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Ather Rizta Z Buying Guide

Ather Rizta Z 3.7kWh खरीदने से पहले जान लें ये 5 जरूरी बातें, क्या है इसकी असली ताकत?

surbhi अप्रैल 6, 2026 0
Ather Rizta Z electric scooter with modern design and touchscreen display parked on city road
Ather Rizta Z 3.7kWh Electric Scooter

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच Ather Energy की Ather Rizta काफी चर्चा में है। इसका टॉप वेरिएंट Rizta Z 3.7kWh खासतौर पर लंबी रेंज और प्रीमियम फीचर्स के लिए जाना जा रहा है। अगर आप इसे खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो इन 5 अहम बातों को जरूर जान लें-

1. परफॉर्मेंस: पावर वही, भरोसा कायम

Rizta Z 3.7kWh में 4.3kW की पीक पावर और 22Nm टॉर्क मिलता है।

  • टॉप स्पीड: 80 kmph (Zip मोड में)
  • बैटरी बड़ी होने के बावजूद परफॉर्मेंस में कोई बदलाव नहीं

2. फीचर्स: टेक्नोलॉजी में आगे

यह टॉप वेरिएंट कई स्मार्ट फीचर्स से लैस है-

  • टचस्क्रीन TFT डिस्प्ले
  • Google Maps नेविगेशन
  • ब्लूटूथ कनेक्टिविटी
  • कनेक्टेड स्मार्ट फीचर्स

यह इसे S वेरिएंट से ज्यादा प्रीमियम बनाता है।

3. चार्जिंग टाइम: थोड़ा लंबा इंतजार

बड़ी बैटरी के साथ चार्जिंग टाइम भी बढ़ जाता है-

  • 0-80%: लगभग 4 घंटे 30 मिनट
  • 0-100%: करीब 5 घंटे 45 मिनट

4. रेंज: सबसे बड़ा प्लस पॉइंट

3.7kWh बैटरी के साथ-

  • क्लेम्ड IDC रेंज: 159 किमी
  • रियल वर्ल्ड में बेहतर लॉन्ग-राइड क्षमता

यह इसे डेली कम्यूट के साथ-साथ लंबी दूरी के लिए भी उपयुक्त बनाता है।

5. कीमत: प्रीमियम लेकिन वैल्यू फॉर मनी?

Rizta Z 3.7kWh की कीमत ₹1.52 लाख (एक्स-शोरूम, बेंगलुरु) है।
इस प्राइस रेंज में यह एक फीचर-लोडेड फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर का विकल्प बनकर सामने आता है।

क्या आपको खरीदना चाहिए?

अगर आप एक ऐसा इलेक्ट्रिक स्कूटर चाहते हैं जिसमें लंबी रेंज, स्मार्ट फीचर्स और भरोसेमंद परफॉर्मेंस हो, तो Ather Rizta Z 3.7kWh एक मजबूत दावेदार है। हालांकि, खरीदने से पहले अपने उपयोग और बजट को जरूर ध्यान में रखें।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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भारतीय ऑटो बाजार में मिड-साइज़ SUV सेगमेंट को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए Volkswagen ने अपनी लोकप्रिय SUV Volkswagen Taigun का फेसलिफ्ट वर्जन लॉन्च से पहले पेश कर दिया है। 9 अप्रैल को होने वाले आधिकारिक लॉन्च से पहले सामने आए इस नए मॉडल में डिजाइन, फीचर्स और टेक्नोलॉजी में कई अहम बदलाव देखने को मिल रहे हैं। यह Taigun का 2021 में लॉन्च के बाद पहला बड़ा अपडेट है, जिसे कंपनी ने अधिक प्रीमियम लुक और बेहतर इन-कैबिन अनुभव देने के उद्देश्य से तैयार किया है। इस SUV का प्रोडक्शन पुणे के चाकन प्लांट में शुरू भी हो चुका है, जहां इसे Skoda Kushaq के साथ तैयार किया जा रहा है। डिजाइन में बड़ा बदलाव, अब और ज्यादा प्रीमियम लुक फेसलिफ्ट मॉडल में सबसे बड़ा बदलाव इसके फ्रंट डिजाइन में देखने को मिलता है। नई Taigun में रीडिजाइन बंपर, चौड़ा ग्रिल और स्लिम LED लाइट बार के साथ जुड़ी नई हेडलाइट्स दी गई हैं, जो इसे पहले से ज्यादा मॉडर्न और आकर्षक बनाती हैं। इसके अलावा, इल्यूमिनेटेड Volkswagen लोगो और क्रोम एलिमेंट्स इसकी रोड प्रेजेंस को और मजबूत करते हैं। GT वेरिएंट को और स्पोर्टी बनाने के लिए इसमें ग्लॉस ब्लैक फिनिश का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें बंपर, अलॉय व्हील्स, ORVMs और रूफ रेल्स शामिल हैं। इंटीरियर में मिलेंगे नए टेक्नोलॉजी फीचर्स हालांकि कंपनी ने केबिन की पूरी जानकारी अभी साझा नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें बड़ा डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, अपडेटेड इंफोटेनमेंट सिस्टम और AI बेस्ड फीचर्स मिल सकते हैं। इसके अलावा पैनोरमिक सनरूफ और बेहतर रियर सीट कम्फर्ट जैसे अपग्रेड्स भी देखने को मिल सकते हैं। इंजन और परफॉर्मेंस में क्या नया? नई Taigun में मौजूदा इंजन ऑप्शन बरकरार रहने की संभावना है। इसमें 1.0-लीटर TSI (115bhp) और 1.5-लीटर TSI (150bhp) इंजन शामिल होंगे। हालांकि 1.0-लीटर वेरिएंट में नया 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स जोड़े जाने की उम्मीद है, जो ड्राइविंग एक्सपीरियंस को और बेहतर बना सकता है। किनसे होगी टक्कर? लॉन्च के बाद नई Taigun का मुकाबला भारतीय बाजार में Hyundai Creta, Kia Seltos, Maruti Suzuki Grand Vitara, Renault Duster और Tata Sierra जैसी पॉपुलर SUVs से होगा। कीमतों का खुलासा लॉन्च के दिन किया जाएगा, लेकिन माना जा रहा है कि यह मौजूदा मॉडल से थोड़ी महंगी हो सकती है।  

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Suzuki Motorcycle India ने भारतीय बाजार में अपनी प्रीमियम 125cc स्कूटर Suzuki Burgman Street का अपडेटेड वर्जन लॉन्च कर दिया है। नया मॉडल डिजाइन में मामूली बदलावों के साथ आता है, लेकिन फीचर्स और कंवीनियंस के मामले में इसे महत्वपूर्ण रूप से अपग्रेड किया गया है। कीमत और वेरिएंट नई Burgman Street दो वेरिएंट में उपलब्ध है: Ride Connect वेरिएंट: ₹1.02 लाख (एक्स-शोरूम) Ride Connect TFT वेरिएंट: ₹1.13 लाख (एक्स-शोरूम) इंजन और परफॉर्मेंस स्कूटर में पहले की तरह 124cc का एयर-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो: 8.31 hp की पावर 10.2 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। यह इंजन Suzuki के SEP (Suzuki Eco Performance) प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसे बेहतर माइलेज और स्मूद राइडिंग के लिए जाना जाता है। डिजाइन और राइडिंग एक्सपीरियंस डिजाइन में सूक्ष्म बदलाव किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं: LED लाइटिंग सिस्टम स्मोक्ड विंडस्क्रीन प्रीमियम फिनिश इसके अलावा, हल्का फ्रेम, ट्यून सस्पेंशन और लंबा व्हीलबेस शहरी सड़कों पर बेहतर स्थिरता और कंफर्ट प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। फीचर्स और टेक्नोलॉजी इस अपडेट का सबसे बड़ा आकर्षण इसके नए फीचर्स हैं: 4.2-इंच कलर TFT डिस्प्ले की-लेस इग्निशन सिस्टम 24.6 लीटर अंडरसीट स्टोरेज USB चार्जिंग पोर्ट फ्रंट स्टोरेज और डुअल यूटिलिटी हुक सुरक्षा के लिहाज से इसमें: कम्बाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) साइड-स्टैंड इंटरलॉक वॉटरप्रूफ स्विच जैसे फीचर्स दिए गए हैं। सेगमेंट में पोजिशनिंग नए TFT डिस्प्ले और की-लेस टेक्नोलॉजी के साथ Burgman Street अब 125cc सेगमेंट में एक अधिक प्रीमियम विकल्प के रूप में उभरता है। यह मॉडल उन ग्राहकों को लक्षित करता है, जो स्टाइल, कंफर्ट और आधुनिक फीचर्स का संतुलन चाहते हैं। निष्कर्ष Suzuki ने इस अपडेट के जरिए मैकेनिकल बदलावों के बजाय फीचर अपग्रेड पर ध्यान दिया है। नई Burgman Street शहरी उपयोगकर्ताओं के लिए एक प्रैक्टिकल और फीचर-लोडेड विकल्प के रूप में अपनी पकड़ मजबूत कर सकती है।  

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