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Horoscope Today: 11 May 2026 Predictions

आज 11 मई 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका दिन

surbhi मई 11, 2026 0
Zodiac symbols with planetary alignment illustration for daily horoscope prediction on 11 May 2026
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11 मई 2026, सोमवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की विशेष चाल के कारण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह 10:12 बजे तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि आरंभ होगी। सबसे खास बात यह है कि आज मंगल का मेष राशि में गोचर हो रहा है, जहां पहले से सूर्य और बुध मौजूद हैं। इस त्रिग्रही योग का असर सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा।

चंद्रमा आज कुंभ राशि में राहु के साथ युति बना रहे हैं, जिससे कई लोगों को मानसिक तनाव और अस्थिरता महसूस हो सकती है। वहीं शुक्र वृषभ राशि में और गुरु मिथुन राशि में रहकर सुख, ज्ञान और आर्थिक लाभ के संकेत दे रहे हैं।

आइए जानते हैं सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

मेष राशि

आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी और अधिकारी आपके फैसलों की सराहना करेंगे। आर्थिक लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं। हालांकि गुस्से पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, वरना रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है। स्वास्थ्य के मामले में सिरदर्द या ब्लड प्रेशर की समस्या परेशान कर सकती है।

वृषभ राशि

करियर के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा, लेकिन खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। विदेश से जुड़े कामों में सफलता मिलने के संकेत हैं। परिवार और वैवाहिक जीवन में संतुलन बना रहेगा। निवेश करने से पहले सोच-विचार जरूर करें। मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है, लेकिन उसका परिणाम भी सकारात्मक मिलेगा।

मिथुन राशि

भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है और आय के नए स्रोत खुलने की संभावना है। व्यापार और नौकरी दोनों में लाभ मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन शुभ है और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।

कर्क राशि

आज मानसिक तनाव और अनजाना डर परेशान कर सकता है, लेकिन करियर में उन्नति के योग बन रहे हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकता है। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में राहत मिलेगी। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और विवादों से दूर रहें।

सिंह राशि

भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। लंबी यात्रा लाभदायक साबित हो सकती है। व्यापारिक साझेदारी में फायदा होगा और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे। हालांकि किसी भी बड़े फैसले से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें।

कन्या राशि

आज सतर्क रहने की जरूरत है। अचानक धन हानि या दुर्घटना की आशंका बन सकती है। शत्रुओं पर विजय मिलेगी, लेकिन मानसिक तनाव बना रह सकता है। खान-पान का विशेष ध्यान रखें। योग और ध्यान आपके लिए लाभकारी साबित होगा।

तुला राशि

प्रेम और रचनात्मकता के लिहाज से दिन शानदार रहेगा। संतान से जुड़ी कोई खुशखबरी मिल सकती है। व्यापार में लाभ के संकेत हैं और नए अनुबंध मिल सकते हैं। कला, लेखन और मीडिया से जुड़े लोगों को नई पहचान मिलने की संभावना है। भावनाओं में बहकर आर्थिक फैसले न लें।

वृश्चिक राशि

घर-परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। संपत्ति खरीदने के लिए दिन अनुकूल है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

धनु राशि

आज आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। पुराने निवेश से लाभ हो सकता है। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और व्यापार में उन्नति के योग बन रहे हैं। नई योजनाओं की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है।

मकर राशि

आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और धन संचय करने में सफलता मिलेगी। परिवार में किसी बात को लेकर विवाद हो सकता है, इसलिए संयम रखें। भूमि और वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। व्यापार में निवेश फायदेमंद साबित हो सकता है। आंखों से जुड़ी समस्या को नजरअंदाज न करें।

कुंभ राशि

आज आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा और समाज में मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। हालांकि मानसिक रूप से थोड़ी बेचैनी बनी रह सकती है। दोस्तों के साथ समय बिताने से राहत मिलेगी। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

मीन राशि

आज का दिन आध्यात्मिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाएगा। रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलेंगी। परिवार का सहयोग मिलेगा और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन नींद पूरी लें।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ पर होगा भव्य एयर शो

अहमदाबाद , एजेंसियां। सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध Surya Kiran Aerobatic Team (SKAT) एक शानदार एयर शो प्रस्तुत करेगी। यह कार्यक्रम 11 मई को सुबह 11 बजे आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे। एयर शो के दौरान छह हॉक एमके-132 विमान मंदिर परिसर के ऊपर रोमांचक एरोबेटिक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।   800 से अधिक शो कर चुकी है सूर्य किरण टीम विंग कमांडर जनमीत शर्मा ने बताया कि यह प्रदर्शन सोमनाथ मंदिर के ऊपर अपनी तरह का पहला आयोजन होगा। टीम की कमेंटेटर फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू के अनुसार, इस एयर शो का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन Ajay Dashrathi करेंगे, जो सुखोई-30 एमकेआई के अनुभवी पायलट हैं। टीम में कुल 13 प्रशिक्षित पायलट शामिल हैं। सूर्य किरण एरोबेटिक टीम को भारतीय वायुसेना का “राजदूत” माना जाता है। यह टीम भारत सहित कई देशों में 800 से अधिक एयर शो कर चुकी है। चीन, श्रीलंका, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में भी टीम ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है।   तेज रफ्तार और सटीक फॉर्मेशन बनेगा आकर्षण एयर शो के दौरान हॉक एमके-132 विमान 800 से 900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सभी छह विमानों के संयुक्त उड़ान प्रदर्शन से होगी, जिसके बाद वे अलग-अलग समूहों में बंटकर कई हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे। खास बात यह है कि कई बार विमानों के बीच की दूरी पांच मीटर से भी कम होगी, जो पायलटों के उच्च स्तर के तालमेल और सटीकता को दर्शाती है।   सुरक्षा के रहेंगे विशेष इंतजाम कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। स्क्वाड्रन लीडर Aman Goyal जमीन से लगातार पायलटों को मौसम, दूरी और सुरक्षा संबंधी निर्देश देंगे। वहीं, पक्षियों की आवाजाही रोकने के लिए “बर्ड हैजर्ड कंट्रोल यूनिट” भी पूरी तरह सतर्क रहेगी।

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Shani Dev की महादशा से हैं परेशान? जानिए मंत्र सहित संपूर्ण पूजा विधि और उपाय

ज्योतिष शास्त्र में Shani Dev को न्याय का देवता माना जाता है। मान्यता है कि शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। अगर कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर हो या शनि की महादशा और साढ़ेसाती चल रही हो, तो जीवन में संघर्ष, आर्थिक परेशानी, मानसिक तनाव और कार्यों में बाधाएं बढ़ सकती हैं। ज्योतिष के अनुसार शनि की महादशा 19 वर्षों तक रहती है और इस दौरान व्यक्ति को शुभ-अशुभ दोनों प्रकार के परिणाम मिल सकते हैं। ऐसे में विधि-विधान से शनिदेव की पूजा करने से कष्टों में राहत मिलने और सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने की मान्यता है। शनिदेव पूजा के लिए जरूरी सामग्री पूजा शुरू करने से पहले सभी पूजन सामग्री एकत्रित कर लें– आम की लकड़ी या लोहे का काला सिंहासन काला वस्त्र काला अंगोछा काले पुष्प काला तिल उड़द दाल सरसों का तेल दीपक और रुई काले तिल के लड्डू अरबी पंचपात्र काला कंबल शहद शक्कर दही गाय का दूध लौंग और इलायची सूखे मेवे हवन सामग्री शनिदेव पूजा की विधि शनिवार के दिन स्नान करके स्वच्छ काले या गहरे रंग के वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को साफ करके शनिदेव की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद दाहिने हाथ में जल लेकर पूरे शरीर पर छिड़कें और शुद्धिकरण करें। फिर सरसों के तेल का दीपक जलाकर शनिदेव के सामने रखें। अब शनिदेव का ध्यान करते हुए काले पुष्प, चंदन और बेलपत्र अर्पित करें। इसके बाद कुशा की पवित्री धारण करें और माथे पर चंदन का तिलक लगाएं। तिलक मंत्र तिलक लगाते समय इस मंत्र का जाप करें– “ॐ चन्दनस्य महत्पुण्यं पवित्रं पापनाशनम्। आपदां हरते नित्यं शनि देवः सदा मम॥” शनिदेव आह्वान मंत्र पूजा के दौरान शनिदेव का आह्वान इस मंत्र से करें– “ॐ भूर्भुवः स्वः शनैश्चराय नमः, इहागच्छ इह तिष्ठ।” विनियोग मंत्र संकल्प लेने के बाद इस मंत्र का जाप करें– “ॐ शन्नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।” ऋष्यादिन्यास विधि विनियोग के बाद शरीर के विभिन्न अंगों का स्पर्श करते हुए यह प्रक्रिया करें– “ॐ दध्यंडाथर्वण ऋषये नमः” – सिर स्पर्श करें “ॐ गायत्री छन्दसे नमः” – मुख स्पर्श करें “ॐ शनैश्चर देवतायै नमः” – हृदय स्पर्श करें “ॐ आपोबीजाय नमः” – नाभि या गुह्य भाग स्पर्श करें “ॐ वर्तमान शक्तये नमः” – दोनों पैरों का स्पर्श करें शनि दोष से राहत के लिए क्या करें? ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनि की कृपा पाने के लिए कुछ विशेष उपाय भी लाभकारी माने जाते हैं– शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं काले तिल, उड़द और काले वस्त्र का दान करें जरूरतमंद और बुजुर्ग लोगों की सेवा करें कौओं और काले कुत्तों को भोजन खिलाएं शनिदेव के मंत्र “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जाप करें मान्यता है कि सच्चे मन से की गई शनिदेव की आराधना जीवन की बाधाओं को कम कर सकती है और व्यक्ति को मानसिक शांति व स्थिरता प्रदान करती है।  

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Hanuman bhakti
12 मई को दूसरा बड़ा मंगल, जानें क्यों खास है यह दिन

नई दिल्ली, एजेंसियां। ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल 12 मई 2026 को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान हनुमान की पूजा और आराधना के लिए बेहद विशेष माना जाता है। उत्तर भारत, खासकर लखनऊ और अवध क्षेत्र में बड़ा मंगल को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिलता है। इस पर्व को ‘बुढ़वा मंगल’ के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन बजरंगबली की पूजा करने से भय, संकट और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।   19 साल बाद बना दुर्लभ संयोग साल 2026 का बड़ा मंगल इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इस बार ज्येष्ठ माह में अधिक मास पड़ने के कारण कुल 8 बड़े मंगलवार आ रहे हैं। सामान्यतः ज्येष्ठ महीने में 4 या 5 मंगलवार ही होते हैं, लेकिन इस बार यह संख्या दोगुनी हो गई है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ऐसा दुर्लभ संयोग लगभग 19 साल बाद बना है। भक्तों के लिए यह समय हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त करने का अवसर माना जा रहा है।   क्यों कहा जाता है ‘बुढ़वा मंगल’? बड़ा मंगल को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। पौराणिक कथा के अनुसार महाभारत काल में हनुमान जी ने वृद्ध वानर का रूप धारण कर भीम के अहंकार को समाप्त किया था। इसी कारण इसे ‘बुढ़वा मंगल’ कहा जाता है। एक अन्य मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ही भगवान राम और हनुमान जी की पहली भेंट हुई थी। तभी से यह दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है।   बड़ा मंगल 2026 की तिथियां •    पहला बड़ा मंगल – 5 मई  •    दूसरा बड़ा मंगल – 12 मई  •    तीसरा बड़ा मंगल – 19 मई  •    चौथा बड़ा मंगल – 26 मई  •    पांचवां बड़ा मंगल – 2 जून  •    छठा बड़ा मंगल – 9 जून  •    सातवां बड़ा मंगल – 16 जून  •    आठवां बड़ा मंगल – 23 जून    कैसे करें पूजा? इस दिन सुबह स्नान कर लाल वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। भक्त हनुमान जी को चमेली के तेल में मिला सिंदूर चढ़ाते हैं और बूंदी के लड्डू, गुड़-चना व फल का भोग लगाते हैं। हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। अंत में आरती कर भगवान से सुख-समृद्धि और संकटों से रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
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