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AIIMS NORCET 2026 Result घोषित

AIIMS NORCET 2026 Result: 51 हजार से अधिक उम्मीदवार सफल, स्टेज-II के लिए 14,527 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
Candidates checking AIIMS NORCET 2026 result online on official website after exam results announcement
AIIMS NORCET 2026 Result Declared

नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने नर्सिंग ऑफिसर भर्ती के लिए आयोजित AIIMS Nursing Officer Recruitment Common Eligibility Test (NORCET) 2026 का रिजल्ट आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे उम्मीदवार अब संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट aiimsexams.ac.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।

AIIMS द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस परीक्षा के लिए कुल 97,149 उम्मीदवारों को सीट आवंटित की गई थी, जिनमें से 92,026 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 51,451 उम्मीदवारों को क्वालिफाई घोषित किया गया है। इसके अलावा, स्टेज-II परीक्षा के लिए 14,527 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।

यह परीक्षा 11 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी और अब चयनित अभ्यर्थियों को अगले चरण यानी स्टेज-II में शामिल होना होगा, जो 30 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी।

कटऑफ भी जारी

रिजल्ट के साथ AIIMS ने कैटेगरी वाइज कटऑफ पर्सेंटाइल भी जारी कर दी है।

  • अनारक्षित (UR): 93.5887683 पर्सेंटाइल
  • EWS: 78.9831134 पर्सेंटाइल
  • OBC: 84.2077239 पर्सेंटाइल
  • SC: 81.9605328 पर्सेंटाइल
  • ST: 74.4746050 पर्सेंटाइल
    PwBD उम्मीदवारों के लिए अलग से कटऑफ निर्धारित की गई है।

ऐसे चेक करें रिजल्ट

  • आधिकारिक वेबसाइट aiimsexams.ac.in पर जाएं
  • होमपेज पर Recruitment सेक्शन में क्लिक करें
  • “AIIMS NORCET Result 2026” लिंक खोलें
  • रिजल्ट PDF में अपना रोल नंबर सर्च करें
  • भविष्य के लिए PDF डाउनलोड कर लें

इस बार बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के सफल होने से स्टेज-II में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने नर्सिंग ऑफिसर भर्ती के लिए आयोजित AIIMS Nursing Officer Recruitment Common Eligibility Test (NORCET) 2026 का रिजल्ट आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे उम्मीदवार अब संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट aiimsexams.ac.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। AIIMS द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस परीक्षा के लिए कुल 97,149 उम्मीदवारों को सीट आवंटित की गई थी, जिनमें से 92,026 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 51,451 उम्मीदवारों को क्वालिफाई घोषित किया गया है। इसके अलावा, स्टेज-II परीक्षा के लिए 14,527 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। यह परीक्षा 11 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी और अब चयनित अभ्यर्थियों को अगले चरण यानी स्टेज-II में शामिल होना होगा, जो 30 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। कटऑफ भी जारी रिजल्ट के साथ AIIMS ने कैटेगरी वाइज कटऑफ पर्सेंटाइल भी जारी कर दी है। अनारक्षित (UR): 93.5887683 पर्सेंटाइल EWS: 78.9831134 पर्सेंटाइल OBC: 84.2077239 पर्सेंटाइल SC: 81.9605328 पर्सेंटाइल ST: 74.4746050 पर्सेंटाइल PwBD उम्मीदवारों के लिए अलग से कटऑफ निर्धारित की गई है। ऐसे चेक करें रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट aiimsexams.ac.in पर जाएं होमपेज पर Recruitment सेक्शन में क्लिक करें “AIIMS NORCET Result 2026” लिंक खोलें रिजल्ट PDF में अपना रोल नंबर सर्च करें भविष्य के लिए PDF डाउनलोड कर लें इस बार बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के सफल होने से स्टेज-II में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।  

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