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Kangana Confronts Ram Kapoor in Lock Upp 2

Lock Upp 2: कंगना रनौत ने राम कपूर की लगाई क्लास, बोलीं— 'अगर इतने बड़े हैं तो शो में आए क्यों?'

surbhi जुलाई 2, 2026 0
Kangana Ranaut confronts Ram Kapoor in Lock Upp 2 promo over his attitude, sparking a heated exchange.
Kangana Ranaut Slams Ram Kapoor in Lock Upp 2

नई दिल्ली: रियलिटी शो 'लॉक अप 2' में इस बार हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिलने वाला है। शो के नए प्रोमो में अभिनेत्री कंगना रनौत कंटेस्टेंट्स को उनकी परफॉर्मेंस और रवैये पर कड़ी फटकार लगाती नजर आ रही हैं। सबसे ज्यादा निशाने पर अभिनेता राम कपूर रहे, जिनसे कंगना ने तीखे सवाल पूछते हुए उनके व्यवहार पर नाराजगी जताई।

प्रोमो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस एपिसोड को लेकर चर्चा तेज हो गई है और दर्शक पूरे एपिसोड का इंतजार कर रहे हैं।

राम कपूर से कंगना का सीधा सवाल

प्रोमो में कंगना रनौत, राम कपूर से कहती हैं कि अगर उन्हें लगता है कि वह इस शो से बड़े हैं और गेम को गंभीरता से नहीं लेना चाहते, तो फिर शो का हिस्सा बनने की जरूरत ही क्या थी।

कंगना कहती हैं—

"अगर आपको लगता है कि आप इस जेल के लिए बहुत बड़े हैं, तो फिर यहां आए क्यों? क्या सिर्फ अपना फूहड़पन दिखाने के लिए?"

उनके इस सवाल के बाद माहौल और भी गर्म हो जाता है।

राम कपूर ने क्या दिया जवाब?

कंगना की बात का जवाब देते हुए राम कपूर कहते हैं—

"जब सही समय आएगा, तब मैं भी अपना सच स्वीकार करूंगा और यहां मौजूद किसी भी व्यक्ति से बेहतर तरीके से करूंगा।"

हालांकि, राम के इस जवाब से कंगना संतुष्ट नजर नहीं आतीं।

कंगना ने दी नसीहत

राम कपूर के जवाब के बाद कंगना उन्हें समझाते हुए कहती हैं—

"अगर आप खुद में सुधार करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपना बचाव करना बंद कीजिए।"

इस बातचीत ने प्रोमो को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।

आकांक्षा चमोला और श्रेया कालरा के बीच भी बढ़ा विवाद

प्रोमो में एक और बड़ा मोड़ तब आता है, जब शो के होस्ट रितेश देशमुख कंटेस्टेंट आकांक्षा चमोला को बताते हैं कि उनकी दो लाइफलाइन खत्म हो चुकी हैं।

इसके बाद उन्हें दिखाया जाता है कि कंटेस्टेंट श्रेया कालरा ने बातचीत के दौरान आकांक्षा का एक निजी राज सार्वजनिक कर दिया, जिससे शो में नया विवाद खड़ा हो जाता है।

पहले भी विवादों में रहे हैं राम कपूर

'लॉक अप 2' की शुरुआत से ही राम कपूर अपने बयानों और व्यवहार को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं।

हाल ही के एक एपिसोड में उन्होंने शादी और रिश्तों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि किसी रिश्ते में सच्चा प्यार हो, तो मुश्किल हालात में हुई गलतियों के बावजूद रिश्ता बचाया जा सकता है।

उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिलीं। कई दर्शकों और कुछ कंटेस्टेंट्स ने भी इस पर आपत्ति जताई थी।

इसके अलावा, शो के एक अन्य एपिसोड में होस्ट रितेश देशमुख के साथ उनकी बातचीत को लेकर भी सोशल मीडिया पर बहस देखने को मिली थी।

क्या बढ़ेगी शो की टीआरपी?

कंगना रनौत की एंट्री और उनके बेबाक अंदाज ने 'लॉक अप 2' को नई चर्चा दे दी है। अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि पूरे एपिसोड में राम कपूर और कंगना रनौत के बीच बातचीत किस मोड़ तक पहुंचती है और इसका शो की आगे की कहानी पर क्या असर पड़ता है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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सोशल मीडिया स्टार ऋषभ यादव ने कमाई से खरीदी बुलेट, पिता खेसारी लाल को किया खुश

पटना,एजेंसियां। भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव इन दिनों किसी फिल्म या गाने नहीं, बल्कि अपने बेटे ऋषभ यादव की वजह से सुर्खियों में हैं। महज 11 साल की उम्र में ऋषभ ने अपनी कमाई से एक नई बुलेट बाइक खरीदकर अपने पिता को गिफ्ट की है। इस खास पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे फैंस खूब पसंद कर रहे हैं और पिता-पुत्र की इस खूबसूरत बॉन्डिंग की जमकर तारीफ कर रहे हैं।   वीडियो में दिखा भावुक कर देने वाला पल वायरल वीडियो में खेसारी लाल यादव अपने बेटे के साथ नई बुलेट बाइक के पास खड़े नजर आते हैं। इस दौरान उन्होंने बताया कि बाइक ऋषभ ने अपनी मेहनत की कमाई से खरीदी है और उन्हें उपहार में दी है। खेसारी ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह उनके बेटे का प्यार है और वह चाहते हैं कि लोग ऋषभ को खूब आशीर्वाद दें, ताकि वह आगे और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब फैंस का प्यार मिला तो बेटा आगे चलकर फॉर्च्यूनर भी खरीद लेगा।   व्लॉगिंग से कर रहे हैं अच्छी कमाई कम उम्र में ही ऋषभ यादव सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हो चुके हैं। उनके व्लॉग्स को लाखों लोग देखते हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनके बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। इसी के जरिए वह अच्छी कमाई भी कर रहे हैं। उनके वीडियो में कई बार खेसारी लाल यादव और परिवार के अन्य सदस्य भी नजर आते हैं, जिससे दर्शकों का जुड़ाव और बढ़ जाता है।   फिल्मों में भी रख चुके हैं कदम सोशल मीडिया के अलावा ऋषभ अभिनय की दुनिया में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने भोजपुरी फिल्म 'रंग दे बसंती' से अभिनय की शुरुआत की थी, जिसमें उनके पिता खेसारी लाल यादव मुख्य भूमिका में थे। कम उम्र में ही डिजिटल प्लेटफॉर्म और फिल्मों में सक्रिय ऋषभ लगातार अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। पिता को अपनी कमाई से बुलेट गिफ्ट करने के बाद वह एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं और फैंस उनके इस कदम को मेहनत, संस्कार और पारिवारिक प्रेम का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं।

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Comedian Sunil Pal speaks about Samay Raina's alleged ₹25 lakh offer for India's Got Latent Season 2.
सुनील पाल का दावा: समय रैना ने 'India's Got Latent 2' के लिए दिए थे ₹25 लाख का ऑफर, बताया क्यों ठुकराया

नई दिल्ली: कॉमेडियन सुनील पाल एक बार फिर कॉमेडियन और कंटेंट क्रिएटर समय रैना को लेकर दिए गए अपने बयान की वजह से चर्चा में हैं। सुनील पाल ने दावा किया है कि समय रैना ने उन्हें 'India's Got Latent Season 2' में बतौर गेस्ट शामिल होने के लिए 25 लाख रुपये का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। उनका कहना है कि शो की भाषा और कंटेंट उनकी सोच से मेल नहीं खाते, इसलिए उन्होंने हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। ₹25 लाख का ऑफर, लेकिन रख दी अपनी शर्त हाल ही में पैपराजी से बातचीत के दौरान सुनील पाल ने कहा कि समय रैना ने उन्हें शो में आने के लिए 25 लाख रुपये देने की बात कही थी। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि वह किसी भी कीमत पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे। सुनील पाल ने कहा, "उसने 25 लाख रुपये देने की बात की थी, लेकिन मैंने कहा कि मैं गाली नहीं दूंगा। इस पर उसने कहा कि आप मत दीजिए, लेकिन बाकी लोग तो देंगे।" उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर शो की कंटेंट स्टाइल और कॉमेडी को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। आलिया भट्ट पर भी कसा तंज जब उनसे पूछा गया कि शो में अभिनेत्री आलिया भट्ट और शरवरी भी आई थीं और उन्होंने भी गालियां नहीं दी थीं, तो सुनील पाल ने अपने अंदाज में तंज कसते हुए कहा, "जहां-जहां है आलिया, वहां-वहां हैं गालियां। बजा दो तालियां, वरना सपने में आएगा विजय माल्या।" उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पहले भी कर चुके हैं शो पर टिप्पणी यह पहली बार नहीं है जब सुनील पाल ने India's Got Latent को लेकर बयान दिया हो। इससे पहले उन्होंने कहा था कि अगर शो में वास्तविक पारिवारिक माहौल दिखाना है तो समय रैना को जज की कुर्सी पर अपने माता-पिता को बैठाकर उसी तरह का कंटेंट पेश करना चाहिए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा था कि तभी पता चलेगा कि शो का कंटेंट परिवार के सामने भी सहजता से पेश किया जा सकता है या नहीं। विवाद की शुरुआत कैसे हुई? सुनील पाल और समय रैना के बीच विवाद की शुरुआत 'India's Got Latent' के पहले सीजन के दौरान हुई थी। शो के एक एपिसोड में रणवीर अल्लाहबादिया की विवादित टिप्पणी के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और कई जगह एफआईआर भी दर्ज हुईं। उस दौरान सुनील पाल ने शो के कंटेंट की खुलकर आलोचना की थी और समय रैना को लेकर भी कड़ी टिप्पणियां की थीं। बाद में दोनों 'The Great Indian Kapil Show' में साथ नजर आए, जहां मंच पर भी दोनों के बीच तंज और नोकझोंक देखने को मिली। क्या फिर बढ़ेगा विवाद? सुनील पाल के नए दावे के बाद एक बार फिर India's Got Latent और समय रैना चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। हालांकि अभी तक समय रैना या उनकी टीम की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बयान पर उनकी ओर से कोई जवाब आता है या नहीं।  

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Reeva Kishan
पिता के लिए भावुक हुईं रीवा किशन, बोलीं- 'आप ही मेरे सबसे सच्चे साथी हैं'

मुंबई, एजेंसियां। भोजपुरी सुपरस्टार और सांसद रवि किशन की बेटी व अभिनेत्री रीवा किशन ने सोशल मीडिया पर अपने पिता के लिए एक बेहद भावुक पोस्ट साझा किया है। रियलिटी शो 'द अलायंस' से रवि किशन के बाहर होने के बाद रीवा ने इंस्टाग्राम पर बचपन से लेकर वर्तमान तक की दो खास तस्वीरें साझा करते हुए पिता के प्रति अपना प्यार और सम्मान व्यक्त किया। उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।   रीवा ने अपने के लिए भावुक कैप्शन लिखा रीवा ने जो तस्वीरें साझा की हैं, उनमें पहली फोटो बचपन की है, जिसमें वह अपने पिता की गोद में मुस्कुराती नजर आ रही हैं। दूसरी तस्वीर हाल की है, जिसमें दोनों की मजबूत बॉन्डिंग साफ दिखाई देती है। इन तस्वीरों के साथ रीवा ने भावुक कैप्शन लिखा कि भले ही उनके पिता ने शो छोड़ दिया हो, लेकिन उनके बीच का रिश्ता हमेशा अटूट रहेगा।   उन्होंने लिखा कि उनके पिता ने जीवन के हर मोड़ पर उनकी रक्षा की, सही राह दिखाई और हमेशा उनका साथ दिया। रीवा ने रवि किशन को अपना "सबसे सच्चा साथी" बताते हुए कहा कि उन्हें जीवन में सबसे ज्यादा उनके साथ की जरूरत है। उन्होंने यह भी लिखा कि 'द अलायंस' में पिता के साथ बिताया गया समय उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा और वह उन्हें तथा महादेव को गर्व महसूस कराने के लिए हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेंगी।   रवि किशन ने शो छोड़ते समय भी सभी प्रतियोगियों को भावुक कर दिया था  उन्होंने कहा कि उन्हें दर्शकों और प्रतिभागियों से भरपूर प्यार मिला, लेकिन सांसद होने के नाते अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि अब उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र गोरखपुर लौटना होगा, क्योंकि जनता ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। वर्क फ्रंट की बात करें तो रवि किशन इन दिनों फिल्मों और वेब सीरीज दोनों में सक्रिय हैं। 'लापता लेडीज' और 'खाकी: द बिहार चैप्टर' में उनके अभिनय की खूब सराहना हुई थी। अब दर्शक उन्हें जल्द ही बहुप्रतीक्षित फिल्म 'द मिर्जापुर मूवी' में एक अहम भूमिका में देखेंगे।

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