Vaibhav Suryavanshi ने सिर्फ अपनी बल्लेबाजी से ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और संस्कार से भी क्रिकेट फैंस का दिल जीत लिया। Rajasthan Royals और Lucknow Super Giants के बीच खेले गए अहम मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 38 गेंदों में 93 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 10 छक्के और 7 चौके शामिल रहे। वैभव की इस धमाकेदार पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 220 रनों का बड़ा लक्ष्य 19.1 ओवर में हासिल कर लिया और मुकाबला 7 विकेट से अपने नाम कर लिया। लेकिन मैच खत्म होने के बाद जो दृश्य देखने को मिला, उसने सोशल मीडिया पर अलग ही चर्चा छेड़ दी। मैच के बाद दिखे वैभव के संस्कार मुकाबला खत्म होने के बाद Sanjiv Goenka खुद मैदान पर पहुंचे और वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी की तारीफ की। इसी दौरान जब संजीव गोयनका की पत्नी वहां पहुंचीं, तो वैभव ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया और फिर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह पल कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल media पर वायरल हो गया। फैंस वैभव की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति और सम्मान की खूबसूरत मिसाल बताया। राजस्थान की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने प्लेऑफ की रेस में खुद को मजबूती से बनाए रखा है। टीम फिलहाल अंक तालिका में चौथे स्थान पर बनी हुई है। लक्ष्य का पीछा करते हुए वैभव के अलावा Dhruv Jurel ने नाबाद 53 रन और Yashasvi Jaiswal ने 43 रनों की अहम पारी खेली। अब राजस्थान के लिए अगला मुकाबला बेहद अहम होने वाला है। टीम को 24 मई को Mumbai Indians के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी, तभी प्लेऑफ का टिकट लगभग पक्का हो सकेगा। सोशल मीडिया पर छाए वैभव वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के साथ-साथ उनका व्यवहार भी चर्चा का विषय बन गया है। क्रिकेट फैंस का मानना है कि इतनी कम उम्र में मैदान पर आक्रामक खेल और मैदान के बाहर विनम्रता उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।
Hardik Pandya एक बार फिर चर्चा में हैं। लेकिन इस बार वजह उनका खेल नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी अफवाहें हैं। आईपीएल 2026 के बीच Mumbai Indians के कप्तान पिछले कुछ मैचों से टीम से बाहर चल रहे हैं, जिसके बाद इंटरनेट पर कई तरह की बातें शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि हार्दिक पंड्या मॉडल माहिका शर्मा के साथ दूसरी शादी करने जा रहे हैं। वायरल पोस्ट्स में यहां तक कहा गया कि इसी वजह से वह टीम के साथ ट्रैवल नहीं कर रहे हैं। हालांकि, इन दावों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शादी की खबरों में कितनी सच्चाई? वायरल दावों के मुताबिक, हार्दिक पंड्या और कथित गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा 22 मई को शादी करने वाले हैं। लेकिन न तो हार्दिक पंड्या और न ही मुंबई इंडियंस की तरफ से इस तरह की किसी खबर की पुष्टि की गई है। असल में हार्दिक पंड्या पिछले कुछ मुकाबलों से पीठ की चोट के कारण टीम से बाहर बताए जा रहे हैं। फिलहाल दूसरी शादी की खबर सिर्फ सोशल मीडिया गॉसिप मानी जा रही है और इसके समर्थन में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। 2024 में हुआ था तलाक गौरतलब है कि Hardik Pandya ने 18 जुलाई 2024 को Natasa Stankovic से अलग होने की घोषणा की थी। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर लगातार उनके और माहिका शर्मा के रिश्ते को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। अब शादी की नई अफवाह ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर दोनों पक्षों की तरफ से अब तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है। IPL 2026 में खराब रहा मुंबई का प्रदर्शन आईपीएल 2026 में Mumbai Indians का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। टीम प्लेऑफ की रेस से बाहर होने वाली शुरुआती टीमों में शामिल हो चुकी है। हार्दिक पंड्या का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी इस सीजन में उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने 8 मैचों में सिर्फ 107 रन बनाए हैं, जबकि गेंदबाजी में उनके नाम केवल 4 विकेट दर्ज हैं। लगातार खराब प्रदर्शन और चोट की समस्या के बीच अब उनकी गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बन गई है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की Rouse Avenue Court में सुनवाई जारी है। भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष Brij Bhushan Sharan Singh के खिलाफ चल रही जांच के तहत अदालत ने विशेष जांच दल (SIT) के एक सदस्य का बयान दर्ज किया है। मामले में आगे की सुनवाई के लिए अदालत ने 15 और 19 मई की तारीख तय की है, जब जांच अधिकारी का बयान दर्ज किया जाएगा। विनेश फोगाट के आरोपों पर बृजभूषण का जवाब कांग्रेस नेता और पहलवान Vinesh Phogat द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वह “उस गंदगी को साफ कर रहे हैं, जिसे विनेश फोगाट पीछे छोड़ गई हैं।” बृजभूषण ने यह भी स्पष्ट किया कि कुश्ती प्रतियोगिताओं के आयोजन और खिलाड़ियों की भागीदारी तय करना अब उनका विषय नहीं है। उनके अनुसार, यह जिम्मेदारी अब Wrestling Federation of India की है, जो तय करती है कि मुकाबले कहां होंगे और कौन खिलाड़ी हिस्सा लेगा। महासंघ पर लगाया खिलाड़ियों के हित में काम करने का दावा पूर्व WFI अध्यक्ष ने कहा कि उनके अनुभव में महासंघ कभी भी खिलाड़ियों को बिना कारण प्रतियोगिता से नहीं रोकता। उन्होंने दावा किया कि यदि किसी खिलाड़ी को रोका गया होगा तो उसके पीछे कोई उचित कारण जरूर रहा होगा। यह मामला लंबे समय से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अदालत द्वारा एसआईटी और जांच अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाने को जांच प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
आईपीएल 2026 के 49वें मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Punjab Kings को 33 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ हैदराबाद की टीम अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई, जबकि पंजाब किंग्स को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज Cooper Connolly की रही, जिन्होंने शानदार शतक लगाया, लेकिन उनकी यह पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी। हैदराबाद ने खड़ा किया 235 रनों का विशाल स्कोर टॉस जीतकर पंजाब किंग्स ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन हैदराबाद के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। ओपनर Abhishek Sharma और Travis Head ने पहले विकेट के लिए 54 रनों की तेज साझेदारी की। अभिषेक शर्मा ने 35 रन बनाए, जबकि ट्रेविस हेड 38 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद Ishan Kishan और Heinrich Klaasen ने पंजाब के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 48 गेंदों में 88 रनों की विस्फोटक साझेदारी की। ईशान किशन ने 55 रनों की पारी में 4 छक्के और 2 चौके लगाए। वहीं क्लासेन ने आक्रामक अंदाज में 69 रन बनाए। अंत में Nitish Kumar Reddy ने नाबाद 29 रन जोड़ते हुए टीम का स्कोर 4 विकेट पर 235 तक पहुंचा दिया। पंजाब की ओर से Arshdeep Singh, Lockie Ferguson, Yuzvendra Chahal और Vijaykumar Vyshak को 1-1 विकेट मिला। पंजाब की शुरुआत रही बेहद खराब 236 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। Priyansh Arya सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद Prabhsimran Singh 3 रन और कप्तान Shreyas Iyer 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। महज 23 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद पंजाब पूरी तरह दबाव में आ गई। हालांकि Marcus Stoinis और कूपर कोनोली ने पारी संभालने की कोशिश की। स्टोइनिस ने 28 रन बनाए। कूपर कोनोली का शानदार शतक एक छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन कूपर कोनोली लगातार लड़ते रहे। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए। उनकी इस पारी में कई बड़े शॉट्स देखने को मिले और उन्होंने पंजाब की उम्मीद आखिर तक जिंदा रखी। Suryansh Shedge ने 25 रन और Marco Jansen ने 19 रन का योगदान दिया, लेकिन टीम जीत तक नहीं पहुंच सकी। पंजाब किंग्स 7 विकेट पर 202 रन ही बना सकी। हैदराबाद की ओर से कप्तान Pat Cummins और Shivam Kumar ने 2-2 विकेट लिए। वहीं Nitish Kumar Reddy, Eshan Malinga और Saqib Hussain को 1-1 सफलता मिली। इस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद ने न सिर्फ दो अहम अंक हासिल किए, बल्कि बेहतर नेट रन रेट के दम पर अंक तालिका में शीर्ष स्थान भी कब्जा लिया।
आईपीएल 2026 में खराब फॉर्म से जूझ रही Lucknow Super Giants के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। टीम के महंगे खिलाड़ी Josh Inglis अब स्क्वाड से जुड़ गए हैं और 4 मई को होने वाले अगले मुकाबले के लिए चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे। शादी के कारण देर से जुड़े इंग्लिस जोश इंग्लिस ने पहले ही फ्रेंचाइज़ियों को सूचित कर दिया था कि अपनी शादी के कारण वह टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं रहेंगे। 18 अप्रैल को पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के मार्गरेट रिवर में उनकी शादी हुई थी, जिसके चलते वह देर से टीम से जुड़े। 8.60 करोड़ में खरीदा, अब टीम को उम्मीद लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें आईपीएल ऑक्शन में 8.60 करोड़ रुपये में खरीदा था। इससे पहले वह Punjab Kings का हिस्सा थे, लेकिन सीमित उपलब्धता के कारण टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया था। टीम के लिए क्यों अहम हैं इंग्लिस? 31 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज का टी20 फॉर्म शानदार रहा है। आईपीएल 2025 में उन्होंने 11 मैचों में 278 रन बनाए थे, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 162 रहा। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके नाम दो शतक भी दर्ज हैं, जिससे उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा लगाया जा सकता है। लगातार हार से जूझ रही LSG इस सीजन में लखनऊ का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। 8 मैचों में टीम के पास सिर्फ 4 अंक हैं और वह पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे है। शुरुआती 3 मैचों में 2 जीत के बाद टीम लगातार 5 मुकाबले हार चुकी है। बल्लेबाजी की कमजोरी टीम की सबसे बड़ी समस्या रही है, ऐसे में इंग्लिस की एंट्री से मध्यक्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है। ब्रीट्जके टीम से बाहर इस बीच टीम के साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी Matthew Breetzke निजी कारणों से अपने देश लौट गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके परिवार में एक करीबी के निधन के कारण उन्होंने यह फैसला लिया है। उनकी वापसी को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
क्रिकेट की दुनिया में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। यूरोप में पहली बार लॉन्च हो रही European T20 Premier League को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। इस लीग में कई दिग्गज खिलाड़ियों ने टीमों में निवेश किया है, जिनमें दक्षिण अफ्रीका के स्टार Faf du Plessis, Jonty Rhodes और Heinrich Klaasen शामिल हैं। रॉटरडैम टीम के को-ओनर बने तीन दिग्गज Faf du Plessis, Jonty Rhodes और Heinrich Klaasen ने मिलकर ETPL की रॉटरडैम फ्रेंचाइजी को खरीदा है। यह छह टीमों की लीग होगी, जिसमें कुल 33 मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट 26 अगस्त से 20 सितंबर तक आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स में आयोजित होगा। खास बात यह है कि Faf du Plessis और Heinrich Klaasen सिर्फ मालिक ही नहीं, बल्कि टीम के लिए खेलते भी नजर आएंगे। डु प्लेसिस टीम की कप्तानी भी संभालेंगे। ‘ग्लोबल लीग के साथ जुड़ना था लक्ष्य’ Faf du Plessis ने कहा कि एक ‘सर्किट प्लेयर’ के तौर पर वह दुनिया की बेहतरीन T20 लीग्स के साथ जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को “नई लीग को बनाने और यूरोप में क्रिकेट को बढ़ाने का शानदार मौका” बताया। वहीं Heinrich Klaasen ने इसे “आसान बिजनेस फैसला” करार दिया। उनका कहना है कि इतने बड़े नामों के साथ जुड़ना एक शानदार अवसर है, जिसे छोड़ना भविष्य में पछतावे का कारण बन सकता था। अन्य बड़े नाम भी जुड़े ETPL में कई और दिग्गज खिलाड़ी भी टीम मालिकों के रूप में शामिल हैं। Steve Waugh एम्स्टर्डम टीम से जुड़े हैं, जबकि Glenn Maxwell बेलफास्ट फ्रेंचाइजी के को-ओनर हैं। Chris Gayle भी ग्लासगो टीम से जुड़े हैं। यूरोप में क्रिकेट को बढ़ावा देने का लक्ष्य Jonty Rhodes ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ चार हफ्तों का टूर्नामेंट खेलना नहीं है, बल्कि यूरोप में क्रिकेट के पूरे इकोसिस्टम को विकसित करना है। उन्होंने जर्मनी, इटली और फ्रांस जैसे देशों में क्रिकेट के बढ़ते क्रेज का भी जिक्र किया। नई लीग, नई चुनौती हालांकि यूरोप में क्रिकेट अभी मुख्य खेल नहीं है, लेकिन ETPL इसे लोकप्रिय बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। Faf du Plessis का मानना है कि अगर लीग का प्रोडक्ट मजबूत होगा, तो दर्शक खुद आकर्षित होंगे और धीरे-धीरे फैनबेस भी बढ़ेगा।
Indian Premier League 2026 के एक रोमांचक मुकाबले के दौरान एक चिंताजनक घटना सामने आई, जब Priyansh Arya के लगाए गए जोरदार छक्के से स्टैंड में बैठा एक दर्शक घायल हो गया। छक्का बना हादसे की वजह यह घटना Punjab Kings और Rajasthan Royals के बीच 28 अप्रैल को खेले गए मैच के दौरान हुई। पंजाब के ओपनर प्रियांश आर्य ने एक बड़ा शॉट खेला, जो सीधे स्टैंड्स में जाकर एक फैन के चेहरे पर लगा। इससे वह व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके चेहरे से खून बहने लगा। हालांकि, मौके पर मौजूद अन्य दर्शकों ने तुरंत उसकी मदद की और स्थिति को संभाला। मैदान पर रोमांच, बाहर चिंता मैच भले ही हाई स्कोरिंग और रोमांचक रहा, लेकिन इस घटना ने स्टेडियम में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्रिकेट में दर्शकों का उत्साह जितना जरूरी है, उतनी ही उनकी सुरक्षा भी अहम होती है। ऐसा रहा मैच का हाल मैच में Riyan Parag की कप्तानी वाली राजस्थान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। पंजाब ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 222 रन बनाए Marcus Stoinis: 62* रन Prabhsimran Singh: 59 रन जवाब में राजस्थान ने 19.2 ओवर में 4 विकेट पर 223 रन बनाकर मैच जीत लिया Donovan Ferreira: 52* रन Shubham Dubey: 31* रन पंजाब के लिए Yuzvendra Chahal ने 3 विकेट लिए।
ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट में बड़ा ट्रांसफर सामने आया है, जहां टेस्ट ओपनर Jake Weatherald ने दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन South Australia में वापसी कर ली है। तस्मानिया के साथ कॉन्ट्रैक्ट के दो साल बाकी होने के बावजूद यह डील संभव हुई, जिससे साउथ ऑस्ट्रेलिया की टीम और मजबूत हो गई है। तस्मानिया से रिलीज के बाद हुई वापसी Tasmania ने वेदराल्ड को उनके कॉन्ट्रैक्ट से रिलीज करने पर सहमति जताई, जिसके बाद उन्होंने एडिलेड लौटने का फैसला किया। वेदराल्ड पहले 2015 से 2022 तक साउथ ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल चुके हैं और अपने करियर के शुरुआती आठ सीजन यहीं बिताए थे। टेस्ट टीम में जगह ने आसान किया रास्ता Cricket Australia के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल होने के कारण वेदराल्ड राज्य टीम चुनने के लिए स्वतंत्र हो गए थे। इसके अलावा, उनका परिवार एडिलेड में ही रहता है, जो इस फैसले की एक अहम वजह माना जा रहा है। साउथ ऑस्ट्रेलिया को मिलेगा बड़ा फायदा दो बार की डिफेंडिंग चैंपियन साउथ ऑस्ट्रेलिया के लिए यह एक बड़ा ‘कूप’ माना जा रहा है। वेदराल्ड ने अपने करियर में 60 शेफील्ड शील्ड मैच खेले हैं और 13 में से 9 शतक इसी टीम के लिए बनाए हैं। हालांकि उपलब्धता रहेगी सीमित आने वाले सीजन में ऑस्ट्रेलिया को साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड, भारत और इंग्लैंड के खिलाफ कुल 13 टेस्ट मैच खेलने हैं। ऐसे में वेदराल्ड की उपलब्धता घरेलू क्रिकेट में सीमित रह सकती है। अगर वे सभी टेस्ट मैच खेलते हैं, तो शील्ड सीजन के दौरान केवल सीमित समय के लिए ही टीम के साथ जुड़ पाएंगे। टीम में अन्य बदलाव भी साउथ ऑस्ट्रेलिया ने अपने स्क्वाड में Matthew Gilkes को भी शामिल किया है, जो पहले न्यू साउथ वेल्स के लिए खेलते थे। इसके अलावा कुछ युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया है, जबकि कई सीनियर खिलाड़ियों को टीम से बाहर किया गया है। क्या है इसका असर? वेदराल्ड की वापसी से साउथ ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी और मजबूत होगी, लेकिन उनका इंटरनेशनल शेड्यूल टीम के लिए चुनौती भी बन सकता है। कुल मिलाकर, यह ट्रांसफर घरेलू क्रिकेट में संतुलन बदलने वाला कदम माना जा रहा है।
आईपीएल 2026 में Delhi Capitals की हालत एक झटके में बदलती नजर आई, जब टीम Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ महज 75 रन पर सिमट गई। इस करारी हार से टीम का नेट रन रेट भी बुरी तरह प्रभावित हुआ, लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर Piyush Chawla ने टीम को घबराने के बजाय संयम बनाए रखने की सलाह दी है। “यह घबराने का समय नहीं है” चावला ने स्पष्ट कहा कि टीम को अभी पैनिक करने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, टूर्नामेंट की शुरुआत में दिल्ली कैपिटल्स ने अच्छा प्रदर्शन किया था और कुछ खराब मैचों से पूरी टीम की क्षमता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने कहा कि टीम को एक साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए और नए सिरे से शुरुआत करनी चाहिए। खराब फॉर्म और गिरता प्रदर्शन दिल्ली कैपिटल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की थी, लेकिन इसके बाद अगले छह मैचों में टीम को सिर्फ एक जीत मिली। फील्डिंग में गलतियां, खासकर अहम मौकों पर कैच छोड़ना, टीम के लिए भारी पड़ा। हाल ही में Punjab Kings के खिलाफ मैच में भी आसान कैच छूटने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। ड्रेसिंग रूम का माहौल है अहम चावला का मानना है कि जब चीजें टीम के पक्ष में नहीं होतीं, तो खिलाड़ियों के बीच नकारात्मकता बढ़ने लगती है। ऐसे में ड्रेसिंग रूम का माहौल सकारात्मक बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि टीम को एकजुट रहना होगा और एक-दूसरे पर दोषारोपण करने के बजाय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना होगा। प्लेऑफ की उम्मीद अभी बाकी हालांकि लगातार हार से दिल्ली की स्थिति कमजोर हुई है, लेकिन टीम अभी भी टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है। चावला ने याद दिलाया कि पिछले सीजन में भी टीम ने अच्छी शुरुआत के बाद लय खो दी थी और प्लेऑफ से चूक गई थी। इस बार इतिहास बदलने के लिए खिलाड़ियों को सकारात्मक सोच के साथ मैदान में उतरना होगा। कप्तानी और लीडरशिप की भूमिका चावला ने खासतौर पर टीम के लीडरशिप ग्रुप पर जोर देते हुए कहा कि कप्तान और सीनियर खिलाड़ियों को आगे आकर टीम को संभालना होगा। उनके मुताबिक, इस समय स्किल से ज्यादा मानसिक मजबूती और सकारात्मक रवैया जरूरी है।
आईपीएल 2026 के बीच एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां Delhi Capitals के एक नेट गेंदबाज को अभ्यास सत्र के दौरान गंभीर चोट लग गई। यह हादसा नई दिल्ली स्थित Arun Jaitley Stadium में हुआ, जहां टीम आगामी मुकाबले की तैयारी कर रही थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रैक्टिस के दौरान गेंद सीधे गेंदबाज के चेहरे पर आकर लगी, जिससे वह तुरंत जमीन पर गिर पड़ा। चोट इतनी गंभीर थी कि उसके चेहरे से खून बहने लगा और वह दर्द से कराहता नजर आया। मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने बिना देर किए प्राथमिक जांच की और स्थिति को गंभीर देखते हुए खिलाड़ी को एम्बुलेंस के जरिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल टीम मैनेजमेंट या फ्रेंचाइजी की ओर से खिलाड़ी की हालत को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे उसकी स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। दिल्ली कैपिटल्स का मौजूदा प्रदर्शन आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स ने शुरुआत तो मजबूत की थी, लेकिन बाद के मैचों में टीम का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम ने अब तक 6 मुकाबलों में 3 जीत और 3 हार के साथ 6 अंक जुटाए हैं और अंक तालिका में छठे स्थान पर बनी हुई है। अगला मुकाबला और चुनौती दिल्ली कैपिटल्स का अगला मैच Punjab Kings के खिलाफ है, जो इस सीजन शानदार फॉर्म में चल रही है। Shreyas Iyer की कप्तानी में पंजाब की टीम ने 6 में से 5 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण बेनतीजा रहा। ऐसे में दिल्ली के लिए यह मुकाबला आसान नहीं माना जा रहा।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में Punjab Kings के लिए इस सीजन एक नई ताकत बनकर उभरे Cooper Connolly ने अपनी सफलता और टीम की लय का राज खोल दिया है। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ शानदार जीत के बाद कोनोली ने बताया कि वह और Priyansh Arya एक-दूसरे से सीखते हुए लगातार बेहतर बनने की कोशिश कर रहे हैं। आर्या-कोनोली की जोड़ी का धमाका रविवार को खेले गए मुकाबले में कोनोली ने 46 गेंदों में 87 रन की बेहतरीन पारी खेली, जबकि आर्या ने 37 गेंदों में 93 रन ठोककर सुर्खियां बटोरीं। दोनों ने मिलकर सिर्फ 80 गेंदों में 182 रन की साझेदारी कर टीम को इस सीजन का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की। मैच के बाद कोनोली ने कहा कि हर खिलाड़ी की अपनी शैली होती है और वही उसकी सबसे बड़ी ताकत होती है। “हम एक-दूसरे के खेल से छोटी-छोटी चीजें सीखते हैं। यही हमें बेहतर बनाता है और टीम को मजबूत करता है,” उन्होंने कहा। कोनोली की स्थिरता बनी ताकत अपने पहले ही IPL सीजन में कोनोली ने 223 रन बनाकर टीम के टॉप स्कोरर के रूप में खुद को स्थापित कर लिया है। उन्होंने Prabhsimran Singh, Shreyas Iyer और आर्या जैसे खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया है। कोनोली का मानना है कि सफलता का असली मंत्र अपनी ताकत को पहचानना और उसी पर टिके रहना है। उन्होंने कहा कि हर बल्लेबाज को यह समझना चाहिए कि कौन-सी गेंदों पर वह हावी हो सकता है और किन कमजोरियों पर काम करना है। रिकी पोंटिंग का बड़ा रोल PBKS के कोच Ricky Ponting ने कोनोली को टीम में लाने में अहम भूमिका निभाई है। अनुभवी खिलाड़ी Faf du Plessis के अनुसार, पोंटिंग जैसे दिग्गज के साथ काम करना किसी भी युवा खिलाड़ी के करियर को तेजी से आगे बढ़ा सकता है। पोंटिंग- अय्यर की जोड़ी से बदली टीम की तस्वीर PBKS की सफलता के पीछे कोच पोंटिंग और कप्तान Shreyas Iyer की जोड़ी का बड़ा योगदान माना जा रहा है। कोनोली ने बताया कि टीम फिलहाल भविष्य के बजाय हर मैच पर फोकस कर रही है और लगातार सुधार की कोशिश कर रही है। उन्होंने कप्तान अय्यर की तारीफ करते हुए कहा कि वह उदाहरण बनकर टीम को आगे बढ़ाते हैं और हर खिलाड़ी को सहज महसूस कराते हैं। PBKS का लक्ष्य साफ टीम का माहौल सकारात्मक है और सभी खिलाड़ी एक ही लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं–IPL ट्रॉफी जीतना। कोनोली के मुताबिक, टीम में खुलापन और सीखने की संस्कृति ही उनकी असली ताकत है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में रविवार के मुकाबलों के बाद पर्पल और ऑरेंज कैप की रेस और भी रोमांचक हो गई है। खासतौर पर Prince Yadav ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पर्पल कैप की टॉप-3 लिस्ट में जगह बना ली है। पर्पल कैप: प्रिंस यादव का जलवा पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेले गए मुकाबले में Punjab Kings ने 54 रन से जीत दर्ज की, जिसमें प्रिंस यादव ने 2 विकेट लेकर मैच में अहम भूमिका निभाई। इस सीजन में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतरीन रहा है–उन्होंने खेले गए सभी 6 मैचों में कम से कम एक विकेट जरूर लिया है। अब उनके नाम कुल 11 विकेट हो चुके हैं, जो Prasidh Krishna के बराबर हैं, लेकिन बेहतर इकॉनमी रेट के कारण वे उनसे आगे हैं। पर्पल कैप की रेस में फिलहाल Anshul Kamboj 13 विकेट के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं। वहीं Ravi Bishnoi 10 विकेट लेकर पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा Bhuvneshwar Kumar और Jofra Archer भी इस रेस में मजबूती से बने हुए हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स के Kartik Tyagi ने 3/22 के शानदार प्रदर्शन के साथ अपनी स्थिति मजबूत की है। ऑरेंज कैप: टॉप-3 में कोई बदलाव नहीं रनों की रेस यानी ऑरेंज कैप में टॉप-3 बल्लेबाजों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। Heinrich Klaasen, Shubman Gill और Virat Kohli क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। हालांकि, राजस्थान रॉयल्स के Vaibhav Sooryavanshi ने 46 रन की पारी खेलकर चौथे स्थान पर कब्जा कर लिया है। उभरते सितारे: कोनोली और आर्य का धमाका पंजाब किंग्स के Cooper Connolly ने 46 गेंदों में 87 रन बनाकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और अब वे 223 रन के साथ छठे स्थान पर हैं। उनके साथ शानदार तालमेल दिखाने वाले Priyansh Arya ने 37 गेंदों में 93 रन ठोककर 200 रन का आंकड़ा पार कर लिया है और इस सीजन के उभरते सितारों में शामिल हो गए हैं। वहीं Yashasvi Jaiswal भी 223 रन के साथ बराबरी पर बने हुए हैं। क्या कहती है मौजूदा रेस? IPL 2026 अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है जहां हर मैच के साथ लीडरबोर्ड बदल रहा है। गेंदबाजों में जहां प्रिंस यादव तेजी से उभरते नजर आ रहे हैं, वहीं बल्लेबाजों की रेस में भी युवा खिलाड़ियों का दबदबा बढ़ता दिख रहा है।
आईपीएल 2026 के मुकाबले जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस भी उतनी ही दिलचस्प होती जा रही है। मैच नंबर 24 के बाद तस्वीर लगभग वही है, लेकिन कुछ खिलाड़ी तेजी से टॉप की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। Punjab Kings (PBKS) की शानदार जीत में Prabhsimran Singh और कप्तान Shreyas Iyer ने अहम भूमिका निभाई। प्रभसिमरन ने 39 गेंदों में नाबाद 80 रन ठोके, जबकि अय्यर ने 35 गेंदों में 66 रन बनाए। ऑरेंज कैप रेस: कोहली टॉप पर, लेकिन खतरा बरकरार इस समय ऑरेंज कैप की दौड़ में Virat Kohli (RCB) शीर्ष पर बने हुए हैं। हालांकि, उनके पीछे कई खिलाड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं। Heinrich Klaasen (SRH) Rajat Patidar (RCB) Ishan Kishan (SRH) इनके बीच अब प्रभसिमरन सिंह पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने चार पारियों में 211 रन बनाए हैं, और उनका स्ट्राइक रेट 172.95 है, जो उन्हें सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल करता है। वहीं, अय्यर 203 रन के साथ छठे स्थान पर हैं और लगातार अच्छी पारियों के दम पर टॉप-3 में पहुंचने के करीब हैं। Vaibhav Sooryavanshi (RR), जो कुछ समय पहले तक टॉप पर थे, अब एक खराब पारी (डक) के बाद सातवें स्थान पर खिसक गए हैं। पर्पल कैप: गेंदबाजों की रेस स्थिर पर्पल कैप की सूची में फिलहाल ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। टॉप पर हैं Prasidh Krishna (GT) और Anshul Kamboj (CSK), दोनों के 10 विकेट उनके पीछे Prince Yadav (LSG) और Ravi Bishnoi (RR) 9-9 विकेट के साथ 7 विकेट के साथ Jofra Archer (RR), Bhuvneshwar Kumar और Krunal Pandya (RCB) इस बीच Shardul Thakur (MI) टॉप-10 में शामिल हो गए हैं, उनके नाम अब 6 विकेट हो चुके हैं। मुकाबला अभी बाकी है टूर्नामेंट अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन जिस तरह से प्रभसिमरन और अय्यर फॉर्म में हैं, वह आने वाले मैचों में Virat Kohli के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
दुबई: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। International Cricket Council (ICC) विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के अगले चक्र में अहम सुधारों पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2027 से WTC में टीमों की संख्या 9 से बढ़ाकर 12 की जा सकती है, साथ ही वन-ऑफ टेस्ट मैचों को भी प्वाइंट्स सिस्टम में शामिल करने का प्रस्ताव सामने आया है। किन टीमों को मिल सकता है मौका? प्रस्ताव के अनुसार, जिम्बाब्वे, आयरलैंड और अफगानिस्तान को WTC में शामिल किया जा सकता है। इससे टेस्ट क्रिकेट का दायरा बढ़ेगा और नई टीमों को बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। वन-ऑफ टेस्ट को मिलेगा नया महत्व अब तक WTC में केवल दो या उससे अधिक टेस्ट मैचों की सीरीज को ही शामिल किया जाता है। लेकिन नए प्रस्ताव के तहत एक-बार खेले जाने वाले टेस्ट (One-off Test) को भी WTC पॉइंट्स में जोड़ा जा सकता है। इस बदलाव से बड़े क्रिकेटिंग देश जैसे भारत छोटी टीमों के साथ एकल टेस्ट मैच खेलकर उन्हें अधिक मौके दे सकते हैं। क्यों जरूरी है यह बदलाव? क्रिकेट कैलेंडर में लगातार बढ़ते T20 लीग और व्यस्त शेड्यूल के कारण टेस्ट क्रिकेट को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में ICC का यह कदम टेस्ट क्रिकेट को ज्यादा प्रतिस्पर्धी और समावेशी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। फैसला अभी बाकी हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला जय शाह की अध्यक्षता वाले ICC बोर्ड को लेना है। पहले भी दो-स्तरीय टेस्ट सिस्टम (Two-tier structure) का प्रस्ताव खारिज किया जा चुका है, इसलिए इस बार भी सभी पहलुओं पर गहन चर्चा होगी। क्या होगा असर? अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो: टेस्ट क्रिकेट में ज्यादा टीमों की भागीदारी बढ़ेगी छोटे देशों को बड़े देशों के खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा WTC और अधिक रोमांचक और प्रतिस्पर्धी बनेगा
इंडियन प्रीमियर लीग के एक रोमांचक मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी तूफानी बल्लेबाज़ी से क्रिकेट जगत को चौंका दिया। राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए मैच में महज़ 15 साल के इस बल्लेबाज़ ने 26 गेंदों पर 78 रन ठोककर इतिहास रच दिया। 300 के स्ट्राइक रेट से मचाया तहलका वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक पारी में 8 चौके और 7 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 300 से अधिक रहा, जिसने RCB के गेंदबाज़ों को पूरी तरह बैकफुट पर ला दिया। उनकी बल्लेबाज़ी में आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ झलक रही थी। IPL में बनाया अनोखा महारिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी ने इस पारी के साथ एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जो अब तक कोई बल्लेबाज़ नहीं बना पाया था। IPL की पहली 11 पारियों के बाद सबसे ज्यादा छक्के: 42 – वैभव सूर्यवंशी 30 – जेक फ्रेज़र-मैकगर्क 26 – शॉन मार्श 24 – नीतीश राणा 23 – क्रिस लिन / ग्लेन मैक्सवेल यह आंकड़े दिखाते हैं कि वैभव किस स्तर की आक्रामक बल्लेबाज़ी कर रहे हैं। एक और ऐतिहासिक उपलब्धि वैभव सूर्यवंशी IPL इतिहास के पहले भारतीय बल्लेबाज़ बन गए हैं, जिन्होंने 300+ स्ट्राइक रेट के साथ एक से अधिक 50+ स्कोर बनाए हैं। गेंदबाज़ों पर भारी पड़े वैभव अपने छोटे से IPL करियर में वैभव ने बड़े-बड़े गेंदबाज़ों के खिलाफ भी बेखौफ खेल दिखाया है: IPL की पहली गेंद – छक्का जसप्रीत बुमराह की पहली गेंद – छक्का भुवनेश्वर कुमार की पहली गेंद – चौका जोश हेज़लवुड की पहली 4 गेंदें – 3 चौके, 1 छक्का शार्दुल ठाकुर की पहली गेंद – छक्का राजस्थान रॉयल्स की शानदार जीत इस मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 विकेट से हराया। वैभव सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल की शानदार पारियों ने टीम को जीत दिलाई। वैभव को उनकी शानदार बल्लेबाज़ी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
आईपीएल 2026 के शुरुआती मुकाबलों ने पॉइंट्स टेबल की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को हराकर न सिर्फ जीत की हैट्रिक लगाई, बल्कि सीधे अंक तालिका के शीर्ष पर कब्जा जमा लिया। इस जीत में यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारियों ने अहम भूमिका निभाई, जिसने मैच का रुख एकतरफा कर दिया। राजस्थान रॉयल्स नंबर-1 पर तीन मैचों में लगातार तीन जीत के साथ राजस्थान के 6 अंक हो गए हैं और उनका नेट रन रेट +2.403 है। टीम ने पहले चेन्नई सुपर किंग्स, फिर गुजरात टाइटंस और अब मुंबई को हराकर शानदार फॉर्म दिखाया है। टॉप-4 का समीकरण 1. राजस्थान रॉयल्स – 6 अंक (3 मैच, 3 जीत) 2. पंजाब किंग्स – 5 अंक (2 जीत, 1 मैच रद्द) 3. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु – 4 अंक 4. दिल्ली कैपिटल्स – 4 अंक बेंगलुरु और दिल्ली दोनों के बराबर अंक हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के चलते बेंगलुरु तीसरे स्थान पर बना हुआ है। बाकी टीमों का हाल 5. सनराइजर्स हैदराबाद – 2 अंक 6. लखनऊ सुपर जायंट्स – 2 अंक 7. मुंबई इंडियंस – 2 अंक (3 मैच में 1 जीत) 8. कोलकाता नाइट राइडर्स – 1 अंक 9. गुजरात टाइटंस – 0 अंक 10. चेन्नई सुपर किंग्स – 0 अंक (लगातार 3 हार) क्या कहता है समीकरण? सीजन अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन राजस्थान की लगातार जीत ने बाकी टीमों पर दबाव बना दिया है। वहीं पंजाब और बेंगलुरु को अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने के लिए आने वाले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। IPL 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में पंजाब किंग्स ने चेन्नई को 5 विकेट से हराकर सीजन की अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज की। यह मुकाबला पूरी तरह बल्लेबाजों के नाम रहा, जिसमें दोनों टीमों ने आक्रामक क्रिकेट का शानदार प्रदर्शन किया। चेन्नई ने खड़ा किया 209 रनों का मजबूत स्कोर पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए। टीम की ओर से युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे ने शानदार पारी खेलते हुए 43 गेंदों में 73 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वहीं शिवम दुबे ने भी तेजतर्रार अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 27 गेंदों पर नाबाद 45 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की शानदार साझेदारी ने चेन्नई को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। पंजाब की विस्फोटक शुरुआत ने बदला मैच 210 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। ओपनर प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह ने तेज बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 4.2 ओवर में 61 रन जोड़ दिए। प्रियांश आर्य ने महज 11 गेंदों पर 39 रन की तूफानी पारी खेली, जबकि प्रभसिमरन सिंह ने 34 गेंदों में 43 रन बनाए। श्रेयस अय्यर ने निभाई कप्तानी जिम्मेदारी मध्यक्रम में कप्तान श्रेयस अय्यर ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। उन्होंने 29 गेंदों में 50 रन बनाकर टीम की जीत को आसान बनाया। कूपर कॉनॉली ने भी 22 गेंदों में 36 रन का योगदान दिया। पंजाब ने 18.4 ओवर में 5 विकेट खोकर 210 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। चेन्नई की चिंता बढ़ी, पंजाब का आत्मविश्वास ऊंचा लगातार दूसरी हार के बाद चेन्नई सुपर किंग्स पर दबाव बढ़ गया है, जबकि पंजाब किंग्स जीत की लय में नजर आ रही है।
फुटबॉल की दुनिया के दो सबसे बड़े नाम Cristiano Ronaldo और Lionel Messi एक बार फिर साथ नजर आए हैं-लेकिन इस बार मैदान पर नहीं, बल्कि एक अनोखे अंदाज में। मशहूर खिलौना कंपनी LEGO ने इन दोनों दिग्गजों को अपने नए कैंपेन में मिनीफिगर के रूप में पेश किया है, जो FIFA World Cup 2026 से पहले लॉन्च किया गया है। लेगो में उतरी फुटबॉल की सुपरस्टार दुनिया LEGO ने इस खास कलेक्शन में सिर्फ रोनाल्डो और मेसी ही नहीं, बल्कि Kylian Mbappé और Vinícius Júnior को भी शामिल किया है। हर मिनीफिगर को खिलाड़ियों की खास पहचान, खेलने की शैली और उनके करियर के यादगार पलों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इन सेट्स में “Football Highlights” और “Football Legends” जैसे थीम शामिल हैं, जो फैंस को अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के करियर को एक नए अंदाज में जीने का मौका देते हैं। खास डिजाइन और कलेक्टिबल एक्सपीरियंस हर सेट को एक खास लेटर-शेप बेस पर तैयार किया गया है, जिसमें खिलाड़ियों की नेशनल टीम के रंग, जर्सी नंबर और कलेक्टिबल प्लेट भी दी गई है। इसके साथ मिलने वाली मिनीफिगर इन सेट्स को और भी आकर्षक बनाती है। रोनाल्डो ने इस सहयोग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “हर दिन ऐसा मौका नहीं मिलता जब आप खुद एक LEGO सेट बन जाएं।” 2022 के बाद फिर साथ दिखे रोनाल्डो-मेसी यह पहली बार नहीं है जब दोनों दिग्गज एक साथ किसी विज्ञापन में नजर आए हैं। इससे पहले 2022 वर्ल्ड कप के दौरान दोनों ने एक लग्जरी ब्रांड के साथ मिलकर यादगार कैंपेन किया था, जिसे फैंस ने काफी पसंद किया था। वर्ल्ड कप में फिर हो सकता है महामुकाबला आने वाले वर्ल्ड कप में जहां मेसी अपनी टीम के साथ खिताब बचाने उतरेंगे, वहीं रोनाल्डो अपने करियर का सबसे बड़ा सपना पूरा करने की कोशिश करेंगे। अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो क्वार्टरफाइनल में एक बार फिर “रोनाल्डो बनाम मेसी” का ऐतिहासिक मुकाबला देखने को मिल सकता है।
IPL 2026 के मुकाबले में एक ऐसा प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। दिल्ली कैपिटल्स के युवा बल्लेबाज समीर रिजवी ने लखनऊ के इकाना स्टेडियम में ऐसी पारी खेली, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। 142 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जब दिल्ली की टीम 26 रन पर 4 विकेट गंवाकर हार के करीब थी, तब ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में उतरे रिजवी ने अकेले मैच का रुख बदल दिया। खराब शुरुआत, फिर तूफानी वापसी समीर रिजवी की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। वह एक समय 9 गेंदों पर बिना खाता खोले खेल रहे थे और 13 गेंदों में सिर्फ 5 रन बना पाए थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने गियर बदला और विपक्षी गेंदबाजों पर जोरदार हमला बोल दिया। रिजवी ने 47 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए, जिसमें 4 छक्के और 5 चौके शामिल थे। उनकी इस पारी ने मैच का पूरा समीकरण बदल दिया। स्टब्स के साथ साझेदारी बनी टर्निंग पॉइंट रिजवी ने ट्रिस्टन स्टब्स के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 119 रनों की साझेदारी की। यह साझेदारी उस वक्त आई जब टीम पूरी तरह दबाव में थी। दोनों बल्लेबाजों ने खासकर स्पिन गेंदबाजों को निशाना बनाया और धीरे-धीरे मैच को लखनऊ की पकड़ से बाहर कर दिया। मेरठ से IPL तक का सफर समीर रिजवी का जन्म 6 दिसंबर 2003 को मेरठ में हुआ, जिसे भारतीय क्रिकेट की ‘नर्सरी’ कहा जाता है। उनके पिता हसीन रिजवी ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बेटे के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रिजवी के पहले कोच उनके मामा तंकीब अख्तर थे, जिन्होंने बचपन से ही उनकी तकनीक, खासकर स्पिन के खिलाफ खेलने की क्षमता को मजबूत किया। घरेलू क्रिकेट से मिली पहचान समीर पहली बार चर्चा में तब आए जब उन्होंने 2020 में उत्तर प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया। लेकिन असली पहचान उन्हें 2023 की यूपी T20 लीग से मिली, जहां उन्होंने 455 रन बनाए और 35 छक्के जड़े। उनकी इसी पावर हिटिंग के कारण चेन्नई सुपर किंग्स ने 2024 में उन्हें 8.4 करोड़ रुपये में खरीदा था, जबकि 2025 में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 95 लाख में अपनी टीम में शामिल किया। दिल्ली को मिला नया मैच विनर इस पारी के बाद समीर रिजवी को दिल्ली कैपिटल्स का नया मैच विनर माना जा रहा है। उन्होंने साबित कर दिया कि दबाव की स्थिति में भी संयम और आत्मविश्वास से खेला जाए, तो किसी भी मैच को जीता जा सकता है।
IPL 2026 में भले ही लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन इस मुकाबले में एक बड़ी उपलब्धि तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के नाम दर्ज हो गई। इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में शमी ने पारी की पहली ही गेंद पर विकेट लेकर इतिहास रच दिया। पहली गेंद पर विकेट, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड मोहम्मद शमी ने मैच की पहली गेंद पर ही केएल राहुल को आउट कर शानदार शुरुआत दिलाई। इसी के साथ शमी IPL इतिहास में 5 बार पहली गेंद पर विकेट लेने वाले इकलौते गेंदबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने कई बड़े गेंदबाजों को पीछे छोड़ दिया है। प्रवीण कुमार, उमेश यादव, ट्रेंट बोल्ट, लसिथ मलिंगा, भुवनेश्वर कुमार, अशोक डिंडा और पैट कमिंस जैसे गेंदबाजों ने यह कारनामा 3-3 बार किया है, लेकिन शमी उनसे आगे निकल गए हैं। लखनऊ की बल्लेबाजी रही कमजोर मैच की बात करें तो लखनऊ सुपर जायंट्स की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। टीम 18.4 ओवर में सिर्फ 141 रन पर सिमट गई। कप्तान ऋषभ पंत जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई। हालांकि मिचेल मार्श और अब्दुल समद ने कुछ हद तक संघर्ष करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन यह स्कोर जीत के लिए काफी नहीं था। समीर रिजवी की दमदार पारी से दिल्ली की जीत 142 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत भी खराब रही। टीम ने शुरुआती झटके झेले, लेकिन इसके बाद समीर रिजवी ने शानदार जिम्मेदारी निभाई। रिजवी ने 47 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए, जबकि ट्रिस्टन स्टब्स ने 39 रनों की अहम पारी खेली। दोनों के बीच 119 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया और दिल्ली को जीत दिलाई। रिकॉर्ड के बावजूद टीम को नहीं मिली जीत मोहम्मद शमी का यह ऐतिहासिक प्रदर्शन टीम को जीत नहीं दिला सका, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर यह उपलब्धि उन्हें IPL के सबसे खास गेंदबाजों में शामिल करती है।
IPL 2026 की शुरुआत Chennai Super Kings के लिए बेहद निराशाजनक रही है। गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले में Rajasthan Royals के खिलाफ टीम ने पावरप्ले में ही 41 रन पर 4 विकेट गंवा दिए, जिससे मैच की दिशा शुरुआत में ही तय हो गई। यह प्रदर्शन केवल एक खराब दिन की कहानी नहीं, बल्कि पिछले सीजन से चली आ रही समस्या की निरंतरता को दर्शाता है। पावरप्ले में लगातार फ्लॉप CSK T-20 क्रिकेट में पावरप्ले को सबसे अहम और स्कोरिंग के लिए अनुकूल फेज माना जाता है, लेकिन CSK के लिए यही फेज सबसे बड़ी कमजोरी बनता जा रहा है। IPL 2026 के पहले मैच में 41/4 का स्कोर इस बात का संकेत है कि टीम की टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी अभी भी दबाव में टूट रही है। यह शुरुआत उन्हें मुकाबले से बाहर करने के लिए काफी थी। धोनी की गैरमौजूदगी से आगे की समस्या हालांकि टीम इस मैच में MS Dhoni के बिना उतरी, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि समस्या सिर्फ एक खिलाड़ी की गैरमौजूदगी तक सीमित नहीं है। दरअसल, IPL 2025 में भी CSK की पावरप्ले बल्लेबाजी सबसे कमजोर टीमों में रही थी। 14 पारियों में कुल 731 रन औसत रन रेट: 8.70 औसत स्कोर: 52.21 कुल 29 विकेट (प्रति पारी औसतन 2.07 विकेट) डॉट बॉल प्रतिशत: 42.66% पहले 3 ओवर में ही बिगड़ जाता है खेल CSK की सबसे बड़ी समस्या पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में सामने आती है। ओवर 1 से 3 के बीच टीम का रन रेट केवल 7.76 रहा और लगभग आधी गेंदें (49.60%) डॉट खेली गईं। हालांकि ओवर 4 से 6 में रन रेट 9.64 तक पहुंचती है, लेकिन तब तक टीम शुरुआती नुकसान की भरपाई करने की कोशिश में ही रहती है। 2025 का पैटर्न 2026 में भी जारी राजस्थान के खिलाफ 41/4 का स्कोर CSK के 2025 के औसत से भी काफी खराब है। यह केवल एक मैच नहीं, बल्कि एक पैटर्न का हिस्सा है-धीमी शुरुआत, जल्दी विकेट गिरना और टॉप ऑर्डर का पूरी तरह ढह जाना। आगे की राह मुश्किल अगर CSK को टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो उन्हें पावरप्ले की रणनीति पर तुरंत काम करना होगा। अन्य टीमों के मुकाबले तेज शुरुआत करना अब जरूरत बन चुकी है, वरना हर मैच में शुरुआती झटका भारी पड़ सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।