Recruitment News

National Insurance Company Limited recruitment notification for 500 Assistant vacancies with online application details for graduate candidates.
NICL Recruitment 2026: सरकारी इंश्योरेंस कंपनी में 500 असिस्टेंट पदों पर भर्ती, ग्रेजुएट उम्मीदवार 7 अगस्त तक करें आवेदन

नई दिल्ली: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे ग्रेजुएट युवाओं के लिए अच्छी खबर है। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NICL) ने 500 असिस्टेंट पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक IBPS की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। महत्वपूर्ण जानकारी संस्था: नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NICL) पद: असिस्टेंट कुल पद: 500 आवेदन शुरू: 18 जुलाई 2026 अंतिम तिथि: 7 अगस्त 2026 योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन आयु सीमा: 21 से 30 वर्ष (1 जुलाई 2026 के अनुसार) चयन प्रक्रिया: प्रीलिम्स, मेन्स और रीजनल लैंग्वेज टेस्ट कौन कर सकता है आवेदन? उम्मीदवार के पास 1 जुलाई 2026 तक ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी है। साथ ही जिस राज्य से आवेदन कर रहे हैं, वहां की रीजनल लैंग्वेज पढ़ने, लिखने और बोलने का ज्ञान होना चाहिए। चयन प्रक्रिया भर्ती तीन चरणों में होगी— फेज-I (प्रीलिम्स): 100 प्रश्न, 60 मिनट फेज-II (मेन्स): 200 बहुविकल्पीय प्रश्न रीजनल लैंग्वेज टेस्ट: केवल क्वालिफाइंग प्रीलिम्स परीक्षा: 27 अगस्त 2026 मेन्स परीक्षा: 30 अक्टूबर 2026 आवेदन शुल्क SC/ST/PwBD/Ex-Servicemen: आवेदन शुल्क नहीं अन्य सभी वर्ग: ₹850 आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार NICL की आधिकारिक वेबसाइट से Apply Online लिंक के जरिए IBPS पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें, आवेदन फॉर्म भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और शुल्क जमा करने के बाद फॉर्म का प्रिंट सुरक्षित रख लें।  

surbhi जुलाई 18, 2026 0
UP Forest Guard recruitment 2026 notification announces 708 vacancies for Forest Guard and Wildlife Guard posts.
Forest Guard Bharti 2026: यूपी में वन रक्षक और वन्य जीव रक्षक के 708 पदों पर भर्ती, 12वीं पास उम्मीदवार करें आवेदन, ₹63,200 तक मिलेगी सैलरी

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शानदार मौका आया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने वन रक्षक (Forest Guard) और वन्य जीव रक्षक (Wildlife Guard) के कुल 708 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और योग्य उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती उन अभ्यर्थियों के लिए विशेष अवसर है, जिन्होंने 12वीं (इंटरमीडिएट) पास की है और UPSSSC PET-2025 परीक्षा में शामिल होकर वैध नॉर्मलाइज्ड स्कोर प्राप्त किया है। चयनित उम्मीदवारों को लेवल-2 पे स्केल के तहत ₹19,900 से ₹63,200 प्रति माह तक वेतन मिलेगा। 708 पदों पर होगी भर्ती भर्ती के तहत विभिन्न श्रेणियों में कुल 708 पद भरे जाएंगे। वन रक्षक (सामान्य) – 318 पद वन्य जीव रक्षक (सामान्य) – 10 पद वन रक्षक (विशेष चयन) – 329 पद वन्य जीव रक्षक (विशेष चयन) – 51 पद कौन कर सकता है आवेदन? आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना अनिवार्य है। इसके साथ ही अभ्यर्थी ने UPSSSC PET-2025 परीक्षा दी हो और उसका वैध नॉर्मलाइज्ड स्कोरकार्ड उपलब्ध होना चाहिए। आयु सीमा न्यूनतम आयु: 18 वर्ष अधिकतम आयु: 40 वर्ष आयु की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी। शारीरिक योग्यता पुरुष उम्मीदवार सामान्य/ओबीसी/एससी – न्यूनतम लंबाई 168 सेमी एसटी – न्यूनतम लंबाई 160 सेमी महिला उम्मीदवार सामान्य/ओबीसी/एससी – न्यूनतम लंबाई 152 सेमी एसटी – 147 सेमी (5 सेमी की छूट) महत्वपूर्ण तिथियां ऑनलाइन आवेदन शुरू: 30 जून 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 20 जुलाई 2026 इच्छुक उम्मीदवार अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन पूरा कर लें। कितना मिलेगा वेतन? चयनित अभ्यर्थियों को लेवल-02 पे स्केल के तहत ₹19,900 से ₹63,200 प्रति माह तक वेतन मिलेगा। इसके अलावा सरकारी नियमों के अनुसार अन्य भत्तों का लाभ भी दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया भर्ती प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी। PET-2025 स्कोर के आधार पर उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग मुख्य लिखित परीक्षा शारीरिक मानक परीक्षा (PST) शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) मेडिकल परीक्षण अंतिम मेरिट सूची शारीरिक दक्षता परीक्षा में पुरुष अभ्यर्थियों को 10 किलोग्राम वजन के साथ 4 घंटे में 25 किलोमीटर तथा महिला अभ्यर्थियों को 14 किलोग्राम वजन के साथ 4 घंटे में 14 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। आवेदन शुल्क इस भर्ती में सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क ₹25 निर्धारित किया गया है। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को PET-2025 रोल नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), मूल निवास प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दर्ज करनी होगी। आवेदन से पहले नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यानपूर्वक पढ़ें और पात्रता, दस्तावेज तथा चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी सुनिश्चित करने के बाद ही आवेदन करें। किसी भी प्रकार की त्रुटि आवेदन रद्द होने का कारण बन सकती है।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
IBPS PO Recruitment 2026 notification announcing 6,715 Probationary Officer vacancies with online applications now open.
IBPS PO Recruitment 2026: 6,715 पदों पर निकली बंपर भर्ती, आवेदन शुरू; जानें योग्यता, सैलरी, फीस और पूरी प्रक्रिया

बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनल सिलेक्शन (IBPS) ने प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO)/मैनेजमेंट ट्रेनी (MT) के 6,715 पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 21 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के माध्यम से 11 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पीओ/एमटी पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। यह भर्ती ऐसे समय आई है जब हाल ही में SBI ने भी पीओ भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया था। ऐसे में बैंकिंग उम्मीदवारों के पास एक साथ दो बड़े अवसर मौजूद हैं। किन बैंकों में होगी भर्ती? IBPS PO भर्ती के जरिए कई प्रमुख सरकारी बैंकों में नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक ऑफ इंडिया पंजाब नेशनल बैंक (PNB) यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक महत्वपूर्ण तिथियां विवरण जानकारी आवेदन शुरू 1 जुलाई 2026 आवेदन की अंतिम तिथि 21 जुलाई 2026 प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) अगस्त 2026 मुख्य परीक्षा (Mains) अक्टूबर 2026 कुल पद 6715 पद पिछले वर्ष की तुलना में इस बार रिक्तियों की संख्या अधिक बताई जा रही है। शैक्षणिक योग्यता उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री होना अनिवार्य है। इस भर्ती के लिए किसी विशेष अनुभव या अतिरिक्त प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। आयु सीमा न्यूनतम आयु: 20 वर्ष अधिकतम आयु: 30 वर्ष निर्धारित पात्रता के अनुसार उम्मीदवार की जन्मतिथि 2 जुलाई 1996 से पहले और 1 जुलाई 2006 के बाद नहीं होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में 3 से 10 वर्ष तक की छूट मिलेगी। चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों में होगा— प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) मुख्य परीक्षा (Mains) इंटरव्यू इन तीनों चरणों में सफल होने वाले अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया जाएगा। सैलरी कितनी मिलेगी? चयनित उम्मीदवारों को ₹48,480 से ₹85,920 तक की बेसिक सैलरी मिलेगी। इसके अलावा विभिन्न भत्ते, एचआरए, डीए और अन्य सरकारी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। आवेदन शुल्क श्रेणी शुल्क SC/ST/PwBD ₹175 सामान्य/OBC/EWS एवं अन्य ₹850 ऑनलाइन भुगतान के दौरान लागू बैंक ट्रांजैक्शन शुल्क का भुगतान भी उम्मीदवार को करना होगा। कैसे करें आवेदन? उम्मीदवार निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाकर आवेदन कर सकते हैं— IBPS की आधिकारिक वेबसाइट www.ibps.in पर जाएं। CRP PO/MT भर्ती लिंक पर क्लिक करें। New Registration पर जाकर नया पंजीकरण करें। मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के माध्यम से रजिस्ट्रेशन पूरा करें। लॉगिन करके आवेदन फॉर्म सावधानीपूर्वक भरें। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें— पासपोर्ट साइज फोटो हस्ताक्षर बाएं अंगूठे का निशान 10वीं का प्रमाणपत्र लाइव फोटो आवेदन शुल्क का भुगतान करें। फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। क्यों है यह भर्ती खास? IBPS PO भर्ती देश की सबसे प्रतिष्ठित बैंकिंग भर्तियों में से एक मानी जाती है। सरकारी बैंक में अधिकारी बनने का सपना देखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह सुनहरा अवसर है। इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
उत्पाद सिपाही भर्ती में बड़ा अपडेट, 1 जुलाई से शुरू होगी मेडिकल जांच

रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से आयोजित उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा-2023 में सफल अभ्यर्थियों के लिए अहम सूचना जारी की गई है। परीक्षा में सूचीबद्ध 1941 अभ्यर्थियों की चिकित्सकीय (मेडिकल) जांच 1 जुलाई से शुरू होकर 14 जुलाई 2026 तक रांची के सदर अस्पताल स्थित आठवें तल्ले के ऑडिटोरियम में आयोजित की जाएगी। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि और समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है।   जरूरी दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य मेडिकल जांच के दौरान अभ्यर्थियों को परीक्षा में प्रयुक्त प्रवेश पत्र, दो नवीनतम रंगीन पासपोर्ट आकार के फोटो तथा किसी भी वैध फोटोयुक्त पहचान पत्र को साथ लाना होगा। निर्धारित दस्तावेजों के बिना जांच प्रक्रिया में शामिल होने में परेशानी हो सकती है।   एपेक्स मेडिकल बोर्ड करेगा अंतिम फैसला जेएसएससी की ओर से जारी सूचना के अनुसार, यदि कोई अभ्यर्थी मेडिकल जांच के निर्णय से असंतुष्ट होता है तो उसकी अपील सुनने के लिए एपेक्स मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा। मेडिकल बोर्ड का निर्णय अंतिम और मान्य होगा। मेडिकल जांच के बाद योग्य एवं अयोग्य अभ्यर्थियों की सूची आयोग को भेजी जाएगी। इसके बाद प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाएगा और अंतिम परीक्षाफल प्रकाशित किया जाएगा।   अनुपस्थित अभ्यर्थियों को मिलेगा अंतिम अवसर जो अभ्यर्थी किसी कारणवश निर्धारित तिथि पर मेडिकल जांच में शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें 17 और 18 जुलाई को अंतिम अवसर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी प्रकार का अतिरिक्त मौका नहीं मिलेगा। वहीं, मेडिकल जांच में असफल अभ्यर्थियों की अपील पर एपेक्स मेडिकल बोर्ड 20 और 21 जुलाई को सुबह 11 बजे से रिम्स, रांची के चिकित्सकीय अधीक्षक कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में सुनवाई करेगा।   गौरतलब है कि इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से झारखंड में उत्पाद सिपाही के कुल 583 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। ऐसे में मेडिकल जांच भर्ती प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

anjali kumari जून 30, 2026 0
Bank of Baroda branch with recruitment notification for manager and senior manager positions in 2026.
BOB Vacancy 2026: बैंक ऑफ बड़ौदा में मैनेजर बनने का सुनहरा मौका, ₹1.20 लाख तक मिलेगी सैलरी

सरकारी बैंक में नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं के लिए शानदार अवसर सामने आया है। बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) ने मैनेजर, सीनियर मैनेजर और चीफ मैनेजर समेत विभिन्न पदों पर नियमित भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट bankofbaroda.bank.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 86 पदों को भरा जाएगा। किन पदों पर निकली भर्ती? पद रिक्तियां ग्रेड मैनेजर- क्रेडिट एनालिस्ट 4 MMG/S-I सीनियर मैनेजर- क्रेडिट एनालिस्ट 38 MMG/S-III चीफ मैनेजर- क्रेडिट एनालिस्ट 1 SMG/S-IV सीनियर मैनेजर- C&IC रिलेशनशिप 36 MMG/S-III चीफ मैनेजर- C&IC रिलेशनशिप 7 SMG/S-IV शैक्षणिक योग्यता उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से ग्रेजुएशन होना अनिवार्य है। इसके साथ निम्न में से कोई योग्यता भी होनी चाहिए: MBA (Finance) CA CMA CS CFA फाइनेंस में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री या डिप्लोमा अनुभव की शर्त मैनेजर (क्रेडिट एनालिस्ट): 3 वर्ष सीनियर मैनेजर: 6 वर्ष चीफ मैनेजर: 8 वर्ष अनुभव किसी पब्लिक सेक्टर, प्राइवेट, विदेशी बैंक या वित्तीय संस्थान में होना चाहिए। आयु सीमा पद के अनुसार न्यूनतम आयु 25 वर्ष और अधिकतम 42 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी। आवेदन की अंतिम तिथि आवेदन शुरू: ऑनलाइन प्रक्रिया जारी अंतिम तिथि: 6 जुलाई 2026 आधिकारिक वेबसाइट: bankofbaroda.bank.in चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन निम्न चरणों के आधार पर किया जाएगा: शॉर्टलिस्टिंग ऑनलाइन टेस्ट साइकोमेट्रिक टेस्ट ग्रुप डिस्कशन इंटरव्यू कितनी मिलेगी सैलरी? मैनेजर (MMG/S-I) ₹64,820 से ₹93,960 प्रति माह सीनियर मैनेजर (MMG/S-III) ₹85,920 से ₹1,05,280 प्रति माह चीफ मैनेजर (SMG/S-IV) ₹1,02,300 से ₹1,20,940 प्रति माह इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), HRA और अन्य बैंकिंग भत्तों का लाभ भी मिलेगा। आवेदन शुल्क सामान्य / OBC / EWS: ₹850 SC / ST / PwBD / महिला उम्मीदवार: ₹175 ऐसे करें आवेदन बैंक ऑफ बड़ौदा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। Career सेक्शन में Current Opportunities पर क्लिक करें। संबंधित भर्ती के Apply Online लिंक पर जाएं। नया रजिस्ट्रेशन करें। आवेदन फॉर्म में सभी जानकारी सावधानी से भरें। फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। फीस जमा कर फॉर्म सबमिट करें। भविष्य के लिए प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।

surbhi जून 20, 2026 0
Cyber security professionals working on digital monitoring systems for I4C cyber crime recruitment drive 2026
Cyber Crime Recruitment 2026: साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा मौका, I4C में 195 पदों पर भर्ती

Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने साइबर अपराधों से निपटने और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 195 पदों पर भर्ती निकाली है। खास बात यह है कि इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तारीख अब बढ़ाकर 19 मई 2026 कर दी गई है। डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन सेवाओं के तेजी से बढ़ते उपयोग के बीच साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में यह भर्ती युवाओं के लिए बड़ा अवसर मानी जा रही है। यह वैकेंसी खास तौर पर उन उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद हो सकती है, जो साइबर सिक्योरिटी, आईटी, कम्युनिकेशन और मीडिया सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं। गृह मंत्रालय के तहत होगी नियुक्ति Indian Cyber Crime Coordination Centre गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर की जाएगी और चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति तीन साल के कार्यकाल के लिए होगी। उम्मीदवारों की पोस्टिंग नई दिल्ली और असम में की जा सकती है। किन पदों पर होगी भर्ती? I4C द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, भर्ती टेक्निकल और मीडिया प्रोफेशनल्स समेत कई पदों के लिए की जा रही है। कुल 195 रिक्तियां उपलब्ध हैं। इन पदों का उद्देश्य साइबर क्राइम की रोकथाम, डिजिटल सुरक्षा और जागरूकता अभियानों को मजबूत करना है। क्या होगा काम? चयनित उम्मीदवारों को साइबर अपराधों की निगरानी, डिजिटल सुरक्षा से जुड़े अभियानों, टेक्निकल सपोर्ट, कम्युनिकेशन और आउटरीच गतिविधियों में काम करना होगा। मीडिया प्रोफेशनल्स की जिम्मेदारी जागरूकता अभियान और जनसंपर्क गतिविधियों को संभालना हो सकती है। आवेदन कैसे करें? इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक भर्ती पोर्टल पर जाकर फॉर्म भरना होगा। क्यों खास है यह भर्ती? साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग गृह मंत्रालय के तहत काम करने का अवसर टेक्निकल और मीडिया दोनों क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिए मौके डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध नियंत्रण में योगदान का मौका

surbhi मई 12, 2026 0
Candidates checking AIIMS NORCET 2026 result online on official website after exam results announcement
AIIMS NORCET 2026 Result: 51 हजार से अधिक उम्मीदवार सफल, स्टेज-II के लिए 14,527 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट

नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने नर्सिंग ऑफिसर भर्ती के लिए आयोजित AIIMS Nursing Officer Recruitment Common Eligibility Test (NORCET) 2026 का रिजल्ट आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे उम्मीदवार अब संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट aiimsexams.ac.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। AIIMS द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस परीक्षा के लिए कुल 97,149 उम्मीदवारों को सीट आवंटित की गई थी, जिनमें से 92,026 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 51,451 उम्मीदवारों को क्वालिफाई घोषित किया गया है। इसके अलावा, स्टेज-II परीक्षा के लिए 14,527 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। यह परीक्षा 11 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी और अब चयनित अभ्यर्थियों को अगले चरण यानी स्टेज-II में शामिल होना होगा, जो 30 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। कटऑफ भी जारी रिजल्ट के साथ AIIMS ने कैटेगरी वाइज कटऑफ पर्सेंटाइल भी जारी कर दी है। अनारक्षित (UR): 93.5887683 पर्सेंटाइल EWS: 78.9831134 पर्सेंटाइल OBC: 84.2077239 पर्सेंटाइल SC: 81.9605328 पर्सेंटाइल ST: 74.4746050 पर्सेंटाइल PwBD उम्मीदवारों के लिए अलग से कटऑफ निर्धारित की गई है। ऐसे चेक करें रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट aiimsexams.ac.in पर जाएं होमपेज पर Recruitment सेक्शन में क्लिक करें “AIIMS NORCET Result 2026” लिंक खोलें रिजल्ट PDF में अपना रोल नंबर सर्च करें भविष्य के लिए PDF डाउनलोड कर लें इस बार बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के सफल होने से स्टेज-II में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।  

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
JSSC excise constable exam April 12
JSSC 12 अप्रैल को लेगा उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा

रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने राज्य के युवाओं के लिए दो महत्वपूर्ण सूचनाएं जारी की हैं। आयोग ने झारखंड उत्पाद झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा-2023 की तिथि घोषित करने के साथ-साथ झारखंड प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025′ की उत्तर कुंजी से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी बताया है।   12 अप्रैल को 8 जिलों में होगी परीक्षा झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के अंतर्गत लिखित परीक्षा का आयोजन 12 अप्रैल को किया जाएगा. आयोग ने इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए राज्य के आठ प्रमुख जिलों को परीक्षा केंद्र के रूप में चुना है, जिनमें रांची, रामगढ़, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, देवघर और दुमका शामिल है। अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा केंद्र वाले शहर की जानकारी अप्रैल के प्रथम सप्ताह में आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर एक लिंक के माध्यम से दे दी जाएगी। परीक्षार्थी नौ अप्रैल से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एडमिट कार्ड केवल ऑनलाइन उपलब्ध होंगे, इन्हें डाक या किसी अन्य माध्यम से नहीं भेजा जाएगा।

Unknown मार्च 31, 2026 0
Home Guard recruitment candidates standing in line for physical test at Jawaharlal Nehru Stadium, Chatra
चतरा में होमगार्ड भर्ती की नई तारीखें जारी: 1 अप्रैल से शुरू होंगे फिजिकल और लिखित परीक्षा, प्रखंडवार शेड्यूल तय

चतरा जिले में होमगार्ड बहाली को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। जिला प्रशासन ने भर्ती प्रक्रिया की नई तिथियां घोषित करते हुए स्पष्ट किया है कि अब शारीरिक दक्षता जांच और लिखित परीक्षा 1 अप्रैल से 23 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होगी परीक्षा भर्ती प्रक्रिया के तहत सभी परीक्षाएं Jawaharlal Nehru Stadium में आयोजित की जाएंगी। प्रशासन ने अभ्यर्थियों के लिए सुबह 6 बजे तक रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी है। समय पर नहीं पहुंचने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा। प्रखंडवार परीक्षा शेड्यूल जिला प्रशासन ने परीक्षा की तिथियां प्रखंडवार निर्धारित की हैं- 01 अप्रैल: कान्हाचट्टी 02 अप्रैल: गिद्धौर 04 अप्रैल: लावालौंग 06 अप्रैल: पत्थलगड्डा 07 अप्रैल: मयूरहंड 08 अप्रैल: कुन्दा 09-10 अप्रैल: चतरा सदर 11 अप्रैल: इटखोरी 13 व 15 अप्रैल: हंटरगंज 16-17 अप्रैल: सिमरिया 18 व 20 अप्रैल: प्रतापपुर 21-22 अप्रैल: टंडवा 23 अप्रैल: शहरी तकनीकी एवं गैर-तकनीकी अभ्यर्थी अभ्यर्थियों के लिए जरूरी निर्देश प्रशासन ने सभी उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर आएं। शारीरिक जांच के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। पारदर्शिता पर प्रशासन का जोर जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी। किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अभ्यर्थियों को केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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anjali kumari जुलाई 13, 2026 0