फ़ूड रेसिपी

South Indian Banana Kofta Recipe

आज क्या बनाएं: साउथ इंडियन स्टाइल केले के कोफ्ते, स्वाद के साथ मिलेगा फाइबर और एनर्जी, मिनटों में नोट करें आसान रेसिपी

anmol जुलाई 20, 2026 0
South Indian style banana kofta curry served with fresh curry leaves and grated coconut garnish.
South Indian Banana Kofta Recipe

South Indian Style Banana Kofta Recipe: अगर रोज-रोज एक जैसी सब्जियां खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार कच्चे केले से बनाएं साउथ इंडियन स्टाइल केले के कोफ्ते। नारियल, करी पत्ता और हल्के मसालों से तैयार यह रेसिपी स्वाद के साथ पोषण भी देती है।

आज क्या बनाएं? ट्राई करें साउथ इंडियन स्टाइल केले के कोफ्ते

अगर आप लंच या डिनर में कुछ नया, स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाना चाहते हैं, तो साउथ इंडियन स्टाइल केले के कोफ्ते एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। कच्चे केले, बेसन और हल्के मसालों से तैयार यह डिश बाहर से हल्की कुरकुरी और अंदर से बेहद मुलायम होती है। नारियल और करी पत्ते की खुशबू इसका स्वाद और भी खास बना देती है।

यह रेसिपी चपाती, पराठा, नीर डोसा, अप्पम या स्टीम्ड राइस के साथ शानदार लगती है।

आवश्यक सामग्री

कोफ्ते के लिए

  • 2 कच्चे केले
  • 3 बड़े चम्मच बेसन
  • 1 छोटा चम्मच अदरक-हरी मिर्च पेस्ट
  • ½ छोटा चम्मच हल्दी
  • ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • नमक स्वादानुसार
  • 1 बड़ा चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
  • 1–2 चम्मच तेल (शैलो फ्राई/एयर फ्राई के लिए)

ग्रेवी के लिए

  • 1 छोटा प्याज (बारीक कटा)
  • 2 टमाटर की प्यूरी
  • ¼ कप ताजा कद्दूकस नारियल
  • 8–10 करी पत्ते
  • 1 छोटा चम्मच राई
  • ½ छोटा चम्मच जीरा
  • 2–3 लहसुन की कलियां
  • 1 छोटा चम्मच सांभर पाउडर
  • ½ छोटा चम्मच हल्दी
  • 1 कप पानी
  • 1 छोटा चम्मच तेल

बनाने की विधि

सबसे पहले कच्चे केले को उबालकर छील लें और अच्छी तरह मैश करें। इसमें बेसन, अदरक-हरी मिर्च पेस्ट, नमक, हल्दी, लाल मिर्च और हरा धनिया मिलाकर छोटे-छोटे कोफ्ते बना लें। इन्हें शैलो फ्राई करें या 180°C पर 12–15 मिनट एयर फ्राई करें।

ग्रेवी बनाने के लिए पैन में तेल गर्म करें। राई, जीरा और करी पत्ता तड़काएं। प्याज और लहसुन भूनें, फिर टमाटर प्यूरी, नारियल, हल्दी और सांभर पाउडर डालकर 5–6 मिनट पकाएं। थोड़ा पानी डालकर ग्रेवी तैयार करें और आखिर में तैयार कोफ्ते डालकर 2–3 मिनट धीमी आंच पर पकाएं।

प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण

  • कैलोरी: 250–300 kcal
  • प्रोटीन: 7–9 ग्राम
  • कार्बोहाइड्रेट: 35–40 ग्राम
  • फैट: 8–10 ग्राम
  • फाइबर: 6–8 ग्राम

संभावित फायदे

  • कच्चा केला रेजिस्टेंट स्टार्च और फाइबर का अच्छा स्रोत है।
  • लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है।
  • पाचन तंत्र को सपोर्ट करने में सहायक हो सकता है।
  • शरीर को ऊर्जा देने वाले जटिल कार्बोहाइड्रेट उपलब्ध कराता है।
  • नारियल और करी पत्ता रेसिपी के स्वाद और पोषण को बढ़ाते हैं।

किसके साथ खाएं?

  • मल्टीग्रेन रोटी
  • नीर डोसा
  • अप्पम
  • इडियप्पम
  • स्टीम्ड राइस

ध्यान दें

अगर आप वजन नियंत्रित करना चाहते हैं, तो कोफ्तों को डीप फ्राई करने की बजाय एयर फ्राई या शैलो फ्राई करें। डायबिटीज या किडनी रोग जैसी स्वास्थ्य समस्याओं में अपनी डाइट के अनुसार डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें।

 

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यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

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Anmol Manisha

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झटपट बनाएं हेल्दी ब्रेकफास्ट, बादाम-खसखस और मखाने से तैयार यह पौष्टिक रेसिपी दिनभर रखेगी एनर्जेटिक

Healthy Breakfast Recipe: अगर रोज एक जैसा नाश्ता खाकर बोर हो चुके हैं, तो बादाम, खसखस, मखाना, मूंग दाल और दलिया से बनने वाली यह पौष्टिक रेसिपी ट्राई करें। यह कम समय में तैयार होने वाला स्वादिष्ट और हेल्दी ब्रेकफास्ट है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। सुबह का पौष्टिक नाश्ता पूरे दिन की ऊर्जा और बेहतर स्वास्थ्य की नींव माना जाता है। लेकिन रोज-रोज एक जैसा नाश्ता खाने से कई लोग ऊब जाते हैं। ऐसे में अगर आप कुछ नया, स्वादिष्ट और हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो बादाम, खसखस, मखाना, मूंग दाल और दलिया से तैयार यह आसान रेसिपी आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। यह रेसिपी प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, हेल्दी फैट्स और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर है। इसे सुबह के नाश्ते में या शाम के हल्के स्नैक के रूप में भी खाया जा सकता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे घर में मौजूद सामान्य सामग्री से आसानी से तैयार किया जा सकता है। सामग्री 8–10 बादाम (रातभर भिगोए हुए) 1–2 चम्मच खसखस 1 कप मखाना 3–4 चम्मच धुली मूंग दाल ½ कप दलिया 2–3 कप दूध 1 चम्मच देसी घी ½ चम्मच इलायची पाउडर स्वादानुसार गुड़ पाउडर या मिश्री गार्निश के लिए कटे बादाम या पिस्ता बनाने की विधि 1. बादाम और खसखस का पेस्ट तैयार करें रातभर भीगे हुए बादाम के छिलके उतार लें। बादाम और खसखस को थोड़ा दूध या पानी मिलाकर मिक्सर में स्मूद पेस्ट बना लें। 2. मखाने भूनें कड़ाही में मखानों को धीमी आंच पर बिना तेल या आधा चम्मच घी डालकर हल्का कुरकुरा होने तक भून लें और अलग रख दें। 3. मूंग दाल और दलिया भूनें उसी कड़ाही में घी गर्म करें। पहले मूंग दाल को हल्का भूनें, फिर दलिया डालकर सुनहरा होने तक भूनें। 4. दूध और पेस्ट मिलाएं अब इसमें दूध डालें और तैयार बादाम-खसखस का पेस्ट मिलाएं। ढककर 10–12 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। बीच-बीच में चलाते रहें। 5. गुड़ और इलायची डालें जब दलिया अच्छी तरह पक जाए तो इलायची पाउडर और गुड़ पाउडर मिलाएं। 1–2 मिनट तक पकाएं ताकि गुड़ पूरी तरह घुल जाए। 6. मखाने मिलाकर सर्व करें अंत में भुने हुए मखाने डालें और एक मिनट पकाकर गैस बंद कर दें। ऊपर से कटे बादाम या पिस्ता डालकर गर्म या हल्का ठंडा सर्व करें। लगभग पोषण (प्रति सर्विंग) कैलोरी: लगभग 350–420 kcal प्रोटीन: 12–15 ग्राम फाइबर: 6–8 ग्राम कैल्शियम: अच्छी मात्रा हेल्दी फैट्स: भरपूर (कैलोरी सामग्री और मात्रा के अनुसार बदल सकती है।) तैयार होने में कितना समय लगेगा? तैयारी का समय: 10 मिनट (यदि बादाम और खसखस पहले से भीगे हों) पकाने का समय: 15–20 मिनट कुल समय: 25–30 मिनट यह नाश्ता किन लोगों के लिए सबसे बेहतर है? बच्चों और स्कूल जाने वाले स्टूडेंट्स ऑफिस जाने वाले लोग कॉलेज स्टूडेंट्स खिलाड़ियों और फिटनेस पसंद करने वालों बुजुर्ग (जिन्हें आसानी से पचने वाला पौष्टिक भोजन चाहिए) रिकवरी डाइट लेने वाले लोग किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए? 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह रेसिपी डॉक्टर की सलाह के बिना न दें। जिन लोगों को नट्स (बादाम) या दूध से एलर्जी हो, वे इसे न खाएं। डायबिटीज के मरीज गुड़ की मात्रा सीमित रखें और डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें। किडनी रोग या विशेष मेडिकल डाइट पर रहने वाले लोग सेवन से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें। ध्यान रखें :- यह एक पौष्टिक घरेलू रेसिपी है, लेकिन यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है। संतुलित मात्रा में सेवन करें और अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सामग्री में बदलाव कर सकते हैं।

anmol जुलाई 21, 2026 0
Assorted instant monsoon snacks including aloo tikki, rava toast, masala papad, Maggi bites and roasted makhana.

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Fatty Liver Diet: फैटी लिवर में फायदेमंद हो सकती हैं ये 3 हेल्दी ड्रिंक्स, जानें कब पिएं, हफ्ते में कितनी बार लें और घर पर कैसे करें तैयार

आजकल खराब खानपान, लंबे समय तक बैठे रहने की आदत और बढ़ता मोटापा फैटी लिवर की समस्या को तेजी से बढ़ा रहे हैं। शुरुआती चरण में अक्सर इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन समय रहते खानपान और जीवनशैली में सुधार करके लिवर की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। पोषण विशेषज्ञों और वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार कुछ प्राकृतिक पेय पदार्थ ऐसे हैं, जिनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पौधों से मिलने वाले पोषक तत्व लिवर में जमा अतिरिक्त फैट, सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में सहायक हो सकते हैं। हालांकि, ये ड्रिंक्स चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं हैं। 1. चुकंदर का जूस घर पर तैयार करने का समय 5–7 मिनट कैसे बनाएं? 1 मध्यम आकार का चुकंदर ½ गाजर (वैकल्पिक) थोड़ा अदरक थोड़ा पानी चाहें तो कुछ बूंदें नींबू की सभी सामग्री को ब्लेंड करके बिना अतिरिक्त चीनी मिलाए ताजा जूस तैयार करें। कब पिएं? सुबह नाश्ते के 30–60 मिनट बाद या मिड-मॉर्निंग। हफ्ते में कितनी बार? 3–4 दिन संभावित फायदे एंटीऑक्सीडेंट्स और नाइट्रेट्स का अच्छा स्रोत ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करने में मदद लिवर की सामान्य कार्यक्षमता को सपोर्ट कर सकता है सूजन कम करने में सहायक हो सकता है 2. ब्लैक कॉफी (बिना चीनी) तैयार करने का समय 3–5 मिनट कैसे बनाएं? गर्म पानी में कॉफी मिलाएं। अतिरिक्त चीनी, क्रीम या फ्लेवर्ड सिरप से बचें। कब पिएं? सुबह नाश्ते के बाद या दोपहर के भोजन से पहले। हफ्ते में कितनी बार? 5–7 दिन (1–2 कप प्रतिदिन तक) संभावित फायदे लिवर एंजाइम्स को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। फैटी लिवर के जोखिम को कम करने से जुड़े कई अध्ययन उपलब्ध हैं। लिवर में सूजन कम करने में सहायक हो सकती है। लिवर की सामान्य कार्यक्षमता को सपोर्ट कर सकती है। नोट: उच्च रक्तचाप, गर्भावस्था या कैफीन संवेदनशीलता वाले लोग डॉक्टर से सलाह लें। 3. ग्रीन टी तैयार करने का समय 3–4 मिनट कैसे बनाएं? गर्म (उबलता नहीं) पानी में 2–3 मिनट तक ग्रीन टी बैग या पत्तियां डालें। कब पिएं? दोपहर या शाम के समय भोजन के 1–2 घंटे बाद। हफ्ते में कितनी बार? 5–6 दिन (1–2 कप प्रतिदिन) संभावित फायदे कैटेचिन्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत लिवर में फैट जमा होने को कम करने में मदद मिल सकती है। सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करने में सहायक हो सकती है। लिवर की सामान्य कार्यक्षमता को सपोर्ट कर सकती है। केवल ड्रिंक्स से नहीं होगा फायदा अगर फैटी लिवर को बेहतर तरीके से मैनेज करना चाहते हैं, तो इन आदतों को भी अपनाना जरूरी है– ट्रांस फैट और प्रोसेस्ड फूड कम खाएं। मीठे पेय और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट सीमित करें। साबुत अनाज, दालें, फल और हरी सब्जियां बढ़ाएं। रोज 30–45 मिनट शारीरिक गतिविधि करें। पर्याप्त पानी पिएं। वजन नियंत्रित रखें। पर्याप्त नींद लें। ध्यान दें ये ड्रिंक्स फैटी लिवर को मैनेज करने वाली स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन ये इलाज का विकल्प नहीं हैं। यदि आपको फैटी लिवर, डायबिटीज, किडनी रोग, लिवर की गंभीर बीमारी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो किसी भी नई डाइट या पेय को नियमित रूप से शुरू करने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह अवश्य लें।  

anmol जुलाई 20, 2026 0
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