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Government job recruitment notification board showing multiple vacancies and application deadlines in India 2026
Weekly 7 Govt Jobs 2026: इस हफ्ते खत्म हो रही हैं 7 बड़ी सरकारी भर्तियां, 14 जून से पहले करें आवेदन

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए जून 2026 का यह सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण है। रेलवे, भारतीय सेना, यूपीएससी, बैंकिंग और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में निकली कई बड़ी भर्तियों की आवेदन प्रक्रिया 14 जून तक समाप्त होने वाली है। ऐसे में योग्य अभ्यर्थियों के लिए यह अंतिम मौका है कि वे समय रहते आवेदन पूरा कर लें। 1. UPSSSC टेक्निकल असिस्टेंट ग्रुप-C भर्ती 2026 उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने 2759 पदों पर टेक्निकल असिस्टेंट ग्रुप-C भर्ती निकाली है। योग्यता: बीएससी एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर, होम साइंस, कम्युनिटी साइंस या फॉरेस्ट्री अथवा एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में बीई/बीटेक यूपी पीईटी-2025 उत्तीर्ण अंतिम तिथि: 11 जून 2026 2. रेलवे असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) भर्ती 2026 रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने 11,127 पदों पर असिस्टेंट लोको पायलट भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। योग्यता: 10वीं पास संबंधित ट्रेड में आईटीआई या मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिग्री आयु सीमा: 18 से 30 वर्ष अंतिम तिथि: 14 जून 2026 3. भारतीय सेना TES-56 एंट्री 2026 भारतीय सेना ने 10+2 टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES-56) के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। योग्यता: 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स न्यूनतम 60% अंक JEE Main 2026 में शामिल होना अनिवार्य पद: 90 अंतिम तिथि: 12 जून 2026 4. UPSC NDA-II और CDS-II 2026 संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने NDA-II और CDS-II परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। CDS-II कुल पद: 451 NDA-II कुल पद: 394 अंतिम तिथि: 9 जून 2026, शाम 6 बजे तक 5. बैंक ऑफ बड़ौदा अप्रेंटिस भर्ती 2026 बैंक ऑफ बड़ौदा में 5000 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकली है। योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक आयु सीमा: 20 से 28 वर्ष अंतिम तिथि: 8 जून 2026 आवेदन शुल्क सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस: ₹800 महिला उम्मीदवार: ₹600 एससी/एसटी: ₹200 6. SBI अप्रेंटिस भर्ती 2026 भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 7150 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है। योग्यता: स्नातक नई अंतिम तिथि: 15 जून 2026 7. RRC SECR बिलासपुर अप्रेंटिस भर्ती 2026 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) बिलासपुर ने 1191 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है। योग्यता: 10वीं में कम से कम 50% अंक संबंधित ट्रेड में आईटीआई अंतिम तिथि: 11 जून 2026 8. NALCO नॉन-एग्जीक्यूटिव भर्ती 2026 नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) ने 268 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। पद: ऑपरेटर माइनिंग मेट जूनियर फोरमैन टेक्नीशियन सहित अन्य योग्यता: 10वीं पास संबंधित ट्रेड में आईटीआई/डिप्लोमा अंतिम तिथि: 10 जून 2026 आवेदन शुल्क: सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस: ₹100 एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी: शुल्क मुक्त उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह इन भर्तियों की अंतिम तिथियां बेहद नजदीक हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना को ध्यान से पढ़ें और पात्रता, आयु सीमा, दस्तावेज और शुल्क की जानकारी अवश्य जांच लें। अंतिम दिन वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक की वजह से तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं, इसलिए समय रहते आवेदन करना बेहतर रहेगा।  

surbhi जून 8, 2026 0
Students applying online for South East Central Railway apprentice recruitment without written examination
बिना परीक्षा रेलवे में नौकरी का मौका, 10वीं पास युवाओं के लिए निकली 1191 पदों पर भर्ती

South East Central Railway ने युवाओं के लिए अप्रेंटिस भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। रेलवे में नौकरी की तैयारी कर रहे 10वीं पास और आईटीआई कर चुके उम्मीदवारों के लिए यह शानदार अवसर माना जा रहा है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1191 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। भर्ती प्रक्रिया Railway Recruitment Cell Bilaspur के माध्यम से पूरी की जाएगी। इस अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम के जरिए उम्मीदवारों को रेलवे के अलग-अलग तकनीकी विभागों में ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे उन्हें इंडस्ट्री लेवल का प्रैक्टिकल अनुभव मिलेगा। खास बात यह है कि इस भर्ती के लिए किसी भी तरह की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा। चयन सीधे मेरिट के आधार पर किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू, जानें आखिरी तारीख ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 12 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 11 जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। किन ट्रेड्स में होगी भर्ती? इस भर्ती अभियान में कई तकनीकी ट्रेड्स को शामिल किया गया है। प्रमुख ट्रेड्स इस प्रकार हैं: फिटर (Fitter) वेल्डर (Welder) टर्नर (Turner) इलेक्ट्रीशियन (Electrician) कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA) स्टेनोग्राफर हिंदी/अंग्रेजी डीजल मैकेनिक कारपेंटर इसके अलावा अन्य ट्रेड्स में भी वैकेंसी निकाली गई हैं। उम्मीदवार अपनी आईटीआई ट्रेड के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। कौन कर सकता है आवेदन? भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास निम्न योग्यताएं होना जरूरी है: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 50% अंकों के साथ 10वीं पास होना चाहिए। संबंधित ट्रेड में NCVT या SCVT से मान्यता प्राप्त संस्थान से आईटीआई सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन उम्मीदवार आवेदन के लिए सबसे पहले Apprenticeship India Portal पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद SECR Official Website पर जाकर भर्ती लिंक के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक जानकारी और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखना जरूरी है। बिना परीक्षा होगा चयन इस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उम्मीदवारों को किसी भी लिखित परीक्षा या इंटरव्यू से नहीं गुजरना पड़ेगा। चयन पूरी तरह मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। मेरिट लिस्ट 10वीं और आईटीआई में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर तैयार होगी। जिन उम्मीदवारों का नाम मेरिट में आएगा, उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह भर्ती सुनहरा मौका साबित हो सकती है। खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जो बिना प्रतियोगी परीक्षा सरकारी सेक्टर में अनुभव और ट्रेनिंग हासिल करना चाहते हैं।  

surbhi मई 20, 2026 0
BA graduate student studying for government exams with books and laptop preparing for competitive exams
BA के बाद करियर की चिंता खत्म: ये 5 सरकारी नौकरियां दिला सकती हैं स्थिर भविष्य और शानदार सैलरी

बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) करने के बाद अक्सर छात्रों के मन में यह सवाल उठता है कि आगे कौन-सा करियर चुना जाए। लेकिन हकीकत यह है कि BA के बाद सरकारी क्षेत्र में कई ऐसे अवसर मौजूद हैं, जो न सिर्फ अच्छी सैलरी देते हैं बल्कि जॉब सिक्योरिटी और सामाजिक सम्मान भी सुनिश्चित करते हैं। सही दिशा में तैयारी और रणनीति अपनाकर इन नौकरियों को हासिल किया जा सकता है। यहां हम आपको ऐसे पांच प्रमुख सरकारी करियर विकल्पों के बारे में बता रहे हैं, जो BA के बाद आपके भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं। 1. SSC CGL: स्थिर करियर का मजबूत विकल्प SSC CGL परीक्षा BA ग्रेजुएट्स के बीच सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है। इस परीक्षा के माध्यम से इनकम टैक्स ऑफिसर, ऑडिटर और असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर जैसे पदों पर नियुक्ति मिलती है। इसमें आकर्षक वेतन के साथ-साथ नियमित प्रमोशन के अवसर भी मिलते हैं। 2. बैंकिंग सेक्टर: सुरक्षित और संतुलित नौकरी बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के लिए IBPS Exam और State Bank of India द्वारा आयोजित परीक्षाएं अहम होती हैं। इन परीक्षाओं के जरिए प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) और क्लर्क पद हासिल किए जा सकते हैं। बैंकिंग नौकरियों में फिक्स वर्किंग आवर्स, अच्छी सैलरी और ग्रोथ के पर्याप्त अवसर होते हैं। 3. UPSC सिविल सर्विस: देश सेवा के साथ प्रतिष्ठा अगर आप प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं, तो UPSC Civil Services Examination आपके लिए सबसे बड़ा मंच है। इस परीक्षा के माध्यम से IAS, IPS और IFS जैसे प्रतिष्ठित पदों पर चयन होता है। BA के दौरान पढ़े गए विषय इस परीक्षा की तैयारी में काफी मददगार साबित होते हैं। 4. रेलवे में नौकरी: सुविधाओं के साथ स्थिरता Railway Recruitment Board (RRB) हर साल NTPC, ग्रुप D और क्लर्क जैसे पदों के लिए भर्ती करता है। रेलवे की नौकरियां अपने बेहतरीन भत्तों, जॉब सिक्योरिटी और परिवार के लिए सुविधाओं के कारण बेहद लोकप्रिय हैं। 5. राज्य सरकार की नौकरियां: अपने राज्य में अवसर हर राज्य की Public Service Commission Exams के जरिए विभिन्न प्रशासनिक पदों, पुलिस और राजस्व विभाग में भर्तियां होती हैं। इन परीक्षाओं का सिलेबस BA के विषयों से काफी मेल खाता है, जिससे आर्ट्स के छात्रों को अतिरिक्त फायदा मिलता है। सरकारी नौकरी पाने के लिए सिर्फ डिग्री ही नहीं, बल्कि सही प्लानिंग, नियमित पढ़ाई और समय प्रबंधन भी जरूरी है। यदि आप लक्ष्य तय कर लें और निरंतर मेहनत करें, तो BA के बाद भी आपके पास सफल और सुरक्षित करियर बनाने के कई रास्ते खुले हैं।  

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
RRB NTPC ग्रेजुएट भर्ती का एडमिट कार्ड जारी
RRB NTPC ग्रेजुएट भर्ती का एडमिट कार्ड जारी, 16 मार्च से शुरू होगी परीक्षा

नई दिल्ली, एजेंसियां।  Railway Recruitment Board ने एनटीपीसी ग्रेजुएट भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने RRB NTPC Exam के लिए आवेदन किया है, वे अपने क्षेत्रीय आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। बोर्ड के अनुसार कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) 16, 17, 18, 19, 22, 23, 24, 25 और 27 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों के पास एडमिट कार्ड होना अनिवार्य है। परीक्षा पैटर्न परीक्षा में कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें तीन विषयों में बांटा गया है: * सामान्य जागरूकता: 40 प्रश्न * गणित: 30 प्रश्न * सामान्य बुद्धिमत्ता और तर्कशक्ति: 30 प्रश्न परीक्षा की कुल अवधि 90 मिनट निर्धारित की गई है। पहले चरण की CBT परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर उम्मीदवारों को दूसरे चरण की परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके लिए अंकों का नॉर्मलाइजेशन भी किया जाएगा। इतने पदों पर होगी भर्ती इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 5,810 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इनमें प्रमुख पद शामिल हैं: * चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर – 161 पद * स्टेशन मास्टर – 615 पद * गुड्स ट्रेन मैनेजर – 3,416 पद * जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट कम टाइपिस्ट – 921 पद * सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट – 638 पद * ट्रैफिक असिस्टेंट – 59 पद ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड 1. उम्मीदवार इन आसान स्टेप्स के जरिए अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं: 2. अपने क्षेत्रीय आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। 3. होमपेज पर RRB NTPC Admit Card 2026 लिंक पर क्लिक करें। 4. लॉगिन पेज पर रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करें। 5. जानकारी सबमिट करते ही एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा। 6. एडमिट कार्ड डाउनलोड कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड के साथ एक वैध पहचान पत्र भी जरूर लेकर जाएं।

Unknown मार्च 13, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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