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Bombay Stock Exchange building, symbolizing market closure on Ambedkar Jayanti.
Ambedkar Jayanti पर शेयर बाजार बंद: BSE और NSE में आज नहीं होगा कारोबार, कल से फिर शुरू होगी ट्रेडिंग

Ambedkar Jayanti के मौके पर आज भारतीय शेयर बाजार में कारोबार पूरी तरह बंद है। देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज Bombay Stock Exchange (BSE) और National Stock Exchange (NSE) में 14 अप्रैल को किसी भी सेगमेंट में ट्रेडिंग नहीं हो रही है। एक्सचेंज के अनुसार, इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB), करेंसी डेरिवेटिव्स और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स–सभी सेगमेंट आज बंद रहेंगे। हालांकि, कमोडिटी डेरिवेटिव्स में आंशिक राहत है, जहां सुबह का सत्र (9:00 बजे से 5:00 बजे तक) बंद रहेगा, जबकि शाम का सत्र (5:00 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) खुला रहेगा। अब बाजार में सामान्य ट्रेडिंग 15 अप्रैल (बुधवार) से फिर शुरू होगी। वैश्विक संकेतों से बाजार पर दबाव छुट्टी से पहले 13 अप्रैल को भारतीय बाजार दबाव में रहा। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बेनतीजा रहने से वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। सेंसेक्स 702.68 अंक गिरकर 76,847.57 पर बंद हुआ निफ्टी 207.95 अंक गिरकर 23,842.65 पर बंद हुआ सेक्टरवार प्रदर्शन में पावर, डिफेंस और टेलीकॉम को छोड़कर अधिकांश सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। FMCG, ऑटो, IT, एनर्जी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में करीब 1% तक की गिरावट दर्ज की गई। किन शेयरों में रही हलचल निफ्टी में HDFC Life, Adani Enterprises, ICICI Bank और NTPC जैसे शेयरों में बढ़त देखने को मिली। वहीं Maruti Suzuki, Reliance Industries, Bajaj Finance और InterGlobe Aviation में गिरावट रही। ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी रही, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेंचमार्क की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और करीब 0.5% की गिरावट के साथ बंद हुए। तकनीकी नजरिया: सपोर्ट-रेजिस्टेंस पर बाजार मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, हालिया गिरावट के बावजूद बाजार का शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। निफ्टी का अहम सपोर्ट: 23,500 तत्काल रेजिस्टेंस: 24,100 विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निफ्टी इस सपोर्ट स्तर को बनाए रखता है, तो निकट भविष्य में बाजार में फिर तेजी देखी जा सकती है। रुपये पर भी दबाव जारी इस बीच भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है और डॉलर के मुकाबले 65 पैसे गिरकर 93.38 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक तनाव के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार, USD/INR फिलहाल 92.70 के सपोर्ट और 93.65 के रेजिस्टेंस के बीच कारोबार कर रहा है। निवेशक अब महंगाई के आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।  

surbhi अप्रैल 14, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty surge with investors gaining massive wealth in bullish rally
सेंसेक्स 2700 अंक उछला, निफ्टी 800 अंक चढ़ा; निवेशकों की दौलत ₹13 लाख करोड़ बढ़ी

घरेलू शेयर बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 2700 अंक से ज्यादा उछल गया, वहीं निफ्टी 800 अंक चढ़कर नई ऊंचाई के करीब पहुंच गया। बाजार खुलते ही खरीदारी की ऐसी लहर आई कि निवेशकों की संपत्ति में ₹13 लाख करोड़ से ज्यादा का इजाफा हो गया। बाजार का ताजा हाल सेंसेक्स: +2716 अंक (3.64%) ➝ 77,332 के करीब निफ्टी 50: +797 अंक (3.45%) ➝ 23,921 के करीब मार्केट कैप: ₹13.74 लाख करोड़ की बढ़त हर सेक्टर में तेजी, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी तेजी? 1. ईरान-अमेरिका सीजफायर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 2 हफ्ते के संघर्ष विराम पर सहमति जताई इससे ग्लोबल टेंशन कम हुआ और एशियाई बाजारों में तेजी आई 2. कच्चे तेल में भारी गिरावट WTI क्रूड में करीब 19% गिरावट ब्रेंट क्रूड में 16% तक की कमी भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह बड़ी राहत है, जिससे बाजार में पॉजिटिव सेंटिमेंट बना। 3. RBI MPC फैसले का इंतजार निवेशकों को उम्मीद है कि RBI कोई सपोर्टिव पॉलिसी ला सकता है इसी उम्मीद में बाजार में पहले से खरीदारी बढ़ी निवेशकों को कितना फायदा? 7 अप्रैल: मार्केट कैप ➝ ₹4.29 लाख करोड़ करोड़ 8 अप्रैल: मार्केट कैप ➝ ₹4.43 लाख करोड़ करोड़ यानी सिर्फ एक दिन में ₹13.74 लाख करोड़ का फायदा मार्केट ब्रेड्थ (Market Breadth) कुल शेयर ट्रेड: 2679 तेजी वाले शेयर: 2408 गिरावट वाले: 178 36 शेयर: 1 साल के हाई पर 123 शेयर: अपर सर्किट में सेंसेक्स के सभी 30 शेयर ग्रीन जोन में  

surbhi अप्रैल 8, 2026 0
Indian stock market sees sharp volatility with Sensex down 544 points, Nifty at 22,683 amid global tensions.
Stock Market Updates: भारी गिरावट के बाद संभला बाजार, सेंसेक्स 544 अंक नीचे, निफ्टी 22683 पर

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते बाजार ने जोरदार गिरावट के साथ शुरुआत की। हालांकि, दिन के दौरान कुछ रिकवरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर मिली। शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट सोमवार को बाजार खुलते ही भारी दबाव में नजर आया: सेंसेक्स 1018 अंक गिरकर 72,565 पर खुला निफ्टी 269 अंक टूटकर 22,549 पर ओपन हुआ यह गिरावट साफ तौर पर ग्लोबल नेगेटिव संकेतों और निवेशकों के कमजोर सेंटिमेंट का असर दिखाती है। बाद में आई रिकवरी हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में हल्की खरीदारी देखने को मिली: सेंसेक्स अब 544 अंक नीचे 73,038 पर ट्रेड कर रहा है निफ्टी 136 अंक गिरकर 22,683 के आसपास बना हुआ है इससे संकेत मिलता है कि निचले स्तरों पर कुछ निवेशक खरीदारी कर रहे हैं। गिरावट की बड़ी वजहें (डिटेल में) 1. मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव अब पांचवें हफ्ते में पहुंच चुका है। इससे वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ी है निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं इक्विटी मार्केट से पैसा निकलकर सुरक्षित निवेश (Gold, Bonds) की ओर जा रहा है 2. कच्चे तेल की कीमतों में विस्फोटक तेजी ब्रेंट क्रूड 115–120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया फरवरी के मुकाबले इसमें करीब 59% उछाल भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह बेहद चिंताजनक है क्योंकि: महंगाई बढ़ने का खतरा कंपनियों की लागत बढ़ेगी चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ सकता है 3. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली मार्च 2026 में अब तक 1,13,810 करोड़ रुपये की बिकवाली इससे बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है और लिक्विडिटी पर असर पड़ रहा है। 4. रुपये की रिकॉर्ड गिरावट डॉलर के मुकाबले रुपया 94.82 के स्तर पर पहुंच गया इसका असर: आयात महंगा विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर बाजार में और बिकवाली का दबाव एशियाई बाजारों में हाहाकार भारतीय बाजार ही नहीं, पूरे एशिया में गिरावट का माहौल: निक्केई 225 (जापान): ~3.97% गिरावट टॉपिक्स: ~3.9% नीचे कोस्पी (दक्षिण कोरिया): 5% से ज्यादा टूटा कोस्डैक: ~3.97% गिरावट हैंग सेंग फ्यूचर्स: भी दबाव में यह दर्शाता है कि गिरावट पूरी तरह ग्लोबल ट्रेंड का हिस्सा है। अमेरिकी बाजार से भी नेगेटिव संकेत शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई: डाऊ जोन्स: 793 अंक (1.73%) गिरावट S&P 500: 1.67% गिरकर 7 महीने के निचले स्तर पर नैस्डेक: 2.15% टूटा अमेरिकी बाजार की कमजोरी का असर एशियाई बाजारों पर पड़ा। कमोडिटी मार्केट में उथल-पुथल ब्रेंट क्रूड: 115.55 डॉलर/बैरल COMEX क्रूड: 102.59 डॉलर/बैरल 27 फरवरी के बाद से तेल में तेज उछाल युद्ध के चलते सप्लाई को लेकर डर बढ़ गया है, जिससे कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। सेक्टोरल असर (कौन प्रभावित?) सबसे ज्यादा दबाव में: ऑटो सेक्टर (महंगा ईंधन) एविएशन (फ्यूल कॉस्ट बढ़ी) पेंट और केमिकल कंपनियां कुछ सेक्टर सुरक्षित: आईटी (डॉलर मजबूत होने से फायदा) फार्मा (डिफेंसिव सेक्टर) निवेशकों के लिए सलाह फिलहाल बाजार में हाई वोलैटिलिटी बनी रहेगी शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में सतर्कता जरूरी लॉन्ग टर्म निवेशक गिरावट को बायिंग ऑपर्च्युनिटी मान सकते हैं क्रूड ऑयल और ग्लोबल न्यूज पर नजर रखें

surbhi मार्च 30, 2026 0
Stock Market
Stock Market: हरे निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 1500 अंक उछला

मुंबई, एजेंसियां। BSE Sensex और Nifty 50 में मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। हफ्ते की शुरुआत में आई भारी गिरावट के बाद बाजार ने आज मजबूत वापसी की है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1500 अंकों से ज्यादा उछलकर 74,200 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 300 अंकों से अधिक चढ़कर 22,850 के स्तर के ऊपर कारोबार करता दिखा।   सोमवार की गिरावट के बाद तेज रिकवरी सोमवार को बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स 1800 अंकों से ज्यादा टूटकर बंद हुआ था और निफ्टी भी 600 अंकों से अधिक लुढ़क गया था। हालांकि, आज निवेशकों का भरोसा लौटने के साथ बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है।   इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी शुरुआती कारोबार में Shriram Finance, Eicher Motors, Asian Paints और IndiGo के शेयरों में 2 से 4 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा HDFC Bank के शेयरों में भी रिकवरी देखने को मिली।   हर सेक्टर में दिखी हरियाली आज के कारोबार में ऑटो, बैंकिंग, फार्मा, एनर्जी और पीएसयू बैंक जैसे लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। ज्यादातर सेक्टरों में 1 से 2 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई, जिससे बाजार की मजबूती साफ नजर आई।   तेजी की बड़ी वजहें बाजार में तेजी की मुख्य वजह वैश्विक संकेत रहे। डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर संभावित हमले को टालने के बयान से वैश्विक तनाव कम हुआ है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में 14 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट आई, जो भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक संकेत है।   निवेशकों के लिए संकेत विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक हालात स्थिर रहने और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहने पर बाजार में आगे भी तेजी बनी रह सकती है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

Anjali Kumari मार्च 24, 2026 0
Indian stock market today update
हरे निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 144 अंक चढ़ा, निफ्टी 23300 के पार

मुंबई, एजेंसियां। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने हरे निशान के साथ कारोबार की शुरुआत की, हालांकि शुरुआती मिनटों में हल्की गिरावट भी देखने को मिली। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा। इससे पहले सोमवार को बाजार में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई थी, जहां सेंसेक्स करीब 939 अंक चढ़कर 75,502 के स्तर पर बंद हुआ था और निफ्टी 23,400 के पार पहुंच गया था।   शुरुआती कारोबार में हल्का उतार-चढ़ाव मंगलवार सुबह सेंसेक्स में करीब 144 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 75,358 के आसपास आ गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 50 अंक फिसलकर 23,358 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, रुपये में भी कमजोरी दिखी और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे गिरकर 92.40 पर आ गया।   वैश्विक बाजारों से मिला समर्थन अंतरराष्ट्रीय संकेत बाजार के लिए सकारात्मक रहे। अमेरिकी बाजार मजबूती के साथ बंद हुए, खासकर टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी देखने को मिली। एशियाई बाजारों में भी बढ़त का रुख रहा—जापान, हांगकांग, ताइवान और दक्षिण कोरिया के प्रमुख सूचकांकों में उछाल दर्ज किया गया।   कच्चे तेल की कीमत बनी चिंता विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में तेजी के बावजूद कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय हैं। ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण सप्लाई पर असर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।   एफपीआई की बिकवाली, डीआईआई का सहारा विदेशी निवेशकों ने बाजार में 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी कर बाजार को संभाला। यही कारण रहा कि बाजार ने मजबूती बनाए रखी।

Juli Gupta मार्च 17, 2026 0
stock market starts flat
शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, जानें सेंसेक्स-निफ्टी का हाल

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार सोमवार को सपाट खुला। वहीं पिछले दिन शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1470.50  अंक गिरकर 74,563.92 अंक पर बंद हुआ था, जबकि एनएसई निफ्टी 488.05 अंक गिरकर 23,151.10 अंक पर बंद हुआ था।आज हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ खुला। बाजार में उठापटक की स्थिति देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 24.79 अंक चढ़कर 74,588.71 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 29.20 अंक या 23,180.30 अंक पर आ गया।

Anjali Kumari मार्च 16, 2026 0
शेयर बाजारों में भारी गिरावट
शेयर बाजारों में भारी गिरावट, भारत में निवेशकों के 39 लाख करोड़ डूबे

मुंबई, एजेंसियां। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला है। 27 फरवरी से ही वैश्विक बाजारों का सेंटीमेंट कमजोर होना शुरू हो गया था और इसके बाद निवेशकों में भारी घबराहट देखने को मिली। इसका सबसे ज्यादा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा, जहां प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। भारतीय बाजार में 9% से ज्यादा की गिरावट BSE Sensex और Nifty 50 में 26 फरवरी के बाद से 9 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। सेंसेक्स 82,248 अंकों से गिरकर करीब 74,563 अंक पर आ गया, जबकि निफ्टी 25,496 अंकों से घटकर लगभग 23,151 अंक पर पहुंच गया। शुक्रवार को भी बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स करीब 1,470 अंक टूट गया। अमेरिकी बाजार भी दबाव में वैश्विक असर से अमेरिकी शेयर बाजार भी अछूते नहीं रहे ।नैस्डेक में लगभग 3.38%, S&P 500 में करीब 4% और Dow Jones Industrial Average में लगभग 6% तक गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार युद्ध और आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी है। भारतीय निवेशकों को भारी नुकसान भारतीय बाजार में गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा है। आंकड़ों के मुताबिक 26 फरवरी के बाद से बीएसई का मार्केट कैप करीब 39 लाख करोड़ रुपये घट गया है। यानी इतने बड़े पैमाने पर निवेशकों की संपत्ति कम हो गई है। कच्चे तेल और विदेशी बिकवाली का असर विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जो भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि देश अपनी जरूरत का लगभग 88% तेल आयात करता है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, रुपये में कमजोरी और महंगाई बढ़ने की आशंका भी बाजार में गिरावट की बड़ी वजह बन रही है।

Anjali Kumari मार्च 14, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0