Jharkhand Crime News

Giridih murder case
गिरिडीह के सब-रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल हत्याकांड में बड़ा खुलासा, चार महिलाओं समेत सात आरोपी गिरफ्तार

गिरिडीह। गिरिडीह के सब-रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार महिलाओं सहित कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता भी शामिल बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।   जमीन विवाद बना हत्या की वजह प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बालेश्वर पटेल की हत्या के पीछे जमीन विवाद मुख्य कारण था। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह वह मांडू थाना क्षेत्र के बालसेग्रा गांव स्थित अपनी विवादित जमीन पर पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों से उनकी कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि हमलावरों ने पत्थरों से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।   हूल दिवस की छुट्टी पर गांव आए थे बालेश्वर पटेल हूल दिवस की छुट्टी के अवसर पर अपने गांव आए हुए थे। छुट्टी के दौरान वह अपनी जमीन की स्थिति देखने पहुंचे थे। इसी दौरान उन पर हमला कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने के साथ जांच शुरू कर दी।   आज होगा पूरे मामले का खुलासा पुलिस की विशेष टीम ने लगातार छापेमारी कर इस मामले में शामिल सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार लोगों में चार महिलाएं भी शामिल हैं। रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मुकेश लूनायत बुधवार को प्रेस वार्ता कर पूरे हत्याकांड का खुलासा करेंगे। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल है और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

anjali kumari जुलाई 1, 2026 0
Fake Rape Case
झूठे रेप केस में 16 महीने जेल में रहा युवक, कोर्ट ने किया बरी

रांची। रांची की एक विशेष अदालत ने यौन उत्पीड़न के एक मामले में सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी मनीष कुमार को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि मामले में लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य और विश्वसनीय गवाह उपलब्ध नहीं थे। आरोपी करीब 16 महीने तक जेल में रहने के बाद रिहा हुआ।   क्या है मामला ? मामले के अनुसार, यह विवाद 35,000 रुपये की कथित उधारी से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। आरोपी किराना दुकानदार था और आरोप है कि उसने अपने बकाया पैसे मांगने पर विवाद का सामना किया, जिसके बाद उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया गया। अदालत में यह भी सामने आया कि परिवारिक विवाद और आपसी रंजिश इस मामले की मुख्य वजह हो सकती है।   सुनवाई में सामने आए कई विरोधाभास ट्रायल के दौरान अदालत ने पाया कि गवाहों के बयान आपस में मेल नहीं खाते। पीड़िता और उसके परिवार के बयानों में भी कई विरोधाभास सामने आए। अदालत ने यह भी कहा कि प्रस्तुत साक्ष्य आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों में यह भी पाया गया कि मामला आपसी विवाद और वित्तीय लेनदेन से जुड़ा हो सकता है। अदालत ने कहा कि आरोप केवल धारणा और विवाद के आधार पर लगाए गए थे, जिनकी पुष्टि ठोस सबूतों से नहीं हुई।   जेल में बिताने पड़े 16 महीने पुलिस ने 27 फरवरी 2025 को मामला दर्ज कर आरोपी को 28 फरवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह जेल में बंद रहा और वहीं से उसका ट्रायल चलता रहा। लंबे समय तक हिरासत में रहने के बाद अदालत ने उसे सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान पेश किए गए सबूत और रिकॉर्डिंग से भी आरोपों की पुष्टि नहीं होती, इसलिए आरोपी को दोषमुक्त किया जाता है।

abhishek singh जून 19, 2026 0
Godda Mukhiya shot
गोड्डा में मुखिया पर दिनदहाड़े फायरिंग, बाल-बाल बचे अनुपम भगत; आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने का किया घेराव

गोड्डा। झारखंड के गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र में गुरुवार को दिनदहाड़े पंचायत मुखिया अनुपम भगत उर्फ लड्डू पर जानलेवा हमला किया गया। मुख्य बाजार स्थित पंडित टोला कांबली बगीचा के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी। घटना में मुखिया बाल-बाल बच गए, जबकि हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से एक खाली खोखा बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है।   बैंक से लौटते समय हुआ हमला जानकारी के अनुसार, अनुपम भगत भारतीय स्टेट बैंक की शाखा से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और करीब से दो राउंड फायरिंग की। गोली उन्हें नहीं लगी और वह सुरक्षित बच निकले। फायरिंग की आवाज से बाजार में अफरा-तफरी मच गई।   मुखिया ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि हमलावरों की पहचान कर ली गई है। उन्होंने नयन यादव, अंकित यादव और विकास यादव समेत अन्य लोगों पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है।   हत्याकांड के गवाह होने से जुड़ा मामला प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अनुपम भगत वर्ष 2024 के चर्चित शैलेंद्र भगत हत्याकांड के मुख्य गवाह हैं और उन्होंने अदालत में आरोपियों के खिलाफ गवाही भी दी थी। इसी वजह से इस हमले को पुरानी रंजिश और गवाही से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।   ग्रामीणों का प्रदर्शन, सुरक्षा पर उठे सवाल घटना के बाद हजारों ग्रामीण पोड़ैयाहाट थाना पहुंच गए और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाना का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुखिया को पहले से धमकियां मिल रही थीं, फिर भी पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

anjali kumari जून 18, 2026 0
Gumla Murder
डायन-बिसाही के शक में वृद्ध की हत्या, आरोपी फरार

गुमला। झारखंड के गुमला जिले के सदर थाना क्षेत्र के मुरकुंडा पंचायत अंतर्गत कोटेनगसेरा गांव में अंधविश्वास से जुड़ी एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां डायन-बिसाही के आरोप में 65 वर्षीय पालु खड़िया की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस दौरान उनकी पत्नी सुगी देवी पर भी हमला किया गया, लेकिन वह किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहीं। पूरी रात उन्होंने गांव के आसपास छिपकर बिताई और सुबह घर लौटने पर पति को मृत पाया।   जानकारी के अनुसार, पड़ोसी बहुरा उरांव के परिवार के कुछ सदस्य बीमार चल रहे थे। बीमारी का कारण जानने के लिए एक भगत को बुलाया गया, जिसने कथित तौर पर पालु खड़िया और उनकी पत्नी पर डायन-बिसाही का आरोप लगाया। इसके बाद मामला हिंसक हो गया और उन्हें घर बुलाकर मारपीट की गई।   घर बुलाकर की गई बेरहमी से पिटाई ग्रामीणों के मुताबिक, बहुरा उरांव ने दंपति को अपने घर बुलाया और डायन होने का आरोप लगाते हुए बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान पालु खड़िया को दीवार पर पटक दिया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और वे बेहोश हो गए। सुगी देवी के साथ भी मारपीट की गई, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर वह भाग निकलीं।   रातभर लाश के पास रहा माहौल, आरोपी फरार महिला के भागने के बाद गंभीर रूप से घायल पालु खड़िया को घर लाकर छोड़ दिया गया। समय पर इलाज न मिलने के कारण उनकी मौत हो गई। सुबह जब सुगी देवी वापस लौटीं, तो उन्होंने अपने पति को मृत पाया। घटना के बाद मुख्य आरोपी बहुरा उरांव गांव से फरार हो गया है।   सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।   गांव में दहशत, अंधविश्वास पर उठे सवाल इस घटना के बाद गांव में तनाव और भय का माहौल है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह मामला एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा की भयावह सच्चाई को उजागर करता है, जिसमें आज भी निर्दोष लोगों को जान गंवानी पड़ती है।

abhishek singh जून 12, 2026 0
Jamshedpur Murder
जमशेदपुर में अवैध संबंध के शक में युवक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के परसुडीह थाना क्षेत्र स्थित करनडीह लाइन टोला में अवैध संबंध के शक ने एक युवक की जान ले ली। मंगलवार देर रात हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में 35 वर्षीय मोहन हांसदा की मौत हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी जयराम मुर्मू को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।   अवैध संबंध के शक में बढ़ा विवाद   पुलिस के अनुसार मृतक मोहन हांसदा मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला था और उसकी जयराम मुर्मू से अच्छी दोस्ती थी। इसी कारण वह अक्सर जयराम के घर आया-जाया करता था। इस दौरान जयराम को अपनी पत्नी और मोहन के बीच अवैध संबंध होने का संदेह होने लगा, जिससे घर में अक्सर तनाव और विवाद की स्थिति बनी रहती थी। मंगलवार रात भी मोहन हांसदा जयराम के घर पहुंचा था। इसी दौरान तीनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते गंभीर झगड़े में बदल गई। गुस्से में जयराम ने पहले अपनी पत्नी के साथ मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। महिला अपने दोनों बच्चों को लेकर रात में ही दूसरे स्थान पर चली गई।   गुस्से में किया जानलेवा हमला   पत्नी के जाने के बाद जयराम और मोहन के बीच विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में आकर जयराम ने घर में रखी भारी स्टील की डेकची उठाकर मोहन पर हमला कर दिया। सिर और शरीर पर गंभीर चोट लगने से मोहन की मौके पर ही मौत हो गई।   पुलिस ने जुटाए साक्ष्य   घटना की सूचना मिलने पर परसुडीह पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन, खून से सनी स्टील की डेकची समेत कई अहम साक्ष्य बरामद किए हैं। परसुडीह थाना के सब-इंस्पेक्टर रितेश ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आसपास के लोगों और आरोपी की पत्नी से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

abhishek singh जून 10, 2026 0
Giridih Crime
गिरिडीह में पिता ने 3 बेटियों की धारदार हथियार से की हत्या

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पिता ने अपनी ही तीन मासूम बेटियों की बेरहमी से धारदार हथियार से हत्या कर दी। घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के तुरुकडीहा गांव की है, जहां सोमवार सुबह इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।  पूरे इलाके में सनसनी जानकारी के अनुसार, आरोपी पिता नंदू यादव ने धारदार हथियार से अपनी तीनों बेटियों पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। हत्या के कारणों का खुलासा बाकी मामले की जानकारी मिलते ही एसडीपीओ जीतबाहन उरांव और मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता नंदू यादव को गिरफ्तार कर लिया है। एसडीपीओ जीतबाहन उरांव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। हत्या के पीछे के कारणों का अभी स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है

Unknown जून 9, 2026 0
Bokaro Railway Track
बोकारो में रेलवे ट्रैक पर मिले तीन शव, इलाके में सनसनी

बोकारो। बोकारो जिले के राधानगर पंचायत के समीप लावाटांड़ क्षेत्र में रेलवे ट्रैक से तीन युवकों के शव बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। एक साथ तीन लोगों के शव मिलने से आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गयी। वहीं सूचना मिलने पर जीआरपी बोकारो की टीम मौके पर पहुंची और तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मृतकों की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है। मौत  का कारण पता लगा रही पुलिस पुलिस को मौके से कई दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिसके आधार पर तीनों शव की पहचान को लेकर जांच की जा रही है। पुलिस हर एक एंगल से जांच में जुट गयी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इन तीनों की मौत ट्रेन के चपेट में आने से हुई है या फिर कोई और ही कारण है। मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही वजह का खुलासा हो पायेगा।

Unknown जून 4, 2026 0
Ranchi jail transfer
गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया रांची से चाईबासा जेल होगी शिफ्ट

रांची। झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा को रांची से चाईबासा जेल शिफ्ट किया जायेगा। कई गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी और फिलहाल रांची की होटवार (बिरसा मुंडा) केंद्रीय कारागार में बंद रिया सिन्हा को अब चाईबासा जेल में शिफ्ट किये जाने का आदेश जारी हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था और जेल के भीतर से आपराधिक गतिविधियों के संचालन की आशंकाओं को देखते हुए जेल प्रशासन ने यह बड़ा फैसला लिया है। जेल आईजी के आदेश के बाद कार्रवाई सुजीत सिन्हा गिरोह की कमान संभालने और रंगदारी व लेवी वसूलने के आरोपों में घिरी रिया सिन्हा को रांची जेल से हटाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। जानकारी के मुताबिक जेल आईजी  के आदेश के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रिया सिन्हा को चाईबासा मंडल कारा भेजने का निर्णय लिया गया है।  जेल से नेटवर्क ऑपरेट करने की आशंका जेल प्रशासन की कोशिश है कि राजधानी रांची की जेल में रहकर रिया सिन्हा अपने नेटवर्क को संचालित न कर सके। रिया सिन्हा पर अपने पति सुजीत सिन्हा के इशारे पर जेल के बाहर गिरोह को ऑपरेट करने, कोयला कारोबारियों और ठेकेदारों से रंगदारी (लेवी) वसूलने के गंभीर आरोप हैं।  रंगदारी और लेवी वसूली के गंभीर आरोप पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि सुजीत सिन्हा जेल से ही प्रिंस खान गिरोह और अन्य अपराधियों के साथ मिलकर रंगदारी का नेटवर्क चला रहा था और रिया सिन्हा जेल के बाहर से उसकी मदद कर रही थी। इसके बाद रांची पुलिस ने रिया सिन्हा को गिरफ्तार किया था। हाई सिक्योरिटी निगरानी में रहेगी रिया सिन्हा  गैंगस्टर सुजीत सिन्हा खुद राज्य की बेहद सुरक्षित मानी जाने वाली दुमका या अन्य हाई-सिक्योरिटी जेलों में शिफ्ट किया जाता रहा है। अब उसकी पत्नी रिया सिन्हा पर भी प्रशासन की पैनी नजर है। रिया सिन्हा को चाईबासा जेल शिफ्ट करने से उसके स्थानीय नेटवर्क और गुर्गों से उसका संपर्क पूरी तरह टूट जाएगा। चाईबासा जेल शिफ्ट होने के बाद रिया सिन्हा पर चौबीसों घंटे सीसीटीवी (CCTV) और महिला कक्षपालों के जरिए कड़ी नजर रखी जाएगीताकि वह किसी भी बाहरी व्यक्ति या मोबाइल फोन के संपर्क में न आ सके।

Unknown जून 3, 2026 0
Teacher Murder Case
पलामू में शिक्षक की हत्या के बाद बवाल, सड़क जाम कर ग्रामीणों ने  प्रदर्शन

पलामू। जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के चिल्हो खुर्द गांव में पारा शिक्षक उदय सिंह की हत्या के बाद लोगों का आक्रोश शनिवार को खुलकर सामने आया। सैकड़ों ग्रामीणों, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, ने छतरपुर थाना पहुंचकर घेराव किया और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने भारत माता चौक को करीब तीन घंटे तक जाम कर दिया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।   गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग प्रदर्शनकारियों ने हत्या में शामिल सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक सभी दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।   अधिकारियों ने संभाला मोर्चा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी गणेश महतो, अंचल अधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी आशीष कुमार साहू और पुलिस अंचल निरीक्षक द्वारिका राम मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर उन्हें निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। हालांकि काफी देर तक लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे।   एक आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी पुलिस अंचल निरीक्षक द्वारिका राम ने बताया कि मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है ताकि किसी भी दोषी को कानून से बचने का मौका न मिले।   परिजनों ने जताई साजिश की आशंका मृतक के बेटे बिपिन सिंह ने आरोप लगाया कि हत्या में कई लोग शामिल थे, लेकिन अब तक केवल एक गिरफ्तारी हुई है। वहीं, पत्नी तेतरी देवी ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए सभी दोषियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की।   इलाके में तनाव बरकरार घटना के बाद चिल्हो खुर्द और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल है। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।

Unknown मई 30, 2026 0
plfi chief arrested
रांची पुलिस को बड़ी सफलता, PLFI का स्टेट चीफ अमृत होरो गिरफ्तार

रांची। झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के स्टेट चीफ और 10 लाख रुपये के इनामी नक्सली अमृत होरो उर्फ मेचो उर्फ सूर्या को रांची पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से एक ऑटोमैटिक पिस्टल, चार जिंदा गोलियां, तीन मोबाइल फोन और संगठन से जुड़े नक्सली पर्चे बरामद किए हैं।   रांची एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अमृत होरो लापुंग थाना क्षेत्र के महुगांव जंगल में अपने साथियों के साथ मौजूद है और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा है। इसके बाद रूरल एसपी गौरव गोस्वामी के निर्देशन में और डीएसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।   जंगल में घेराबंदी कर की गई गिरफ्तारी पुलिस टीम ने देर रात जंगल इलाके में सर्च अभियान चलाया और घेराबंदी कर एक हथियारबंद व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान अमृत होरो के रूप में बताई। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह पीएलएफआई का स्टेट चीफ है।   50 से ज्यादा मामलों में था वांटेड पुलिस के अनुसार अमृत होरो पिछले करीब 16 वर्षों से झारखंड के कई जिलों में सक्रिय था। उसके खिलाफ रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम समेत विभिन्न जिलों में 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, रंगदारी, लेवी वसूली, आगजनी और फायरिंग जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि संगठन के नाम पर व्यवसायियों, ठेकेदारों और निर्माण कंपनियों से फोन और सोशल मीडिया के जरिए लेवी मांगी जाती थी। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी।   कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा अमृत होरो का नाम कई चर्चित घटनाओं में सामने आया था। पुलिस का दावा है कि उसकी गिरफ्तारी से पीएलएफआई संगठन को बड़ा झटका लगा है। एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि संगठन के शीर्ष नेतृत्व का लगभग सफाया हो चुका है और इससे उग्रवादी गतिविधियों पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।

Unknown मई 29, 2026 0
sexual exploitation case
रांची में डीएसपी पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप

रांची। रांची में झारखंड पुलिस के एक डीएसपी के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज होने से पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। रांची के चुटिया थाना में दर्ज प्राथमिकी में डीएसपी अमित कुमार सिंह पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता, जो रांची की रहने वाली 25 वर्षीय युवती बताई जा रही है, ने आरोप लगाया है कि उसकी मुलाकात वर्ष 2024 में सोशल मीडिया के जरिए लोहरदगा में पदस्थापित डीएसपी अमित कुमार सिंह से हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और डीएसपी ने युवती को शादी का भरोसा दिया।   शादी का वादा कर बनाए संबंध एफआईआर के अनुसार, पहली मुलाकात रांची के एक रेस्टोरेंट में हुई थी, जहां डीएसपी ने युवती से प्रेम और शादी की बात कही। इसके बाद दोनों लगातार फोन और मैसेज के जरिए संपर्क में रहे। युवती का आरोप है कि दिसंबर 2024 में डीएसपी उसे एक गेस्ट हाउस ले गए, जहां शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए गए। पीड़िता ने दावा किया कि इसके बाद भी कई बार शादी का भरोसा देकर संबंध बनाए गए। हालांकि कुछ समय बाद डीएसपी ने अचानक बातचीत बंद कर दी और बाद में शादी से इनकार कर दिया।   प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि मामले को लेकर वह पुलिस मुख्यालय तक पहुंची थी, लेकिन डीएसपी के परिवारवालों ने समझौते का दबाव बनाया। एफआईआर में आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप भी लगाए गए हैं। इस मामले में चुटिया थाना में प्राथमिकी संख्या 70/26 दर्ज की गई है। पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Unknown मई 29, 2026 0
ramgarh police action
रामगढ़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, राहुल दुबे गैंग के 6 अपराधी गिरफ्तार

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राहुल दुबे गैंग से जुड़े छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के निर्देश पर पतरातु अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित विशेष छापेमारी दल ने की। पुलिस के अनुसार अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे।   गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी पुलिस को 25 मई को गुप्त सूचना मिली थी कि पतरातु थाना क्षेत्र में कुछ अपराधी संगठित होकर किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक देशी लोडेड पिस्टल, 34 जिंदा राउंड, दो मैगजीन, तीन मोटरसाइकिल और छह मोबाइल फोन बरामद किए।   कई गोलीबारी मामलों में शामिल होने की बात कबूली पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में रेलवे फ्लाईओवर, ओसम डेयरी प्लांट और अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट में हुई गोलीबारी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास साव, विशाल कुमार, बिंदु कुमार रवि, हीरालाल कुमार, दिगंबर प्रजापति उर्फ डेगन और एहतेसाम अंसारी उर्फ दुलर्भ के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि विकास साव और दिगंबर प्रजापति के खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।   न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाएंगे आरोपी इस मामले में पतरातु थाना कांड संख्या 126/26 के तहत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। कार्रवाई में एसडीपीओ पतरातु राघवेंद्र शर्मा समेत कई थाना प्रभारी और तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल थे।

Unknown मई 26, 2026 0
robbery gang busted
रांची पुलिस की बड़ी सफलता, लूट और चेन स्नैचिंग गैंग का पर्दाफाश

रांची। राजधानी रांची में लूट और चेन स्नैचिंग की घटनाओं पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से हथियार, लूटे गए मोबाइल फोन, सोने के आभूषण और घटना में इस्तेमाल बाइक बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक इतिहास भी रहा है।   कांटा टोली-कोकर मार्ग पर हथियार के बल पर लूट पहली घटना सदर थाना क्षेत्र की है। 24 मई की रात कांटा टोली और कोकर चौक के बीच कब्रिस्तान के पास चार अपराधियों ने टोटो सवार यात्रियों और राहगीरों को हथियार और चाकू दिखाकर मोबाइल और नकदी लूट ली। मामले में सदर थाना में कांड संख्या 242/2026 दर्ज किया गया। रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामकुम थाना क्षेत्र के मौलाना आजाद कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय दिलकश गद्दी को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक लोडेड देशी कट्टा, धारदार चाकू और लूटे गए चार मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से डोरंडा, लोअर बाजार और डेली मार्केट थाना में कई मामले दर्ज हैं। अन्य फरार अपराधियों की तलाश जारी है।   बुजुर्ग महिला से चेन झपटमारी, तीन आरोपी दबोचे गए दूसरी घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के हरमू बाईपास रोड की है। यहां 25 मई की सुबह मॉर्निंग वॉक से लौट रही 75 वर्षीय कृष्णा देवी से बाइक सवार अपराधियों ने सोने की चेन और झुमका छीन लिया। शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रोहित कुमार ठाकुर, रोहित राज और अमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से सोने के आभूषण, मास्क, तीन एंड्रॉयड मोबाइल और घटना में इस्तेमाल पल्सर बाइक बरामद हुई। सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि आरोपियों पर पहले से चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं। पुलिस राजधानी में अपराध नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चला रही है।

Unknown मई 26, 2026 0
Railway Cable Theft
रामगढ़ में रेलवे केबल चोरी का खुलासा, पतरातू से तीन आरोपी गिरफ्तार

रांची। झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू क्षेत्र में रेलवे सिग्नलिंग केबल चोरी मामले का रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने खुलासा कर दिया है। आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब 20 मीटर लंबा 12 कोर रेलवे सिग्नलिंग केबल बरामद किया गया है, जिसकी कीमत लगभग दो हजार रुपये बताई जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।   गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहन डे (50 वर्ष), राहुल कुमार (18 वर्ष) और गौतम कुमार (20 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी पतरातू के सौंदा बगीचा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। आरपीएफ ने सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।   लोकेशन बॉक्स से काटा गया था सिग्नलिंग केबल आरपीएफ पतरातू पोस्ट के अनुसार, 23 मई की रात करीब आठ बजे पतरातू प्वाइंट संख्या-305 के पास स्थित लोकेशन बॉक्स से 2×12 कोर सिग्नलिंग केबल काटकर चोरी कर लिया गया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद 24 मई को संयुक्त जांच रिपोर्ट तैयार कर मामले की जांच शुरू की गई।   जूट की बोरी में ले जा रहे थे चोरी का सामान शनिवार को जांच के दौरान आरपीएफ टीम पतरातू बस्ती क्षेत्र से लौट रही थी। इसी दौरान ईस्ट केबिन के पास तीन युवक जूट की बोरी में भारी सामान ले जाते दिखाई दिए। संदेह होने पर टीम ने उन्हें रोककर तलाशी ली, जिसमें बोरी से तीन टुकड़ों में करीब 20 मीटर रेलवे सिग्नलिंग केबल बरामद हुआ।   पूछताछ में आरोपियों ने कबूला जुर्म आरपीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पैसों के लालच में 23 मई की रात केबल काटकर पास के एक टूटे केबिन में छिपा दिया था। बाद में वे उसे बेचने के लिए ले जा रहे थे। आरोपियों के पास रेलवे संपत्ति ले जाने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला।   मामले में उप-निरीक्षक प्रवीण कुमार की शिकायत पर आरपी (यूपी) एक्ट की धारा-3 और रेलवे अधिनियम की धारा-147 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि सिग्नलिंग केबल कटने से ट्रेन संचालन प्रभावित हो सकता था और इससे बड़ी दुर्घटना की आशंका भी बन सकती थी।

Unknown मई 25, 2026 0
Jharkhand Police recovery
झारखंड पुलिस की सफलताः अष्टधातु की 24 तीर्थंकर प्रतिमाएं बरामद

चतरा। झारखंड के इटखोरी थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से चोरी हुई करीब 100 साल पुरानी अष्टधातु की 24 तीर्थंकर प्रतिमाएं बरामद की है। प्राचीन तीर्थंकर प्रतिमा चोरी मामले पर एसपी अनिमेष नैथानी ने बताया कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चोरी की इस घटना का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मयूरहंड थाना क्षेत्र के साले गांव निवासी संदीप सिंह के रूप में की गई है। 100 साल पुरानी मूर्तियां बरामद एसपी अनिमेष नैथानी के अनुसार पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी गई बहुमूल्य प्रतिमा तथा घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को बरामद कर जब्त कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस अष्टधातु प्रतिमा की अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है। लाखों की मूर्तियां 20 मई को हुई थीं चोरी उन्होंने बताया कि 20 मई को जैन मंदिर से प्रतिमा चोरी होने के बाद इटखोरी थाना में अज्ञात चोरों के विरुद्ध कांड संख्या 65/2026, धारा 305(डी) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के निर्देश पर इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। खुफिया खबर से पुलिस पहुंची चोरों तक इसी दौरान चतरा पुलिस टीम को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदीप सिंह को हिरासत में ले लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने जैन मंदिर से चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद उसकी निशानदेही पर अष्टधातु की 24 तीर्थंकर प्रतिमा तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को सकुशल बरामद कर लिया गया। आरोपी को नशे की लत एसपी ने बताया कि आरोपी संदीप सिंह नशे की लत का शिकार है। उसने संध्या आरती के बाद मंदिर में सूनापन देखकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। वह इन बेशकीमती प्रतिमाओं को दिल्ली ले जाकर बेचने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस इस कांड में शामिल अन्य संभावित आरोपियों तथा इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता की गहन जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि इस त्वरित कार्रवाई को अंजाम देने वाली छापेमारी टीम में मुख्य रूप से इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह, सहायक अवर निरीक्षक दुखीराम महतो, आरक्षी ओम प्रकाश यादव, आरक्षी अर्जुन कुमार एवं आरक्षी रविकांत सिंह शामिल थे।

Unknown मई 22, 2026 0
Hazaribagh police raid
हजारीबाग में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, रातभर छापेमारी कर 39 अपराधियों को दबोचा

हजारीबाग। हजारीबाग पुलिस ने जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंगलवार रात विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे जिले में वांछित अपराधियों, वारंटियों और फरार आरोपियों के खिलाफ एक साथ छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में पुलिस ने 39 अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।   30 विशेष टीमों का गठन अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस निरीक्षकों की निगरानी में कुल 30 विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में थाना प्रभारियों के साथ रिजर्व गार्ड के अनुभवी पुलिसकर्मी और अधिकारी शामिल थे। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से जिलेभर में कार्रवाई की।   104 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी पुलिस टीमों ने रातभर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चिन्हित 104 ठिकानों पर छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान कई लंबित वारंटों का भी निष्पादन किया गया और फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।   पुलिस का सख्त संदेश हजारीबाग पुलिस अधीक्षक ने अभियान को सफल बताते हुए कहा कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा और जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है।   लोगों से सहयोग की अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि जनता के सहयोग से अपराध पर और प्रभावी तरीके से नियंत्रण पाया जा सकता है।   अपराधियों में बढ़ी बेचैनी लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से जिले के अपराधियों में डर का माहौल है। पुलिस का मानना है कि ऐसे विशेष अभियानों से अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

Unknown मई 7, 2026 0
journalist attacked in Hazaribagh
हजारीबाग में इरफान समर्थकों ने पत्रकार को पीटा, हालत गंभीर, पत्रकारों ने खोला मोर्चा

हजारीबाग। हजारीबाग में मंगलवार 28 अप्रैल को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमले की एक शर्मनाक घटना घटी है। यहां मंत्री इरफान अंसारी के सामने ही उनके समर्थकों ने एक पत्रकार द्वारा सवाल पूछे जाने पर उसकी पिटाई कर दी। हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाहर कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ बदसलूकी और मारपीट की गई है। आरोप है कि यह हंगामा स्वास्थ्य मंत्री के समर्थकों द्वारा किया गया, जब पत्रकारों ने मंत्री से जनहित से जुड़ा एक सवाल पूछा।  यह है पूरा मामला मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। वे सोमवार को पौता जंगल से बरामद हुए एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शवों के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने आए थे। मंत्री ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया, लेकिन जैसे ही वह अस्पताल से बाहर निकलने लगे, पत्रकारों ने उनसे चतरा विमान हादसे के पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे को लेकर सवाल किया। सवाल पूछना पड़ा भारी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चतरा हादसे पर सवाल सुनते ही मंत्री के समर्थक उग्र हो गए। जवाब देने के बजाय समर्थकों ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर मौजूद पत्रकारों के साथ मारपीट की गई। यह पूरी घटना कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें समर्थकों का आक्रामक रवैया साफ नजर आ रहा है। इस मारपीट में न्यूज 18 के पत्रकार आशीष कुमार गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनके सिर में चोट लगी है। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।  घटना के बाद बड़ी संख्या में हजारीबाग प्रेस क्लब और श्रमजीवी जर्नलिस्ट यूनियन से जुड़े पत्रकार वहां पहुंचे और घटना का विरोध किया। इधर, पत्रकार की बेरहमी से की गई पिटाई की घटना ने पूरे प्रदेश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। इसे केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा और कायराना प्रहार बताया जा रहा है। भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी एवं रांची जिला अध्यक्ष जावेद अख्तर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर सत्ता के संरक्षण में पत्रकारों की आवाज दबाने का प्रयास किया जाएगा, तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह घटना प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है और इससे पूरे पत्रकार समाज में भारी रोष है। संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी गुर्गों को अविलंब गिरफ्तार कर कठोर से कठोर सजा दी जाए। साथ ही पत्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकार संघ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया जाएगा। पत्रकारों की आवाज दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जोरदार विरोध किया जाएगा।

Unknown अप्रैल 28, 2026 0
chaibasa crime news
चाईबासा में देवर ने भाभी की पीट-पीटकर की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

चाईबासा। चाईबासा के मंझारी थाना क्षेत्र के कासिया गांव में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी 65 वर्षीय भाभी पार्वती भूमिज की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। शुरुआत में मृतका की मौत को सामान्य माना जा रहा था, लेकिन अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान गर्दन और गाल पर गहरे चोट के निशान दिखने से परिजनों को शक हुआ। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।   पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और संदेह के आधार पर मृतका के देवर दुलाई भूमिज को हिरासत में लिया। सख्त पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच जारी है।   पहले भी कर चुका है पत्नी की हत्या पुलिस के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास काफी गंभीर रहा है। वर्ष 2011 में उसने अपनी पत्नी इंद्रावती भूमिज की हत्या मसाला पीसने वाले पत्थर से वार कर की थी। इस मामले में उसे 13 साल की उम्रकैद की सजा हुई थी। हाल ही में जेल से रिहा होने के बाद वह गांव लौटा था और अब उसने इस वारदात को अंजाम दिया।   हत्या के कारणों की जांच जारी फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने अपनी भाभी की हत्या क्यों की। गांव में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।   हजारीबाग में सड़क हादसे में वायुसेना जवान की मौत वहीं हजारीबाग  में एक सड़क हादसे में वायुसेना के जवान दीपक कुमार (34) की मौत हो गई। बस और मोटरसाइकिल की टक्कर में उनकी मौके पर ही जान चली गई। वह छुट्टी पर घर आए थे और एक शादी में जा रहे थे।

Unknown अप्रैल 28, 2026 0
illegal pistol
पतरातू में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध पिस्टल के साथ युवक गिरफ्तार

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 9 एमएम का प्रतिबंधित पिस्टल बरामद किया गया है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस मामले की गहराई से जांच में जुट गई है।पुलिस को 26 अप्रैल की रात करीब 8 बजे गुप्त सूचना मिली थी कि सोलिया गांव का निवासी अनीश अंसारी अवैध हथियार लेकर घूम रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राघवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने तत्परता दिखाते हुए सोलिया गांव में छापा मारकर आरोपी को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की।   पूछताछ के दौरान पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से तुर्की निर्मित जिगाना कंपनी का 9 एमएम पिस्टल बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने खुलासा किया कि यह हथियार उसे एक आपराधिक गिरोह के सदस्य ने फायरिंग की घटना के बाद छिपाकर रखने के लिए दिया था। इस खुलासे के बाद पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।    पतरातू थाना में दर्ज़ हुआ केस  इस मामले में पतरातू थाना कांड संख्या 101/2026 के तहत आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और पहले भी उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह, थाना प्रभारी शिवलाल कुमार गुप्ता सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Unknown अप्रैल 27, 2026 0
Bokaro Treasury Scam
Bokaro Treasury Scam: CID की बड़ी कार्रवाई, होमगार्ड जवान गिरफ्तार

बोकारो। बोकारो में हुए ट्रेजरी घोटाले मामले में Criminal Investigation Department (CID) ने बड़ी कार्रवाई की है। यह घोटाला सरकारी फंड में गड़बड़ी और फर्जी निकासी से जुड़ा बताया जा रहा है। इसी कड़ी में CID ने एक होम गार्ड जवान को गिरफ्तार किया है।जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियां पिछले कुछ समय से ट्रेजरी से हो रहे संदिग्ध लेन-देन पर नजर रखे हुए थीं। इसी दौरान उन्हें कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर यह गिरफ्तारी की गई। आरोप है कि सरकारी खजाने से फर्जी दस्तावेजों और प्रक्रियाओं के जरिए पैसे निकाले गए थे।   CID खंगाल रही पूरे नेटवर्क की कड़ियां CID की टीम अब इस घोटाले के पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांच का फोकस यह जानने पर है कि पैसे की निकासी किस स्तर पर हुई और किन-किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही।   डिजिटल लेन-देन और सिस्टम की भी जांच सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में डिजिटल ट्रांजैक्शन और ट्रेजरी से जुड़े तकनीकी सिस्टम की भी बारीकी से जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि फर्जीवाड़ा किस तरीके से किया गया और इसमें किस तरह की तकनीकी खामियों का फायदा उठाया गया।   आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी संभव अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई शुरुआती चरण में है और जांच आगे बढ़ने के साथ कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। प्रशासन इस घोटाले की पूरी सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Unknown अप्रैल 27, 2026 0
Hazaribagh fire case solved
हजारीबाग हाइवा अगजनी कांड का खुलासा, 24 घंटे में चार आरोपी गिरफ्तार

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में बड़कागांव थाना क्षेत्र के 13 माइल पुल के पास हुए हाइवा अगजनी मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई से इलाके में पुलिस की सक्रियता और सतर्कता साफ नजर आई है।   एसआईटी गठन के बाद तेज हुई कार्रवाई घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। गुप्त सूचना के आधार पर चंदौल गांव स्थित हथिया पत्थर जंगल में छापेमारी की गई, जहां से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद एजाज, मोहम्मद अफताब, मोहम्मद सलामत अंसारी और तुसार सिन्हा शामिल हैं।   हथियार और आपत्तिजनक सामान बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन पिस्टल, 11 जिंदा गोलियां, मोबाइल फोन और धमकी भरे पर्चे बरामद किए हैं। इन पर्चों में घटना की जिम्मेदारी कथित तौर पर राहुल दुबे गैंग द्वारा ली गई थी, जिससे मामले की साजिश का खुलासा हुआ।   कोल माइनिंग क्षेत्र में दहशत फैलाने की साजिश पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पेट्रोल छिड़ककर हाइवा में आग लगाई थी। उनका मकसद कोल माइनिंग क्षेत्र में दहशत फैलाना था। पुलिस के अनुसार, यह संगठित अपराध का हिस्सा हो सकता है।   आरोपियों का आपराधिक इतिहास गिरफ्तार आरोपियों में से मोहम्मद सलामत अंसारी पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि अन्य आरोपियों का भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। पुलिस अब पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच में जुट गई है।   पुलिस की तत्परता से मिली सफलता पुलिस अधिकारियों ने बताया कि त्वरित कार्रवाई और सटीक सूचना के कारण यह सफलता संभव हो पाई। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

Unknown अप्रैल 24, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0