July 3

Important Events
Important Events: 3 जुलाई की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1698 – ब्रिटेन के थॉमस सेवरी ने पहले व्यवसायिक स्टीम इंजन का पेटेंट हासिल किया। 1751 – स्वीडन के रसायनशास्त्री और खदान विशेषज्ञ फ्रेडरिक क्रोन्स्टलर निकेल नामक धातु का पता लगाने में सफल हुए। 1754 - फ्रेंच और भारतीय युद्ध: किले की आवश्यकता की लड़ाई - जॉर्ज वॉशिंगटन ने फ्रांसीसी कैप्टन लॉयस कूलन डी विलियर्स को फोर्ट के सामने आत्मसमर्पण किया। 1760 – मराठा सेना ने दिल्ली पर कब्जा किया।  1767 - पिटकेर्न द्वीप की खोज की गई, मिडशिपमैन रॉबर्ट पिटैरन फिलिप कार्टेर्ट की आज्ञा के अनुसार एक अभियान यात्रा पर थे। 1778 – पर्शिया ने अर्जेटिना के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 1819 – अमेरिका ने पहला बचत बैंक 'बैंक ऑफ सेविंग इन न्यूयॉर्क' शुरू हुआ। 1876 मोंटेनेग्रो ने तुर्की से युद्ध की घोषणा की। 1879 – स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बासुदेव बलवंत फड़के को गिरफ्तार कर लिया गया। 1884 – स्टॉक एक्सचेंज दाउ जोंस ने अपना पहला स्टॉक इंडेक्स प्रकाशित किया। 1886 – न्यूयॉर्क ट्रिब्यून छपाई मशीन का इस्तेमाल करने वाला पहला अखबार बना। 1890 – इडाहो अमेरिका का 43वां प्रांत बना। 1897 – इतावली वैज्ञानिक मार्कोनी ने लंदन में रेडियो का पेटेंट कराया। 1928 – लंदन में पहली बार रंगीन टीवी कार्यक्रम का प्रसारण हुआ। 1934 - बैंक ऑफ कनाडा अधिनियम कनाडा में पारित किया गया। 1952 – अमेरिकी कांग्रेस ने प्यूर्टो रिको के संविधान को मंजूरी दी। 1962 – फ्रांस के राष्ट्रपति ने अलजीरिया की आजादी की घोषणा की। 1968 – वियतनाम पर युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के आंकड़े जारी होने के बाद युद्ध बंद करने का दवाब बढ़ा। 1970 – 105 यात्रियों वाला हवाई जहाज स्पेन में लापता हो गया। 1979 – दूसरे हावड़ा ब्रिज नाम से कोलकाता में मशहूर विद्यासागर सेतु का निर्माण शुरू हुआ। 1992 - रियो डि जेनरो (ब्राजील) में पृथ्वी सम्मेलन की शुरुआत। 1999 - कुवैत में 50 सदस्यीय संसदीय चुनाव सम्पन्न। 2000 - लायसेनिया करासे फिजी के अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त। 2004 - रूस की मारिया शारापोवा महिला विम्बलडन चैम्पियन बनीं। 2005 - महेश भूपति और मेरी पियर्स ने विंबलडन टेनिस का मिश्रित युगल ख़िताब जीता। 2006 - कैरेबियाई द्वीप पर 35 साल बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने पहली बार जीत दर्ज की।  2006 - स्पेन ने भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद जताई। 2007 - विवादास्पद लेखक सलमान रूश्दी ने अपनी पत्नी पद्म लक्ष्मी से तलाक लेने की घोषणा की। 2008 - न्यूयार्क में दलितों का सम्मेलन शुरू हुआ। 2011 – वर्ष 2011 के विंबलडन ओपन ग्रैंडस्लेम के पुरुष वर्ग में नोवाक जोकोविच तथा महिला वर्ग में पेट्रा क्वीतोवा चैंपियन बने। 2012 – इराक में बम विस्फोट से 25 मरे, 40 घायल। 2013 – मिस्र की सेना ने राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी का तख्तापलट किया। 2017- अचल कुमार ज्योति भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त हुए। 2019 - केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के तीन प्रमुख हवाई अड्डों- अहमदाबाद, लखनऊ और मंगलुरु को लीज (पट्टे ) पर देने के प्रस्तावों को अपनी मंजूरी दे दी।  2019 - भारतीय मूल के अमेरिकी सिख गुरिंदर सिंह खालसा के जीवन पर बनी लघु फिल्म 'सिंह' ने मोंटाना में आयोजित कोवेलिट इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में शॉर्ट फिल्म ऑफ द इयर पुरस्कार जीता। 2020 - दिल्‍ली एनसीआर में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए । इसकी तीव्रता रिक्‍टर पैमाने पर 4.5 मापी गई। 2020 - पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत में ट्रेन और यात्रियों से भरी एक बस में टक्‍कर से 20 सिख श्रद्धालुओं की जान चली गई। 2021 - टीम इंडिया 2021 ने रीजेनरॉन अंतरराष्ट्रीय विज्ञान और इंजीनियरिंग मेले (आईएसईएफ) में 9 सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार और 8 विशेष पुरस्कार जीते। 2022 - केंद्रीय मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी की छह दिवसीय ऑस्ट्रेलिया यात्रा शुरू हुई। 2022 - दक्षिण पूर्व एशिया में अपनी तैनाती के हिस्से के रूप में, भारतीय नौसेना के जहाज सह्याद्री और कदमत्त ने पूर्वी बेड़ा की कमान के तहत सिंगापुर का दौरा किया। 2022 - मुंबई के पहली बार विधायक बने राहुल नार्वेकर को महाराष्ट्र विधान सभा के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष के रूप में चुना गया ( महत्वपूर्ण संवैधानिक पद को संभालने वाले भारत में सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने)। 2022 - 'मिस इंडिया 2022' का खिताब कर्नाटक की सिनी शेट्टी ने अपने नाम किया। 2023 - समान नागरिक संहिता (UCC) पर संसदीय स्थायी समिति की संसद भवन में अहम बैठक हुई। 2023 - सेंसेक्स पहली बार 65000 के पार , शेयर बाजार ने एक और इतिहास रचा, निफ्टी भी नए शिखर पर पहुंचा। 2023 - अब तक का सबसे गर्म औसत वैश्विक तापमान 17.01 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचा व 61,000 हेक्टेयर क्षेत्र में 110 से अधिक जंगलों में आग के कारण साइबेरिया के याकूतिया क्षेत्र में आपातकाल की  की गई। 2023 - इजराइली जेनिन शरणार्थी शिविर में उग्रवादियों के खिलाफ सैन्य अभियान में 8 लोग मारे गए व 100 घायल हुए।  2023 - राज्य विधानमंडल के एक पूर्व अधिकारी ने आंकड़ों के हवाले से दी कि 51 साल बाद महाराष्ट्र सरकार को 200 से अधिक विधायकों का समर्थन मिला। 2023 - भारत-यूके इलेक्ट्रिक प्रणोदन तकनीकी कार्यशाला का आयोजन नई दिल्ली में किया गया। 2023 - भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत स्टार्टअप-20 संवाद समूह द्वारा आयोजित स्टार्टअप 20 शिखर सम्मेलन गुरुग्राम में शुरू हुआ। 2024 - झारखंड में चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया।   3 जुलाई को जन्मे व्यक्ति   1616 - शाह शुजा (मुग़ल) - मुग़ल बादशाह शाह जहाँ का पुत्र। 1883 – चेक गणराज्य के विख्यात लेखक फ्रैन्टस कैफ़का का जन्म हुआ (कन्फर्म नहीं)। 1886 - रामचंद्र दत्तात्रेय रानाडे - दर्शन के प्रसिद्ध विद्वान और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दर्शन विभाग के अध्यक्ष थे। 1892 - हबीब उर रहमान लुधियानवी - भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे। 1897 - हंसा मेहता - भारत की प्रसिद्ध समाजसेवी, स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद। 1941 - अदूर गोपालकृष्णन - मलयालम सिनेमा और भारत के चोटी के फ़िल्म निर्माताओं में से एक। 1952 - रोहिंटन मिस्त्री अथवा 'रोहिंतों मिस्त्री'  (मुंबई, महाराष्ट्र) प्रख्यात भारतीय कैनेडियन उपन्यासकार। 1962 – हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता टॉम क्रूज का जन्म हुआ। 1969 - नायक दिगेन्द्र कुमार (परस्वाल) महावीर चक्र विजेता, भारतीय सेना की 2 राज राइफल्स में थे। 1979 - आरती सिंह राव  - भारतीय निशानेबाज। 1980 - हरभजन सिंह भारत के अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाडी। 1986 - कृतिका सेंगर भारतीय टेलीविजन अभिनेत्री हैं ।   3 जुलाई को हुए निधन   1904 – अंतर्राष्ट्रीय ज़ायोनिज़्म के संस्थापक थ्योडोर हर्टज़ल का निधन हुआ (कन्फर्म नहीं)। 1948 - मोहम्मद उस्मान - भारतीय सेना के उच्च अधिकारी, जो भारत और पाकिस्तान के प्रथम युद्ध (1947-48) में शहीद हुए थे। 1971 – अमेरिकी रॉक बैंड 'द डोर्स' के प्रसिद्ध गायक जिम मॉरिसन अपने पेरिस स्थित घर में मृत पाए गए। 1982 - केदार पांडे एक भारतीय राजनेता है और बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके। 1989 - सोवियत संघ के पूर्व राष्ट्रपति आन्द्रेई ग्रोमिको का निधन। 1996 - राज कुमार - सुप्रसिद्ध हिन्दी फ़िल्म अभिनेता। 1999 - मनोज कुमार पांडेय, परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक। 2015 - योगेश कुमार सभरवाल - भारत के सर्वोच्च न्यायालय के 36वें (भूतपूर्व) मुख्य न्यायाधीश। 2019 -  बीके बिड़ला ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन बसंत कुमार बिड़ला (बीके) का निधन हुआ , उन्होंने 98 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। 2019 - सुदर्शन अग्रवाल उत्तराखण्ड ऑर सिक्किम के पुर्व राज्यपाल। 2020 - बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान (71) का दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ। 2020 - ब्रिटिश फिल्म और टीवी एक्टर अर्ल कैमरन का निधन। 2022 - भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी ईएन सुधीर का गोवा के मापुसा में निधन हुआ। 2023 -  स्कॉटिश रग्बी यूनियन प्लेयर ग्रेग ओलिवर (58) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी पावरलिफ्टर  डोनाल्ड सी. रेनहौड्ट (78) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी फ़ुटबॉल मुख्य कोच विंसेंट माइकल टोबिन (79) का निधन हुआ। 2024 - अमेरिकी शुद्ध नस्ल के घुड़दौड़ प्रशिक्षक डेविड हॉफमैन्स (81) का निधन हुआ।   3 जुलाई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   श्री सरथलदेवी यात्रा (जम्मू-कश्मीर , आषाढ़ शुक्ल अष्टमी)। अभिनेता राज कुमार (कुलभूषण पंडित) पुण्य तिथि। श्री केदार पांडे पुण्य दिवस। कैप्टन मनोज कुमार पांडेय बलिदान दिवस (परमवीर चक्र सम्मानित)। ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान पुण्य दिवस। अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस।   कृपया ध्यान दें    यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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दिल्ली में 50 लाख की रंगदारी की साजिश का खुलासा, कारोबारी की पत्नी निकली मास्टरमाइंड

abhishek singh जून 30, 2026 0