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SSC Stenographer Recruitment 2026 Open

12वीं पास युवाओं के लिए बड़ा मौका: SSC स्टेनोग्राफर के 731 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
SSC Stenographer 2026 recruitment notification for 731 Grade C and D vacancies
SSC Stenographer Recruitment 2026 Apply Online

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। Staff Selection Commission (SSC) ने स्टेनोग्राफर ग्रेड C और D पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत कुल 731 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

खास बात यह है कि इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का सिर्फ 12वीं पास होना जरूरी है, जिससे बड़ी संख्या में युवा इसके लिए पात्र बनते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)

  • आवेदन शुरू: 24 अप्रैल 2026
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 15 मई 2026
  • फीस जमा करने की अंतिम तिथि: 16 मई 2026
  • करेक्शन विंडो: 20–21 मई 2026
  • परीक्षा (संभावित): जुलाई – अगस्त 2026

कौन कर सकता है आवेदन?

स्टेनोग्राफर ग्रेड C और D के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए:

  • किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना अनिवार्य
  • आयु सीमा:
    • ग्रेड D: 18 से 27 वर्ष
    • ग्रेड C: अधिकतम 30 वर्ष
  • आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

उम्मीदवार Staff Selection Commission (SSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. वेबसाइट पर जाकर न्यू रजिस्ट्रेशन करें
  2. रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें
  3. “Stenographer Grade C & D Examination 2026” लिंक पर क्लिक करें
  4. आवश्यक जानकारी भरें
  5. आवेदन शुल्क जमा करें
  6. फॉर्म सबमिट कर प्रिंटआउट सुरक्षित रखें

परीक्षा पैटर्न (Exam Pattern)

SSC स्टेनोग्राफर परीक्षा की खास बात यह है कि इसमें गणित (Maths) से कोई सवाल नहीं पूछा जाता।

पेपर में शामिल होंगे:

  • जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग: 50 प्रश्न
  • जनरल अवेयरनेस: 50 प्रश्न
  • इंग्लिश लैंग्वेज और कॉम्प्रिहेंशन: 100 प्रश्न

इसके अलावा:

  • प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी

क्यों खास है यह भर्ती?

यह भर्ती उन युवाओं के लिए खास है:

  • जो 12वीं के बाद सरकारी नौकरी चाहते हैं
  • जिनकी शॉर्टहैंड और टाइपिंग पर अच्छी पकड़ है
  • जो केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों में करियर बनाना चाहते हैं
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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यूपी असिस्टेंट प्रोफेसर रिजल्ट 2026 जारी, 3,155 उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट

लखनऊ, एजेंसियां।  उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने 18 और 19 अप्रैल 2026 को आयोजित परीक्षा में हिस्सा लिया था, वे अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट डाउनलोड कर सकते हैं।   3,155 उम्मीदवार अगले चरण के लिए चयनित इस भर्ती परीक्षा के तहत कुल 39,192 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे। आयोग ने इनमें से 3,155 उम्मीदवारों को अगले चरण यानी इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया है। यह रिजल्ट पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किया गया है, जिसमें चयनित उम्मीदवारों के रोल नंबर शामिल हैं।   981 पदों पर होनी है भर्ती इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 981 पदों को भरा जाएगा। लिखित परीक्षा के बाद अब चयनित उम्मीदवारों को इंटरव्यू चरण में शामिल होना होगा, जो अंतिम चयन के लिए निर्णायक होगा।   ऐसे करें रिजल्ट डाउनलोड   उम्मीदवार निम्नलिखित स्टेप्स से अपना रिजल्ट देख और डाउनलोड कर सकते हैं—   सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाएं होमपेज पर “NOTICE BOARD” सेक्शन पर क्लिक करें “UPHESC Assistant Professor Result 2026” लिंक चुनें स्क्रीन पर रिजल्ट पीडीएफ खुल जाएगा इसे डाउनलोड कर भविष्य के लिए प्रिंट निकाल लें जल्द जारी होगी इंटरव्यू की तारीख   UPESSC ने बताया है कि चयनित उम्मीदवारों को जल्द ही इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इंटरव्यू की तारीख आयोग की वेबसाइट पर अलग से जारी की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट चेक करते रहें।   परीक्षा प्रक्रिया और चयन यह परीक्षा 18 और 19 अप्रैल 2026 को विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की गई थी। पूरी चयन प्रक्रिया लिखित परीक्षा और इंटरव्यू पर आधारित है। अंतिम चयन इंटरव्यू प्रदर्शन और मेरिट के आधार पर किया जाएगा।   उम्मीदवारों में बढ़ी उत्सुकता रिजल्ट जारी होने के बाद चयनित उम्मीदवारों में खुशी और उत्साह का माहौल है, जबकि इंटरव्यू से पहले तैयारी तेज हो गई है। आयोग की ओर से यह प्रक्रिया जल्द पूरी करने की तैयारी की जा रही है ताकि खाली पदों को भरा जा सके।

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सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए जून 2026 का यह सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण है। रेलवे, भारतीय सेना, यूपीएससी, बैंकिंग और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में निकली कई बड़ी भर्तियों की आवेदन प्रक्रिया 14 जून तक समाप्त होने वाली है। ऐसे में योग्य अभ्यर्थियों के लिए यह अंतिम मौका है कि वे समय रहते आवेदन पूरा कर लें। 1. UPSSSC टेक्निकल असिस्टेंट ग्रुप-C भर्ती 2026 उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने 2759 पदों पर टेक्निकल असिस्टेंट ग्रुप-C भर्ती निकाली है। योग्यता: बीएससी एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर, होम साइंस, कम्युनिटी साइंस या फॉरेस्ट्री अथवा एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में बीई/बीटेक यूपी पीईटी-2025 उत्तीर्ण अंतिम तिथि: 11 जून 2026 2. रेलवे असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) भर्ती 2026 रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने 11,127 पदों पर असिस्टेंट लोको पायलट भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। योग्यता: 10वीं पास संबंधित ट्रेड में आईटीआई या मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिग्री आयु सीमा: 18 से 30 वर्ष अंतिम तिथि: 14 जून 2026 3. भारतीय सेना TES-56 एंट्री 2026 भारतीय सेना ने 10+2 टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES-56) के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। योग्यता: 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स न्यूनतम 60% अंक JEE Main 2026 में शामिल होना अनिवार्य पद: 90 अंतिम तिथि: 12 जून 2026 4. UPSC NDA-II और CDS-II 2026 संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने NDA-II और CDS-II परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। CDS-II कुल पद: 451 NDA-II कुल पद: 394 अंतिम तिथि: 9 जून 2026, शाम 6 बजे तक 5. बैंक ऑफ बड़ौदा अप्रेंटिस भर्ती 2026 बैंक ऑफ बड़ौदा में 5000 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकली है। योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक आयु सीमा: 20 से 28 वर्ष अंतिम तिथि: 8 जून 2026 आवेदन शुल्क सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस: ₹800 महिला उम्मीदवार: ₹600 एससी/एसटी: ₹200 6. SBI अप्रेंटिस भर्ती 2026 भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 7150 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है। योग्यता: स्नातक नई अंतिम तिथि: 15 जून 2026 7. RRC SECR बिलासपुर अप्रेंटिस भर्ती 2026 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) बिलासपुर ने 1191 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है। योग्यता: 10वीं में कम से कम 50% अंक संबंधित ट्रेड में आईटीआई अंतिम तिथि: 11 जून 2026 8. NALCO नॉन-एग्जीक्यूटिव भर्ती 2026 नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) ने 268 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। पद: ऑपरेटर माइनिंग मेट जूनियर फोरमैन टेक्नीशियन सहित अन्य योग्यता: 10वीं पास संबंधित ट्रेड में आईटीआई/डिप्लोमा अंतिम तिथि: 10 जून 2026 आवेदन शुल्क: सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस: ₹100 एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी: शुल्क मुक्त उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह इन भर्तियों की अंतिम तिथियां बेहद नजदीक हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना को ध्यान से पढ़ें और पात्रता, आयु सीमा, दस्तावेज और शुल्क की जानकारी अवश्य जांच लें। अंतिम दिन वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक की वजह से तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं, इसलिए समय रहते आवेदन करना बेहतर रहेगा।  

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Candidates applying online for UPSSSC Auditor and Assistant Accountant recruitment 2026 vacancies
यूपी में ऑडिटर और असिस्टेंट अकाउंटेंट के 1829 पदों पर भर्ती, जानें योग्यता, सैलरी और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission ने ऑडिटर और असिस्टेंट अकाउंटेंट के पदों पर बंपर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1829 रिक्त पदों को भरा जाएगा। कॉमर्स पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों के लिए यह सरकारी नौकरी पाने का शानदार अवसर माना जा रहा है। कब शुरू होंगे आवेदन? इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 जुलाई 2026 से शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार 3 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। वहीं आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। कुल पदों का विवरण भर्ती के माध्यम से ऑडिटर और असिस्टेंट अकाउंटेंट के कुल 1829 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास निम्न योग्यताएं होना आवश्यक हैं— वैध यूपीएसएसएससी पीईटी स्कोर कार्ड होना चाहिए। किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीकॉम की डिग्री या अकाउंटेंसी में स्नातकोत्तर डिप्लोमा होना चाहिए। कंप्यूटर का ‘ओ’ लेवल प्रमाणपत्र या उसके समकक्ष योग्यता होना अनिवार्य है। अभ्यर्थी की आयु 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। कितना मिलेगा वेतन? चयनित उम्मीदवारों को वेतनमान स्तर-5 के तहत नियुक्त किया जाएगा। न्यूनतम वेतन: 29,200 रुपये प्रतिमाह अधिकतम वेतन: 92,300 रुपये प्रतिमाह इसके अलावा महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। आवेदन कैसे करें? आवेदन शुरू होने के बाद यूपीएसएसएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। उम्मीदवार पंजीकरण विकल्प पर क्लिक करें। पीईटी पंजीकरण संख्या की सहायता से लॉगिन करें। मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन शुल्क का भुगतान करें। आवेदन पत्र जमा करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे कॉमर्स वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह भर्ती एक सुनहरा अवसर साबित हो सकती है। निर्धारित तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा।  

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