Jharkhand Crime

पाकुड़ पुलिस द्वारा गिरफ्तार जोसिम शेख और जब्त ब्राउन शुगर
पाकुड़ में ब्राउन शुगर के साथ युवक गिरफ्तार, 21 पुड़िया ड्रग्स के साथ बाइक और मोबाइल जब्त

पाकुड़। झारखंड के पाकुड़ जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 21 पुड़िया मादक पदार्थ, एक बाइक और मोबाइल फोन बरामद किया गया है।   पुलिस के मुताबिक पुलिस के मुताबिक, 1 अप्रैल को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मादक पदार्थ लेकर पाकुड़ की ओर आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और एनडीपीएस एक्ट के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद दंडाधिकारी की मौजूदगी में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।   तलाशी के दौरान छापेमारी टीम ने मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र के पीपलजोड़ी मोड़ के पास घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जोसिम शेख के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से 21 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की गई, जिसका कुल वजन करीब 6.46 ग्राम बताया गया है। पुलिस के अनुसार, जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये के बीच आंकी गई है।इसके अलावा पुलिस ने आरोपी के पास से एक सैमसंग स्मार्टफोन और एक होंडा मोटरसाइकिल भी जब्त की है। बरामद सामान को विधिवत जब्त करते हुए आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मालपहाड़ी ओपी थाना में केस संख्या 68/2026 के तहत धारा 21(b) और 22(a) में प्राथमिकी दर्ज की गई है।   पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायालय में पेश किए जाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और इस धंधे में शामिल लोगों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 2, 2026 0
Vishnugarh murder case crime scene, highlighting superstition-related child sacrifice in Jharkhand.
विष्णुगढ़ हत्याकांड का खुलासा: अंधविश्वास के नाम पर मासूम की बलि, मां समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र से सामने आया एक दिल दहला देने वाला मामला पूरे समाज को झकझोर कर रख देता है। कुसुम्भा गांव में एक नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या के पीछे अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की भयावह सच्चाई सामने आई है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतका की मां समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह वारदात 24 मार्च की रात रामनवमी के मंगला जुलूस के दौरान हुई, जब बच्ची अचानक लापता हो गई थी। अगले दिन सुबह उसका शव गांव के मिडिल स्कूल के पीछे मैदान में बरामद हुआ। परिजनों के बयान के आधार पर अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए 26 मार्च को एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान जो सच्चाई सामने आई, वह बेहद भयावह थी। पुलिस के अनुसार, गांव की एक कथित भगताइन शांति देवी ने तंत्र-मंत्र के जरिए समस्या दूर करने के नाम पर बच्ची की बलि देने की सलाह दी थी। मृतका की मां रेशमी देवी अपने बेटे की परेशानी को लेकर पिछले एक वर्ष से इस भगताइन के संपर्क में थी। धीरे-धीरे अंधविश्वास इतना गहरा हो गया कि मां अपनी ही बेटी की बलि देने के लिए तैयार हो गई। घटना वाली रात, मां अपनी तीनों संतानों के साथ जुलूस में शामिल हुई और बाद में छोटी बेटी को लेकर भगताइन के घर पहुंची। वहां पहले से मौजूद भीम राम को भी इस कृत्य में शामिल किया गया। कथित पूजा के दौरान बच्ची को बांसबाड़ी ले जाया गया, जहां तंत्र-मंत्र के नाम पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। पुलिस के मुताबिक, भीम राम ने बच्ची का गला घोंटा, जबकि उसकी मां ने उसके पैर पकड़े हुए थे ताकि वह बच न सके। मौत के बाद भी हैवानियत जारी रही, बच्ची के सिर पर पत्थर से वार किया गया और उसके खून का इस्तेमाल कथित पूजा में किया गया। डीआईजी, एसपी और डीसी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस मामले का खुलासा किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर सख्त से सख्त सजा दिलाने की बात कही है। यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है, जहां इंसानियत और रिश्तों तक को बलि चढ़ा दिया जाता है।  

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
Hazaribagh Raped case
Hazaribagh Raped case: विष्णुगढ़ दरिंदगी मामले में हाईकोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, डीजीपी और एसपी को नोटिस

रांची। हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कोसुंभा गांव में 12 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने घटना को अत्यंत गंभीर मानते हुए इस पर कड़ी नाराजगी जताई। डीजीपी और एसपी समेत कई अधिकारियों को नोटिस हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और हजारीबाग के एसपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने प्रशासन से स्पष्ट रूप से पूछा है कि अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी। कोर्ट के इस कदम के बाद पुलिस और प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।   छह दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली घटना के छह दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक मुख्य आरोपियों को पकड़ने में असफल रही है। इस वजह से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। गांव में लगातार जनप्रतिनिधियों का आना-जाना लगा हुआ है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।   विष्णुगढ़ में बंद का व्यापक असर घटना के विरोध में सोमवार को विष्णुगढ़ पूरी तरह बंद रहा। दुकानदारों ने स्वतः अपनी दुकानें बंद रखीं, जिससे पूरे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। हालात ऐसे नजर आए मानो इलाके में लॉकडाउन लागू हो गया हो। लोग सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग करते दिखे।   सड़क जाम कर जताया विरोध आंदोलनकारियों ने विष्णुगढ़-हजारीबाग रोड को सात माइल मोड़ के पास जाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक सड़क जाम रहने से यातायात प्रभावित हुआ। सात माइल मोड़, हॉस्पिटल मोड़ और अखाड़ा चौक की सभी दुकानें बंद रहीं। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।   सियासी हलचल भी तेज मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। भाजपा ने हजारीबाग बंद का ऐलान किया, जिसका असर क्षेत्र में साफ देखने को मिला। वहीं रविवार को केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी कोसुंभा गांव पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया।   न्याय की मांग तेज, प्रशासन पर दबाव पूरे मामले में अब न्याय की मांग और तेज हो गई है। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जांच में तेजी आएगी और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी होगी। फिलहाल प्रशासन पर हर स्तर से दबाव बना हुआ है और लोग जल्द न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।

Anjali Kumari मार्च 30, 2026 0
हजारीबाग कांड के आरोपियों को  गैंगस्टर Rahul Singh ने धमकाया

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग में 12 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी मामले में गैंगस्टर Rahul Singh ने प्रेस रिलीज जारी कर धमकी दी है। दरअसल, झारखंड के हजारीबाग में 12 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस घटना को लेकर गैंगस्टर Rahul Singh ने प्रेस रिलीज जारी कर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उसने इस घटना को इंसानियत पर कलंक बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। Rahul Singh ने अपने बयान में कहा कि विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंभा गांव में जो हुआ, वह बेहद शर्मनाक और दर्दनाक है। उसने कहा कि एक मासूम बच्ची, जिसने अभी दुनिया को समझना शुरू ही किया था, उसके साथ इस तरह की बर्बरता ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।

Anjali Kumari मार्च 30, 2026 0
Dhanbad police arrest
बंगाल सीमा पर 2.5 लाख रुपये के साथ धराये धनबाद के थाना प्रभारी, 5 घंटे पूछताछ

धनबाद। झारखंड-पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित देबूडीह चेकपोस्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बंगाल पुलिस और चुनाव आयोग की टीम ने धनबाद जिले में पदस्थापित एक थानेदार की गाड़ी से भारी मात्रा में नकदी बरामद की। विधानसभा चुनाव को लेकर बरती जा रही सख्ती के बीच हुई इस कार्रवाई ने पुलिस महकमे को असहज कर दिया है। चेकपोस्ट पर जांच के दौरान पकड़ी गई रकम जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। देबूडीह चेकपोस्ट पर बंगाल पुलिस और निर्वाचन अधिकारियों की टीम आने-जाने वाले हर संदिग्ध वाहन की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान जीटी रोड किनारे स्थित धनबाद के एक थानेदार की निजी गाड़ी को रोका गया। तलाशी के दौरान वाहन के भीतर से ढाई लाख नकद बरामद हुए,चूंकि चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण भारी मात्रा में कैश ले जाने पर सख्त पाबंदी है, इसलिए अधिकारियों ने तुरंत इस रकम को अपने कब्जे में ले लिया। 5 घंटे तक चली पूछताछ बरामदगी के बाद इंस्पेक्टर को हिरासत में लेकर लगभग पांच घंटे तक पूछताछ की गई। चुनाव अधिकारियों ने उनसे पैसे के स्रोत, उसे ले जाने के उद्देश्य और गंतव्य के बारे में सवाल पूछे. बताया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी इस बड़ी राशि के बारे में कोई ठोस दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। पुलिस गलियारों में चर्चा है कि यदि मामला केवल स्थानीय पुलिस के बीच होता, तो शायद इसे दबाने की कोशिश की जाती, लेकिन चुनाव आयोग के फ्लाइंग स्क्वाड की मौजूदगी के कारण नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की गई।

Anjali Kumari मार्च 30, 2026 0
Firing in Patratu
पतरातू में राहुल दुबे गैंग ने की ताबड़तोड़ फायरिंग

रामगढ़। रामगढ़ जिले के पतरातू थाना क्षेत्र में अपराधियों ने एक बार फिर बेखौफ अंदाज में फायरिंग कर दहशत फैला दी। पतरातू रेलवे फाटक के पास बन रहे ओवरब्रिज के निर्माण स्थल पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड को गोली मार दी गई। घायल गार्ड की पहचान जयनगर निवासी प्रदीप राजवंशी के रूप में हुई है, जिन्हें गंभीर हालत में रांची के रिम्स में भर्ती कराया गया है।  अचानक पहुंच कर की फायरिंग जानकारी के अनुसार, प्रदीप राजवंशी रोज की तरह साइट पर ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान कुछ हथियारबंद अपराधी वहां पहुंचे और बिना किसी बातचीत के अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। एक गोली गार्ड के पेट में लगी, जिससे वह वहीं गिर गया। फायरिंग की आवाज सुनते ही मजदूरों और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और काम तत्काल बंद हो गया। घायल गार्ड का रिम्स में इलाज जारी घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल गार्ड को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें रांची के रिम्स रेफर कर दिया। फिलहाल उनका इलाज रिम्स में चल रहा है।    राहुल दुबे गैंग ने ली जिम्मेदारी पतरातू के एसडीपीओ गौरव गोस्वामी ने बताया कि घटनास्थल से एक पर्चा मिला है, जिसमें राहुल दुबे गैंग का नाम सामने आया है। हालांकि पुलिस इस दावे की पुष्टि करने में जुटी है और हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी शुरू कर दी है और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है।   इलाके में दहशत इधर गोली बारी की घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार कर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।

Anjali Kumari मार्च 30, 2026 0
Massive copper theft from transformer at Pithoria grid Ranchi, police investigation led by DSP underway
रांची के पिठोरिया ग्रिड से 1000 किलो तांबे की चोरी: ट्रांसफार्मर बना निशाना, डीएसपी के नेतृत्व में जांच तेज

रांची से एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है, जिसने बिजली व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिठोरिया थाना क्षेत्र के सत कनादू गांव स्थित बिजली ग्रिड से करीब 1000 किलोग्राम तांबा चोरी कर लिया गया। इस चोरी की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। ट्रांसफार्मर को बनाया निशाना जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने एसएसटी 33/4 KV ट्रांसफार्मर को निशाना बनाया और उसमें लगे तांबे को निकालकर फरार हो गए। इतनी बड़ी मात्रा में तांबे की चोरी यह संकेत देती है कि वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी योजना बनाई गई थी। डीएसपी के नेतृत्व में जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी Amar Kumar Pandey के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उनके साथ इंस्पेक्टर असित मोदी, थाना प्रभारी सतीश पांडे और एसआई संतोष यादव भी मौजूद थे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। तकनीकी टीम और डॉग स्क्वायड की मदद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता ली है। साथ ही डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम को भी बुलाया गया है, ताकि अपराधियों के बारे में ठोस सुराग मिल सके। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस चोरी के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है। बिजली आपूर्ति पर असर की आशंका इस बड़ी चोरी के बाद इलाके में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए तेजी से काम कर रहा है, ताकि आम लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। जल्द गिरफ्तारी का दावा पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
unqualified doctor treatment led to patient death after wrong injection in Jharkhand
चतरा में झोलाछाप डॉक्टर का कहर: गलत इंजेक्शन से 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत, आरोपी फरार

चतरा: झारखंड के चतरा जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने एक व्यक्ति की जान ले ली। वशिष्ठ नगर थाना क्षेत्र के दंतार गांव में गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद 40 वर्षीय विनोद सिंह की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी हालत मृतक विनोद सिंह, जो मझगांवा के निवासी थे, इलाज के लिए गांव के एक कथित डॉक्टर के पास पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार, इंजेक्शन लगते ही उनकी तबीयत अचानक खराब होने लगी। स्थिति बिगड़ती देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। गंभीर हालत में गया रेफर, इलाज के दौरान मौत हालत ज्यादा बिगड़ने पर मरीज को तुरंत बेहतर इलाज के लिए एम्स गया ले जाया गया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में इलाज के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर फरार घटना के बाद आरोपी झोलाछाप डॉक्टर शिव शंकर शर्मा उर्फ ठाकुरजी मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि उसने अपना क्लीनिक बंद किया और पीछे के रास्ते से भाग निकला। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही वशिष्ठ नगर थाना पुलिस हरकत में आ गई। थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय झोलाछाप डॉक्टरों की समस्या को उजागर कर दिया है। सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण लोग मजबूरी में गैर-प्रशिक्षित लोगों से इलाज कराते हैं, जो कई बार जानलेवा साबित होता है। परिजनों में मातम, कार्रवाई की मांग मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने प्रशासन से दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत बताई है।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
Police investigating brick kiln site in Chatra where worker’s body was found in a pit
चतरा में मजदूर की संदिग्ध मौत से हड़कंप: ईंट भट्ठा मालिक पर हत्या का आरोप, गड्ढे में मिला शव

कैरलीबार पंचायत में सनसनीखेज घटना चतरा जिले के वशिष्ठ नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कैरलीबार पंचायत में एक ईंट भट्ठा मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान 30 वर्षीय विनोद गंझू के रूप में हुई है, जो करमा पंचायत के मदनपुर गांव का रहने वाला था। काम के लिए गया, घर नहीं लौटा परिजनों के अनुसार, विनोद गंझू गुरुवार को कैरलीबार पंचायत के निमियाटांड़ स्थित एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने गया था। यह भट्ठा विनोद भारती और सोनू भारती नामक दो भाइयों का बताया जा रहा है। काम के सिलसिले में वह वहीं रुक गया, लेकिन रात में घर वापस नहीं लौटा। पार्टी के बाद गायब हुआ मजदूर स्थानीय जानकारी के मुताबिक, भट्ठा जलाने के बाद रात में मजदूरों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान शराब और मुर्गा की पार्टी भी हुई, जिसमें विनोद गंझू शामिल था। इसके बाद वह अचानक लापता हो गया। सुबह गड्ढे में मिला शव शुक्रवार सुबह विनोद गंझू का शव भट्ठे के पास एक गड्ढेनुमा जगह से बरामद हुआ। शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप मृतक की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों ने ईंट भट्ठा मालिकों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह सामान्य हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या है। परिजन दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। परिजन वशिष्ठ नगर थाना में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया भी की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज फिलहाल यह मामला संदिग्ध मौत का माना जा रहा है, लेकिन परिजनों के आरोपों ने इसे हत्या का मामला बना दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना के बाद मजदूरों की सुरक्षा और कार्यस्थल की निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आने वाली रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई सामने आ सके।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
Woman teacher files complaint after ₹32 lakh fraud by friend in Gumla Jharkhand case
दोस्ती में धोखा! गुमला में महिला टीचर से 32 लाख की ठगी, भरोसे का हुआ बड़ा खेल

झारखंड के गुमला में सनसनीखेज मामला झारखंड के गुमला जिले से दोस्ती और भरोसे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला शिक्षक ने अपनी ही करीबी दोस्त पर 32 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग हैरान हैं कि किस तरह भरोसे का फायदा उठाकर इतनी बड़ी धोखाधड़ी की गई। साधारण पहचान से गहरी दोस्ती, फिर हुआ धोखा पीड़िता (परिवर्तित नाम प्रमिला) एक आर्मी स्कूल में शिक्षिका हैं। उन्होंने सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी रेखा मिंज मूल रूप से गुमला की रहने वाली है और फिलहाल रांची के अरगोड़ा इलाके में रहती है। दोनों के बीच पहले सामान्य जान-पहचान थी, जो समय के साथ गहरी दोस्ती में बदल गई। कोयला कारोबार में निवेश का दिया झांसा आरोप है कि रेखा मिंज ने प्रमिला को कोयला कारोबार में निवेश करने का लालच दिया। उसने कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया। भरोसे में आकर प्रमिला ने अलग-अलग किस्तों में पैसे देना शुरू किया, जो बढ़ते-बढ़ते 32 लाख रुपये तक पहुंच गया। कर्ज लेकर और जमीन बेचकर जुटाई रकम इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता ने इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए कर्ज लिया और अपनी जमीन तक बेच दी। उसे उम्मीद थी कि निवेश से उसे अच्छा मुनाफा मिलेगा, लेकिन न तो कोई फायदा मिला और न ही मूल रकम वापस हुई। पैसे मांगने पर आरोपी ने तोड़ा संपर्क जब पीड़िता ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपी लगातार टालमटोल करती रही। बाद में उसने संपर्क भी बंद कर दिया। इससे पीड़िता को यकीन हो गया कि वह ठगी का शिकार हो चुकी है, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में जुटी, पूछताछ जारी मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर थाना पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो शामिल नहीं है। लोगों के लिए चेतावनी यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि आर्थिक मामलों में बिना जांच-पड़ताल के किसी पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश से पहले पूरी जानकारी लें और जल्दबाजी में फैसला न करें।  

surbhi मार्च 19, 2026 0
Former minister aiming bow and arrow at workers near coal mining site in Hazaribagh
तीर-धनुष लेकर पूर्व मंत्री का हमला! कोयला परियोजना में वर्करों पर निशाना, हजारीबाग में मचा हड़कंप

झारखंड के हजारीबाग जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां पूर्व मंत्री पर कोयला खनन परियोजना में काम कर रहे मजदूरों पर तीर-धनुष से हमला करने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ता नजर आ रहा है। कोयला परियोजना में अचानक हमला, मजदूरों में अफरा-तफरी यह पूरा मामला हजारीबाग के केरेडारी क्षेत्र स्थित चट्टी बरियातू कोल परियोजना का बताया जा रहा है। यहां काम कर रहे मजदूरों पर अचानक हमला कर दिया गया, जिससे वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पूर्व मंत्री पर लगे गंभीर आरोप इस हमले का आरोप झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर लगाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पहाड़ी के ऊपर खड़े होकर हाथ में तीर-धनुष लिए कंपनी के वर्करों और वाहनों की ओर निशाना साधते नजर आए। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। कोयला खनन के विरोध से जुड़ा मामला बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद इलाके में चल रहे कोयला खनन कार्य को लेकर है। स्थानीय स्तर पर इस परियोजना का विरोध किया जा रहा था और उसी क्रम में यह घटना सामने आई। रिपोर्ट्स के अनुसार, संबंधित परियोजना एनटीपीसी से जुड़ी बताई जा रही है, जहां खनन कार्य जारी है। तीर चलाने से मची दहशत प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पूर्व मंत्री पहाड़ की चोटी पर चढ़ गए और वहां से नीचे काम कर रहे मजदूरों की ओर तीर चलाया। इस दौरान मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां कंपनी के कर्मचारियों का दावा है कि इससे पहले भी उन्हें काम बंद करने के लिए धमकाया गया था। आरोप है कि यह घटना उसी विवाद का हिस्सा हो सकती है। जांच के बाद होगी कार्रवाई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजनीति में भी गरमाया मुद्दा यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेता जा रहा है। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं और कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई है। विवादों से रहा है पुराना नाता पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पहले भी अपने बयानों और गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहे हैं। लेकिन इस बार तीर-धनुष से हमले के आरोप ने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया है।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
Seized tanker filled with spirit and confiscated gas cylinders during raid in Dhanbad and Bokaro
धनबाद में नकली शराब गिरोह पर बड़ी कार्रवाई: 24 हजार लीटर स्पिरिट जब्त, नागालैंड नंबर टैंकर पकड़ा गया

गिरिडीह और हजारीबाग में होनी थी सप्लाई, बोकारो में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण का भी खुलासा धनबाद: झारखंड के धनबाद में अवैध शराब के कारोबार पर प्रशासन ने बड़ा प्रहार किया है। उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए करीब 24 हजार लीटर कच्चा स्पिरिट से भरे एक टैंकर को जब्त किया है। यह स्पिरिट को नकली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाना था। नेशनल हाईवे पर पकड़ा गया संदिग्ध टैंकर यह कार्रवाई तोपचांची थाना क्षेत्र के कोटाल अड्डा स्थित नेशनल हाईवे के पास की गई। टीम ने जीओ पेट्रोल पंप के समीप नागालैंड नंबर (NL-01-L-1775) वाले टैंकर को रोककर जांच की, जिसमें भारी मात्रा में कच्चा स्पिरिट बरामद हुआ। गिरिडीह और हजारीबाग में होनी थी सप्लाई पूछताछ के दौरान टैंकर चालक ने खुलासा किया कि यह स्पिरिट गिरिडीह और हजारीबाग में सक्रिय अवैध शराब निर्माताओं को पहुंचाई जानी थी। इस जानकारी के बाद विभाग ने तुरंत टैंकर को जब्त कर लिया और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी। चालक गिरफ्तार, भेजा गया जेल उत्पाद विभाग ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। बोकारो में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण का भंडाफोड़ इधर बोकारो जिले में भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। माराफारी थाना क्षेत्र के बांसगोड़ा इलाके में एक दुकान पर छापेमारी कर अवैध रूप से रखे गए गैस सिलेंडरों को जब्त किया गया। यह कार्रवाई जिला आपूर्ति पदाधिकारी शालिनी खलखो के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने की। जांच के दौरान दुकान के अंदर छुपाकर रखे गए 8 भरे हुए एचपी गैस सिलेंडर और 19 खाली इंडेन सिलेंडर बरामद किए गए। अभियान तेज, अवैध कारोबारियों में हड़कंप प्रशासन की इन लगातार कार्रवाइयों से अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि नकली शराब और अवैध गैस भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।   इस कार्रवाई को झारखंड में अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस और उत्पाद विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुटे हैं।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में बड़ा एक्शन
गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में बड़ा एक्शन, जमशेदपुर के 6 आरोपियों के खिलाफ वारंट

जमशेदपुर। गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में अदालत ने जमशेदपुर के छह आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वारंट जारी होने के बाद पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि सभी आरोपियों पर पहले से ही 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। हत्या के 26 दिन बाद भी मुख्य शूटर और साजिशकर्ता पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इन आरोपियों के खिलाफ जारी हुआ वारंट अदालत द्वारा जिन आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है, उनमें बागबेड़ा थाना क्षेत्र के अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह, विशाल सिंह, आकाश कुमार प्रसाद और यशराज सिंह शामिल हैं। इसके अलावा मानगो के ओलीडीह निवासी जितेंद्र कुमार साहू का नाम भी इस सूची में शामिल है। जमशेदपुर में लगातार दबिश सूत्रों के अनुसार, Uttarakhand Special Task Force और Dehradun Police की टीम लगातार Jamshedpur में छापेमारी कर रही है। टीम ने बागबेड़ा, जुगसलाई और मानगो इलाके में कई बार दबिश दी है, लेकिन अब तक मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके हैं। अब तक दो मददगार गिरफ्तार इस हत्याकांड में पुलिस अब तक दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें बागबेड़ा थाना क्षेत्र के गाराबासा निवासी राजकुमार सिंह और ग्रेटर नोएडा से मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों पर हत्या में आरोपियों की मदद करने का आरोप है। 13 फरवरी को हुई थी हत्या बताया जाता है कि 13 फरवरी को Dehradun के सिल्वर मॉल के पास गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी थी। जांच में जमशेदपुर कनेक्शन सामने आने के बाद से पुलिस की टीमें झारखंड में लगातार छापेमारी कर रही हैं।

Anjali Kumari मार्च 13, 2026 0
Police investigating forest area in Potka after burnt body of woman found during double murder incidents.
झारखंड में होली के दिन डबल मर्डर से सनसनी, बुजुर्ग महिला का गला रेतकर हत्या, जंगल में युवती का जला शव मिला

झारखंड के East Singhbhum जिले के Potka प्रखंड में होली के दिन दो अलग-अलग स्थानों पर हत्या की घटनाओं से इलाके में दहशत फैल गई। एक मामले में बुजुर्ग महिला की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई, जबकि दूसरे मामले में एक अज्ञात युवती का जला हुआ शव जंगल से बरामद हुआ। जंगल में मिला जला हुआ शव पहली घटना Kowali Police Station क्षेत्र के बानाकाटा जंगल की है। यहां पुलिस को करीब 22–35 वर्ष की एक युवती का आंशिक रूप से जला हुआ शव मिला। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। पुलिस को शक है कि युवती की हत्या करने के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को आग के हवाले किया गया। घटनास्थल के पास से शराब की बोतल भी बरामद की गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और युवती की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। बुजुर्ग महिला की गला रेतकर हत्या दूसरी घटना पोटका के कलिकापुर इलाके के हाड़पाघुटू गांव के पास की है, जहां एक बुजुर्ग महिला का शव बरामद हुआ। मृतका की पहचान 60 से 75 वर्ष के बीच की सुभाषिनी नायक के रूप में हुई है। उनकी गला रेतकर हत्या की गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार सुभाषिनी नायक जंगल से लकड़ी और पत्ते इकट्ठा कर बेचकर अपना जीवन यापन करती थीं। उनका शव गांव के पास एक पगडंडी के किनारे मिला, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों मामलों में शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल दोनों घटनाओं के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हैं और हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं। इलाके में दहशत का माहौल एक ही दिन में दो अलग-अलग जगहों पर हत्या की वारदात सामने आने से पूरे पोटका इलाके में डर और तनाव का माहौल बन गया है। पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही है और संदिग्ध लोगों की तलाश की जा रही है।  

surbhi मार्च 6, 2026 0
Deadly stabbing in Pakur on Holi leaves man dead, police investigating
होली पर खूनी वारदात: पाकुड़ में चाकूबाजी से अधेड़ की मौत, इलाके में दहशत

पुरानी रंजिश में घात लगाकर हमला झारखंड के पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के तलवाडंगा नंदीपाड़ा में होली के दिन चाकूबाजी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस हमले में अधेड़ देवराज सरकार उर्फ नेमुआ की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। मृतक के पिता मेघनाथ सरकार के अनुसार, उनका बेटा जैसे ही घर से बाहर निकला, पहले से घात लगाए बैठे करीब आठ से दस लोगों ने उस पर अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने धारदार हथियार से लगातार कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों का आरोप है कि यह हमला पुरानी दुश्मनी के कारण किया गया। हालांकि पुलिस अभी इस एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। अस्पताल पहुंचने से पहले ही हालत हुई नाजुक घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायल देवराज सरकार को इलाज के लिए सोना जोड़ी सदर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तब तक उसकी हालत काफी बिगड़ चुकी थी। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर मनीष कुमार ने बताया कि पीड़ित के शरीर पर चार से पांच बार चाकू से वार किया गया था। ज्यादा खून बहने के कारण उसकी स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। डॉक्टरों ने उसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने शुरू की छानबीन नगर थाना प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हमला योजनाबद्ध तरीके से किया गया था। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। इलाके में दहशत, परिजनों की गिरफ्तारी की मांग घटना के बाद तलवाडंगा नंदीपाड़ा इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग इस वारदात से सहमे हुए हैं, वहीं मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजन रो-रोकर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द पकड़कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।  

surbhi मार्च 5, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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नालंदा मंदिर हादसा: भीड़ ने ली 8 महिलाओं की जान, धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ जैसी स्थिति

surbhi मार्च 31, 2026 0