Jharkhand Crime

Prince khan gang
प्रिंस खान गैंग की कमान अब भाई गोपी के हाथों में

धनबाद। वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के सबसे बड़े राजदार मेजर उर्फ सैफी की गिरफ्तारी के बाद अब धनबाद पुलिस के रडार पर प्रिंस खान का भाई गोपी है। पुलिस ने प्रिंस खान के पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने की तैयारी कर लीहै। पूछताछ में सैफी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि प्रिंस खान अब दुबई छोड़कर पाकिस्तान में आतंकियों की पनाह में पहुंच चुका है। अब उसका भाई गोपी खान दुबई से ही बैठकर इस पूरे गैंग को ऑपरेट कर रहा है। प्रिंस का साला रितिक और आदिल भी इस समय दुबई में ही मौजूद हैं।   प्रिंस खान के परिवार और करीबियों पर शिकंजा इस नए इनपुट के बाद पुलिस अब प्रिंस खान के परिवार और उसके करीबियों पर शिकंजा कसने जा रही है। सैफी ने कबूला है कि रंगदारी से वसूली गई करोड़ों रुपये की रकम को प्रिंस ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर चल-अचल संपत्तियों में निवेश किया है। इस खुलासे के बाद गैंग को आर्थिक रूप से मदद करने वाले तमाम रिश्तेदार अब जांच के दायरे में आ गए हैं।    माता-पिता के बयानों पर पुलिस को शक मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बीते दिनों प्रिंस के माता-पिता से करीब 5 घंटे तक कड़ी पूछताछ की थी। हालांकि, उन्होंने दावा किया है कि उनका अपने बेटों से कोई संबंध नहीं है, लेकिन पुलिस को उनके इस बयान पर भरोसा नहीं है। पुलिस कमिश्नर और संबंधित एजेंसियां सैफी से मिले इनपुट्स के आधार पर शहर में सक्रिय गैंग के स्लीपर सेल और अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी और कड़ियों का सत्यापन कर रही हैं।   केंद्रीय एजेंसियों की मदद लेगी धनबाद पुलिस पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रिंस खान के इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों (जैसे एनआईए या सीबीआई) की मदद ली जा रही है। पुलिस का मानना है कि दुबई में बैठा गोपी खान नेटवर्क को फिर से जीवित करने की कोशिश कर रहा है। गोपी के खिलाफ हत्या, रंगदारी, फायरिंग और धमकी देने के 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। गोपी के खिलाफ सख्त इंटरनेशनल एक्शन के लिए धनबाद पुलिस जल्द ही पुलिस मुख्यालय को पत्र भेजेगी।   बंटी और गॉडविन पर पुलिस की नजर हाल के दिनों में कई नए मुकदमों में नामजद होने के बावजूद प्रिंस का भाई बंटी फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर है। पुलिस को अंदेशा है कि वह भी अपने भाइयों की तरह देश छोड़कर भागने की फिराक में हो सकता है, लिहाजा उस पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। वहीं, चाईबासा जेल में बंद गॉडविन पर भी कड़ी नजर है, क्योंकि पुलिस को शक है कि वह जेल के भीतर से ही नए अपराधियों को प्रिंस के गैंग में शामिल करने का खेल रच रहा है। जेल प्रशासन से गॉडविन से मिलने आने वाले हर शख्स का ब्योरा मांगा गया है।   व्यवसायी ने खुद को गैंग से अलग बताया इधर, वासेपुर-भूली रोड के रहने वाले कबाड़ गोदाम संचालक सैयद मोहम्मद आरिफ खान उर्फ गोल्डन ने सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से खुद पर लग रहे आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि वे प्रिंस के गुर्गे नहीं हैं, बल्कि एक साधारण व्यवसायी हैं, जो कड़ी मेहनत से परिवार चलाते हैं। उनका इस आपराधिक सिंडिकेट से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
BCCL Fraud
BCCL में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 करोड़ की ठगी, झारखंड से बंगाल तक फैला नेटवर्क

रांची। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) में नौकरी दिलाने के नाम पर झारखंड में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। डकरा, खलारी, पिपरवार, टंडवा और हजारीबाग समेत कई इलाकों के करीब 200 लोगों से लगभग 20 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है। मामले की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है, जबकि आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।   कांग्रेस नेत्री से 24 लाख की ठगी डकरा निवासी कांग्रेस नेत्री इंदिरा देवी ने खलारी थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे और भतीजे को BCCL में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 24 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताते हुए भरोसा जीत लिया और फर्जी ज्वाइनिंग लेटर तक दिखाए।   मेडिकल जांच और ट्रेनिंग का नाटक पीड़ितों के अनुसार, युवकों को धनबाद बुलाकर होटल में ठहराया गया और फिर मेडिकल जांच कराई गई। इसके बाद बायोमीट्रिक हस्ताक्षर और कथित ट्रेनिंग प्रक्रिया भी पूरी कराई गई। अभ्यर्थियों को पोस्टिंग लिस्ट दिखाकर विश्वास दिलाया गया कि उनकी नौकरी पक्की हो चुकी है, लेकिन बाद में किसी को ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला।   नेटवर्क मार्केटिंग की तरह चला गिरोह जांच में सामने आया है कि गिरोह ने पूरी ठगी को नेटवर्क मार्केटिंग मॉडल की तरह चलाया। लोगों को पहले नौकरी का लालच दिया गया और फिर उनसे नए उम्मीदवार जोड़ने को कहा गया। इसी तरह रिश्तेदारों और परिचितों से पैसे जुटाकर करोड़ों रुपये इकट्ठा किए गए।   बंगाल और धनबाद से जुड़े तार मामले में पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी निवासी सागर चक्रवर्ती और धनबाद के सिजुआ निवासी मुस्तकीम अंसारी के नाम सामने आए हैं। दोनों खुद को राजनीतिक प्रभाव वाला व्यक्ति बताते थे। पुलिस के अनुसार, कई आरोपियों के मोबाइल बंद हैं और उनकी तलाश जारी है। खलारी थाना पुलिस ने कहा है कि पैसों के लेनदेन का सत्यापन किया जा रहा है और जल्द आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Anjali Kumari मई 18, 2026 0
Ramgarh prostitution racket
रामगढ़ में कथित देह व्यापार का खुलासा, 12 लोग गिरफ्तार

रामगढ़। रामगढ़ के सिरका बुध बाजार क्षेत्र में कथित देह व्यापार के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में पांच महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।   ग्रामीणों के विरोध के बाद हुई कार्रवाई जानकारी के अनुसार गुरुवार देर शाम स्थानीय ग्रामीणों को क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए कुछ लोगों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस सभी को थाना ले गई और पूछताछ शुरू की। मामले में थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन प्रकाश पांडेय के स्वलिखित बयान पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया।   मोबाइल जांच में मिले कथित साक्ष्य पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की गई, जिसमें कथित तौर पर देह व्यापार से जुड़े कुछ साक्ष्य मिले हैं। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य संभावित कड़ियों की भी पड़ताल कर रही है।   परिजनों ने कार्रवाई पर उठाए सवाल इधर गिरफ्तार रवि कुमार और विनोद कुमार के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का दावा है कि दोनों मजदूरी का काम करते हैं और ट्रैक्टर से ईंट गिराने के लिए इलाके में गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने भीड़ के दबाव में बिना पर्याप्त जांच के दोनों को गिरफ्तार कर लिया।     पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।

Anjali Kumari मई 16, 2026 0
wildlife smuggling
रांची होटल में छापा, मॉनिटर लिजर्ड तस्करी गिरोह का पर्दाफाश

रांची। रांची में मॉनिटर लिजर्ड (विषखोपड़ा) के अंगों की तस्करी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार को शहर के मेन रोड स्थित एक होटल में छापेमारी के दौरान की। पुलिस ने होटल के कमरे से मॉनिटर लिजर्ड के 30 गुप्त अंग बरामद किए हैं, जिन्हें अवैध रूप से बेचने की तैयारी की जा रही थी।   होटल नटराज में हुई छापेमारी वन विभाग के अनुसार, WCCB को गुप्त सूचना मिली थी कि डेली मार्केट क्षेत्र के होटल नटराज में कुछ लोग “हत्था जोड़ी” नाम से मॉनिटर लिजर्ड के अंगों की तस्करी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर गठित टीम होटल पहुंची और कमरा नंबर 203 की तलाशी ली। जांच के दौरान कमरे में रखे एक काले प्लास्टिक बैग से मॉनिटर लिजर्ड के अंग बरामद हुए।   मौके पर मौजूद तीन लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन उन्होंने बरामद सामान के बारे में जानकारी होने से इनकार किया। बाद में होटल प्रबंधन ने बताया कि कमरा 203 और 206 पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर निवासी विष्णु कुमार गुप्ता के नाम से बुक किए गए थे। इसके बाद तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर वन विभाग कार्यालय ले जाया गया।   वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई वन विभाग ने बताया कि आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मॉनिटर लिजर्ड अनुसूची-1 के अंतर्गत संरक्षित प्रजाति है और इसके शिकार, संग्रहण तथा व्यापार को गंभीर अपराध माना जाता है।   अंधविश्वास से जुड़ा है अवैध कारोबार मॉनिटर लिजर्ड के अंगों की तस्करी मुख्य रूप से अंधविश्वास के कारण की जाती है। इसके अंगों को “हत्था जोड़ी” बताकर तांत्रिक क्रियाओं और कथित औषधीय उपयोग के नाम पर बेचा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस अवैध व्यापार के कारण वन्यजीवों की संख्या पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।

Anjali Kumari मई 15, 2026 0
Ramgarh jewellery robbery
रामगढ़ ज्वेलरी लूटकांड में बड़ा खुलासा, मुख्य आरोपी की पत्नी और दामाद गिरफ्तार

रामगढ़। रामगढ़ के चर्चित रजरप्पा ज्वेलरी लूटकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने मुख्य आरोपी सुभानी अंसारी उर्फ ललका की पत्नी और दामाद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर लूटे गए सोना-चांदी के आभूषण भी बरामद किए हैं। इस मामले में अब तक कुल नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।   दिनदहाड़े हुई थी करोड़ों की लूट गौरतलब है कि 21 अप्रैल 2026 को Shiv Shankar Jewellers में हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े धावा बोलकर करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए थे। घटना रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर-रजरप्पा मोड़ पर हुई थी। लूट के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना के बाद Mukesh Kumar Lunayat के निर्देश पर SIT का गठन किया गया था। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 180 आभूषण, एक पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, तीन बाइक और एक चारपहिया वाहन बरामद किया था।   गुप्त सूचना पर हुई गिरफ्तारी पुलिस को 10 मई को गुप्त सूचना मिली थी कि मुख्य आरोपी के घर में लूट का सामान छिपाकर रखा गया है। इसके बाद छापेमारी कर बरकट्ठी निवासी नाजमा खातून और उसके दामाद शहनवाज हुसैन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके घर से करीब 49 ग्राम सोना और 1.35 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।   फरार मास्टरमाइंड की तलाश तेज रामगढ़ एसपी ने बताया कि मामले की जांच और छापेमारी लगातार जारी है। इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड का मास्टरमाइंड माने जा रहे कुख्यात अंतरराज्यीय अपराधी Vibhash Paswan की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर बाकी लूटे गए आभूषण भी बरामद कर लिए जाएंगे।

Anjali Kumari मई 11, 2026 0
Bokaro drug crackdown
बोकारो में नशा तस्करों पर शिकंजा, लाखों का गांजा बरामद

बोकारो। बोकारो पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नया मोड़ बस स्टैंड से 47 किलो गांजा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, तस्कर इस अवैध गांजा की खेप को बस के माध्यम से बिहार भेजने की तैयारी कर रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में गांजा जब्त कर लिया गया, जबकि तस्कर मौके से फरार हो गए। बरामद गांजा की कीमत लगभग 5 से 7 लाख रुपये आंकी गई है।   गुप्त सूचना के बाद बनी विशेष टीम सिटी डीएसपी Alok Ranjan ने बताया कि 9 मई की शाम पुलिस अधीक्षक Nathu Singh Meena को सूचना मिली थी कि बीएस सिटी थाना क्षेत्र स्थित नया मोड़ बस स्टैंड से अवैध गांजा बिहार भेजा जाने वाला है। सूचना मिलते ही एसपी के निर्देश पर डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।   दो प्लास्टिक बोरों से मिला गांजा छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने पवनसुत बस पड़ाव के चबूतरे पर संदिग्ध अवस्था में रखे दो प्लास्टिक के बोरों की तलाशी ली। जांच में दोनों बोरों से 47 पैकेट में बंद करीब 47 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक तस्कर इसे बस के जरिए बिहार भेजने की फिराक में थे।   एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज इस मामले में बीएस सिटी थाना कांड संख्या 89/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b)(ii)(C) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के दौरान दो संदिग्ध तस्करों के नाम सामने आए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है और मामले की गहन जांच जारी है।

Anjali Kumari मई 11, 2026 0
Khunti tribal girl
खूंटी की आदिवासी युवती दिल्ली 17 साल बनी रही बंधक, यौन शोषण के बाद गर्भपात भी कराया गया

खूंटी। झारखंड के खूंटी की आदिवासी युवती को 17 साल तक दिल्ली में बंधक बनाकर रखा गया। युवती से घरेलू मजदूरी कराई गयी। साथ ही उसका यौन शोषण भी किया गया। इस दौरान उसका गर्भपात कराये जाने की बात भी सामने आई है। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।  काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले जाई गई थी युवती ने बताया कि साल 2009 में जेटा मुंडा नामक व्यक्ति उसे काम दिलाने के बहाने दिल्ली लाया था। उस समय वह 14 साल की थी। उसे कोहाट एन्क्लेव स्थित मधु अग्रवाल के घर पर घरेलू काम के लिए सौंप दिया गया। युवती का आरोप है कि उस दौरान उसे अपने परिवार से बात तक नहीं करने दिया गया और उसके पिता की मौत की खबर भी उससे छिपाई गई।  मालिक की बहू बेटी ने युवती का गर्भपात कराया दिल्ली पुलिस से की गई शिकायत के मुताबिक घर में काम करने वाले एक व्यक्ति ने डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब वह गर्भवती हुई तो मकान मालिक की बहू और बेटी ने उसका गर्भपात करवा दिया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि हाल ही में छत पर नहाते समय एक अन्य युवक ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। जिसे मालिक ने CCTV में देख लिया था, लेकिन कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। नवंबर 2025 में जब पीड़िता का भाई उसे लेने आया तो उसे 10,000 रुपये देकर वापस भेज दिया गया।  खूंटी पुलिस कर रही जांच अब 9 अप्रैल 2026 को जब परिजन दोबारा आए तो मालिक ने 17 साल की मजदूरी के बदले मात्र 1.40 लाख रुपये का डीडी और 15,000 रुपये नकद देकर मामला खत्म करने का दबाव बनाया। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुट गई है। दिल्ली के सुभाष प्लेस थाना में मामला दर्ज होने की सूचना मिलते ही खूंटी पुलिस सक्रिय हो गई है। महिला थाना सह एएचटीयू थाना प्रभारी फुलमनी टोप्पो ने बताया कि दिल्ली में दर्ज शिकायत के आधार पर खूंटी पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि यह पुराना मामला है और खूंटी जिले में कभी शिकायत दर्ज नही कराया गया था।

Anjali Kumari मई 11, 2026 0
Shubhendu Adhikari PA death
शुभेंदु अधिकारी के पीए की मौत का धनबाद कनेक्शन!

धनबाद। पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में हुई भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हाई-प्रोफाइल हत्या के तार अब धनबाद से जुड़ रहे हैं। इस मामले की जांच अब झारखंड के धनबाद तक पहुंच गई है। बीते 6 मई की रात अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर चंद्रनाथ की जान ले ली थी। इस सनसनीखेज मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस उस वक्त हैरान रह गई जब मौके से बरामद बाइक का नंबर एक सेलकर्मी के नाम पर दर्ज मिला। पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम तुरंत धनबाद के चासनाला पहुंची और संबंधित व्यक्ति से घंटों पूछताछ की। लेकिन, गहन छानबीन और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद ये साफ हो गया कि सेलकर्मी का इस हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि शूटरों ने फर्जी नंबर का इस्तेमाल किया था। फर्जी नंबर प्लेट का खुलासा विभाष भट्टाचार्य ने पुलिस को बताया कि उनकी बाइक घर पर ही खड़ी है। जब पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की, तो पाया कि अपराधियों की बाइक और विभाष की बाइक के मॉडल और रंग में जमीन-आसमान का अंतर था। विभाष के कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज ने यकीन दिलाया कि वारदात के समय वे ड्यूटी पर थे। अपराधियों ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए विभाष की बाइक के नंबर का क्लोन तैयार किया था। चंद्रनाथ रथ की कार को घेरकर बाइक और कार सवार अपराधियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं। इस हमले में चंद्रनाथ रथ की मौत हो गई, जबकि उनका चालक गंभीर रूप से घायल हुआ। राज्य सरकार ने इस हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझाने के लिए सात सदस्यीय SIT का गठन किया है। असली अपराधियों की तलाश जारी विभाष भट्टाचार्य को निर्दोष पाए जाने पर पुलिस ने छोड़ दिया है। अब जांच का पूरा ध्यान उन शूटरों पर है जिन्होंने इतनी चालाकी से फर्जी नंबर प्लेट का उपयोग किया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अपराधियों को विभाष की बाइक का नंबर कैसे मिला और इस बड़ी साजिश के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन है।  दरअसल, धनबाद में SAIL (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) का मुख्य कार्यालय चासनाला में स्थित हैं, जो कोलियरीज प्रभाग (Collieries Division) के अंतर्गत आते हैं। इसी ऑफिस में विभाष की पोस्टिंग है। विभाष ने पुलिस को बताया कि उनकी बाइक घर में ही खड़ी है। जब पुलिस ने विभाष के घर जाकर बाइक की जांच की और उनके कार्यालय का सीसीटीवी फुटेज देखा तो पाया कि विभाष घटना के वक्त अपने कार्यालय में ड्यूटी पर थे। कोलकाता में किसने चलाई गोलियां ? चंद्रनाथ रथ हत्या मामला क्या है? पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या हुई। 6 मई 2026 की रात लगभग 10:30 बजे मध्यमग्राम के दोहारिया में अपराधियों ने चंद्रनाथ की कार पर अंधाधुंध फायरिंग की। बाइक और कार से हमलावर आए थे। पुलिस को गुमराह करने के लिए गाड़ियों पर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया था। अपराधियों की बाइक (WB 44D 1990) का नंबर झारखंड के धनबाद (चासनाला) में रहने वाले एक सेलकर्मी का निकला।

Anjali Kumari मई 11, 2026 0
Prince Khan
Prince Khan: प्रिंस खान का एक और नया वीडियो मचा रहा बवाल

धनबाद। वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान ने फिर से एक वीडियो जारी कर धनबाद SSP प्रभात कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने यहां तक दावा किया है कि धनबाद से दुबई भागने में उसकी मदद किस-किस ने की। प्रिंस खान ने इस दौरान ये भी दावा किया उसे अपराधी किसने बनाया और किस कारण उसने धनबाद छोड़ा। कैसे उसने तत्कालीन बैंक मोड़ थाना प्रभारी को 10 लाख रुपए देकर अपना पासपोर्ट बनवाया। प्रिंस खान का एक और नया वीडियो इस वीडियो के झारखंड में तेजी से वायरल होने के बाद मानो भूचाल आ गया हो। प्रिंस खान के इस वीडियो को भी झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट X पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कई सवाल पूछे हैं। साथ ही धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार को तत्काल हटाने की मांग की है। बाबूलाल मरांडी ने धनबाद के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान द्वारा विदेश से जारी कथित वीडियो को लेकर राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है।   बाबूलाल मरांडी ने SSP पर उठाए सवाल बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 'आमतौर पर पुलिस अपराधियों का पर्दाफाश करती है, लेकिन झारखंड में गैंगस्टर ही पुलिस के कथित काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोल रहे हैं। धनबाद के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का मीडिया में वायरल हो रहा एक ताजा वीडियो न केवल पुलिस को चुनौती दे रहा है, बल्कि एसएसपी के कार्यकाल का मूल्यांकन भी कर रहा है। यह स्थिति कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। पुलिस और क्रिमिनल्स में गैंगवार- बाबूलाल मरांडी बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 'ऐसा प्रतीत होता है कि मानो धनबाद में पुलिस और अपराधियों के बीच संघर्ष नहीं, बल्कि दो समानांतर गिरोहों के बीच गैंगवार चल रहा हो। दोनों पक्षों में होड़ मची है कि व्यापारियों के बीच कौन अधिक दहशत पैदा करेगा। फर्क बस इतना है कि एक वर्दी पहनकर कथित वसूली कर रहा है, तो दूसरा बिना वर्दी के। सबसे भयावह पक्ष सत्ता संरक्षण की आशंका है। जब चर्चा आम हो कि करोड़ों की 'बोली' लगाकर संवेदनशील जिलों में पोस्टिंग ली जाती है, तो जनता का भरोसा टूटना स्वाभाविक है। क्या ऐसी पोस्टिंग कानून सुधारने के लिए है या यह किसी एक्सटॉर्शन लाइसेंस की तरह काम कर रही है?'

Anjali Kumari मई 11, 2026 0
Gangster Prince Khan
Gangster प्रिंस खान ने धनबाद SSP को लिया टारगेट पर  कहा- प्रभात कुमार की संपत्ति की जांच ED से करायें

धनबाद। वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें बताया जा रहा है कि प्रिंस खान ने विदेश से यह वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में प्रिंस खान ने धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। एसएसपी प्रभात कुमार पर कार्रवाई की मांग प्रिंस खान ने एसएसपी पर कोल माफिया को संरक्षण देने, भूमाफिया से साठ गांठ और व्यापारियों को धमकाने समेत कई आरोप लगाए हैं। इस वीडियो को झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री से धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार को तत्काल हटाने और विधिसंवत कार्रवाई की मांग की है। बाबूलाल मरांडी ने निष्पक्ष जांच की मांग की नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धनबाद के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान की ओर से विदेश से जारी कथित वीडियो को लेकर राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस वीडियो ने राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो का संपादित हिस्सा साझा करते हुए कहा कि वीडियो में धनबाद के एसएसपी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। माफिया और प्रशासन के गठजोड़ की आशंका नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वीडियो में गरीबों और कमजोर लोगों की जमीन पर कब्जा कराने, माइनिंग माफियाओं से सांठगांठ और वर्दी तथा सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर भय का माहौल बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि अपराधी प्रिंस खान के इन आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है। बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया कि जिन अधिकारियों पर इतने गंभीर आरोप लग रहे हों, उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां क्यों सौंपी जा रही हैं। इससे जनता के बीच यह संदेश जा रहा है कि सत्ता और प्रभाव के आगे न्याय व्यवस्था कमजोर पड़ रही है।   क्या माफियाओं का प्रभाव बढ़ा है मरांडी ने मुख्यमंत्री से सवालिया लहजे में पूछा कि क्या झारखंड का प्रशासनिक तंत्र माफियाओं के प्रभाव में काम कर रहा है? उन्होंने कहा कि राज्य की जनता यह देख रही है कि सरकार कानून के शासन के साथ खड़ी है या फिर माफिया तंत्र के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता का विश्वास बनाए रखना है। ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। मुख्यमंत्री को देंगे पूरा वीडियो बाबूलाल मरांडी ने कहा कि उन्होंने एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए संयम बरता है। समाज में भय और अराजकता का माहौल न बने, इसलिए वीडियो का केवल संपादित अंश ही सार्वजनिक किया गया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल पूरा वीडियो वह मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध कराएंगे, ताकि बाद में यह नहीं कहा जा सके कि सरकार को मामले की जानकारी नहीं थी।   जांच की हो न्यायिक निगरानी बाबूलाल मरांडी ने मांग की कि संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए। साथ ही माइनिंग माफिया, भूमि कब्जा और प्रशासनिक संरक्षण से जुड़े सभी आरोपों की न्यायिक निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। बाबूलाल मरांडी ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग को भी टैग किया है। इससे इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि झारखंड सरकार इसपर क्या एक्शन लेती है।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
Hazaribagh police raid
हजारीबाग में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, रातभर छापेमारी कर 39 अपराधियों को दबोचा

हजारीबाग। हजारीबाग पुलिस ने जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंगलवार रात विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे जिले में वांछित अपराधियों, वारंटियों और फरार आरोपियों के खिलाफ एक साथ छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में पुलिस ने 39 अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।   30 विशेष टीमों का गठन अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस निरीक्षकों की निगरानी में कुल 30 विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में थाना प्रभारियों के साथ रिजर्व गार्ड के अनुभवी पुलिसकर्मी और अधिकारी शामिल थे। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से जिलेभर में कार्रवाई की।   104 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी पुलिस टीमों ने रातभर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चिन्हित 104 ठिकानों पर छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान कई लंबित वारंटों का भी निष्पादन किया गया और फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।   पुलिस का सख्त संदेश हजारीबाग पुलिस अधीक्षक ने अभियान को सफल बताते हुए कहा कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा और जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है।   लोगों से सहयोग की अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि जनता के सहयोग से अपराध पर और प्रभावी तरीके से नियंत्रण पाया जा सकता है।   अपराधियों में बढ़ी बेचैनी लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से जिले के अपराधियों में डर का माहौल है। पुलिस का मानना है कि ऐसे विशेष अभियानों से अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

Anjali Kumari मई 7, 2026 0
Prince Khan terrorism
बड़ा खुलासाः प्रिंस खान ISI के संरक्षण में आतंक को दे रहा बढ़ावा

धनबाद। धनबाद के वासेपुर का गैंगस्टर प्रिंस खान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है। उसे आईएसआई ने एक कैंप में संरक्षण दे रखा है। रंगदारी से मिलने वाला पैसा अब वह आतंकी गतिविधियों में लगा रहा है। यह खुलासा प्रिंस के खास गुर्गे सैफी उर्फ मेजर ने पुलिस के समक्ष किया है। उसने पुलिस को बताया कि दुबई में इंटरपोल की दबिश बढ़ने के बाद प्रिंस काफी परेशान था। दुबई से भागने के लिए उसने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक सहयोगी की मदद ली। उसके साथ वह डंकी रूट से ओमान के रास्ते पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पहुंच गया। वहां उसे आईएसआई के द्वारा संचालित जैश-ए-मोहम्मद के सेंटर में संरक्षण मिला। प्रिंस पंजाब प्रांत में किसके साथ है, सैफी ने उसके बारे में पूरी जानकारी पुलिस को दी है। प्रिंस को पैसे देनेवाले आयेंगे राष्ट्रद्रोह के दायरे मे धनबाद पुलिस का कहना है कि धनबाद से भेजा जा रहे रंगदारी का पैसे से प्रिंस पहले चल-अचल संपत्तियां खरीदता था, लेकिन अब वही पैसा आतंकी गतिविधियों में लगा रहा है। ऐसे में प्रिंस को जो भी रंगदारी दे रहे हैं, नाम सामने आने पर उन पर आतंकी को मदद करने के आरोप में कार्रवाई संभव है।   दुबई में एक ही फ्लैट में रह रहीं प्रिंस की दोनों बीविया सैफी ने पुलिस को यह भी जानकारी दी है कि प्रिंस के दुबई से भागने के बाद उसकी दो पत्नियां एक साथ दुबई में एक फ्लैट में रह रही हैं। फरारी के दौरान ही प्रिंस ने दूसरी शादी रचाई थी। वहीं उसका भाई गोपी खान अपनी पत्नी के साथ वहां से 10 किमी दूर दूसरे फ्लैट में रह रहा है। उसके साथ ऋतिक भी रहता है। धनबाद से रंगदारी से मिलने वाले पैसे से सभी वहां ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे हैं। पुलिस की नजर अब गोपी खान पर भी है।   एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारियों ने धनबाद थाने में सैफी से कई राउंड में पूछताछ की। अब वायरल पर्चों की होगी फॉरेंसिक जांच पूछताछ में सैफी ने बताया कि सितंबर 2025 से पूर्व वह प्रिंस के लिए किसी वारदात से पूर्व और बाद में पर्चा लिखने का काम करता था। पर्चा में अपना नाम मेजर लिखता था, जिसे धनबाद के गुर्गों को भेजने का काम करता था। गुर्गे धनबाद में पर्चा वायरल करते थे। वहीं प्रिंस का साथ छोड़ने के बाद पलामू के कुबेर के नाम पर पर्चा लिख कर प्रिंस के गुर्गों के माध्यम से वायरल कराता था। पुलिस पूर्व में वायरल पर्चा का फॉरेंसिक जांच कराएगी, जिससे यह पता चल सके कि हैंडराइटिंग किसकी है?   रिमांड अवधि खत्म, जेल भेजा गया मेजर एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारियों ने धनबाद थाने में सैफी से कई राउंड में पूछताछ की। तीन दिनों की रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद सैफी को कोर्ट में प्रस्तुत किया। कोर्ट ने सैफी को जेल भेज दिया। इसके पूर्व भी पुलिस ने तीन दिनों की रिमांड पर उससे पूछताछ की थी। रिमांड अवधि ने सैफी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बता दें कि 19 मार्च को सैफी को कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।

Anjali Kumari मई 6, 2026 0
Prince Khan gangster news
गैंगस्टर प्रिंस खान का राइट हैंड शैफी उर्फ मेजर और 3 दिन के रिमांड पर, खुलेंगे कई राज

धनबाद। धनबाद में कुख्यात भगोड़े अपराधी प्रिंस खान के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में उसके करीबी गुर्गे शैफी उर्फ मेजर को एक बार फिर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में कई अहम खुलासे होने के बाद पुलिस ने जांच और तेज कर दी है।   दूसरी बार पुलिस रिमांड पर शैफी शैफी उर्फ मेजर को गिरफ्तारी के बाद पहले तीन दिनों की रिमांड पर लिया गया था। अब शनिवार को कोर्ट से फिर से तीन दिन की रिमांड मिल गई है। धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय विशेष टीम लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस पूछताछ में प्रिंस खान के पूरे नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। इन्हीं इनपुट के आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई तेज कर दी है और कई नए एंगल पर जांच चल रही है। अब तक 4 गिरफ्तारिया इस केस में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जिनमें कुछ जमीन कारोबारी भी शामिल हैं। इनके पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं, जिससे नेटवर्क की गहराई का अंदाजा लगाया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ सफेदपोश और मीडिया से जुड़े लोगों की भी प्रिंस खान से सांठगांठ थी। आरोप है कि ये लोग आर्थिक मदद देने के साथ-साथ धमकी भरे वीडियो के प्रचार-प्रसार में भी शामिल थे। पुलिस अब पूरे गैंग के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे कई और लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

Anjali Kumari मई 2, 2026 0
Prince Khan terrified
अमन सिंह का अंजाम देख घबरा गया था कुख्यात प्रिंस खान

धनबाद। धनबाद के वासेपुर में आतंक का पर्याय बन चुके गैंगस्टर प्रिंस खान के साम्राज्य की परतें अब धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। प्रिंस खान के सबसे करीबी सहयोगी सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर ने पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सैफी के बयानों ने प्रिंस खान की डॉन वाली छवि के पीछे छिपे उसके डरपोक स्वभाव को उजागर कर दिया है। सैफी ने पुलिस को बताया कि प्रिंस खान असल जिंदगी में काफी कमजोर दिल का है। उसने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 3 दिसंबर 2024 को जब धनबाद जेल में गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या की खबर प्रिंस तक पहुंची, तो वह बुरी तरह कांपने लगा था। खबर सुनकर वह डर के मारे बेहोश होकर गिर पड़ा और कई दिनों तक सदमे की स्थिति में रहा। जेल और दुबई से संचालित हो रहा नेटवर्क पूछताछ में यह भी सामने आया कि प्रिंस खान के गैंग का संचालन जेल अंदर और दुबई से हो रहा है। दुबई में छिपे गोपी खान और उसके साले रितिक ने कई नए लड़कों को गिरोह से जोड़ा है। वहीं जेल में बंद तीसरे भाई गोडविन खान और हाल ही में जमानत पर बाहर आए बंटी खान की गिरोह में सक्रिय भूमिका के बारे में भी पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली है। सैफी ने रंगदारी वसूली से लेकर हवाला के जरिए पैसों के लेन-देन का पूरा ब्योरा पुलिस को सौंप दिया है। उसने स्वीकार किया कि नन्हे की हत्या के अलावा पांडरपाला के शहाबुद्दीन की हत्या में भी इसी गैंग का हाथ था।   पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी और गिरफ्तारिया सैफी के खुलासे के आधार पर धनबाद पुलिस की स्पेशल टीम ने वासेपुर और जोड़ापोखर इलाकों में छापेमारी की है। इस दौरान दो प्रमुख संदिग्धों कलीम और मुस्तकीम को हिरासत में लिया गया है। कलीम एक जमीन कारोबारी बताया जा रहा है, जिसकी पूछताछ के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं मुस्तकीम खुद को एक मानवाधिकार संगठन का प्रतिनिधि बताकर अपनी संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देता था। पुलिस अब गिरोह के मददगारों और स्लीपर सेल्स की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

Anjali Kumari मई 2, 2026 0
Cyber ​​gang busted in Ramgarh
रामगढ़ में साइबर गिरोह का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार

रामगढ़। रामगढ़ में साइबर अपराध थाना पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी बैंक खातों के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों में लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। पुलिस को इस मामले का सुराग गृह मंत्रालय के ‘प्रतिबिंब’ प्लेटफॉर्म से मिला, जहां एक संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी साझा की गई थी।   जांच में क्या आया सामने? जांच में पता चला कि यह खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में ‘श्री गणेश इंटरप्राइजेज’ के नाम पर MSME योजना के तहत खोला गया था। हालांकि, इसका उपयोग अवैध साइबर लेनदेन के लिए किया जा रहा था। इस एक खाते से देशभर में कुल 274 शिकायतें जुड़ी पाई गईं, जिनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं।   “म्यूल अकाउंट” के रूप में इस्तेमाल होते थे खाते पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सरगना रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना और सोनू कुमार झा लोगों को पैसे का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। बदले में खाताधारकों को मोटी रकम दी जाती थी और फिर उनसे OTP तथा बैंकिंग एक्सेस ले लिया जाता था। इन खातों को बाद में व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए अन्य साइबर अपराधियों को सौंप दिया जाता था, जिससे ये “म्यूल अकाउंट” बन जाते थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज, एटीएम कार्ड और डिजिटल चैट जैसे अहम सबूत बरामद किए गए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP या खाता एक्सेस किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें, अन्यथा वे अनजाने में साइबर अपराध का हिस्सा बन सकते हैं।

Anjali Kumari अप्रैल 30, 2026 0
fake certificates case
एमडीएस छात्रा दुष्कर्म मामले में आरोपी ओली के सर्टिफिकेट फर्जी, रिम्स ने रद्द किया एडमिशन

रांची। रिम्स प्रशासन ने छात्रा ओली विश्वकर्मा का नामांकन रद्द कर दिया है। उसका जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद ये कदम उठाया गया है। बता दें कि एमडीएस छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में ओली आरोपी है।  जाने क्या है पूरा मामला रांची के चर्चित एमडीएस छात्रा सामूहिक दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार आरोपी ओली विश्वकर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रामगढ़ उपायुक्त की जांच में उसका जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है। इसके बाद रिम्स प्रशासन ने मास्टर ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन (एमएचए) कोर्स में उसका नामांकन रद्द कर दिया है।  डीसी को भेजी गई सूचना रिम्स के डीन कार्यालय ने नामांकन रद्द करने की सूचना संबंधित छात्रा और रामगढ़ उपायुक्त को भेज दी है। जानकारी के अनुसार, ओली विश्वकर्मा ने रिम्स डेंटल कॉलेज से बीडीएस की पढ़ाई भी की है। ऐसे में आशंका जताई  जा रही है कि वहां दाखिले में भी फर्जी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया गया होगा। गैंगरेप मामले से जुड़ा नाम बता दें कि बरियातू स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रहकर एमडीएस की पढ़ाई कर रही एक छात्रा ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। घटना हरमू क्षेत्र के गोकुल वाटिका अपार्टमेंट में आयोजित जन्मदिन पार्टी के दौरान हुई थी। पीड़िता ने दानिश समेत अन्य पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसमें ओली विश्वकर्मा का नाम भी सामने आया था।

Anjali Kumari अप्रैल 30, 2026 0
Gangraped in Simdega
शादी समारोह में नाबालिग से गैंगरेप, 4 गिरफ्तार

सिमडेगा। सिमडेगा जिले के जलडेगा थाना क्षेत्र के एक गांव में 13 वर्षीय नाबालिग से गैंगरेप हुआ है। इस मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि सभी चार आरोपियों के खिलाफ पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।  बताया जा रहा है कि घटना मंगलवार रात करीब 11 बजे उस समय हुई, जब बच्ची अपनी सहेली के साथ एक शादी में शामिल होने जा रही थी। रास्ते में सुनसान जगह देखकर आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। उसकी उसकी सहेली मौके से भागने में सफल रही, जबकि पीड़िता उनके चंगुल में फंस गई।  रात में ही हुई गिरफ्तारी नाबालिग को आरोपी जंगल में ले गये और दुष्कर्म किया। नाबालिग किसी तरह घर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी परिवार को दी। परिजन रात में ही जलडेगा थाना पहुंचे और चार युवकों पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए लिखित आवेदन दिया। थाना प्रभारी ने मंगलवार की रात में ही छापेमारी कर चारों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में तीन नाबालिग हैं। फिलहाल पुलिस चारों से पूछताछ कर रही है।

Anjali Kumari अप्रैल 30, 2026 0
Raped in Jamtara
Jamtara: 59 साल के व्यक्ति ने 8 साल की बच्ची से किया रेप, गिरफ्तार

जामताड़ा। जामताड़ा में 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। गांव के ही 59 वर्षीय बलराम सिंह पर दुष्कर्म का आरोप है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। घटना, बिंदापाथर थानाक्षेत्र की है। पीड़िता की मां ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने भी आवेदन पर त्वरित एक्शन लेते हुए आरोपी बलराम सिंह को हिरासत में लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस कानून कार्रवाई में जुटी है।    स्थानीय लोग आक्रोशित पुलिस ने मेडिकल जांच के लिए पीड़िता को सदर अस्पताल भेजा। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने कहा कि बच्ची के साथ ऐसी जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। आरोपी को ऐसी सजा मिले कि, वह बाकियों की खातिर मिसाल बने।

Anjali Kumari अप्रैल 30, 2026 0
mother murder case
रांची में सनसनी: कब्र से निकला शव, बेटी पर मां की हत्या का आरोप

रांची। रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र स्थित मनिटोला में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया। शुरुआत में इस घटना को सामान्य मौत मानकर शव को दफना दिया गया था, लेकिन बाद में पुलिस जांच में हत्या का खुलासा हुआ। इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि हत्या के आरोप में मृतका की सगी बेटी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।   कब्र से निकलवाया गया शव, जांच तेज मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। कार्यपालक दंडाधिकारी की मौजूदगी में महिला के शव को कब्र से बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण और हत्या के तरीके का खुलासा होने की उम्मीद है।   बेटी पर साजिश का आरोप पुलिस जांच में शुरुआती तौर पर यह सामने आया है कि मृतका की बेटी ने अपने दो सहयोगियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। अधिकारियों के अनुसार यह हत्या पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी। घटना के बाद इसे सामान्य मौत दिखाने की कोशिश की गई, ताकि किसी को शक न हो और मामला दबा रहे।   तीनों आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी डोरंडा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस हत्या के पीछे की असली वजह का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जांच में संपत्ति विवाद और आपसी रंजिश जैसे कारण सामने आ रहे हैं, हालांकि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

Anjali Kumari अप्रैल 28, 2026 0
Shooter encounter in Ranchi
जमीन कारोबारी की हत्या के बाद रांची पुलिस रेस, कुख्यात शूटर का किया एनकाउंटर

रांची। राजधानी में पूर्व पार्षद और जमीन कारोबारी की हत्या के मामले में रांची पुलिस रेस है। बुधवार सुबह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। रांची पुलिस ने कुख्यात शूटर सत्यम पाठक को मुठभेड़ में घायल कर दिया। बुधवार सुबह पंडरा ओपी क्षेत्र स्थित कांके डैम के पास पुलिस और सत्यम पाठक के बीच आमना-सामना हुआ, जो जल्द ही मुठभेड़ में बदल गया। सत्यम के दोनों पैर में गोली लगी पुलिस के अनुसार, आत्मरक्षा में की गई फायरिंग में सत्यम पाठक के दोनों पैरों में गोली लगी है। घायल हालत में उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस की टीम पहले से उसकी तलाश में जुटी थी और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। मास्टर माइंड हो चुका है गिरफ्तार बता दें कि मंगलवार को पंडरा के ओटीसी मैदान के पास जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि इस वारदात को अंजाम देने वाला शूटर सत्यम पाठक था, जबकि पूरे मामले का मास्टरमाइंड विजय टेटे को बताया जा रहा है। विजय टेटे को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।  पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

Anjali Kumari अप्रैल 22, 2026 0
Theft Gang Busted
चाईबासा में मोबाइल चोरी गैंग का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

रांची। झारखंड के चाईबासा में पुलिस ने मोबाइल चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए एक सक्रिय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बुलेट बाइक का इस्तेमाल कर रात के समय गांवों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की उम्मीद जगी है।   स्पेशल टीम बनाकर की गई कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया था। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) बहामन टुटी के नेतृत्व में टीम ने मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गितिलिपी मोड़ के पास छापेमारी कर बुलेट बाइक पर सवार तीन संदिग्ध युवकों को पकड़ लिया।   आरोपियों के पास से मोबाइल बरामद गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन निषाद, सुरेंद्र सुंडी उर्फ साहिल सुंडी और हिमांशु पिंगुवा उर्फ डीमेन के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके पास से सात एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए, जो चोरी के बताए जा रहे हैं।   पूछताछ में कबूला अपराध पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि झींकपानी थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर और इचापुर गांवों में रात के समय घरों में घुसकर मोबाइल चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया गया था।   मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अमन निषाद का आपराधिक इतिहास रहा है और वह 25 मार्च 2026 को ही जेल से रिहा हुआ था। वहीं, हिमांशु पिंगुवा का भी पहले से आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है, जिससे गिरोह की सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।   आगे की कार्रवाई जारी पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

Anjali Kumari अप्रैल 21, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0