Rain Alert

jharkhand weather
झारखंड में सामान्य से 45% कम बारिश, मौसम विभाग ने बढ़ाई चिंता

रांची। झारखंड में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से करीब 45 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। बारिश की कमी का असर खरीफ फसलों की बुआई पर भी पड़ने लगा है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना जताई है।   अगले चार दिनों में बारिश की उम्मीद   भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अगले चार दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 7 जुलाई तक कई इलाकों में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। इससे बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।   खेती पर दिखने लगा असर   बारिश की कमी के कारण धान समेत खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं, प्रशासन किसानों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने और मौसम के अनुसार खेती से जुड़े निर्णय लेने की सलाह दे रहा है।   रांची समेत कई जिलों को मिल सकती है राहत   मौसम विभाग के अनुसार रांची, जमशेदपुर, बोकारो, हजारीबाग, धनबाद और आसपास के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस भरी गर्मी से भी लोगों को राहत मिलने की संभावना है।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Ground staff near an Emirates aircraft at Kolkata airport after a lightning strike incident amid heavy rain and thunderstorm conditions.
कोलकाता एयरपोर्ट पर गिरी आकाशीय बिजली, अमीरात विमान के पास काम कर रहे दो ग्राउंड स्टाफ झुलसे; दक्षिण बंगाल में येलो अलर्ट

  कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रनवे पर खड़े अमीरात एयरलाइंस के विमान के पास काम कर रहे दो ग्राउंड स्टाफ अचानक आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और दोनों कर्मचारियों को तत्काल चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया गया। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब अमीरात एयरलाइंस की एक फ्लाइट कोलकाता हवाई अड्डे पर उतर चुकी थी और ग्राउंड स्टाफ विमान से यात्रियों का सामान उतारने के कार्य में जुटे थे। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ अचानक बिजली गिरी, जिसकी चपेट में दोनों कर्मचारी आ गए। विमान और उसमें मौजूद यात्रियों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा। अधिकारियों के अनुसार, दोनों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। दक्षिण बंगाल में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट इस बीच, अलीपुर मौसम विभाग ने कोलकाता सहित पूरे दक्षिण बंगाल में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के 10 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' घोषित किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, सप्ताहांत में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है। शनिवार और रविवार को कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका है, जबकि यह स्थिति अगले सप्ताह मंगलवार तक बनी रह सकती है। जलजमाव से प्रभावित हुआ जनजीवन लगातार हो रही बारिश के कारण कोलकाता के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ है और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति से निपटने के लिए कोलकाता नगर निगम ने विशेष नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) सक्रिय कर दिया है। सभी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और विभिन्न इलाकों की निगरानी सीसीटीवी तथा ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।  

Deepshikha जून 20, 2026 0
Dark clouds gather over Jharkhand as rain and thunderstorm alert issued for multiple districts.
झारखंड के कई जिलों में आज बारिश के आसार, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

रांची: झारखंड में दो दिनों की सुस्ती के बाद एक बार फिर मॉनसून सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कई जिलों में 17 जून को तेज हवा, वज्रपात और हल्की बारिश हो सकती है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़ और बोकारो में दोपहर के बाद मौसम अचानक बदल सकता है। इन इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ वज्रपात और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि राज्य के अन्य हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद तापमान में बढ़ोतरी बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 18 जून को भी लगभग ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी। 19 जून से और बिगड़ सकता है मौसम मौसम विभाग के मुताबिक 19 जून से मौसम का प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है। रांची समेत राज्य के 17 जिलों में तीन दिनों तक तेज आंधी, वज्रपात और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसको देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में शामिल हैं: रांची हजारीबाग खूंटी रामगढ़ कोडरमा गिरिडीह बोकारो धनबाद पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां देवघर जामताड़ा दुमका पाकुड़ साहिबगंज गोड्डा इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मॉनसून कमजोर पड़ते ही बढ़ी गर्मी पिछले कुछ दिनों में मॉनसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण राज्य के कई जिलों में तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। मेदिनीनगर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर में तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बोकारो में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रहा। चाईबासा का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में बहुत कम वर्षा हुई और केवल कांके क्षेत्र में एक मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का कहना है कि 22 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है और कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।  

surbhi जून 17, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand as rain and monsoon activity are expected across several districts.
झारखंड में 17 जून तक मॉनसून की एंट्री की संभावना, आज इन जिलों में बारिश के आसार

भीषण गर्मी से जूझ रहे झारखंड के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 17 जून तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के प्रवेश की संभावना है। हालांकि उससे पहले भी अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं और कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। आज इन जिलों में बारिश की संभावना 9 जून को राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार रामगढ़, बोकारो, रांची, गुमला और खूंटी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। 10 जून को इन इलाकों में तेज हवाओं का अनुमान 10 जून को उत्तर-पश्चिमी और आसपास के मध्य क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य हिस्सों में वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। 11 और 12 जून से मौसम में बड़ा बदलाव मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 11 जून से झारखंड के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 11 जून को धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची में— 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, वज्रपात, और बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 12 जून से अगले तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। 24 घंटे में बढ़ा तापमान बारिश की संभावना के बावजूद सोमवार को राज्य के कई शहरों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रांची: 37.2°C (2.6 डिग्री की बढ़ोतरी) मेदिनीनगर: 43.1°C (2.2 डिग्री की बढ़ोतरी) जमशेदपुर: 41.3°C (4.5 डिग्री की बढ़ोतरी) बोकारो: 37.1°C (0.6 डिग्री की बढ़ोतरी) चाईबासा: 40.8°C (4 डिग्री की बढ़ोतरी) हालांकि रामगढ़ में सोमवार को 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। 17 जून तक मॉनसून की दस्तक की उम्मीद मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 17 जून तक मॉनसून झारखंड में प्रवेश कर सकता है। मॉनसून के आगमन से राज्य में तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।  

surbhi जून 9, 2026 0
Thunderstorm and rainfall over Jharkhand with lightning strikes during pre-monsoon weather activity
झारखंड में सक्रिय हुई प्री-मानसून गतिविधियां, कई जिलों में बारिश; वज्रपात से तीन लोगों की मौत

रांची: झारखंड में मानसून के आगमन से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है। राज्यभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिसके चलते कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं आकाशीय बिजली की घटनाओं ने चिंता भी बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। वज्रपात ने ली तीन लोगों की जान गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड स्थित परासपानी कला गांव में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से 12 वर्षीय क्रमु कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं रामगढ़ के गंडके पाहन टोला निवासी 30 वर्षीय राजू मुंडा और कुजू के मुरपा कठरा टोला निवासी 16 वर्षीय साहिल कुमार भी वज्रपात की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठे। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है। कई जिलों में हुई बारिश मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं कुछ इलाकों में भारी वर्षा भी हुई। सबसे अधिक 70.3 मिमी बारिश सिमडेगा के थर्थाइटांगर में रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण कई क्षेत्रों में तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है। पिछले 24 घंटे का मौसम सर्वाधिक अधिकतम तापमान: 37.6°C (डाल्टनगंज) न्यूनतम तापमान: 21.9°C (लातेहार-AWS) सर्वाधिक वर्षा: 70.3 मिमी (थर्थाइटांगर, सिमडेगा) कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी India Meteorological Department (आईएमडी) रांची केंद्र ने राज्य के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्वी उत्तर प्रदेश से तेलंगाना तक फैला ट्रफ सक्रिय है। इसी वजह से झारखंड में मौसम तेजी से बदल रहा है और आगामी दिनों में भी बारिश तथा वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। 9 जून को इन जिलों में बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार 9 जून को: रांची बोकारो रामगढ़ गुमला खूंटी सहित दक्षिणी और मध्य झारखंड के कई इलाकों में मेघगर्जन, तेज हवा और बारिश की संभावना है। इसके अलावा रांची में 10 और 11 जून को भी गरज-चमक के साथ बारिश होने के संकेत दिए गए हैं। लोगों को बरतनी होगी सावधानी मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है, क्योंकि अगले कुछ दिनों तक वज्रपात की घटनाएं बढ़ सकती हैं।  

surbhi जून 8, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand as rain, thunderstorms and strong winds are forecast across several districts.
Jharkhand Weather: झारखंड के कई जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी, 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

Jharkhand Weather: दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ झारखंड के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार 6 जून को राज्य के कई हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं मौसम विभाग के मुताबिक, 6 जून को झारखंड के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही बादल गरजने और बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है। रांची में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 7 से 9 जून तक कैसा रहेगा मौसम? 7 जून राज्य के दक्षिणी और मध्य भागों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। 8 जून उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 9 जून दक्षिणी और मध्य झारखंड के कुछ इलाकों में वज्रपात और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान भी हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। 10 जून से प्री-मानसून बारिश के संकेत मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 10 जून से राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश? बीते 24 घंटों के दौरान झारखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश पाकुड़ जिले में हुई, जहां करीब 80 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। तेजी से आगे बढ़ रहा है मानसून केरल पहुंचने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले दो से तीन दिनों में इसके गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।  

surbhi जून 6, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand with forecast of rain, thunderstorms and strong winds on June 5-6
झारखंड में गर्मी से मिलेगी राहत, 5-6 जून को बारिश और तेज हवाओं के आसार

Jharkhand Weather Update: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। गुरुवार को तापमान में बढ़ोतरी के कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा, लेकिन अब मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। राज्य के कई हिस्सों में 5 और 6 जून को बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है। बढ़ते तापमान ने बढ़ाई परेशानी गुरुवार को राजधानी Ranchi का अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं Medininagar में पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। Jamshedpur में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। गर्म हवाओं और उमस के कारण लोगों को दिनभर परेशानी झेलनी पड़ी, हालांकि रात में कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। 5 जून को बदल सकता है मौसम मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार दोपहर बाद राज्य के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। उत्तर-पश्चिमी और आसपास के मध्य क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही: वज्रपात की आशंका 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश राजधानी रांची सहित कई जिलों में शाम के समय मौसम सुहावना हो सकता है। 6 जून को भी बारिश के संकेत मौसम विभाग का अनुमान है कि 6 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है। 7 और 8 जून का पूर्वानुमान 7 जून दक्षिणी और मध्य झारखंड में हल्की से मध्यम बारिश कई जगहों पर गर्जन के साथ बारिश बादल छाए रहने की संभावना 8 जून पूर्वी और मध्य भागों में वज्रपात की संभावना 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश मानसून के लिए अभी करना होगा इंतजार हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने Kerala में दस्तक दे दी है, लेकिन झारखंड पहुंचने में अभी कुछ समय लगेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य में मानसून 17 से 20 जून के बीच संताल परगना क्षेत्र के रास्ते प्रवेश कर सकता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है, जिसका असर पूर्वी भारत के अन्य राज्यों पर भी पड़ सकता है। क्या कह रहे हैं मौसम वैज्ञानिक? मौसम वैज्ञानिक Abhishek Anand के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं होगी। हालांकि गरज वाले बादल बनने और हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जिससे लोगों को बीच-बीच में राहत मिलती रहेगी।  

surbhi जून 5, 2026 0
Jharkhand weather
Jharkhand weather: झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी

रांची। झारखंड के लोगों को भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। कई जिलों में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश होने तथा मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में राहत मिलने के साथ लोगों को गर्मी से कुछ हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।   बारिश के साथ वज्रपात की संभावना मौसम केंद्र के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई क्षेत्रों में बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।   तेज हवाएं बढ़ाएंगी चुनौती बारिश के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवा के कारण पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों और आम लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।   3 से 8 जून तक येलो अलर्ट मौसम विभाग ने 3 जून से 8 जून तक राज्य के विभिन्न जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 3 जून को झारखंड के कई हिस्सों में तेज हवा, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है। वहीं 4 और 5 जून को संताल परगना क्षेत्र तथा रांची और आसपास के मध्यवर्ती इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। 6 जून को उत्तर-पूर्वी जिलों को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज हवा और खराब मौसम की स्थिति बनने की आशंका है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।   तापमान में होगी बढ़ोतरी हालांकि बारिश और बादलों के बीच मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना भी जताई है। इसके बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के कारण झारखंड में मौसम लगातार बदल रहा है। आने वाले दिनों में बारिश और तेज हवाओं का यह दौर लोगों को गर्मी से राहत तो देगा, लेकिन सतर्कता बरतना भी जरूरी होगा।

Unknown जून 3, 2026 0
Dark rain clouds over Jharkhand with lightning, rainfall and strong winds forecast until June 6
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, 6 जून तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

Jharkhand में आने वाले दिनों में मौसम राहत लेकर आ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार राज्य के कई जिलों में 1 जून से 6 जून तक हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। एक सप्ताह तक बदल सकता है मौसम India Meteorological Department के रांची मौसम केंद्र के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस दौरान राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। हालांकि बारिश और बादलों की वजह से तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की जा सकती है। गरज-चमक और वज्रपात का भी खतरा मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। खासकर ग्रामीण और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। राजधानी Ranchi और आसपास के इलाकों में 2 जून से आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। लोगों के लिए जरूरी सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान: खुले मैदानों में जाने से बचें पेड़ों के नीचे खड़े न हों बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें वज्रपात के समय सुरक्षित भवन या घर के अंदर रहें मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखें डालटनगंज रहा सबसे गर्म रविवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान Daltonganj में दर्ज किया गया, जहां पारा 39.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान: रांची: 33.0°C जमशेदपुर: 34.4°C बोकारो: 35.5°C देवघर: 33.4°C डालटनगंज: 39.2°C वहीं रांची का न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है, जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन वज्रपात और तेज हवाओं के कारण सावधानी बरतना भी जरूरी होगा।  

surbhi जून 1, 2026 0
Extreme heat in Jharkhand
गर्मी से परेशान झारखंडवासियों को अगले 5 दिनों तक मिल सकती है राहत

रांची। झारखंड में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले चार से पांच दिनों तक मौसम सुहाना बना रह सकता है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है।   मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया  मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य के मध्य, दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहेगा। रांची, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद, कोडरमा, खूंटी और लोहरदगा समेत कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। वहीं पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, देवघर, दुमका, जामताड़ा और पाकुड़ जैसे जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।   पलामू प्रमंडल में अब भी जारी है गर्मी का असर हालांकि पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। डाल्टनगंज राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दूसरी ओर रांची, जमशेदपुर और चाईबासा में तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है।   राजधानी रांची में दिनभर बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं खूंटी, बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का मानना है कि बारिश और बादलों की गतिविधियों के कारण आने वाले दिनों में भी लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी।

Unknown मई 28, 2026 0
Dark clouds and strong winds over Jharkhand as weather department issues rain and thunderstorm alert.
झारखंड में मौसम ने ली करवट, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

Jharkhand में मई के महीने के बीच मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बादल, हल्की बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। अब मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 मई तक राज्य के अलग-अलग जिलों में मौसम इसी तरह बदला हुआ बना रहेगा। कई इलाकों में तेज हवा के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। 19 मई: आंशिक बादल और हल्की बारिश के आसार मौसम विभाग के मुताबिक, 19 मई को राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पश्चिमी और उससे सटे मध्य भागों, खासकर Hazaribagh और Koderma को छोड़कर बाकी जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 20 और 21 मई: तेज आंधी और वज्रपात का खतरा 20 और 21 मई को मौसम और ज्यादा सक्रिय हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पूर्वी और आसपास के मध्य क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ गरज और वज्रपात की भी आशंका है। वहीं Palamu और Garhwa को छोड़कर पश्चिमी, दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में भी तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। 21 मई को Latehar समेत कुछ उत्तर-पश्चिमी जिलों को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 22 मई: फिर बारिश की संभावना 22 मई को भी मौसम पूरी तरह साफ होने के संकेत नहीं हैं। पश्चिमी जिलों को छोड़कर बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। मई के अंतिम सप्ताह तक जारी रहेगा असर मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार मई के अंतिम सप्ताह तक राज्य में मौसम का यही बदला हुआ रूप बना रह सकता है। बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की गतिविधियां कई जिलों में जारी रहने की संभावना है। किसानों और आम लोगों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की गई है।  

surbhi मई 19, 2026 0
Dark clouds and rainfall over Jharkhand as unusual May weather brings heavy rain across districts.
झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, 19 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

Jharkhand में इस बार मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। मई के महीने में जहां आमतौर पर भीषण गर्मी पड़ती है, वहीं इस साल राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश और ठंडी हवाओं ने तापमान को सामान्य से नीचे बनाए रखा है। मौसम विभाग के मुताबिक 1 मार्च से अब तक राज्य के 19 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञ इसे क्लाइमेट चेंज का संकेत मान रहे हैं। आने वाले दिनों में भी राहत मिलने के आसार नहीं हैं, क्योंकि 23 मई तक तेज हवा, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। अप्रैल में गर्मी, मई में बदला मौसम मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल की शुरुआत में झारखंड में भीषण गर्मी पड़ी थी और कई जिलों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। मई में ज्यादातर जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा और पूरे राज्य का औसत तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। इसी वजह से लोगों को इस बार सामान्य मई जैसी तेज गर्मी महसूस नहीं हो रही है। किन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश? राज्य के छह जिलों में सामान्य से 100 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई है: बोकारो हजारीबाग लातेहार रामगढ़ रांची सिमडेगा वहीं चतरा, गढ़वा, लोहरदगा और साहिबगंज में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। 23 मई तक खराब रहेगा मौसम India Meteorological Department के मौसम केंद्र ने अनुमान जताया है कि मई के अंतिम सप्ताह तक मौसम इसी तरह बदला रहेगा। 19 और 20 मई को संताल परगना, मध्य झारखंड, Ranchi और आसपास के इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ बारिश, गर्जन और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक ने दी चेतावनी रांची मौसम केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक झारखंड में मौसम का यह बदलता पैटर्न क्लाइमेट चेंज का असर हो सकता है। उन्होंने कहा कि पहले बारिश सामान्य होती थी, लेकिन अब तेज हवा, भारी बारिश और वज्रपात जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। वज्रपात के समय मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करने और सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों से बचने की सलाह भी दी गई है।  

surbhi मई 18, 2026 0
Dark clouds and strong winds over Jharkhand as IMD issues storm and rain alert
Jharkhand Weather: झारखंड में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट, कई जिलों में 60 KMPH तक चलेगी हवा

मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट Jharkhand में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं मौसम विभाग ने 9 और 10 मई को तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से 13 मई तक राज्यभर में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। आज कैसा रहेगा मौसम? 8 मई को झारखंड के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर बाकी इलाकों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। 9 और 10 मई को इन जिलों में ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 मई को Ranchi, Dhanbad, Bokaro, Ramgarh, Khunti, Lohardaga और Gumla समेत उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी जिलों में तेज मौसम का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। साथ ही वज्रपात और बारिश की भी संभावना जताई गई है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राज्य के बाकी हिस्सों में भी तेज हवा और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 13 मई तक जारी रह सकता है मौसम का असर मौसम विभाग का कहना है कि 13 मई तक राज्य में बादल छाए रह सकते हैं। दिन में उमस और गर्मी बनी रहेगी, जबकि दोपहर बाद कई इलाकों में गरज के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वी सिंहभूम में हुई सबसे ज्यादा बारिश गुरुवार को कई जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। Ranchi में दिनभर तेज धूप के बाद शाम में बारिश हुई। वहीं East Singhbhum के दारीसाई इलाके में सबसे ज्यादा 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो रांची का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि Medininagar सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।  

surbhi मई 8, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand sky with lightning strikes and rainfall during sudden weather change
झारखंड में बदला मौसम का मिजाज: कई जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी, ऑरेंज अलर्ट जारी

अप्रैल के अंतिम सप्ताह में झारखंड के मौसम ने अचानक करवट ली है। भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को अब राहत मिलने लगी है। मंगलवार सुबह राज्य के कई हिस्सों, खासकर रांची में तेज गर्जन, वज्रपात और हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया। राजधानी रांची में लगभग 2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि धनबाद में 5 मिमी और जमशेदपुर में हल्की बूंदाबांदी हुई। इस बदलाव ने गर्मी से जूझ रहे लोगों को कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन इसके साथ ही खतरे भी बढ़े हैं। तापमान में गिरावट, लेकिन खतरा बरकरार बारिश के चलते रांची का अधिकतम तापमान 1.7 डिग्री गिरकर 38.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हालांकि, इसी दौरान वज्रपात की एक दुखद घटना में बेड़ो क्षेत्र के खुखरा गांव के 61 वर्षीय किसान भीम महतो की जान चली गई, जो मौसम के इस बदलाव के जोखिम को भी दर्शाता है। कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट भारतीय मौसम विभाग ने 29 अप्रैल के लिए राज्य के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका है, उनमें रांची, खूंटी, रामगढ़, पश्चिमी और पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ शामिल हैं। अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज हवा और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। मई की शुरुआत में भी ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 30 अप्रैल को भी यही स्थिति बनी रह सकती है। इसके अलावा 1 से 5 मई तक राज्यभर में बादल छाए रहने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। यह मौसम बदलाव जहां एक ओर राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत भी बढ़ गई है। खासकर वज्रपात के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित जगहों पर शरण लेने की सलाह दी गई है।  

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Rain and strong winds likely in several Bihar districts as weather changes over the next 24 hours
अगले 24 घंटे में बदलेगा बिहार का मौसम, 12 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

बिहार में भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के भीतर राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कई जिलों में बारिश, तेज हवा और गरज के साथ बादल सक्रिय होंगे, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, शनिवार को पूर्वी चंपारण और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश की शुरुआत हो सकती है। यह सिस्टम 26 अप्रैल तक पूरे उत्तर बिहार में फैल जाएगा, जिसका असर राजधानी पटना समेत कई जिलों के तापमान पर पड़ेगा। 27 अप्रैल तक उत्तर और दक्षिण बिहार के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को तपती गर्मी से राहत मिलेगी। इन 12 जिलों में अलर्ट जारी मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटे के दौरान जिन जिलों में बारिश और तेज हवा की चेतावनी दी है, उनमें शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, भागलपुर, खगड़िया, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया शामिल हैं। इन इलाकों में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। किसानों और आम लोगों के लिए सलाह मौसम विभाग ने खासतौर पर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है। शुक्रवार को कैसा रहा मौसम शुक्रवार को राज्य के अधिकतर हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। डेहरी में सबसे अधिक 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। कई जिलों में लू जैसी स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पटना का हाल राजधानी पटना में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को भी तापमान 40 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है, लेकिन रविवार से इसमें धीरे-धीरे गिरावट आएगी।  

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
People riding bikes and cycling in heavy rain on city road in Jharkhand amid changing weather conditions
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज: 27-28 मार्च को बारिश की चेतावनी, तेज धूप से बढ़ेगा UV खतरा

झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदलने वाला है। एक ओर जहां तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, वहीं दूसरी ओर 27 और 28 मार्च को बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग ने इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। तापमान में तेज बढ़ोतरी के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। 24 से 26 मार्च तक मौसम शुष्क रहेगा, जिससे गर्मी का असर और बढ़ेगा। 27-28 मार्च को बारिश और गरज के आसार 27 और 28 मार्च को झारखंड के कई हिस्सों में अचानक मौसम बदल सकता है। इस दौरान मेघ गर्जन, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम सामान्य जीवन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज धूप से बढ़ेगा UV किरणों का खतरा भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि साफ आसमान और तेज धूप के कारण अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों का प्रभाव बढ़ सकता है। खासतौर पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। इन जिलों में बढ़ी गर्मी राज्य के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है: सरायकेला: 34.4°C (सबसे अधिक) मेदिनीनगर: 33.6°C जमशेदपुर: 33.5°C बोकारो: 33.1°C रांची: 27.9°C (4.2 डिग्री की बढ़ोतरी) चाईबासा में 35°C तक पहुंच सकता है पारा कोल्हान क्षेत्र के चाईबासा में अगले 24 घंटों में तापमान 34 से 35 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। रात की ठंडक अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है और गर्मी का असर बढ़ने लगा है। कई जिलों में 36-37°C तक जाएगा तापमान देवघर, धनबाद, जामताड़ा और गोड्डा में तापमान 35-36 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं चतरा, गढ़वा और पलामू में पारा 36 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। दक्षिणी झारखंड के सिंहभूम इलाके में तापमान 37 डिग्री तक जा सकता है। 29 मार्च से फिर साफ होगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 29 मार्च के बाद फिर से मौसम साफ हो जाएगा और शुष्क स्थिति लौट आएगी। लोगों के लिए जरूरी सलाह दोपहर में तेज धूप से बचें अधिक मात्रा में पानी पिएं हल्के और ढीले कपड़े पहनें बाहर निकलते समय सिर ढकें बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें

surbhi मार्च 24, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Sapna Jain Gogi Gang
राष्ट्रीय

दिल्ली में 50 लाख की रंगदारी की साजिश का खुलासा, कारोबारी की पत्नी निकली मास्टरमाइंड

abhishek singh जून 30, 2026 0