South East Central Railway ने युवाओं के लिए अप्रेंटिस भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। रेलवे में नौकरी की तैयारी कर रहे 10वीं पास और आईटीआई कर चुके उम्मीदवारों के लिए यह शानदार अवसर माना जा रहा है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1191 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। भर्ती प्रक्रिया Railway Recruitment Cell Bilaspur के माध्यम से पूरी की जाएगी। इस अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम के जरिए उम्मीदवारों को रेलवे के अलग-अलग तकनीकी विभागों में ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे उन्हें इंडस्ट्री लेवल का प्रैक्टिकल अनुभव मिलेगा। खास बात यह है कि इस भर्ती के लिए किसी भी तरह की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा। चयन सीधे मेरिट के आधार पर किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू, जानें आखिरी तारीख ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 12 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 11 जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। किन ट्रेड्स में होगी भर्ती? इस भर्ती अभियान में कई तकनीकी ट्रेड्स को शामिल किया गया है। प्रमुख ट्रेड्स इस प्रकार हैं: फिटर (Fitter) वेल्डर (Welder) टर्नर (Turner) इलेक्ट्रीशियन (Electrician) कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA) स्टेनोग्राफर हिंदी/अंग्रेजी डीजल मैकेनिक कारपेंटर इसके अलावा अन्य ट्रेड्स में भी वैकेंसी निकाली गई हैं। उम्मीदवार अपनी आईटीआई ट्रेड के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। कौन कर सकता है आवेदन? भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास निम्न योग्यताएं होना जरूरी है: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 50% अंकों के साथ 10वीं पास होना चाहिए। संबंधित ट्रेड में NCVT या SCVT से मान्यता प्राप्त संस्थान से आईटीआई सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन उम्मीदवार आवेदन के लिए सबसे पहले Apprenticeship India Portal पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद SECR Official Website पर जाकर भर्ती लिंक के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक जानकारी और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखना जरूरी है। बिना परीक्षा होगा चयन इस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उम्मीदवारों को किसी भी लिखित परीक्षा या इंटरव्यू से नहीं गुजरना पड़ेगा। चयन पूरी तरह मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। मेरिट लिस्ट 10वीं और आईटीआई में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर तैयार होगी। जिन उम्मीदवारों का नाम मेरिट में आएगा, उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह भर्ती सुनहरा मौका साबित हो सकती है। खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जो बिना प्रतियोगी परीक्षा सरकारी सेक्टर में अनुभव और ट्रेनिंग हासिल करना चाहते हैं।
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार 18 मई को सहायक आचार्य के पद पर नियुक्त 319 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इसे लेकर प्रोजेक्ट भवन सभागार में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया है। नियुक्त अभ्यर्थियों में 158 उम्मीदवारों का चयन इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य तथा 161 अभ्यर्थियों का चयन स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य के पदों पर किया गया है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा पिछले वर्ष दिसंबर में ही कर दी थी। 19 महिला पर्यवेक्षकों को भी मिलेगा नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा विभाग के लिए नियुक्त महिला पर्यवेक्षक के पदों पर चयनित 19 अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। जिला स्तर पर काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति पत्र वितरण का निर्णय लिया गया।
Union Bank of India ने अप्रेंटिस के 1865 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। बैंक में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह बड़ा मौका माना जा रहा है। इस भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 19 मई 2026 है। इच्छुक उम्मीदवार बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कैसे करें आवेदन? उम्मीदवार आवेदन के लिए: Union Bank of India Official Website पर जाएं “UBI Apprentice Recruitment 2026” लिंक पर क्लिक करें रजिस्ट्रेशन करें आवेदन फॉर्म भरें जरूरी दस्तावेज अपलोड करें फीस जमा करके फॉर्म सबमिट करें भविष्य के लिए प्रिंटआउट सुरक्षित रखें चयन प्रक्रिया कैसे होगी? भर्ती प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाएगी: ऑनलाइन परीक्षा सबसे पहले कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होगा, जिसमें: जनरल अवेयरनेस रीजनिंग मैथ्स कंप्यूटर नॉलेज से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होगी। लोकल लैंग्वेज टेस्ट उम्मीदवार जिस राज्य से आवेदन करेंगे, वहां की स्थानीय भाषा पढ़ना, लिखना और बोलना जरूरी होगा। मेडिकल टेस्ट लिखित परीक्षा और भाषा परीक्षा पास करने के बाद मेडिकल फिटनेस टेस्ट होगा। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन अंतिम चरण में: ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट आयु प्रमाण जाति प्रमाणपत्र आदि दस्तावेजों की जांच की जाएगी। कितना मिलेगा स्टाइपेंड? यह एक साल का अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम होगा। चयनित उम्मीदवारों को पोस्टिंग के आधार पर हर महीने स्टाइपेंड मिलेगा: ग्रामीण/अर्ध-शहरी शाखाएं: ₹15,000 शहरी शाखाएं: ₹18,000 मेट्रो शहर शाखाएं: ₹20,000 कैटेगरी वाइज वैकेंसी डिटेल कैटेगरी पद UR 823 OBC 447 EWS 175 SC 289 ST 131 कुल पद 1865 उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह विशेषज्ञों का कहना है कि उम्मीदवार अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। आवेदन भरते समय सभी दस्तावेज और जानकारी सही तरीके से अपलोड करना बेहद जरूरी है।
West Bengal सरकार ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए भर्ती की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने का फैसला किया है। राज्य के वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब विभिन्न श्रेणियों की सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा पहले से अधिक होगी। नई व्यवस्था के तहत ग्रुप A पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 41 वर्ष, ग्रुप B के लिए 44 वर्ष और ग्रुप C तथा D के लिए 45 वर्ष तय की गई है। यह संशोधन पश्चिम बंगाल सर्विसेज (रेजिंग ऑफ एज-लिमिट) रूल्स, 1981 में किया गया है। 11 मई से लागू होंगे नए नियम राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई आयु सीमा 11 मई से प्रभावी मानी जाएगी। यानी इस तारीख के बाद जारी होने वाली सभी भर्ती प्रक्रियाओं में नए नियम लागू होंगे। सरकार का कहना है कि इस फैसले से उन युवाओं को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे थे लेकिन भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षाओं में देरी के कारण आयु सीमा पार होने की चिंता से जूझ रहे थे। युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा नई नीति लागू होने के बाद हजारों ऐसे उम्मीदवार सरकारी नौकरियों के लिए पात्र हो जाएंगे, जो पहले अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्मीदवारों की संख्या बढ़ सकती है और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी। सत्ता परिवर्तन के बाद लगातार बड़े फैसले 2026 विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। Suvendu Adhikari के नेतृत्व में बनी नई सरकार प्रशासनिक सुधार और रोजगार के मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं और सरकारी भर्ती से जुड़े फैसले आने वाले समय में राज्य की राजनीति और रोजगार व्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। 2026 चुनाव में बदला राजनीतिक समीकरण 2026 के विधानसभा चुनाव में Bharatiya Janata Party ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 206 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। वहीं All India Trinamool Congress, जिसने पिछले चुनाव में 212 सीटें जीती थीं, इस बार 80 सीटों पर सिमट गई। नई सरकार बनने के बाद राज्य में प्रशासनिक बदलाव और भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार को लेकर लगातार फैसले लिए जा रहे हैं।
Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने साइबर अपराधों से निपटने और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 195 पदों पर भर्ती निकाली है। खास बात यह है कि इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तारीख अब बढ़ाकर 19 मई 2026 कर दी गई है। डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन सेवाओं के तेजी से बढ़ते उपयोग के बीच साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में यह भर्ती युवाओं के लिए बड़ा अवसर मानी जा रही है। यह वैकेंसी खास तौर पर उन उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद हो सकती है, जो साइबर सिक्योरिटी, आईटी, कम्युनिकेशन और मीडिया सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं। गृह मंत्रालय के तहत होगी नियुक्ति Indian Cyber Crime Coordination Centre गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर की जाएगी और चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति तीन साल के कार्यकाल के लिए होगी। उम्मीदवारों की पोस्टिंग नई दिल्ली और असम में की जा सकती है। किन पदों पर होगी भर्ती? I4C द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, भर्ती टेक्निकल और मीडिया प्रोफेशनल्स समेत कई पदों के लिए की जा रही है। कुल 195 रिक्तियां उपलब्ध हैं। इन पदों का उद्देश्य साइबर क्राइम की रोकथाम, डिजिटल सुरक्षा और जागरूकता अभियानों को मजबूत करना है। क्या होगा काम? चयनित उम्मीदवारों को साइबर अपराधों की निगरानी, डिजिटल सुरक्षा से जुड़े अभियानों, टेक्निकल सपोर्ट, कम्युनिकेशन और आउटरीच गतिविधियों में काम करना होगा। मीडिया प्रोफेशनल्स की जिम्मेदारी जागरूकता अभियान और जनसंपर्क गतिविधियों को संभालना हो सकती है। आवेदन कैसे करें? इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक भर्ती पोर्टल पर जाकर फॉर्म भरना होगा। क्यों खास है यह भर्ती? साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग गृह मंत्रालय के तहत काम करने का अवसर टेक्निकल और मीडिया दोनों क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिए मौके डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध नियंत्रण में योगदान का मौका
सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने मेडिकल कैडर में हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती उन युवाओं के लिए बड़ा अवसर है, जो सुरक्षा बल में शामिल होकर सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं। इस अभियान के तहत कुल 76 पद भरे जाएंगे, जिनमें लैबोरेट्री असिस्टेंट, फिजियोथेरेपिस्ट असिस्टेंट और नर्सिंग असिस्टेंट कम मेडिक जैसे पद शामिल हैं। आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां इस भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन 21 मार्च 2026 से शुरू हो चुके हैं। इच्छुक उम्मीदवार 4 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी यही है। विभाग की ओर से फिलहाल फॉर्म करेक्शन की कोई तारीख घोषित नहीं की गई है, इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन भरते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। आयु सीमा और योग्यता इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु 18 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए। हालांकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार छूट दी जाएगी। शैक्षणिक योग्यता पद के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है, लेकिन सामान्य रूप से 10वीं और 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए SSB की आधिकारिक वेबसाइट ssb.gov.in पर जाना होगा। वहां “SSB Head Constable (Medical Cadre) Recruitment 2026” लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन और लॉगिन करना होगा। इसके बाद शैक्षणिक और व्यक्तिगत जानकारी भरकर आवेदन पत्र पूरा करना होगा और अंत में आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट करना होगा। आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 100 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं SC/ST वर्ग के अभ्यर्थियों को किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। वेतनमान चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार आकर्षक वेतन दिया जाएगा। हेड कांस्टेबल (नर्सिंग असिस्टेंट कम मेडिक): 21,700 से 69,100 रुपये (लेवल-3) हेड कांस्टेबल (लैबोरेट्री असिस्टेंट/फिजियोथेरेपी असिस्टेंट): 25,500 से 81,100 रुपये (लेवल-4) चयन प्रक्रिया भर्ती प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी। इसमें फिजिकल टेस्ट, फिजिकल फिटनेस टेस्ट, लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट शामिल हैं। सभी चरणों में सफल उम्मीदवारों का अंत में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया जाएगा। यह भर्ती उन युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है, जो मेडिकल क्षेत्र में सुरक्षा बल के साथ करियर बनाना चाहते हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। Staff Selection Commission (SSC) ने स्टेनोग्राफर ग्रेड C और D पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत कुल 731 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। खास बात यह है कि इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का सिर्फ 12वीं पास होना जरूरी है, जिससे बड़ी संख्या में युवा इसके लिए पात्र बनते हैं। महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates) आवेदन शुरू: 24 अप्रैल 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 15 मई 2026 फीस जमा करने की अंतिम तिथि: 16 मई 2026 करेक्शन विंडो: 20–21 मई 2026 परीक्षा (संभावित): जुलाई – अगस्त 2026 कौन कर सकता है आवेदन? स्टेनोग्राफर ग्रेड C और D के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना अनिवार्य आयु सीमा: ग्रेड D: 18 से 27 वर्ष ग्रेड C: अधिकतम 30 वर्ष आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन उम्मीदवार Staff Selection Commission (SSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। प्रक्रिया इस प्रकार है: वेबसाइट पर जाकर न्यू रजिस्ट्रेशन करें रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें “Stenographer Grade C & D Examination 2026” लिंक पर क्लिक करें आवश्यक जानकारी भरें आवेदन शुल्क जमा करें फॉर्म सबमिट कर प्रिंटआउट सुरक्षित रखें परीक्षा पैटर्न (Exam Pattern) SSC स्टेनोग्राफर परीक्षा की खास बात यह है कि इसमें गणित (Maths) से कोई सवाल नहीं पूछा जाता। पेपर में शामिल होंगे: जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग: 50 प्रश्न जनरल अवेयरनेस: 50 प्रश्न इंग्लिश लैंग्वेज और कॉम्प्रिहेंशन: 100 प्रश्न इसके अलावा: प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी क्यों खास है यह भर्ती? यह भर्ती उन युवाओं के लिए खास है: जो 12वीं के बाद सरकारी नौकरी चाहते हैं जिनकी शॉर्टहैंड और टाइपिंग पर अच्छी पकड़ है जो केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों में करियर बनाना चाहते हैं
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों ने आगामी वेतन संशोधन को लेकर बड़ा दांव खेला है। National Council Joint Consultative Machinery (NC-JCM) की ओर से आठवें वेतन आयोग को सौंपे गए ज्ञापन में न्यूनतम बेसिक सैलरी को सीधे ₹69,000 करने और सालाना इंक्रीमेंट दोगुना करने की मांग रखी गई है। यह प्रस्ताव लागू होता है तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर बड़ा असर पड़ सकता है। ₹69,000 बेसिक सैलरी और 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर्मचारी संगठनों ने सुझाव दिया है कि: न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹17,990 से बढ़ाकर ₹69,000 की जाए फिटमेंट फैक्टर 3.83 तय किया जाए गौरतलब है कि 7th Pay Commission में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिससे न्यूनतम वेतन 7,000 से बढ़कर 17,990 रुपये हुआ था। अगर 3.83 लागू होता है, तो वेतन में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। DA को बेसिक में जोड़ने की पुरानी व्यवस्था की मांग कर्मचारियों ने यह भी मांग की है कि जैसे ही महंगाई भत्ता (DA) 25% तक पहुंचे, उसे बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाए। इससे वेतन संरचना अधिक सरल और लाभकारी हो सकती है। सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% करने का प्रस्ताव ज्ञापन में मौजूदा 3% वार्षिक वृद्धि को बढ़ाकर 6% करने की मांग की गई है। अगर यह लागू होता है, तो कर्मचारियों की आय में हर साल तेजी से बढ़ोतरी होगी। प्रमोशन और पे-मैट्रिक्स में सुधार की मांग National Council Joint Consultative Machinery ने पे-मैट्रिक्स को सरल बनाने और पदों के बीच के गैप को कम करने का सुझाव दिया है। इसका मकसद प्रमोशन में देरी को खत्म करना और करियर ग्रोथ को तेज करना है। परिवार और लीव पॉलिसी में बदलाव की मांग कर्मचारी संगठनों ने परिवार से जुड़े कई अहम सुझाव भी दिए हैं: परिवार की परिभाषा में 5 सदस्यों को शामिल किया जाए पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) को मजबूत किया जाए सरोगेसी और गोद लेने पर भी छुट्टी का प्रावधान हो पेंशनभोगियों के लिए भी समान लाभ की मांग ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि पुराने रिटायर्ड कर्मचारियों को भी नए वेतनमान का पूरा लाभ दिया जाए, ताकि सभी पेंशनभोगियों के बीच समानता बनी रहे। कितने लोगों पर पड़ेगा असर? इस प्रस्ताव का असर: करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनभोगी यानी कुल मिलाकर लगभग 1.15 करोड़ लोगों पर पड़ सकता है। क्या है फिटमेंट फैक्टर? फिटमेंट फैक्टर वह संख्या होती है जिससे पुरानी बेसिक सैलरी को गुणा कर नई सैलरी तय की जाती है। उदाहरण के तौर पर: अगर बेसिक सैलरी ₹10,000 है और फिटमेंट फैक्टर 3.83 लागू होता है तो नई सैलरी ₹38,300 हो जाएगी
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। Staff Selection Commission (SSC) ने Selection Post Phase 14 Recruitment 2026 के तहत 3003 पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह भर्ती खास बात इसलिए भी है क्योंकि इसमें 10वीं पास से लेकर ग्रेजुएट उम्मीदवारों तक सभी के लिए अवसर उपलब्ध है। SSC की यह भर्ती उन लाखों उम्मीदवारों के लिए उम्मीद लेकर आई है जो लंबे समय से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे थे। इच्छुक उम्मीदवार SSC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। महत्वपूर्ण तिथियां आवेदन शुरू: 13 अप्रैल 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 04 मई 2026 फीस जमा करने की अंतिम तिथि: 05 मई 2026 करेक्शन विंडो: 11 मई से 13 मई 2026 कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती में पदों को तीन अलग-अलग शैक्षणिक स्तरों में बांटा गया है: मैट्रिक (10वीं पास) इंटरमीडिएट (12वीं पास) ग्रेजुएशन लेवल यानी अगर आपने सिर्फ 10वीं पास की है, तब भी आप आवेदन कर सकते हैं। वहीं 12वीं और ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए भी कई पद उपलब्ध हैं। आयु सीमा: उम्मीदवारों की उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए (पोस्ट के अनुसार अलग-अलग हो सकती है)। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट दी जाएगी। ऐसे करें आवेदन SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं “Selection Post Phase 14” लिंक पर क्लिक करें नया रजिस्ट्रेशन करें लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें फीस जमा कर फॉर्म सबमिट करें वैकेंसी डिटेल्स जनरल (General): 1534 पद OBC: 667 पद SC: 346 पद EWS: 271 पद ST: 185 पद कुल पद: 3003 क्या है खास? यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए बेहतरीन मौका है जो कम शैक्षणिक योग्यता के बावजूद सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं। 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए इतने बड़े स्तर पर भर्ती कम ही देखने को मिलती है।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। Central Reserve Police Force (CRPF) ने कांस्टेबल (टेक्निकल एंड ट्रेड्समैन) और Pioneer Wing के तहत 9,175 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती खास तौर पर उन उम्मीदवारों के लिए शानदार अवसर है, जो 10वीं पास हैं और देश सेवा का सपना देखते हैं। आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें आवेदन शुरू: 20 अप्रैल 2026 अंतिम तिथि: 19 मई 2026 आवेदन माध्यम: ऑनलाइन इच्छुक उम्मीदवार CRPF की आधिकारिक वेबसाइट rect.crpf.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। किन पदों पर होगी भर्ती? इस भर्ती में विभिन्न ट्रेड और टेक्निकल पद शामिल हैं: Tradesman: कुक वॉशरमैन नाई मोची Technical: मोटर मैकेनिक ड्राइवर Pioneer Wing: मेसन प्लंबर इलेक्ट्रिशियन हर पद के लिए अलग-अलग स्किल और योग्यता निर्धारित की गई है। योग्यता और आयु सीमा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता: 10वीं पास कुछ तकनीकी पदों के लिए ITI या संबंधित ट्रेड सर्टिफिकेट जरूरी ड्राइवर पद के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य आयु सीमा: 18 से 23 वर्ष आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट मिलेगी ऐसे करें आवेदन आधिकारिक वेबसाइट rect.crpf.gov.in पर जाएं Recruitment सेक्शन में जाएं “Constable (Tradesman, Technical, Pioneer) 2026” लिंक पर क्लिक करें रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन करें आवेदन फॉर्म भरें जरूरी दस्तावेज अपलोड करें फीस जमा करें फॉर्म सबमिट कर प्रिंटआउट निकाल लें सैलरी और सुविधाएं चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल-3 के तहत सैलरी मिलेगी: ₹21,700 से ₹69,100 प्रति माह साथ में मेडिकल सुविधा, भत्ते और जॉब सिक्योरिटी क्यों है यह मौका खास? यह भर्ती न केवल 10वीं पास युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर देती है, बल्कि देश सेवा का गर्व भी प्रदान करती है। बड़ी संख्या में पद होने के कारण चयन की संभावना भी अधिक मानी जा रही है।
UP PCS Final Result 2024: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने PCS 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस बार के नतीजों में लड़कियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। टॉप 10 में 6 लड़कियों ने जगह बनाकर एक बार फिर साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। इस परीक्षा में कुल 932 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। परीक्षा में शामिल उम्मीदवार UPPSC की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। टॉप 10 में कौन-कौन? रैंक रोल नंबर नाम कैटेगरी 1 0134065 नेहा पंचाल UR/GEN 2 0014117 अनन्या त्रिवेदी UR/GEN 3 0093175 अभय प्रताप सिंह UR/GEN 4 0530256 अनामिका मिश्रा UR/GEN 5 0149705 नेहा सिंह UR/GEN 6 0041100 दीप्ति वर्मा UR/OBC 7 0120986 पूजा तिवारी UR/GEN 8 0556977 अनुराग पांडेय UR/EWS 9 0530011 शुभम सिंह UR/OBC 10 0072939 आयुष पांडेय UR/GEN खास बात यह है कि टॉप 10 में 6 स्थान लड़कियों ने हासिल किए हैं, जो इस साल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। ऐसे करें अपना रिजल्ट चेक सबसे पहले UPPSC की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाएं। होमपेज पर “PCS 2024 Final Result” लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर/रजिस्ट्रेशन नंबर और DOB दर्ज करें। सबमिट बटन पर क्लिक करें। आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें। परीक्षा कब हुई थी? मेन्स परीक्षा: 29-30 जून और 1-2 जुलाई 2025 मेन्स रिजल्ट: 4 फरवरी 2026 इंटरव्यू: 16 फरवरी से 20 मार्च 2026 फाइनल रिजल्ट: 29 मार्च 2026
झारखंड में जेल वार्डर (कक्षपाल) के 1733 पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लग गई है। Jharkhand High Court ने इस मामले की सुनवाई करते हुए भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी और Jharkhand Staff Selection Commission (JSSC) तथा राज्य सरकार से जवाब मांगा है। गुरुवार को न्यायमूर्ति Deepak Roshan की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। मुमताज अंसारी समेत अन्य अभ्यर्थियों ने भर्ती विज्ञापन को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की थी। आयु सीमा को लेकर विवाद याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भर्ती विज्ञापन में अधिकतम आयु सीमा की गणना अगस्त 2025 से करने का प्रावधान किया गया है, जो नियमों के अनुरूप नहीं है। अभ्यर्थियों के मुताबिक पहली नियुक्ति के लिए आयु की गणना 1 अगस्त 2019 से की जानी चाहिए थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शुभम मिश्रा ने अदालत में दलील दी कि सरकार के अपने ही नियमों के विपरीत भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है। अदालत ने इन दलीलों को गंभीर मानते हुए फिलहाल भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी। सितंबर 2025 में जारी हुआ था विज्ञापन JSSC ने सितंबर 2025 में जेल वार्डर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 9 जनवरी से 8 फरवरी 2026 तक निर्धारित की गई थी। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार के वादे के बावजूद आयु सीमा में कोई विशेष छूट नहीं दी गई। कुल 1733 पदों पर भर्ती JSSC की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार कुल 1733 पदों पर भर्ती होनी थी। इसमें अलग-अलग श्रेणियों के पद शामिल हैं, जिनमें पुरुष, महिला और भूतपूर्व सैनिकों के लिए भी आरक्षण रखा गया था। चयन प्रक्रिया और वेतन जेल वार्डर भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया तीन चरणों में प्रस्तावित थी- शारीरिक दक्षता परीक्षा लिखित परीक्षा चिकित्सीय जांच शारीरिक परीक्षा में दौड़ को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। चयनित उम्मीदवारों को वेतनमान स्तर-2 के तहत लगभग 19,900 रुपये से 63,200 रुपये तक वेतन मिलने का प्रावधान है। अब अदालत में अगली सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी या इसमें बदलाव किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।