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RCB Face GT in IPL 2026 Qualifier 1 Showdown

IPL 2026 Qualifier-1: धर्मशाला में आज RCB और GT के बीच महामुकाबला, फाइनल की जंग होगी बेहद रोमांचक

surbhi मई 26, 2026 0
Virat Kohli and Shubman Gill ahead of IPL 2026 Qualifier 1 in Dharamshala
RCB vs GT IPL 2026 Qualifier 1

आईपीएल 2026 अब अपने सबसे अहम पड़ाव पर पहुंच चुका है। मंगलवार को धर्मशाला के खूबसूरत हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में Royal Challengers Bengaluru और Gujarat Titans के बीच क्वालीफायर-1 खेला जाएगा। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि हारने वाली टीम को क्वालीफायर-2 में एक और मौका मिलेगा।

क्रिकेट फैंस की नजरें इस मुकाबले पर टिकी हुई हैं क्योंकि दोनों टीमें इस सीजन शानदार फॉर्म में रही हैं। एक तरफ विराट कोहली की अनुभवी बल्लेबाजी है तो दूसरी तरफ शुभमन गिल की कप्तानी में गुजरात टाइटंस का संतुलित प्रदर्शन।

RCB के लिए चोटें बनी चिंता

Royal Challengers Bengaluru के लिए प्लेऑफ से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। इंग्लैंड के ऑलराउंडर Jacob Bethell उंगली की चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। यह आरसीबी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने मध्यक्रम में अहम भूमिका निभाई थी।

वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज Phil Salt की फिटनेस पर अब भी सस्पेंस बना हुआ है। वह लंबे समय से उंगली की चोट से जूझ रहे हैं और मैच से पहले उनकी उपलब्धता पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। अगर साल्ट फिट नहीं होते हैं तो आरसीबी को अपने बैटिंग कॉम्बिनेशन में बदलाव करना पड़ सकता है।

गुजरात टाइटंस पूरी ताकत के साथ तैयार

दूसरी ओर Gujarat Titans के लिए अच्छी खबर यह है कि कप्तान Shubman Gill के पास पूरी तरह फिट स्क्वाड मौजूद है। टीम अपने विनिंग कॉम्बिनेशन के साथ मैदान पर उतरने की तैयारी में है।

गुजरात की बल्लेबाजी इस सीजन काफी मजबूत नजर आई है। शुभमन गिल के अलावा Jos Buttler और Sai Sudharsan ने लगातार रन बनाए हैं। वहीं गेंदबाजी में Rashid Khan, Mohammed Siraj और Kagiso Rabada टीम की सबसे बड़ी ताकत बने हुए हैं।

संभावित प्लेइंग 11

RCB संभावित प्लेइंग 11

Royal Challengers Bengaluru:
Virat Kohli, Phil Salt (यदि फिट), देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार, जितेश शर्मा, Tim David, रोमारियो शेफर्ड, Krunal Pandya, सुयश शर्मा, Bhuvneshwar Kumar, रसिक सलाम डार, Josh Hazlewood।

GT संभावित प्लेइंग 11

Gujarat Titans:
Shubman Gill, Sai Sudharsan, Jos Buttler, Washington Sundar, निशांत सिंधु, Jason Holder, Rahul Tewatia, Rashid Khan, Kagiso Rabada, Mohammed Siraj, अरशद खान, Prasidh Krishna।

मैच की सबसे बड़ी टक्कर

धर्मशाला की पिच तेज गेंदबाजों को मदद देने के लिए जानी जाती है। ऐसे में मुकाबले की शुरुआत बेहद रोमांचक हो सकती है। आरसीबी के लिए Josh Hazlewood और Bhuvneshwar Kumar की जोड़ी शुरुआती ओवरों में शुभमन गिल को रोकने की कोशिश करेगी।

वहीं गुजरात की तरफ से Mohammed Siraj और Kagiso Rabada के सामने Virat Kohli की परीक्षा होगी। इसके अलावा मध्य ओवरों में राशिद खान की स्पिन और टिम डेविड की फिनिशिंग इस मुकाबले का रुख बदल सकती है।

कौन पहुंचाएगा फाइनल में जगह?

दोनों टीमें संतुलित नजर आ रही हैं, लेकिन गुजरात टाइटंस को फिट स्क्वाड होने का फायदा मिल सकता है। दूसरी ओर विराट कोहली जैसे बड़े मैच खिलाड़ी की मौजूदगी आरसीबी को अतिरिक्त मजबूती देती है। ऐसे में धर्मशाला में होने वाला यह मुकाबला आईपीएल 2026 के सबसे रोमांचक मैचों में से एक माना जा रहा है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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नई दिल्ली: मेहदी हसन मिराज की कप्तानी में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए 86 रन से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ बांग्लादेश ने वनडे क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लंबे इंतजार के बाद यादगार सफलता हासिल की। हालांकि, मुकाबले के दौरान मैदान पर एक ऐसा वाकया भी देखने को मिला जिसने मैच का रोमांच और बढ़ा दिया। नाहिद राणा और जोश इंग्लिस के बीच हुई तीखी नोकझोंक मुकाबले के 11वें ओवर में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान जोश इंग्लिस को विकेटकीपर के हाथों कैच आउट कराया। इंग्लिस के आउट होने के बाद राणा ने उत्साह में आक्रामक अंदाज दिखाते हुए बल्लेबाज को पवेलियन लौटने का इशारा किया। यह अंदाज ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को पसंद नहीं आया और ड्रेसिंग रूम की ओर जाते समय उन्होंने पीछे मुड़कर राणा को जवाब दिया। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर तक तीखी बहस देखने को मिली। अंपायरों ने संभाली स्थिति मैदान पर बढ़ते तनाव को देखते हुए अंपायरों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों खिलाड़ियों को शांत कराया। इसके बाद मामला आगे नहीं बढ़ा और खेल दोबारा सामान्य रूप से जारी रहा। जोश इंग्लिस 25 गेंदों में 19 रन बनाकर पवेलियन लौटे। बारिश बनी मैच की बाधा मैच के दौरान बारिश ने भी खेल में बाधा डाली। लगातार खराब मौसम के कारण मुकाबला दोबारा शुरू नहीं हो सका और अंततः अंपायरों ने डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के आधार पर बांग्लादेश को विजेता घोषित किया। बांग्लादेश का शानदार प्रदर्शन पूरे मैच में बांग्लादेश की टीम ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में ऑस्ट्रेलिया पर दबदबा बनाए रखा। मेहदी हसन मिराज की अगुआई में टीम ने हर मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन किया और ऐतिहासिक जीत अपने नाम की। हालांकि, मैदान पर हुई बहस के बावजूद दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मुकाबले के बाद खेल भावना का परिचय दिया।  

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दांबुला में खेले जा रहे ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में इंडिया ए और श्रीलंका ए आमने-सामने हैं। इस मैच में भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को पहली बार टीम इंडिया की जर्सी में खेलने का मौका मिला। हालांकि, अपने डेब्यू मुकाबले में वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। कप्तान तिलक वर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और सभी की निगाहें युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी पर टिकी थीं। आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद उनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन उनकी पारी जल्द ही समाप्त हो गई। 12 गेंदों में बनाए 14 रन पारी की शुरुआत करने उतरे वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और शुरुआती गेंदों से ही सकारात्मक इरादे दिखाए। उन्होंने 12 गेंदों का सामना करते हुए 3 चौकों की मदद से 14 रन बनाए। हालांकि, वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। श्रीलंका ए के तेज गेंदबाज मोहम्मद शिराज की फुल-लेंथ गेंद पर वैभव ने मिड-ऑफ के ऊपर से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन बल्ला सही तरीके से नहीं लगा और गेंद हवा में चली गई। कप्तान सहान अराचचिगे ने लपका शानदार कैच मिड-ऑफ पर मौजूद श्रीलंका ए के कप्तान सहान अराचचिगे ने अपनी बाईं ओर शानदार डाइव लगाते हुए बेहतरीन कैच पकड़ा। इस विकेट के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने जोरदार जश्न मनाया, क्योंकि वैभव को शुरुआती चरण में आउट करना टीम के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही थी। आउट होने के बाद युवा बल्लेबाज निराश नजर आए और चेहरे पर मायूसी के साथ पवेलियन लौटे। आईपीएल 2026 में मचाया था धमाल वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने पूरे सीजन में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए कई यादगार पारियां खेलीं। मैच: 16 रन: 776 स्ट्राइक रेट: लगभग 237 ऑरेंज कैप विजेता अपने दमदार प्रदर्शन के कारण वैभव ने कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए और भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सितारे के रूप में पहचान बनाई। हालांकि, इंडिया ए के लिए अपने पहले मैच में वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन फैंस को उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में यह युवा बल्लेबाज अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन करेगा।  

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Sourav Ganguly giving advice on young cricketer Vaibhav Suryavanshi during cricket discussion interview
वैभव सूर्यवंशी पर सौरव गांगुली की सलाह, बोले- अभी से चमत्कार की उम्मीद करना ठीक नहीं

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Vaibhav Suryavanshi ने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण भी नहीं किया है, लेकिन उन्हें लेकर चर्चाएं लगातार तेज हैं। 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है। इस बीच भारत के पूर्व कप्तान Sourav Ganguly ने वैभव को लेकर बड़ा बयान दिया है और क्रिकेट प्रशंसकों से धैर्य रखने की अपील की है। वैभव को समय देने की जरूरत: गांगुली सौरव गांगुली का मानना है कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले खिलाड़ी पर जरूरत से ज्यादा उम्मीदों का बोझ नहीं डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैभव बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्हें अपने खेल को विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने के लिए समय दिया जाना चाहिए। गांगुली के मुताबिक, आईपीएल में वैभव ने जिस आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया, उससे उनकी प्रतिभा का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियां अलग होती हैं और युवा खिलाड़ी को परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने का अवसर मिलना चाहिए। इंग्लैंड की परिस्थितियां होंगी बड़ी परीक्षा पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि इंग्लैंड और आयरलैंड के विकेट भारतीय परिस्थितियों से काफी अलग होते हैं। वहां गेंद अधिक सीम और स्विंग करती है, जबकि उछाल भी ज्यादा रहता है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी के लिए यह दौरा सीखने और अनुभव हासिल करने का बड़ा अवसर होगा। गांगुली ने कहा कि युवा बल्लेबाज में अपार क्षमता है, लेकिन उनसे तुरंत असाधारण प्रदर्शन की उम्मीद करना उचित नहीं होगा। 'दुनिया जीत लेने की उम्मीद मत कीजिए' गांगुली ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैभव को अपने खेल में जमने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है और वैभव भी उन्हीं में से एक हैं। लेकिन हर खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करने के लिए समय चाहिए। उनका मानना है कि क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को वैभव के विकास की प्रक्रिया को समझना चाहिए और उन्हें बिना अनावश्यक दबाव के आगे बढ़ने देना चाहिए। एबी डिविलियर्स ने भी किया समर्थन दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज AB de Villiers ने भी वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। डिविलियर्स का कहना है कि उम्र को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वैभव ने अपने प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि कई लोग यह कह सकते हैं कि वैभव अभी बहुत छोटे हैं या उन्हें और अनुभव की जरूरत है, लेकिन उनके प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि वह इस अवसर के हकदार हैं। भारतीय क्रिकेट की नई उम्मीद 15 साल की उम्र में राष्ट्रीय टीम में चयन हासिल कर वैभव सूर्यवंशी ने पहले ही इतिहास रच दिया है। अब सभी की निगाहें उनके संभावित डेब्यू पर टिकी हैं। हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस युवा खिलाड़ी को समय और समर्थन दोनों की जरूरत होगी ताकि वह अपनी प्रतिभा को लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट के लिए उपयोगी बना सके।  

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