शेयर बाजार

Lupin pharma logo with stock chart showing share decline after Philippines acquisition announcement.
Lupin के शेयर में 2% की गिरावट, फिलीपींस की कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान

फार्मा सेक्टर की प्रमुख कंपनी Lupin Limited के शेयरों में 2 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में करीब 2–2.5% की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट ऐसे समय आई जब कंपनी ने अपनी सहायक इकाई के जरिए फिलीपींस की कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है। Multicare Pharma में 43.38% हिस्सेदारी खरीदेगी कंपनी कंपनी की नीदरलैंड्स स्थित पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Nanomi B.V. ने Multicare Pharmaceuticals Philippines Inc. (MPPI) में 43.38% हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता किया है। कुल 1,17,94,497 शेयर खरीदे जाएंगे डील की वैल्यू लगभग 39.6 मिलियन डॉलर तक हो सकती है यह अधिग्रहण मई 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है यह कदम Lupin के इंटरनेशनल बिजनेस विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। VISUfarma का अधिग्रहण पूरा एक अन्य अपडेट में कंपनी ने बताया कि Nanomi B.V. ने VISUfarma B.V. का पूर्ण अधिग्रहण पूरा कर लिया है। 1 अप्रैल 2026 से VISUfarma और उसकी सभी सब्सिडियरी Nanomi की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाइयां बन गई हैं USFDA से मिली मंजूरी, पाइपलाइन मजबूत हाल ही में कंपनी को US Food and Drug Administration (USFDA) से दो दवाओं के लिए अस्थायी मंजूरी मिली- Sugammadex Injection Pitolisant Tablets Pitolisant टैबलेट्स का उत्पादन नागपुर स्थित प्लांट में किया जाएगा, जिससे कंपनी की प्रोडक्ट पाइपलाइन और मजबूत होगी। शेयर प्रदर्शन और बाजार स्थिति पिछले कारोबारी सत्र में Lupin का शेयर ₹2,273.60 पर बंद हुआ, जो ₹39.10 (1.69%) की गिरावट दर्शाता है। 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर: ₹2,376 52 हफ्ते का निचला स्तर: ₹1,774 वर्तमान स्तर: हाई से 4.31% नीचे, लो से 28.16% ऊपर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹1.04 लाख करोड़ है। गिरावट के पीछे क्या कारण? विशेषज्ञों का मानना है कि- विदेशी अधिग्रहण पर शुरुआती लागत और अनिश्चितता निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली शॉर्ट टर्म में जोखिम की आशंका इन वजहों से शेयर में दबाव देखने को मिला है, हालांकि लॉन्ग टर्म में यह डील फायदेमंद साबित हो सकती है।  

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty surge with green upward trend and investor optimism
शेयर बाजार में जोरदार तेजी: निफ्टी 22,900 के पार, सेंसेक्स 2000 अंक उछला, वैश्विक संकेतों से बढ़ा भरोसा

वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिका-ईरान तनाव में संभावित कमी की उम्मीदों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में ही निफ्टी 50 ने 22,900 का अहम स्तर पार कर लिया, जबकि बीएसई सेंसेक्स करीब 2000 अंकों की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। सुबह 10:03 बजे के आसपास निफ्टी 50 599 अंकों यानी 2.69% की बढ़त के साथ 22,930.50 पर पहुंच गया। वहीं सेंसेक्स 1,988 अंकों की तेजी के साथ 73,935.73 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक संकेतों का बड़ा असर बाजार में इस उछाल की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत हैं। ईरान के शीर्ष नेतृत्व की ओर से युद्ध समाप्त करने की इच्छा जताने और दोनों देशों के बीच बातचीत के संकेतों ने निवेशकों के मन से अनिश्चितता कम की है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के रूप में भी दिख रहा है। एक्सपर्ट की राय Geojit Investments Limited के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति की ‘युद्ध समाप्त करने की तत्परता’ और विदेश मंत्री द्वारा अमेरिका के साथ संदेशों के आदान-प्रदान की पुष्टि इस ओर इशारा करती है कि तनाव जल्द कम हो सकता है। बाजार इस संभावित राहत को पहले ही आंकने लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि मार्च सीरीज में बैंक निफ्टी में करीब 17% की भारी गिरावट आई थी, लेकिन अब इस सेक्टर में तेज रिकवरी की संभावना है। खासकर प्राइवेट बैंकिंग शेयर, जो गैर-आधारभूत कारणों से दबाव में थे, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बन सकते हैं। टैक्स हार्वेस्टिंग और रिकवरी की उम्मीद 30 मार्च को टैक्स हार्वेस्टिंग के चलते कई सेक्टरों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई थी। अब इन्हीं शेयरों में रिकवरी की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे बाजार को और मजबूती मिल सकती है। ग्लोबल मार्केट्स का सपोर्ट मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। वॉल स्ट्रीट की तेजी और मध्य-पूर्व तनाव में कमी की उम्मीदों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत किया है। सोने की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला और यह लगभग दो हफ्तों के उच्च स्तर पर पहुंच गई। डॉलर में कमजोरी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयान, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ तनाव जल्द कम हो सकता है, ने गोल्ड को सपोर्ट दिया। एफपीआई बनाम डीआईआई संस्थागत निवेशकों की बात करें तो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सोमवार को 11,163 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 14,895 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।  

surbhi अप्रैल 1, 2026 0
Stock market graph showing volatility with rising and falling trends in FY26 impacting investors
Stock Markets: FY26 में उतार-चढ़ाव का साल, किसने कमाया और किसने गंवाया?

वित्त वर्ष 2025-26 भारतीय शेयर बाजार के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। लंबे समय बाद ऐसा हुआ जब बाजार ने निवेशकों को निगेटिव रिटर्न दिया। पूरे साल बाजार में अस्थिरता बनी रही और खासतौर पर आखिरी तिमाही में तेज गिरावट देखने को मिली। बाजार क्यों गिरा? FY26 में बाजार पर कई बड़े फैक्टर्स का असर पड़ा: विदेशी निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली ऊंचे वैल्यूएशन, जिससे निवेशकों में डर बना रहा आईटी सेक्टर में दबाव, खासकर AI टेक्नोलॉजी के कारण मिडिल ईस्ट तनाव (अमेरिका-इजरायल-ईरान), जिससे ग्लोबल सेंटीमेंट कमजोर हुआ इन सभी कारणों से बाजार में लगातार दबाव बना रहा और निवेशकों का भरोसा डगमगाया। इंडेक्स का प्रदर्शन Sensex: -7% Nifty: -5% मार्च महीना सबसे ज्यादा खराब रहा: सेंसेक्स: -11.48% निफ्टी: -11.14% बैंक निफ्टी: -15.95% यानी साल का अंत सबसे ज्यादा नुकसान के साथ हुआ। गिरावट में भी चमके ये शेयर बाजार भले गिरा, लेकिन कुछ कंपनियों ने मजबूत प्रदर्शन किया: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL): +35% (डिफेंस सेक्टर का बूम) Shriram Finance: +36% (NBFC सेक्टर की मजबूती) Hindalco: +34% (मेटल डिमांड का फायदा) Titan: +33% (ज्वेलरी और रिटेल ग्रोथ) SBI: +27% (बैंकिंग सेक्टर का सपोर्ट) इन स्टॉक्स ने साबित किया कि सही सेक्टर चुनना कितना जरूरी है। इन शेयरों ने किया निराश कुछ बड़े और भरोसेमंद माने जाने वाले स्टॉक्स भी गिरावट से नहीं बच पाए: TCS: -33% (AI के कारण IT सेक्टर पर दबाव) ITC: -29% (प्रॉफिट बुकिंग और स्लो ग्रोथ) IndiGo: -21% (कॉस्ट और ऑपरेशन प्रेशर) Trent: -40% (सबसे ज्यादा गिरावट, वैल्यूएशन करेक्शन) इससे साफ है कि बड़े नाम भी जोखिम से बाहर नहीं हैं। निवेशकों के लिए क्या सीख? सिर्फ बड़े ब्रांड देखकर निवेश करना सुरक्षित नहीं सेक्टर ट्रेंड और ग्लोबल फैक्टर्स समझना जरूरी गिरते बाजार में भी मौके होते हैं डायवर्सिफिकेशन सबसे जरूरी रणनीति है

surbhi मार्च 31, 2026 0
Stock Market Fall
Stock Market Fall: शेयर बाजार में रेड अलर्ट, सेंसेक्स 1000 अंक टूटा

मुंबई, एजेंसियां। मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध ने बाजार में उथल-पुथल मचा दी है। इसी बीच इस सप्ताह की शुरुआत में ही शेयर बाजार भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। BSE Sensex करीब 1,000 अंकों की गिरावट के साथ 72,850 के आसपास पहुंच गया, जबकि Nifty 50 भी लगभग 200 अंक फिसलकर 22,600 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। किन सेक्टर पर असर आज ऑटो, मेटल और बैंकिंग शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई। निवेशकों ने जोखिम से दूरी बनाते हुए मुनाफावसूली की। गिरावट की बड़ी वजहे गिरावट की पहली वजह वैश्विक तनाव है, खासकर ईरान-इजराइल तनाव, जिसने सप्लाई चेन को प्रभावित किया। दूसरी वजह कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है, जो बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। तीसरा कारण विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेत हैं।   एशियाई बाजारों में असर जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में भारी गिरावट रही, जबकि हांगकांग में हल्की तेजी और चीन में स्थिर कारोबार देखा गया। पिछले सत्र में अमेरिकी बाजार भी दबाव में बंद हुए, जिससे भारतीय बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा। लगातार दूसरे सत्र में गिरावट से बाजार में सतर्कता बढ़ गई है और फिलहाल निवेशक वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।

Anjali Kumari मार्च 30, 2026 0
Stock Market
Stock Market: भारी गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार,सेंसेक्स 927 अंक गिरा

मुंबई, एजेंसियां। शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 926.92 अंक गिरकर 74,346.53 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 280.95 अंक टूटकर 23,025.50 पर आ गया। बाजार में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब वैश्विक स्तर पर निवेशकों का रुख जोखिम से बचने वाला बना हुआ है।   रुपया भी दबाव में शेयर बाजार की कमजोरी के साथ भारतीय मुद्रा पर भी दबाव दिखा। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 28 पैसे गिरकर 94.24 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कमजोर रुपया और महंगा कच्चा तेल भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता बढ़ाने वाले संकेत हैं।   गिरावट की बड़ी वजहें विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका-ईरान तनाव, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने रहना बाजार पर दबाव डाल रहा है। ब्रेंट क्रूड करीब 106.8 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। इससे मुद्रास्फीति, आयात लागत और कॉर्पोरेट मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।   किन शेयरों पर सबसे ज्यादा असर सेंसेक्स की 30 कंपनियों में बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व, एटर्नल और इंटरग्लोब एविएशन प्रमुख गिरावट वाले शेयर रहे। वहीं टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और ट्रेंट बढ़त में रहे।   वैश्विक संकेत भी कमजोर एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी कमजोर रहे, जबकि शंघाई और हांगकांग के बाजार हल्की मजबूती में थे। गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई थी।   एफआईआई बनाम डीआईआई बाजार आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 1,805.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,429.78 करोड़ रुपये की खरीदारी की। कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल अस्थिरता और दबाव का माहौल बना हुआ है।

Anjali Kumari मार्च 27, 2026 0
Stock Market
Stock Market: हरे निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 885 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,200 के पार

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। BSE Sensex शुरुआती कारोबार में 885.32 अंक चढ़कर 74,953.77 पर पहुंच गया, जबकि NSE Nifty 50 307.65 अंक की बढ़त के साथ 23,220.05 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।   रुपये में गिरावट शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 20 पैसे कमजोर होकर 93.96 पर पहुंच गया।   विशेषज्ञों की राय बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच बाजार में सतर्क आशावाद बना हुआ है। निवेशक फिलहाल भू-राजनीतिक हालात पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वैश्विक घटनाओं का असर मिडिल ईस्ट में तनाव, खासकर इज़राइल और ईरान के बीच जारी टकराव और अमेरिका की सैन्य गतिविधियों का असर भी बाजार पर पड़ रहा है। हालांकि संभावित युद्धविराम की उम्मीदों ने निवेशकों के भरोसे को कुछ सहारा दिया है।   एशियाई बाजारों में तेजी एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। जापान, सिंगापुर, हांगकांग, ताइवान और दक्षिण कोरिया के प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। वहीं अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए।   कच्चे तेल और सोने-चांदी का हाल ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर 99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जिससे वैश्विक बाजारों को राहत मिली। वहीं सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई—24 कैरेट सोना 3.37% उछलकर 1,43,600 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 4.82% बढ़कर 2,34,542 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई।

Anjali Kumari मार्च 25, 2026 0
Premium basmati rice export packaging and processing showcasing
Amir Chand Jagdish Kumar Exports IPO: ‘लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब’ की सलाह, जानें पूरी डिटेल

ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने Amir Chand Jagdish Kumar Exports Ltd के IPO पर ‘Subscribe – Long Term’ की रेटिंग दी है। कंपनी प्रीमियम बासमती चावल के प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट के क्षेत्र में एक स्थापित नाम है और “Aeroplane” ब्रांड के तहत अपने उत्पादों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचती है। कंपनी क्या करती है? Amir Chand Jagdish Kumar Exports Ltd की स्थापना 2003 में हुई थी और यह कंपनी बासमती चावल की सोर्सिंग, प्रोसेसिंग, एजिंग, पैकेजिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। कंपनी का बिजनेस मॉडल पूरी तरह इंटीग्रेटेड है, जिसमें धान की खरीद से लेकर मिलिंग, ग्रेडिंग और पैकेजिंग तक की प्रक्रिया इन-हाउस होती है। इससे क्वालिटी कंट्रोल और मार्जिन मैनेजमेंट में मदद मिलती है। मजबूत ब्रांड और ग्लोबल मौजूदगी “Aeroplane” ब्रांड के जरिए कंपनी ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान बनाई है। मिडिल ईस्ट, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में मजबूत उपस्थिति अंतरराष्ट्रीय बिजनेस मुख्यतः B2B मॉडल पर आधारित घरेलू बाजार में B2C सेगमेंट में ब्रांडेड चावल की बिक्री कंपनी अपने लंबे समय के ग्राहक संबंध और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए एक्सपोर्ट बिजनेस को बढ़ा रही है। प्रोडक्ट पोर्टफोलियो कंपनी अलग-अलग कीमत और क्वालिटी के बासमती चावल की विस्तृत रेंज पेश करती है, जिससे यह अलग-अलग उपभोक्ता वर्गों को टारगेट कर पाती है। यह विविधता कंपनी को बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाए रखती है। ग्रोथ प्लान क्या है? कंपनी भारत में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए टियर-3 और टियर-4 शहरों पर फोकस कर रही है, जहां बढ़ती आय और ब्रांडेड खाद्य उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे घरेलू बाजार में कंपनी के विस्तार की अच्छी संभावनाएं नजर आती हैं। वैल्यूएशन और निवेश की राय Anand Rathi के अनुसार, IPO का वैल्यूएशन फिलहाल “फुली वैल्यूड” दिखाई देता है। हालांकि, कंपनी का मजबूत बिजनेस मॉडल, ब्रांड वैल्यू और एक्सपोर्ट ग्रोथ को देखते हुए लॉन्ग टर्म में अच्छे रिटर्न की संभावना है। इसी वजह से ब्रोकरेज ने निवेशकों को ‘Subscribe – Long Term’ की सलाह दी है। निवेशकों के लिए संकेत यह IPO उन निवेशकों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है जो: लॉन्ग टर्म ग्रोथ की तलाश में हैं FMCG और एग्री-बेस्ड सेक्टर में एक्सपोजर चाहते हैं ब्रांडेड फूड सेगमेंट में निवेश करना चाहते हैं 

surbhi मार्च 24, 2026 0
Power Grid Corporation transmission lines and infrastructure highlighting growth outlook and brokerage target upgrade
Power Grid पर ब्रोकरेज का भरोसा बरकरार: ‘BUY’ रेटिंग के साथ 348 रुपये का नया टारगेट

पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Power Grid Corporation of India (PWGR) पर ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने अपनी सकारात्मक राय दोहराई है। कंपनी के मैनेजमेंट के साथ बिजनेस अपडेट के बाद ब्रोकरेज ने स्टॉक पर ‘BUY’ रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस बढ़ाकर 348 रुपये कर दिया है, जो पहले 324 रुपये था। कैपेक्स और कैपिटलाइजेशन गाइडेंस में बढ़ोतरी Power Grid Corporation of India ने FY26 के लिए अपने कैपेक्स गाइडेंस को बढ़ाकर 350 अरब रुपये से ज्यादा कर दिया है, जो पहले 320 अरब रुपये था। वहीं, कैपिटलाइजेशन गाइडेंस भी 220 अरब रुपये से बढ़ाकर 250 अरब रुपये से अधिक कर दिया गया है। कंपनी ने FY27 और FY28 के लिए क्रमशः 370 अरब और 450 अरब रुपये से अधिक कैपेक्स का अनुमान बरकरार रखा है। आने वाले दो वर्षों में करीब 650 अरब रुपये तक कैपिटलाइजेशन की संभावना जताई गई है, जो नए प्रोजेक्ट्स मिलने से और बढ़ सकती है। मजबूत ऑर्डर बुक और बड़े अवसर ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी करीब 15 लाख करोड़ रुपये (INR 15 ट्रिलियन) के ट्रांसमिशन सेक्टर के बड़े अवसर का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। इससे हर साल 600-700 अरब रुपये का प्रोजेक्ट पाइपलाइन तैयार हो सकता है। यह मजबूत ऑर्डर बुक कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ को सपोर्ट करती है। जमीन अधिग्रहण और ROW चुनौतियों में राहत कंपनी के लिए एक बड़ा सकारात्मक बदलाव यह है कि राइट ऑफ वे (ROW) से जुड़ी समस्याएं अब काफी हद तक कम हो गई हैं। सरकार द्वारा 30-60% तक मार्केट-लिंक्ड मुआवजा फ्रेमवर्क लागू करने से जमीन अधिग्रहण आसान हुआ है और विवादों में कमी आई है। साथ ही, कंपनी ने डेडिकेटेड ROW टीम्स और स्पेशलाइज्ड एक्सपर्टीज के जरिए प्रोजेक्ट एक्सीक्यूशन को और मजबूत किया है। ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार SPV (Special Purpose Vehicle) स्ट्रक्चर को भी सरल बनाया जा रहा है। 19 SPV को घटाकर 2 में समाहित किया गया है और आगे भी मर्जर की योजना है। इससे गवर्नेंस बेहतर होगी, कैपिटल एलोकेशन अधिक प्रभावी बनेगा और कंपनी की स्केलेबिलिटी बढ़ेगी। फाइनेंशियल आउटलुक और वैल्यूएशन Prabhudas Lilladher ने FY27 और FY28 के लिए EPS अनुमान में करीब 1% की बढ़ोतरी की है। स्टॉक को FY28 बुक वैल्यू के 2.8 गुना पर वैल्यू करते हुए 348 रुपये का टारगेट दिया गया है। साथ ही, FY27-28 के दौरान 3-4% का डिविडेंड यील्ड भी निवेशकों को आकर्षित कर सकता है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? ब्रोकरेज का मानना है कि Power Grid Corporation of India मजबूत ऑर्डर बुक, बढ़ते कैपेक्स और बेहतर एक्सीक्यूशन के दम पर आने वाले वर्षों में स्थिर ग्रोथ दिखा सकती है। ऐसे में यह स्टॉक मिड-टू-लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक बना हुआ है।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
Paradeep Phosphates plant and fertilizer production showcasing growth outlook and brokerage target upgrade
Paradeep Phosphates पर ‘Accumulate’ रेटिंग: 120 रुपये का टारगेट, लंबी अवधि में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद

ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Paradeep Phosphates Limited (PPL) पर कवरेज की शुरुआत करते हुए ‘Accumulate’ रेटिंग दी है और 120 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह वैल्यूएशन FY28 के अनुमानित EPS के 10 गुना पर आधारित है। ग्रोथ की मजबूत रणनीति रिपोर्ट के अनुसार, PPL भारत के केमिकल सेक्टर में इंपोर्ट सब्स्टीट्यूशन के बड़े अवसर का फायदा उठाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी बैकवर्ड इंटीग्रेशन, प्रोडक्ट मिक्स में सुधार और क्षमता विस्तार के जरिए अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। कंपनी फॉस्फोरिक और सल्फ्यूरिक एसिड की क्षमता में क्रमशः 57% और 100% तक विस्तार कर रही है और FY29 तक पूरी तरह बैकवर्ड इंटीग्रेशन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव, DAP पर निर्भरता कम Paradeep Phosphates Limited अब अपने पोर्टफोलियो को हाई-वैल्यू कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर्स की ओर शिफ्ट कर रही है। इससे DAP (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) पर निर्भरता कम होगी और मार्जिन में सुधार की संभावना बढ़ेगी। साथ ही, कंपनी अपनी कुल फर्टिलाइजर क्षमता को बढ़ाकर FY29 तक लगभग 5.0 मिलियन टन प्रति वर्ष (mmtpa) करने की योजना पर काम कर रही है। MCFL मर्जर से मिलेगा फायदा रिपोर्ट में कहा गया है कि MCFL (Mangalore Chemicals & Fertilizers Limited) के साथ प्रस्तावित मर्जर से कंपनी की दक्षिण भारत में मौजूदगी और मजबूत होगी। इससे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और बाजार हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है। शॉर्ट टर्म में दबाव, लेकिन लॉन्ग टर्म में तेजी हालांकि कच्चे माल की ऊंची कीमतें निकट भविष्य में मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस, बढ़ती क्षमता और मर्जर से मिलने वाले सिनर्जी लाभ कंपनी की आय को मध्यम अवधि में मजबूत बनाएंगे। वित्तीय अनुमान Prabhudas Lilladher के मुताबिक FY25 से FY28 के बीच: Revenue CAGR: ~10% EBITDA CAGR: ~18% PAT CAGR: ~23% वर्तमान बाजार मूल्य (CMP) पर स्टॉक FY28 के अनुमानित EPS के लगभग 9 गुना और EV/EBITDA के 6 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो इसे आकर्षक वैल्यूएशन पर रखता है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? ब्रोकरेज का मानना है कि Paradeep Phosphates Limited में मौजूदा स्तर पर धीरे-धीरे निवेश (Accumulate) करना समझदारी हो सकती है, खासकर उन निवेशकों के लिए जो मिड-टू-लॉन्ग टर्म ग्रोथ की तलाश में हैं।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
Today stock market
Stock Market: भारी गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर

मुंबई, एजेंसियां। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex करीब 1,556 अंक टूटकर 72,977 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि NSE Nifty भी लगभग 480 अंक गिरकर 22,634 पर आ गया। वहीं, भारतीय रुपया Indian Rupee अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.86 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे कमजोर स्तर है।   विशेषज्ञों ने बताया  विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक तनाव खासकर अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अल्टीमेटम ने बाजार में घबराहट बढ़ा दी है। निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखा—एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

Anjali Kumari मार्च 23, 2026 0
Stock market screen showing sharp Sensex fall and rupee weakening against dollar amid global tension
ग्लोबल तनाव से बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1500+ अंक लुढ़का, रुपया पहली बार 93.80 के पार

ईरान-अमेरिका तनाव का असर, शेयर बाजार में भारी बिकवाली; निवेशक डॉलर की ओर भागे हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही BSE Sensex करीब 1,556 अंक टूटकर 72,977 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 भी लगभग 480 अंक फिसलकर 22,634 के स्तर पर आ गया। इसी के साथ भारतीय मुद्रा भी दबाव में आ गई और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर पहली बार 93.80 के पार पहुंच गई, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। निवेशकों में घबराहट, सेफ एसेट की ओर रुख बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा के अनुसार, मौजूदा हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं, जिससे निवेशकों में घबराहट साफ नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि निवेशक जोखिम वाले निवेश से पैसा निकालकर डॉलर जैसे सुरक्षित विकल्पों में लगा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी मनी मार्केट फंड्स का एसेट अंडर मैनेजमेंट 8 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच चुका है, जो इस “सेफ्टी फ्लाइट” को दर्शाता है। 48 घंटे के अल्टीमेटम से बढ़ा तनाव विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में इस गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने से हालात और बिगड़ गए हैं। इस अल्टीमेटम में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने की चेतावनी दी गई है, जो फिलहाल अपनी सामान्य क्षमता के बेहद कम स्तर पर चल रहा है। ऐसा नहीं होने पर ईरान के पावर ग्रिड पर कार्रवाई की बात कही गई है। कच्चे तेल में भारी उतार-चढ़ाव वैश्विक तनाव का असर कच्चे तेल के बाजार पर भी दिखा। Brent Crude करीब 112 डॉलर प्रति बैरल और WTI Crude Oil लगभग 98.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता रहा। सप्लाई बाधित होने की आशंका और मांग घटने के डर से कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव बना हुआ है। तनाव के बीच सोना क्यों गिरा? आमतौर पर वैश्विक संकट के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार उलटा रुझान देखने को मिला। सोने की कीमत करीब 2% गिर गई। विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक मार्जिन कॉल के दबाव में अपने गोल्ड निवेश बेचकर शेयर बाजार में हुए नुकसान की भरपाई कर रहे हैं। एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली कमजोर वैश्विक संकेतों का असर एशियाई बाजारों पर भी साफ दिखा। जापान का Nikkei 225 4% से ज्यादा गिरा हांगकांग का Hang Seng Index 3% से ज्यादा टूटा दक्षिण कोरिया का KOSPI 6% से अधिक लुढ़का इसके अलावा सिंगापुर और ताइवान के बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजार भी दबाव में शुक्रवार को अमेरिकी बाजार भी कमजोरी के साथ बंद हुए थे। Dow Jones Industrial Average करीब 1% गिरा S&P 500 में 1.5% की गिरावट Nasdaq Composite लगभग 2% टूटा

surbhi मार्च 23, 2026 0
Stock market crash screen showing Sensex and Nifty falling sharply amid global tensions and oil surge
Stock Market Crash: ट्रंप की धमकी से मचा वैश्विक हड़कंप, सेंसेक्स 1400 अंक टूटा, निफ्टी भी धड़ाम

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के अरबों रुपये कुछ ही मिनटों में स्वाहा हो गए। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही BSE Sensex 1,474.56 अंक यानी करीब 2% की गिरावट के साथ 73,058.40 पर आ गया। वहीं Nifty 50 भी 433.70 अंक (1.88%) टूटकर 22,680.80 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में ही बाजार पूरी तरह लाल निशान में डूबा नजर आया। क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी गिरावट? इस भारी गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी चेतावनी मानी जा रही है। ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ खोलने को कहा है, अन्यथा ऊर्जा ठिकानों पर हमले की धमकी दी है। इस घटनाक्रम से वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है-WTI Crude Oil $100 के करीब पहुंच गया, जबकि Brent Crude Oil $112.17 के पार चला गया। तेल की कीमतों में इस तेजी ने बाजार की घबराहट और बढ़ा दी। किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट? बाजार में आई इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर बड़े और दिग्गज शेयरों पर पड़ा। Hindalco Industries, Tata Steel, State Bank of India, Mahindra & Mahindra और HDFC Bank जैसे प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। हालांकि गिरावट के इस माहौल में Max Healthcare और ONGC जैसे कुछ शेयरों में मामूली बढ़त देखने को मिली। हर सेक्टर पर पड़ा असर इस गिरावट से कोई भी सेक्टर अछूता नहीं रहा। ऑटो, बैंकिंग, मेटल, मीडिया और PSU बैंक समेत सभी सेक्टोरल इंडेक्स 2% तक टूट गए। सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार में व्यापक कमजोरी का संकेत मिला। एशियाई बाजारों में भी ‘ब्लैक मंडे’ जैसा माहौल भारतीय बाजार के साथ-साथ एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का KOSPI 4.57% और जापान का Nikkei 4% से ज्यादा टूट गया। International Energy Agency के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि दुनिया कई दशकों के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर हो सकता है।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
Sensex and Nifty surge after oil prices fall
तेज गिरावट के बाद शेयर बाजार में सुधार: सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल, तेल कीमतों में नरमी से राहत

भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को आंशिक सुधार दिखाया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से निवेशकों को राहत मिली और बाजार में खरीदारी का माहौल बना। सुबह कारोबार के दौरान Nifty50 करीब 1.05% बढ़कर 23,243 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि BSE Sensex 1% से ज्यादा चढ़कर 74,958 के आसपास कारोबार करता दिखा। तेल कीमतों में गिरावट से बाजार को सहारा मध्य पूर्व में जारी तनाव के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। ब्रेंट क्रूड, जो गुरुवार को 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, अब घटकर करीब 107 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इस गिरावट के पीछे यूरोपीय देशों और जापान द्वारा समुद्री मार्गों की सुरक्षा के प्रयास और अमेरिका द्वारा सप्लाई बढ़ाने के संकेत अहम माने जा रहे हैं। सभी सेक्टरों में दिखी तेजी शुक्रवार को बाजार में व्यापक खरीदारी देखने को मिली और सभी 16 प्रमुख सेक्टर हरे निशान में रहे। स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में भी मजबूती रही, जहां क्रमशः 0.8% और 1.3% की बढ़त दर्ज की गई। PSU बैंक और मेटल शेयरों में उछाल पब्लिक सेक्टर बैंकिंग शेयरों में जोरदार वापसी देखने को मिली। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 3.2% की तेजी आई, जबकि State Bank of India के शेयर करीब 3% चढ़े। मेटल सेक्टर में भी तेजी रही और इसमें करीब 2.2% की बढ़त दर्ज की गई। वहीं Tata Steel के शेयर लगभग 4% उछले, जिसका कारण ब्रोकरेज द्वारा टारगेट प्राइस बढ़ाना बताया जा रहा है। IT और अन्य सेक्टरों में भी सुधार आईटी सेक्टर में भी 1.7% की बढ़त देखी गई, जो गुरुवार की गिरावट के बाद रिकवरी का संकेत है। हालांकि, HDFC Bank के शेयरों पर दबाव बना रहा और इसमें और गिरावट दर्ज की गई। रुपया कमजोर, निवेशकों में सतर्कता इस बीच भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है, जो बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की चाल फिलहाल मध्य पूर्व के घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। IPO की हलचल भी तेज इसी बीच SBI Funds Management ने IPO के लिए आवेदन किया है, जिसमें State Bank of India और Amundi अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेंगे। यह कदम बाजार में नई हलचल पैदा कर सकता है। आगे कैसा रहेगा बाजार? विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आती है और वैश्विक तनाव कम होता है, तो बाजार में तेजी जारी रह सकती है। लेकिन निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
Indian stock market surge with Sensex and Nifty showing strong gains on trading screens
शेयर बाजार में जोरदार वापसी: सेंसेक्स 700 अंक उछला, निफ्टी 23,200 के पार

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार वापसी की। गुरुवार को भारी गिरावट के बाद आज बाजार हरे निशान में खुला। Nifty50 23,200 के ऊपर खुला, जबकि BSE Sensex में 700 अंकों से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में तेजी सुबह 9:16 बजे के आसपास निफ्टी 23,229 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो करीब 227 अंक यानी लगभग 1% की बढ़त है। वहीं सेंसेक्स 74,945 के स्तर पर पहुंच गया, जिसमें करीब 738 अंकों की तेजी दर्ज की गई। यह उछाल गुरुवार की 3% से ज्यादा गिरावट के बाद निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है। बाजार में ‘उम्मीद बनाम डर’ का माहौल बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। एक तरफ वैश्विक तनाव और महंगाई की चिंता है, तो दूसरी तरफ राहत की उम्मीद भी दिख रही है। हाल के बयानों से संकेत मिला है कि पश्चिम एशिया में तनाव कुछ कम हो सकता है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी आई है। इसका सकारात्मक असर बाजार पर पड़ा है। किन सेक्टरों में दिखी मजबूती आज के कारोबार में खासकर बैंकिंग, फाइनेंशियल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में तेजी देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुवार की गिरावट के बाद इन सेक्टरों में ‘बाउंस बैक’ की संभावना पहले से ही थी, जो अब दिखने लगी है। वैश्विक संकेतों का असर एशियाई बाजारों में भी आज तेजी का माहौल रहा, जिससे भारतीय बाजार को सपोर्ट मिला। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी बाजारों में सुधार ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और मजबूत डॉलर के कारण वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी गुरुवार को विदेशी निवेशकों (FII) ने करीब 7,558 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव बना। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 3,864 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक संभाला। आगे क्या रहेगा ट्रेंड? विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अगर वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं, तो बाजार में और सुधार देखने को मिल सकता है। लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। कुल मिलाकर, शुक्रवार की शुरुआत ने यह संकेत जरूर दिया है कि गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी की ताकत मौजूद है, लेकिन आगे का रास्ता अभी भी वैश्विक संकेतों पर निर्भर रहेगा।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
Missile strike impact near Qatar LNG facility causing fire and disruption to global gas supply
कतर में मिसाइल हमले से LNG सप्लाई पर संकट, Petronet LNG और GAIL के शेयर 4% तक गिरे

कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमले की खबर के बाद भारतीय शेयर बाजार में गैस कंपनियों के स्टॉक्स दबाव में आ गए। गुरुवार को Petronet LNG और GAIL (India) के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। Petronet LNG और GAIL के शेयरों में गिरावट कारोबार के दौरान Petronet LNG का शेयर लगभग 5.85% तक टूटकर 274.55 रुपये के इंट्राडे लो पर पहुंच गया। वहीं GAIL (India) का शेयर भी करीब 3.15% गिरकर 146.2 रुपये तक फिसल गया। पिछले दो सत्रों में तेजी दिखाने वाले इन स्टॉक्स में अचानक आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। हमले से क्यों बढ़ी चिंता? कतर का रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी दुनिया का सबसे बड़ा LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) निर्यात केंद्र माना जाता है। यहां से वैश्विक LNG सप्लाई का बड़ा हिस्सा जाता है। कतर अधिकारियों के अनुसार, इस इलाके पर ईरान की ओर से मिसाइल हमला किया गया, जिसमें कई हमले नाकाम किए गए, लेकिन एक मिसाइल टकराने से नुकसान हुआ। इसके बाद आग लगने की घटनाएं भी सामने आईं। ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी QatarEnergy ने बताया कि कई LNG सुविधाएं प्रभावित हुई हैं और वहां बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। वैश्विक सप्लाई पर असर, भारत भी प्रभावित रास लाफान वैश्विक गैस सप्लाई का अहम केंद्र है। यहां किसी भी तरह की बाधा से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ता है। भारत की कंपनियां जैसे Petronet LNG LNG आयात पर काफी निर्भर हैं। ऐसे में सप्लाई बाधित होने की आशंका से इन कंपनियों के मार्जिन और भविष्य की लागत पर असर पड़ सकता है। मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव यह हमला ऐसे समय हुआ है जब मध्य पूर्व में पहले से ही तनाव चरम पर है। हाल ही में इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को निशाना बनाने के बाद हालात और बिगड़ गए। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि कतर, सऊदी अरब और यूएई के ऊर्जा प्रतिष्ठान भी निशाने पर आ सकते हैं। इसी कड़ी में अब यह हमला क्षेत्रीय संकट को और गहरा करता दिख रहा है। अमेरिका की चेतावनी अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अगर कतर की LNG सुविधाओं पर दोबारा हमला हुआ तो अमेरिका कड़ी प्रतिक्रिया देगा।  

surbhi मार्च 19, 2026 0
HDFC Bank building with falling stock chart after chairman Atanu Chakraborty resignation news
HDFC बैंक में बड़ा झटका: चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे से बाजार में हलचल, शेयरों में तेज गिरावट

देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank में अचानक हुए शीर्ष स्तर के बदलाव ने निवेशकों और बाजार को चौंका दिया है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन Atanu Chakraborty ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद बैंक के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई और निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया। बाजार में तुरंत असर, 5% से ज्यादा टूटा शेयर इस्तीफे की खबर सामने आते ही शेयर बाजार में नकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। सुबह कारोबार के दौरान HDFC Bank के शेयरों में भारी बिकवाली हुई और यह 5% से ज्यादा गिरकर करीब ₹800.90 तक पहुंच गया। यह गिरावट दर्शाती है कि निवेशक इस घटनाक्रम को लेकर असहज हैं और बैंक की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। इस्तीफे की वजह ने बढ़ाई चिंता Atanu Chakraborty ने अपने इस्तीफे में जो कारण बताया, उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में बैंक के कामकाज और उनकी व्यक्तिगत “values और ethics” के बीच सामंजस्य नहीं बन पा रहा था। हालांकि उन्होंने किसी विशेष घटना या प्रक्रिया का उल्लेख नहीं किया, लेकिन इस तरह का बयान कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर गंभीर संकेत देता है और यही वजह है कि बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। तय कार्यकाल से पहले छोड़ा पद गौरतलब है कि Atanu Chakraborty को मई 2021 में पहली बार तीन साल के लिए नियुक्त किया गया था। इसके बाद 2024 में उन्हें दूसरा कार्यकाल दिया गया, जो 2027 तक चलना था। लेकिन बीच कार्यकाल में इस्तीफा देना इस फैसले को और असामान्य बनाता है। केकी मिस्त्री को मिली अंतरिम जिम्मेदारी इस्तीफे के तुरंत बाद बैंक ने नेतृत्व में स्थिरता बनाए रखने के लिए कदम उठाया है। Reserve Bank of India ने Keki Mistry को तीन महीने के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। 19 मार्च से प्रभावी इस नियुक्ति के साथ अब मिस्त्री बैंक की कमान संभालेंगे और इस संक्रमण काल में स्थिरता बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाएंगे। बैंक की साख पर क्या असर? HDFC Bank देश का सबसे बड़ा निजी बैंक है और मार्केट कैप के हिसाब से भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी भी है। ऐसे में चेयरमैन का “एथिक्स” का हवाला देकर इस्तीफा देना केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि बैंक की छवि और भरोसे पर भी असर डाल सकता है। फिलहाल निवेशक और बाजार दोनों इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि बैंक की ओर से इस मुद्दे पर और क्या जानकारी सामने आती है। आने वाले समय में यह घटनाक्रम बैंकिंग सेक्टर के लिए भी अहम संकेत साबित हो सकता है।  

surbhi मार्च 19, 2026 0
Indian stock market news
Stock Market: शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल, सेंसेक्स 2000 अंक टूटा

मुंबई, एजेंसियां। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार को शेयर बाजार लाल निशान पर खुला। वहीं पिछले दिन बुधवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 633.29 अंक उछलकर 76,704.13 अंक पर बंद हुआ था, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 196.65 अंक की बढ़त के साथ 23,777.80 पर बंद हुआ था।पश्चिम एशिया तनाव से गुरुवार को बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। प्री-ओपनिंग में सेंसेक्स करीब 2000 अंक तक गिरा। हालांकि खुद को संभालते हुए शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1640.47 अंक या 2.14% गिरकर 75,063.66 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 496.35 अंक या 2.09% गिरकर 23,281.45 अंक पर आ गया।

Anjali Kumari मार्च 19, 2026 0
Adani Power stock chart showing sharp weekly rise with strong technical indicators and power project growth
Adani Power में तेजी बरकरार: एक हफ्ते में 13% उछाल, क्या आगे भी रहेगा दम?

Adani Power के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। मंगलवार को स्टॉक 2% से ज्यादा चढ़कर करीब ₹157 के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले चार महीनों का उच्चतम स्तर है। बीते एक सप्ताह में यह शेयर लगभग 13% तक उछल चुका है। बड़ी डील से मिला बूस्ट इस तेजी की सबसे बड़ी वजह Maharashtra State Electricity Distribution Company (MSEDCL) से मिला 1600 मेगावाट बिजली आपूर्ति का बड़ा ऑर्डर है। कंपनी को यह ज़िम्मा सबसे कम टैरिफ (₹5.30 प्रति यूनिट) की बोली लगाकर मिला है। यह बिजली कंपनी के आगामी अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट से सप्लाई की जाएगी। 25 साल का पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) FY31 से शुरू होने की संभावना है।   बढ़ती बिजली की मांग से भी सपोर्ट गर्मी के मौसम में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना के चलते देश में बिजली की मांग बढ़ने का अनुमान है। इसका सीधा फायदा पावर कंपनियों को मिल सकता है, जिससे निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है।   टेक्निकल संकेत दे रहे मजबूती मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्टॉक का टेक्निकल सेटअप भी मजबूत नजर आ रहा है। शेयर ₹136 के आसपास मजबूत सपोर्ट से उछला है शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है RSI 60 के ऊपर पहुंच चुका है, जो तेजी का संकेत देता है विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक ₹155 के आसपास खरीदारी कर सकते हैं, जबकि ₹145 का स्टॉप लॉस रखना बेहतर रहेगा।   लंबी अवधि के लिए मजबूत ऑर्डर बुक कंपनी ने हाल के समय में 10,400 मेगावाट की कुल क्षमता के पांच बड़े लॉन्ग-टर्म पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) हासिल किए हैं। कुल 23.8 GW की पाइपलाइन में से 13.3 GW पहले ही लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट में जुड़ चुका है मौजूदा 18.15 GW ऑपरेटिंग कैपेसिटी का 95% हिस्सा पहले से ही PSA के तहत सुरक्षित है यह कंपनी के लिए स्थिर आय और भविष्य की ग्रोथ का मजबूत आधार बनाता है।   कंपनी का क्या कहना है? कंपनी के CEO एसबी ख्यालिया के अनुसार, यह डील कंपनी की प्रतिस्पर्धी लागत और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि Adani Power देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।   आगे क्या करें निवेशक? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मजबूत ऑर्डर बुक, बढ़ती मांग और बेहतर टेक्निकल संकेतों के चलते स्टॉक में आगे भी तेजी बनी रह सकती है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली (profit booking) के चलते उतार-चढ़ाव भी संभव है।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
Apar Industries brokerage rating update highlighting target price ₹9629
Apar Industries पर Prabhudas Lilladher की नई राय: ₹9629 टारगेट, ‘BUY’ से घटाकर ‘Accumulate’ रेटिंग

ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Apar Industries को लेकर अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है। कंपनी के मैनेजमेंट से बातचीत के बाद ब्रोकरेज ने शेयर पर ₹9,629 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए रेटिंग को ‘BUY’ से घटाकर ‘Accumulate’ कर दिया है।   US-Iran तनाव का सीमित असर, लेकिन जोखिम बरकरार रिपोर्ट के मुताबिक, US-Iran तनाव का कंपनी पर सीधा असर फिलहाल सीमित है, क्योंकि मिडिल ईस्ट से कंपनी की कमाई का हिस्सा केवल 6–7% के आसपास है। हालांकि, स्थिति बिगड़ने पर शिपिंग लागत, बीमा खर्च और कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।   मजबूत डिमांड और 10% वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान कंपनी का अनुमान है कि करीब 10% तक बिक्री (वॉल्यूम) बढ़ सकती है, खासकर कंडक्टर सेगमेंट में। यह बढ़त बेहतर और महंगे प्रोडक्ट, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अमेरिका में बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने व रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती मांग की वजह से होगी।   केबल बिजनेस बना ग्रोथ का बड़ा इंजन Apar Industries का केबल बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है। करीब 20% से ज्यादा सालाना ग्रोथ (YoY) का अनुमान मीडियम टर्म में ~11% EBITDA मार्जिन लगभग ₹8000 करोड़ के कैपेक्स से विस्तार बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और ऑपरेटिंग लीवरेज से इस सेगमेंट में और तेजी की उम्मीद है।   डेटा सेंटर सेक्टर से नई संभावनाएं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि डेटा सेंटर सेक्टर कंपनी के लिए नया ग्रोथ ड्राइवर बन सकता है। किसी भी डेटा सेंटर प्रोजेक्ट में केबल्स का हिस्सा 4–5% तक होता है, जिससे आने वाले समय में मांग और बढ़ सकती है।   P/E वैल्यूएशन और टारगेट स्टॉक फिलहाल FY27 और FY28 के अनुमानित मुनाफे पर क्रमशः 31 गुना  और 26 गुना  के P/E पर ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज ने अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट के लिए वैल्यूएशन इस तरह रखा है: कंडक्टर: 34 गुना  केबल्स: 34 गुना  स्पेशलिटी ऑयल्स: 12 गुना  इन सबके आधार पर SoTP (Sum of the Parts) मॉडल से ₹9,629 का टारगेट प्राइस तय किया गया है।   निवेशकों के लिए क्या संकेत? ब्रोकरेज के अनुसार, लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ कहानी मजबूत बनी हुई है, लेकिन मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ‘Accumulate’ रेटिंग का मतलब है कि निवेशक गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
stock market starts flat
शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, जानें सेंसेक्स-निफ्टी का हाल

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार सोमवार को सपाट खुला। वहीं पिछले दिन शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1470.50  अंक गिरकर 74,563.92 अंक पर बंद हुआ था, जबकि एनएसई निफ्टी 488.05 अंक गिरकर 23,151.10 अंक पर बंद हुआ था।आज हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ खुला। बाजार में उठापटक की स्थिति देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 24.79 अंक चढ़कर 74,588.71 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 29.20 अंक या 23,180.30 अंक पर आ गया।

Anjali Kumari मार्च 16, 2026 0
शेयर बाजारों में भारी गिरावट
शेयर बाजारों में भारी गिरावट, भारत में निवेशकों के 39 लाख करोड़ डूबे

मुंबई, एजेंसियां। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला है। 27 फरवरी से ही वैश्विक बाजारों का सेंटीमेंट कमजोर होना शुरू हो गया था और इसके बाद निवेशकों में भारी घबराहट देखने को मिली। इसका सबसे ज्यादा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा, जहां प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। भारतीय बाजार में 9% से ज्यादा की गिरावट BSE Sensex और Nifty 50 में 26 फरवरी के बाद से 9 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। सेंसेक्स 82,248 अंकों से गिरकर करीब 74,563 अंक पर आ गया, जबकि निफ्टी 25,496 अंकों से घटकर लगभग 23,151 अंक पर पहुंच गया। शुक्रवार को भी बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स करीब 1,470 अंक टूट गया। अमेरिकी बाजार भी दबाव में वैश्विक असर से अमेरिकी शेयर बाजार भी अछूते नहीं रहे ।नैस्डेक में लगभग 3.38%, S&P 500 में करीब 4% और Dow Jones Industrial Average में लगभग 6% तक गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार युद्ध और आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी है। भारतीय निवेशकों को भारी नुकसान भारतीय बाजार में गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा है। आंकड़ों के मुताबिक 26 फरवरी के बाद से बीएसई का मार्केट कैप करीब 39 लाख करोड़ रुपये घट गया है। यानी इतने बड़े पैमाने पर निवेशकों की संपत्ति कम हो गई है। कच्चे तेल और विदेशी बिकवाली का असर विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जो भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि देश अपनी जरूरत का लगभग 88% तेल आयात करता है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, रुपये में कमजोरी और महंगाई बढ़ने की आशंका भी बाजार में गिरावट की बड़ी वजह बन रही है।

Anjali Kumari मार्च 14, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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नालंदा मंदिर हादसा: भीड़ ने ली 8 महिलाओं की जान, धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ जैसी स्थिति

surbhi मार्च 31, 2026 0