अप्रैल 2026 सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहद अहम महीना साबित हो रहा है। देशभर में कई बड़ी भर्तियां जारी हैं, जिनमें भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, रेलवे भर्ती बोर्ड और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसी संस्थाओं में नौकरी पाने का सुनहरा मौका मिल रहा है। अगर आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो यह आखिरी मौका हो सकता है क्योंकि अधिकांश भर्तियों की अंतिम तिथि इसी महीने समाप्त हो रही है। सही समय पर आवेदन करना उतना ही जरूरी है जितनी आपकी तैयारी। अप्रैल 2026 की टॉप 10 सरकारी नौकरियां 1. MPLRS डाटा एंट्री ऑपरेटर भर्ती मध्य प्रदेश भू-अभिलेख प्रबंधन समिति ने 770 पदों पर वैकेंसी निकाली है। 12वीं पास और CPCT सर्टिफिकेट धारक आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि: 03 अप्रैल 2026 2. भारतीय सेना अग्निवीर भर्ती अग्निवीर के विभिन्न पदों- GD, टेक्निकल, क्लर्क, ट्रेड्समैन आदि पर भर्ती जारी है। अंतिम तिथि: 10 अप्रैल 2026 3. BPSC 33वीं न्यायिक सेवा भर्ती बिहार में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के 173 पदों पर भर्ती। LLB और अनुभव जरूरी। अंतिम तिथि: 30 अप्रैल 2026 4. भारतीय नौसेना अग्निवीर SSR/MR भर्ती 10वीं-12वीं पास उम्मीदवारों के लिए बेहतरीन अवसर। अंतिम तिथि: 06 अप्रैल 2026 5. SSB कॉन्स्टेबल ट्रेड्समैन भर्ती सशस्त्र सीमा बल में 800+ पदों पर भर्ती। अंतिम तिथि: 20 अप्रैल 2026 6. बैंक ऑफ बड़ौदा भर्ती वेल्थ मैनेजमेंट विभाग में ग्रुप हेड और डिप्टी मैनेजर पद। अंतिम तिथि: 16 अप्रैल 2026 7. भारतीय नौसेना MR (म्यूजिशियन) भर्ती 10वीं पास और संगीत में दक्ष उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि: 26 अप्रैल 2026 8. UP को-ऑपरेटिव बैंक भर्ती मैनेजर, जूनियर मैनेजर और कैशियर समेत 116 पद। अंतिम तिथि: 15 अप्रैल 2026 9. APSSB भर्ती 2026 अरुणाचल प्रदेश में 984 पदों पर कॉन्स्टेबल, फायरमैन आदि की भर्ती। अंतिम तिथि: 10 अप्रैल 2026 10. साउथ सेंट्रल रेलवे अप्रेंटिस भर्ती 2801 अप्रेंटिस पद, 10वीं + ITI पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि: 11 अप्रैल 2026 क्यों जरूरी है समय पर आवेदन? सरकारी नौकरी में सफलता केवल तैयारी पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सही समय पर आवेदन करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हर भर्ती आपके लिए एक नया मौका होती है, इसलिए किसी भी अवसर को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि उम्मीदवार अपनी योग्यता के अनुसार अधिक से अधिक भर्तियों में आवेदन करें, ताकि चयन की संभावनाएं बढ़ सकें।
रांची: झारखंड में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 21 मई 2026 तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तिथि के भीतर आवेदन कर सकते हैं। यह परीक्षा राज्य के प्राथमिक (कक्षा 1–5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6–8) विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए आवश्यक पात्रता तय करती है। महत्वपूर्ण तिथियां आवेदन शुरू: 21 अप्रैल 2026 अंतिम तिथि: 21 मई 2026 पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सूचना जिन उम्मीदवारों ने पहले विज्ञापन संख्या 30/2024 के तहत आवेदन किया था, उन्हें भी दोबारा आवेदन करना अनिवार्य होगा। हालांकि, ऐसे अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्हें नए नियमों के अनुसार: भाषा-2 का चयन करना होगा पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट करनी होगी शैक्षणिक योग्यता प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों की योग्यता अधिसूचना संख्या 487 (दिनांक 26.03.2026) के अनुसार निर्धारित की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिफिकेशन देख सकते हैं। आरक्षित वर्ग को राहत SC/ST/OBC/EBC/दिव्यांग अभ्यर्थियों को न्यूनतम अंकों में 5% की छूट दी जाएगी ट्रेनिंग कर रहे अभ्यर्थियों को भी मौका जो उम्मीदवार शिक्षक प्रशिक्षण (Training) की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते: निर्धारित तिथि तक अंतिम अंकपत्र जमा करें परिणाम जारी होने से पहले दस्तावेज सत्यापन कराएं यह प्रक्रिया NCTE के दिशा-निर्देश और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार होगी। जरूरी नियम आवेदन करने से पात्रता स्वतः प्रमाणित नहीं होगी अंतिम सत्यापन नियुक्ति के समय जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा किया जाएगा उम्मीदवार अपने अंक सुधार के लिए एक से अधिक बार परीक्षा दे सकते हैं आयु सीमा न्यूनतम आयु: 21 वर्ष (1 अगस्त 2026 तक) अधिकतम आयु: राज्य सरकार के नियमानुसार विशेष छूट पारा शिक्षकों को सेवा अवधि के बराबर छूट (अधिकतम 58 वर्ष तक) 2016–2026 के बीच परीक्षा अंतराल को देखते हुए अधिकतम 9 वर्ष की छूट क्यों जरूरी है JTET? JTET पास करना झारखंड में सरकारी शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य पात्रता है। ध्यान रखें कि यह परीक्षा केवल पात्रता तय करती है, सीधे नौकरी नहीं देती। अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह आवेदन से पहले नियमावली ध्यान से पढ़ें भाषा चयन सोच-समझकर करें सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें अंतिम तिथि का इंतजार न करें
सरकारी बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव इंस्टीट्यूशनल सर्विस बोर्ड (UPCISB) ने मैनेजर, जूनियर मैनेजर, असिस्टेंट/कैशियर समेत विभिन्न पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है, और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। कुल 116 पदों पर यह भर्ती की जा रही है, जो बैंकिंग सेक्टर में एंट्री का शानदार अवसर है। कितने पदों पर भर्ती? भर्ती के तहत विभिन्न पदों पर वैकेंसी इस प्रकार है: मैनेजर – 07 पद जूनियर मैनेजर – 45 पद असिस्टेंट/कैशियर – 57 पद असिस्टेंट/टाइपिस्ट – 02 पद असिस्टेंट इंजीनियर (AE सिविल) – 05 पद कुल पद: 116 योग्यता: किस पद के लिए क्या जरूरी? मैनेजर कॉमर्स/इकोनॉमिक्स/मैथ/स्टैटिस्टिक्स में बैचलर डिग्री (कम से कम 55%) या B.Tech/BE/BCA/MCA/BBA/MBA जूनियर मैनेजर संबंधित विषय में बैचलर डिग्री (55%) कंप्यूटर में O Level या समकक्ष योग्यता असिस्टेंट/कैशियर किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन (55%) CCC कंप्यूटर सर्टिफिकेट अनिवार्य असिस्टेंट/टाइपिस्ट ग्रेजुएशन + हिंदी/अंग्रेजी टाइपिंग स्पीड 30-40 wpm CCC सर्टिफिकेट असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री आयु सीमा और सैलरी आयु सीमा: 21 से 40 वर्ष (आरक्षण के अनुसार छूट लागू) सैलरी: ₹15,290 से ₹88,000 प्रति माह (पद के अनुसार) महत्वपूर्ण तिथियां आवेदन शुरू: 25 मार्च 2026 अंतिम तिथि: 15 अप्रैल 2026 चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन दो चरणों में होगा: प्रीलिम्स परीक्षा 100 प्रश्न, 100 अंक मेन्स परीक्षा 120 प्रश्न, 200 अंक दोनों परीक्षाएं ऑब्जेक्टिव मोड में आयोजित की जाएंगी। आवेदन कैसे करें? आधिकारिक वेबसाइट upcisb.upsdc.gov.in पर जाएं “New Registration” पर क्लिक करें नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज करें रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगइन करें फॉर्म भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें आवेदन शुल्क जमा करें और फॉर्म का प्रिंट सुरक्षित रखें
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 300 पदों को भरा जाएगा, जिसमें 7वीं पास उम्मीदवारों से लेकर ग्रेजुएट और प्रोफेशनल डिग्रीधारकों तक के लिए अवसर उपलब्ध हैं। इस भर्ती की सबसे खास बात इसकी आकर्षक सैलरी है, जो अधिकतम ₹1,47,760 प्रति माह तक जाती है। ऐसे में यह अवसर उन उम्मीदवारों के लिए बेहद अहम है, जो स्थायी और प्रतिष्ठित नौकरी की तलाश में हैं। किन पदों पर निकली है भर्ती? इस भर्ती अभियान में कई महत्वपूर्ण पद शामिल हैं, जैसे: सेक्शन ऑफिसर सीनियर सिस्टम ऑफिसर कंप्यूटर ऑपरेटर असिस्टेंट लाइब्रेरियन लाइब्रेरियन ग्रेड-II स्टेनोग्राफर असिस्टेंट/एग्जामिनर टाइपिस्ट डाटा एंट्री ऑपरेटर ऑफिस सबऑर्डिनेट सबसे अधिक 78 पद असिस्टेंट के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि टाइपिस्ट और डाटा एंट्री ऑपरेटर के लिए भी बड़ी संख्या में वैकेंसी मौजूद हैं। योग्यता: किस पद के लिए क्या जरूरी? भर्ती में अलग-अलग पदों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता तय की गई है: सेक्शन ऑफिसर: लॉ में 3 या 5 साल की डिग्री सीनियर सिस्टम ऑफिसर: B.Tech (CS/IT/ECE/EEE) या M.Sc (Computer Science) + 5 साल का अनुभव कंप्यूटर ऑपरेटर: कंप्यूटर साइंस में डिग्री + 45 wpm टाइपिंग असिस्टेंट लाइब्रेरियन: लॉ डिग्री + B.Li.Sc + कंप्यूटर सर्टिफिकेट लाइब्रेरियन ग्रेड-II: ग्रेजुएशन + B.Li.Sc स्टेनोग्राफर: ग्रेजुएशन + 120 wpm शॉर्टहैंड + 45 wpm टाइपिंग टाइपिस्ट/DEO: ग्रेजुएशन + 45 wpm टाइपिंग ऑफिस सबऑर्डिनेट: न्यूनतम 7वीं पास आयु सीमा और सैलरी आयु सीमा: 18 से 42 वर्ष (आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट) सैलरी: ₹20,000 से ₹1,47,760 प्रति माह (पदानुसार) आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां आवेदन शुरू: 30 मार्च 2026 अंतिम तिथि: 19 अप्रैल 2026 आवेदन माध्यम: ऑनलाइन (आधिकारिक वेबसाइट aphc.gov.in) चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों में किया जाएगा: कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम (CBT) स्किल टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन आवेदन शुल्क सामान्य/EWS/BC: ₹800 SC/ST/PH: ₹400
Central Board of Secondary Education द्वारा आयोजित Central Teacher Eligibility Test (CTET) 2026 के लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। बोर्ड की ओर से जल्द ही रिजल्ट जारी किए जाने की संभावना है। 8 फरवरी 2026 को आयोजित परीक्षा और कुछ केंद्रों पर 1 मार्च को हुए री-एग्जाम के बाद से उम्मीदवार लगातार नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। Answer Key के बाद अब रिजल्ट की बारी CTET की आंसर की 12 मार्च 2026 को जारी कर दी गई थी, जिसमें पेपर 1 और पेपर 2 दोनों शामिल थे। उम्मीदवारों को 15 मार्च तक आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया गया था। अब ऑब्जेक्शन विंडो बंद हो चुकी है और बोर्ड द्वारा रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखें तो आंसर की पर आपत्तियां बंद होने के लगभग 10–12 दिनों के भीतर रिजल्ट जारी कर दिया जाता है। ऐसे में इस बार भी रिजल्ट किसी भी समय आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जा सकता है। CTET पास करने के क्या फायदे हैं? CTET परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जाती है, जो सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की इच्छा रखते हैं। पेपर 1: कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए पेपर 2: कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए इस परीक्षा को पास करने के बाद मिलने वाला सर्टिफिकेट अब लाइफटाइम वैलिड होता है, जो केंद्र और कई राज्यों में शिक्षक भर्ती के लिए जरूरी योग्यता मानी जाती है। ऐसे डाउनलोड करें CTET 2026 स्कोरकार्ड रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार इन आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं: आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाएं होमपेज पर “CTET Result 2026” लिंक पर क्लिक करें जरूरी डिटेल्स दर्ज करें पेपर (Paper 1 या Paper 2) का चयन करें स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे वेबसाइट पर नजर बनाए रखें, ताकि रिजल्ट जारी होते ही तुरंत चेक कर सकें।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। Sashastra Seema Bal (SSB) ने कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल के कुल 1060 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 मार्च 2026 से शुरू होगी, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। कितने पदों पर होगी भर्ती इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1060 पदों को भरा जाएगा, जिनमें: कांस्टेबल: 827 पद हेड कांस्टेबल: 233 पद यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो रक्षा और अर्धसैनिक बलों में करियर बनाना चाहते हैं। योग्यता और आयु सीमा आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से 10वीं या 12वीं पास का प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। न्यूनतम आयु: 18 वर्ष अधिकतम आयु: 27 वर्ष आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। आवेदन शुल्क जनरल / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस: ₹100 एससी / एसटी / महिला / पूर्व सैनिक: शुल्क में छूट उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन कई चरणों के आधार पर किया जाएगा: शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) शारीरिक मानक परीक्षण (PST) लिखित परीक्षा स्किल / टाइपिंग टेस्ट दस्तावेज़ सत्यापन मेडिकल परीक्षण सैलरी (वेतनमान) चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार ₹21,700 से ₹81,100 प्रति माह तक वेतन दिया जाएगा, जो इसे एक आकर्षक सरकारी नौकरी बनाता है। कैसे करें आवेदन उम्मीदवार आवेदन के लिए Staff Selection Commission की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद: वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें लॉगिन कर आवेदन फॉर्म भरें आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें शुल्क का भुगतान करें फॉर्म सबमिट कर प्रिंट आउट सुरक्षित रखें
देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। Union Public Service Commission (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 (CSE 2025) के प्रीलिम्स, मेंस और फाइनल चरण की कट-ऑफ मार्क्स आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। आयोग के अनुसार, अंतिम परिणाम में जनरल कैटेगरी का फाइनल कट-ऑफ 963 अंक रहा है। वहीं अन्य श्रेणियों में भी कट-ऑफ अलग-अलग तय किया गया है। प्रीलिम्स परीक्षा की कट-ऑफ UPSC के अनुसार, प्रीलिम्स परीक्षा की कट-ऑफ केवल GS पेपर-1 के आधार पर तय की जाती है, जबकि GS पेपर-2 (CSAT) केवल क्वालिफाइंग होता है, जिसमें न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। प्रीलिम्स 2025 के लिए विभिन्न श्रेणियों की कट-ऑफ इस प्रकार है: जनरल: 92.66 EWS: 89.34 OBC: 92.00 SC: 84.00 ST: 82.66 वहीं PwBD (दिव्यांग) श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ 76.66 से 40.66 अंकों के बीच रही। मेंस परीक्षा के लिए कट-ऑफ मेंस परीक्षा में इंटरव्यू के लिए क्वालिफाई करने की कट-ऑफ भी आयोग ने जारी की है। जनरल: 739 EWS: 706 OBC: 717 SC: 700 ST: 694 फाइनल कट-ऑफ अंतिम परिणाम में मेंस परीक्षा और पर्सनैलिटी टेस्ट (इंटरव्यू) के अंकों को मिलाकर फाइनल मेरिट तैयार की जाती है। जनरल: 963 EWS: 926 OBC: 931 SC: 905 ST: 902 958 उम्मीदवारों की सिफारिश Union Public Service Commission ने बताया कि UPSC CSE 2025 में कुल 958 उम्मीदवारों को चयनित कर विभिन्न सेवाओं के लिए नियुक्ति की सिफारिश की गई है। इनमें प्रमुख सेवाएं IAS, IPS, IFS और अन्य केंद्रीय सेवाएं शामिल हैं। परीक्षा का परिणाम 6 मार्च को घोषित किया गया था। आयोग ने यह भी बताया कि उम्मीदवारों के प्राप्तांक परिणाम घोषित होने के 15 दिनों के भीतर, यानी 20 मार्च तक, आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। टाई-ब्रेकिंग का नियम आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि दो या अधिक उम्मीदवारों के कुल अंक समान होते हैं, तो रैंक तय करने के लिए विशेष नियम लागू किए जाते हैं। सबसे पहले निबंध (Essay), सामान्य अध्ययन के चारों पेपर (GS-1, GS-2, GS-3, GS-4) और पर्सनैलिटी टेस्ट में प्राप्त अंकों के आधार पर उच्च अंक पाने वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाती है। यदि इसके बाद भी अंक समान रहते हैं, तो केवल अनिवार्य लिखित पेपरों में अधिक अंक पाने वाले उम्मीदवार को ऊपर रखा जाता है। इसके बावजूद यदि बराबरी बनी रहती है, तो उम्र में वरिष्ठ उम्मीदवार को उच्च रैंक दी जाती है। UPSC द्वारा कट-ऑफ जारी होने के बाद अब अभ्यर्थियों को परीक्षा की प्रतिस्पर्धा और चयन के स्तर का स्पष्ट अंदाजा मिल गया है।
Bihar Civil Court ने सिविल कोर्ट पीयन भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया था, वे अब आधिकारिक वेबसाइट District Court Patna के पोर्टल patna.dcourts.gov.in पर जाकर अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। भर्ती के तहत पीयन पद के लिए प्रारंभिक परीक्षा 15 मार्च 2026 को बिहार के विभिन्न जिलों में आयोजित की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एडमिट कार्ड केवल ऑनलाइन ही उपलब्ध होगा और किसी भी उम्मीदवार को इसकी हार्ड कॉपी अलग से नहीं भेजी जाएगी। राज्य के कई जिलों में होगी परीक्षा पटना के Centralised Selection and Appointment Committee-cum-Principal District and Sessions Judge कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार, परीक्षा राज्य के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। उम्मीदवारों को अपने एडमिट कार्ड में दिए गए परीक्षा केंद्र, तारीख और शिफ्ट के अनुसार ही परीक्षा में शामिल होना होगा। यात्रा और अन्य खर्च खुद उठाने होंगे समिति ने यह भी बताया है कि परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को यात्रा और अन्य खर्च स्वयं वहन करने होंगे। परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के दौरान होने वाली किसी भी तरह की हानि या दुर्घटना के लिए समिति जिम्मेदार नहीं होगी। पद के नाम में किया गया बदलाव केंद्रीकृत समिति ने 27 मार्च 2025 को पारित प्रस्ताव के अनुसार Employment Notice No. 04/2022 में उल्लेखित पद के नाम में बदलाव किया है। पहले जिस पद को “Peon/Orderly” कहा जाता था, उसे अब “Attendant [Peon (General + Orderly)]” के रूप में पढ़ा जाएगा। 15 मार्च को होने वाली यह प्रारंभिक परीक्षा बिहार सिविल कोर्ट भर्ती प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है। इस भर्ती अभियान के तहत बिहार सिविल कोर्ट सिस्टम में कई श्रेणियों के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट patna.dcourts.gov.in पर जाएं। Bihar Civil Court Peon Admit Card 2026 लिंक पर क्लिक करें। अपनी लॉगिन डिटेल्स (रजिस्ट्रेशन नंबर/जन्म तिथि) दर्ज करें। एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड और वैध फोटो आईडी साथ लेकर ही पहुंचें।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) भारतीय पुलिस सेवा (IPS) भारतीय विदेश सेवा (IFS) भारतीय राजस्व सेवा (IRS) भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं 979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें 15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98 EWS: 85.92 OBC: 87.28 SC: 79.03 ST: 74.23 आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज