मुंबई: धर्मा प्रोडक्शंस से जुड़े प्रोड्यूसर और क्रिएटिव डेवलपमेंट हेड सोमेन मिश्रा के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। सोमेन ने फिल्ममेकर अनुराग कश्यप को लेकर दावा किया है कि उन्होंने एक बार उनके घर आकर उनका सिर फोड़ने की धमकी दी थी।
हालांकि, सोमेन मिश्रा ने इस कथित घटना के बारे में विस्तार से कोई जानकारी साझा नहीं की है। वहीं, अनुराग कश्यप की ओर से भी इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब प्रकाशन संस्था पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने फिल्ममेकर अनुराग कश्यप पर आधारित एक नई किताब के अधिकार हासिल करने का ऐलान किया। इस किताब को पत्रकार नमन रामचंद्रन और स्वयं अनुराग कश्यप मिलकर लिख रहे हैं।
इसी घोषणा से जुड़े एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए सोमेन मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:
"अगर इसमें वह चैप्टर नहीं है, जिसमें AK (अनुराग कश्यप) मेरे घर आकर मेरा सिर फोड़ने की धमकी देते हैं, तो यह किसी काम की नहीं है।"
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई।
सोमेन मिश्रा ने एक अन्य पोस्ट में फिल्मों की विरासत और बॉक्स ऑफिस सफलता पर अपनी राय रखते हुए कहा कि केवल कमाई के आधार पर किसी फिल्मकार की विरासत तय नहीं की जा सकती।
उन्होंने लिखा कि अगर सिर्फ बॉक्स ऑफिस सफलता ही मापदंड होती, तो फिल्म स्कूलों में गुरु दत्त की फिल्मों की बजाय 'जय संतोषी मां' जैसे ब्लॉकबस्टर सिनेमा का अध्ययन किया जाता।
सोमेन मिश्रा के पोस्ट वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनसे पूरी घटना के बारे में जानकारी देने की मांग की।
कुछ यूजर्स ने पूछा:
हालांकि, अब तक सोमेन मिश्रा ने इस कथित घटना को लेकर कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की है।
सोमेन मिश्रा लंबे समय से धर्मा प्रोडक्शंस और धर्माटिक एंटरटेनमेंट से जुड़े हुए हैं। वह वर्तमान में कंपनी में हेड ऑफ क्रिएटिव डेवलपमेंट (स्क्रिप्ट्स) की भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कई चर्चित फिल्मों पर काम किया है, जिनमें:
जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
दूसरी ओर, अनुराग कश्यप अपनी हालिया फिल्म 'बंदर' को लेकर सुर्खियों में रहे। बॉबी देओल अभिनीत इस फिल्म को समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।
नोट: अनुराग कश्यप पर लगाया गया यह आरोप फिलहाल केवल सोमेन मिश्रा के सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। इस मामले में स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और अनुराग कश्यप की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड और हॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना चुकी अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जल्द ही ऑस्कर विजेता हॉलीवुड स्टार एंजेलिना जोली के साथ एक नए प्रोजेक्ट में नजर आ सकती हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान प्रियंका ने इस सहयोग की पुष्टि करते हुए बताया कि वह जोली के साथ काम करने जा रही हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह किसी फिल्म, विज्ञापन अभियान या किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय परियोजना का हिस्सा है। खुलासे के बाद फैंस में बढ़ा उत्साह प्रियंका के इस बयान के बाद उनके प्रशंसकों के बीच उत्साह बढ़ गया है। दोनों अंतरराष्ट्रीय सितारों को एक साथ देखने के लिए फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल इस प्रोजेक्ट से जुड़ी बाकी जानकारियां गोपनीय रखी गई हैं, जिससे इसे लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है। इन अभिनेत्रियों को मानती हैं प्रेरणा बातचीत के दौरान प्रियंका चोपड़ा ने हॉलीवुड की उन महिलाओं का भी जिक्र किया, जिनसे उन्हें प्रेरणा मिलती है। उन्होंने एंजेलिना जोली, पेनेलोप क्रूज और सलमा हायेक के नाम लेते हुए कहा कि वह उनके काम और मनोरंजन जगत में दिए गए योगदान की बेहद प्रशंसा करती हैं। प्रियंका ने उन्हें अपनी दोस्त और प्रेरणास्रोत भी बताया। कई बड़े प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं प्रियंका वर्क फ्रंट की बात करें तो प्रियंका चोपड़ा इन दिनों निर्देशक एस.एस. राजामौली की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'वाराणसी' की शूटिंग के अंतिम चरण में व्यस्त हैं। अभिनेत्री इस फिल्म को अपने करियर की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक मानती हैं। इसके अलावा वह फिल्म निर्माता मीरा नायर की बायोपिक ड्रामा 'अमरी' में भी नजर आएंगी। वहीं ऑरलैंडो ब्लूम के साथ उनके आगामी प्रोजेक्ट की भी चर्चा है। अब एंजेलिना जोली के साथ संभावित सहयोग ने प्रियंका के अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता और मार्शल आर्ट्स एक्सपर्ट विद्युत जामवाल की लोकप्रियता अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी से बढ़ रही है। फिटनेस, एक्शन और अपने स्टंट खुद करने के लिए मशहूर विद्युत के फैंस की सूची में अब हॉलीवुड सुपरस्टार जेसन मोमोआ का नाम भी जुड़ गया है। हॉलीवुड फिल्म 'स्ट्रीट फाइटर' में विद्युत जामवाल के साथ काम कर रहे जेसन मोमोआ ने अभिनेता की जमकर तारीफ की और उन्हें दुनिया के सबसे खूबसूरत और प्रतिभाशाली लोगों में से एक बताया। जेसन मोमोआ ने की खुलकर तारीफ एक इंटरव्यू में जेसन मोमोआ ने विद्युत जामवाल के व्यक्तित्व, करिश्मे और मार्शल आर्ट्स में उनकी महारत की प्रशंसा करते हुए कहा, "वह सबसे खूबसूरत इंसानों में से एक हैं। वह बेहद टैलेंटेड और अविश्वसनीय हैं।" मोमोआ ने यह भी माना कि विद्युत का मार्शल आर्ट्स कौशल उन्हें बेहद प्रभावित करता है। मजाक में मांगा बॉलीवुड में काम जेसन मोमोआ ने हंसते हुए कहा कि अब विद्युत जामवाल को उन्हें बॉलीवुड में काम दिलाने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। उन्होंने कहा, "उन्हें मेरे लिए बॉलीवुड में कुछ इंतजाम करना चाहिए। हमें साथ में कुछ करना चाहिए। मैं एक दिन भारत जरूर आऊंगा और उस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।" 'स्ट्रीट फाइटर' से हॉलीवुड डेब्यू करेंगे विद्युत विद्युत जामवाल हॉलीवुड फिल्म 'स्ट्रीट फाइटर' के जरिए अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में कदम रखने जा रहे हैं। यह फिल्म अक्टूबर 2026 में रिलीज होने वाली है। फिल्म में विद्युत योग गुरु धल्सिम (Dhalsim) का किरदार निभाते नजर आएंगे। इस फिल्म में जेसन मोमोआ के अलावा: नोआ सेंटिनियो एंड्रयू कोजी कलिना लियांग कोडी रोड्स ऑरविल पेक ओलिवियर रिच्टर्स हिरोकी गोटो रेना वल्लैंडिंघम अलेक्जेंडर वोल्कानोव्स्की जैसे कई कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म का निर्देशन किताओ सकुराई कर रहे हैं। संस्कृत भाषण और गायत्री मंत्र से भी बटोर चुके हैं सुर्खियां हाल ही में विद्युत जामवाल लोनावला के कैवल्यधाम में आयोजित एक योग कार्यक्रम में धाराप्रवाह संस्कृत भाषण और शंखनाद के कारण चर्चा में आए थे। इससे पहले उन्होंने लास वेगास में आयोजित CinemaCon 2026 में गायत्री मंत्र और अन्य वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर भारतीय संस्कृति की झलक दुनिया के सामने पेश की थी, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब सराहना हुई। साल 2018 में विद्युत जामवाल को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मार्शल आर्टिस्ट्स की सूची में भी शामिल किया गया था। यही वजह है कि आज उनकी पहचान सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं रही, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मजबूत होती जा रही है।
बॉक्स ऑफिस पर इस हफ्ते कई फिल्मों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला। जहां विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म 'हॉन्टेड 3डी: इकोज ऑफ द पास्ट' ने रिलीज के महज सात दिनों में अपना पूरा बजट निकाल लिया, वहीं इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा' को शानदार वर्ड ऑफ माउथ का फायदा मिलता नजर आया। दूसरी ओर कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' और मनोज बाजपेयी की 'गवर्नर' पहले ही हफ्ते में बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती दिखीं। 'हॉन्टेड 3डी' ने सात दिन में निकाली लागत करीब 15 करोड़ रुपये के बजट में बनी 'हॉन्टेड 3डी: इकोज ऑफ द पास्ट' ने पहले सप्ताह में 15.90 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है। मिमोह चक्रवर्ती और चेतना पांडे स्टारर इस हॉरर फिल्म को कम बजट का फायदा मिला और फिल्म अपनी लागत निकालने में सफल रही। पहले सप्ताह का कलेक्शन: ₹15.90 करोड़ 'मैं वापस आऊंगा' को मिला दर्शकों का प्यार इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी 'मैं वापस आऊंगा' को समीक्षकों और दर्शकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। वीकडेज में भी फिल्म की कमाई लगातार बढ़ती रही। सातवें दिन फिल्म ने 2.20 करोड़ रुपये की कमाई की, जो इसके ओपनिंग डे कलेक्शन से लगभग दोगुनी है। अब तक फिल्म का भारतीय नेट कलेक्शन 12.25 करोड़ रुपये और वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 21.85 करोड़ रुपये पहुंच चुका है। हालांकि फिल्म का बजट करीब 70 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, लेकिन मजबूत वर्ड ऑफ माउथ इसके लिए उम्मीदें बढ़ा रहा है। 'भारत भाग्य विधाता' को नहीं मिला दर्शकों का साथ कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। 60 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म पहले हफ्ते में सिर्फ 6.55 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर सकी। सातवें दिन फिल्म की कमाई मात्र 45 लाख रुपये रही, जिससे इसकी आगे की राह और मुश्किल होती नजर आ रही है। मनोज बाजपेयी की 'गवर्नर' साबित हुई निराशाजनक मनोज बाजपेयी स्टारर 'गवर्नर' भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल नहीं रही। लगभग 25 करोड़ रुपये के बजट वाली इस फिल्म ने पहले सप्ताह में केवल 5.05 करोड़ रुपये का नेट कारोबार किया। सातवें दिन फिल्म ने महज 30 लाख रुपये कमाए, जिसके बाद इसे बॉक्स ऑफिस पर बड़ी असफलता माना जा रहा है। 'है जवानी तो इश्क होना है' की रफ्तार हुई धीमी वरुण धवन, पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर की रोमांटिक कॉमेडी 'है जवानी तो इश्क होना है' दूसरे सप्ताह में कमजोर पड़ती दिखाई दी। 14वें दिन फिल्म की कमाई पहली बार करोड़ों से गिरकर लाखों में पहुंच गई। फिल्म ने दो सप्ताह में भारत में 49.40 करोड़ रुपये का नेट और दुनियाभर में 72.67 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है। जबकि इसका बजट करीब 95 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। अब सबकी नजर 'कॉकटेल 2' पर 19 जून को रिलीज हुई शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर 'कॉकटेल 2' ने रिलीज से पहले शानदार एडवांस बुकिंग दर्ज की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने प्री-बुकिंग से ही 5.57 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है और पहले दिन 10 से 12 करोड़ रुपये की ओपनिंग की उम्मीद जताई जा रही है।