चेन्नई, एजेंसियां। चेपॉक में सोमवार को खेले गए IPL 2026 के मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स को 5 विकेट से हरा दिया। चेन्नई ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 180 रन बनाए। जवाब में हैदराबाद ने 19 ओवर में 5 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। इसी जीत के साथ हैदराबाद की टीम प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई कर गई हैं। वहीं, चेन्नई की टीम के लिए टॉप-4 में पहुंचना काफी मुश्किल है। ईशान ने 70 रन की पारी खेली हैदराबाद की जीत के हीरो ईशान किशन रहे, जिन्होंने 47 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली। उनके अलावा हेनरिक क्लासन ने 26 गेंदों में 47 रन बनाकर रनचेज को मजबूती दी। अंत में सलील अरोड़ा (10) और आर स्मरण (5) ने तेजी से रन बनाकर मैच खत्म किया। चेन्नई की ओर से मुकेश चौधरी ने 2 विकेट लिए, जबकि अकील हुसैन, नूर अहमद और अंशुल कम्बोज को 1-1 सफलता मिली। ब्रेविस ने 44 रन बनाए चेन्नई की शुरुआत शानदार रही, संजू सैमसन ने सिर्फ 13 गेंदों में 27 रन ठोक दिए। इसके बाद कार्तिक शर्मा ने 19 गेंदों पर 32 रन की तेज पारी खेली, जबकि डेवाल्ड ब्रेविस ने 27 गेंदों में 44 रन बनाकर पारी को संभाला। अंत में शिवम दूबे ने 26 रन का योगदान दिया। ब्रेविस और शिवम के बीच पांचवें विकेट के लिए 59 रन की साझेदारी हुई। गेंदबाजी में पैट कमिंस सबसे सफल रहे। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 28 रन देकर 3 बड़े विकेट झटके। साकिब हुसैन ने 2 विकेट लिए, जबकि ईशान मलिंगा और प्रफुल हिंगे को 1-1 सफलता मिली।
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली कैपिटल्स ने रविवार को दूसरे मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से हरा दिया। नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में राजस्थान ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 193 रन बनाए। दिल्ली ने 194 रन का टारगेट 19.2 ओवर में 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह राजस्थान की लगातार तीसरी हार रही। इस हार के बाद राजस्थान के प्लेऑफ में पहुंचने का इंतजार लंबा हो गया। वहीं, दिल्ली की उम्मीद अभी कायम है। राहुल-पोरेल के बीच 105 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप अभिषेक पोरेल और केएल राहुल ने दिल्ली को तेज शुरुआत दिलाई। राहुल ने 42 गेंदों पर 56 और पोरेल ने 31 गेंदों में 51 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 105 रन जोड़कर मैच दिल्ली की पकड़ में ला दिया। मिडिल ओवर्स में जोफ्रा आर्चर और ब्रिजेश शर्मा ने विकेट निकालकर राजस्थान की वापसी कराने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने 18 गेंदों में नाबाद 34 रन बनाकर टीम को संभाले रखा। आखिर में आशुतोष शर्मा ने सिर्फ 5 गेंदों में 18 रन ठोकते हुए चौका और छक्का लगाकर दिल्ली को जीत दिला दी। राजस्थान के लिए जोफ्रा आर्चर और बृजेश शर्मा ने 2-2 विकेट लिए। दासुन शनाका को 1 विकेट मिला। जुरेल-पराग के अर्धशतक इससे पहले राजस्थान के लिए ध्रुव जुरेल ने सबसे ज्यादा 53 रन बनाए, जबकि कप्तान रियान पराग ने 26 गेंदों में 51 रन की विस्फोटक पारी खेली। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी 21 गेंदों पर 46 रन बनाए। राजस्थान ने 14 ओवर तक मजबूत स्थिति बना ली थी, लेकिन डेथ ओवरों में लगातार विकेट गिरने से टीम 200 रन का आंकड़ा नहीं छू सकी। दिल्ली के लिए मिचेल स्टार्क ने 4 विकेट झटके। लुंगी एनगिडी और माधव तिवारी ने 2-2 विकेट लिए।
रायपुर, एजेंसियां। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में मुंबई इंडियंस पर 2 विकेट की रोमांचक जीत दर्ज की। टीम को आखिरी बॉल पर 2 रन चाहिए थे। स्ट्राइक पर रसिख सलाम थे और लग रहा था कि मैच टाई हो जाएगा। लेकिन, सलाम ने फुलर लेंथ बॉल पर सीधा शॉट खेला और दौड़कर 2 रन पूरे कर लिए। मैच का नतीजा थर्ड अंपायर के फैसले के बाद तय हुआ। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में मिली हार के बाद मुंबई प्लेऑफ से बाहर हो गई है। वह अगले 3 मैच जीतकर भी 12 अंक तक ही पहुंच सकेगी, जो प्लेऑफ के लिए काफी नहीं हैं। बेंगलुरु ने जीता टास बेंगलुरु ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। मुंबई ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 166 रन बनाए। 167 रन का टारगेट बेंगलुरु ने 20 ओवर में 8 विकेट पर हासिल किया। क्रुणाल पंड्या के विकेट से फंसा मैच 18वें ओवर तक मैच बेंगलुरु के पाले में जाता दिख रहा था। क्रुणाल पंड्या फिफ्टी बनाकर खेल रहे थे और बेंगलुरु को 13 बॉल पर 18 रनों की जरूरत थी। यहां अल्लाह गजनफर ने अपने ओवर की आखिरी बॉल पर क्रुणाल पंड्या को तिलक वर्मा के हाथों कैच करा दिया। क्रुणाल ने 73 रन की पारी खेलकर पावरप्ले में 3 विकेट गंवाने वाली बेंगलुरु को इस स्थिति तक पहुंचाया था। पावरप्ले में विराट कोहली 0, पडिक्कल 12 और पाटीदार 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे। यहां से क्रुणाल पंड्या ने जैकब बेथेल के साथ 55 रन की साझेदारी की। तिलक की फिफ्टी, भुवनेश्वर को 4 विकेट मुंबई के लिए तिलक वर्मा ने अर्धशतक लगाया। उन्होंने 42 बॉल पर 57 रन की पारी खेली। उनके अलावा नमन धीर ने 47 रन बनाए। बेंगलुरु के लिए भुवनेश्वर कुमार ने 4 विकेट लिए।
नई दिल्ली, एजेंसियां। कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL के मौजूदा सीजन में लगातार चौथी जीत हासिल की है। टीम ने शुक्रवार को दिल्ली कैपिटल्स को 8 विकेट से हराया। इस हार के बाद दिल्ली प्लेऑफ रेस से लगभग बाहर हो गई है। वहीं, नाइट राइडर्स की उम्मीदें अभी कायम हैं। अरुण जेटली स्टेडियम में कोलकाता ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। दिल्ली ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 142 रन बनाए। कोलकाता ने 143 रन का टारगेट 14.2 ओवर में 2 विकेट पर चेज कर लिया। ओपनर फिन एलन ने छक्का मारकर टीम को जीत दिलाई। उन्होंने अपना शतक भी पूरा कर दिया। उन्होंने 47 गेंद पर 5 चौके और 10 छक्कों के सहारे नाबाद 100 रन बनाए। कैमरन ग्रीन 33 रन बनाकर नाबाद रहे। एलन-ग्रीन में शतकीय साझेदारी 143 रन का टारगेट चेज कर रही कोलकाता ने 31 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे। कप्तान अजिंक्य रहाणे 13 और अंगकृष रघुवंशी एक रन बनाकर आउट हुए थे। ऐसे में फिन एलन ने कैमरन ग्रीन के साथ शतकीय साझेदारी करके टीम को जीत दिला दी। पाथुम निसांका ने फिफ्टी लगाई दिल्ली के ओपनर पाथुम निसांका ने 29 बॉल पर 50 रन की पारी खेली। जबकि आशुतोष शर्मा ने 39 रन का योगदान दिया। केएल राहुल ने 23 रन बनाए। कोलकाता की ओर से अनुकूल रॉय और कार्तिक त्यागी ने 2-2 विकेट झटके। वैभव अरोड़ा, सुनील नरेन और कैमरन ग्रीन को एक-एक विकेट मिला। एक बैटर रनआउट हुआ।
आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स का 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi अपने धमाकेदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को हैरान कर रहा है। जिस आक्रामक अंदाज में वह बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वह इस सीजन में आईपीएल इतिहास के कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में वैभव ने महज 16 गेंदों में 43 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 5 छक्के और 3 चौके शामिल थे। उनकी इस पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि दिग्गजों के रिकॉर्ड पर भी खतरे की घंटी बजा दी है। क्रिस गेल का ‘महारिकॉर्ड’ खतरे में आईपीएल इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड Chris Gayle के नाम है, जिन्होंने 2012 में 59 छक्के लगाए थे। लेकिन इस सीजन वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 9 मैचों में ही 37 छक्के जड़ दिए हैं। उनकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह रिकॉर्ड अब ज्यादा दूर नहीं लगता। वहीं Abhishek Sharma का 2024 में 42 छक्कों का आंकड़ा भी खतरे में है, जिसे वैभव जल्द पार कर सकते हैं। दुनिया के टॉप गेंदबाज भी नहीं बच पाए वैभव की बल्लेबाजी की सबसे खास बात उनका निडर रवैया है। उन्होंने Jasprit Bumrah और Josh Hazlewood जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाजों के खिलाफ भी आक्रामक खेल दिखाया है। उनका आत्मविश्वास और बड़े शॉट खेलने की क्षमता उन्हें बाकी बल्लेबाजों से अलग बनाती है। रिकॉर्डतोड़ स्ट्राइक रेट और ऑरेंज कैप की दौड़ वैभव सूर्यवंशी इस सीजन 238.10 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट और 44.44 की औसत से रन बना रहे हैं। वह ऑरेंज कैप की रेस में भी सबसे आगे चल रहे हैं। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास के पहले बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने एक ही सीजन में 230+ के स्ट्राइक रेट से 400 रन का आंकड़ा पार किया है। RR के लिए गेम-चेंजर बनते वैभव Yashasvi Jaiswal के साथ उनकी साझेदारी राजस्थान रॉयल्स के लिए इस सीजन की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। दोनों की आक्रामक शुरुआत ने टीम को कई मैचों में मजबूत स्थिति दिलाई है। IPL में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के (Top Records) 59 – क्रिस गेल (2012) 52 – आंद्रे रसेल (2019) 51 – क्रिस गेल (2013) 44 – क्रिस गेल (2011) 42 – अभिषेक शर्मा (2024)
आईपीएल 2026 में एक नया नाम तेजी से सुर्खियों में आया है–सनराइजर्स हैदराबाद के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज सलिल अरोड़ा। मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में उन्होंने जिस अंदाज में जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज गेंदबाज पर “नो-लुक सिक्स” लगाया, उसने क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। तेज तर्रार बल्लेबाजी और बेखौफ अंदाज के चलते सलिल अरोड़ा अब इस सीजन के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। बुमराह पर लगाया ‘नो-लुक’ सिक्स, मैच का टर्निंग मोमेंट मैच के 19वें ओवर में जब मुकाबला रोमांचक स्थिति में था, तब सलिल अरोड़ा ने Jasprit Bumrah की फुल लेंथ गेंद को बिना देखे ही लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से शानदार छक्के के लिए भेज दिया। यह शॉट इतना आत्मविश्वास से भरा था कि उन्होंने गेंद को बाउंड्री पार जाते हुए देखने तक की जहमत नहीं उठाई। इस आक्रामक पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कौन हैं सलिल अरोड़ा? सलिल अरोड़ा एक 23 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, जो घरेलू क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। वह पंजाब के अमृतसर से ताल्लुक रखते हैं और अपनी आक्रामक शैली के कारण तेजी से पहचान बना रहे हैं। आईपीएल 2026 नीलामी में उन्हें Indian Premier League की टीम सनराइजर्स हैदराबाद ने 1.5 करोड़ रुपये में खरीदा था। घरेलू क्रिकेट में भी दिखा चुके हैं दम सलिल अरोड़ा का घरेलू रिकॉर्ड भी काफी प्रभावशाली रहा है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट: मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में डेब्यू पर शतक (101 रन) टी20 क्रिकेट: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में झारखंड के खिलाफ 39 गेंदों में शतक और 125* रन की धमाकेदार पारी इन प्रदर्शन के चलते उन्होंने कम समय में ही चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आईपीएल 2026 में बढ़ता प्रदर्शन आईपीएल में सलिल ने अब तक सीमित मौकों में ही प्रभाव छोड़ा है। मुंबई के खिलाफ 10 गेंदों में 30 रनों की तेजतर्रार पारी उनकी अब तक की सबसे बड़ी आईपीएल इनिंग रही है। उनका स्ट्राइक रेट इस सीजन में बेहद आक्रामक रहा है, जो उन्हें फिनिशर की भूमिका में मजबूत दावेदार बनाता है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स की नजर क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सलिल अरोड़ा का सबसे बड़ा हथियार उनका निडर अंदाज और तेज रन बनाने की क्षमता है। हालांकि उन्हें निरंतरता पर काम करना होगा, लेकिन उनका फिनिशिंग टैलेंट टीम के लिए बड़ा फायदा साबित हो सकता है।
Indian Premier League 2026 में Rajasthan Royals के लिए एक बड़ा मैच विनर उभरकर सामने आया है। Shubham Dubey ने पंजाब किंग्स के खिलाफ बेहद दबाव भरे मुकाबले में शानदार पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई और यह साबित किया कि वह मुश्किल परिस्थितियों के खिलाड़ी हैं। नंबर 6 पर आकर पलटा मैच जब राजस्थान को जीत के लिए 36 गेंदों में 72 रन की जरूरत थी, तब शुभम दुबे को नंबर 6 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया–वो भी Ravindra Jadeja और Dasun Shanaka जैसे खिलाड़ियों से पहले। दुबे ने इस चुनौती को बखूबी निभाते हुए सिर्फ 12 गेंदों में नाबाद 31 रन बनाए और मैच का रुख बदल दिया। Ferreira के साथ मैच जिताऊ साझेदारी उन्होंने Donovan Ferreira के साथ मिलकर 32 गेंदों में 77 रन की अहम साझेदारी की। इस साझेदारी ने न सिर्फ दबाव कम किया, बल्कि राजस्थान को जीत की राह पर ला खड़ा किया। संगकारा ने बताया ‘एक्सेप्शनल’ टीम के हेड कोच Kumar Sangakkara ने दुबे की तारीफ करते हुए कहा कि इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेलना सबसे मुश्किल होता है, क्योंकि खिलाड़ी को पहले से पता नहीं होता कि उसे मौका मिलेगा या नहीं। ऐसे में मानसिक रूप से तैयार रहना ही असली चुनौती होती है–और दुबे इसमें सफल रहे। छोटे टूर्नामेंट से IPL तक का सफर 31 वर्षीय शुभम दुबे का सफर संघर्ष से भरा रहा है। उन्होंने विदर्भ के बापुना कप जैसे छोटे टूर्नामेंट्स से पहचान बनाई और फिर Syed Mushtaq Ali Trophy 2023-24 में 73.66 की औसत और 187+ स्ट्राइक रेट के साथ शानदार प्रदर्शन किया। RR का भरोसा और दुबे का प्रदर्शन राजस्थान ने IPL 2024 में उन्हें 5.8 करोड़ रुपये में खरीदा था, हालांकि पहले सीजन में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। बाद में टीम ने उन्हें रिलीज कर दोबारा खरीदा, लेकिन भरोसा कायम रखा। अब IPL 2026 में दुबे ने लगातार दो मैचों में दमदार प्रदर्शन किया– लखनऊ के खिलाफ 19* (11 गेंद) पंजाब के खिलाफ 31* (12 गेंद) एक्सपर्ट्स ने भी सराहा पूर्व क्रिकेटर Abhinav Mukund और Piyush Chawla ने भी माना कि दुबे जैसे खिलाड़ी के लिए यह रोल बेहद कठिन होता है, जहां 10-12 गेंदों में 25-30 रन बनाने का दबाव होता है। लेकिन दुबे ने अपनी काबिलियत से साबित कर दिया कि वह गेम को कंट्रोल करना जानते हैं।
आईपीएल 2026 के मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने दमदार प्रदर्शन करते हुए Delhi Capitals को 47 रन से हरा दिया। इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो रहे Abhishek Sharma, जिन्होंने नाबाद 135 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 2 विकेट के नुकसान पर 242 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स की टीम 195 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में Eshan Malinga ने 4 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने अभिषेक शर्मा ने खुलासा किया कि शुरुआत में टीम की योजना पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी करने की थी, लेकिन पिच की धीमी प्रकृति को देखते हुए उन्हें अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि गेंद बल्ले पर आसानी से नहीं आ रही थी, ऐसे में हालात के अनुसार खेलना जरूरी था और यही बदलाव टीम की जीत की बड़ी वजह बना। अभिषेक ने अपनी 68 गेंदों की पारी में 10 चौके और 10 छक्के लगाए, जिससे हैदराबाद को बड़ा स्कोर बनाने में मदद मिली। टीम मैनेजमेंट को दिया श्रेय अभिषेक शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय टीम मैनेजमेंट को दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने अंदाज में खेलने की पूरी आजादी मिलती है, जो उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाती है। उन्होंने कोचिंग स्टाफ और कप्तान का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि टीम का सकारात्मक माहौल खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का आत्मविश्वास देता है। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 से टीम के भीतर बना यह माहौल ‘गेमचेंजर’ साबित हुआ है और इसी वजह से खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ दे पा रहे हैं। फैंस के लिए खास ‘एल सेलिब्रेशन’ अपने शतक के बाद किए गए ‘एल सेलिब्रेशन’ पर अभिषेक ने बताया कि यह जश्न वह काफी समय से करते आ रहे हैं और यह खास तौर पर फैंस के लिए है, जो उन्हें हर मैच में जबरदस्त समर्थन देते हैं।
आईपीएल के इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में Punjab Kings ने धमाकेदार बल्लेबाजी के दम पर Lucknow Super Giants को 54 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। मैच के बाद कप्तान Shreyas Iyer ने टीम के युवा सितारों की खुलकर तारीफ की और खासतौर पर प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली की साझेदारी को जीत की असली वजह बताया। आर्य-कोनोली की साझेदारी ने पलटा मैच दूसरे विकेट के लिए प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली के बीच 182 रन की जबरदस्त साझेदारी ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। आर्य ने 93 रन की शानदार पारी खेली, जबकि कोनोली ने 87 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अय्यर ने कहा, “दोनों के बीच पार्टनरशिप शानदार रही। कुछ शॉट तो सच में होश उड़ा देने वाले थे, खासकर तेज गेंदबाजों के खिलाफ बैक-फुट से सीधे शॉट खेलना काबिल-ए-तारीफ था। बीच के ओवरों में जिस तरह का संयम दिखाया गया, वह कमाल था।” ‘छक्कों की चुनौती’ और इनाम में बल्ला मैच के दौरान कप्तान अय्यर ने खिलाड़ियों को एक दिलचस्प चुनौती भी दी। उन्होंने बताया, “मैंने आर्य और कोनोली से कहा कि देखते हैं कौन ज्यादा छक्के मारता है। इनाम के तौर पर मेरा बल्ला मिलेगा। यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन इससे टीम का माहौल हल्का और सकारात्मक बना रहता है।” खिलाड़ियों को आजादी देना ही सफलता की कुंजी अय्यर ने अपनी कप्तानी शैली पर भी खुलकर बात की। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी देने से वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं खिलाड़ियों को यह नहीं बताता कि उन्हें कैसे खेलना है। उनका अपना तरीका होता है। कोच Ricky Ponting मैच से पहले खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं और फिर खिलाड़ी मैदान पर अपना कमाल दिखाते हैं।” पंजाब किंग्स की टॉप पर मजबूत पकड़ इस जीत के साथ पंजाब किंग्स ने 6 में से 5 मैच जीतकर 11 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स की लगातार तीसरी हार ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मैच का हाल पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने 7 विकेट के नुकसान पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में Lucknow Super Giants 20 ओवर में 5 विकेट पर 200 रन ही बना सकी। एलएसजी के लिए Rishabh Pant ने 43 रन, Aiden Markram ने 42 रन, Mitchell Marsh ने 40 रन और Ayush Badoni ने 35 रन का योगदान दिया, लेकिन टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई।
आईपीएल 2026 में Shreyas Iyer का प्रदर्शन चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मिडिल ऑर्डर के इस बल्लेबाज़ ने अपनी शानदार फॉर्म से न सिर्फ टीम को मजबूती दी है, बल्कि अपनी T20 क्षमता को लेकर चल रही बहस को भी फिर से जिंदा कर दिया है। Punjab Kings (PBKS) के कप्तान अय्यर ने लगातार तीन पारियों में 50, 69* और 66 रन बनाकर टीम को पॉइंट्स टेबल के शीर्ष पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी इस फॉर्म को देखकर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान Aaron Finch भी हैरान रह गए। फिंच ने कहा कि अय्यर ने IPL के बीच कोई T20 क्रिकेट नहीं खेला, फिर भी उन्होंने “house on fire” जैसी शुरुआत की। उन्होंने अय्यर की बल्लेबाज़ी की तारीफ करते हुए कहा कि वह बिना ज्यादा जोर लगाए गेंद को शानदार टाइमिंग के साथ खेलते हैं और अब शॉर्ट बॉल के खिलाफ भी पूरी तरह तैयार रहते हैं। आंकड़ों में दमदार प्रदर्शन 2025 से अब तक IPL में 500 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में अय्यर का स्ट्राइक रेट तीसरे स्थान पर है। उनसे आगे सिर्फ Abhishek Sharma और उनके ही टीममेट Priyansh Arya हैं। औसत के मामले में भी वह तीसरे नंबर पर हैं, जहां उनसे आगे Virat Kohli और Jos Buttler जैसे बड़े नाम हैं। कोच ने बताया सफलता का मंत्र PBKS के स्पिन-बॉलिंग कोच Sairaj Bahutule के मुताबिक, अय्यर ने अपने खेल को गहराई से समझा है। वह जानते हैं कि किस गेंदबाज को कब टारगेट करना है और कब संयम बरतना है। उनकी ‘स्मार्टनेस’ और ‘एक्जीक्यूशन’ अब पहले से कहीं ज्यादा बेहतर हो गई है। बड़े लक्ष्य का पीछा करने में माहिर PBKS अय्यर की कप्तानी में PBKS ने बड़े लक्ष्य का पीछा करने में भी महारत हासिल की है। टीम ने T20 क्रिकेट में 200+ रन के सबसे ज्यादा सफल चेज (10) पूरे किए हैं। हाल ही में टीम ने Mumbai Indians के खिलाफ 196 रन का लक्ष्य 21 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। क्या टीम इंडिया में वापसी होनी चाहिए? अय्यर ने दिसंबर 2023 के बाद से कोई T20 इंटरनेशनल नहीं खेला है और फिलहाल वह सिर्फ वनडे टीम का हिस्सा हैं। इस पर Piyush Chawla का मानना है कि अय्यर को भारतीय T20 टीम में जगह मिलनी चाहिए। हालांकि, फिंच का कहना है कि भारत की मौजूदा टीम बेहद मजबूत है और हाल ही में लगातार दूसरा T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम में बदलाव करना आसान नहीं है। आगे का रास्ता अगला ICC Men's T20 World Cup ऑस्ट्रेलिया में होना है, जहां उछाल और अलग परिस्थितियां अय्यर जैसे खिलाड़ियों के लिए मौके खोल सकती हैं।
राजस्थान रॉयल्स की लगातार चौथी जीत के पीछे सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज़ी नहीं, बल्कि संयम और रणनीति का शानदार संतुलन भी था। जहां एक ओर वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया, वहीं दूसरी ओर ध्रुव जुरेल की शांत और समझदारी भरी बल्लेबाज़ी ने टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। वैभव का तूफान, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ रन चेज़ के दौरान वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाज़ी ने मैच को एकतरफा बनाना शुरू कर दिया था। उनकी विस्फोटक पारी ने गेंदबाज़ों को बैकफुट पर ला दिया और ऐसा लगा कि मैच जल्द खत्म हो जाएगा। लेकिन जैसे ही वैभव आउट हुए, मुकाबले ने अचानक करवट ले ली। मैच में आया टर्निंग पॉइंट कृणाल पांड्या ने लगातार दो विकेट लेकर मैच को फिर से रोमांचक बना दिया। पहले वैभव और फिर शिमरन हेटमायर का विकेट गिरने से राजस्थान दबाव में आ गया। इसके बाद रियान पराग के आउट होने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। जुरेल की 'कमांडर' जैसी पारी ऐसे मुश्किल समय में ध्रुव जुरेल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने बिना घबराए परिस्थिति के अनुसार अपनी बल्लेबाज़ी को ढाला। पावरप्ले में तेज़ 27 रन (10 गेंद) 18 गेंदों पर 40 रन बनाकर मजबूत आधार बाद में संयमित खेल दिखाते हुए टीम को संभाला जुरेल की पारी में आक्रामकता और समझदारी का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला। जडेजा के साथ साझेदारी बनी जीत की कुंजी रविंद्र जडेजा ने जुरेल का अच्छा साथ निभाया। दोनों ने मिलकर बिना जोखिम लिए पारी को आगे बढ़ाया और लक्ष्य को सुरक्षित तरीके से हासिल किया। यह साझेदारी ताकत से ज्यादा रणनीति और समझदारी पर आधारित थी। राजस्थान रॉयल्स की जीत का असली हीरो इस मुकाबले में जहां वैभव सूर्यवंशी ने चमक बिखेरी, वहीं ध्रुव जुरेल ने यह साबित किया कि बड़े मैच सिर्फ आक्रामकता से नहीं, बल्कि धैर्य और समझदारी से जीते जाते हैं। उनकी यह पारी राजस्थान रॉयल्स की जीत की सबसे अहम कड़ी साबित हुई और टीम की जीत की लय को बरकरार रखा।
आईपीएल 2026 में एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनिया के दिग्गज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी चौंका दिया। महज 15 साल के इस युवा खिलाड़ी ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने मैच का रुख ही बदल दिया। गुवाहाटी में दिखा तूफानी खेल राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए इस मुकाबले में शुरुआत से ही राजस्थान का दबदबा रहा। बारिश के कारण मैच 11 ओवर का कर दिया गया, लेकिन इस छोटे मुकाबले में भी बड़े रिकॉर्ड बन गए। वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 14 गेंदों में 39 रन ठोक दिए, जिसमें 5 शानदार छक्के शामिल थे। खास बात यह रही कि उन्होंने बुमराह की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए। जायसवाल के साथ मिलकर मचाया कहर यशस्वी जायसवाल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 32 गेंदों में नाबाद 77 रन बनाए। दोनों की जोड़ी ने मिलकर सिर्फ 5 ओवर में 80 रन जोड़ दिए और टीम को 11 ओवर में 150 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। मुंबई की टीम रही बेबस 151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की टीम कभी मैच में वापसी नहीं कर पाई और 9 विकेट खोकर सिर्फ 123 रन ही बना सकी। तीन मैच में वैभव का प्रदर्शन CSK के खिलाफ: 17 गेंद में 52 रन GT के खिलाफ: 18 गेंद में 31 रन MI के खिलाफ: 14 गेंद में 39 रन क्यों खास है ये पारी? इतनी कम उम्र में दुनिया के टॉप गेंदबाज के खिलाफ इस तरह की बल्लेबाजी ने वैभव सूर्यवंशी को रातों-रात स्टार बना दिया है। उनकी निडर बल्लेबाजी ने यह दिखा दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य बेहद मजबूत है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में एक बेहद रोमांचक मुकाबले में Lucknow Super Giants ने शानदार वापसी करते हुए Sunrisers Hyderabad को हराकर सीजन की पहली जीत दर्ज की। इस जीत के हीरो रहे कप्तान Rishabh Pant, जिन्होंने आखिरी ओवर में शानदार बल्लेबाजी कर टीम को जीत तक पहुंचाया। आखिरी ओवर का रोमांच और पंत का धमाका 157 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए LSG की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए, लेकिन कप्तान पंत एक छोर पर डटे रहे। आखिरी ओवर में जब जीत के लिए रन चाहिए थे, तब पंत ने गेंदबाज जयदेव उनादकट पर लगातार तीन चौके जड़कर मैच खत्म कर दिया। उन्होंने 52 गेंदों में नाबाद 68 रन की पारी खेली, जो दबाव में खेली गई एक कप्तानी पारी थी। भावुक हो गए संजीव गोयनका जैसे ही पंत ने विनिंग शॉट लगाया, कैमरे Sanjiv Goenka की ओर मुड़ गए। टीम के मालिक गोयनका इस जीत से इतने भावुक हो गए कि उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने अपने सीने पर हाथ रखा और भावनाओं को छिपा नहीं सके। मैच खत्म होने के बाद वह मैदान पर पहुंचे और पंत को गले लगाकर उनकी शानदार पारी के लिए बधाई दी। आलोचनाओं के बीच जवाब इस मैच से पहले दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार के बाद गोयनका और पंत के बीच बातचीत को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हुई थीं। हालांकि, टीम ने बाद में साफ किया कि वह सिर्फ एक सामान्य बातचीत थी और सब कुछ ठीक है। इस शानदार जीत के साथ LSG ने यह साबित कर दिया कि टीम दबाव में भी वापसी करना जानती है और कप्तान पंत एक बार फिर मैच विनर बनकर उभरे हैं।
IPL 2026 के मुकाबले में एक ऐसा प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। दिल्ली कैपिटल्स के युवा बल्लेबाज समीर रिजवी ने लखनऊ के इकाना स्टेडियम में ऐसी पारी खेली, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। 142 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जब दिल्ली की टीम 26 रन पर 4 विकेट गंवाकर हार के करीब थी, तब ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में उतरे रिजवी ने अकेले मैच का रुख बदल दिया। खराब शुरुआत, फिर तूफानी वापसी समीर रिजवी की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। वह एक समय 9 गेंदों पर बिना खाता खोले खेल रहे थे और 13 गेंदों में सिर्फ 5 रन बना पाए थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने गियर बदला और विपक्षी गेंदबाजों पर जोरदार हमला बोल दिया। रिजवी ने 47 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए, जिसमें 4 छक्के और 5 चौके शामिल थे। उनकी इस पारी ने मैच का पूरा समीकरण बदल दिया। स्टब्स के साथ साझेदारी बनी टर्निंग पॉइंट रिजवी ने ट्रिस्टन स्टब्स के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 119 रनों की साझेदारी की। यह साझेदारी उस वक्त आई जब टीम पूरी तरह दबाव में थी। दोनों बल्लेबाजों ने खासकर स्पिन गेंदबाजों को निशाना बनाया और धीरे-धीरे मैच को लखनऊ की पकड़ से बाहर कर दिया। मेरठ से IPL तक का सफर समीर रिजवी का जन्म 6 दिसंबर 2003 को मेरठ में हुआ, जिसे भारतीय क्रिकेट की ‘नर्सरी’ कहा जाता है। उनके पिता हसीन रिजवी ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बेटे के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रिजवी के पहले कोच उनके मामा तंकीब अख्तर थे, जिन्होंने बचपन से ही उनकी तकनीक, खासकर स्पिन के खिलाफ खेलने की क्षमता को मजबूत किया। घरेलू क्रिकेट से मिली पहचान समीर पहली बार चर्चा में तब आए जब उन्होंने 2020 में उत्तर प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया। लेकिन असली पहचान उन्हें 2023 की यूपी T20 लीग से मिली, जहां उन्होंने 455 रन बनाए और 35 छक्के जड़े। उनकी इसी पावर हिटिंग के कारण चेन्नई सुपर किंग्स ने 2024 में उन्हें 8.4 करोड़ रुपये में खरीदा था, जबकि 2025 में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 95 लाख में अपनी टीम में शामिल किया। दिल्ली को मिला नया मैच विनर इस पारी के बाद समीर रिजवी को दिल्ली कैपिटल्स का नया मैच विनर माना जा रहा है। उन्होंने साबित कर दिया कि दबाव की स्थिति में भी संयम और आत्मविश्वास से खेला जाए, तो किसी भी मैच को जीता जा सकता है।
IPL 2026 में भले ही लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन इस मुकाबले में एक बड़ी उपलब्धि तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के नाम दर्ज हो गई। इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में शमी ने पारी की पहली ही गेंद पर विकेट लेकर इतिहास रच दिया। पहली गेंद पर विकेट, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड मोहम्मद शमी ने मैच की पहली गेंद पर ही केएल राहुल को आउट कर शानदार शुरुआत दिलाई। इसी के साथ शमी IPL इतिहास में 5 बार पहली गेंद पर विकेट लेने वाले इकलौते गेंदबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने कई बड़े गेंदबाजों को पीछे छोड़ दिया है। प्रवीण कुमार, उमेश यादव, ट्रेंट बोल्ट, लसिथ मलिंगा, भुवनेश्वर कुमार, अशोक डिंडा और पैट कमिंस जैसे गेंदबाजों ने यह कारनामा 3-3 बार किया है, लेकिन शमी उनसे आगे निकल गए हैं। लखनऊ की बल्लेबाजी रही कमजोर मैच की बात करें तो लखनऊ सुपर जायंट्स की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। टीम 18.4 ओवर में सिर्फ 141 रन पर सिमट गई। कप्तान ऋषभ पंत जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई। हालांकि मिचेल मार्श और अब्दुल समद ने कुछ हद तक संघर्ष करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन यह स्कोर जीत के लिए काफी नहीं था। समीर रिजवी की दमदार पारी से दिल्ली की जीत 142 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत भी खराब रही। टीम ने शुरुआती झटके झेले, लेकिन इसके बाद समीर रिजवी ने शानदार जिम्मेदारी निभाई। रिजवी ने 47 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए, जबकि ट्रिस्टन स्टब्स ने 39 रनों की अहम पारी खेली। दोनों के बीच 119 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया और दिल्ली को जीत दिलाई। रिकॉर्ड के बावजूद टीम को नहीं मिली जीत मोहम्मद शमी का यह ऐतिहासिक प्रदर्शन टीम को जीत नहीं दिला सका, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर यह उपलब्धि उन्हें IPL के सबसे खास गेंदबाजों में शामिल करती है।
नई दिल्ली,एजेंसियां। IPL के पांचवें मुकाबले में आज Lucknow Super Giants (LSG) और Delhi Capitals (DC) आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में शाम 7:30 बजे खेला जाएगा। दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम है, क्योंकि पिछले सीजन दोनों ही प्लेऑफ में जगह बनाने से चूक गई थीं। LSG की कप्तानी ऋषभ पंत कर रहे हैं, जबकि DC की कमान अक्षर पटेल के हाथों में है। मैच आज लखनऊ में 7:30 PM IST पर खेला जाएगा। LSG की ताकत: विस्फोटक बैटिंग और तेज गेंदबाजी लखनऊ की टीम इस बार काफी मजबूत नजर आ रही है। टॉप ऑर्डर में एडेन मार्करम, निकोलस पूरन और मिचेल मार्श जैसे मैच विनर मौजूद हैं। वहीं गेंदबाजी में मोहम्मद शमी, मयंक यादव, एनरिक नॉर्टजे और आवेश खान जैसे तेज गेंदबाज विपक्षी बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकते हैं। खासकर होम ग्राउंड का फायदा LSG के पक्ष में जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक लखनऊ की पेस बैटरी मैच का रुख बदल सकती है। DC की ताकत: संतुलित बैटिंग और मजबूत स्पिन अटैक दिल्ली कैपिटल्स की टीम कागज पर ज्यादा संतुलित दिखाई देती है। केएल राहुल, पृथ्वी शॉ और पथुम निसांका टॉप ऑर्डर को मजबूती देते हैं, जबकि डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स और नीतीश राणा मिडिल ऑर्डर में गहराई लाते हैं। हालांकि मिचेल स्टार्क की गैरमौजूदगी तेज गेंदबाजी को थोड़ा कमजोर करती है, लेकिन कुलदीप यादव और अक्षर पटेल की स्पिन जोड़ी लखनऊ की पिच पर असरदार साबित हो सकती है। Reddit और प्रीव्यू चर्चाओं में भी DC को “more balanced side” कहा जा रहा है। हेड-टू-हेड और पिच रिपोर्ट क्या कहती है? अब तक दोनों टीमें 7 बार भिड़ चुकी हैं, जिसमें दिल्ली ने 4 और लखनऊ ने 3 मैच जीते हैं। यानी रिकॉर्ड थोड़ा DC के पक्ष में है। वहीं इकाना की पिच को लेकर रिपोर्ट्स कहती हैं कि यहां शुरुआत में गेंदबाजों को मदद मिल सकती है, लेकिन बाद में बल्लेबाज खुलकर रन बना सकते हैं। ड्यू फैक्टर की वजह से टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। हालिया प्रीव्यू के अनुसार 175+ स्कोर प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है। किसका पलड़ा भारी? अगर होम एडवांटेज और पेस अटैक को देखें तो LSG थोड़ी आगे दिखती है। लेकिन अगर संतुलन और हेड-टू-हेड रिकॉर्ड देखें तो DC भी कम नहीं। कुल मिलाकर मुकाबला बेहद रोमांचक होने वाला है। मेरा मैच कॉल: LSG को हल्का edge, लेकिन यह मैच आखिरी ओवर तक जा सकता है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के रोमांचक मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को 3 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। लेकिन इस मैच का असली टर्निंग पॉइंट कप्तान शुभमन गिल का एक अहम फैसला बना, जिसने बाजी पूरी तरह पलट दी। मैच का पूरा हाल मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 162 रन बनाए। शुभमन गिल और साई सुदर्शन के बीच तेज शुरुआत जोस बटलर के साथ अहम साझेदारी कुल मिलाकर टीम ने सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया प्रसिद्ध कृष्णा ने दिलाई थी वापसी लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब किंग्स मजबूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन तभी प्रसिद्ध कृष्णा ने मैच में गुजरात की वापसी कराई। पहले ओवर में विकेट अगले स्पैल में 2 और अहम विकेट कुल मिलाकर मैच का रुख बदल दिया यहां तक गुजरात पूरी तरह मैच में हावी नजर आ रही था। 19वें ओवर में पलटी पूरी बाजी मैच का सबसे बड़ा मोड़ 19वें ओवर में आया जब पंजाब को 12 गेंदों में 16 रन चाहिए थे, तब कप्तान शुभमन गिल ने एक बार फिर गेंद प्रसिद्ध कृष्णा को सौंपी। लेकिन यही फैसला भारी पड़ गया: इस ओवर में 14 रन लुट गए कूपर कॉनॉली ने आक्रामक बल्लेबाजी की मैच पूरी तरह पंजाब के पक्ष में चला गया आखिरी ओवर में खत्म हुआ मुकाबला अब आखिरी 6 गेंदों में सिर्फ 2 रन की जरूरत थी। वाशिंगटन सुंदर गेंदबाजी के लिए आए पहली ही गेंद पर कूपर कॉनॉली ने चौका जड़कर मैच खत्म कर दिया क्या था असली टर्निंग पॉइंट? 19वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा को दोबारा गेंद देना उस ओवर में 14 रन खर्च होना कूपर कॉनॉली की आक्रामक पारी (72 रन) यही तीन फैक्टर गुजरात टाइटंस की हार की सबसे बड़ी वजह बने। बड़ी सीख यह मुकाबला दिखाता है कि T20 क्रिकेट में एक फैसला और एक ओवर पूरे मैच की दिशा बदल सकता है। शुभमन गिल का यह निर्णय टीम के लिए महंगा साबित हुआ, जबकि पंजाब किंग्स ने मौके का पूरा फायदा उठाया।
गुवाहाटी। IPL के 19वें सीजन में एमएस धोनी के बिना उतरी चेन्नई सुपर किंग्स ने हार से शुरुआत की। टीम को राजस्थान रॉयल्स ने 8 विकेट से हरा दिया। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में सोमवार को RR ने बॉलिंग चुनी। CSK 19.4 ओवर में 127 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। RR ने 12.1 ओवर में 2 ही विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। वैभव की 15 गेंदों पर फिफ्टी वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 गेंद पर फिफ्टी लगा दी, वे 52 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 4 चौके और 5 छक्के लगाए। बॉलिंग में रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर और नांद्रे बर्गर ने 2-2 विकेट लिए। चेन्नई से जैमी ओवरटन टॉप स्कोरर रहे, उन्होंने 43 रन बनाए। अंशुल कम्बोज को 2 विकेट मिले। धोनी इंजर्ड होकर बाहर CSK के पूर्व कप्तान एमएस धोनी इंजरी के कारण 2 सप्ताह के लिए बाहर हो गए हैं। साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस भी इंजरी के कारण 3 मैच नहीं खेल सकेंगे। ऋतुराज गायकवाड कप्तानी कर रहे हैं, वहीं संजू सैमसन को ओपनिंग पोजिशन मिली। दोनों पहले मुकाबले में 6-6 रन ही बना सके।
IPL 2026 के रोमांचक मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा कप्तान Ajinkya Rahane के मैदान छोड़ने को लेकर रही। शानदार बल्लेबाजी के बावजूद वह फील्डिंग के दौरान अचानक बाहर चले गए, जिससे फैंस हैरान रह गए। रहाणे ने खुद बताई वजह मैच के बाद रहाणे ने साफ किया कि उन्हें गंभीर क्रैंप्स (मांसपेशियों में ऐंठन) की समस्या हो गई थी। उन्होंने कहा, “मुझे काफी ज्यादा क्रैंप्स आ गए थे, जिसकी वजह से मैदान छोड़ना पड़ा। उम्मीद है कि मैं जल्द फिट होकर वापसी करूंगा।” कप्तानी पारी, लेकिन टीम को नहीं मिली जीत वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में KKR ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 220 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसमें रहाणे ने 40 गेंदों में 67 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि अंगकृष रघुवंशी ने भी 51 रन का अहम योगदान दिया। मुंबई इंडियंस ने आसान बनाया लक्ष्य 221 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। टीम के लिए Ryan Rickelton ने 81 रन और Rohit Sharma ने 78 रन बनाकर मैच को 19.1 ओवर में ही खत्म कर दिया। गेंदबाजी में KKR की कमजोरी आई सामने KKR के गेंदबाज इस बड़े स्कोर का बचाव करने में नाकाम रहे। टीम की ओर से वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी और सुनील नारायण को एक-एक विकेट मिला, लेकिन मुंबई के बल्लेबाजों के सामने यह नाकाफी साबित हुआ। रहाणे ने हार से क्या सीखा? मैच के बाद रहाणे ने कहा कि यह हार टीम के लिए सीखने का मौका है। उन्होंने माना कि 220-225 का स्कोर अच्छा था, लेकिन मुंबई के मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप के सामने यह भी कम पड़ गया।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।