शेयर बाजार

Stock market screen showing Sensex and Nifty gains amid strong buying in Indian equity markets.
बाजार में लौटी रौनक: सेंसेक्स 400 अंक उछला, निफ्टी 23,750 के पार

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। सोमवार को शुरुआती भारी गिरावट के बाद बाजार ने जिस तरह वापसी की थी, उसी तेजी को आज भी जारी रखा गया। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex करीब 400 अंकों की मजबूती के साथ 75,700 के ऊपर कारोबार करता नजर आया, जबकि NIFTY 50 100 अंकों की तेजी के साथ 23,750 के पार पहुंच गया। बाजार में चौतरफा खरीदारी के चलते निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत होता दिखा। आईटी शेयरों में लगातार खरीदारी आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मजबूती आईटी सेक्टर में देखने को मिली। Nifty IT इंडेक्स के शेयरों में जोरदार खरीदारी जारी रही। विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद निवेशक आईटी कंपनियों के लंबे समय के ग्रोथ आउटलुक को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। इसी वजह से इस सेक्टर में लगातार निवेश बढ़ रहा है। हालांकि दूसरी तरफ Nifty Private Bank इंडेक्स पर दबाव बना रहा। प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख एशियाई बाजारों से मिले संकेत पूरी तरह सकारात्मक नहीं रहे। Hang Seng Index में 0.24% की बढ़त दर्ज की गई। Nikkei 225 में 0.64% की गिरावट रही। KOSPI में 3% से ज्यादा की बड़ी कमजोरी देखने को मिली। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूती बनाए रखी। अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला कारोबार बीती रात अमेरिकी बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। Dow Jones Industrial Average 160 अंक चढ़कर बंद हुआ। Nasdaq Composite में गिरावट रही। S&P 500 लगभग सपाट बंद हुआ। टेक शेयरों में दबाव और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता अमेरिकी बाजारों पर असर डालती दिखी। विदेशी निवेशकों की वापसी बनी बड़ा सहारा भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत विदेशी निवेशकों की वापसी मानी जा रही है। काफी समय से लगातार बिकवाली कर रहे Foreign Institutional Investors (FII/FPI) सोमवार को खरीदारी करते नजर आए। निवेशकों की स्थिति कैटेगरी सोमवार की स्थिति FII/FPI ₹1,329 करोड़ की खरीदारी DII ₹1,959 करोड़ की बिकवाली हालांकि पिछले 30 दिनों में विदेशी निवेशक अब भी बिकवाल बने हुए हैं, लेकिन हालिया खरीदारी ने बाजार को बड़ा समर्थन दिया है। निवेशकों की नजर अब किस पर? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में: वैश्विक बाजारों का रुख अमेरिकी फेडरल रिजर्व से जुड़े संकेत विदेशी निवेशकों का फ्लो आईटी और बैंकिंग सेक्टर की चाल भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बाजार में लौटती मजबूती ने निवेशकों का भरोसा जरूर बढ़ाया है।  

surbhi मई 19, 2026 0
Sugar company shares fall after India extends ban on sugar exports till September 2026
चीनी निर्यात पर रोक का असर, Balrampur Chini समेत शुगर शेयरों में बड़ी गिरावट

सरकार द्वारा सितंबर 2026 तक चीनी निर्यात पर रोक लगाने के फैसले के बाद गुरुवार को शुगर सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही कई प्रमुख चीनी कंपनियों के स्टॉक्स दबाव में आ गए, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। सरकार के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन कंपनियों पर पड़ा जिनका कारोबार निर्यात पर काफी हद तक निर्भर माना जाता है। शुरुआती कारोबार में Balrampur Chini के शेयर में करीब 4 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा Dalmia Bharat Sugar and Industries, EID Parry India और अन्य शुगर कंपनियों के शेयर भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। सितंबर 2026 तक निर्यात पर लगी रोक केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से चीनी निर्यात पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यह रोक 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। हालांकि सरकार ने यूरोपीय यूनियन (EU) और अमेरिका को टैरिफ रेट कोटा (TRQ) व्यवस्था के तहत होने वाले निर्यात को इस प्रतिबंध से बाहर रखा है। यानी इन विशेष समझौतों के तहत सीमित मात्रा में चीनी का निर्यात जारी रहेगा। पहले से भेजे जा रहे माल को मिली राहत सरकार ने उन निर्यात खेपों को राहत दी है जो पहले से निर्यात प्रक्रिया में शामिल हैं। यानी जिन शिपमेंट्स की प्रक्रिया पहले शुरू हो चुकी थी, उन्हें कुछ शर्तों के साथ निर्यात की अनुमति दी जा सकती है। इस फैसले से घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन शेयर बाजार में निवेशकों ने इसे शुगर कंपनियों के मुनाफे पर असर डालने वाला कदम माना। शुगर शेयरों में कैसा रहा हाल? सरकारी फैसले के बाद कई प्रमुख शुगर कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई— Balrampur Chini के शेयर में करीब 4% तक की कमजोरी EID Parry India करीब 1.40% फिसलकर 794 रुपये के आसपास पहुंचा Dalmia Bharat Sugar and Industries भी दबाव में दिखा अन्य चीनी कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली का माहौल रहा क्यों अहम है सरकार का यह फैसला? विशेषज्ञों का मानना है कि देश में बढ़ती मांग और संभावित उत्पादन दबाव को देखते हुए सरकार घरेलू कीमतों को नियंत्रण में रखना चाहती है। चीनी निर्यात पर रोक से घरेलू बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहेगा, जिससे महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि दूसरी तरफ इस फैसले से चीनी कंपनियों की एक्सपोर्ट कमाई प्रभावित हो सकती है, जिसका असर उनके शेयरों पर दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर सरकार की आगे की नीति और घरेलू चीनी उत्पादन के आंकड़ों पर बनी रहेगी।  

surbhi मई 14, 2026 0
Traders watching falling Sensex and Nifty charts on stock market screens during volatile trading session
शेयर बाजार में अचानक गिरावट, Sensex दिन की ऊंचाई से 450 अंक टूटा, Nifty 23,400 के नीचे

शुरुआती तेजी के बाद बाजार में बिकवाली भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं सकी। कारोबार के दौरान BSE Sensex दिन के उच्च स्तर से करीब 450 अंक नीचे फिसल गया, जबकि NIFTY 50 23,400 के अहम स्तर से नीचे आ गया। बाजार में गिरावट ऐसे समय आई है जब पिछले चार कारोबारी सत्रों में दोनों प्रमुख इंडेक्स लगभग 4 प्रतिशत तक कमजोर हो चुके हैं। क्यों लाल निशान में आया बाजार? मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक बाजार में कमजोरी के पीछे कई बड़े कारण हैं। 1. विदेशी निवेशकों की बिकवाली Foreign Institutional Investors (FII) लगातार मुनाफावसूली कर रहे हैं। विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और ऊंचे वैल्यूएशन के चलते विदेशी फंड्स फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। 2. कमजोर मार्केट मोमेंटम हाल के दिनों में आई तेज तेजी के बाद बाजार में थकावट दिखाई देने लगी है। कई निवेशक अब प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं, जिससे इंडेक्स दबाव में आ गए। ट्रेडर्स का कहना है कि जब तक NIFTY 50 23,400 के ऊपर मजबूत पकड़ नहीं बनाता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। 3. ग्लोबल संकेत भी बने दबाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिलेजुले संकेतों और ब्याज दरों को लेकर जारी चिंताओं का असर भी भारतीय बाजार पर देखने को मिला। निवेशक फिलहाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित नीति और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए हुए हैं। किन सेक्टर्स में ज्यादा दबाव? बाजार गिरावट के दौरान बैंकिंग, IT और ऑटो शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। वहीं कुछ डिफेंसिव सेक्टर्स में सीमित खरीदारी दिखाई दी। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों ने सतर्कता दिखाई। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में बाजार काफी संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। यदि वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों का रुख कमजोर बना रहता है, तो आने वाले सत्रों में बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।  

surbhi मई 13, 2026 0
Traders monitor falling Sensex and Nifty screens amid crude oil surge and market selloff
शेयर बाजार में भारी गिरावट, Sensex 1000 अंक टूटा; कच्चे तेल और PM मोदी के बयान से बढ़ी चिंता

शुरुआती कारोबार में बाजार में बड़ी बिकवाली सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex शुरुआती कारोबार में 1000 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 50 में भी करीब 300 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 9:39 बजे Sensex 1016 अंक गिरकर 76,311 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 करीब 23,879 अंक पर पहुंच गया। बाजार में गिरावट की बड़ी वजह क्या है? विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार पर इस समय दो बड़े दबाव बने हुए हैं– पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रिपोर्ट्स के अनुसार Brent Crude Oil की कीमत फिर 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है। इससे भारत के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अपील ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, गैरजरूरी विदेश यात्रा से बचने और सोना, खाद्य तेल व उर्वरक जैसे आयातित उत्पादों पर निर्भरता घटाने की बात कही थी। बाजार इसे सरकार की आर्थिक चिंता और बढ़ते आयात बिल के संकेत के तौर पर देख रहा है। किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव? गिरावट का असर कई सेक्टरों में साफ दिखाई दिया। ज्वेलरी और कंजम्प्शन सेक्टर Titan Company के शेयर करीब 5.6 प्रतिशत टूट गए। बाजार को डर है कि सोने की मांग में कमी आने से ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री प्रभावित हो सकती है। एविएशन सेक्टर कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से एयरलाइन कंपनियों पर दबाव बढ़ा। InterGlobe Aviation के शेयर 3.5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। बैंकिंग सेक्टर बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी रही– State Bank of India करीब 3% टूटा HDFC Bank में 1% से ज्यादा गिरावट ICICI Bank और Axis Bank भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे ऑटो और एनर्जी कंपनियां भी दबाव में Maruti Suzuki, Bajaj Auto और Reliance Industries के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। किन शेयरों में दिखी मजबूती? बाजार की भारी गिरावट के बीच कुछ डिफेंसिव सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। Tata Consumer Products के शेयरों में तेजी रही। इसके अलावा फार्मा सेक्टर अपेक्षाकृत स्थिर दिखा। Sun Pharmaceutical Industries और Cipla जैसे शेयर बाजार की कमजोरी के बावजूद संभले रहे। आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है? विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रहती हैं, तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों की नजर अब– कच्चे तेल की कीमतों पश्चिम एशिया की स्थिति रुपये की चाल सरकार के अगले आर्थिक संकेतों पर बनी रहेगी।  

surbhi मई 11, 2026 0
Titan jewellery showroom amid sharp fall in jewellery stocks after PM Modi’s gold buying appeal
PM मोदी की अपील के बाद टूटे ज्वेलरी शेयर, Titan समेत कई कंपनियों में बड़ी गिरावट

Titan के शेयरों में 6% से ज्यादा की गिरावट Titan Company के शेयर सोमवार को शुरुआती कारोबार में 6 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। कंपनी का शेयर करीब 283 रुपये गिरकर 4,230 रुपये तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान शेयर ने 4,220 रुपये का निचला स्तर भी छुआ। बाजार में यह गिरावट उस वक्त देखने को मिली जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोगों से एक साल तक शादी के लिए सोना खरीदने से बचने की अपील की। PM मोदी के बयान से क्यों बढ़ी चिंता? हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ते वैश्विक आर्थिक दबाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का जिक्र करते हुए लोगों से ईंधन की बचत करने और शादी के लिए सोना खरीदने से परहेज करने की अपील की। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और सोना आयात करता है। इन दोनों की खरीद डॉलर में होती है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। बाजार को आशंका है कि अगर सोने की खरीद में कमी आती है तो ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री प्रभावित हो सकती है, खासकर शादी के सीजन में। Titan के साथ दूसरे ज्वेलरी शेयर भी लुढ़के Kalyan Jewellers और Senco Gold समेत कई ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई। Senco Gold के शेयर करीब 9% टूटे Kalyan Jewellers में लगभग 8% की गिरावट आई Titan के शेयर 6% से ज्यादा फिसले इस बिकवाली ने पूरे ज्वेलरी सेक्टर पर दबाव बढ़ा दिया। मजबूत नतीजों के बावजूद क्यों टूटा Titan? दिलचस्प बात यह रही कि Titan Company ने हाल ही में मजबूत तिमाही नतीजे जारी किए थे। कंपनी का Q4FY26 कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 35 प्रतिशत बढ़कर 1,179 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 871 करोड़ रुपये था। इसके अलावा कंपनी की कुल आय 46 प्रतिशत बढ़कर 20,300 करोड़ रुपये रही। EBIT में भी 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बावजूद निवेशकों ने भविष्य में सोने की मांग घटने की आशंका को ज्यादा गंभीरता से लिया। सोने के आयात और रुपये पर दबाव चिंता की वजह रिपोर्ट्स के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में भारत हर महीने औसतन 60 टन सोना आयात कर रहा था, जिसकी लागत करीब 6 अरब डॉलर प्रति माह रही। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता और महंगे कच्चे तेल के बीच बढ़ता गोल्ड इंपोर्ट भारत के ट्रेड बैलेंस और रुपये पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। इसी वजह से बाजार में ज्वेलरी सेक्टर को लेकर फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है।  

surbhi मई 11, 2026 0
Sensex and Nifty fall sharply amid rising crude oil prices and market selloff
शेयर बाजार में भारी गिरावट, Sensex 1000 अंक टूटा; कच्चे तेल और PM मोदी के बयान से बढ़ी चिंता

शुरुआती कारोबार में बाजार में बड़ी बिकवाली सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex शुरुआती कारोबार में 1000 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 50 में भी करीब 300 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 9:39 बजे Sensex 1016 अंक गिरकर 76,311 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 करीब 23,879 अंक पर पहुंच गया। बाजार में गिरावट की बड़ी वजह क्या है? विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार पर इस समय दो बड़े दबाव बने हुए हैं– पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रिपोर्ट्स के अनुसार Brent Crude Oil की कीमत फिर 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है। इससे भारत के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अपील ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, गैरजरूरी विदेश यात्रा से बचने और सोना, खाद्य तेल व उर्वरक जैसे आयातित उत्पादों पर निर्भरता घटाने की बात कही थी। बाजार इसे सरकार की आर्थिक चिंता और बढ़ते आयात बिल के संकेत के तौर पर देख रहा है। किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव? गिरावट का असर कई सेक्टरों में साफ दिखाई दिया। ज्वेलरी और कंजम्प्शन सेक्टर Titan Company के शेयर करीब 5.6 प्रतिशत टूट गए। बाजार को डर है कि सोने की मांग में कमी आने से ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री प्रभावित हो सकती है। एविएशन सेक्टर कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से एयरलाइन कंपनियों पर दबाव बढ़ा। InterGlobe Aviation के शेयर 3.5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। बैंकिंग सेक्टर बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी रही– State Bank of India करीब 3% टूटा HDFC Bank में 1% से ज्यादा गिरावट ICICI Bank और Axis Bank भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे ऑटो और एनर्जी कंपनियां भी दबाव में Maruti Suzuki, Bajaj Auto और Reliance Industries के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। किन शेयरों में दिखी मजबूती? बाजार की भारी गिरावट के बीच कुछ डिफेंसिव सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। Tata Consumer Products के शेयरों में तेजी रही। इसके अलावा फार्मा सेक्टर अपेक्षाकृत स्थिर दिखा। Sun Pharmaceutical Industries और Cipla जैसे शेयर बाजार की कमजोरी के बावजूद संभले रहे। आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है? विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रहती हैं, तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों की नजर अब– कच्चे तेल की कीमतों पश्चिम एशिया की स्थिति रुपये की चाल सरकार के अगले आर्थिक संकेतों पर बनी रहेगी।  

surbhi मई 11, 2026 0
Traders monitor falling stock market as crude oil prices surge amid US-Iran geopolitical tensions
शेयर बाजार पर ग्लोबल तनाव का असर, आज SBI-Titan समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर

कमजोर संकेतों के साथ खुल सकता है बाजार BSE Sensex और NIFTY 50 में शुक्रवार को दबाव देखने को मिल सकता है। ग्लोबल बाजारों में कमजोरी, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। गिफ्ट निफ्टी करीब 102 अंकों की गिरावट के साथ 24,283 के आसपास कारोबार करता दिखा, जिससे घरेलू बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी बाजार की टेंशन मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने दुनियाभर के बाजारों को प्रभावित किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया सैन्य घटनाओं के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। इसका असर कमोडिटी मार्केट पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कच्चा तेल 100 डॉलर के पार ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 101 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह चिंता की बात मानी जा रही है, क्योंकि इससे महंगाई और लागत दोनों बढ़ सकती हैं। सोने और डॉलर में भी तेजी अनिश्चितता बढ़ने के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं। सोने की कीमतों में तेजी देखी गई है, जबकि डॉलर इंडेक्स भी मजबूत बना हुआ है। ग्लोबल बाजारों का क्या रहा हाल? अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए। टेक शेयरों में मुनाफावसूली और भू-राजनीतिक तनाव का असर वॉल स्ट्रीट पर देखने को मिला। Dow Jones Industrial Average में 0.63% की गिरावट S&P 500 0.38% नीचे बंद NASDAQ Composite 0.13% टूटा एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। आज आएंगे इन बड़ी कंपनियों के नतीजे शुक्रवार को कई दिग्गज कंपनियां अपने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी करेंगी। बाजार की नजर खासतौर पर इन कंपनियों पर रहेगी: State Bank of India (SBI) Titan Company Hyundai Motor India Swiggy MCX India Urban Company इन शेयरों में दिख सकता है एक्शन BSE India कंपनी का चौथी तिमाही का मुनाफा सालाना आधार पर 61% से ज्यादा बढ़ा है, जिसके बाद शेयर चर्चा में रह सकता है। Lenskart मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी में बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। इससे शेयर बाजार में हलचल बढ़ सकती है। Cochin Shipyard कंपनी की सहयोगी इकाई को नया बड़ा ऑर्डर मिला है, जिससे निवेशकों की नजर इस शेयर पर बनी रहेगी। Britannia Industries एफएमसीजी कंपनी ने मजबूत तिमाही नतीजे पेश किए हैं। मुनाफे में 21% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। PNC Infratech कंपनी को लखनऊ विकास प्राधिकरण से बड़ा EPC प्रोजेक्ट मिला है, जिससे शेयर में तेजी देखने को मिल सकती है। निवेशकों को किन बातों पर रखनी होगी नजर? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार आज का कारोबार काफी उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। निवेशकों को अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखनी होगी।  

surbhi मई 8, 2026 0
Investors tracking falling Sensex and Nifty amid crude oil surge and global market tensions
तेल संकट से कांपा शेयर बाजार, सेंसेक्स 550 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला

ग्लोबल तनाव का भारतीय बाजार पर बड़ा असर BSE Sensex और NIFTY 50 में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसके चलते बाजार की शुरुआत ही भारी गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 553 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी 100 अंकों से ज्यादा फिसल गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 77,400 और निफ्टी 24,213 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। बैंकिंग और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली आज के कारोबार में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। HDFC Bank, ICICI Bank और Reliance Industries जैसे दिग्गज शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली बाजार की गिरावट की बड़ी वजह बन रही है। हालांकि आईटी और फार्मा सेक्टर में कुछ खरीदारी देखने को मिली, लेकिन वह बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही। कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को तेज कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर तेल आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर महंगाई, रुपये और शेयर बाजार पर पड़ता है। यही वजह है कि निवेशकों में घबराहट बढ़ी हुई है। बाजार को अब किस बात का इंतजार? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी रहेगी। अगर वैश्विक तनाव कम होता है, तो भारतीय बाजार और रुपये को राहत मिल सकती है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) और रिटेल निवेशक अभी भी बाजार में सक्रिय हैं, जिसकी वजह से मिडकैप और पावर सेक्टर के कुछ शेयर मजबूती दिखा रहे हैं।  

surbhi मई 8, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty gains amid falling crude oil prices and global market rally
कच्चे तेल में गिरावट से शेयर बाजार को राहत, सेंसेक्स-निफ्टी में लौटी तेजी

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन मजबूती देखने को मिली। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों बढ़त के साथ खुले। बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदें मानी जा रही हैं। वैश्विक बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसकी वजह से निफ्टी 24,400 के करीब पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स 78,300 के पार खुलने में सफल रहा। बाजार में क्यों दिखी हल्की अस्थिरता? शुरुआती तेजी के बाद बाजार में कुछ उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। GIFT Nifty के संकेतों और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने बाजार पर दबाव बनाया। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली भी चिंता का विषय बनी हुई है। बुधवार को FIIs ने 5,834 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 6,836 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की। कच्चे तेल और ग्लोबल मार्केट का असर Brent Crude की कीमतें गिरकर करीब 101 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। इससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को राहत मिलती है क्योंकि इससे आयात बिल कम होने की संभावना रहती है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो अमेरिकी बाजारों में भी शानदार तेजी दर्ज की गई। Nasdaq Composite S&P 500 दोनों इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। इसका असर एशियाई बाजारों में भी दिखा, जहां Nikkei 225 में 5% से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई। डॉलर की मांग में कमी आने से भारतीय रुपये को भी मजबूती मिली है, जिससे बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला। आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो बाजार 24,700 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर निफ्टी 24,250 के सपोर्ट लेवल से नीचे फिसलता है, तो बाजार में दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में– बैंकिंग सेक्टर फार्मा सेक्टर कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयर इनमें अच्छी गतिविधि देखने को मिल सकती है। अब निवेशकों की नजर पूरी तरह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है।  

surbhi मई 7, 2026 0
Traders monitoring sharp crude oil price swings during US-Iran conflict amid insider trading allegations
अमेरिका-ईरान जंग के बीच शेयर बाजार में ‘इनसाइडर ट्रेडिंग’ का शक, 70 मिनट में करोड़ों का खेल

US Iran War and Insider Trading in Share Market: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अब शेयर और कमोडिटी बाजार में इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या कुछ लोगों को युद्ध और संभावित समझौते से जुड़ी अंदरूनी जानकारी पहले से थी, जिसके आधार पर करोड़ों डॉलर का मुनाफा कमाया गया. 70 मिनट में हुआ बड़ा खेल रिपोर्ट्स के मुताबिक, 6 मई की सुबह अमेरिकी समयानुसार करीब 3:40 बजे अचानक भारी मात्रा में क्रूड ऑयल “शॉर्ट” कॉन्ट्रैक्ट खरीदे गये. “शॉर्ट” ट्रेडिंग का मतलब होता है कि निवेशक यह दांव लगाता है कि किसी वस्तु की कीमत गिरने वाली है. बताया जा रहा है कि करीब 10,000 क्रूड ऑयल शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट खरीदे गये, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 920 मिलियन डॉलर यानी हजारों करोड़ रुपये थी. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी ट्रेडिंग सामान्य परिस्थितियों में बेहद असामान्य मानी जाती है. 70 मिनट बाद आयी बड़ी खबर इन सौदों के लगभग 70 मिनट बाद अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म Axios की रिपोर्ट सामने आयी, जिसमें दावा किया गया कि अमेरिका और ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए 14 सूत्रीय समझौते के करीब पहुंच चुके हैं. इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी गिरावट आयी. सुबह 7 बजे तक क्रूड ऑयल की कीमतें 12 प्रतिशत से ज्यादा नीचे चली गयीं. रिपोर्ट के अनुसार, जिन लोगों ने पहले से शॉर्ट पोजिशन ली थी, उन्हें इस गिरावट से लगभग 125 मिलियन डॉलर यानी करीब 1,000 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ. फिर अचानक पलटा बाजार हालांकि मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. कुछ ही समय बाद ईरान ने “पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी” से जुड़ा बड़ा कदम उठाया, जिसके बाद तेल की कीमतों में फिर उछाल आ गया. तेल की कीमतें अचानक लगभग 8 प्रतिशत तक चढ़ गयीं. इस तेज उतार-चढ़ाव ने बाजार में और ज्यादा संदेह पैदा कर दिया. इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप क्यों लग रहे? सोशल मीडिया और वित्तीय जगत में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या कुछ ट्रेडर्स को संभावित डील की जानकारी पहले से थी? क्योंकि जिस समय इतनी बड़ी शॉर्ट ट्रेडिंग की गयी, उस समय तक सार्वजनिक रूप से ऐसी कोई खबर सामने नहीं आयी थी जो तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट का संकेत देती. मार्केट विश्लेषकों का कहना है कि अगर किसी को गोपनीय कूटनीतिक बातचीत या संभावित समझौते की जानकारी पहले से थी और उसी आधार पर ट्रेडिंग की गयी, तो यह इनसाइडर ट्रेडिंग के दायरे में आ सकता है. कोबेसी लेटर ने उठाये सवाल ग्लोबल मार्केट पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म “कोबेसी लेटर” ने इस पूरे घटनाक्रम को सार्वजनिक किया. उनके अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में अचानक की गयी ट्रेडिंग ने बाजार में गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. हालांकि अब तक अमेरिकी प्रशासन या नियामक एजेंसियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक जांच की घोषणा नहीं की गयी है. युद्ध और बाजार का खतरनाक रिश्ता विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की स्थिति अक्सर वैश्विक बाजारों को प्रभावित करती है. तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से कुछ निवेशक भारी मुनाफा कमाते हैं, लेकिन अगर इसमें अंदरूनी जानकारी का इस्तेमाल हो, तो यह गंभीर वित्तीय अपराध माना जाता है.  

surbhi मई 7, 2026 0
Bandhan Bank stock chart rising sharply with green arrows showing strong gains after earnings
Bandhan Bank Share: मुनाफे और डिविडेंड के दम पर शेयर में जोरदार उछाल, एक महीने में 40% से ज्यादा की तेजी

शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जहां Bandhan Bank निवेशकों के लिए चर्चा का केंद्र बन गया। बैंक के मजबूत तिमाही नतीजों और डिविडेंड के ऐलान के बाद इसके शेयर में तेज उछाल आया और यह 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गया। एक दिन में 12% से ज्यादा की छलांग मंगलवार को 178.30 रुपये पर बंद हुआ बंधन बैंक का शेयर बुधवार को तेजी के साथ खुला और कुछ ही घंटों में 200 रुपये के पार निकल गया। दोपहर तक यह करीब 13% की तेजी के साथ 201.60 रुपये पर कारोबार करता दिखा, जबकि इंट्रा-डे में 201.80 रुपये का नया 52-वीक हाई भी बनाया। एक महीने में 40% से ज्यादा रिटर्न इस शेयर ने हाल के दिनों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। एक महीने पहले कीमत: 141.35 रुपये मौजूदा कीमत: लगभग 201.60 रुपये कुल उछाल: करीब 43% अगर किसी निवेशक ने एक महीने पहले 1 लाख रुपये लगाए होते, तो उसकी वैल्यू आज लगभग 1.43 लाख रुपये हो चुकी होती। तिमाही नतीजों ने भरी रफ्तार बंधन बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया: शुद्ध मुनाफा: 68% बढ़कर 534 करोड़ रुपये नेट इंटरेस्ट इनकम (NII): 1.4% बढ़कर 2,795.4 करोड़ रुपये इन मजबूत आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और शेयर में तेजी को गति दी। डिविडेंड का ऐलान भी बना वजह बैंक ने 10 रुपये के फेस वैल्यू वाले शेयर पर 1.50 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया है, जिसने निवेशकों के लिए इस स्टॉक को और आकर्षक बना दिया। लॉन्ग टर्म में प्रदर्शन मिला-जुला हालांकि शॉर्ट टर्म में यह शेयर शानदार प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन लंबी अवधि में रिटर्न उतने मजबूत नहीं रहे: 6 महीने: 17% की बढ़त 1 साल: करीब 20% रिटर्न 5 साल: लगभग 40% गिरावट यह तेजी इस बात का संकेत है कि मजबूत फंडामेंटल्स और निवेशकों का भरोसा किसी भी स्टॉक को तेजी से ऊपर ले जा सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म निवेश से पहले पूरी जांच जरूरी है।  

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Reliance Industries stock chart rising with Jio IPO news boosting investor sentiment in market
रिलायंस के शेयर में आ सकती है बड़ी तेजी, ग्लोबल ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; जियो IPO बनेगा गेमचेंजर?

देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी Reliance Industries एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है। हाल के महीनों में शेयर अपने उच्चतम स्तर से करीब 15% नीचे आने के बाद अब इसमें जोरदार उछाल की उम्मीद जताई जा रही है। कई ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के लिए अपने टारगेट प्राइस बढ़ा दिए हैं, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बनता दिख रहा है। ग्लोबल ब्रोकरेज का भरोसा, ₹1,910 तक जा सकता है शेयर Goldman Sachs ने रिलायंस पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस ₹1,910 तय किया है। यह मौजूदा स्तर से काफी ऊपर है और निवेशकों के लिए मजबूत अपसाइड की ओर इशारा करता है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल (O2C) बिजनेस पर जो दबाव पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात के कारण था, वह अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। इससे कंपनी की परफॉर्मेंस में सुधार की उम्मीद है। जियो IPO बनेगा सबसे बड़ा ट्रिगर Nomura ने रिलायंस के शेयर के लिए ₹1,640 का टारगेट दिया है और कहा है कि Jio Platforms का संभावित IPO निकट भविष्य में सबसे बड़ा कैटालिस्ट साबित हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिलायंस अगले महीने जियो के IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर फाइल कर सकती है। इससे न सिर्फ कंपनी की वैल्यूएशन बढ़ेगी, बल्कि टेलीकॉम सेक्टर में भी नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है। अन्य ब्रोकरेज भी बुलिश CLSA: ₹1,800 का टारगेट, ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग Morgan Stanley: ₹1,803 का टारगेट JPMorgan Chase: ₹1,675 का टारगेट, ‘ओवरवेट’ रेटिंग इन सभी अनुमानों से साफ है कि बड़े निवेशक रिलायंस के भविष्य को लेकर आशावादी हैं। अभी कहां है शेयर? रिलायंस का शेयर फिलहाल करीब ₹1,364 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि इसका 52 हफ्ते का हाई ₹1,611 रहा है। मौजूदा स्तर से ब्रोकरेज टारगेट तक पहुंचने में अच्छा खासा रिटर्न मिलने की संभावना जताई जा रही है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि O2C बिजनेस में सुधार और जियो IPO जैसे बड़े ट्रिगर आने वाले समय में रिलायंस के शेयर को नई ऊंचाई तक ले जा सकते हैं। हालांकि, निवेश से पहले बाजार जोखिम और अपनी वित्तीय स्थिति का आकलन करना जरूरी है।  

surbhi अप्रैल 28, 2026 0
Mahindra Finance office with stock market charts showing target price and growth outlook
Mahindra & Mahindra Financial Services पर ‘Accumulate’ की सलाह, ₹325 का टारगेट — Prabhudas Lilladher की रिपोर्ट

ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Mahindra & Mahindra Financial Services (MMFS) के शेयर पर ‘Accumulate’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹325 का टारगेट प्राइस तय किया है। 25 अप्रैल 2026 की रिसर्च रिपोर्ट में कंपनी के फंडामेंटल्स और ग्रोथ आउटलुक को संतुलित लेकिन सकारात्मक बताया गया है। Q4 में ग्रोथ में सुधार रिपोर्ट के मुताबिक, चौथी तिमाही में कंपनी की डिस्बर्समेंट ग्रोथ 11% सालाना (YoY) रही। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ट्रैक्टर, यूज्ड कमर्शियल व्हीकल (CV) और पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट की वजह से आई। कंपनी का AUM (Assets Under Management) 12% बढ़कर ₹1,341 अरब तक पहुंच गया, जो इसके बिजनेस विस्तार को दर्शाता है। आगे की ग्रोथ का अनुमान ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के लिए AUM ग्रोथ क्रमशः 13% और 13.5% रहने का अनुमान लगाया है। हालांकि बॉन्ड यील्ड्स बढ़ने से कॉस्ट ऑफ फंड (CoF) पर दबाव है, लेकिन बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और फीस-बेस्ड इनकम में बढ़ोतरी से मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद है। खर्च और मुनाफे का आकलन कंपनी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और बिजनेस डाइवर्सिफिकेशन में निवेश कर रही है, जिससे ऑपरेशनल खर्च (Opex) फिलहाल सीमित दायरे में रहने का अनुमान है। हालांकि, उच्च उधारी लागत और संभावित धीमी ग्रोथ को देखते हुए FY27 और FY28 की आय अनुमान में 6-7% की कटौती की गई है। एसेट क्वालिटी में सुधार, लेकिन नजर जरूरी रिपोर्ट में कहा गया है कि एसेट क्वालिटी में सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन यह अभी भी निगरानी का विषय है। FY27 और FY28 के लिए क्रेडिट कॉस्ट क्रमशः 1.7% और 1.6% रहने का अनुमान लगाया गया है। वैल्यूएशन और टारगेट प्राइस ब्रोकरेज ने MMFS के स्टैंडअलोन बिजनेस को FY28E के आधार पर 1.3x P/ABV पर वैल्यू किया है। स्टैंडअलोन वैल्यूएशन: ₹309 सब्सिडियरी वैल्यू: ₹21 25% होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट के बाद कुल टारगेट: ₹325 निवेशकों के लिए क्या संकेत? कुल मिलाकर, रिपोर्ट बताती है कि कंपनी की ग्रोथ ट्रैक पर है, लेकिन निवेशकों को एसेट क्वालिटी और उधारी लागत पर नजर बनाए रखनी चाहिए। ‘Accumulate’ रेटिंग का मतलब है कि लंबी अवधि के निवेशक इस शेयर में धीरे-धीरे निवेश बढ़ा सकते हैं।      

surbhi अप्रैल 27, 2026 0
LTTS company logo with stock market chart showing target price and hold rating
L&T Technology Services पर ICICI Securities की ‘Hold’ सलाह, ₹3380 का टारगेट तय

  इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सर्विस सेक्टर की प्रमुख कंपनी Larsen & Toubro Technology Services (LTTS) को लेकर ICICI Securities ने ‘Hold’ रेटिंग बरकरार रखी है। 23 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में ब्रोकरेज ने LTTS के लिए ₹3380 का टारगेट प्राइस तय किया है। Q4FY26 में रेवेन्यू मिस, लेकिन कुछ पॉजिटिव संकेत कंपनी ने Q4FY26 में अपेक्षा से कम रेवेन्यू दर्ज किया, जिसका मुख्य कारण SWC बिजनेस से डाइवेस्टमेंट का असर रहा। हालांकि, रिपोर्ट में कुछ सकारात्मक पहलुओं की भी पहचान की गई है: ऑटोमोटिव सेगमेंट में स्थिरता के संकेत सस्टेनेबिलिटी बिजनेस में लगातार ग्रोथ और डिमांड “Lakshya 31” प्रोग्राम के तहत FY31 तक 13–15% रेवेन्यू CAGR का अनुमान Q4FY26 तक रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया पूरी ग्रोथ पर दबाव, EPS अनुमान में कटौती ब्रोकरेज ने हाई-टेक वर्टिकल में अपेक्षाकृत धीमी ग्रोथ को देखते हुए FY27–28 के लिए EPS अनुमान में 5–6% की कटौती की है। इसका असर कंपनी के मिड-टर्म ग्रोथ आउटलुक पर पड़ सकता है। क्यों बरकरार है ‘Hold’ रेटिंग ICICI Securities का कहना है कि LTTS के लिए आगे की राह में मजबूत निष्पादन (execution) बेहद महत्वपूर्ण होगा, खासकर बदलते बिजनेस माहौल में। ब्रोकरेज ने 22x के वन-ईयर फॉरवर्ड P/E मल्टीपल के आधार पर मार्च 2027 के लिए ₹3380 का टारगेट प्राइस तय किया है। निवेशकों के लिए क्या संकेत ‘Hold’ रेटिंग का मतलब है कि मौजूदा निवेशक अपने शेयर होल्ड कर सकते हैं, लेकिन नए निवेश के लिए फिलहाल इंतजार करना बेहतर हो सकता है, जब तक कंपनी की ग्रोथ और मार्जिन में स्पष्ट सुधार नहीं दिखता।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Yes Bank logo with stock market chart showing performance after Q4 results and ICICI Securities rating
Yes Bank पर ICICI Securities की ‘Hold’ सलाह, ₹21 का टारगेट–Q4 रिजल्ट मजबूत, लेकिन आगे सतर्क रहने की जरूरत

ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने Yes Bank के शेयर पर ‘Hold’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹21 का टारगेट प्राइस तय किया है। 19 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में ब्रोकरेज ने बैंक के ताजा नतीजों को मजबूत बताया, लेकिन भविष्य के जोखिमों को देखते हुए निवेशकों को फिलहाल होल्ड करने की सलाह दी है। Q4FY26 में दमदार प्रदर्शन Yes Bank ने चौथी तिमाही (Q4FY26) में बेहतर प्रदर्शन किया है। बैंक का शुद्ध मुनाफा (PAT) ₹10.7 अरब रहा, जो साल-दर-साल 45% की वृद्धि दर्शाता है। यह आंकड़ा अनुमान के अनुरूप रहा, लेकिन ₹3.4 अरब के कंटिजेंट प्रावधान को समायोजित करने पर प्रदर्शन और मजबूत नजर आता है। बैंक की नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और CASA (Current Account Savings Account) में भी सुधार देखा गया है, जो बैंक की कोर ऑपरेटिंग मजबूती को दर्शाता है। एसेट क्वालिटी में सुधार, लेकिन जोखिम बरकरार रिपोर्ट के अनुसार, रिटेल स्लिपेज और SMA (Special Mention Accounts) में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी यह स्तर लगभग 2.8% पर बना हुआ है, जो चिंता का विषय बना हुआ है। बैंक का RoA (Return on Assets) Q4 में 1% तक पहुंच गया, जबकि पूरे FY26 में यह 0.8% रहा। आगे चलकर FY27 में RoA के 1% के आसपास रहने का अनुमान है। NIM में बढ़त, RIDF का दबाव घटा Yes Bank ने सेक्टर में NIM पर दबाव के बावजूद बेहतर प्रदर्शन किया है। इसका एक बड़ा कारण RIDF (Rural Infrastructure Development Fund) का घटता प्रभाव है, जो अब कुल एसेट का करीब 6% रह गया है और FY27 तक 5% से नीचे आने की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि FY27-28 में NIM में और सुधार हो सकता है, हालांकि बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च (opex) और SR (Security Receipts) रिकवरी में कमी इसका असर कम कर सकती है। कैपिटल पोजिशन मजबूत बैंक का CET-1 रेशियो 13.8% पर है, जो एक संतुलित और सुरक्षित पूंजी स्थिति को दर्शाता है। क्यों दी ‘Hold’ की सलाह? हालांकि बैंक के फंडामेंटल्स में सुधार दिख रहा है, लेकिन ICICI Securities ने टारगेट प्राइस को ₹24 से घटाकर ₹21 कर दिया है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं: कोर प्रॉफिटेबिलिटी (PPOP) में और सुधार की जरूरत क्रेडिट कॉस्ट पर अनिश्चितता SR रिकवरी में संभावित गिरावट इसलिए ब्रोकरेज ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे अभी स्टॉक को होल्ड रखें और आगे के प्रदर्शन पर नजर बनाए रखें।  

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
Wipro office building with stock market chart showing decline and analyst report overlay
Wipro पर ICICI Securities की ‘HOLD’ रेटिंग बरकरार, ₹200 का टारगेट तय

मुंबई: आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Wipro के शेयर को लेकर ICICI Securities ने सतर्क रुख अपनाया है। ब्रोकरेज ने 17 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में Wipro पर ‘HOLD’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹200 का टारगेट प्राइस तय किया है। कमजोर गाइडेंस से चिंता बरकरार रिपोर्ट के अनुसार, Wipro की टॉप-लाइन पर दबाव जारी है। Q1FY27 के लिए कंपनी ने -1.8% QoQ (कॉन्स्टेंट करेंसी) का कमजोर ऑर्गेनिक गाइडेंस दिया है। यह संकेत देता है कि निकट भविष्य में राजस्व वृद्धि में सुधार की संभावना सीमित है। विश्लेषकों का मानना है कि डील बुकिंग में वृद्धि और वास्तविक राजस्व के बीच अंतर AI-आधारित लागत में गिरावट (deflation) और संभावित मार्केट शेयर लॉस के कारण हो सकता है। क्लाइंट ग्रोथ में मिला-जुला प्रदर्शन हालांकि, कंपनी के टॉप 10 क्लाइंट्स से राजस्व में 1.8% सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जबकि FY26 में कुल रेवेन्यू में 0.3% की गिरावट देखी गई। यह दर्शाता है कि बड़े क्लाइंट्स से स्थिरता बनी हुई है, लेकिन समग्र प्रदर्शन अभी भी दबाव में है। मार्जिन पर बढ़ेगा दबाव Q4FY26 में मार्जिन मजबूत रहे, लेकिन FY27 में कुछ प्रमुख कारणों से दबाव बढ़ सकता है: बड़े डील्स में निवेश AI प्लेटफॉर्म बिजनेस का विस्तार दो महीने की अतिरिक्त वेतन वृद्धि इन फैक्टर्स के चलते कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका है। वैल्यूएशन और अनुमान ICICI Securities ने FY27 और FY28 के EPS अनुमान में 2% की हल्की बढ़ोतरी की है, जिसमें बायबैक और करेंसी डिप्रिसिएशन का सकारात्मक असर शामिल है। ब्रोकरेज ने FY28 के अनुमानित EPS ₹14 पर 14x का वैल्यूएशन मल्टीपल लागू करते हुए ₹200 का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि Q2FY27 तक रेवेन्यू ग्रोथ में सुधार नहीं होता है, तो वैल्यूएशन मल्टीपल में गिरावट का जोखिम बना रहेगा।  

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
Stock market chart showing HDFC AMC shares with financial analysis report and growth trend
HDFC AMC पर Prabhudas Lilladher का भरोसा बरकरार, ₹3000 का टारगेट दिया

मुंबई: ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने HDFC Asset Management Company (HDFC AMC) के शेयर पर अपनी सकारात्मक राय दोहराते हुए ‘BUY’ रेटिंग बनाए रखी है। 16 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में फर्म ने इस स्टॉक के लिए ₹3000 का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। तिमाही प्रदर्शन रहा थोड़ा कमजोर रिपोर्ट के मुताबिक, HDFC AMC की Q4FY26 तिमाही अपेक्षा से थोड़ी नरम रही। कंपनी की कोर इनकम ₹8.4 बिलियन रही, जो अनुमान से 2.3% कम है। इसका मुख्य कारण राजस्व में कमी बताया गया है। मैनेजमेंट के अनुसार, चौथी तिमाही में कम दिनों (90 दिन) की वजह से आय पर असर पड़ा, जबकि पिछली तिमाही Q3FY26 में 92 दिन थे। GST और नए TER नियमों का असर कंपनी ने संकेत दिया है कि नए TER (Total Expense Ratio) दिशानिर्देशों के तहत GST का असर लगभग 3-4 बेसिस पॉइंट (bps) तक हो सकता है। हालांकि, इस अतिरिक्त लागत को डिस्ट्रीब्यूटर्स तक पास किया जा सकता है, जिससे कंपनी के मार्जिन पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। मजबूत इक्विटी प्रदर्शन से बढ़त HDFC AMC का इक्विटी सेगमेंट में प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। FY26 में नेट फ्लो में कंपनी की मार्केट हिस्सेदारी 15% रही, जो उद्योग में दूसरी सबसे बड़ी है। Q4FY26 में इक्विटी मार्केट शेयर 6 bps बढ़कर 13% हो गया। आगे की रणनीति और अनुमान ब्रोकरेज का मानना है कि HDFC AMC अपने मजबूत ब्रांड और ट्रैक रिकॉर्ड के चलते नए नियमों के प्रभाव को बेहतर तरीके से संभाल सकती है। रिपोर्ट में FY26 से FY28 के बीच इक्विटी यील्ड में हर साल 1 bps की गिरावट का अनुमान लगाया गया है। इसके बावजूद, कंपनी के मजबूत फंडामेंटल को देखते हुए वैल्यूएशन मल्टीपल को 36x (मार्च 2028 के अनुमानित EPS पर) रखा गया है और ₹3000 का टारगेट कायम रखा गया है।  

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
Tejas Networks office with declining stock chart after weak Q4 FY26 financial results
Tejas Networks के शेयरों में गिरावट, Q4 में बढ़ा घाटा; रेवेन्यू में 82% की भारी कमी

  नई दिल्ली: टेलीकॉम इक्विपमेंट निर्माता Tejas Networks के शेयरों में बुधवार को दबाव देखने को मिला। मार्च तिमाही (Q4 FY26) के कमजोर नतीजों के बाद कंपनी का स्टॉक करीब 4.5% तक गिर गया। शेयरों में गिरावट 16 अप्रैल को सुबह करीब 10:32 बजे कंपनी के शेयर 4.4% गिरकर ₹429.95 पर ट्रेड कर रहे थे। निवेशकों ने बढ़ते घाटे और गिरते रेवेन्यू को लेकर चिंता जताई। घाटा तीन गुना तक बढ़ा कंपनी का समेकित शुद्ध घाटा बढ़कर ₹211.34 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹71.80 करोड़ था। यानी साल-दर-साल घाटे में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। रेवेन्यू में भारी गिरावट तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 82.55% घटकर ₹332.69 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹1,906.94 करोड़ था। यह गिरावट कंपनी के प्रदर्शन पर बड़ा असर डालती दिखी। EBITDA भी निगेटिव Q4FY26 में EBITDA लॉस ₹118 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन -35.53% पर पहुंच गया, जो पिछले साल 6.37% था। यह कंपनी की ऑपरेशनल कमजोरी को दर्शाता है। मैनेजमेंट का बयान कंपनी के COO रहे Arnob Roy ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4G/5G वायरलेस प्रोडक्ट्स के लिए कंपनी को पहली कमर्शियल ऑर्डर मिला है। साथ ही NEC के साथ 5G MIMO रेडियो सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट और अमेरिका में 5G ट्रायल्स में प्रगति हुई है। ऑर्डर बुक में सुधार CFO Sumit Dhingra के अनुसार, कंपनी की ऑर्डर बुक ₹1,514 करोड़ पर पहुंच गई है, जो सालाना आधार पर 49% की बढ़त है। हालांकि, कंपनी पर कर्ज का दबाव भी बना हुआ है। बड़े मैनेजमेंट बदलाव Arnob Roy को नया MD और CEO नियुक्त किया गया (अगस्त 2028 तक) Preetham Uthaiah को नया COO बनाया गया AVS Prasad 16 मई से CFO का पद संभालेंगे Srikumar Vijayasekharan को स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया

surbhi अप्रैल 16, 2026 0
Godawari Power and Ispat Limited logo with stock market chart indicating share price rise after investment announcement
Smallcap मेटल स्टॉक में उछाल: Godawari Power ने क्लीन एनर्जी यूनिट में ₹50 करोड़ का निवेश किया

  नई दिल्ली: स्मॉलकैप मेटल सेक्टर की प्रमुख कंपनी Godawari Power and Ispat Limited के शेयरों में गुरुवार को शुरुआती कारोबार में मजबूती दर्ज की गई। कंपनी द्वारा अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई Godawari New Energy Private Limited में ₹50 करोड़ का ताजा इक्विटी निवेश करने की घोषणा के बाद बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में शेयरों में तेजी घोषणा के बाद कंपनी का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सुबह करीब 9:30 बजे 1.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹305.05 पर ट्रेड करता दिखा। निवेशकों ने इस कदम को कंपनी के दीर्घकालिक विस्तार और नए बिजनेस सेगमेंट में एंट्री के रूप में देखा। राइट्स इश्यू के जरिए निवेश यह निवेश 5 करोड़ इक्विटी शेयरों के आवंटन के माध्यम से किया गया है, जिनकी फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है। यह प्रक्रिया राइट्स बेसिस पर पूरी की गई, जो पहले से स्वीकृत पूंजी निवेश योजना के अनुरूप है। कुल ₹200 करोड़ निवेश की योजना कंपनी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह अपनी इस सहायक कंपनी में कुल ₹200 करोड़ तक निवेश करेगी। इस पूंजी का उपयोग कैपिटल एक्सपेंडिचर और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। क्लीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज में एंट्री इस निवेश का मुख्य उद्देश्य 20 GWh क्षमता वाले Battery Energy Storage System (BESS) प्लांट के पहले चरण का विकास करना है। यह कदम कंपनी के क्लीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज सेक्टर में प्रवेश को दर्शाता है, जो भविष्य में तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र माना जा रहा है।  

surbhi अप्रैल 16, 2026 0
Motilal Oswal report showing bullish outlook on ICICI Prudential AMC stock with financial growth charts
ICICI प्रूडेंशियल AMC पर बुलिश हुए Motilal Oswal, ₹3850 का टारगेट; मजबूत ग्रोथ आउटलुक का संकेत

मुंबई: ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services ने ICICI Prudential Asset Management Company (ICICI Prudential AMC) के शेयर पर सकारात्मक रुख बनाए रखते हुए ‘BUY’ रेटिंग दोहराई है। 14 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कंपनी ने इस स्टॉक के लिए ₹3850 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो आने वाले समय में मजबूत रिटर्न की संभावना दर्शाता है। मजबूत तिमाही प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार, FY26 की चौथी तिमाही (4QFY26) में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 20% बढ़कर ₹15.2 अरब पहुंच गया, हालांकि तिमाही आधार पर यह स्थिर रहा। वहीं, पूरे FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 23% की वृद्धि के साथ ₹57.6 अरब दर्ज किया गया। मार्जिन और मुनाफे में बढ़त कंपनी का EBITDA 4QFY26 में ₹11.6 अरब रहा, जो सालाना आधार पर 30% की बढ़त दिखाता है। EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 76.5% हो गया, जो पिछले साल के 70.5% से काफी बेहतर है। पूरे FY26 में EBITDA ₹33 अरब रहा, जिसमें 24% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। खर्चों में कमी से मिला सहारा ऑपरेटिंग खर्च (Opex) ₹3.6 अरब रहा, जो सालाना और तिमाही दोनों आधार पर 5% कम हुआ। खासतौर पर कर्मचारी लागत में 13% की सालाना और 23% की तिमाही गिरावट देखने को मिली, जिससे कंपनी के मुनाफे को मजबूती मिली। यील्ड पर दबाव, लेकिन सुधार की उम्मीद 4QFY26 में यील्ड 55 बेसिस पॉइंट (bp) रही, जो पिछले साल के 57.7 bp से थोड़ी कम है। मैनेजमेंट के अनुसार, अप्रैल 2026 से लागू नए TER नियमों का यील्ड पर 3-4 bp का असर पड़ सकता है। हालांकि, AIF/PMS सेगमेंट में नेट यील्ड बढ़कर 0.98% हो गई, जो पहले 0.91% थी। आगे की ग्रोथ का अनुमान ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी का AUM, रेवेन्यू और PAT क्रमशः 17%, 15% और 16% CAGR से बढ़ सकता है। इसी मजबूत ग्रोथ आउटलुक के आधार पर 45x FY28E EPS पर ₹3850 का टारगेट तय किया गया है।  

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Stock market trading screen showing Sensex surge after Trump’s statement boosting investor sentiment.
₹9.25 लाख करोड़ की तेजी से बाजार गुलजार: ट्रंप के बयान के बाद सेंसेक्स 1,300 अंक उछला

वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह भर दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों के बीच बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ। शुरुआती कारोबार में जोरदार उछाल बुधवार सुबह बाजार खुलते ही BSE Sensex 1,300 अंक से अधिक उछलकर 78,166.50 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी करीब 400 अंकों की तेजी के साथ 24,224.35 पर कारोबार करता दिखा। पिछले सत्र में आई गिरावट के बाद यह उछाल बाजार में मजबूत रिकवरी का संकेत देता है। निवेशकों को ₹9.25 लाख करोड़ का फायदा इस तेजी का सीधा असर बाजार पूंजीकरण पर पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹9.25 लाख करोड़ बढ़कर ₹457.73 लाख करोड़ हो गया। यह निवेशकों के लिए एक दिन में बड़ी ‘कमाई’ जैसा साबित हुआ। किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी? आज सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान में खुले। खासतौर पर: IndiGo में 4% की तेजी UltraTech Cement Asian Paints Larsen & Toubro Infosys State Bank of India इन सभी शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। रुपये में भी मजबूती भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले 0.2% मजबूत होकर 93.17 पर खुला। यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा भी कुछ हद तक लौट रहा है। तेजी की मुख्य वजह क्या? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयान ने बाजार को बड़ा ट्रिगर दिया। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के करीब है और समझौते की संभावना बढ़ रही है। इस बयान से निवेशकों में सकारात्मक भावना बनी और जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी। सेक्टर और ब्रॉडर मार्केट का हाल निफ्टी मिडकैप: +2.09% निफ्टी स्मॉलकैप: +2.10% निफ्टी PSU बैंक और IT सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी फार्मा सेक्टर में कमजोरी ग्लोबल मार्केट का असर एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल रहा, जबकि अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। S&P 500 और Nasdaq 100 दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।  

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0