आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है। लीग स्टेज के 63वें मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने Chennai Super Kings को 5 विकेट से हराकर प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली। इस जीत के साथ अब प्लेऑफ की तस्वीर लगभग साफ हो गई है और तीन टीमें आधिकारिक तौर पर क्वालीफाई कर चुकी हैं। Royal Challengers Bengaluru पहले ही अंतिम चार में पहुंच चुकी थी, जबकि अब Gujarat Titans और सनराइजर्स हैदराबाद ने भी प्लेऑफ का टिकट हासिल कर लिया है। हालांकि चौथे स्थान की जंग अभी बेहद दिलचस्प बनी हुई है, जहां पांच टीमें अब भी रेस में बनी हुई हैं। पॉइंट्स टेबल में किस टीम की क्या स्थिति? 13 मैचों में 9 जीत और 18 अंकों के साथ आरसीबी अंक तालिका में शीर्ष पर कायम है। गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद दोनों के 16-16 अंक हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के चलते गुजरात दूसरे स्थान पर है। चौथे स्थान के लिए सबसे मजबूत दावेदारी फिलहाल Punjab Kings की नजर आ रही है, जिनके 13 अंक हैं। वहीं Rajasthan Royals, चेन्नई सुपर किंग्स, Delhi Capitals और Kolkata Knight Riders भी प्लेऑफ की उम्मीदें बनाए हुए हैं। अपडेटेड IPL 2026 पॉइंट्स टेबल स्थान टीम मैच जीत हार अंक नेट रन रेट 1 RCB (Q) 13 9 4 18 +1.065 2 गुजरात टाइटंस (Q) 13 8 5 16 +0.400 3 सनराइजर्स हैदराबाद (Q) 13 8 5 16 +0.350 4 पंजाब किंग्स 13 6 6 13 +0.227 5 राजस्थान रॉयल्स 12 6 6 12 +0.027 6 चेन्नई सुपर किंग्स 13 6 7 12 -0.016 7 दिल्ली कैपिटल्स 13 6 7 12 -0.871 8 कोलकाता नाइट राइडर्स 12 5 6 11 -0.038 9 मुंबई इंडियंस (E) 12 4 8 8 -0.504 10 लखनऊ सुपर जायंट्स (E) 12 4 8 -0.701 मैच का पूरा हाल चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 180 रन बनाए। टीम के लिए Dewald Brevis ने सबसे ज्यादा 44 रन बनाए। इसके अलावा कार्तिक शर्मा ने 32, Sanju Samson ने 27 और Shivam Dube ने 26 रनों का योगदान दिया। हैदराबाद की ओर से Pat Cummins ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके, जबकि साकिब हुसैन ने 2 विकेट हासिल किए। 181 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद ने 19 ओवर में 5 विकेट गंवाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। Ishan Kishan ने 70 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जबकि Heinrich Klaasen ने 47 और Abhishek Sharma ने 26 रन बनाए। चेन्नई के लिए मुकेश चौधरी ने 2 विकेट लिए, लेकिन वह टीम को हार से नहीं बचा सके। अब आईपीएल 2026 का अंतिम लीग चरण बेहद रोमांचक हो गया है, जहां चौथे प्लेऑफ स्थान के लिए हर मुकाबला करो या मरो जैसा होने वाला है।
BCCI कर सकती है बड़ा फैसला (BCCI) जल्द ही भारतीय टी20 टीम की कप्तानी में बड़ा बदलाव कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Suryakumar Yadav को टी20 कप्तानी से हटाया जा सकता है, जबकि Shreyas Iyer इस पद के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चयन समिति सूर्यकुमार यादव के हालिया प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं है और अब टीम में नए नेतृत्व की तैयारी की जा रही है। खराब फॉर्म बना बड़ी वजह हालांकि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता था, लेकिन बल्लेबाजी में उनका प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में रहा है। आईपीएल 2026 में भी वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। बताया जा रहा है कि मुंबई इंडियंस के लिए इस सीजन 10 मैचों में सूर्यकुमार सिर्फ 195 रन ही बना सके हैं। यही वजह है कि चयनकर्ता अब टीम में बदलाव पर विचार कर रहे हैं। चोट से भी जूझ रहे हैं सूर्यकुमार रिपोर्ट्स के अनुसार सूर्यकुमार यादव पिछले कुछ समय से कलाई की समस्या से परेशान हैं। कहा जा रहा है कि वह दर्द और असहजता के बावजूद लगातार खेल रहे हैं। ऐसे में उनकी फिटनेस को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए उनकी टीम में जगह भी पूरी तरह पक्की नहीं मानी जा रही है। श्रेयस अय्यर की शानदार वापसी दूसरी ओर Punjab Kings के कप्तान श्रेयस अय्यर शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स को शुरुआती सात मैचों में छह जीत दिलाई है। साथ ही उन्होंने 9 पारियों में 333 रन भी बनाए हैं। यही कारण है कि चयनकर्ता उन्हें टी20 टीम में वापसी के साथ कप्तानी सौंपने पर विचार कर रहे हैं। दो साल बाद हो सकती है T20 टीम में वापसी श्रेयस अय्यर ने पिछले दो साल से कोई टी20 इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला है। उनका आखिरी टी20 मैच दिसंबर 2023 में था। इसके बावजूद मौजूदा फॉर्म और नेतृत्व क्षमता के कारण वह कप्तानी की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। सूर्यकुमार का रिकॉर्ड फिर भी शानदार गौरतलब है कि रोहित शर्मा के संन्यास के बाद सूर्यकुमार यादव ने भारत की टी20 टीम की कमान संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम ने अब तक कोई टी20 सीरीज नहीं हारी है। ऐसे में अगर कप्तानी में बदलाव होता है तो यह फैसला काफी चौंकाने वाला माना जाएगा।
आईपीएल 2026 में Chennai Super Kings के लिए शुरुआत भले ही उतार-चढ़ाव भरी रही हो, लेकिन Sanju Samson ने अब अपने प्रदर्शन से आलोचकों को जवाब दे दिया है। शुरुआती तीन मैचों में सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट होने के बाद सैमसन ने जबरदस्त वापसी की है और अब टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बनकर उभरे हैं। खराब शुरुआत से दमदार वापसी सीजन के पहले तीन मैचों में सैमसन का बल्ला खामोश रहा, जिससे टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल उठने लगे थे–खासतौर पर तब, जब उन्हें Ravindra Jadeja और Sam Curran जैसे खिलाड़ियों के बदले टीम में शामिल किया गया था। लेकिन इसके बाद सैमसन ने शानदार वापसी करते हुए 7 पारियों में तीन 50+ स्कोर जड़े, जिसमें दिल्ली के खिलाफ 52 गेंदों पर नाबाद 87 रन की मैच जिताऊ पारी भी शामिल है। फिंच ने की तारीफ पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान Aaron Finch सैमसन के प्रदर्शन से खासे प्रभावित हैं। उनका कहना है कि किसी नए फ्रेंचाइजी में जाने के बाद खिलाड़ी पर भारी दबाव होता है, खासकर जब वह एक बड़ा ट्रेड हो। फिंच के मुताबिक, “दो-तीन मैचों से किसी खिलाड़ी को जज करना सही नहीं है। सैमसन जिस तरह अब बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह अलग स्तर का प्रदर्शन है।” आंकड़ों में दम सैमसन इस सीजन में अब तक 10 पारियों में 402 रन बना चुके हैं। औसत: 57.42 स्ट्राइक रेट: 167.50 उनकी यह निरंतरता Indian Premier League के इस सीजन में CSK की बल्लेबाजी की रीढ़ बन गई है। ‘अब दिख रहा असली सैमसन’ पूर्व भारतीय विकेटकीपर Deep Dasgupta ने भी सैमसन की तारीफ करते हुए कहा कि यह वही वर्जन है, जिसका इंतजार फैंस कई सालों से कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले सैमसन कुछ शानदार पारियां खेलते थे, लेकिन निरंतरता की कमी रहती थी–अब वह कमी दूर होती दिख रही है। टीम के लिए कितनी अहम यह फॉर्म? दिल्ली के खिलाफ जीत के बाद चेन्नई की टीम अभी भी पॉइंट्स टेबल में छठे स्थान पर है, लेकिन दूसरे से पांचवें स्थान तक की टीमों से सिर्फ दो अंक पीछे है। ऐसे में सैमसन की फॉर्म टीम के प्लेऑफ सफर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
आईपीएल 2026 में खराब फॉर्म से जूझ रही Lucknow Super Giants के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। टीम के महंगे खिलाड़ी Josh Inglis अब स्क्वाड से जुड़ गए हैं और 4 मई को होने वाले अगले मुकाबले के लिए चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे। शादी के कारण देर से जुड़े इंग्लिस जोश इंग्लिस ने पहले ही फ्रेंचाइज़ियों को सूचित कर दिया था कि अपनी शादी के कारण वह टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं रहेंगे। 18 अप्रैल को पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के मार्गरेट रिवर में उनकी शादी हुई थी, जिसके चलते वह देर से टीम से जुड़े। 8.60 करोड़ में खरीदा, अब टीम को उम्मीद लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें आईपीएल ऑक्शन में 8.60 करोड़ रुपये में खरीदा था। इससे पहले वह Punjab Kings का हिस्सा थे, लेकिन सीमित उपलब्धता के कारण टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया था। टीम के लिए क्यों अहम हैं इंग्लिस? 31 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज का टी20 फॉर्म शानदार रहा है। आईपीएल 2025 में उन्होंने 11 मैचों में 278 रन बनाए थे, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 162 रहा। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके नाम दो शतक भी दर्ज हैं, जिससे उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा लगाया जा सकता है। लगातार हार से जूझ रही LSG इस सीजन में लखनऊ का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। 8 मैचों में टीम के पास सिर्फ 4 अंक हैं और वह पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे है। शुरुआती 3 मैचों में 2 जीत के बाद टीम लगातार 5 मुकाबले हार चुकी है। बल्लेबाजी की कमजोरी टीम की सबसे बड़ी समस्या रही है, ऐसे में इंग्लिस की एंट्री से मध्यक्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है। ब्रीट्जके टीम से बाहर इस बीच टीम के साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी Matthew Breetzke निजी कारणों से अपने देश लौट गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके परिवार में एक करीबी के निधन के कारण उन्होंने यह फैसला लिया है। उनकी वापसी को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
आईपीएल 2026 के मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने दमदार प्रदर्शन करते हुए Delhi Capitals को 47 रन से हरा दिया। इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो रहे Abhishek Sharma, जिन्होंने नाबाद 135 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 2 विकेट के नुकसान पर 242 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स की टीम 195 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में Eshan Malinga ने 4 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने अभिषेक शर्मा ने खुलासा किया कि शुरुआत में टीम की योजना पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी करने की थी, लेकिन पिच की धीमी प्रकृति को देखते हुए उन्हें अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि गेंद बल्ले पर आसानी से नहीं आ रही थी, ऐसे में हालात के अनुसार खेलना जरूरी था और यही बदलाव टीम की जीत की बड़ी वजह बना। अभिषेक ने अपनी 68 गेंदों की पारी में 10 चौके और 10 छक्के लगाए, जिससे हैदराबाद को बड़ा स्कोर बनाने में मदद मिली। टीम मैनेजमेंट को दिया श्रेय अभिषेक शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय टीम मैनेजमेंट को दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने अंदाज में खेलने की पूरी आजादी मिलती है, जो उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाती है। उन्होंने कोचिंग स्टाफ और कप्तान का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि टीम का सकारात्मक माहौल खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का आत्मविश्वास देता है। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 से टीम के भीतर बना यह माहौल ‘गेमचेंजर’ साबित हुआ है और इसी वजह से खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ दे पा रहे हैं। फैंस के लिए खास ‘एल सेलिब्रेशन’ अपने शतक के बाद किए गए ‘एल सेलिब्रेशन’ पर अभिषेक ने बताया कि यह जश्न वह काफी समय से करते आ रहे हैं और यह खास तौर पर फैंस के लिए है, जो उन्हें हर मैच में जबरदस्त समर्थन देते हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में Punjab Kings के लिए इस सीजन एक नई ताकत बनकर उभरे Cooper Connolly ने अपनी सफलता और टीम की लय का राज खोल दिया है। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ शानदार जीत के बाद कोनोली ने बताया कि वह और Priyansh Arya एक-दूसरे से सीखते हुए लगातार बेहतर बनने की कोशिश कर रहे हैं। आर्या-कोनोली की जोड़ी का धमाका रविवार को खेले गए मुकाबले में कोनोली ने 46 गेंदों में 87 रन की बेहतरीन पारी खेली, जबकि आर्या ने 37 गेंदों में 93 रन ठोककर सुर्खियां बटोरीं। दोनों ने मिलकर सिर्फ 80 गेंदों में 182 रन की साझेदारी कर टीम को इस सीजन का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की। मैच के बाद कोनोली ने कहा कि हर खिलाड़ी की अपनी शैली होती है और वही उसकी सबसे बड़ी ताकत होती है। “हम एक-दूसरे के खेल से छोटी-छोटी चीजें सीखते हैं। यही हमें बेहतर बनाता है और टीम को मजबूत करता है,” उन्होंने कहा। कोनोली की स्थिरता बनी ताकत अपने पहले ही IPL सीजन में कोनोली ने 223 रन बनाकर टीम के टॉप स्कोरर के रूप में खुद को स्थापित कर लिया है। उन्होंने Prabhsimran Singh, Shreyas Iyer और आर्या जैसे खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया है। कोनोली का मानना है कि सफलता का असली मंत्र अपनी ताकत को पहचानना और उसी पर टिके रहना है। उन्होंने कहा कि हर बल्लेबाज को यह समझना चाहिए कि कौन-सी गेंदों पर वह हावी हो सकता है और किन कमजोरियों पर काम करना है। रिकी पोंटिंग का बड़ा रोल PBKS के कोच Ricky Ponting ने कोनोली को टीम में लाने में अहम भूमिका निभाई है। अनुभवी खिलाड़ी Faf du Plessis के अनुसार, पोंटिंग जैसे दिग्गज के साथ काम करना किसी भी युवा खिलाड़ी के करियर को तेजी से आगे बढ़ा सकता है। पोंटिंग- अय्यर की जोड़ी से बदली टीम की तस्वीर PBKS की सफलता के पीछे कोच पोंटिंग और कप्तान Shreyas Iyer की जोड़ी का बड़ा योगदान माना जा रहा है। कोनोली ने बताया कि टीम फिलहाल भविष्य के बजाय हर मैच पर फोकस कर रही है और लगातार सुधार की कोशिश कर रही है। उन्होंने कप्तान अय्यर की तारीफ करते हुए कहा कि वह उदाहरण बनकर टीम को आगे बढ़ाते हैं और हर खिलाड़ी को सहज महसूस कराते हैं। PBKS का लक्ष्य साफ टीम का माहौल सकारात्मक है और सभी खिलाड़ी एक ही लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं–IPL ट्रॉफी जीतना। कोनोली के मुताबिक, टीम में खुलापन और सीखने की संस्कृति ही उनकी असली ताकत है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में रविवार के मुकाबलों के बाद पर्पल और ऑरेंज कैप की रेस और भी रोमांचक हो गई है। खासतौर पर Prince Yadav ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पर्पल कैप की टॉप-3 लिस्ट में जगह बना ली है। पर्पल कैप: प्रिंस यादव का जलवा पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेले गए मुकाबले में Punjab Kings ने 54 रन से जीत दर्ज की, जिसमें प्रिंस यादव ने 2 विकेट लेकर मैच में अहम भूमिका निभाई। इस सीजन में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतरीन रहा है–उन्होंने खेले गए सभी 6 मैचों में कम से कम एक विकेट जरूर लिया है। अब उनके नाम कुल 11 विकेट हो चुके हैं, जो Prasidh Krishna के बराबर हैं, लेकिन बेहतर इकॉनमी रेट के कारण वे उनसे आगे हैं। पर्पल कैप की रेस में फिलहाल Anshul Kamboj 13 विकेट के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं। वहीं Ravi Bishnoi 10 विकेट लेकर पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा Bhuvneshwar Kumar और Jofra Archer भी इस रेस में मजबूती से बने हुए हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स के Kartik Tyagi ने 3/22 के शानदार प्रदर्शन के साथ अपनी स्थिति मजबूत की है। ऑरेंज कैप: टॉप-3 में कोई बदलाव नहीं रनों की रेस यानी ऑरेंज कैप में टॉप-3 बल्लेबाजों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। Heinrich Klaasen, Shubman Gill और Virat Kohli क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। हालांकि, राजस्थान रॉयल्स के Vaibhav Sooryavanshi ने 46 रन की पारी खेलकर चौथे स्थान पर कब्जा कर लिया है। उभरते सितारे: कोनोली और आर्य का धमाका पंजाब किंग्स के Cooper Connolly ने 46 गेंदों में 87 रन बनाकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और अब वे 223 रन के साथ छठे स्थान पर हैं। उनके साथ शानदार तालमेल दिखाने वाले Priyansh Arya ने 37 गेंदों में 93 रन ठोककर 200 रन का आंकड़ा पार कर लिया है और इस सीजन के उभरते सितारों में शामिल हो गए हैं। वहीं Yashasvi Jaiswal भी 223 रन के साथ बराबरी पर बने हुए हैं। क्या कहती है मौजूदा रेस? IPL 2026 अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है जहां हर मैच के साथ लीडरबोर्ड बदल रहा है। गेंदबाजों में जहां प्रिंस यादव तेजी से उभरते नजर आ रहे हैं, वहीं बल्लेबाजों की रेस में भी युवा खिलाड़ियों का दबदबा बढ़ता दिख रहा है।
आईपीएल के इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में Punjab Kings ने धमाकेदार बल्लेबाजी के दम पर Lucknow Super Giants को 54 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। मैच के बाद कप्तान Shreyas Iyer ने टीम के युवा सितारों की खुलकर तारीफ की और खासतौर पर प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली की साझेदारी को जीत की असली वजह बताया। आर्य-कोनोली की साझेदारी ने पलटा मैच दूसरे विकेट के लिए प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली के बीच 182 रन की जबरदस्त साझेदारी ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। आर्य ने 93 रन की शानदार पारी खेली, जबकि कोनोली ने 87 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अय्यर ने कहा, “दोनों के बीच पार्टनरशिप शानदार रही। कुछ शॉट तो सच में होश उड़ा देने वाले थे, खासकर तेज गेंदबाजों के खिलाफ बैक-फुट से सीधे शॉट खेलना काबिल-ए-तारीफ था। बीच के ओवरों में जिस तरह का संयम दिखाया गया, वह कमाल था।” ‘छक्कों की चुनौती’ और इनाम में बल्ला मैच के दौरान कप्तान अय्यर ने खिलाड़ियों को एक दिलचस्प चुनौती भी दी। उन्होंने बताया, “मैंने आर्य और कोनोली से कहा कि देखते हैं कौन ज्यादा छक्के मारता है। इनाम के तौर पर मेरा बल्ला मिलेगा। यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन इससे टीम का माहौल हल्का और सकारात्मक बना रहता है।” खिलाड़ियों को आजादी देना ही सफलता की कुंजी अय्यर ने अपनी कप्तानी शैली पर भी खुलकर बात की। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी देने से वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं खिलाड़ियों को यह नहीं बताता कि उन्हें कैसे खेलना है। उनका अपना तरीका होता है। कोच Ricky Ponting मैच से पहले खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं और फिर खिलाड़ी मैदान पर अपना कमाल दिखाते हैं।” पंजाब किंग्स की टॉप पर मजबूत पकड़ इस जीत के साथ पंजाब किंग्स ने 6 में से 5 मैच जीतकर 11 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स की लगातार तीसरी हार ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मैच का हाल पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने 7 विकेट के नुकसान पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में Lucknow Super Giants 20 ओवर में 5 विकेट पर 200 रन ही बना सकी। एलएसजी के लिए Rishabh Pant ने 43 रन, Aiden Markram ने 42 रन, Mitchell Marsh ने 40 रन और Ayush Badoni ने 35 रन का योगदान दिया, लेकिन टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई।
आईपीएल 2026 के मुकाबले जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस भी उतनी ही दिलचस्प होती जा रही है। मैच नंबर 24 के बाद तस्वीर लगभग वही है, लेकिन कुछ खिलाड़ी तेजी से टॉप की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। Punjab Kings (PBKS) की शानदार जीत में Prabhsimran Singh और कप्तान Shreyas Iyer ने अहम भूमिका निभाई। प्रभसिमरन ने 39 गेंदों में नाबाद 80 रन ठोके, जबकि अय्यर ने 35 गेंदों में 66 रन बनाए। ऑरेंज कैप रेस: कोहली टॉप पर, लेकिन खतरा बरकरार इस समय ऑरेंज कैप की दौड़ में Virat Kohli (RCB) शीर्ष पर बने हुए हैं। हालांकि, उनके पीछे कई खिलाड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं। Heinrich Klaasen (SRH) Rajat Patidar (RCB) Ishan Kishan (SRH) इनके बीच अब प्रभसिमरन सिंह पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने चार पारियों में 211 रन बनाए हैं, और उनका स्ट्राइक रेट 172.95 है, जो उन्हें सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल करता है। वहीं, अय्यर 203 रन के साथ छठे स्थान पर हैं और लगातार अच्छी पारियों के दम पर टॉप-3 में पहुंचने के करीब हैं। Vaibhav Sooryavanshi (RR), जो कुछ समय पहले तक टॉप पर थे, अब एक खराब पारी (डक) के बाद सातवें स्थान पर खिसक गए हैं। पर्पल कैप: गेंदबाजों की रेस स्थिर पर्पल कैप की सूची में फिलहाल ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। टॉप पर हैं Prasidh Krishna (GT) और Anshul Kamboj (CSK), दोनों के 10 विकेट उनके पीछे Prince Yadav (LSG) और Ravi Bishnoi (RR) 9-9 विकेट के साथ 7 विकेट के साथ Jofra Archer (RR), Bhuvneshwar Kumar और Krunal Pandya (RCB) इस बीच Shardul Thakur (MI) टॉप-10 में शामिल हो गए हैं, उनके नाम अब 6 विकेट हो चुके हैं। मुकाबला अभी बाकी है टूर्नामेंट अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन जिस तरह से प्रभसिमरन और अय्यर फॉर्म में हैं, वह आने वाले मैचों में Virat Kohli के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सुर्खियों में छाए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए सोमवार की शाम बेहद निराशाजनक रही। 300 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से गेंदबाजों पर कहर बरपाने वाले इस उभरते सितारे को सनराइजर्स हैदराबाद के तेज गेंदबाज प्रफुल हिंगे ने ‘गोल्डन डक’ पर आउट कर सबको चौंका दिया। यह सिर्फ एक विकेट नहीं था, बल्कि उस आक्रामक अंदाज पर सवाल भी था जिसने वैभव को टूर्नामेंट की सबसे बड़ी सनसनी बना दिया है। आंकड़े बताते हैं–कमजोरी नहीं, ताकत है पुल शॉट वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी का विश्लेषण करें तो साफ होता है कि पुल और हुक शॉट उनकी कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत हैं। कुल रन: 67 शॉट्स: 22 आउट: 2 स्ट्राइक रेट: 304.54 चौके/छक्के: 5/7 इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ पुल शॉट खेलते हुए उनका प्रदर्शन बेहद आक्रामक और प्रभावी रहा है। ऐसे में इस विकेट को तकनीकी खामी कहना जल्दबाजी होगी। कैसे प्रफुल हिंगे ने रचा ‘जाल’? प्रफुल हिंगे ने किसी असाधारण गेंद का सहारा नहीं लिया, बल्कि वैभव की आक्रामक मानसिकता को ही उनके खिलाफ इस्तेमाल किया। उन्होंने ‘हार्ड लेंथ’ पर गेंद डालते हुए ऐसी गति और उछाल पैदा की, जिससे बल्लेबाज को प्रतिक्रिया का समय कम मिला। वैभव ने अपने पसंदीदा पुल शॉट का प्रयास किया, लेकिन गेंद अपेक्षा से ज्यादा उछली और बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर हवा में चली गई। विकेटकीपर ने आसान कैच लेकर पारी का अंत कर दिया। यह एक योजनाबद्ध रणनीति थी–जहां गेंदबाज ने बल्लेबाज की ताकत को ही कमजोरी में बदल दिया। ‘हाई रिस्क-हाई रिवॉर्ड’ का खेल वैभव सूर्यवंशी का खेल पूरी तरह ‘हाई रिस्क-हाई रिवॉर्ड’ पर आधारित है। यही आक्रामकता उन्हें तेजी से रन दिलाती है, लेकिन कभी-कभी यही शैली जोखिम भी बन जाती है। इस मैच में भी वही हुआ–जिस पुल शॉट ने उन्हें पहचान दिलाई, उसी शॉट ने उन्हें पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। तकनीक नहीं, टाइमिंग और परिस्थिति का खेल इस घटना को तकनीकी कमजोरी से जोड़ना सही नहीं होगा। यह एक खराब टाइमिंग, जल्दबाजी में लिया गया फैसला और गेंदबाज की सटीक रणनीति का मिश्रण था। युवा खिलाड़ी के तौर पर वैभव के लिए यह सीखने का मौका जरूर है, लेकिन उनके आंकड़े यह साबित करते हैं कि उनका आक्रामक खेल आगे भी गेंदबाजों के लिए चुनौती बना रहेगा।
राजस्थान रॉयल्स की लगातार चौथी जीत के पीछे सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज़ी नहीं, बल्कि संयम और रणनीति का शानदार संतुलन भी था। जहां एक ओर वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया, वहीं दूसरी ओर ध्रुव जुरेल की शांत और समझदारी भरी बल्लेबाज़ी ने टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। वैभव का तूफान, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ रन चेज़ के दौरान वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाज़ी ने मैच को एकतरफा बनाना शुरू कर दिया था। उनकी विस्फोटक पारी ने गेंदबाज़ों को बैकफुट पर ला दिया और ऐसा लगा कि मैच जल्द खत्म हो जाएगा। लेकिन जैसे ही वैभव आउट हुए, मुकाबले ने अचानक करवट ले ली। मैच में आया टर्निंग पॉइंट कृणाल पांड्या ने लगातार दो विकेट लेकर मैच को फिर से रोमांचक बना दिया। पहले वैभव और फिर शिमरन हेटमायर का विकेट गिरने से राजस्थान दबाव में आ गया। इसके बाद रियान पराग के आउट होने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। जुरेल की 'कमांडर' जैसी पारी ऐसे मुश्किल समय में ध्रुव जुरेल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने बिना घबराए परिस्थिति के अनुसार अपनी बल्लेबाज़ी को ढाला। पावरप्ले में तेज़ 27 रन (10 गेंद) 18 गेंदों पर 40 रन बनाकर मजबूत आधार बाद में संयमित खेल दिखाते हुए टीम को संभाला जुरेल की पारी में आक्रामकता और समझदारी का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला। जडेजा के साथ साझेदारी बनी जीत की कुंजी रविंद्र जडेजा ने जुरेल का अच्छा साथ निभाया। दोनों ने मिलकर बिना जोखिम लिए पारी को आगे बढ़ाया और लक्ष्य को सुरक्षित तरीके से हासिल किया। यह साझेदारी ताकत से ज्यादा रणनीति और समझदारी पर आधारित थी। राजस्थान रॉयल्स की जीत का असली हीरो इस मुकाबले में जहां वैभव सूर्यवंशी ने चमक बिखेरी, वहीं ध्रुव जुरेल ने यह साबित किया कि बड़े मैच सिर्फ आक्रामकता से नहीं, बल्कि धैर्य और समझदारी से जीते जाते हैं। उनकी यह पारी राजस्थान रॉयल्स की जीत की सबसे अहम कड़ी साबित हुई और टीम की जीत की लय को बरकरार रखा।
इंडियन प्रीमियर लीग के एक रोमांचक मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी तूफानी बल्लेबाज़ी से क्रिकेट जगत को चौंका दिया। राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए मैच में महज़ 15 साल के इस बल्लेबाज़ ने 26 गेंदों पर 78 रन ठोककर इतिहास रच दिया। 300 के स्ट्राइक रेट से मचाया तहलका वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक पारी में 8 चौके और 7 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 300 से अधिक रहा, जिसने RCB के गेंदबाज़ों को पूरी तरह बैकफुट पर ला दिया। उनकी बल्लेबाज़ी में आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ झलक रही थी। IPL में बनाया अनोखा महारिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी ने इस पारी के साथ एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जो अब तक कोई बल्लेबाज़ नहीं बना पाया था। IPL की पहली 11 पारियों के बाद सबसे ज्यादा छक्के: 42 – वैभव सूर्यवंशी 30 – जेक फ्रेज़र-मैकगर्क 26 – शॉन मार्श 24 – नीतीश राणा 23 – क्रिस लिन / ग्लेन मैक्सवेल यह आंकड़े दिखाते हैं कि वैभव किस स्तर की आक्रामक बल्लेबाज़ी कर रहे हैं। एक और ऐतिहासिक उपलब्धि वैभव सूर्यवंशी IPL इतिहास के पहले भारतीय बल्लेबाज़ बन गए हैं, जिन्होंने 300+ स्ट्राइक रेट के साथ एक से अधिक 50+ स्कोर बनाए हैं। गेंदबाज़ों पर भारी पड़े वैभव अपने छोटे से IPL करियर में वैभव ने बड़े-बड़े गेंदबाज़ों के खिलाफ भी बेखौफ खेल दिखाया है: IPL की पहली गेंद – छक्का जसप्रीत बुमराह की पहली गेंद – छक्का भुवनेश्वर कुमार की पहली गेंद – चौका जोश हेज़लवुड की पहली 4 गेंदें – 3 चौके, 1 छक्का शार्दुल ठाकुर की पहली गेंद – छक्का राजस्थान रॉयल्स की शानदार जीत इस मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 विकेट से हराया। वैभव सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल की शानदार पारियों ने टीम को जीत दिलाई। वैभव को उनकी शानदार बल्लेबाज़ी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में Lucknow Super Giants ने Kolkata Knight Riders को आखिरी गेंद तक चले मैच में 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के हीरो बने युवा बल्लेबाज Mukul Chaudhary, जिनकी नाबाद अर्धशतकीय पारी ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। दबाव में खेली मैच जिताऊ पारी मुकुल चौधरी ने अपनी पारी की शुरुआत बेहद धीमी की, पहली 8 गेंदों में केवल 2 रन। लेकिन इसके बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए 7 छक्कों की मदद से नाबाद 54 रन ठोक दिए। खास बात यह रही कि उन्होंने Vaibhav Arora की गेंद पर Mahendra Singh Dhoni के स्टाइल में शानदार हेलीकॉप्टर शॉट खेलकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। आखिरी ओवर का रोमांच एलएसजी को अंतिम ओवर में 14 रन की जरूरत थी। चौधरी ने दबाव झेलते हुए पांचवीं गेंद पर छक्का लगाकर स्कोर बराबर किया और आखिरी गेंद पर एक रन लेकर टीम को यादगार जीत दिलाई। संजीव गोयनका का वायरल रिएक्शन जैसे ही जीत मिली, टीम के मालिक Sanjiv Goenka अपनी खुशी को रोक नहीं पाए। वह मैदान पर दौड़ते हुए पहुंचे और मुकुल चौधरी को गले लगा लिया। यह भावुक पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। टीम का योगदान एलएसजी के लिए Ayush Badoni ने भी 54 रनों की अहम पारी खेली, जिससे टीम मुकाबले में बनी रही। वहीं कप्तान Rishabh Pant और अन्य बल्लेबाज सस्ते में आउट हो गए थे, लेकिन चौधरी और बडोनी की साझेदारी ने मैच पलट दिया। KKR की पारी पहले बल्लेबाजी करते हुए केकेआर ने 4 विकेट पर 181 रन बनाए। Ajinkya Rahane और Angkrish Raghuvanshi ने शानदार साझेदारी की, जबकि अंत में Rovman Powell और Cameron Green ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि, एलएसजी के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी करते हुए केकेआर को 200 के पार जाने से रोक दिया।
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में बड़ा फैसला सामने आया है, जहां Cricket Australia ने 2026–27 सीजन के लिए जारी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से अनुभवी ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल को बाहर कर दिया है। इस कदम ने उनके इंटरनेशनल करियर के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या खत्म हो रहा है मैक्सवेल का करियर? 37 वर्षीय ग्लेन मैक्सवेल पिछले कुछ समय से टेस्ट और वनडे टीम से दूर चल रहे थे। आखिरी टेस्ट मैच: 2017 ODI से संन्यास: 2025 T20 टीम में जगह भी अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया अब भविष्य की टीम बनाने पर ध्यान दे रहा है। ऑस्ट्रेलिया का नया फोकस Australia ने इस बार 21 खिलाड़ियों की सूची जारी की है, जिसमें टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता दी गई है। आने वाले समय में टीम को: बांग्लादेश न्यूजीलैंड भारत इंग्लैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज खेलनी हैं, इसलिए चयनकर्ताओं ने रेड-बॉल स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है। मैक्सवेल के लिए क्यों मुश्किल हुई राह? टेस्ट टीम में लंबे समय से बाहर T20 वर्ल्ड कप 2026 में खास प्रदर्शन नहीं फिटनेस और अनुशासन से जुड़े मुद्दे टीम अब युवा खिलाड़ियों की ओर देख रही है इन सभी कारणों ने ग्लेन मैक्सवेल की स्थिति कमजोर कर दी। टीम में और कौन से बड़े बदलाव? उभरते खिलाड़ी ब्रेंडन डॉगेट को पहली बार कॉन्ट्रैक्ट माइकल नेसर और टॉड मर्फी की वापसी चोट के कारण झाय रिचर्डसन बाहर सैम कोंस्टास खराब फॉर्म के चलते ड्रॉप यह सूची साफ संकेत देती है कि ऑस्ट्रेलिया टेस्ट टीम को मजबूत करने के मिशन पर है। क्या अभी खत्म नहीं हुआ सब कुछ? हालांकि ग्लेन मैक्सवेल के लिए रास्ता कठिन जरूर हुआ है, लेकिन T20 फॉर्मेट में वापसी की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अगर वह घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो चयनकर्ता एक बार फिर उन्हें मौका दे सकते हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के रोमांचक मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को 3 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। लेकिन इस मैच का असली टर्निंग पॉइंट कप्तान शुभमन गिल का एक अहम फैसला बना, जिसने बाजी पूरी तरह पलट दी। मैच का पूरा हाल मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 162 रन बनाए। शुभमन गिल और साई सुदर्शन के बीच तेज शुरुआत जोस बटलर के साथ अहम साझेदारी कुल मिलाकर टीम ने सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया प्रसिद्ध कृष्णा ने दिलाई थी वापसी लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब किंग्स मजबूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन तभी प्रसिद्ध कृष्णा ने मैच में गुजरात की वापसी कराई। पहले ओवर में विकेट अगले स्पैल में 2 और अहम विकेट कुल मिलाकर मैच का रुख बदल दिया यहां तक गुजरात पूरी तरह मैच में हावी नजर आ रही था। 19वें ओवर में पलटी पूरी बाजी मैच का सबसे बड़ा मोड़ 19वें ओवर में आया जब पंजाब को 12 गेंदों में 16 रन चाहिए थे, तब कप्तान शुभमन गिल ने एक बार फिर गेंद प्रसिद्ध कृष्णा को सौंपी। लेकिन यही फैसला भारी पड़ गया: इस ओवर में 14 रन लुट गए कूपर कॉनॉली ने आक्रामक बल्लेबाजी की मैच पूरी तरह पंजाब के पक्ष में चला गया आखिरी ओवर में खत्म हुआ मुकाबला अब आखिरी 6 गेंदों में सिर्फ 2 रन की जरूरत थी। वाशिंगटन सुंदर गेंदबाजी के लिए आए पहली ही गेंद पर कूपर कॉनॉली ने चौका जड़कर मैच खत्म कर दिया क्या था असली टर्निंग पॉइंट? 19वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा को दोबारा गेंद देना उस ओवर में 14 रन खर्च होना कूपर कॉनॉली की आक्रामक पारी (72 रन) यही तीन फैक्टर गुजरात टाइटंस की हार की सबसे बड़ी वजह बने। बड़ी सीख यह मुकाबला दिखाता है कि T20 क्रिकेट में एक फैसला और एक ओवर पूरे मैच की दिशा बदल सकता है। शुभमन गिल का यह निर्णय टीम के लिए महंगा साबित हुआ, जबकि पंजाब किंग्स ने मौके का पूरा फायदा उठाया।
IPL 2026 की शुरुआत Chennai Super Kings के लिए बेहद निराशाजनक रही है। गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले में Rajasthan Royals के खिलाफ टीम ने पावरप्ले में ही 41 रन पर 4 विकेट गंवा दिए, जिससे मैच की दिशा शुरुआत में ही तय हो गई। यह प्रदर्शन केवल एक खराब दिन की कहानी नहीं, बल्कि पिछले सीजन से चली आ रही समस्या की निरंतरता को दर्शाता है। पावरप्ले में लगातार फ्लॉप CSK T-20 क्रिकेट में पावरप्ले को सबसे अहम और स्कोरिंग के लिए अनुकूल फेज माना जाता है, लेकिन CSK के लिए यही फेज सबसे बड़ी कमजोरी बनता जा रहा है। IPL 2026 के पहले मैच में 41/4 का स्कोर इस बात का संकेत है कि टीम की टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी अभी भी दबाव में टूट रही है। यह शुरुआत उन्हें मुकाबले से बाहर करने के लिए काफी थी। धोनी की गैरमौजूदगी से आगे की समस्या हालांकि टीम इस मैच में MS Dhoni के बिना उतरी, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि समस्या सिर्फ एक खिलाड़ी की गैरमौजूदगी तक सीमित नहीं है। दरअसल, IPL 2025 में भी CSK की पावरप्ले बल्लेबाजी सबसे कमजोर टीमों में रही थी। 14 पारियों में कुल 731 रन औसत रन रेट: 8.70 औसत स्कोर: 52.21 कुल 29 विकेट (प्रति पारी औसतन 2.07 विकेट) डॉट बॉल प्रतिशत: 42.66% पहले 3 ओवर में ही बिगड़ जाता है खेल CSK की सबसे बड़ी समस्या पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में सामने आती है। ओवर 1 से 3 के बीच टीम का रन रेट केवल 7.76 रहा और लगभग आधी गेंदें (49.60%) डॉट खेली गईं। हालांकि ओवर 4 से 6 में रन रेट 9.64 तक पहुंचती है, लेकिन तब तक टीम शुरुआती नुकसान की भरपाई करने की कोशिश में ही रहती है। 2025 का पैटर्न 2026 में भी जारी राजस्थान के खिलाफ 41/4 का स्कोर CSK के 2025 के औसत से भी काफी खराब है। यह केवल एक मैच नहीं, बल्कि एक पैटर्न का हिस्सा है-धीमी शुरुआत, जल्दी विकेट गिरना और टॉप ऑर्डर का पूरी तरह ढह जाना। आगे की राह मुश्किल अगर CSK को टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो उन्हें पावरप्ले की रणनीति पर तुरंत काम करना होगा। अन्य टीमों के मुकाबले तेज शुरुआत करना अब जरूरत बन चुकी है, वरना हर मैच में शुरुआती झटका भारी पड़ सकता है।
IPL 2026 की शुरुआत से ठीक पहले कई फ्रेंचाइज़ियों को अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण को लेकर गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रमुख तेज गेंदबाजों की चोट या उपलब्धता पर अनिश्चितता ने टीमों की रणनीति और संतुलन दोनों को प्रभावित किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार खास तौर पर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR), सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) जैसी टीमों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। इन टीमों के प्रमुख पेसर या तो चोटिल हैं या पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं, जिससे टीम मैनेजमेंट को आखिरी समय में संयोजन बदलने पर मजबूर होना पड़ रहा है। तेज गेंदबाज किसी भी टी20 टीम की रीढ़ माने जाते हैं, खासकर पावरप्ले और डेथ ओवर्स में। ऐसे में उनकी गैर-मौजूदगी कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट टीम के लिए “स्लीपलेस नाइट्स” जैसी स्थिति पैदा कर रही है। अब टीमों को बैकअप खिलाड़ियों पर भरोसा करना होगा या नए विकल्प तलाशने होंगे। KKR को लगा बड़ा झटका कोलकाता नाइट राइडर्स को पहले ही बड़ा झटका लग चुका है, क्योंकि युवा तेज गेंदबाज Harshit Rana चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। उन्होंने घुटने की सर्जरी करवाई थी और समय पर फिट नहीं हो पाएंगे। रणनीति पर पड़ेगा असर इन चोटों का असर सिर्फ प्लेइंग इलेवन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी टीम रणनीति प्रभावित होगी। कई टीमें अब ऑलराउंडर्स या विदेशी तेज गेंदबाजों पर ज्यादा निर्भर हो सकती हैं। साथ ही, युवा खिलाड़ियों को मौका मिलने की संभावना भी बढ़ गई है। LSG से आगे बढ़ा संकट जहां पहले लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) लगातार ऐसी समस्याओं से जूझती रही थी, वहीं इस बार अन्य टीमें भी इसी स्थिति में नजर आ रही हैं।
इंग्लैंड की लोकप्रिय क्रिकेट लीग The Hundred के हालिया ऑक्शन में एक फैसला काफी चर्चा में आ गया है। सन टीवी नेटवर्क की फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तान के लेग स्पिनर Abrar Ahmed को 2.34 करोड़ रुपये (£1,90,000) में अपनी टीम में शामिल किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। इस पूरे विवाद के बीच टीम के मुख्य कोच Daniel Vettori ने पहली बार खुलकर बताया कि आखिर टीम ने अबरार अहमद को क्यों चुना। “अबरार अहमद हमारी पहली पसंद थे” ऑक्शन के बाद बीबीसी से बातचीत में विटोरी ने कहा कि टीम ने खिलाड़ियों का चयन पूरी तरह क्रिकेटिंग जरूरतों के आधार पर किया। उन्होंने कहा, “हमें मैनेजमेंट की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला था कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन न किया जाए। हम ऑक्शन में हर उपलब्ध खिलाड़ी को ध्यान में रखकर आए थे और कई अंतरराष्ट्रीय स्पिनरों के विकल्प मौजूद थे, लेकिन अबरार अहमद हमारी पहली पसंद थे।” विटोरी के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया कि टीम मैनेजमेंट पहले से ही अबरार को अपने स्क्वॉड में शामिल करना चाहती थी। काव्या मारन के फैसले पर सोशल मीडिया में बहस जैसे ही यह खबर सामने आई कि सनराइजर्स ने पाकिस्तानी खिलाड़ी पर बड़ी बोली लगाई है, सोशल मीडिया पर टीम की मालिक Kavya Maran को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ फैंस का कहना था कि भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी को ऐसा फैसला नहीं लेना चाहिए था। हालांकि विटोरी के बयान ने साफ किया कि यह फैसला टीम की क्रिकेट रणनीति के तहत लिया गया था और इसमें किसी तरह की राजनीतिक या बाहरी बाधा नहीं थी। ऑक्शन में हुई बड़ी बिडिंग वॉर अबरार अहमद का बेस प्राइस लगभग 92.5 लाख रुपये रखा गया था, लेकिन ऑक्शन के दौरान उन्हें खरीदने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। फ्रेंचाइजी Trent Rockets और सनराइजर्स के बीच लंबी बिडिंग वॉर चली, जिसके बाद आखिरकार सनराइजर्स ने ₹2.34 करोड़ की बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया। क्यों खास हैं अबरार अहमद Abrar Ahmed पाकिस्तान के उभरते लेग स्पिनरों में गिने जाते हैं और उनकी रहस्यमयी गेंदबाजी के कारण बल्लेबाजों के लिए उन्हें खेलना आसान नहीं माना जाता। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि उनकी स्पिन गेंदबाजी मिडिल ओवर्स में विकेट दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है, जो T20 फॉर्मेट में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।