Phil Salt जल्द ही आईपीएल में वापसी करने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक Royal Challengers Bengaluru के स्टार ओपनर इस हफ्ते के आखिर तक भारत लौट सकते हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि वह शुक्रवार को Sunrisers Hyderabad के खिलाफ मुकाबले में खेलेंगे या नहीं। उंगली की चोट के कारण थे बाहर फिल सॉल्ट 18 अप्रैल को Delhi Capitals के खिलाफ मैच के दौरान चोटिल हो गए थे। बाउंड्री बचाने की कोशिश में डाइव लगाते समय उनके बाएं हाथ की उंगली में चोट लगी थी। इसके बाद से वह लगातार टीम से बाहर चल रहे थे। चोट के बाद सॉल्ट इंग्लैंड लौट गए थे, जहां उन्होंने परिवार के साथ समय बिताते हुए रिकवरी पर ध्यान दिया। प्लेऑफ में पहुंच चुकी है RCB फिल सॉल्ट की गैरमौजूदगी के बावजूद आरसीबी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई कर लिया है। टीम के क्वालिफायर-1 में पहुंचने की संभावना भी काफी मजबूत मानी जा रही है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट प्लेऑफ से ठीक पहले कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगा। यही वजह है कि अगर सॉल्ट पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ आराम दिया जा सकता है। जैकब बेथेल नहीं छोड़ पाए खास असर सॉल्ट की जगह इंग्लैंड के ही Jacob Bethell को मौका मिला था, लेकिन वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने पिछले सात मैचों में सिर्फ 96 रन बनाए और उनका सर्वोच्च स्कोर 27 रन रहा। अब उनकी जगह पर खतरा मंडराता दिख रहा है, खासकर तब जब Venkatesh Iyer ने पंजाब किंग्स के खिलाफ शानदार नाबाद 73 रन की पारी खेलकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। कप्तान रजत पाटीदार की भी वापसी संभव आरसीबी के कप्तान Rajat Patidar भी जल्द वापसी कर सकते हैं। पिछले मैच में Kartik Tyagi की तेज बाउंसर हेलमेट पर लगने के बाद वह धर्मशाला नहीं गए थे। स्टैंड-इन कप्तान Jitesh Sharma ने मैच के बाद बताया कि पाटीदार की हालत अब बेहतर है और वह शुक्रवार के मैच तक टीम से जुड़ सकते हैं। अगर फिल सॉल्ट और रजत पाटीदार दोनों वापसी करते हैं, तो प्लेऑफ से पहले आरसीबी के सामने प्लेइंग इलेवन को लेकर दिलचस्प चयन चुनौती खड़ी हो सकती है।
Virat Kohli ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में उनसे बड़ा खिलाड़ी कोई नहीं। Royal Challengers Bengaluru के स्टार बल्लेबाज ने रायपुर में Kolkata Knight Riders के खिलाफ शानदार नाबाद 105 रन की पारी खेलकर टीम को यादगार जीत दिलाई। पिछले दो मैचों में खाता तक नहीं खोल पाने वाले विराट ने इस मुकाबले में दमदार वापसी करते हुए कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। उनकी इस पारी के दम पर आरसीबी ने केकेआर को 6 विकेट से हराया और अंक तालिका में टॉप स्थान हासिल किया। टी20 क्रिकेट में सबसे तेज 14000 रन पूरे विराट कोहली ने अपनी पारी के दौरान 78 रन बनाते ही टी20 क्रिकेट में 14000 रन पूरे कर लिए। इसके साथ ही उन्होंने Chris Gayle का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया। कोहली ने सिर्फ 409 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की, जबकि गेल ने 14000 रन तक पहुंचने के लिए 423 पारियां खेली थीं। इस सूची में David Warner, Jos Buttler और Kieron Pollard जैसे दिग्गज भी शामिल हैं। IPL में चेज करते हुए बराबरी का रिकॉर्ड कोहली ने इस शतक के साथ आईपीएल में रन चेज करते हुए अपने तीसरे शतक का रिकॉर्ड बनाया। अब वह इस मामले में जोस बटलर की बराबरी पर पहुंच गए हैं। आरसीबी के लिए यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि टीम दबाव में थी और विराट ने अंत तक टिककर मैच फिनिश किया। KKR के खिलाफ भी विराट का जलवा केकेआर के खिलाफ यह विराट कोहली का दूसरा आईपीएल शतक रहा। इससे पहले उन्होंने 2019 में कोलकाता में शतक लगाया था। अब रायपुर में 105 रन की नाबाद पारी खेलकर उन्होंने एक और खास उपलब्धि अपने नाम कर ली। आरसीबी और केकेआर के मुकाबलों में अब तक सबसे यादगार पारियों में Chris Gayle का 102 रन और विराट के दो शतक शामिल हो चुके हैं। IPL में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने इस शतक के साथ विराट कोहली ने आईपीएल में अपने कुल शतकों की संख्या 9 पहुंचा दी। वह लीग इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इस सूची में उनके बाद जोस बटलर 7 और क्रिस गेल 6 शतकों के साथ मौजूद हैं। प्लेयर ऑफ द मैच में भी बनाई बराबरी इस मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी के लिए विराट कोहली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इसके साथ ही उन्होंने आईपीएल में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों की सूची में Rohit Sharma की बराबरी कर ली। दोनों के नाम अब 21-21 अवॉर्ड दर्ज हैं।
आईपीएल 2026 में बुधवार को खेले गए मुकाबले में Virat Kohli ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई। Royal Challengers Bengaluru की ओर से खेलते हुए विराट ने नाबाद 105 रन की शानदार पारी खेली और टीम को Kolkata Knight Riders के खिलाफ 6 विकेट से यादगार जीत दिलाई। इस जीत के साथ आरसीबी अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई। कोहली-पडिक्कल की साझेदारी बनी मैच का टर्निंग प्वाइंट मैच के बाद केकेआर कप्तान Ajinkya Rahane ने हार का दर्द जाहिर करते हुए विराट कोहली की जमकर तारीफ की। रहाणे ने कहा कि विराट और देवदत्त पडिक्कल की साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने कहा कि इस जीत का सबसे बड़ा श्रेय विराट को जाता है, क्योंकि उन्होंने दबाव की स्थिति में शानदार बल्लेबाजी की और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। ‘विराट जैसे खिलाड़ी गलती की सजा देते हैं’ रहाणे ने माना कि मैच के दौरान विराट कोहली का कैच छोड़ना टीम को भारी पड़ गया। उन्होंने कहा कि नया बल्लेबाज उस विकेट पर आसानी से रन नहीं बना सकता था, लेकिन विराट जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौके का पूरा फायदा उठाना जानते हैं। केकेआर कप्तान ने कहा कि उनकी टीम की फील्डिंग पूरे टूर्नामेंट में अच्छी रही है, लेकिन इस मुकाबले में अहम मौके हाथ से निकल गए। उनके मुताबिक, रन चेज में विराट कोहली सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक हैं और उन्हें दूसरा मौका देना हमेशा महंगा पड़ता है। देवदत्त पडिक्कल की भी हुई तारीफ रहाणे ने Devdutt Padikkal की बल्लेबाजी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पडिक्कल इस सीजन लगातार अच्छी लय में नजर आए हैं और उन्होंने विराट के साथ मिलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कार्तिक त्यागी की मेहनत से खुश दिखे रहाणे हार के बावजूद रहाणे ने युवा तेज गेंदबाज Kartik Tyagi की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कार्तिक लगातार मेहनत कर रहे हैं और उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका साफ माइंडसेट है। रहाणे के अनुसार, गेंदबाजी के दौरान कार्तिक को पूरी तरह पता होता है कि उन्हें क्या करना है, जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए सकारात्मक संकेत है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का रोमांच अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। रविवार को खेले गए दो अहम मुकाबलों के बाद प्लेऑफ की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। Lucknow Super Giants और Mumbai Indians की टीमें आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई हैं, जबकि Royal Challengers Bengaluru शानदार जीत के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई है। 53वें मुकाबले में Chennai Super Kings ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 5 विकेट से हराकर उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। वहीं रायपुर में खेले गए रोमांचक मुकाबले में आरसीबी ने मुंबई इंडियंस को आखिरी गेंद पर 2 विकेट से हराकर बड़ा झटका दिया। लखनऊ बनी बाहर होने वाली पहली टीम लखनऊ सुपर जायंट्स का IPL 2026 अभियान बेहद निराशाजनक रहा। टीम ने 11 मैचों में सिर्फ 3 जीत दर्ज की और 8 मुकाबलों में हार का सामना किया। 6 अंकों के साथ टीम अंक तालिका में सबसे नीचे 10वें स्थान पर है। लगातार खराब प्रदर्शन और कमजोर नेट रन रेट ने टीम को प्लेऑफ की रेस से बाहर कर दिया। मुंबई इंडियंस का भी टूटा सपना पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस इस सीजन लय में नजर नहीं आई। टीम ने 11 मुकाबलों में सिर्फ 3 जीत हासिल की और 8 मैच गंवाए। 6 अंकों के साथ मुंबई की टीम 9वें स्थान पर पहुंच गई है। आरसीबी के खिलाफ करीबी हार ने उनके प्लेऑफ की सभी संभावनाओं को खत्म कर दिया। RCB बनी नंबर-1 टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज कर अंक तालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया। टीम के अब 14 अंक हैं और उसका नेट रन रेट +1.103 है, जो इस समय सभी टीमों से बेहतर है। हैदराबाद और गुजरात के भी 14-14 अंक हैं, लेकिन बेहतर NRR के चलते आरसीबी टॉप पर पहुंच गई है। IPL 2026 Updated Points Table स्थान टीम मैच जीत हार अंक NRR 1 RCB 11 7 4 14 +1.103 2 SRH 11 7 4 14 +0.737 3 GT 11 7 4 14 +0.228 4 PBKS 10 6 3 13 +0.571 5 CSK 11 6 5 12 +0.185 6 RR 11 6 5 12 +0.082 7 KKR 10 4 5 9 -0.169 8 DC 11 4 7 8 -1.154 9 MI 11 3 8 6 -0.585 10 LSG 11 3 8 6 -0.907 CSK vs LSG: 203 रन का लक्ष्य किया हासिल चेन्नई सुपर किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स ने 8 विकेट खोकर 203 रन बनाए। जवाब में चेन्नई ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 19.2 ओवर में 5 विकेट पर 208 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। इस जीत के साथ CSK अब पांचवें स्थान पर पहुंच गई है और उसकी प्लेऑफ की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। RCB vs MI: आखिरी गेंद तक चला रोमांच रायपुर में खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। मुंबई इंडियंस ने 7 विकेट पर 166 रन बनाए। जवाब में आरसीबी ने बेहद रोमांचक अंदाज में आखिरी गेंद पर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ आरसीबी ने न सिर्फ दो अहम अंक हासिल किए बल्कि पॉइंट्स टेबल में भी लंबी छलांग लगाकर पहला स्थान कब्जा कर लिया। अब प्लेऑफ की रेस और हुई दिलचस्प RCB, SRH, GT और PBKS फिलहाल सबसे मजबूत स्थिति में नजर आ रही हैं। वहीं CSK और RR भी अभी रेस में बनी हुई हैं। आने वाले मुकाबले तय करेंगे कि इस सीजन की अंतिम चार टीमें कौन होंगी।
लगातार दूसरी हार से बिगड़ा समीकरण Royal Challengers Bengaluru को Lucknow Super Giants के खिलाफ मिली हार ने आईपीएल 2026 प्लेऑफ की रेस को और रोमांचक बना दिया है। रजत पाटीदार की कप्तानी वाली RCB अब अंक तालिका में तीसरे स्थान पर खिसक गई है। सीजन की शुरुआत में टीम ने पहले पांच मैचों में चार जीत दर्ज कर टॉप-2 की मजबूत दावेदार मानी जा रही थी, लेकिन लगातार दो हार के बाद अब स्थिति पहले जैसी आसान नहीं रही। SRH और PBKS बने बड़ी चुनौती इस समय Sunrisers Hyderabad और Punjab Kings अंक तालिका में RCB से ऊपर मौजूद हैं। खास बात यह है कि बेंगलुरु को अभी अपने बचे हुए मुकाबलों में पंजाब और हैदराबाद दोनों से भिड़ना है। ऐसे में टीम की टॉप-2 की उम्मीद अब इन मैचों पर काफी हद तक निर्भर करेगी। RCB को अभी मुंबई इंडियंस, कोलकाता नाइट राइडर्स, पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं। क्या कहते हैं RCB के प्लेऑफ समीकरण? सभी 4 मैच जीते तो पक्का टॉप-2 अगर RCB अपने बाकी चारों मुकाबले जीत लेती है, तो टीम के 20 अंक हो जाएंगे। आईपीएल के 10 टीमों वाले फॉर्मेट में 20 अंक आमतौर पर टॉप-2 में जगह पक्की करने के लिए काफी माने जाते हैं। 3 मैच जीतने पर भी मजबूत दावेदारी अगर बेंगलुरु 4 में से 3 मुकाबले जीतती है, तो टीम 18 अंकों तक पहुंच जाएगी। RCB का नेट रन रेट (+1.234) फिलहाल काफी मजबूत है, जो उसे बड़ा फायदा दे सकता है। ऐसे में अगर दूसरी टीमें भी 18 अंकों पर खत्म करती हैं, तो बेहतर NRR के कारण RCB आगे निकल सकती है। हालांकि इसके लिए पंजाब और हैदराबाद जैसी टीमों को सीधे मुकाबलों में हराना बेहद जरूरी होगा। सिर्फ 2 जीत मिली तो बढ़ जाएगी टेंशन अगर RCB अपने आखिरी चार मैचों में सिर्फ दो जीत दर्ज करती है, तो टीम 16 अंकों तक ही पहुंच पाएगी। ऐसी स्थिति में टॉप-2 में पहुंचने के लिए उसे दूसरी टीमों के परिणामों पर निर्भर रहना पड़ेगा। साथ ही Rajasthan Royals और Gujarat Titans जैसी टीमों की हार भी जरूरी हो जाएगी। अब हर मैच बन गया ‘करो या मरो’ RCB के लिए आने वाले मुकाबले बेहद अहम माने जा रहे हैं। अगर टीम एक और मैच हारती है, तो वह टॉप-2 की रेस से बाहर होकर तीसरे या चौथे स्थान के लिए संघर्ष करती नजर आ सकती है। वहीं लगातार जीत टीम को सीधे क्वालिफायर-1 तक पहुंचा सकती है।
नई दिल्ली: Indian Premier League 2026 के बीचों-बीच Royal Challengers Bengaluru को बड़ा झटका लगा है। टीम के इन-फॉर्म ओपनर Phil Salt उंगली की चोट के कारण स्कैन के लिए इंग्लैंड लौट गए हैं, जिससे वह पिछले तीन मुकाबलों से बाहर चल रहे हैं। कैसे लगी चोट? जानकारी के मुताबिक, Phil Salt को यह चोट 18 अप्रैल को Delhi Capitals के खिलाफ मैच के दौरान लगी थी। फील्डिंग करते हुए बाउंड्री बचाने के प्रयास में उन्होंने डाइव लगाई, जिसमें उनके बाएं हाथ की उंगली चोटिल हो गई। हालांकि फ्रेंचाइजी ने आधिकारिक तौर पर चोट की प्रकृति का खुलासा नहीं किया है, लेकिन मामला गंभीर माना जा रहा है, इसलिए उन्हें स्कैन के लिए वापस भेजा गया। शानदार फॉर्म में थे Salt चोट से पहले Salt जबरदस्त फॉर्म में थे। उन्होंने 6 पारियों में 202 रन बनाए, वो भी 168.33 के स्ट्राइक रेट के साथ। ऐसे में उनका टीम से बाहर होना RCB के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। Bethell को मिला मौका Salt की गैरमौजूदगी में Jacob Bethell को टॉप ऑर्डर में मौका दिया गया है। वह Virat Kohli के साथ ओपनिंग कर रहे हैं। हालांकि Bethell अब तक खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं (3 पारियों में 39 रन), लेकिन Salt की अनुपस्थिति में उन्हें और मौके मिलने तय हैं। टीम के पास Jordan Cox भी एक अतिरिक्त बल्लेबाज के रूप में मौजूद हैं। वापसी की उम्मीद बरकरार RCB और खिलाड़ी दोनों को उम्मीद है कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं है और Salt इस महीने के भीतर टीम से जुड़ सकते हैं। अगर चोट लंबी चलती है, तो टीम IPL नियमों के तहत रिप्लेसमेंट साइन कर सकती है, लेकिन फिलहाल फ्रेंचाइजी उन्हें पूरा समय देना चाहती है। टीम का माहौल और आगे की चुनौती Salt ने पहले Mo Bobat, Andy Flower और Dinesh Karthik के साथ टीम के माहौल की तारीफ की थी और IPL में अपने फॉर्म को दोबारा हासिल किया था। अब RCB अपने खिताब की रक्षा करने के मिशन में है और Salt की फिटनेस टीम के लिए अहम होगी। ब्रेक के बाद अगला मुकाबला RCB फिलहाल मैचों के बीच छह दिन के ब्रेक पर है। टीम का अगला मुकाबला Lucknow Super Giants के खिलाफ होना है, जो टीम के लिए काफी अहम रहेगा।
आईपीएल 2026 में Delhi Capitals की हालत एक झटके में बदलती नजर आई, जब टीम Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ महज 75 रन पर सिमट गई। इस करारी हार से टीम का नेट रन रेट भी बुरी तरह प्रभावित हुआ, लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर Piyush Chawla ने टीम को घबराने के बजाय संयम बनाए रखने की सलाह दी है। “यह घबराने का समय नहीं है” चावला ने स्पष्ट कहा कि टीम को अभी पैनिक करने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, टूर्नामेंट की शुरुआत में दिल्ली कैपिटल्स ने अच्छा प्रदर्शन किया था और कुछ खराब मैचों से पूरी टीम की क्षमता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने कहा कि टीम को एक साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए और नए सिरे से शुरुआत करनी चाहिए। खराब फॉर्म और गिरता प्रदर्शन दिल्ली कैपिटल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की थी, लेकिन इसके बाद अगले छह मैचों में टीम को सिर्फ एक जीत मिली। फील्डिंग में गलतियां, खासकर अहम मौकों पर कैच छोड़ना, टीम के लिए भारी पड़ा। हाल ही में Punjab Kings के खिलाफ मैच में भी आसान कैच छूटने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। ड्रेसिंग रूम का माहौल है अहम चावला का मानना है कि जब चीजें टीम के पक्ष में नहीं होतीं, तो खिलाड़ियों के बीच नकारात्मकता बढ़ने लगती है। ऐसे में ड्रेसिंग रूम का माहौल सकारात्मक बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि टीम को एकजुट रहना होगा और एक-दूसरे पर दोषारोपण करने के बजाय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना होगा। प्लेऑफ की उम्मीद अभी बाकी हालांकि लगातार हार से दिल्ली की स्थिति कमजोर हुई है, लेकिन टीम अभी भी टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है। चावला ने याद दिलाया कि पिछले सीजन में भी टीम ने अच्छी शुरुआत के बाद लय खो दी थी और प्लेऑफ से चूक गई थी। इस बार इतिहास बदलने के लिए खिलाड़ियों को सकारात्मक सोच के साथ मैदान में उतरना होगा। कप्तानी और लीडरशिप की भूमिका चावला ने खासतौर पर टीम के लीडरशिप ग्रुप पर जोर देते हुए कहा कि कप्तान और सीनियर खिलाड़ियों को आगे आकर टीम को संभालना होगा। उनके मुताबिक, इस समय स्किल से ज्यादा मानसिक मजबूती और सकारात्मक रवैया जरूरी है।
आईपीएल 2026 के 34वें मुकाबले में एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब Sai Sudharsan ने शानदार शतकीय पारी खेलते हुए एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। Gujarat Titans के इस युवा सलामी बल्लेबाज ने Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ खेलते हुए लीग में सबसे तेज 2000 रन पूरे करने का कारनामा किया। बेंगलुरु के M. Chinnaswamy Stadium में खेले गए इस मुकाबले में सुदर्शन ने 58 गेंदों में 100 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 11 चौके और 5 छक्के जड़े और अपनी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। 11 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा साई सुदर्शन ने IPL इतिहास में सबसे तेज 2000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो पहले Chris Gayle के नाम था। सुदर्शन: 47 पारियां गेल: 48 पारियां गेल ने यह उपलब्धि 2015 में हासिल की थी और अब 11 साल बाद सुदर्शन ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। खास उपलब्धि: गुजरात टाइटंस के दूसरे बल्लेबाज सुदर्शन, Gujarat Titans के लिए 2000 रन पूरे करने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि टीम के कप्तान Shubman Gill ने हासिल की थी। शानदार करियर आंकड़े 24 वर्षीय सुदर्शन ने 2022 में आईपीएल डेब्यू किया था और अब तक 47 मैचों की 47 पारियों में 2028 रन बना चुके हैं। औसत: 47 स्ट्राइक रेट: 147 शतक: 3 अर्धशतक: 13 उन्होंने 2025 सीजन में 759 रन बनाकर ऑरेंज कैप भी अपने नाम की थी। मैच का हाल टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटंस को सुदर्शन और शुभमन गिल ने जबरदस्त शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 128 रनों की साझेदारी की। हालांकि, सुदर्शन की शानदार पारी के बावजूद मैच Royal Challengers Bengaluru ने 5 विकेट से जीत लिया।
एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटंस (GT) को 5 विकेट से मात देकर शानदार जीत दर्ज की। यह मैच शुरुआत से ही हाई-स्कोरिंग और उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन अंत के ओवरों में गुजरात की कमजोर बल्लेबाजी और आरसीबी की सधी हुई गेंदबाजी ने पूरा खेल बदल दिया। गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने हार के बाद खुलकर अपनी टीम की खामियों को स्वीकार किया और बताया कि आखिर कहां मैच हाथ से निकल गया। आखिरी ओवर बने हार की सबसे बड़ी वजह: शुभमन गिल शुभमन गिल ने कहा कि गुजरात टाइटंस 16वें से 19वें ओवर के बीच पूरी तरह मैच पर पकड़ खो बैठी। उन्होंने बताया कि: 17वें, 18वें और 19वें ओवर में एक भी बाउंड्री नहीं लग सकी इसी वजह से टीम का स्कोर उम्मीद से काफी कम रह गया टीम जिस टोटल की ओर बढ़ रही थी, वह पूरा नहीं हो सका गिल के मुताबिक, यही वह निर्णायक मोड़ था जिसने मैच का रुख बदल दिया। मिडिल ओवर्स में भी नहीं मिला जरूरी ब्रेकथ्रू गिल ने गेंदबाजी विभाग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पावरप्ले के बाद टीम सही स्थिति में थी, लेकिन विकेट निकालने में नाकाम रही। उन्होंने स्वीकार किया कि: शुरुआती ओवर्स में प्रदर्शन ठीक रहा लेकिन मिडिल ओवर्स में दबाव बनाए नहीं रखा जा सका विकेट न मिलने की वजह से आरसीबी को वापसी का मौका मिल गया विराट कोहली का जीवनदान साबित हुआ टर्निंग पॉइंट मैच का एक अहम मोड़ तब आया जब विराट कोहली को शुरुआती ओवरों में जीवनदान मिला। वाशिंगटन सुंदर ने मोहम्मद सिराज की गेंद पर उनका आसान कैच छोड़ दिया, तब कोहली बिना खाता खोले खेल रहे थे। इसके बाद कोहली ने अपनी पारी को संभालते हुए आरसीबी को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। साई सुदर्शन की शतकीय पारी, फिर भी नहीं मिला फायदा गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 205/3 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इसमें सबसे बड़ा योगदान रहा: साई सुदर्शन का 58 गेंदों पर शानदार 100 रन एक समय GT 16 ओवर में 170/2 पर थी और 220+ स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही थी, लेकिन 16वें ओवर में सुदर्शन के आउट होने के बाद रनगति धीमी पड़ गई। आरसीबी की गेंदबाजी ने पलटा मैच आरसीबी के गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों में कमाल का प्रदर्शन किया। सुयश शर्मा भुवनेश्वर कुमार जोश हेजलवुड इन तीनों ने मिलकर अगले ओवरों में गुजरात को पूरी तरह रोक दिया और लगातार तीन ओवरों में एक भी बाउंड्री नहीं दी, जिससे दबाव पूरी तरह आरसीबी की ओर चला गया।
आईपीएल 2026 में Royal Challengers Bangalore (RCB) और Lucknow Supergiants (LSG) के बीच खेले गए मुकाबले के बाद ‘मैन ऑफ द मैच’ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज Rasikh Salam Dar को नजरअंदाज करने पर क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई है। 4 विकेट लेने के बावजूद नहीं मिला सम्मान इस मुकाबले में रसिख सलाम डार ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 24 रन देकर 4 विकेट झटके और LSG की पारी को 146 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई। उनका प्रदर्शन मैच का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा था। RCB ने बाद में 15.1 ओवर में 149 रन बनाकर 5 विकेट से आसान जीत दर्ज की, लेकिन सभी को उम्मीद थी कि ‘मैन ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड रसिख को मिलेगा। हेजलवुड को अवॉर्ड मिलने से बढ़ा विवाद हैरानी की बात यह रही कि यह अवॉर्ड Josh Hazlewood को दिया गया, जिन्होंने 4 ओवर में 20 रन देकर सिर्फ 1 विकेट लिया। इस फैसले ने फैंस और एक्सपर्ट्स को चौंका दिया है। आकाश चोपड़ा ने उठाए सवाल भारत के पूर्व ओपनर और कमेंटेटर Aakash Chopra ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि मैच के नतीजे में सबसे बड़ा योगदान रसिख सलाम डार का था, इसलिए उन्हें नजरअंदाज करना सही नहीं है। गेंदबाजों ने दिलाई जीत RCB की जीत में गेंदबाजों का योगदान बेहद अहम रहा। Rasikh Salam Dar – 4 विकेट (24 रन) Bhuvneshwar Kumar – 3 विकेट (27 रन) Krunal Pandya – 2 विकेट (38 रन) Josh Hazlewood – 1 विकेट (20 रन) गेंदबाजों के इस सामूहिक प्रदर्शन ने RCB को टॉप पर पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। क्या फैसले पर फिर होगी समीक्षा? क्रिकेट में ‘मैन ऑफ द मैच’ का चयन अक्सर बहस का विषय बनता रहा है, लेकिन इस बार मामला ज्यादा चर्चा में है क्योंकि एक गेंदबाज ने मैच जिताऊ प्रदर्शन किया, फिर भी उसे नजरअंदाज कर दिया गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या ऐसे फैसलों में पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत है या फिर चयन प्रक्रिया में बदलाव होना चाहिए।
आईपीएल 2026 में एक बार फिर Virat Kohli का बल्ला जमकर बोल रहा है। Royal Challengers Bengaluru (RCB) के स्टार बल्लेबाज कोहली ने लखनऊ के खिलाफ शानदार पारी खेलते हुए ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली है। इम्पैक्ट प्लेयर बनकर भी छाए कोहली Lucknow Super Giants के खिलाफ मुकाबले में कोहली ने 34 गेंदों में 49 रन की अहम पारी खेली और टीम को 147 रन का लक्ष्य हासिल करने में मदद की। यह पहली बार था जब RCB ने उन्हें Impact Player के रूप में इस्तेमाल किया। इस पारी के साथ कोहली के इस सीजन में कुल 228 रन हो गए हैं, जिससे वह रन बनाने वालों की सूची में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। खास बात यह है कि कोहली हाल ही में घुटने में दर्द से जूझ रहे थे, फिर भी उन्होंने मैदान पर आकर टीम के लिए अहम योगदान दिया। ऑरेंज कैप की रेस में कड़ी टक्कर कोहली के बाद दूसरे स्थान पर Heinrich Klaasen हैं, जो Sunrisers Hyderabad के लिए खेलते हुए 224 रन बना चुके हैं। तीसरे स्थान पर RCB के कप्तान Rajat Patidar पहुंच गए हैं, जिन्होंने लखनऊ के खिलाफ 13 गेंदों में 27 रन की तेज पारी खेली। इसके अलावा Ishan Kishan और Vaibhav Sooryavanshi भी 200+ रन के आंकड़े को पार कर चुके हैं, जिससे इस सीजन की रन रेस और रोमांचक हो गई है। पर्पल कैप की दौड़ भी दिलचस्प गेंदबाजी में Anshul Kamboj (Chennai Super Kings) और Prasidh Krishna (Gujarat Titans) 10-10 विकेट के साथ टॉप पर बने हुए हैं। उनके पीछे Ravi Bishnoi (Rajasthan Royals) और Prince Yadav (LSG) 9-9 विकेट लेकर दबाव बनाए हुए हैं। वहीं Bhuvneshwar Kumar और Krunal Pandya 7-7 विकेट के साथ रेस में बने हुए हैं। खास बात यह है कि क्रुणाल इस सीजन के टॉप विकेट-टेकर्स में इकलौते फिंगर स्पिनर हैं। सीजन होता जा रहा रोमांचक IPL 2026 में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी फॉर्म में लौटे हैं, वहीं युवा खिलाड़ी भी लगातार चुनौती पेश कर रहे हैं। आने वाले मुकाबलों में ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस और भी दिलचस्प होने वाली है।
आईपीएल 2026 के सीजन में एक बार फिर पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। Royal Challengers Bengaluru (RCB) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Lucknow Super Giants को 5 विकेट से हराया और सीधे टेबल के शीर्ष पर पहुंच गई। इस जीत ने टूर्नामेंट के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। RCB ने अब तक खेले गए 5 मुकाबलों में से 4 में जीत दर्ज की है और सिर्फ 1 मैच गंवाया है। टीम के पास 8 अंक हैं और +1.503 का बेहतरीन नेट रन रेट है, जो उसे अन्य टीमों से आगे रखता है। लगातार दो जीतों ने टीम का आत्मविश्वास और मजबूत किया है। सीजन की शुरुआत में RCB ने Sunrisers Hyderabad को 6 विकेट से हराया, इसके बाद Chennai Super Kings को 43 रन से मात दी। हालांकि तीसरे मैच में Rajasthan Royals ने 6 विकेट से हराकर RCB को झटका दिया, लेकिन टीम ने वापसी करते हुए Mumbai Indians को 18 रन से हराया और अब लखनऊ के खिलाफ जीत दर्ज कर टॉप पर कब्जा कर लिया। पॉइंट्स टेबल की स्थिति पहले स्थान पर RCB (8 अंक, +1.503 NRR) दूसरे स्थान पर Rajasthan Royals (8 अंक, +0.889 NRR) तीसरे स्थान पर Punjab Kings (7 अंक) चौथे स्थान पर Sunrisers Hyderabad (4 अंक) पांचवें स्थान पर Delhi Capitals (4 अंक) छठे स्थान पर Gujarat Titans (4 अंक) सातवें स्थान पर Lucknow Super Giants (4 अंक) आठवें स्थान पर Chennai Super Kings (4 अंक) नौवें स्थान पर Mumbai Indians (2 अंक) दसवें स्थान पर Kolkata Knight Riders (1 अंक) RR दूसरे स्थान पर, KKR सबसे कमजोर Rajasthan Royals ने भी 5 मैचों में 4 जीत के साथ 8 अंक हासिल किए हैं, लेकिन नेट रन रेट कम होने के कारण वह दूसरे स्थान पर है। वहीं Kolkata Knight Riders का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है—5 मैच खेलने के बाद भी टीम जीत का खाता नहीं खोल सकी है और सबसे नीचे बनी हुई है।
IPL 2026 के 20वें मुकाबले में Royal Challengers Bengaluru ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंबई Indians को 18 रनों से हराकर अंक तालिका में बड़ा उलटफेर कर दिया। इस जीत के साथ आरसीबी ने टॉप-3 में जगह बना ली, जबकि मुंबई इंडियंस आठवें स्थान पर खिसक गई। RCB की धमाकेदार बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी ने आक्रामक शुरुआत की। Virat Kohli और फिल सॉल्ट ने पहले विकेट के लिए 120 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत आधार दिया। कोहली ने 50 रनों की अहम पारी खेली, जबकि सॉल्ट ने 78 रन बनाकर मुंबई के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। इसके बाद Rajat Patidar ने सिर्फ 20 गेंदों में 53 रन ठोककर मैच पूरी तरह आरसीबी की ओर मोड़ दिया। अंत में टिम डेविड ने 16 गेंदों में नाबाद 34 रन बनाकर टीम का स्कोर 240 तक पहुंचा दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ाई MI 241 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन जल्द ही टीम को बड़ा झटका लगा। Rohit Sharma 19 रन बनाकर चोटिल हो गए और मैदान छोड़ना पड़ा, जिससे टीम की लय टूट गई। रयान रिकेल्टन (37) ने कुछ अच्छे शॉट लगाए, जबकि कप्तान Suryakumar Yadav 33 रन बनाकर आउट हो गए। तिलक वर्मा भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। गेंदबाजी में RCB का दबदबा मध्य ओवरों में Suyash Sharma के दो अहम विकेटों ने मैच का रुख बदल दिया। वहीं Krunal Pandya ने किफायती गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 26 रन देकर दबाव बनाए रखा। हालांकि अंत में शेरफेन रदरफोर्ड ने 71* रनों की विस्फोटक पारी खेलकर मैच को रोमांचक बनाया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। मुंबई इंडियंस 20 ओवर में 222/5 तक ही पहुंच सकी। पॉइंट्स टेबल पर असर इस जीत के साथ आरसीबी ने न केवल मैच जीता, बल्कि अंक तालिका में अपनी स्थिति भी मजबूत कर ली। वहीं मुंबई इंडियंस के लिए प्लेऑफ की राह अब और चुनौतीपूर्ण हो गई है।
क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर है। Indian Premier League (IPL) 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। टूर्नामेंट का आगाज 28 मार्च 2026 से होगा, जहां डिफेंडिंग चैंपियन Royal Challengers Bengaluru का सामना Sunrisers Hyderabad से बेंगलुरु के M. Chinnaswamy Stadium में होगा। शेड्यूल जारी होने के बाद अब फैंस के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि टिकटों की बिक्री कब शुरू होगी और उन्हें कैसे बुक किया जा सकेगा। आइए जानते हैं इससे जुड़ी अहम जानकारी। कब शुरू हो सकती है टिकटों की बिक्री? फिलहाल Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने टिकट बिक्री की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। हालांकि संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही टिकटों की सेल शुरू हो सकती है। District by Zomato ऐप पर IPL टिकट के लिए एक खास सेक्शन बनाया गया है, जिस पर “Coming Soon” लिखा हुआ है। वहीं BookMyShow ने कुछ मैचों के लिए प्री-सेल रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। प्री-रजिस्ट्रेशन करने से टिकट की गारंटी नहीं मिलती, लेकिन इससे फैंस को दूसरों से पहले टिकट खरीदने का मौका मिल सकता है। इन टीमों के मैच के लिए शुरू हुआ प्री-रजिस्ट्रेशन फिलहाल कुछ टीमों के मैचों के लिए फैंस रजिस्टर कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैं: Gujarat Titans – Narendra Modi Stadium Mumbai Indians – Wankhede Stadium मुंबई इंडियंस के मैच के लिए रजिस्टर करने वाले फैंस को टीम के Blue Members कार्यक्रम से जुड़ने का मौका भी मिल सकता है। कितनी हो सकती है IPL टिकट की कीमत? स्टेडियम, टीम और सीटिंग कैटेगरी के अनुसार टिकट की कीमत अलग-अलग होती है। अनुमान के मुताबिक कीमत कुछ इस तरह हो सकती है: बेसिक सीट: लगभग ₹500 – ₹800 स्टैंडर्ड सीट: लगभग ₹2300 – ₹2800 मिड-रेंज सीट: लगभग ₹3500 – ₹7500 प्रीमियम सीट (पैवेलियन/टेरेस): लगभग ₹8000 – ₹15000 कॉर्पोरेट हॉस्पिटैलिटी बॉक्स: ₹30000+ तक IPL टिकट कैसे करें बुक? (आसान स्टेप्स) फैंस ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं: 1)आधिकारिक प्लेटफॉर्म जैसे BookMyShow या District by Zomato ऐप पर जाएं। 2) सर्च बार में मैच या टीम का नाम खोजें। 3) सीट कैटेगरी और टिकटों की संख्या चुनें। 4) UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान करें। इन टीमों के बीच होंगे बड़े मुकाबले 29 मार्च: Mumbai Indians vs Kolkata Knight Riders 30 मार्च: Chennai Super Kings vs Rajasthan Royals 5 अप्रैल: Royal Challengers Bengaluru vs Chennai Super Kings 12 अप्रैल: Mumbai Indians vs Royal Challengers Bengaluru पहले चरण में कुल 20 मुकाबले 10 अलग-अलग शहरों में खेले जाएंगे। पिछले साल कौन बना था चैंपियन? पिछले सीजन में Royal Challengers Bengaluru ने 17 साल का इंतजार खत्म करते हुए पहली बार IPL खिताब जीता था। कप्तान Rajat Patidar की अगुवाई में टीम ने फाइनल में Punjab Kings को 6 रन से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत के बाद स्टार बल्लेबाज Virat Kohli भी भावुक नजर आए थे।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।