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Padmini Ekadashi 2026 Puja Guide

पद्मिनी एकादशी 2026: कल है भगवान विष्णु की विशेष पूजा, अभी नोट कर लें संपूर्ण पूजा सामग्री और विधि

surbhi मई 26, 2026 0
Devotees worshipping Lord Vishnu on Padmini Ekadashi with flowers, Tulsi leaves and traditional offerings
Padmini Ekadashi 2026 Vishnu Puja Vidhi

Padmini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में पद्मिनी एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे कमला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस वर्ष पद्मिनी एकादशी का व्रत 27 मई 2026, बुधवार को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से पापों का नाश होता है तथा साधक को यज्ञ और कठोर तपस्या के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।

पद्मिनी एकादशी 2026 का शुभ मुहूर्त

  • एकादशी तिथि प्रारंभ: 26 मई 2026, सुबह 5:10 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त: 27 मई 2026, सुबह 6:21 बजे
  • व्रत रखने की तिथि (उदयातिथि): 27 मई 2026, बुधवार
  • पारण का समय: 28 मई 2026, सुबह 5:25 बजे से 7:56 बजे तक

पूजा के लिए जरूरी सामग्री

यदि आप पद्मिनी एकादशी का व्रत करने जा रहे हैं तो पूजा शुरू करने से पहले ये सामग्री एकत्र कर लें - 

  • भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर
  • लकड़ी की चौकी
  • पीला वस्त्र
  • गंगाजल
  • दूध
  • दही
  • घी
  • शहद
  • देसी घी का दीपक
  • धूपबत्ती
  • अगरबत्ती
  • कपूर
  • पीला चंदन
  • कुमकुम
  • हल्दी
  • अक्षत (चावल)
  • ताजे फूल
  • तुलसी दल
  • मौसमी फल
  • मिठाई या प्रसाद

पद्मिनी एकादशी पूजा विधि

पद्मिनी एकादशी के दिन प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान की सफाई कर गंगाजल का छिड़काव करें। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत और पूजा का संकल्प लें।

चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। फिर जल, दूध और गंगाजल से भगवान का अभिषेक करें। इसके बाद चंदन, अक्षत, फूल और तुलसी दल अर्पित करें।

पूजा के दौरान धूप, दीप और अगरबत्ती जलाएं तथा भगवान विष्णु को फल और मिठाई का भोग लगाएं। इसके पश्चात विष्णु मंत्रों का जाप करें, पद्मिनी एकादशी व्रत कथा सुनें या पढ़ें और विष्णु चालीसा का पाठ करें। अंत में कपूर या दीपक से भगवान की आरती करें।

व्रत पारण कब करें?

एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी 28 मई 2026 को स्नान और पूजा के बाद निर्धारित शुभ मुहूर्त में करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सही समय पर पारण करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

पद्मिनी एकादशी का महत्व

धार्मिक ग्रंथों में पद्मिनी एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु की भक्ति करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन होता है। साथ ही व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त होता है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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10 मई की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1503 - इटली के खोजकर्ता और नाविक कोलंबस ने कायमान द्वीप की खोज की। 1526 - पानीपत की पहली लड़ाई में जीत के बाद बाबर ने तत्कालीन भारत की राजधानी अकबराबाद (आगरा) में प्रवेश किया। 1655 - ब्रिटिश सेना ने जमैका पर कब्जा किया। 1744 - लुई 15वें की मौत के बाद लुई 16वां फ्रांस का राजा बना। 1752 - बेंजामिन फ्रैंकलिन अपने पतंग-फ्लाइंग प्रयोग के साथ बिजली कंडक्टर की जांच किया। 1768 - जॉन विलक्स को "द नॉर्थ ब्रिटान" के लिए एक लेख लिखने के लिए कैद किया गया जिसमें किंग जॉर्ज III की गंभीर आलोचना की गयी थी। इस कार्रवाई से लंदन में दंगे हुए। 1774 - अपने दादा, लुई XV की मौत के बाद लुई XVI फ्रांस के राजा बने। 1796 - नेपोलियन ने लोदी ब्रिज के युद्ध में आस्ट्रिया को हराया। 1801 - त्रिपोली के पास्का ने कोंसलेट पर फांसी देने के बाद संयुक्त राज्य पर युद्ध की घोषणा की। 1810 - रेव. हेनरी डंकन ने स्कॉटलैंड के रूथवेल में दुनिया का पहला वाणिज्यिक बचत बैंक खोला था। 1823 - मिसिसिपी नदी को नेविगेट करने के लिए पहला स्टीमबोट फिटिंग स्नोलिंग पर आया। 1833 - ले वैन खोई विद्रोह सम्राट मिन्ह और वियतनाम के खिलाफ शुरू हुआ। 1837 - 1837 का आतंक (लड़ाई) न्यूयॉर्क शहर में शुरू हुआ।  1857 - भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम इसी दिन मेरठ की छावनी से आरंभ हुआ था। 1893 - लंदन में इंपीरियल संस्थान खोला गया। 1908 - वेस्ट वर्जिनिया के ग्रेफ्टन में चर्च सर्विस के दौरान पहला मदर्स डे मनाया गया। 1924 - जे एडगर हूवर को जांच ब्यूरो का प्रमुख नियुक्त किया गया। 1925 - न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री विलियम मासी का कार्यालय में निधन हुआ। 1934 - राजस्व अधिनियम संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी किया गया। 1936 - मैनुअल अज़ाना स्पेन के नए राष्ट्रपति बने। 1937 - 8वाँ इंपीरियल सम्मेलन लंदन में शुरू हुआ। 1946 - जवाहरलाल नेहरू भारत में कांग्रेस पार्टी के नेता चुने गए। 1993 - संतोष यादव दुनिया के सबसे ऊँचे पर्वत शिखर एवरेस्ट पर दो बार पहुंचने वाली विश्व की पहली महिला पर्वतारोही बनी। 1994 - दक्षिण अफ़्रीका में नेल्सन मंडेला द्वारा प्रिटोरिया में एक ऐतिहासिक समारोह में राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण की गयी। 2001 - भारत व ताजिकिस्तान ने संयुक्त घोषणा पर इस्ताक्षर किए। 2001 -  घाना में फ़ुटबाल मैच के दौरान हिंसा, 130 मरे। 2003 - मोजाम्बिक के राष्ट्रपति जोकि अल्बर्टो फिसानों 6 दिवसीय यात्रा पर भारत पहुँचे। 2005 - लाहौर-अमृतसर बस सेवा शुरू करने पर भारत और पाकिस्तान सहमत। 2006 - 1987 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित आस्कर एरियास ने दुबारा कोस्टारिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण की।  2006 - इसरो के अध्यक्ष जी. माधवन नायर और नासा के प्रशासक माइकेल ग्रिफ़िन ने चन्द्रमा पर भेजे जाने वाले भारत के चन्द्रयान 1 पर दो अमेरिकी वैज्ञानिक उपकरण लगाने के लिए एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।  2007 - अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने कार्य स्थली पर होने वाले भेदभाव पर रिपोर्ट जारी की। 2008 - लेबनान में ईरान समर्थित विद्रोही संगठन हिजबुल्ला ने राजधानी बेरुत के मुस्लिम इलाके पर क़ब्ज़ा करने का दावा किया। 2012 - दक्षिण-पश्चिम एशियाई सीरिया की राजधानी दमिश्क में दो बम धमाके में 55 लोगों की मौत और 370 अन्य घायल। 2019 - कराची से दिल्ली आ रहे विमान को भारतीय वायुसेना ने घेरकर जयपुर उतारा। 2019 - राष्ट्रपति ट्रंप ने पैट्रिक शानहान को बनाया नया रक्षामंत्री। 2020 - ईरान नौसेना अभ्‍यास के दौरान गलती से हुए प्रक्षेपास्‍त्र हमले में 19 सैनिक मारे गये और लगभग 15 अन्‍य घायल हुए। 2020 - वंदे भारत मिशन के तहत कुवैत से 171 फंसे भारतीय यात्रियों को लेकर विमान चेन्‍नई पहुंचा व उज़्बेकिस्तान से 21 भारतीय नागरिक नई दिल्ली पहुंचे। 2021 - नेपाल की सियासत - प्रधानमंत्री ओली संसद में विश्वास मत हारे। 2021 - संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 10 मई को अर्गानिया का अंतर्राष्ट्रीय दिवस घोषित किया। 2021 - हिमंत बिस्वा सरमा असम के 15वें मुख्यमंत्री बने , राज्यपाल जगदीश मुखी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।  10 मई को जन्मे व्यक्ति 1834 - अल्फ़्रेड बेब - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष थे। 1898 - विचित्र नारायण शर्मा - 'जमना लाल बजाज पुरस्कार' से सम्मानित प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं राजनीतिज्ञ थे। 1905 - पंकज मलिक - बांग्ला और हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध गायक, संगीतकार और अभिनेता। 1918 - रामेश्वर नाथ काव ने भारत की गुप्तचर संस्था रॉ को स्थापित किया। 1929 - सुभाष कश्यप - भारतीय संविधान के विशेषज्ञ एवं 'पद्म भूषण' से भी सम्मानित। 1951 - जनरल विजय कुमार सिंह, परम विशिष्ट सेवा मैडल, अति विशिष्ट सेवा मैडल, युद्ध सेवा मैडल, एडीसी भारतीय सेना को २६वें थल - सेनाध्यक्ष थे। 1961 - बृजलाल खाबरी - तेरहवीं लोकसभा के सदस्य । 1980 - योगेन्द्र सिंह यादव, परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक। 1986 - पेंटाला हरिकृष्णा एक भारतीय शतरंज खिलाड़ी।  10 मई को हुए निधन 1922 - छत्रपति साहू महाराज - महाराष्ट्र के प्रसिद्ध समाज सुधारक और दलितों के हितेषी। 1936 - मुख़्तार अहमद अंसारी - एक प्रसिद्ध चिकित्सक, प्रसिद्ध राष्ट्रवादी मुस्लिम नेता, जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में भाग लिया। 1983 - ज्ञानेन्द्रनाथ मुखर्जी - विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में सन १९६४ में भारत सरकार द्वारा, पद्म भूषण से सम्मानित । 1999 - पेनिसिलन के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सर एडवर्ड इब्राहम की मृत्यु। 2001 - सुधाकरराव नाईक -  महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री थे। 2002 - कैफ़ी आज़मी - फ़िल्म जगत् के मशहूर उर्दू शायर। 2005 - गोविंद नारायण सिंह - मध्य प्रदेश के भूतपूर्व 5वें मुख्यमंत्री। 2006 - भारत में सऊदी अरब के पहले राजदूत शेख़ मुहम्मद इब्न ऊमान अल मुलहेम का 105 वर्ष की आयु में निधन। 2010 - मैक मोहन - हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता थे। 2020 - ग्रैमी पुरस्कार विजेता गायिका बेट्टी राइट का निधन। 2020 - हरि शंकर वासुदेवन - एक भारतीय इतिहासकार, लेखक और एमेरिटस प्रोफेसर थे । 2020 - एक्टर साई गुंडेवार का 42 साल की उम्र में निधन हो गया। 2020 - अभिनेता शफीक अंसारी (Shafique Ansari) का कैंसर के चलते निधन हो गया। 2021 - अफगानिस्तान के शहर मजार-ए-शरीफ में भारतीय महावाणिज्य दूत विनेश कालरा का निधन हुआ। 2021 - भारत-पाकिस्तान के बीच 1971 में हुए युद्ध के हीरो रहे स्क्वाड्रन लीडर (रिटायर्ड) अनिल भल्ला का कोरोना संक्रमण से निधन हुआ।  10 मई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव  वैष्णव मतानुसार श्री जानकी जयन्ती । त्रिचूरपूरम् (केरल )। श्री सुमति नाथ भगवान तप / दीक्षा (वैशाख शुक्ल नवमी )। श्री योगेन्द्र सिंह यादव जयन्ती ( परमवीर चक्र सम्मानित )। श्री गोविंद नारायण सिंह स्मृति दिवस। श्री सुधाकरराव नाईक स्मृति दिवस। अंतर्राष्ट्रीय आर्गानिया दिवस (International Day of Argania)। कृपया ध्यान दें जी     यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है ।

Abhishek Singh जून 10, 2026 0
Aaj Ka Panchang

*🌞 ll~ वैदिक पंचांग ~ll 🌞*

Devotees worshipping Lord Rama, Lakshmana and Goddess Sita on Adhik Ram Lakshman Dwadashi.

अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी कब है? जानें सही तिथि, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

Illustration of the zodiac wheel showing daily horoscope predictions for all 12 zodiac signs on June 9, 2026.

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Hindu Panchang calendar with auspicious timings, Rahukaal and planetary positions for June 8, 2026
आज का पंचांग 8 जून 2026: आज अधिक मास की अष्टमी तिथि, जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त और दिनभर के प्रमुख योग

आज का पंचांग, 8 जून 2026: आज सोमवार, 8 जून 2026 को अधिक ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज शतभिषा नक्षत्र के बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। विष्कुम्भ योग के बाद प्रीति योग का आरंभ होगा। भगवान शिव की आराधना और धार्मिक कार्यों के लिए आज का दिन विशेष माना गया है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और विशेष उपाय। आज का पंचांग तिथि: कृष्ण अष्टमी 9 जून तड़के 03:23 बजे तक, इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी। नक्षत्र: शतभिषा नक्षत्र – प्रातः 09:09 बजे तक इसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र योग: विष्कुम्भ योग – प्रातः 09:28 बजे तक इसके बाद प्रीति योग करण: बालव करण – दोपहर 03:29 बजे तक इसके बाद कौलव करण सूर्य और चंद्रमा की स्थिति सूर्योदय: प्रातः 05:23 बजे सूर्यास्त: सायं 07:18 बजे चंद्रोदय: 9 जून को रात्रि 12:50 बजे चंद्रास्त: दोपहर 12:06 बजे चंद्रमा: कुंभ राशि में 9 जून तड़के 03:36 बजे तक रहेंगे, इसके बाद मीन राशि में प्रवेश करेंगे। आज के शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11:52 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 03:52 बजे से 04:38 बजे तक अमृत काल 9 जून तड़के 01:29 बजे से 03:07 बजे तक आज के अशुभ मुहूर्त राहुकाल प्रातः 07:30 बजे से 09:00 बजे तक यमगंड काल प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक गुलिक काल दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक आज का नक्षत्र विशेष आज पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इससे पहले प्रातः तक शतभिषा नक्षत्र रहेगा, जिसका स्वामी राहु और देवता वरुण माने जाते हैं। यह नक्षत्र शोध, चिकित्सा, आध्यात्मिकता, रहस्य और नवाचार से जुड़े कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग सामान्यतः बुद्धिमान, सत्यनिष्ठ, स्वतंत्र विचारों वाले और समस्याओं का समाधान खोजने में कुशल माने जाते हैं। इनमें रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता भी प्रबल होती है। आज का विशेष उपाय सोमवार के दिन भगवान शिव का दूध से अभिषेक करें तथा शिव चालीसा का पाठ करें। जरूरतमंद लोगों को चावल, चीनी या मिश्री का दान करना भी अत्यंत शुभ माना गया है। ऐसा करने से मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।  

surbhi जून 8, 2026 0
Zodiac signs horoscope chart with planetary movements and daily astrology predictions

आज शुक्र के गोचर से चमकेगी किस्मत या बढ़ेगी टेंशन? जानिए 12 राशियों का पूरा हाल

Aaj Ka Itihas

7 जून की महत्वपूर्ण घटनाएं

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आज का राशिफल 7 जून 2026

Aaj Ka Panchang
आज का वैदिक पंचांग | 7 जून 2026, रविवार

वार: रविवार पक्ष: कृष्ण पक्ष माह: ज्येष्ठ मास तिथि: सप्तमी तिथि (रात 3:24 AM तक), इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ नक्षत्र: धनिष्ठा (सुबह 7:55 AM तक), फिर शतभिषा नक्षत्र योग: वैधृति योग (सुबह 10:02 AM तक), इसके बाद विष्कुम्भ योग करण: बव, फिर बालव चंद्र राशि: कुंभ राशि सूर्योदय: सुबह लगभग 5:08 बजे सूर्यास्त: शाम लगभग 6:32 बजे शुभ मुहूर्त: अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:54 AM – 12:49 PM ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 3:58 AM – 4:39 AM अमृत काल: सुबह 10:18 AM – 11:49 AM अशुभ समय: राहुकाल: शाम 5:30 PM – 7:00 PM यमगंड: दोपहर 12:45 PM – 2:25 PM गुलिक काल: 3:55 PM – 5:30 PM आज का विशेष महत्व: आज अधिक भानु सप्तमी का विशेष महत्व माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य उपासना, दान-पुण्य और पूजा-पाठ के लिए दिन शुभ माना जाता है।

Abhishek Singh जून 7, 2026 0
Zodiac symbols representing weekly love predictions for all 12 signs from June 8 to 14, 2026.

साप्ताहिक लव राशिफल 8 से 14 जून 2026: कर्क और तुला राशि के जीवन में बढ़ेगा रोमांस, जानें सभी 12 राशियों का हाल

Devotees offering prayers to Lord Surya during Bhanu Saptami with traditional rituals and offerings.

भानु सप्तमी 2026: जीवनभर पाप करने वाली इन्दुमती को कैसे मिला मोक्ष? जानिए व्रत कथा और सूर्यदेव के 108 नामों का महत्व

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अंक ज्योतिष 5 जून 2026: मूलांक 5 के लिए नेटवर्किंग का सुनहरा मौका, मूलांक 6 को मिलेगा अपनों का साथ

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