ने पकड़ी रफ्तार कारोबार शुरू होते ही: BSE Sensex करीब 800 अंक चढ़कर 76,241.44 पर पहुंच गया NIFTY 50 लगभग 240 अंकों की बढ़त के साथ 23,959.20 के स्तर तक पहुंच गया बाजार में खरीदारी का माहौल खासतौर पर बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर में देखने को मिला। बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह क्या है? इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट मानी जा रही है। Brent Crude करीब 5.4% टूटकर 95-97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती शांति वार्ता की उम्मीदों ने बाजार का सेंटिमेंट मजबूत किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक: ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने पर सैद्धांतिक सहमति दे सकता है अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार को कम करने की दिशा में भी बातचीत आगे बढ़ रही है इन खबरों से वैश्विक निवेशकों को राहत मिली है और जोखिम लेने की भावना मजबूत हुई है। एशियाई बाजारों में भी दिखी हरियाली तेल की कीमतों में गिरावट का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशियाई बाजारों में देखने को मिला। Nikkei 225 में 3% से ज्यादा तेजी ताइवान इंडेक्स करीब 2.9% मजबूत दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग सपाट रहा वहीं तेल कीमतों में नरमी के चलते डॉलर की मांग भी घटी, जिससे भारतीय रुपया मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 95.42 के स्तर तक पहुंच गया। आगे बाजार की दिशा क्या हो सकती है? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल बाजार का सेंटिमेंट सकारात्मक बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार: अगर निफ्टी 23,850 के ऊपर टिकता है, तो जल्द 24,000 से 24,200 तक पहुंच सकता है निफ्टी के लिए 23,600 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है सेंसेक्स के लिए 75,100 अहम सपोर्ट लेवल रहेगा NIFTY Bank में भी तेजी जारी रह सकती है और यह 54,500 तक जा सकता है हालांकि निवेशकों को अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़ी खबरों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। निवेशकों को क्या करना चाहिए? विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा तेजी में जल्दबाजी से बचना जरूरी है। मजबूत फंडामेंटल वाले सेक्टर्स और क्वालिटी स्टॉक्स में निवेश फिलहाल बेहतर रणनीति हो सकती है। साथ ही ग्लोबल घटनाक्रमों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के चलते निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत हुआ, जिसका असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 863 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 76,278 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 256 अंकों की बढ़त लेकर 23,975 के करीब कारोबार करता दिखा। कुछ समय बाद सेंसेक्स 900 अंक तक उछल गया, जबकि निफ्टी भी 24 हजार के करीब पहुंच गया। ऑटो और बैंकिंग सेक्टर में खरीदारी बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, लार्सन एंड टुब्रो और इंटरग्लोब एविएशन जैसे शेयरों में मजबूत तेजी दर्ज की गई। वहीं टीसीएस और सन फार्मा के शेयरों में हल्की कमजोरी देखने को मिली। कच्चे तेल में गिरावट बनी बड़ी वजह विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट है। ब्रेंट क्रूड करीब 5.5 प्रतिशत टूटकर 97 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। हाल के दिनों में यह 100-105 डॉलर के स्तर पर बना हुआ था। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों से तेल बाजार में नरमी आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल के दाम घटने से भारत को बड़ा फायदा हो सकता है। इससे महंगाई का दबाव कम होगा, आयात लागत घटेगी और कंपनियों के मुनाफे में सुधार होगा। वैश्विक बाजारों का भी मिला समर्थन एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। जापान का निक्केई इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया और चीन के बाजार भी बढ़त में रहे। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिका-ईरान वार्ता सफल रहती है और कच्चे तेल की कीमतें नीचे बनी रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में आगे भी तेजी जारी रह सकती है।
मजबूत तिमाही और वार्षिक नतीजों से निवेशकों का बढ़ा भरोसा शेयर बाजार में स्मॉल-कैप सेगमेंट की एक कंपनी एचआरएस एलुग्लेज लिमिटेड (HRS Aluglaze Ltd.) ने मजबूत वित्तीय नतीजों के दम पर निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। गुजरात स्थित इस कंपनी के शेयरों में शुक्रवार को 6% से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जिसकी मुख्य वजह वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के शानदार नतीजे रहे। कंपनी एल्युमिनियम प्रोडक्ट्स के डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और इंस्टालेशन के क्षेत्र में काम करती है और अहमदाबाद में इसका मुख्यालय है। शेयर में तेजी, निवेशकों की मजबूत खरीदारी 22 मई 2026 को बीएसई में कारोबार के दौरान एचआरएस एलुग्लेज के शेयर 6% से अधिक चढ़कर 239 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए। दिन के दौरान शेयर 240 रुपये के उच्च स्तर तक भी पहुंचा। हालांकि कारोबार की शुरुआत 229 रुपये के आसपास हुई थी, लेकिन मजबूत खरीदारी और सकारात्मक नतीजों के चलते स्टॉक में लगातार तेजी देखने को मिली। 98% बढ़ा मुनाफा, वित्तीय प्रदर्शन में बड़ी छलांग कंपनी द्वारा जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में इसका प्रदर्शन पिछले साल की तुलना में काफी मजबूत रहा। शुद्ध मुनाफा (PAT) में 98.56% की वृद्धि, जो 5.14 करोड़ रुपये से बढ़कर 10.21 करोड़ रुपये हो गया परिचालन से राजस्व (Revenue) 60.36% बढ़कर 67.53 करोड़ रुपये रहा EBITDA में भी 70.02% की वृद्धि दर्ज की गई H2 FY26 में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा, जहां टैक्स के बाद मुनाफा 1.38 करोड़ रुपये से बढ़कर 5.68 करोड़ रुपये पहुंच गया, यानी 311% से अधिक की उछाल दर्ज की गई। ग्रोथ के पीछे क्या रही वजह कंपनी प्रबंधन के अनुसार, यह मजबूत प्रदर्शन बेहतर प्रोजेक्ट निष्पादन और मुख्य व्यवसाय क्षेत्रों में स्थिर मांग के कारण संभव हुआ है। कंपनी के प्रबंध निदेशक रूपेश शाह ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 एचआरएस एलुग्लेज के लिए विस्तार और निष्पादन क्षमता मजबूत करने का वर्ष रहा। इस दौरान कंपनी को आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक परियोजनाओं से कई नए ऑर्डर मिले, जिससे बाजार में इसकी स्थिति और मजबूत हुई है। निवेशकों के लिए क्या संकेत विश्लेषकों के अनुसार, स्मॉल-कैप सेगमेंट में इस तरह की तेज ग्रोथ वाली कंपनियां निवेशकों का ध्यान आकर्षित करती हैं, लेकिन इनमें उतार-चढ़ाव का जोखिम भी अधिक होता है। मजबूत नतीजों के बाद स्टॉक में आई यह तेजी कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को दर्शाती है, हालांकि आगे की चाल बाजार की स्थितियों और ऑर्डर फ्लो पर निर्भर करेगी।
अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। 16 मई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हफ्तेभर की तेज उतार-चढ़ाव के बाद बाजार फिलहाल थोड़ा शांत नजर आ रहा है। आज कितना सस्ता हुआ सोना? आज सोने की कीमत में मामूली 1 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट देखी गई है। आज का गोल्ड रेट कैरेट आज का रेट कल का रेट बदलाव 24 कैरेट (1 ग्राम) ₹15,790 ₹15,791 -₹1 22 कैरेट (1 ग्राम) ₹14,474 ₹14,475 -₹1 18 कैरेट (1 ग्राम) ₹11,842 ₹11,843 -₹1 शहरों में 22 कैरेट सोने का भाव शहर आज का रेट बदलाव Patna ₹14,479 -₹1 Lucknow ₹14,489 -₹1 Ranchi ₹14,474 -₹1 New Delhi ₹14,489 -₹1 Mumbai ₹14,474 -₹1 Kolkata ₹14,474 -₹1 चांदी में भी दिखी हल्की गिरावट चांदी की कीमतों में भी आज नरमी देखने को मिली है। 1 किलो चांदी का भाव 100 रुपये घटकर ₹2,89,900 पर पहुंच गया है। आज का सिल्वर रेट यूनिट आज का रेट कल का रेट बदलाव 1 ग्राम ₹289.90 ₹290 -₹0.10 10 ग्राम ₹2,899 ₹2,900 -₹1 1 किलो ₹2,89,900 ₹2,90,000 -₹100 शहरों में चांदी का भाव शहर आज का रेट (1Kg) बदलाव Patna ₹2,89,900 -₹100 Lucknow ₹2,89,900 -₹100 Ranchi ₹2,89,900 -₹100 New Delhi ₹2,89,900 -₹100 Mumbai ₹2,89,900 -₹100 अभी खरीदना सही रहेगा? विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार फिलहाल स्थिर नजर आ रहा है। छोटी खरीदारी करने वालों के लिए यह अच्छा मौका माना जा सकता है। हालांकि बड़ी खरीदारी करने वाले निवेशक 1-2 दिन बाजार की चाल और अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर नजर रख सकते हैं।
ब्रोकरेज फर्म Emkay Global Financial Services ने Bajaj Finance के शेयर पर ‘Reduce’ रेटिंग बनाए रखते हुए ₹950 का टारगेट प्राइस तय किया है। 30 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कंपनी ने तिमाही नतीजों को मजबूत बताया, लेकिन वैल्यूएशन को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर बजाज फाइनेंस ने इस तिमाही में ग्रोथ, प्रॉफिटेबिलिटी और क्रेडिट कॉस्ट तीनों मोर्चों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स): ₹54.6 अरब यह आंकड़ा ब्रोकरेज के अनुमान से बेहतर और बाजार के अनुमान के करीब रहा क्रेडिट कॉस्ट घटकर 1.6% पर आ गई, जो मुख्य वजह रही कंपनी प्रबंधन का मानना है कि 3MOB, 6MOB और 9MOB कोहोर्ट्स में सुधार के चलते क्रेडिट क्वालिटी आगे भी बेहतर हो सकती है। FY27 के लिए क्या है कंपनी का आउटलुक? कंपनी ने अगले वित्त वर्ष के लिए सकारात्मक गाइडेंस दी है: AUM (Assets Under Management) ग्रोथ: 22–24% PAT ग्रोथ: AUM से थोड़ा ज्यादा मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद ऑपरेटिंग खर्च (Opex/NTI) में 25–40 बेसिस पॉइंट सुधार क्रेडिट कॉस्ट गाइडेंस: 1.45–1.60% (पहले 1.65–1.75%) यह संकेत देता है कि कंपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और क्रेडिट क्वालिटी में सुधार के रास्ते पर है। EPS अनुमान में बढ़ोतरी Q4 प्रदर्शन और मैनेजमेंट के सकारात्मक संकेतों को ध्यान में रखते हुए, ब्रोकरेज ने FY27–FY28 के EPS (Earnings Per Share) अनुमान में 4–8% तक की बढ़ोतरी की है। फिर भी ‘Reduce’ रेटिंग क्यों? हालांकि कंपनी के फंडामेंटल्स मजबूत हैं, लेकिन Emkay का मानना है कि: मौजूदा वैल्यूएशन पहले से ही काफी ऊंचा है भविष्य की ग्रोथ का बड़ा हिस्सा शेयर प्राइस में शामिल हो चुका है ऐसे में निवेशकों को मुनाफावसूली (profit booking) पर विचार करना चाहिए
देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी Reliance Industries एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है। हाल के महीनों में शेयर अपने उच्चतम स्तर से करीब 15% नीचे आने के बाद अब इसमें जोरदार उछाल की उम्मीद जताई जा रही है। कई ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के लिए अपने टारगेट प्राइस बढ़ा दिए हैं, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बनता दिख रहा है। ग्लोबल ब्रोकरेज का भरोसा, ₹1,910 तक जा सकता है शेयर Goldman Sachs ने रिलायंस पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस ₹1,910 तय किया है। यह मौजूदा स्तर से काफी ऊपर है और निवेशकों के लिए मजबूत अपसाइड की ओर इशारा करता है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल (O2C) बिजनेस पर जो दबाव पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात के कारण था, वह अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। इससे कंपनी की परफॉर्मेंस में सुधार की उम्मीद है। जियो IPO बनेगा सबसे बड़ा ट्रिगर Nomura ने रिलायंस के शेयर के लिए ₹1,640 का टारगेट दिया है और कहा है कि Jio Platforms का संभावित IPO निकट भविष्य में सबसे बड़ा कैटालिस्ट साबित हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिलायंस अगले महीने जियो के IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर फाइल कर सकती है। इससे न सिर्फ कंपनी की वैल्यूएशन बढ़ेगी, बल्कि टेलीकॉम सेक्टर में भी नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है। अन्य ब्रोकरेज भी बुलिश CLSA: ₹1,800 का टारगेट, ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग Morgan Stanley: ₹1,803 का टारगेट JPMorgan Chase: ₹1,675 का टारगेट, ‘ओवरवेट’ रेटिंग इन सभी अनुमानों से साफ है कि बड़े निवेशक रिलायंस के भविष्य को लेकर आशावादी हैं। अभी कहां है शेयर? रिलायंस का शेयर फिलहाल करीब ₹1,364 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि इसका 52 हफ्ते का हाई ₹1,611 रहा है। मौजूदा स्तर से ब्रोकरेज टारगेट तक पहुंचने में अच्छा खासा रिटर्न मिलने की संभावना जताई जा रही है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि O2C बिजनेस में सुधार और जियो IPO जैसे बड़े ट्रिगर आने वाले समय में रिलायंस के शेयर को नई ऊंचाई तक ले जा सकते हैं। हालांकि, निवेश से पहले बाजार जोखिम और अपनी वित्तीय स्थिति का आकलन करना जरूरी है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।