MG Motor India

Kia Carens Clavis EV showcased with premium design and advanced electric family car features
₹3.3 प्रति KM खर्च वाली Kia Carens Clavis EV ने बढ़ाई Tata और MG की टेंशन, BAAS मॉडल से बनी और सस्ती

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार तेज हो रही है और अब इस सेगमेंट में मुकाबला और भी कड़ा होता जा रहा है। इसी बीच Kia India ने अपनी नई इलेक्ट्रिक 7-सीटर MPV Kia Carens Clavis EV के जरिए बाजार में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। कंपनी ने इस मॉडल को “Battery as a Service” (BAAS) मॉडल के साथ पेश कर इसकी शुरुआती कीमत को काफी किफायती बना दिया है। इस नए मॉडल की सबसे बड़ी खासियत इसका लगभग ₹3.3 प्रति किलोमीटर रनिंग कॉस्ट बताया जा रहा है, जिससे यह सीधे तौर पर फैमिली EV सेगमेंट में मजबूत विकल्प बनकर उभर रही है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से Tata Motors और MG Motor India जैसी कंपनियों की टेंशन बढ़ सकती है। BAAS मॉडल से कैसे सस्ती हुई यह इलेक्ट्रिक MPV किआ के BAAS मॉडल में ग्राहक को कार और बैटरी अलग-अलग फाइनेंसिंग के तहत मिलती है। इसका सीधा फायदा यह है कि कार की शुरुआती कीमत काफी कम हो जाती है। ग्राहक सिर्फ बॉडी (कार) के लिए लोन लेता है बैटरी के लिए भुगतान उपयोग के आधार पर किया जाता है औसतन खर्च करीब ₹3.3 प्रति किलोमीटर बताया गया है इस मॉडल का उद्देश्य उन ग्राहकों को EV की ओर आकर्षित करना है, जो एक साथ बड़ी रकम निवेश नहीं कर पाते। 490KM तक की दमदार रेंज और पावरफुल परफॉर्मेंस Kia Carens Clavis EV को दो बैटरी विकल्पों के साथ पेश किया गया है– 42 kWh बैटरी पैक: लगभग 404 KM रेंज 51.4 kWh बैटरी पैक: लगभग 490 KM रेंज इसमें दी गई इलेक्ट्रिक मोटर लगभग 255Nm टॉर्क जनरेट करती है और यह कार 0 से 100 किमी/घंटा की स्पीड सिर्फ 8.4 सेकंड में पकड़ सकती है। फास्ट चार्जिंग की सुविधा के तहत 100kW DC चार्जर से यह 10% से 80% तक सिर्फ 39 मिनट में चार्ज हो जाती है। फैमिली के लिए प्रीमियम फीचर्स से लैस इस इलेक्ट्रिक MPV को खासतौर पर फैमिली यूज को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसमें कई प्रीमियम फीचर्स शामिल हैं– 6 और 7-सीटर कॉन्फ़िगरेशन डुअल 12.3-इंच पैनोरमिक डिस्प्ले वायरलेस चार्जिंग और फोन प्रोजेक्शन एम्बियंट लाइटिंग पैनोरमिक सनरूफ ADAS लेवल 2.0 सेफ्टी सिस्टम रियर सीट्स के लिए फोल्डेबल टेबल इन फीचर्स के चलते यह कार सीधे तौर पर प्रीमियम फैमिली सेगमेंट को टारगेट करती है। फाइनेंस और EMI से आसान हुई खरीदारी किआ ने इस मॉडल के लिए कई बड़े बैंकों के साथ साझेदारी की है, जिनमें HDFC बैंक, ICICI बैंक, Axis Bank, Kotak Mahindra Bank और Bajaj Finserv शामिल हैं। डाउन पेमेंट करीब ₹51,000 से शुरू एक्सटेंडेड वर्जन में ₹60,000+ तक बॉडी लोन 60 महीने तक बैटरी लोन 96 महीने तक इस स्ट्रक्चर के जरिए मासिक EMI का दबाव काफी कम किया जा सकता है। EV बाजार में बढ़ेगा मुकाबला ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि Kia Carens Clavis EV का BAAS मॉडल भारत में EV खरीदने के तरीके को बदल सकता है। अब कंपनियां सिर्फ वाहन बेचने के बजाय “यूसेज-बेस्ड” मॉडल पर फोकस कर रही हैं। लंबी रेंज, कम रनिंग कॉस्ट और फैमिली फ्रेंडली डिजाइन के चलते यह कार EV मार्केट में नए प्रतिस्पर्धी दौर की शुरुआत कर सकती है।  

surbhi मई 15, 2026 0
MG Cyberster electric roadster and MG M9 luxury MPV showcasing premium EV design and features
MG M9 और Cyberster हुईं और महंगी: प्रीमियम इलेक्ट्रिक सेगमेंट में कीमतों का नया स्तर

भारत के प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। JSW MG Motor India ने अपनी दो हाई-एंड इलेक्ट्रिक कारों – MG M9 और MG Cyberster – की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। यह नई कीमतें अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी हैं, और कंपनी ने इस फैसले के पीछे बढ़ती इनपुट कॉस्ट्स को मुख्य वजह बताया है। MG M9: लग्जरी इलेक्ट्रिक MPV अब और महंगी प्रीमियम सेगमेंट में अपनी अलग पहचान बना चुकी MG M9 अब 5 लाख रुपये तक महंगी हो गई है। इसकी नई एक्स-शोरूम कीमत 75.90 लाख रुपये तय की गई है। यह इलेक्ट्रिक MPV खासतौर पर उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो कम्फर्ट और लक्जरी को प्राथमिकता देते हैं। इसमें 90 kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया गया है, जो एक बार चार्ज करने पर 548 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा करता है। फीचर्स की बात करें तो इसमें 7-सीटर लेआउट, वेंटिलेटेड और मसाज सीट्स, ड्यूल पैन सनरूफ और 13-स्पीकर प्रीमियम साउंड सिस्टम जैसे हाई-एंड एलिमेंट्स शामिल हैं। इसके अलावा Level 2 ADAS जैसी एडवांस सेफ्टी टेक्नोलॉजी भी दी गई है। भारतीय बाजार में इसका सीधा इलेक्ट्रिक मुकाबला फिलहाल मौजूद नहीं है, लेकिन इसे Kia Carnival जैसे लग्जरी MPV का इलेक्ट्रिक विकल्प माना जा रहा है। MG Cyberster: स्पीड और परफॉर्मेंस का इलेक्ट्रिक पावरहाउस दूसरी ओर, MG Cyberster की कीमत में 2.50 लाख रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इसकी नई एक्स-शोरूम कीमत 77.49 लाख रुपये हो गई है। यह एक परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड इलेक्ट्रिक रोडस्टर है, जिसमें ड्यूल-मोटर ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम मिलता है। यह सेटअप 528 bhp की पावर और 725 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। Cyberster केवल 3.2 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है, जो इसे अपने सेगमेंट की सबसे तेज इलेक्ट्रिक कारों में शामिल करता है। इसमें 77 kWh का बैटरी पैक दिया गया है, जो 580 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा करता है। प्रीमियम EV सेगमेंट में मजबूत पकड़ MG की ये दोनों कारें कंपनी की MG Select डीलरशिप्स के जरिए बेची जाती हैं, जो इनके प्रीमियम पोजिशनिंग को और मजबूत बनाती हैं। कीमतों में यह बढ़ोतरी साफ संकेत देती है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के हाई-एंड सेगमेंट में लागत और टेक्नोलॉजी दोनों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।  

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
MG Majestor premium SUV with bold design and LED lights showcased ahead of India price reveal
MG Majestor SUV: 20 अप्रैल को कीमतों का खुलासा, Fortuner और Kodiaq को देगी सीधी चुनौती

भारतीय ऑटो बाजार में प्रीमियम SUV सेगमेंट में एक नई हलचल देखने को मिल रही है। MG Motor India अपनी नई फ्लैगशिप SUV MG Majestor की कीमतों का ऐलान 20 अप्रैल 2026 को करने जा रही है। यह SUV कंपनी की मौजूदा MG Gloster को रिप्लेस करेगी और सीधे तौर पर Toyota Fortuner, Jeep Meridian और Skoda Kodiaq को टक्कर देगी। पावर और परफॉर्मेंस: ऑफ-रोडिंग का दम MG Majestor को खास तौर पर पावर और ऑफ-रोडिंग के शौकीनों के लिए डिजाइन किया गया है। 2.0-लीटर ट्विन-टर्बो डीजल इंजन 215hp की पावर और 478.5Nm टॉर्क 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स 4WD सिस्टम के साथ लो-रेंज सपोर्ट इसके अलावा SUV में तीन लॉकिंग डिफरेंशियल और Snow, Rock, Sand, Mud जैसे मल्टीपल ड्राइव मोड्स दिए गए हैं, जो इसे हर तरह के रास्तों पर सक्षम बनाते हैं। डिजाइन: दमदार और प्रीमियम अपील MG Majestor का एक्सटीरियर लुक बॉक्सी और मस्कुलर है, जो सड़क पर इसकी मजबूत मौजूदगी को दर्शाता है। बड़ा फ्रंट ग्रिल और वर्टिकल LED हेडलाइट्स 19-इंच ड्यूल-टोन अलॉय व्हील्स कनेक्टेड LED टेललाइट्स ड्यूल एग्जॉस्ट और मजबूत बॉडी क्लैडिंग यह SUV एक साथ प्रीमियम और एग्रेसिव लुक का बेहतरीन कॉम्बिनेशन पेश करती है। इंटीरियर: लग्जरी और टेक्नोलॉजी का संगम केबिन को पूरी तरह लग्जरी फील के साथ डिजाइन किया गया है- ड्यूल 12.4-इंच स्क्रीन (इंफोटेनमेंट + डिजिटल क्लस्टर) पैनोरमिक सनरूफ 12-स्पीकर JBL साउंड सिस्टम 3-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल वेंटिलेटेड और मसाज सीट्स 64-कलर एम्बिएंट लाइटिंग इसके अलावा 6 और 7-सीटर ऑप्शन इसे फैमिली SUV के रूप में और भी आकर्षक बनाते हैं। सेफ्टी: एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस सेफ्टी के मामले में भी MG Majestor पूरी तरह अपडेटेड है- 6 एयरबैग (स्टैंडर्ड) Level 2 ADAS 360-डिग्री कैमरा TPMS और हिल होल्ड/डिसेंट कंट्रोल इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक क्या बदल सकती है सेगमेंट की तस्वीर? MG Majestor की एंट्री प्रीमियम SUV सेगमेंट में मुकाबले को और कड़ा कर सकती है। अगर कीमतें प्रतिस्पर्धी रहती हैं, तो यह Fortuner जैसी स्थापित SUV के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।  

surbhi अप्रैल 6, 2026 0
MG IM6 electric SUV with sleek coupe-SUV design and futuristic interior in India
MG IM6 इलेक्ट्रिक SUV इस साल भारत में होगी लॉन्च, 555KM रेंज और 800V फास्ट चार्जिंग के साथ आएगी प्रीमियम EV

  MG Select नेटवर्क के तहत लॉन्च होगी नई इलेक्ट्रिक SUV ब्रिटिश मूल की कार निर्माता MG Motor इस साल भारत में अपनी नई प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV IM6 लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मॉडल कंपनी के प्रीमियम रिटेल नेटवर्क MG Select के तहत पेश किया जाएगा। अनुमान है कि यह SUV अक्टूबर 2026 के आसपास भारतीय बाजार में आएगी और इसकी कीमत करीब 60 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के आसपास हो सकती है। इसे भारत में फुली इम्पोर्टेड मॉडल के तौर पर लाया जाएगा।   IM ब्रांड के तहत तैयार की गई खास इलेक्ट्रिक कार IM6, दरअसल SAIC Motor द्वारा स्थापित इलेक्ट्रिक वाहन ब्रांड IM (Intelligent Mobility) का हिस्सा है। यह ब्रांड 2020 में Alibaba और Zhangjiang Hi-Tech के सहयोग से शुरू किया गया था और यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों पर केंद्रित है। इस SUV को भारत में पहली बार Auto Expo 2025 में शोकेस किया गया था, जहां इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला था।   बैटरी, पावर और रेंज अंतरराष्ट्रीय बाजार में IM6 कई दमदार स्पेसिफिकेशन के साथ आती है। इसके मुख्य फीचर्स इस प्रकार हैं: 100kWh बैटरी पैक एक बार चार्ज करने पर 555 किमी तक की WLTP रेंज (RWD) 800V इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर 396kW DC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट 30% से 80% चार्ज सिर्फ 15 मिनट में   पावरट्रेन विकल्प: RWD वर्जन: 408hp और 500Nm टॉर्क AWD वर्जन: 778hp और 802Nm टॉर्क   स्पीड के मामले में: RWD वर्जन: 0-100 किमी/घंटा 5.4 सेकंड AWD वर्जन: 0-100 किमी/घंटा 3.4 सेकंड हालांकि भारत में कौन-सा वर्जन आएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।   डिजाइन और इंटीरियर डिजाइन की बात करें तो IM6 पारंपरिक SUV जैसी नहीं दिखती, बल्कि इसका स्टाइल कूपे-SUV क्रॉसओवर जैसा है। इसमें स्मूद और एयरोडायनामिक बॉडी पैनल दिए गए हैं। मुख्य डिजाइन हाइलाइट्स: बड़े L-शेप LED हेडलैंप पीछे फुल-वाइड LED लाइट बार स्पोर्टी और फ्यूचरिस्टिक लुक   इंटीरियर में मिलते हैं: 26.3-इंच पैनोरमिक स्क्रीन सेटअप अतिरिक्त 10.5-इंच वर्टिकल डिस्प्ले LiDAR टेक्नोलॉजी NVIDIA का Orin X चिप Qualcomm का Snapdragon 8295 प्रोसेसर   किन कारों से होगी टक्कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह SUV कई प्रीमियम इलेक्ट्रिक मॉडलों को टक्कर देती है, जिनमें शामिल हैं: Tesla Model Y BYD Sealion 7 Hyundai Ioniq 5 Kia EV6   MG की भारत में आगे की योजना JSW MG Motor India आने वाले समय में भारतीय बाजार के लिए कई नए मॉडल तैयार कर रही है। IM6 के बाद कंपनी एक नई SUV भी लॉन्च करेगी, जो Mahindra XUV 7XO की प्रतिद्वंद्वी होगी। यह मॉडल इंडोनेशिया में बिकने वाली Wuling Starlight 560 पर आधारित होगा और भारत की पहली मास-मार्केट प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) SUV बन सकती है। इसके अलावा कंपनी Astor और ZS EV के लिए नई जनरेशन मॉडल भी तैयार कर रही है, जिन्हें 2027 तक लॉन्च किए जाने की उम्मीद है।

surbhi मार्च 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0