फैशन और ब्यूटी

Rihanna’s Mumbai Message

मुंबई में Rihanna का दमदार संदेश: “महिलाएं सिर्फ देखी और सुनी जाना चाहती हैं”

surbhi अप्रैल 27, 2026 0
Rihanna speaking at Fenty Beauty Ki Haveli Mumbai event about women empowerment and beauty inclusivity
Rihanna Mumbai Fenty Beauty Event Message

ग्लोबल पॉप आइकन और बिजनेसवुमन Rihanna ने मुंबई में आयोजित Fenty Beauty Ki Haveli इवेंट के दौरान महिलाओं की पहचान, प्रतिनिधित्व और आवाज़ को लेकर एक मजबूत संदेश दिया। उनका साफ कहना था—“महिलाएं सिर्फ देखी जाना चाहती हैं, सुनी जाना चाहती हैं… बात इतनी ही सी है।”

यह इवेंट मुंबई के Phoenix Palladium में आयोजित किया गया, जहां Fenty Beauty ने पारंपरिक ब्यूटी काउंटर की जगह एक एक्सपीरिएंस-ड्रिवन स्पेस तैयार किया। अलग-अलग सेक्शन—पाउडर रूम, ड्रॉइंग रूम और ग्लॉस ज़ोन—के जरिए ब्यूटी को एक इंटरैक्टिव अनुभव बनाया गया।

इवेंट में Rihanna का खास अंदाज़

जैसे ही Rihanna ने एंट्री की, माहौल बदल गया। उन्होंने मेहमानों से औपचारिक दूरी बनाए रखने के बजाय खुद बातचीत शुरू की, लोगों को गले लगाया और हर इंटरैक्शन को पर्सनल बना दिया।

कई कंटेंट क्रिएटर्स के साथ शूट के दौरान उन्होंने सीन को खुद गाइड किया, सुझाव दिए और यहां तक कि भारतीय डांस फॉर्म भरतनाट्यम भी ट्राय किया। यह दिखाता है कि वह सिर्फ एक ब्रांड फेस नहीं, बल्कि एक्टिव क्रिएटर की तरह काम करती हैं।

ब्यूटी इंडस्ट्री में इनक्लूसिविटी पर जोर

Fenty Beauty की शुरुआत 2017 में एक अहम सवाल के साथ हुई थी—“ब्यूटी इंडस्ट्री ने किन लोगों को नजरअंदाज किया है?”

मुंबई इवेंट में यह सोच और स्पष्ट दिखी। जब एक यूजर ने सही फाउंडेशन शेड न मिलने की समस्या बताई, तो Rihanna ने खुद शेड मैच करने में मदद की। उनका कहना था—“मेरे रहते कोई भी स्किन टोन ऐशी या ऑरेंज नहीं दिखेगा।”

यह सिर्फ मार्केटिंग लाइन नहीं, बल्कि ब्रांड की फिलॉसफी का हिस्सा है—हर स्किन टोन को सही पहचान देना।

“महिलाओं को सिर्फ पहचान चाहिए”

बातचीत के दौरान Rihanna ने महिलाओं की स्थिति पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज भी महिलाएं अपनी पहचान और विचारों को गंभीरता से लिए जाने के लिए संघर्ष कर रही हैं।

उनके मुताबिक,
“हम बस चाहते हैं कि हमें देखा जाए, सुना जाए और हमारे आइडियाज मायने रखें।”

उन्होंने यह भी कहा कि कई इंडस्ट्रीज महिलाओं के काम और समझ पर टिकी हैं, लेकिन उनके विचारों को तब तक महत्व नहीं मिलता जब तक वे प्रॉफिट में न बदल जाएं।

भारत में ब्यूटी की जटिलता को समझना

Rihanna ने भारतीय ब्यूटी कल्चर की विविधता को भी स्वीकार किया—जहां स्किन टोन, परंपराएं, जलवायु और व्यक्तिगत पसंद मिलकर एक अलग पहचान बनाते हैं।

उनका मानना है कि ब्यूटी सिर्फ मेकअप प्रोडक्ट नहीं, बल्कि यह इस बात से जुड़ा है कि महिलाएं खुद को कैसे देखती हैं और दुनिया के सामने कैसे पेश करना चाहती हैं।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

फैशन और ब्यूटी

View more
Rihanna speaking at Fenty Beauty Ki Haveli Mumbai event about women empowerment and beauty inclusivity
मुंबई में Rihanna का दमदार संदेश: “महिलाएं सिर्फ देखी और सुनी जाना चाहती हैं”

ग्लोबल पॉप आइकन और बिजनेसवुमन Rihanna ने मुंबई में आयोजित Fenty Beauty Ki Haveli इवेंट के दौरान महिलाओं की पहचान, प्रतिनिधित्व और आवाज़ को लेकर एक मजबूत संदेश दिया। उनका साफ कहना था—“महिलाएं सिर्फ देखी जाना चाहती हैं, सुनी जाना चाहती हैं… बात इतनी ही सी है।” यह इवेंट मुंबई के Phoenix Palladium में आयोजित किया गया, जहां Fenty Beauty ने पारंपरिक ब्यूटी काउंटर की जगह एक एक्सपीरिएंस-ड्रिवन स्पेस तैयार किया। अलग-अलग सेक्शन—पाउडर रूम, ड्रॉइंग रूम और ग्लॉस ज़ोन—के जरिए ब्यूटी को एक इंटरैक्टिव अनुभव बनाया गया। इवेंट में Rihanna का खास अंदाज़ जैसे ही Rihanna ने एंट्री की, माहौल बदल गया। उन्होंने मेहमानों से औपचारिक दूरी बनाए रखने के बजाय खुद बातचीत शुरू की, लोगों को गले लगाया और हर इंटरैक्शन को पर्सनल बना दिया। कई कंटेंट क्रिएटर्स के साथ शूट के दौरान उन्होंने सीन को खुद गाइड किया, सुझाव दिए और यहां तक कि भारतीय डांस फॉर्म भरतनाट्यम भी ट्राय किया। यह दिखाता है कि वह सिर्फ एक ब्रांड फेस नहीं, बल्कि एक्टिव क्रिएटर की तरह काम करती हैं। ब्यूटी इंडस्ट्री में इनक्लूसिविटी पर जोर Fenty Beauty की शुरुआत 2017 में एक अहम सवाल के साथ हुई थी—“ब्यूटी इंडस्ट्री ने किन लोगों को नजरअंदाज किया है?” मुंबई इवेंट में यह सोच और स्पष्ट दिखी। जब एक यूजर ने सही फाउंडेशन शेड न मिलने की समस्या बताई, तो Rihanna ने खुद शेड मैच करने में मदद की। उनका कहना था—“मेरे रहते कोई भी स्किन टोन ऐशी या ऑरेंज नहीं दिखेगा।” यह सिर्फ मार्केटिंग लाइन नहीं, बल्कि ब्रांड की फिलॉसफी का हिस्सा है—हर स्किन टोन को सही पहचान देना। “महिलाओं को सिर्फ पहचान चाहिए” बातचीत के दौरान Rihanna ने महिलाओं की स्थिति पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज भी महिलाएं अपनी पहचान और विचारों को गंभीरता से लिए जाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। उनके मुताबिक, “हम बस चाहते हैं कि हमें देखा जाए, सुना जाए और हमारे आइडियाज मायने रखें।” उन्होंने यह भी कहा कि कई इंडस्ट्रीज महिलाओं के काम और समझ पर टिकी हैं, लेकिन उनके विचारों को तब तक महत्व नहीं मिलता जब तक वे प्रॉफिट में न बदल जाएं। भारत में ब्यूटी की जटिलता को समझना Rihanna ने भारतीय ब्यूटी कल्चर की विविधता को भी स्वीकार किया—जहां स्किन टोन, परंपराएं, जलवायु और व्यक्तिगत पसंद मिलकर एक अलग पहचान बनाते हैं। उनका मानना है कि ब्यूटी सिर्फ मेकअप प्रोडक्ट नहीं, बल्कि यह इस बात से जुड़ा है कि महिलाएं खुद को कैसे देखती हैं और दुनिया के सामने कैसे पेश करना चाहती हैं।  

surbhi अप्रैल 27, 2026 0
Sreeleela in ivory Anarkali outfit with zari embroidery and pearl detailing fashion photoshoot

आइवरी अनारकली में छाईं Sreeleela: जरी-ज़र्दोज़ी और पर्ल डिटेलिंग ने बढ़ाया ग्लैमर

Collection of summer perfumes with citrus, floral and woody notes suitable for humid weather

गर्मियों में टिके रहने वाले 11 बेस्ट फ्रेग्रेंस, उमस में भी नहीं होंगे फीके

Shah Rukh Khan in black Sabyasachi outfit at Met Gala 2025 with royal accessories and elegant styling

मेट गाला 2025 में शाहरुख खान का सब्यसाची लुक क्यों आज भी है आइकॉनिक, जानिए हर डिटेल

Summer fashion tips
धूप में भी दिखें फ्रेश और ग्लोइंग, जानें स्मार्ट ड्रेसिंग टिप्स

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों का मौसम फैशन एक्सपेरिमेंट के लिए परफेक्ट माना जाता है, लेकिन तेज धूप और टैनिंग की समस्या इसे चुनौतीपूर्ण बना देती है। ऐसे में जरूरी है कि आप ऐसे आउटफिट्स चुनें जो न सिर्फ आपको ग्लैमरस लुक दें, बल्कि आपकी त्वचा को भी सुरक्षित रखें। सही फैब्रिक, रंग और स्टाइल का चुनाव करके आप आसानी से टैनिंग से बच सकती हैं।   फुल कवरेज कपड़े हैं बेहतर विकल्प गर्मी में अक्सर लोग स्लीवलेस या छोटे कपड़े पहनना पसंद करते हैं, लेकिन इससे त्वचा सीधे धूप के संपर्क में आती है। ऐसे में फुल-स्लीव्स टॉप, फुल लेंथ ड्रेसेस या मैक्सी आउटफिट्स बेहतर विकल्प हैं। ये न सिर्फ आपको स्टाइलिश बनाते हैं बल्कि टैनिंग से भी बचाते हैं।   मैक्सी ड्रेस और को-ऑर्ड सेट का ट्रेंड मैक्सी ड्रेस गर्मियों में सबसे आरामदायक और ट्रेंडी विकल्पों में से एक है। अगर इसकी बाजुएं फुल हों या आप इसे श्रग या जैकेट के साथ पेयर करें, तो यह और भी प्रभावी हो जाती है। वहीं पलाजो के साथ कुर्ता या को-ऑर्ड सेट भी आजकल काफी ट्रेंड में हैं, जो एलिगेंट लुक देने के साथ-साथ स्किन को धूप से बचाते हैं।   स्मार्ट लेयरिंग से मिलेगा स्टाइल और सुरक्षा गर्मी में लाइटवेट श्रग, किमोनो जैकेट या ओवरशर्ट्स पहनना एक स्मार्ट फैशन मूव है। यह आपकी ड्रेस में स्टाइल जोड़ता है और त्वचा को यूवी किरणों से बचाने में मदद करता है।   सही फैब्रिक और रंग का चुनाव जरूरी कॉटन, लिनन और रेयॉन जैसे ब्रीदेबल फैब्रिक्स गर्मियों के लिए सबसे अच्छे होते हैं। ये पसीना सोखते हैं और शरीर को ठंडा रखते हैं। वहीं हल्के रंग जैसे सफेद, बेज, पेस्टल पिंक और स्काई ब्लू सूरज की गर्मी को कम अवशोषित करते हैं, जिससे त्वचा सुरक्षित रहती है।   एक्सेसरीज से करें लुक कम्प्लीट हैट, सनग्लासेस और स्कार्फ जैसे एक्सेसरीज न सिर्फ आपके लुक को पूरा करते हैं, बल्कि धूप से सुरक्षा भी देते हैं। सही फैशन अपनाकर आप इस गर्मी में स्टाइलिश और सुरक्षित दोनों रह सकती हैं।

Anjali Kumari अप्रैल 24, 2026 0
Nita Ambani wearing handcrafted Jamdani saree at TIME100 Summit showcasing traditional Indian weaving

नीता अंबानी की खास जामदानी साड़ी: 24 महीनों में तैयार कारीगरी, हर धागे में बसी कहानी

Exhibition showcasing Venetian glass beads and Rajasthan beadwork at London Craft Week 2026 cultural display

लंदन क्राफ्ट वीक 2026 में खास प्रदर्शनी: कैसे वेनेशियन ग्लास बीड्स ने राजस्थान में पाई नई पहचान

Person doing yoga and pilates alongside gym workout for balanced fitness routine

सिर्फ वेट ट्रेनिंग नहीं, योग और पिलाटेस भी उतने ही जरूरी–लॉन्ग लाइफ और फिटनेस के लिए संतुलित रूटीन का मंत्र

Gigi Hadid showcasing iconic Met Gala red carpet fashion looks from 2015 to 2025
Gigi Hadid का Met Gala सफर: हर साल बदला अंदाज, हर लुक बना फैशन स्टेटमेंट

  दुनिया के सबसे बड़े फैशन इवेंट Met Gala के रेड कार्पेट पर अगर किसी स्टार ने लगातार अपने लुक्स से सरप्राइज किया है, तो वह हैं सुपरमॉडल Gigi Hadid। साल 2015 में डेब्यू करने के बाद से अब तक उन्होंने हर थीम के साथ खुद को पूरी तरह ट्रांसफॉर्म किया है–कभी ग्लैमरस, कभी फ्यूचरिस्टिक तो कभी थिएट्रिकल। 2015: रेड गाउन से शानदार शुरुआत Gigi ने “China: Through the Looking Glass” थीम के साथ रेड कार्पेट पर एंट्री ली। उन्होंने Diane von Furstenberg का रेड गाउन पहना, जिसमें डीप नेकलाइन और हाई स्लिट ने उन्हें स्टनिंग लुक दिया। 2016: फ्यूचरिस्टिक अवतार “Manus x Machina” थीम में उन्होंने Tommy Hilfiger का स्पेस-एज ड्रेस पहना। इस दौरान वे अपने तब के बॉयफ्रेंड Zayn Malik के साथ नजर आईं, जिन्होंने Versace का आर्मर डिटेलिंग वाला सूट पहना था। 2017: ड्रामेटिक और आर्टिस्टिक स्टाइल “Comme des Garçons” थीम में Gigi ने शैम्पेन कलर का ट्यूल गाउन चुना, जो उनके अब तक के सबसे एक्सपेरिमेंटल लुक्स में से एक था। 2018: आर्ट से इंस्पायर्ड ग्लैमर “Heavenly Bodies” थीम के लिए उन्होंने Versace का स्टेन्ड-ग्लास इंस्पायर्ड गाउन पहना, जिसने उन्हें रेड कार्पेट की हाइलाइट बना दिया। 2019: कैंपी और बोल्ड अंदाज इस साल Gigi ने Michael Kors का सिल्वर जंपसूट पहना, जिसे केप, बूट्स और हेडपीस के साथ स्टाइल किया गया–पूरी तरह कैंप थीम को जस्टिफाई करता हुआ। 2021: क्लासिक और मॉडर्न का मेल Prada के स्ट्रैपलेस गाउन और लेदर ग्लव्स के साथ उनका लुक टाइमलेस और ट्रेंडी दोनों लगा। 2022: बोल्ड और ड्रामेटिक एंट्री “Gilded Glamour” थीम में Gigi ने रेड लेटेक्स कैटसूट के ऊपर एक ओवरसाइज़ पफर कोट पहना, जिसे Versace ने डिजाइन किया था–यह लुक बेहद यूनिक और यादगार रहा। 2023: एलिगेंस और गॉथिक टच Givenchy के शीयर ब्लैक गाउन में Gigi ने एक सॉफ्ट, लेकिन सेंसुअल और गॉथिक स्टाइल पेश किया। 2024: क्राफ्ट्समैनशिप का मास्टरपीस “Sleeping Beauties” थीम में Thom Browne का व्हाइट स्कल्प्चरल गाउन पहनकर Gigi ने फैशन आर्ट को नई ऊंचाई दी। इस आउटफिट को तैयार करने में 13,500 घंटे लगे–जो इसे खास बनाता है। 2025: क्लासिक ग्लैमर का नया रूप “Superfine: Tailoring Black Style” थीम में Gigi ने गोल्ड सीक्विन्ड गाउन में एंट्री की, जिसे Miu Miu के तहत डिजाइन किया गया था और इसमें Zelda Wynn Valdes की डिज़ाइन लैंग्वेज से प्रेरणा ली गई। हर साल नया सरप्राइज Gigi Hadid का Met Gala सफर सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि ट्रांसफॉर्मेशन की कहानी है। हर साल उनका लुक एक नई पहचान और क्रिएटिविटी को दर्शाता है। अब जब Met Gala 2026 करीब है, तो फैशन दुनिया को फिर से उनके नए और अनप्रेडिक्टेबल लुक का इंतजार है।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Genelia Deshmukh in cobalt blue Ilkal saree showcasing Karnataka GI tag handloom with traditional styling

GI टैग वाली पारंपरिक साड़ी में छाईं Genelia Deshmukh, कर्नाटक की इलक्ल बुनाई को दिया नया अंदाज़

Easy hair care hacks to improve shine, volume and manageability for healthy looking hair

हेयर केयर में बड़ा बदलाव: 6 आसान हेयर हैक्स जो बदल देंगे आपकी हेयर रूटीन

Celebrities showcasing soft feminine and structured fashion looks

जैकलीन से जाह्नवी तक: इस हफ्ते फैशन में दिखा क्लास और मॉडर्न ट्विस्ट का परफेक्ट संगम

0 Comments

Top week

Donald Trump warns Iran over nuclear tensions as US boosts military presence in Middle East
दुनिया

ट्रंप का ईरान को कड़ा संदेश: “परमाणु हथियार नहीं, लेकिन समय खत्म हो रहा है” – मिडल ईस्ट में बढ़ा तनाव

surbhi अप्रैल 24, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?