नई दिल्ली: 2 जुलाई 2026 का दिन सकारात्मक ऊर्जा, धैर्य और नए संकल्पों का संदेश लेकर आया है। अंक ज्योतिष के अनुसार आज का दिन सहयोग, सही निर्णय और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। यदि आप किसी नए प्रोजेक्ट, निवेश या महत्वपूर्ण फैसले की योजना बना रहे हैं, तो आज का दिन उसके लिए अनुकूल रह सकता है।
आज की ऊर्जा आपको अपनी प्राथमिकताओं को समझने, अंतर्ज्ञान पर भरोसा करने और भविष्य की मजबूत नींव रखने के लिए प्रेरित करेगी। आइए जानते हैं जन्मतिथि के अनुसार सभी मूलांक वालों का आज का भविष्यफल।
आज आपका आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता आपको नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। कार्यक्षेत्र में आपके विचारों को सराहना मिलेगी और नए अवसर सामने आ सकते हैं। आर्थिक मामलों में भविष्य की योजना बनाने और निवेश पर विचार करने के लिए दिन अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें और पर्याप्त आराम करें।
लकी नंबर: 1, 2
लकी रंग: गोल्ड, व्हाइट
आज का सुझाव: आत्मविश्वास को सही दिशा दें, सफलता आपके साथ होगी।
आज दूसरों के साथ मिलकर काम करने से बेहतरीन परिणाम मिल सकते हैं। आपकी समझदारी और संतुलित व्यवहार रिश्तों को मजबूत बनाएगा। आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें और भावनाओं में बहकर कोई निर्णय न लें। परिवार और दोस्तों के साथ संवाद आपके लिए लाभदायक रहेगा।
लकी नंबर: 2, 1
लकी रंग: व्हाइट, सिल्वर
आज का सुझाव: अपनी अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा रखें।
आज रचनात्मक सोच और नए आइडिया आपको आगे बढ़ने का अवसर देंगे। आपकी बातचीत की शैली लोगों को प्रभावित करेगी। यदि नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो समय अनुकूल है। नए लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है।
लकी नंबर: 3, 2
लकी रंग: येलो, स्काई ब्लू
आज का सुझाव: अपनी प्रतिभा खुलकर दिखाएं।
आज अनुशासन और सही योजना आपके लिए सफलता का रास्ता खोलेंगे। आर्थिक मामलों में बचत और लंबी अवधि की योजना लाभदायक रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा और कार्यों में स्थिरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य के लिए अच्छी दिनचर्या अपनाएं।
लकी नंबर: 4, 2
लकी रंग: ग्रे, ब्लू
आज का सुझाव: व्यवस्थित कार्यशैली आपको लक्ष्य तक पहुंचाएगी।
आज अचानक नए अवसर सामने आ सकते हैं। बदलाव को सकारात्मक रूप से स्वीकार करें और नई जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहें। नए लोगों से संपर्क भविष्य में लाभ देगा। निवेश और खर्च सोच-समझकर करें।
लकी नंबर: 5, 1
लकी रंग: ग्रीन, एक्वा ब्लू
आज का सुझाव: हर नया अवसर आपके विकास का माध्यम बन सकता है।
आज परिवार और प्रियजनों के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। कार्यस्थल पर सहयोग की भावना आपको नई पहचान दिला सकती है। आर्थिक मामलों में संतुलित योजना बनाकर आगे बढ़ें और अपनी जरूरतों को भी प्राथमिकता दें।
लकी नंबर: 6, 2
लकी रंग: पिंक, क्रीम
आज का सुझाव: छोटे-छोटे प्रयास रिश्तों को मजबूत बनाते हैं।
आज शांत मन से लिए गए फैसले आपके लिए लाभदायक रहेंगे। किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले पूरी योजना तैयार करें। एकांत में बिताया गया समय आपको मानसिक स्पष्टता देगा। जल्दबाजी से बचें।
लकी नंबर: 7, 1
लकी रंग: इंडिगो, वायलेट
आज का सुझाव: धैर्य और आत्मचिंतन आपकी सबसे बड़ी ताकत हैं।
आज करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। आपकी मेहनत रंग लाएगी और नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक संतुलन बना रहेगा। अपने अनुभव पर भरोसा रखें।
लकी नंबर: 8, 1
लकी रंग: नेवी ब्लू, ब्लैक
आज का सुझाव: सफलता का आनंद अपनों के साथ साझा करें।
आज पुराने अधूरे कार्य पूरे करने और नई योजनाओं की शुरुआत करने का अच्छा अवसर है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और सकारात्मक सोच बनाए रखें। रिश्तों में पुरानी नाराजगी खत्म करने का प्रयास करें। भविष्य की योजनाओं पर फोकस करें।
लकी नंबर: 9, 2
लकी रंग: रेड, मरून
आज का सुझाव: अतीत को छोड़कर नए अवसरों का स्वागत करें।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली: 3 जुलाई 2026 का दिन प्रेम संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज कई राशियों के प्रेम जीवन में विश्वास, संवाद और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा। जहां कुछ लोगों के रिश्तों में नई शुरुआत के योग बन रहे हैं, वहीं कुछ को पुराने मतभेद दूर कर संबंधों में मधुरता लाने का अवसर मिलेगा। अविवाहित लोगों के लिए भी नए रिश्तों की शुरुआत के संकेत दिखाई दे रहे हैं। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का लव राशिफल। मेष लव राशिफल आज अपने मन की बात कहने के लिए दिन अनुकूल है। साथी के साथ भावनात्मक नजदीकियां बढ़ेंगी। अविवाहित लोगों को किसी पुराने मित्र के प्रति प्रेम भाव महसूस हो सकता है। वृषभ लव राशिफल रिश्तों में भरोसा और स्थिरता बनी रहेगी। पार्टनर से कोई सुखद समाचार मिल सकता है। नए प्रेम संबंध की शुरुआत के लिए समय शुभ माना जा रहा है। मिथुन लव राशिफल भावनाओं में बहने के बजाय धैर्य रखें। पुराने विवाद सुलझाने का अच्छा अवसर मिलेगा। किसी खास व्यक्ति के प्रति आकर्षण बढ़ सकता है। कर्क लव राशिफल जीवनसाथी या प्रेमी के साथ यादगार समय बिताने का मौका मिलेगा। छोटी यात्रा या रोमांटिक डेट रिश्ते में नई ताजगी और उत्साह ला सकती है। सिंह लव राशिफल पुराने मतभेद समाप्त होने के संकेत हैं। खुलकर बातचीत करने से रिश्ते पहले से अधिक मजबूत होंगे। अविवाहित लोगों को किसी करीबी मित्र के प्रति आकर्षण महसूस हो सकता है। कन्या लव राशिफल प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। पार्टनर को कोई खास सरप्राइज देकर खुश कर सकते हैं। रिश्तों में विश्वास और भावनात्मक गहराई बढ़ेगी। तुला लव राशिफल आज प्रेम संबंधों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। यदि आप किसी से अपने दिल की बात कहना चाहते हैं, तो आज का दिन आपके लिए अनुकूल है। वृश्चिक लव राशिफल रिश्तों में अहंकार से बचें और साथी की भावनाओं को समझने का प्रयास करें। अविवाहित लोगों की नई दोस्ती भविष्य में प्रेम संबंध का रूप ले सकती है। धनु लव राशिफल आज प्रेम जीवन में रोमांच और उत्साह बना रहेगा। पुराने साथी से मुलाकात के योग बन रहे हैं, जिससे पुरानी यादें एक बार फिर ताजा हो सकती हैं। मकर लव राशिफल पार्टनर के साथ थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है, लेकिन खुलकर बातचीत करने से सभी गलतफहमियां दूर हो जाएंगी। अविवाहित लोगों को जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचना चाहिए। कुंभ लव राशिफल रिश्तों में संतुलन और समझदारी बनाए रखें। सिंगल जातकों के लिए नए आकर्षण के अवसर बन सकते हैं, लेकिन किसी भी रिश्ते में आगे बढ़ने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें। मीन लव राशिफल आज प्रेम जीवन शांत, सुखद और संतुलित रहेगा। साथी के साथ बिताया गया समय रिश्ते को और मजबूत बनाएगा। अविवाहित लोगों की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात होने की संभावना है। आज का लव टिप: प्रेम संबंधों में विश्वास, सम्मान और खुला संवाद किसी भी रिश्ते की सबसे मजबूत नींव होते हैं। छोटी-छोटी बातों को दिल पर लेने के बजाय एक-दूसरे को समझने की कोशिश करें।
Numerology Prediction 1 July 2026: जुलाई महीने का पहला दिन नई ऊर्जा, नए संकल्प और सकारात्मक शुरुआत का संदेश लेकर आया है। अंक ज्योतिष के अनुसार, आज का दिन आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, रुके हुए कार्यों को पूरा करने और भविष्य की मजबूत नींव रखने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। यदि आप कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, निवेश की योजना बना रहे हैं या करियर में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं, तो आज का दिन कई लोगों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है। आइए जानते हैं जन्मतिथि के आधार पर सभी मूलांक (1 से 9) का आज का विस्तृत अंक राशिफल। मूलांक 1 (जन्मतिथि 1, 10, 19, 28) आज का दिन आपके लिए बेहद शुभ रहने वाला है। करियर में नई जिम्मेदारी, प्रमोशन या नए अवसर मिलने की संभावना बन सकती है। आत्मविश्वास आपकी सबसे बड़ी ताकत रहेगा। आर्थिक मामलों में भी योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना लाभदायक रहेगा। लकी नंबर: 1, 9 लकी रंग: लाल, गोल्डन आज का सुझाव: अपने आत्मविश्वास को बनाए रखें, सफलता आपके कदम चूम सकती है। मूलांक 2 (जन्मतिथि 2, 11, 20, 29) आज धैर्य और समझदारी से लिए गए फैसले आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे। टीमवर्क और पारिवारिक सहयोग से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें। लकी नंबर: 2, 9 लकी रंग: सफेद, हल्का नीला आज का सुझाव: शांत मन से लिया गया निर्णय बेहतर परिणाम देगा। मूलांक 3 (जन्मतिथि 3, 12, 21, 30) रचनात्मक कार्यों और नए आइडिया पर काम करने के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। आपकी संवाद शैली लोगों को प्रभावित करेगी। यदि किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करना चाहते हैं तो समय अनुकूल है। लकी नंबर: 3, 1 लकी रंग: पीला, नारंगी आज का सुझाव: अपने विचार खुलकर रखें, सफलता मिलने की संभावना बढ़ेगी। मूलांक 4 (जन्मतिथि 4, 13, 22, 31) आज अनुशासन और सही योजना आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी। कार्यक्षेत्र में व्यवस्थित ढंग से काम करने पर अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में बचत पर ध्यान देना लाभकारी रहेगा। लकी नंबर: 4, 1 लकी रंग: ग्रे, नीला आज का सुझाव: समय प्रबंधन और अनुशासन से लक्ष्य जल्दी हासिल होंगे। मूलांक 5 (जन्मतिथि 5, 14, 23) आज अचानक नए अवसर सामने आ सकते हैं। नौकरी, व्यापार या नए संपर्कों के जरिए लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि निवेश या खरीदारी सोच-समझकर करें। लकी नंबर: 5, 9 लकी रंग: हरा, टरक्वॉइज आज का सुझाव: बदलावों का स्वागत करें, नए अवसर सफलता दिला सकते हैं। मूलांक 6 (जन्मतिथि 6, 15, 24) आज रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। परिवार और प्रियजनों के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। कार्यस्थल पर सहयोगात्मक रवैया आपकी छवि मजबूत करेगा। लकी नंबर: 6, 1 लकी रंग: गुलाबी, क्रीम आज का सुझाव: अपनों के साथ बिताया गया समय आपको नई ऊर्जा देगा। मूलांक 7 (जन्मतिथि 7, 16, 25) आज आत्ममंथन और सोच-समझकर फैसले लेने का दिन है। किसी भी बड़े निर्णय से पहले पूरी जानकारी जुटाएं। जल्दबाजी से बचें और अपने अंतर्मन की आवाज पर भरोसा करें। लकी नंबर: 7, 9 लकी रंग: इंडिगो, पर्पल आज का सुझाव: धैर्य और एकाग्रता आपको सही दिशा दिखाएगी। मूलांक 8 (जन्मतिथि 8, 17, 26) आज आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। करियर में आगे बढ़ने और आर्थिक लाभ मिलने के अच्छे संकेत हैं। काम का दबाव रहेगा, लेकिन आप उसे सफलतापूर्वक संभाल पाएंगे। लकी नंबर: 8, 1 लकी रंग: नेवी ब्लू, काला आज का सुझाव: अपनी क्षमता पर विश्वास रखें और मेहनत जारी रखें। मूलांक 9 (जन्मतिथि 9, 18, 27) आज पुरानी बातों को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करने का समय है। अधूरे कार्य पूरे करें और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान दें। स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का भी ध्यान रखें। लकी नंबर: 9, 1 लकी रंग: मैरून, लाल आज का सुझाव: अतीत से सीख लें, लेकिन भविष्य की ओर आगे बढ़ें।
नई दिल्ली: सनातन धर्म में निर्जला एकादशी का व्रत सबसे महत्वपूर्ण और पुण्यदायी एकादशी व्रतों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने से वर्षभर की सभी एकादशियों के व्रत के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। यही कारण है कि इसे अत्यंत विशेष स्थान दिया गया है। पद्म पुराण और धर्मशास्त्रों में भी इस व्रत की महिमा का विस्तार से वर्णन मिलता है। निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि महाभारत काल में भीमसेन ने इसी व्रत का पालन किया था। व्रत का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए द्वादशी तिथि पर विधिपूर्वक पारण करना आवश्यक माना गया है। निर्जला एकादशी व्रत पारण का शुभ समय धार्मिक पंचांग के अनुसार, निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा। वहीं व्रत का पारण 26 जून 2026, शुक्रवार को द्वादशी तिथि में किया जाएगा। व्रत पारण का शुभ समय: सुबह 5:41 बजे से 8:25 बजे तक धर्मशास्त्रों के अनुसार द्वादशी तिथि में निर्धारित समय पर व्रत खोलना शुभ माना जाता है। समय पर पारण करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। क्यों खास है निर्जला एकादशी? मान्यता है कि जो व्यक्ति सभी एकादशी व्रत नहीं कर पाता, वह श्रद्धा और नियमपूर्वक निर्जला एकादशी का व्रत रखकर वर्षभर की सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त कर सकता है। इस दिन बिना अन्न और जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की उपासना की जाती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह व्रत पापों का नाश करने वाला, सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला और मोक्षदायक माना गया है। पद्म पुराण के अनुसार व्रत पारण की संपूर्ण विधि 1. प्रातःकाल स्नान और शुद्धि द्वादशी तिथि के दिन ब्रह्म मुहूर्त या सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 2. भगवान विष्णु की पूजा स्नान के बाद भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करें। पूजा में गंध, धूप, दीप, पुष्प और सुंदर वस्त्र अर्पित करें। 3. जल कलश का संकल्प पद्म पुराण में जल से भरे घड़े के दान का विशेष महत्व बताया गया है। पूजा के समय जल से भरे कलश का संकल्प करें। 4. मंत्र का उच्चारण जल के घड़े का संकल्प करते समय यह मंत्र बोलें— "देवदेव हृषीकेश संसारार्णवतारक। उदकुम्भप्रदानेन नय मां परमां गतिम्॥" अर्थ: हे संसार सागर से पार लगाने वाले भगवान हृषीकेश! इस जलघट के दान से मुझे परम गति प्रदान करें। 5. दान और ब्राह्मण भोजन पूजन के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराएं तथा यथाशक्ति दान-दक्षिणा दें। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे व्रत का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। 6. व्रत पारण ब्राह्मण भोजन और पूजा के पश्चात स्वयं व्रत का पारण करें। परंपरा के अनुसार व्रत सबसे पहले जल और तुलसी दल ग्रहण करके खोला जाता है। इसके बाद सात्विक भोजन करना शुभ माना जाता है। व्रत करने से क्या मिलता है फल? पद्म पुराण के अनुसार विधिपूर्वक निर्जला एकादशी का व्रत और द्वादशी पर पारण करने वाला व्यक्ति पापों से मुक्ति प्राप्त करता है। साथ ही उसे भगवान विष्णु का आशीर्वाद, सुख-समृद्धि, पारिवारिक खुशहाली और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।