Jharkhand Crime News

RIMS admission scam
RIMS एडमिशन के नाम पर करोड़ों की ठगी

रांची। राजधानी रांची से ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रिम्स में एडमिशन दिलाने के नाम पर एक परिवार से करोड़ों रुपये और भारी मात्रा में सोना ठग लिया गया। इस मामले में सुखदेव नगर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है।   भरोसा जीतकर जाल में फंसाया शिकायतकर्ता दीवान मिढ़ा ने पुलिस को बताया कि अरुण कुमार और उनकी पत्नी ने खुद को बड़े प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं से जुड़ा हुआ बताया। शुरुआत में उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के नाम पर कंबल वितरण का बहाना बनाकर करीब एक हजार कंबल ले लिए। धीरे-धीरे दोनों ने परिवार के साथ भरोसा कायम किया और फिर उनकी बेटी का रिम्स में पीजी मैनेजमेंट के NRI कोटे से एडमिशन कराने का वादा किया।   एडमिशन के नाम पर करोड़ों की वसूली दीवान के मुताबिक, उन्होंने शुरुआत में 15 लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में स्टेट गेस्ट हाउस, रिम्स, सर्किट हाउस और पुराने विधानसभा परिसर में बुलाकर उनसे कुल मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये और 995 ग्राम सोना ले लिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस पूरे लेनदेन के ऑडियो रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप चैट उनके पास सबूत के तौर पर मौजूद हैं।   इलाज के नाम पर भी ठगी मामला यहीं नहीं रुका। दीवान की बहन की तबीयत बिगड़ने पर आरोपी ने एयर एंबुलेंस और इलाज में मदद का भरोसा दिया। इस दौरान भी परिवार से लाखों रुपये और गहने ले लिए गए। दीवान ने बताया कि उन्होंने 8.25 लाख रुपये जुटाकर बहन को बेंगलुरु भेजा, लेकिन ऑपरेशन के लिए 60 से 70 लाख रुपये का इंतजाम नहीं हो सका। इसी बीच उन्होंने अपना पुश्तैनी सोना और परिवार के गहने भी आरोपियों को सौंप दिए। जब दीवान ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोप है कि अरुण कुमार और उसकी पत्नी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और झूठे केस में फंसाने की बात कही।   साजिश कर फंसाने का आरोप शिकायत में यह भी बताया गया है कि 15 मार्च को लोअर बाजार थाना क्षेत्र में पुलिस ने दीवान की गाड़ी की तलाशी ली, जिसमें स्टेपनी के नीचे नशीला पदार्थ मिला। बाद में शक जताया गया कि यह सब आरोपियों की साजिश थी, ताकि उन्हें फंसाया जा सके।   पहचान भी निकली फर्जी जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी का असली नाम तनवीर अख्तर है, जबकि वह खुद को अरुण कुमार बताकर लोगों को ठग रहा था। उसकी पत्नी का नाम आइशा बताया गया है। दोनों सरकारी सुरक्षा और रसूख का झूठा दिखावा कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।   पुलिस से कार्रवाई की मांग पीड़ित दीवान मिढ़ा ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनसे ठगे गए एक करोड़ रुपये और 995 ग्राम सोने की बरामदगी कराई जाए।

Anjali Kumari अप्रैल 2, 2026 0
Hazaribagh murder case
हजारीबाग में अंधविश्वास का खौफनाक खेल, 13 साल की बच्ची की हत्या में मां निकली मास्टरमाइंड

हजारीबाग। हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुम्भा गांव में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह वारदात 24 मार्च 2026 की रात मंगला जुलूस के दौरान हुई थी। अगले दिन सुबह बच्ची का शव गांव के मिडिल स्कूल के पीछे मैदान में बांस की झाड़ी के पास बरामद किया गया। शुरूआती तौर पर मामला दुष्कर्म और हत्या का माना गया था, लेकिन एसआईटी की जांच में यह अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और मानव बलि से जुड़ा जघन्य अपराध निकला।   पुलिस के मुताबिक, मृत बच्ची की मां रेशमी देवी पिछले करीब एक वर्ष से अपने बेटे की शारीरिक और मानसिक परेशानी को लेकर गांव की शांति देवी उर्फ “भगतिनी” के पास जाती थी। बताया गया कि भगतिनी ने उसे भरोसा दिलाया था कि बेटे की बीमारी और पारिवारिक संकट दूर करने के लिए किसी कुंवारी लड़की की बलि देनी होगी। जांच में सामने आया कि इस अंधविश्वास के जाल में फंसकर मां ने अपनी ही छोटी बेटी को इस कृत्य के लिए चुन लिया।   मंगला जुलूस की रात रची गई थी पूरी साजिश 24 मार्च की शाम मंगला जुलूस के दौरान रेशमी देवी अपने बच्चों के साथ घर से निकली। रात में वह अपनी छोटी बेटी को लेकर भगतिनी के घर पहुंची। वहां कथित रूप से पूजा-पाठ और तांत्रिक क्रिया की तैयारी की गई। बाद में गांव के भीम राम को भी बुलाया गया। पुलिस के अनुसार, बच्ची को पहले तंत्र-मंत्र के नाम पर बैठाया गया, फिर उसे गांव की बांसवाड़ी में ले जाया गया, जहां उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद पत्थर से बच्ची के सिर पर वार किया गया, ताकि खून निकाला जा सके और कथित तांत्रिक अनुष्ठान पूरा किया जा सके। इस पूरी घटना ने न सिर्फ पुलिस बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।   एसआईटी जांच में खुला राज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसआईटी का गठन किया। तकनीकी साक्ष्य, पूछताछ और सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने मां रेशमी देवी, भगतिनी शांति देवी और भीम राम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि यह अंधविश्वास के नाम पर की गई बेहद अमानवीय और निर्मम हत्या है। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

Anjali Kumari अप्रैल 2, 2026 0
पीड़ित लड़की का प्रतीकात्मक चित्र, अपराध और उत्पीड़न दर्शाता दृश्य
रजरप्पा में नाबालिग से दुष्कर्म, 3 आरोपी धराये

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। 3 युवकों ने इस घटना को अंजाम दिया। तीनों को ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद परिजनों ने थाना में आवेदन देकर मामला दर्ज कराया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।   सुनसान जगह पर वारदातः जानकारी के अनुसार, 30 मार्च की शाम बारलोंग इलाके के एक सुनसान स्थान पर इस वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़िता के साथ तीन युवकों ने जबरदस्ती की। घटना के बाद युवती ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। 24 घंटे के अंदर तीनों आरोपी गिरफ्तारः मामला सामने आते ही रजरप्पा थाना पुलिस हरकत में आ गई। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई और चितरपुर इलाके में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कौन हैं आरोपीः पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान अयान अनवर (निवासी रहमत नगर, लाइनपार, चितरपुर), मो. तौफिक (निवासी ईदगाह मोहल्ला, चितरपुर) और मो. असफाक (निवासी एलबी रोड, चितरपुर) के रूप में हुई है।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
हजारीबाग कांड के आरोपियों को  गैंगस्टर Rahul Singh ने धमकाया

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग में 12 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी मामले में गैंगस्टर Rahul Singh ने प्रेस रिलीज जारी कर धमकी दी है। दरअसल, झारखंड के हजारीबाग में 12 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस घटना को लेकर गैंगस्टर Rahul Singh ने प्रेस रिलीज जारी कर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उसने इस घटना को इंसानियत पर कलंक बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। Rahul Singh ने अपने बयान में कहा कि विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंभा गांव में जो हुआ, वह बेहद शर्मनाक और दर्दनाक है। उसने कहा कि एक मासूम बच्ची, जिसने अभी दुनिया को समझना शुरू ही किया था, उसके साथ इस तरह की बर्बरता ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।

Anjali Kumari मार्च 30, 2026 0
Prince Khan Dubai network
Prince Khan पाकिस्तान से चला रहा सिंडिकेट दुबई तक फैला जाल

रांची। धनबाद के वासेपुर का मोस्ट वांटेड प्रिंस खान इन दिनों पाकिस्तान से अपने अपराध का साम्राज्य चला रहा है। प्रिंस का सिंडिकेट अब केवल धनबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड से लेकर दुबई और पाकिस्तान तक फैला है। पुलिस को पता चला है कि प्रिंस ने जेल में बंद कुख्यात सुजीत सिन्हा से हाथ मिला लिया है, जिससे उसका नेटवर्क अब धनबाद-रांची और अन्य जिलों में फैल गया है। यह गैंग अब स्थानीय गुंडों के बजाय ‘हाइब्रिड शूटर्स’ मतलब बिना क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले नए लड़के का उपयोग कर रहा है, जिन्हें ट्रैक करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे जोड़ा जा रहा लड़कियों को सिंडिकेट में सुजीत सिन्हा की पत्नी प्रिया सिन्हा के जरिए महिलाओं को जोड़ा जा रहा है, ताकि उनके बैंक खातों का इस्तेमाल रंगदारी के पैसों के लेनदेन के लिए किया जा सके। इसके अलावा रंगदारी मांगने के लिए प्रिंस एन्क्रिप्टेड मोबाइल ऐप्स का सहारा लेता है, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। प्रिंस का नेटवर्क तीन लेयर में काम करता है जिसमें शूटर से लेकर सफेदपोश तक शामिल हैं। प्रिंस के सिंडिकेट को लेकर अफजल और कुबेर के बयानों ने इस पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है। करीब 25 मददगारों के नाम सामने आए हैं।   प्रिंस खान सिंडिकेट के कुछ अहम चेहरे और उनकी भूमिका नाम    स्थान/स्थिति    मुख्य भूमिका (Role) प्रिंस खान        पाकिस्तान (टॉप लेयर)    गैंग का सरगना; पाकिस्तान से निर्देश देता है। गोपी खान    दुबई (प्रिंस का भाई)    गिरोह को हैंडल करना और रंगदारी मैनेज करना। पाठन    पाकिस्तान    हथियारों को पाकिस्तान से पंजाब सीमा तक डिलीवर कराना। सुजीत सिन्हा    पलामू (जेल में बंद)    प्रिंस को अपना पुराना नेटवर्क और शूटर उपलब्ध कराना। प्रिया सिन्हा    जेल में बंद (सुजीत की पत्नी)    गिरोह में महिलाओं को शामिल करना और नेटवर्क विस्तार। अमन सिंह उर्फ कुबेर    पलामू (गिरफ्तार)    मुख्य अकाउंटेंट; रंगदारी वसूलना और ऑडियो-वीडियो एडिट करना। अफजल अमन    धनबाद (गिरफ्तार)    शूटर्स, पैसा और लॉजिस्टिक (गाड़ी/हथियार) का इंतजाम। गाडविन खान    चाईबासा जेल (प्रिंस का भाई)    जेल के भीतर से संपर्कों का इस्तेमाल करना।

Anjali Kumari मार्च 30, 2026 0
Gangster Prince Khan Shooter Arrested
Gangster Prince Khan Shooter Arrested: गैंगस्टर प्रिंस खान का मुख्य शूटर रांची से गिरफ्तार

रांची। धनबाद के वासेपुर के गैंगस्टर प्रिंस खान के मुख्य शूटर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी राजधानी रांची में हुई हैं। गिरफ्तार मुख्य शूटर पर रांची के एक रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग करने और हत्या करने का आरोप है।   रांची 7 मार्च को रेस्टोरेंट में हुई थी हत्या रांची के एसएसपी ने बताया कि प्रिंस खान गिरोह की ओर से रांची एयरपोर्ट थाना इलाके में 7 मार्च की रात को टी टॉस रेस्टोरेंट में घुसकर अपराधियों ने फायरिंग और हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में पुलिस ने मुख्य शूटर सचिन यादव को गिरफ्तार किया है। रेस्टोरेंट संचालक से एक करोड़ रंगदारी की मांग की गई थीः पुलिस के अनुसार 27 दिसंबर को लोधमा स्थित टी टॉस रेस्टोरेंट के मालिक राजकुमार गोप से प्रिंस खान की ओर से इंटरनेट कॉल के माध्यम से ऑडियो मैसेज भेज कर एक करोड़ रंगदारी की मांग की गई। पैसे नहीं देने पर लगातार धमकी दी जा रही थी। पर जब रंगदारी का पैसा नही मिला, तो प्रिंस खान ने अपने गैंग के लड़को के माध्यम से 7 मार्च को टी टॉस रेस्टोरें में फायरिंग करा दी। इसमें रेस्टोरेंट के एक स्टाफ को गोली लगने से मृत्यु हो गई थी।   4 आरोपियों की पहले ही हो चुकी है गिरफ्तारी इस मामले में जांच के लिए गठित एसआईटी की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त अपराधियों में से 4 को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका है। अनुसंधान के कम में गिरफ्तार अभियुक्तों की ओर से घटना को अंजाम देने वाले प्रमुख शूटर के रुप में सचिन यादव का पहचान की गई।    घटना के समय पहने कपड़े भी बरामद रांची पुलिस ने लागातर छापमारी करते हुए 29 मार्च को सचिन यादव को गिरफ्‌तार कर लिया। पूछताछ के बाद घटना के समय पहने हुए कपड़े और आर्म्स एमयुनेशन बरामद किया गया है। बरामद आर्म्स एम्युनेशन के सबंध में अलग से एयरपोर्ट थाना काण्ड सं0-15/26 दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है।   सचिन यादव के खिलाफ 8 मामले दर्ज सचिन यादव की पूर्व से ही कई घटनाओं में संलिप्तता का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ जोगता, राजगंज, बैंक मोड़ औऱ पुटकी थाना में 8 केस दर्ज है। उसने पुलिस को बताया कि इस कांड के लिए उसे एक लाख रुपए देने का वादा किया गया था,लेकिन पूरा पैसा नहीं मिला।

Anjali Kumari मार्च 30, 2026 0
Copper coil theft Ranchi
रांची में बिजली ग्रिड से 1000 किलो कॉपर कॉइल गायब

रांची। रांची के पिठोरिया इलाके में स्थित बिजली ग्रिड में बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने ट्रांसफार्मर से करीब 1000 किलो कॉपर कॉइल उड़ा लिया, जिसकी कीमत 25 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। घटना के बाद बिजली विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।   देर रात दिया वारदात को अंजाम यह घटना पिठोरिया थाना क्षेत्र के कान्दू बिजली ग्रिड की है, जहां सोमवार देर रात करीब 2:30 से 3 बजे के बीच चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने सब स्टेशन के 33/.4 KV ट्रांसफार्मर को निशाना बनाते हुए उसमें लगे कॉपर कॉइल को काटकर अपने साथ ले गए।   सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इतनी बड़ी मात्रा में कॉपर कॉइल की चोरी ने बिजली ग्रिड की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉपर कॉइल ट्रांसफार्मर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और इसकी चोरी से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।   जांच में जुटी पुलिस टीम घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। अमर कुमार पांडे, असित मोदी और थाना प्रभारी सतीश पांडेय ने टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले की जांच जारी है।   डॉग स्क्वायड और FSL की मदद अपराधियों का सुराग लगाने के लिए डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम को भी बुलाया गया है। साथ ही फॉरेंसिक जांच के जरिए सबूत जुटाए जा रहे हैं।   संगठित गिरोह पर शक पुलिस को आशंका है कि इतनी बड़ी चोरी के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है। फिलहाल मामले की जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

Anjali Kumari मार्च 24, 2026 0
Jharkhand police transferring Prince Khan’s aides from Dhanbad to Ranchi for airport restaurant firing case investigation
धनबाद एनकाउंटर के बाद बड़ी कार्रवाई: प्रिंस खान के गुर्गे रांची शिफ्ट, एयरपोर्ट रेस्टोरेंट फायरिंग केस में जांच तेज

मुठभेड़ के बाद पुलिस का एक्शन, आरोपियों को रांची लाया गया धनबाद: झारखंड में अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गुर्गों को धनबाद से रांची शिफ्ट कर दिया गया है। ये सभी आरोपी रांची एयरपोर्ट स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई गोलीबारी और हत्या के मामले में शामिल बताए जा रहे हैं। रांची एयरपोर्ट थाना की पुलिस टीम रविवार को धनबाद पहुंची और जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दो आरोपियों को अपने साथ रांची ले गई। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भागाबांध में हुई थी पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ जानकारी के मुताबिक, 16 मार्च को धनबाद के भागाबांध इलाके में पुलिस और प्रिंस खान गिरोह के गुर्गों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस एनकाउंटर में तीन अपराधी घायल हो गए थे। घायलों में पलामू के चैनपुर निवासी अमन सिंह उर्फ मनीष उर्फ कुबेर और वासेपुर के लाला टोला निवासी अफजल अमन उर्फ बाबर उर्फ राजा खान शामिल हैं। इनके अलावा विक्की डोम भी इस मुठभेड़ में घायल हुआ था। अस्पताल से छुट्टी मिलते ही रांची भेजे गए आरोपी मुठभेड़ के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए धनबाद के SNMMCH अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज पूरा होने के बाद जैसे ही उन्हें छुट्टी मिली, रांची पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें अपने कब्जे में ले लिया और रांची शिफ्ट कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से रांची में पूछताछ की जाएगी, जिससे मामले के कई अहम खुलासे हो सकते हैं। एक आरोपी पहले ही भेजा जा चुका है जेल इस केस में घायल तीसरे आरोपी विक्की डोम को धनबाद पुलिस पहले ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। वहीं बाकी आरोपियों को अब रांची लाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। रेस्टोरेंट में फायरिंग और हत्या का गंभीर आरोप पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों पर रांची एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट में फायरिंग करने और एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मुठभेड़ के जरिए इन्हें पकड़ लिया था। अब इस पूरे मामले में पुलिस अन्य फरार अपराधियों की भी तलाश कर रही है। अपराधियों पर सख्ती जारी, पुलिस का अभियान तेज झारखंड पुलिस लगातार संगठित अपराध के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। इस कार्रवाई को भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
Prince Khan gang arrested
मुठभेड़ के बाद पकड़े गए प्रिंस खान गैंग के बदमाश, अब रांची में होगी पूछताछ

रांची/धनबाद। राजधानी रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग और हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस केस में कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गैंग से जुड़े एक शूटर को धनबाद से रांची लाया गया है। आरोपी पर गोलीबारी और हत्या दोनों के गंभीर आरोप हैं।   भागाबांध मुठभेड़ में घायल हुए थे आरोपी पुलिस के अनुसार, 16 मार्च को धनबाद के भागाबांध इलाके में पुलिस और प्रिंस खान गैंग के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान तीन अपराधी घायल हो गए थे। इनमें पलामू के चैनपुर निवासी अमन सिंह उर्फ मनीष उर्फ कुबेर, वासेपुर के लाला टोला निवासी अफजल अमन उर्फ बाबर उर्फ राजा खान और विक्की डोम शामिल थे।   इलाज के बाद रांची शिफ्ट मुठभेड़ के बाद घायलों को इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच, धनबाद में भर्ती कराया गया था। रविवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद रांची एयरपोर्ट थाना की टीम धनबाद पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दो आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में रांची ले आई।   एक आरोपी पहले ही जेल भेजा गया इस मामले में तीसरे आरोपी विक्की डोम को पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।   फायरिंग और हत्या के गंभीर आरोप पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने रांची के एयरपोर्ट इलाके के एक रेस्टोरेंट में फायरिंग की थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में इन्हें पकड़ लिया।   अपराध के खिलाफ सख्ती जारी झारखंड पुलिस का कहना है कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस मामले में भी पुलिस आगे की जांच कर रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Anjali Kumari मार्च 23, 2026 0
Prince Khan gang arrested
मुठभेड़ के बाद पकड़े गए प्रिंस खान गैंग के बदमाश, अब रांची में होगी पूछताछ

रांची/धनबाद। राजधानी रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग और हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस केस में कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गैंग से जुड़े एक शूटर को धनबाद से रांची लाया गया है। आरोपी पर गोलीबारी और हत्या दोनों के गंभीर आरोप हैं।   भागाबांध मुठभेड़ में घायल हुए थे आरोपी पुलिस के अनुसार, 16 मार्च को धनबाद के भागाबांध इलाके में पुलिस और प्रिंस खान गैंग के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान तीन अपराधी घायल हो गए थे। इनमें पलामू के चैनपुर निवासी अमन सिंह उर्फ मनीष उर्फ कुबेर, वासेपुर के लाला टोला निवासी अफजल अमन उर्फ बाबर उर्फ राजा खान और विक्की डोम शामिल थे।   इलाज के बाद रांची शिफ्ट मुठभेड़ के बाद घायलों को इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच, धनबाद में भर्ती कराया गया था। रविवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद रांची एयरपोर्ट थाना की टीम धनबाद पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दो आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में रांची ले आई।   एक आरोपी पहले ही जेल भेजा गया इस मामले में तीसरे आरोपी विक्की डोम को पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।   फायरिंग और हत्या के गंभीर आरोप पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने रांची के एयरपोर्ट इलाके के एक रेस्टोरेंट में फायरिंग की थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में इन्हें पकड़ लिया।   अपराध के खिलाफ सख्ती जारी झारखंड पुलिस का कहना है कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस मामले में भी पुलिस आगे की जांच कर रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Anjali Kumari मार्च 23, 2026 0
Pundag petrol pump robbery
रांची के पुंदाग में पेट्रोल पंप पर लूट, पिस्टल-चाकू के दम पर 70 हजार रुपये ले उड़े बदमाश

रांची। राजधानी रांची के पुंदाग थाना क्षेत्र में रविवार रात अपराधियों ने जमकर तांडव मचाया। साहू चौक के पास स्थित दीना पेट्रोल पंप पर छह नकाबपोश बदमाशों ने पिस्टल और चाकू के बल पर करीब 60 से 70 हजार रुपये लूट लिए।   हथियार दिखाकर कर्मचारियों से नकदी लूटी  जानकारी के अनुसार, रात करीब 7:50 बजे दो स्कूटी पर सवार छह अपराधी पेट्रोल पंप पहुंचे। उस समय कर्मचारी दैनिक कलेक्शन का काम कर रहे थे। अचानक पहुंचे बदमाशों ने हथियार दिखाकर कर्मचारियों को डराया-धमकाया और कलेक्शन में रखी नकदी लूट ली। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों के साथ मारपीट की कोशिश भी की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।   सभी अपराधियों ने मास्क पहन रखा था बताया जा रहा है कि सभी अपराधियों ने मास्क पहन रखा था, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी तेजी से मौके से फरार हो गए।   पुलिस की जांच शुरू  घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिसमें दो स्कूटी पर सवार छह युवकों की गतिविधियां कैद हुई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस लगातार छापेमारी कर अपराधियों की तलाश में जुटी हुई है।

Anjali Kumari मार्च 23, 2026 0
Prince Khan case updates
Dhanbad से रांची शिफ्ट किए गए Prince Khan के गुर्गे, रेस्टोरेंट फायरिंग केस में होगी पूछताछ

रांची। झारखंड में अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। रांची एयरपोर्ट स्थित रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग और हत्या मामले में आरोपी गैंगस्टर प्रिंस खान के गुर्गों को धनबाद से रांची शिफ्ट किया गया है। एयरपोर्ट थाना पुलिस दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच अपने साथ लेकर आई है।   मुठभेड़ में घायल हुए थे आरोपी जानकारी के मुताबिक 16 मार्च को धनबाद के भागाबांध इलाके में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान तीन गुर्गे घायल हो गए थे। इनमें पलामू के चैनपुर निवासी अमन सिंह उर्फ मनीष उर्फ कुबेर और वासेपुर निवासी अफजल अमन उर्फ बाबर उर्फ राजा खान शामिल हैं। तीसरा आरोपी विक्की डोम भी इस मुठभेड़ में घायल हुआ था।   अस्पताल से छुट्टी के बाद रांची लाया गया घटना के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच धनबाद में भर्ती कराया गया था। रविवार को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद रांची एयरपोर्ट थाना की टीम धनबाद पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों आरोपियों को अपने साथ रांची ले आई।   एक आरोपी पहले ही जा चुका है जेल मामले में तीसरे आरोपी विक्की डोम को पहले ही न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं।   रेस्टोरेंट में फायरिंग और हत्या का आरोप पुलिस के अनुसार, इन अपराधियों पर रांची एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट में गोलीबारी करने और एक व्यक्ति की हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में इन्हें पकड़ लिया था।   जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। झारखंड पुलिस का कहना है कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Anjali Kumari मार्च 23, 2026 0
Theft in Gumla with valuables
गुमला में बड़ी चोरी: बंद घर को बनाया निशाना, 18 लाख के गहने और नकदी लेकर फरार हुए चोर

गुमला: झारखंड के गुमला शहर के रामनगर इलाके में चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां अज्ञात चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाकर लाखों की संपत्ति उड़ा ली। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। दरवाजा तोड़कर घर में घुसे चोर पीड़िता मधुछन्दा सेनगुप्ता, जो एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं, ने बताया कि घटना के समय घर के सभी सदस्य बाहर गए हुए थे। इसी मौके का फायदा उठाकर चोरों ने मुख्य दरवाजा तोड़ दिया और घर के अंदर घुस गए। इसके बाद उन्होंने अलमारी और अन्य जगहों को खंगालते हुए कीमती सामान चोरी कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गहनों से लेकर नकदी तक सब कुछ गायब चोरी किये गए सामानों में सोने के दो नेकलेस, पांच लॉकेट, कंगन, झुमका, बाली, टॉप्स, पांच अंगूठियां और पांच मंगलसूत्र सेट शामिल हैं। इसके अलावा चांदी के चार चैन, पांच जोड़ी पायल, तीन सिंदूरदानी और चांदी का  बिछिया भी चोर ले गए। पीड़िता के अनुसार, इन आभूषणों की कुल कीमत करीब 18 लाख रुपये है। वहीं, चोर लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद भी साथ ले गए। किसान विकास पत्र भी चुरा ले गए बदमाश चोरों ने सिर्फ गहनों और नकदी तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि घर में रखे डाकघर के किसान विकास पत्र (KVP) भी अपने साथ ले गए। यह प्रमाणपत्र वर्ष 2018 में ही परिपक्व हो चुका था, जिससे साफ है कि चोरों ने पूरे घर की बारीकी से तलाशी ली। इलाके में दहशत, लोगों ने बढ़ाई सुरक्षा की मांग घटना के बाद रामनगर क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाल के दिनों में चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से गश्त बढ़ाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। सीसीटीवी फुटेज के सहारे जांच तेज मामले की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पीड़िता ने प्रशासन से चोरी किये गए सामान की जल्द बरामदगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
प्रिंस खान गैंग के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद पुलिस टीम
प्रिंस खान के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन, 3 गुर्गों का एनकाउंटर

धनबाद। झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान गैंग के खिलाफ रांची और धनबाद पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। धनबाद में सोमवार सुबह पुलिस और गैंगस्टर प्रिंस खान गैंग के गुर्गों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें 3 अपराधी घायल हो गये। ये तीनों पुलिस के हत्थे चढ़ गये हैं। घायल तीनों आरोपियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   धनबाद में एनकाउंटरः धनबाद के पुटकी थाना क्षेत्र के भागाबांध ओपी इलाके में रांची और धनबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के गिरोह के दो अपराधियों को पैर में गोली लगी है, जबकि एक अन्य भागने के क्रम में पैर टूटने से घायल हो गया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान कुबेर, विक्की डोम और अमन अफजल के रूप में हुई है, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।   वर्चुअल नंबरों से मांग रहा रंगदारीः राजधानी रांची में प्रिंस खान के नाम पर वर्चुअल नंबरों से कॉल के जरिए मांगी जा रही रंगदारी और एक रेस्टोरेंट में गोलीबारी की घटना के बाद रांची और धनबाद पुलिस ने यह ऑपरेशन शुरू किया है। तकनीकी जांच में पता चला कि कुबेर नाम का बदमाश धनबाद में छिपकर रांची के व्यवसायियों को धमका रहा था।   दो को लगी गोली, एक का पैर टूटाः सूचना की पुष्टि होते ही रांची और धनबाद पुलिस की विशेष टीम ने भागाबांध इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में कुबेर और विक्की डोम को गोली लगी है, जबकि भागने की कोशिश में अमन अफजल का पैर टूट गया।   होटल स्टाफ हत्याकांड का भी खुलासाः पुलिस सूत्रों का दावा है कि इन गिरफ्तारियों के साथ ही हाल में रांची के एयरपोर्ट क्षेत्र स्थित होटलकर्मी की हत्याकांड का भी खुलासा हो गया है। मुठभेड़ के बाद पूरा भागाबांध इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। धनबाद के एसएसपी स्वयं मौके पर मौजूद हैं। पुलिस को पूछताछ के दौरान प्रिंस खान गिरोह के अगले मंसूबों और उनके मददगारों के बारे में कई अहम सुराग मिले हैं। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि गिरोह के किसी अन्य छिपे हुए सदस्यों को दबोचा जा सके। पुलिस अब अपराधियों के पास से बरामद मोबाइल और अन्य दस्तावेज के जरिए प्रिंस खान के अंतरराष्ट्रीय लिंक और स्थानीय नेटवर्क की बारीकी से जांच कर रही है।   एक सप्ताह के अंदर दूसरी मुठभेड़ः बता दें कि धनबाद पुलिस और प्रिंस खान के गुर्गों के साथ एक सप्ताह में यह दूसरी बड़ी मुठभेड़ है। कुछ दिन पूर्व पुलिस ने धनबाद के भुईफोड़ स्थित फायरिंग जोन में प्रिंस खान के एक गुर्गे के साथ मुठभेड़ हुई थी। जिसमें पुलिस एनकाउंटर में एक गुर्गे को पैर में गोली लगी थी। दूसरा गुर्गा फरार हो गया था। जिसे बाद में कुछ घंटों के अंदर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था ।

Ranjan Kumar Tiwari मार्च 16, 2026 0
Dhanbad police encounter leaves three Prince Khan gang members injured with weapons seized at scene.
धनबाद में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एनकाउंटर में प्रिंस खान गिरोह के तीन बदमाश घायल, हथियार बरामद

  गुप्त सूचना पर पुलिस का ऑपरेशन झारखंड के धनबाद में पुलिस ने कुख्यात अपराधी प्रिंस खान गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके तीन गुर्गों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई भागाबांध ओपी क्षेत्र में की गई, जहां पुलिस और अपराधियों के बीच हुई गोलीबारी में तीनों बदमाश घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रिंस खान गिरोह के कुछ सदस्य इलाके में मौजूद हैं और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही धनबाद पुलिस ने इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया और संदिग्धों की घेराबंदी कर दी।   पुलिस को देखते ही अपराधियों ने की फायरिंग पुलिस की घेराबंदी के दौरान जब संदिग्ध अपराधियों ने पुलिस को अपने करीब आते देखा, तो उन्होंने मौके से भागने की कोशिश की। इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस कार्रवाई में गिरोह के तीन बदमाश घायल हो गए। पुलिस ने तुरंत उन्हें पकड़कर अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।   दो को गोली लगी, एक का पैर टूटा पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान दो अपराधियों को गोली लगी, जबकि तीसरा बदमाश भागने के दौरान घायल हो गया। बताया जा रहा है कि एक आरोपी छत से कूदकर भागने की कोशिश कर रहा था, उसी दौरान उसका पैर टूट गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।   घायल आरोपियों की पहचान पुलिस ने मुठभेड़ में घायल हुए तीनों अपराधियों की पहचान कर ली है। इनमें अमन सिंह उर्फ कुबेर (पलामू निवासी) विक्की डोम (धनबाद निवासी) अफजल उर्फ अमन (वासेपुर निवासी) शामिल हैं। इनमें अमन सिंह और विक्की डोम को गोली लगी है, जबकि अफजल उर्फ अमन का पैर गिरने से टूट गया।   घटनास्थल से हथियार और कारतूस बरामद मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके की तलाशी ली। इस दौरान आरोपियों के पास से हथियार और कई जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इन हथियारों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल पहले किन-किन अपराधों में किया गया था।   प्रिंस खान गिरोह से जुड़े हैं आरोपी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी धनबाद के वासेपुर इलाके के फरार अपराधी प्रिंस खान के करीबी बताए जा रहे हैं। प्रिंस खान लंबे समय से फरार है और उस पर धनबाद व आसपास के क्षेत्रों में रंगदारी, धमकी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।   गिरोह के नेटवर्क की तलाश में पुलिस फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से गिरोह के नेटवर्क और अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। पुलिस ने गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश भी तेज कर दी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।  

surbhi मार्च 16, 2026 0
minor assault case in West Singhbhum Jharkhand
रिश्तों का कत्ल: पश्चिमी सिंहभूम में नाबालिग भतीजी के साथ चाचा की दरिंदगी

  पश्चिमी सिंहभूम (झारखंड): रिश्तों की मर्यादा और विश्वास को तार-तार करने वाली एक ह्रदयविदारक घटना हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र से सामने आई है। यहाँ एक चचेरे चाचा ने अपनी ही 15 वर्षीय भतीजी के विश्वास का गला घोंटते हुए उसके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल पैदा कर दिया है।   विश्वासघात और वारदात की पूरी कहानी घटना की शुरुआत तब हुई जब वह मासूम किशोरी सहज भाव से अपने चचेरे चाचा के घर गई थी। आरोपी ने पहले से ही मन में दुर्भावना पाल रखी थी। उसने किशोरी का मन बहलाने के लिए उसे मोबाइल पर फिल्में और वीडियो दिखाने का लालच दिया। सुनसान जगह का फायदा: कमरे में कुछ देर तक उसे मोबाइल में उलझाए रखने के बाद, आरोपी उसे बहला-फुसलाकर घर से दूर एक एकांत खलिहान में ले गया। हैवानियत: खलिहान की तन्हाई का फायदा उठाकर आरोपी ने अपनी चचेरी भतीजी के साथ जबरदस्ती की और उसके सम्मान को पैरों तले रौंद दिया। खौफनाक धमकी: दुष्कर्म के बाद जब किशोरी सहम गई, तो आरोपी ने उसे और उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी ताकि वह अपना मुँह न खोले।   साहस और न्याय की पुकार इतनी बड़ी त्रासदी और आरोपी की धमकियों के बावजूद, नाबालिग पीड़िता ने हार नहीं मानी। उसने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने माता-पिता को पूरी सच्चाई बता दी। परिजनों ने बिना देर किए हाटगम्हरिया पुलिस से संपर्क किया और आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।   पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) अमित रेनू ने तुरंत एक विशेष टीम गठित करने का निर्देश दिया। पुलिस की सक्रियता का परिणाम यह रहा कि: छापेमारी: पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी और आरोपी को भागने का मौका नहीं दिया। जेल: आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मेडिकल जांच: कानून के प्रावधानों के तहत पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है, ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। बयान: जल्द ही अदालत में पीड़िता का धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया जाएगा।

surbhi मार्च 10, 2026 0
Administration using JCB and bulldozers to close illegal coal mines in Jamtara
जामताड़ा में अवैध कोयला खदानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, जेसीबी-बुलडोजर से भरवाई गई बंद खदानें

  जामताड़ा: जिले में अवैध कोयला उत्खनन पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता के निर्देश पर नाला थाना क्षेत्र के कास्ता और पलास्थली इलाके में बंद पड़ी अवैध कोयला खदानों को जेसीबी और बुलडोजर की मदद से मिट्टी भरकर बंद करने का अभियान चलाया गया।   हादसों के बाद प्रशासन हुआ सख्त बताया जाता है कि इसी वर्ष फरवरी महीने में कास्ता और पलास्थली क्षेत्र की अवैध खदानों में कोयला निकालने के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ था। उस दुर्घटना में तीन से चार मजदूरों के मलबे में दबने की सूचना सामने आई थी। इस घटना के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे और अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई थी।   ECL और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई घटना को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को पुलिस और ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की। बंद पड़ी खदानों को जेसीबी और बुलडोजर से मिट्टी भरकर डोजिंग की गई, ताकि वहां दोबारा अवैध उत्खनन न हो सके।   वर्षों से चल रहा था अवैध खनन जानकारी के अनुसार, ये खदानें मूल रूप से ECL के पांडेश्वर जोनल ऑफिस के अधीन थीं और कई साल पहले इन्हें बंद कर दिया गया था। लेकिन बीते करीब तीन दशकों में यहां अवैध कोयला उत्खनन का जाल फैल गया था। इसके कारण कई जगहों पर गहरी और बेहद असुरक्षित खदानें बन गई थीं।   भारी पुलिस बल की तैनाती इस अभियान का नेतृत्व नाला थाना प्रभारी राजीव रंजन कुमार और ECL अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। कार्रवाई के दौरान CISF और नाला थाना की पुलिस भी मौके पर तैनात रही। इस दौरान सहायक अवर निरीक्षक संजय गहलौत समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे।   अवैध खनन पर सख्त चेतावनी प्रशासन ने इलाके के लोगों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि इन क्षेत्रों में किसी भी कीमत पर अवैध कोयला उत्खनन को दोबारा पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस और ECL की टीम लगातार निगरानी करेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी व्यक्ति अवैध खनन में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय अवैध कोयला कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
“समोसा लेकर आता हूं” कहकर घर से निकला फौजी बेटा, सुबह पेड़ से लटका मिला शव; शादी के 20 दिन बाद मातम

  रांची: राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने एक युवक का शव पेड़ से लटका देखा। युवक की पहचान 26 वर्षीय अमन कुमार यादव के रूप में हुई है, जो भारतीय सेना में कार्यरत थे। घटना के बाद इलाके में शोक और हैरानी का माहौल है।   सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान मिला शव जानकारी के अनुसार, धुर्वा स्थित HEC के HMTP स्टैंड के पास सोमवार सुबह कुछ लोग टहलने निकले थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि एक युवक का शव प्लास्टिक की रस्सी के सहारे पेड़ से लटका हुआ है। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद मृतक की पहचान अमन कुमार यादव के रूप में की, जो जगन्नाथपुर शिव मंदिर के पास के निवासी थे और भारतीय सेना में तैनात थे।   “समोसा लेकर आता हूं” कहकर घर से निकले थे परिजनों के मुताबिक अमन को अपनी शादी के कारण एक महीने की छुट्टी मिली थी। सोमवार को ही उनका दिल्ली जाने का टिकट कन्फर्म था और उन्हें ड्यूटी पर लौटना था। रविवार शाम वे अपनी बाइक से घर से यह कहते हुए निकले थे कि “समोसा पैक कराकर लाता हूं, सब लोग साथ बैठकर खाएंगे।” लेकिन इसके बाद वे वापस घर नहीं लौटे। रात करीब 11 बजे के बाद उनका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई।   सोशल मीडिया से मिली अनहोनी की खबर सोमवार सुबह सोशल मीडिया के जरिए परिवार को इस दुखद घटना की जानकारी मिली। खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां अमन का शव पेड़ से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही धुर्वा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सेना की टीम और फोटोग्राफर ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर अपनी ओर से जांच की।   FSL और डॉग स्क्वायड की टीम ने की जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम और डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया। करीब छह घंटे तक धुर्वा और जगन्नाथपुर थाना पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। देर शाम शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए रांची स्थित रिम्स भेज दिया गया है।   पत्नी ने जताई हत्या की आशंका इधर, मृतक की पत्नी सोनी कुमारी ने धुर्वा थाना में आवेदन देकर पति की हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने अज्ञात लोगों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति की हत्या कर शव को पेड़ से लटका दिया गया है। पुलिस इस पहलू को भी ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।   शादी के 20 दिन बाद उजड़ा सुहाग अमन अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके पिता प्रमोद कुमार यादव सेवानिवृत्त फौजी हैं, जबकि मां रमिता देवी इस घटना से गहरे सदमे में हैं। उनकी एक छोटी बहन अर्चना भी है, जिसकी अभी शादी नहीं हुई है। अमन की शादी 20 फरवरी को सेल सिटी निवासी सोनी कुमारी से बड़े धूमधाम से हुई थी। 22 फरवरी को उनके घर पर रिसेप्शन समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। शादी के महज 20 दिन बाद ही यह दुखद घटना सामने आने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हाथों की मेहंदी उतरने से पहले ही पत्नी का सुहाग उजड़ गया है और परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है।   पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अमन की मौत आत्महत्या है या इसके पीछे कोई साजिश। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
Tribal girls from Novamundi allegedly taken to Tamil Nadu for job and kept captive, villagers seek help
बच्चियों को तमिलनाडु ले जाकर बनाया बंधक, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई मदद की गुहार, नौकरी का झांसा देकर नोवामुंडी की 4 आदिवासी

  रोजगार के नाम पर बाहर ले जाने का आरोप झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी क्षेत्र से चार आदिवासी बच्चियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर तमिलनाडु ले जाने और वहां बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में चिंता और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चियों को बेहतर रोजगार का लालच देकर बाहर ले जाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें वापस घर लौटने नहीं दिया जा रहा है।   ग्रामीणों ने विधायक से की हस्तक्षेप की मांग मामले की जानकारी मिलते ही गांव के लोगों ने जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकु से संपर्क कर पूरी घटना से अवगत कराया। ग्रामीणों ने विधायक से अपील की कि वे तुरंत हस्तक्षेप कर बच्चियों को सुरक्षित उनके घर वापस लाने की व्यवस्था करवाएं। ग्रामीणों का कहना है कि तमिलनाडु में रखी गईं बच्चियां बीमार भी हैं और उन्हें पेट दर्द की शिकायत हो रही है। बंधक जैसी स्थिति में रहने के कारण वे काफी डरी और मानसिक रूप से परेशान बताई जा रही हैं।   भोले-भाले परिवारों को बनाया जा रहा निशाना स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ दलाल और एजेंट भोले-भाले आदिवासी परिवारों को बहला-फुसलाकर बाहर नौकरी दिलाने का झांसा देते हैं। इसके बाद उन्हें दूसरे राज्यों में ले जाकर मुश्किल परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता है।   विधायक ने प्रशासन को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश घटना की गंभीरता को देखते हुए विधायक सोनाराम सिंकु ने तुरंत क्षेत्र के डीएसपी को इसकी जानकारी दी और मामले की त्वरित जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि बच्चियों को जल्द से जल्द सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया जाए और इस घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। विधायक ने कहा कि क्षेत्र की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है और इस तरह की घटनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।   स्थानीय नेताओं ने भी जताई चिंता इस दौरान मौके पर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष ललित कुमार दोराईबुरु, युवा कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मामूर अंसारी, प्रखंड उपाध्यक्ष सूरज चंपिया, प्रखंड महासचिव प्रदीप प्रधान, रोशन पान, दानिश हुसैन समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई करने और बच्चियों को सुरक्षित वापस लाने की मांग की है।  

surbhi मार्च 9, 2026 0
Police encounter site in Dhanbad where Wasseypur gang shooter injured and SI shot during exchange of fire
धनबाद में पुलिस–अपराधी मुठभेड़: वासेपुर गैंग के शूटर को लगी गोली, SI भी घायल

  सरायढेला इलाके में शाम को हुई जोरदार मुठभेड़ झारखंड के धनबाद जिले में रविवार शाम पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ से इलाके में सनसनी फैल गई। सरायढेला थाना क्षेत्र के एक पब्लिक स्कूल के पास पुलिस ने कुख्यात वासेपुर गैंग से जुड़े शूटर को गोली मारकर घायल कर दिया। मुठभेड़ में गैंगस्टर Prince Khan के गिरोह से जुड़े शूटर हैदर अली उर्फ सुदिष्ट ओझा को दोनों पैरों में गोली लगी। वहीं सरायढेला थाने के सब-इंस्पेक्टर बालमुकुंद सिंह भी गोली लगने से घायल हो गए।   रंगदारी की सूचना पर पहुंची थी पुलिस पुलिस को इलाके में रंगदारी (लेवी) वसूली की गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस को देखते ही दो अपराधियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी और बम फेंककर हमला कर दिया। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें गैंग का शूटर घायल हो गया। हालांकि उसका एक साथी मौके से भागने में सफल रहा।   दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज मुठभेड़ में घायल शूटर और SI को तुरंत इलाज के लिए धनबाद के Asharfi Hospital में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की निगरानी में दोनों का इलाज जारी है।   मौके से जिंदा बम और कारतूस बरामद घटना के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक जिंदा बम कई गोली के खोखे बरामद हुए हैं। मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी बुलाया गया है।   SSP ने कहा- जल्द पकड़ा जाएगा फरार अपराधी धनबाद के एसएसपी Prabhat Kumar ने बताया कि अपराधी रंगदारी वसूली के लिए इलाके में आए थे। पुलिस द्वारा घेराबंदी किए जाने पर उन्होंने पहले फायरिंग और बमबाजी की। उन्होंने कहा कि जवाबी कार्रवाई में शूटर के पैरों में गोली लगी, जबकि SI बालमुकुंद सिंह भी घायल हो गए। फरार अपराधी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।   इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार अपराधी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की गहन जांच जारी है।  

surbhi मार्च 9, 2026 0
CBI officials arrest railway engineer taking bribe at DRM office in Dhanbad Jharkhand
Dhanbad: इंजीनियर 50 हजार घूस लेते CBI के हत्थे चढ़े

झारखंड के Dhanbad में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। CBI की टीम ने कार्रवाई में धनबाद रेल मंडल के वरीय मंडल विद्युत अभियंता Sanjeev Kumar को 50 हजार रुपये की घूस लेते हुए पकड़ा। यह कार्रवाई शुक्रवार शाम डीआरएम कार्यालय में की गई, जिसके बाद पूरे रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। CBI की टीम अभियंता को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई और देर रात तक उनके कार्यालय और आवास पर छापेमारी करती रही।   संवेदक की शिकायत पर हुई कार्रवाई जानकारी के अनुसार यह पूरी कार्रवाई एक रेल संवेदक की शिकायत के आधार पर की गई। संवेदक Avjeet Jha ने रेलवे में इलेक्ट्रिक उपकरणों की आपूर्ति और स्थापना का काम किया था, जिसका कुल बिल लगभग 45 लाख रुपये बताया जा रहा है। संवेदक का आरोप है कि इस बिल के भुगतान के लिए वरीय मंडल विद्युत अभियंता संजीव कुमार की ओर से लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। बार-बार पैसे की मांग से परेशान होकर उन्होंने इसकी शिकायत CBI से कर दी।   सत्यापन के बाद बिछाया गया ट्रैप शिकायत मिलने के बाद CBI ने पहले मामले की जांच की और आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप बिछाया। तय योजना के तहत जब संवेदक घूस की रकम देने पहुंचे, तभी CBI की टीम ने मौके पर छापा मारकर अभियंता को 50 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।   कार्यालय और आवास पर तलाशी गिरफ्तारी के बाद CBI ने अभियंता के कार्यालय और घर पर भी छापेमारी की। रात करीब 11:30 बजे तक चली तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और एक प्रिंटर जब्त किया गया। CBI के डीएसपी Vikas Pathak ने बताया कि शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।   रेलवे विभाग में मचा हड़कंप ईस्ट सेंट्रल रेलवे का East Central Railway के तहत आने वाला धनबाद रेल मंडल देश के सबसे व्यस्त और कमाई वाले रेल मंडलों में से एक माना जाता है। ऐसे में एक वरिष्ठ अभियंता की रिश्वत लेते गिरफ्तारी से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है।  

surbhi मार्च 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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नालंदा मंदिर हादसा: भीड़ ने ली 8 महिलाओं की जान, धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ जैसी स्थिति

surbhi मार्च 31, 2026 0