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IBPS PO Recruitment 2026 Begins for 6,715 Posts

IBPS PO Recruitment 2026: 6,715 पदों पर निकली बंपर भर्ती, आवेदन शुरू; जानें योग्यता, सैलरी, फीस और पूरी प्रक्रिया

surbhi जुलाई 1, 2026 0
IBPS PO Recruitment 2026 notification announcing 6,715 Probationary Officer vacancies with online applications now open.
IBPS PO Recruitment 2026 Apply Online

बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनल सिलेक्शन (IBPS) ने प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO)/मैनेजमेंट ट्रेनी (MT) के 6,715 पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 21 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के माध्यम से 11 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पीओ/एमटी पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

यह भर्ती ऐसे समय आई है जब हाल ही में SBI ने भी पीओ भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया था। ऐसे में बैंकिंग उम्मीदवारों के पास एक साथ दो बड़े अवसर मौजूद हैं।

किन बैंकों में होगी भर्ती?

IBPS PO भर्ती के जरिए कई प्रमुख सरकारी बैंकों में नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • बैंक ऑफ बड़ौदा
  • बैंक ऑफ इंडिया
  • पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
  • और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक

महत्वपूर्ण तिथियां

विवरण

जानकारी

आवेदन शुरू

1 जुलाई 2026

आवेदन की अंतिम तिथि

21 जुलाई 2026

प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)

अगस्त 2026

मुख्य परीक्षा (Mains)

अक्टूबर 2026

कुल पद

6715 पद

पिछले वर्ष की तुलना में इस बार रिक्तियों की संख्या अधिक बताई जा रही है।

शैक्षणिक योग्यता

उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री होना अनिवार्य है।

इस भर्ती के लिए किसी विशेष अनुभव या अतिरिक्त प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।

आयु सीमा

  • न्यूनतम आयु: 20 वर्ष
  • अधिकतम आयु: 30 वर्ष

निर्धारित पात्रता के अनुसार उम्मीदवार की जन्मतिथि 2 जुलाई 1996 से पहले और 1 जुलाई 2006 के बाद नहीं होनी चाहिए।

आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में 3 से 10 वर्ष तक की छूट मिलेगी।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों में होगा—

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
  2. मुख्य परीक्षा (Mains)
  3. इंटरव्यू

इन तीनों चरणों में सफल होने वाले अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया जाएगा।

सैलरी कितनी मिलेगी?

चयनित उम्मीदवारों को ₹48,480 से ₹85,920 तक की बेसिक सैलरी मिलेगी।

इसके अलावा विभिन्न भत्ते, एचआरए, डीए और अन्य सरकारी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

आवेदन शुल्क

श्रेणी

शुल्क

SC/ST/PwBD

₹175

सामान्य/OBC/EWS एवं अन्य

₹850

ऑनलाइन भुगतान के दौरान लागू बैंक ट्रांजैक्शन शुल्क का भुगतान भी उम्मीदवार को करना होगा।

कैसे करें आवेदन?

उम्मीदवार निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाकर आवेदन कर सकते हैं—

  1. IBPS की आधिकारिक वेबसाइट www.ibps.in पर जाएं।
  2. CRP PO/MT भर्ती लिंक पर क्लिक करें।
  3. New Registration पर जाकर नया पंजीकरण करें।
  4. मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के माध्यम से रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
  5. लॉगिन करके आवेदन फॉर्म सावधानीपूर्वक भरें।
  6. आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें—
    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • हस्ताक्षर
    • बाएं अंगूठे का निशान
    • 10वीं का प्रमाणपत्र
    • लाइव फोटो
  7. आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
  8. फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

क्यों है यह भर्ती खास?

IBPS PO भर्ती देश की सबसे प्रतिष्ठित बैंकिंग भर्तियों में से एक मानी जाती है। सरकारी बैंक में अधिकारी बनने का सपना देखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह सुनहरा अवसर है। इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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नौकरियों पर एआई की मार, माइक्रोसॉफ्ट में फिर छंटनी की तलवार

नई दिल्ली, एजेंसियां। दुनिया की अग्रणी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट एक बार फिर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी नए वित्त वर्ष की शुरुआत में लगभग 5,000 कर्मचारियों की नौकरी खत्म कर सकती है। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर बढ़ते निवेश और बिजनेस रीस्ट्रक्चरिंग का हिस्सा है। वर्तमान में कंपनी में दुनिया भर में करीब 2.2 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं और संभावित छंटनी कुल कर्मचारियों के 2.5 प्रतिशत से भी कम होगी।   सेल्स, कंसल्टिंग और एक्सबॉक्स डिवीजन पर सबसे ज्यादा असर रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार सबसे अधिक प्रभाव सेल्स, कंसल्टिंग और एक्सबॉक्स (गेमिंग) डिवीजन पर पड़ सकता है। विशेष रूप से एक्सबॉक्स कारोबार में नई नेतृत्व टीम के आने के बाद संगठनात्मक बदलाव तेज हुए हैं। कंपनी कई पुराने पदों को समाप्त कर टीमों का पुनर्गठन कर सकती है, ताकि कारोबार को नई रणनीति के अनुरूप ढाला जा सके।   एआई निवेश के लिए घटाए जा रहे परिचालन खर्च विशेषज्ञों का मानना है कि माइक्रोसॉफ्ट पिछले कुछ वर्षों से ओपनएआई के साथ मिलकर एआई डेटा सेंटर, कोपायलट और अन्य जनरेटिव एआई तकनीकों पर अरबों डॉलर का निवेश कर रही है। इन परियोजनाओं पर बढ़ते खर्च को संतुलित करने के लिए कंपनी अन्य परिचालन लागत में कटौती कर रही है। जिन कार्यों को अब एआई और ऑटोमेशन के जरिए अधिक दक्षता से किया जा सकता है, वहां मानव संसाधन की आवश्यकता कम की जा रही है।   पूरी टेक इंडस्ट्री में बदल रहा रोजगार का स्वरूप माइक्रोसॉफ्ट अकेली कंपनी नहीं है जो इस दिशा में कदम बढ़ा रही है। वर्ष 2026 में मेटा, अमेजन, ओरेकल और लिंक्डइन जैसी कई प्रमुख टेक कंपनियां भी कर्मचारियों की संख्या घटा चुकी हैं। उद्योग जगत का मानना है कि एआई के बढ़ते उपयोग से काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। भविष्य में कंपनियां कम कर्मचारियों और अधिक ऑटोमेशन के साथ काम करने की रणनीति अपना सकती हैं, जिससे तकनीकी क्षेत्र में रोजगार का स्वरूप लगातार बदलता दिखाई दे रहा है।

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Indian Navy SSC Officer
भारतीय नौसेना में SSC अधिकारी के 275 पदों पर भर्ती, 27 जुलाई तक करें आवेदन

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय नौसेना ने जून 2027 (AT-27) बैच के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) अधिकारी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 275 पदों पर योग्य अविवाहित पुरुष एवं महिला उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया 25 जून 2026 से शुरू हो चुकी है और अंतिम तिथि 27 जुलाई 2026 है।   किन पदों पर कितनी रिक्तियां इस भर्ती में कार्यकारी शाखा GS(X)/हाइड्रोग्राफी में 90, नौसेना निर्माता में 32, शिक्षा शाखा में 26, पायलट में 25, इलेक्ट्रिकल शाखा में 24, ऑब्जर्वर में 18, NAIC में 14, ATC में 15, लॉजिस्टिक्स में 10, सबमरीन टेक्नोलॉजी (इलेक्ट्रिकल) में 8, इंजीनियरिंग शाखा में 9 और सबमरीन टेक्नोलॉजी (इंजीनियरिंग) में 5 पद शामिल हैं।   शैक्षणिक योग्यता अधिकांश पदों के लिए किसी भी विषय में BE/BTech में न्यूनतम 60% अंक अनिवार्य है। लॉजिस्टिक्स के लिए MBA, MCA और PG डिप्लोमा धारक भी पात्र हैं। शिक्षा शाखा के लिए गणित, भौतिकी जैसे विषयों में M.Sc/MA मान्य है।   चयन प्रक्रिया अकादमिक अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग होगी, इसके बाद SSB इंटरव्यू में मनोवैज्ञानिक परीक्षण, ग्रुप टास्क और व्यक्तिगत साक्षात्कार होगा। SSB में सफल उम्मीदवारों का मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला में प्रशिक्षण दिया जाएगा।   ऐसे करें आवेदन भारतीय नौसेना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नया पंजीकरण करें। "SSC Officer June 2027 (AT-27 Course)" लिंक पर क्लिक कर फॉर्म भरें, फोटो, हस्ताक्षर और दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें।

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