फिल्म कमाई

Akshay Kumar in horror comedy Bhool Bangla scene showcasing spooky mansion and comic expressions
कमाई में गिरावट के बावजूद ‘भूत बंगला’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा कायम, 6 दिनों में बना बड़ा रिकॉर्ड

  23 अप्रैल 2026 | एंटरटेनमेंट डेस्क हॉरर-कॉमेडी फिल्मों के ट्रेंड के बीच भूत बंगला लगातार चर्चा में बनी हुई है। अक्षय कुमार की इस फिल्म ने भले ही वीकडेज में कमाई की रफ्तार थोड़ी धीमी की हो, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसकी पकड़ अभी भी मजबूत बनी हुई है। छठे दिन की कमाई में गिरावट, लेकिन कुल कलेक्शन दमदार 17 अप्रैल को रिलीज हुई इस फिल्म को दर्शकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला। इसके बावजूद फिल्म लगातार कमाई कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिलीज के छठे दिन फिल्म ने लगभग 6.15 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। हालांकि यह आंकड़ा शुरुआती दिनों के मुकाबले कम है, लेकिन कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब 78.90 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। फिल्म इंडस्ट्री में यह माना जाता है कि वीकडेज में कलेक्शन का गिरना सामान्य है, लेकिन इसके बावजूद फिल्म का इस स्तर पर टिके रहना इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है। 2026 की टॉप फिल्मों में बनाई जगह गिरावट के बावजूद ‘भूत बंगला’ ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। यह फिल्म अब साल 2026 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। इससे आगे केवल धुरंधर 2 और बॉर्डर 2 जैसी बड़ी फिल्में हैं। यह उपलब्धि बताती है कि फिल्म ने अपने कंटेंट और स्टार पावर के दम पर दर्शकों के बीच मजबूत पहचान बनाई है। तुलना और विवाद भी चर्चा में फिल्म की तुलना अन्य हॉरर-कॉमेडी फिल्मों से की जा रही है, खासकर भूल भुलैया 3 से। इस मुकाबले में ‘भूत बंगला’ थोड़ी पीछे नजर आती है। इसी बीच, फिल्म की एक्ट्रेस वामिका गब्बी की तुलना ऐश्वर्या राय बच्चन से किए जाने पर अक्षय कुमार ने खुलकर उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वामिका की अपनी अलग पहचान है और उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी जगह खुद बनाई है। आगे क्या रहेगा ट्रेंड? फिल्म के कलेक्शन में गिरावट जरूर आई है, लेकिन ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि वीकेंड पर इसमें फिर उछाल देखने को मिल सकता है। अगर ऐसा होता है, तो ‘भूत बंगला’ जल्द ही 100 करोड़ क्लब की ओर बढ़ सकती है।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Adivi Sesh and Mrunal Thakur in intense scene from Dacoit film amid box office struggle
बॉक्स ऑफिस पर फीकी पड़ी ‘डकैत’, एक हफ्ते में ही कमाई लड़खड़ाई

मुंबई: साउथ अभिनेता Adivi Sesh और अभिनेत्री Mrunal Thakur की बहुप्रतीक्षित फिल्म Dacoit: A Love Story बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। रिलीज के महज एक हफ्ते के भीतर ही फिल्म की कमाई में लगातार गिरावट देखी जा रही है और अब यह फ्लॉप होने की कगार पर पहुंचती नजर आ रही है। 7वें दिन भी नहीं संभली रफ्तार Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के सातवें दिन यानी गुरुवार को सिर्फ 1.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही एक हफ्ते में फिल्म का कुल इंडिया नेट कलेक्शन 28.30 करोड़ रुपये तक ही पहुंच पाया है। बुधवार के मुकाबले गुरुवार को कमाई में करीब 19.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो फिल्म के कमजोर ट्रेंड की ओर इशारा करता है। ‘धुरंधर 2’ के आगे फीकी पड़ी ‘डकैत’ बॉक्स ऑफिस पर Dhurandhar 2 का दबदबा ‘डकैत’ के लिए भारी पड़ रहा है। Ranveer Singh की इस फिल्म के क्रेज के चलते दर्शकों का रुझान ‘डकैत’ की ओर कम देखने को मिला है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन भी उम्मीद से कम फिल्म ने अब तक वैश्विक स्तर पर करीब 45.33 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है, जिसमें 12.40 करोड़ रुपये विदेशों से आए हैं। हालांकि, यह आंकड़े भी फिल्म के बजट के मुकाबले काफी कम हैं। 70 करोड़ बजट, आधी कमाई भी नहीं करीब 70 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘डकैत’ एक हफ्ते में अपनी लागत का आधा हिस्सा भी नहीं निकाल पाई है। ऐसे में फिल्म के लिए आगे का रास्ता और मुश्किल होता जा रहा है। ‘भूत बंगला’ से बढ़ी चुनौती 17 अप्रैल को Bhoot Bungla रिलीज हो चुकी है, जिसमें Akshay Kumar नजर आ रहे हैं। इस नई रिलीज के बाद ‘डकैत’ के लिए बॉक्स ऑफिस पर टिके रहना और भी कठिन हो सकता है। फिल्म की कहानी क्या है? इस फिल्म का निर्देशन Shaneil Deo ने किया है। कहानी एक ऐसे कैदी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी पूर्व प्रेमिका से बदला लेने के लिए जेल से भाग जाता है और कई डकैतियों को अंजाम देता है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है, जब उसका सामना दोबारा अपनी पुरानी मोहब्बत से होता है। फिल्म में Anurag Kashyap, Prakash Raj और Atul Kulkarni भी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं।  

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
Ranveer Singh in Dhurandhar 2 celebrating massive box office success crossing 1000 crore milestone
1000 करोड़ क्लब में धमाकेदार एंट्री: धुरंधर 2: द रिवेंज ने रचा इतिहास, हिंदी सिनेमा को दिया नया मुकाम

बॉलीवुड के लिए एक ऐतिहासिक क्षण तब सामने आया जब धुरंधर 2: द रिवेंज ने रिलीज के 18वें दिन भारत में 1000 करोड़ रुपये के नेट कलेक्शन का आंकड़ा पार कर लिया। रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी रफ्तार पकड़ी है, जिसने हिंदी सिनेमा के कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 18 दिनों में ऐतिहासिक कमाई फिल्म ने पहले ही हफ्ते में 674.17 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया, जबकि दूसरे हफ्ते में 263.65 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की। 18वें दिन 34.44 करोड़ रुपये की कमाई के साथ फिल्म का कुल भारत नेट कलेक्शन 1,013.77 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि ग्रॉस कलेक्शन 1,213.74 करोड़ रुपये हो चुका है। हिंदी सिनेमा में नया रिकॉर्ड यह फिल्म हिंदी सिनेमा की पहली फिल्म बन गई है जिसने अकेले हिंदी भाषा में 900 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है। बिना बड़े त्योहार या खास प्रमोशन के भी फिल्म का लगातार अच्छा प्रदर्शन यह साबित करता है कि कंटेंट और स्टार पावर का सही मेल दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सक्षम है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन और रैंकिंग वैश्विक स्तर पर भी फिल्म का दबदबा कायम है। कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹1,598.74 करोड़ भारतीय फिल्मों में तीसरा स्थान फिलहाल इससे आगे पुष्पा 2 और बाहुबली 2 जैसी मेगा ब्लॉकबस्टर फिल्में हैं, लेकिन जिस रफ्तार से ‘धुरंधर 2’ आगे बढ़ रही है, उससे यह मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। कहानी और स्टारकास्ट ने जीता दिल फिल्म की कहानी हमजा अली मजारी नाम के एक भारतीय जासूस के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पाकिस्तान के लियारी इलाके में घुसकर खुफिया मिशन को अंजाम देता है। फिल्म में अर्जुन रामपाल, आर माधवन और संजय दत्त जैसे दिग्गज कलाकारों ने भी दमदार अभिनय किया है। क्या टूटेंगे और रिकॉर्ड? फिल्म की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ‘धुरंधर 2’ कई और बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकती है। यह फिल्म हिंदी सिनेमा की ग्लोबल पहचान को भी नई ऊंचाई पर ले जाती दिख रही है।  

surbhi अप्रैल 6, 2026 0
Ryan Gosling in Project Hail Mary space scene showcasing sci-fi survival mission
Project Hail Mary का भारत में दमदार प्रदर्शन जारी, Ryan Gosling की फिल्म ने छठे दिन 3.50 करोड़ की कमाई के साथ पकड़ी रफ्तार

हॉलीवुड अभिनेता Ryan Gosling की फिल्म Project Hail Mary भारत में शानदार प्रदर्शन जारी रखे हुए है। रिलीज के छठे दिन फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर मजबूती दिखाई और पहले मंगलवार को करीब 20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 3.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसी के साथ फिल्म का 6 दिनों का कुल कलेक्शन भारत में 23.55 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, जिसका सीधा असर सिनेमाघरों में बढ़ती दर्शक संख्या के रूप में देखा जा रहा है। खासतौर पर मेट्रो शहरों और शहरी क्षेत्रों में फिल्म की कमाई का बड़ा हिस्सा आ रहा है, जो आमतौर पर हॉलीवुड फिल्मों के लिए एक सामान्य ट्रेंड रहा है। ट्रेड एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फिल्म अपने पहले सप्ताह का कलेक्शन लगभग 26 करोड़ रुपये के आसपास बंद कर सकती है। यदि दूसरे और तीसरे सप्ताह में भी फिल्म की पकड़ मजबूत बनी रहती है, तो इसका लाइफटाइम कलेक्शन भारत में करीब 50 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जो कि किसी नॉन-फ्रेंचाइज़ी हॉलीवुड साइंस-फिक्शन फिल्म के लिए काफी प्रभावशाली आंकड़ा माना जाएगा। भारत में ‘Project Hail Mary’ का दिनवार कलेक्शन: दिन 1: 2.80 करोड़ रुपये दिन 2: 3.35 करोड़ रुपये दिन 3: 5.35 करोड़ रुपये दिन 4: 5.75 करोड़ रुपये दिन 5: 2.80 करोड़ रुपये दिन 6: 3.50 करोड़ रुपये (अनुमानित) कुल: 23.55 करोड़ रुपये वैश्विक स्तर पर भी फिल्म जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है। फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 300 मिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है और यह Amazon MGM Studios की अब तक की सबसे बड़ी कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। वर्तमान में फिल्म का कुल वैश्विक कलेक्शन लगभग 325 मिलियन डॉलर बताया जा रहा है, जिसमें से 169 मिलियन डॉलर केवल घरेलू बाजार से आए हैं। फिल्म की कहानी ‘Project Hail Mary’ की कहानी एक अमेरिकी मिडिल-स्कूल साइंस टीचर और पूर्व मॉलिक्यूलर बायोलॉजिस्ट राइलैंड ग्रेस के इर्द-गिर्द घूमती है, जो गहरे कोमा से जागने के बाद खुद को एक स्पेसशिप में पाता है। उसे न तो यह पता होता है कि वह वहां कैसे पहुंचा और न ही अपने मिशन के बारे में। धीरे-धीरे उसे अपनी याददाश्त वापस आती है और वह ‘रॉकी’ नाम के एक एलियन से दोस्ती करता है। दोनों मिलकर एक ऐसे मिशन को पूरा करने निकलते हैं, जो पृथ्वी को बचाने के लिए बेहद जरूरी है।  

surbhi अप्रैल 1, 2026 0
Aadu 3 film and Dhurandhar 2
धुरंधर 2 की आंधी में भी ‘आडू 3’ का जलवा बरकरार, 11 दिनों में 100% से ज्यादा मुनाफा

मलयालम सिनेमा की फिल्म ‘आडू 3: वन लास्ट राइड (पार्ट 1)’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। रणवीर सिंह की मेगा बजट फिल्म ‘धुरंधर 2’ की रिलीज के बावजूद जयसूर्या स्टारर इस फैंटेसी कॉमेडी का क्रेज कम नहीं हुआ है। फिल्म लगातार कमाई कर रही है और रिलीज के महज 11 दिनों में ही 100 फीसदी से ज्यादा मुनाफा हासिल कर चुकी है। 11वें दिन भी जारी रही कमाई की रफ्तार फिल्म ने पहले हफ्ते में ही मजबूत पकड़ बना ली थी। पहले सप्ताह का कलेक्शन: 37 करोड़ रुपये (भारत) दूसरे शुक्रवार: 1.60 करोड़ दूसरे शनिवार: 2.30 करोड़ 11वें दिन (दूसरे रविवार): 2.65 करोड़ इसके बाद फिल्म की कुल नेट कमाई 43.01 करोड़ रुपये पहुंच गई है, जबकि ग्रॉस कलेक्शन 49.75 करोड़ रुपये हो चुका है। वर्ल्डवाइड भी ‘आडू 3’ का धमाका सिर्फ भारत ही नहीं, विदेशों में भी फिल्म का जलवा देखने को मिल रहा है। 11वें दिन ओवरसीज कलेक्शन: 1 करोड़ रुपये कुल विदेशी ग्रॉस: 60.15 करोड़ रुपये इस तरह फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 109.90 करोड़ रुपये हो गया है, जो इसे 2026 की सबसे बड़ी मलयालम फिल्मों में शामिल करता है। बजट से दोगुनी कमाई, बन गई ‘हिट’ करीब 20 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘आडू 3’ ने रिलीज के 10 दिनों के अंदर ही अपनी लागत निकाल ली थी और अब यह बॉक्स ऑफिस पर ‘हिट’ साबित हो चुकी है। कुल मुनाफा: 115.05% 2026 की दूसरी सबसे ज्यादा प्रॉफिट कमाने वाली फिल्म इस लिस्ट में पहले नंबर पर ‘प्रकंबनम’ है, जिसने 284% मुनाफा कमाया है। क्यों खास है ‘आडू 3’? ‘आडू’ फ्रेंचाइज़ी पहले से ही दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रही है। तीसरे पार्ट में भी वही देसी हास्य, फैंटेसी और जयसूर्या की दमदार परफॉर्मेंस दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच रही है।  

surbhi मार्च 30, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0