जामताड़ा

lightning strike
शादी में मौत बनकर आई आसमानी बिजली, दो की मौत

जामताड़ा, एजेंसियां। बुधवार देर रात एक शादी समारोह में खुशियां मनाते लोगों पर आसमान से मौत बनकर बिजली गिरी। जामताड़ा जिले के बिंदापाथर थाना क्षेत्र के चरकादाहा गांव में वज्रपात से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। देखते ही देखते शादी का खुशनुमा माहौल गम और सन्नाटे में बदल गया।   बारिश से बचने के लिए शेड में थे सभी, तभी गिरी बिजली चरकादाहा गांव में शादी समारोह चल रहा था और गांव के सभी लोग उत्सव में शामिल थे। देर रात अचानक तेज आंधी और बारिश आ गई। बारिश से बचने के लिए लोग शेड का सहारा लेने लगे, लेकिन तभी जोरदार गरज के साथ वज्रपात हुआ जिसने दो लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।   अफरातफरी में अस्पताल पहुंचाए गए घायल घटना के बाद समारोह में अफरातफरी मच गई। गांव वालों ने किसी तरह मृतकों और घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दो को मृत घोषित किया। दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।   पुलिस मौके पर, मुआवजे का आश्वासन घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार ने बताया कि मृतक परिजनों और घायलों को सरकार की ओर से उचित मुआवजा दिया जाएगा। फिलहाल पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

anjali kumari जून 25, 2026 0
Easy scam online fraud
‘Ease My Deal’ से ईज़ी फ्रॉड! मोबाइल पर आया मैसेज और खाते से गायब हो गए पैसे

जामताड़ा, एजेंसियां। साइबर अपराध के लिए बदनाम जामताड़ा से ठगी का एक और नया तरीका सामने आया है। पुलिस ने तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो कैशबैक ऑफर और फर्जी बैंक कॉल के जरिए लोगों के बैंक खातों से पैसे उड़ा रहे थे। आरोपियों के खुलासों ने साइबर ठगी के नए और खतरनाक तरीकों की जानकारी दी है।   गिरिडीह के साइबर डीएसपी अमित रविदास ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर करमाटाड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर समीम अंसारी (24), कैफ अंसारी (19) और मुस्तकीम अंसारी (38) को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान उनके पास से छह मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।   कैशबैक ऑफर के नाम पर ठगी पुलिस पूछताछ में सामने आया कि समीम और कैफ अंसारी ‘Ease My Deal’ नामक ऐप का इस्तेमाल कर लोगों के PhonePe खातों पर ₹1999 कैशबैक का आकर्षक संदेश भेजते थे। संदेश देखकर कई लोग इसे असली ऑफर समझकर लिंक पर क्लिक कर देते थे।   जैसे ही पीड़ित लिंक पर क्लिक करता, उसके खाते से रकम ट्रांसफर हो जाती। ठग इस पैसे से ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड खरीदते और बाद में उन्हें कमीशन पर बेचकर नकदी हासिल करते थे। पुलिस का कहना है कि यह तरीका तेजी से लोगों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।   फर्जी SBI अधिकारी बनकर करता था कॉल गिरफ्तार तीसरा आरोपी मुस्तकीम अंसारी खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करता था। वह पीड़ितों को डराता था कि उनका क्रेडिट कार्ड जल्द बंद होने वाला है और उसे चालू रखने के लिए कुछ जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।   इसके बाद वह मोबाइल में एक APK फाइल डाउनलोड करवाता था। यह फाइल जासूसी सॉफ्टवेयर की तरह काम करती थी और इंस्टॉल होते ही कार्ड नंबर, ओटीपी तथा अन्य गोपनीय जानकारियां अपराधियों तक पहुंच जाती थीं। इसके बाद खाते से रकम निकाल ली जाती थी।   पुराने नेटवर्क की तलाश में पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुस्तकीम अंसारी पहले भी साइबर ठगी के मामलों में शामिल रह चुका है। पुलिस अब उसके पुराने नेटवर्क, सहयोगियों और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कैशबैक लिंक, अज्ञात ऐप या APK फाइल पर भरोसा न करें और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

anjali kumari जून 25, 2026 0
MGNREGA update Jamtara
जामताड़ा में 103 दिन बाद फिर पटरी पर लौटी मनरेगा व्यवस्था, रोजगार सेवकों ने संभाला कामकाज

जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा जिले में 103 दिनों से चली आ रही मनरेगा रोजगार सेवकों की हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गई। लंबे समय से ठप पड़े कामकाज के बाद सभी रोजगार सेवकों ने नारायणपुर प्रखंड कार्यालय पहुंचकर दोबारा कार्यभार संभाल लिया। उनकी वापसी से मनरेगा से जुड़ी लंबित योजनाओं के फिर से गति पकड़ने की उम्मीद बढ़ गई है।   हड़ताल से प्रभावित हुई थीं विकास योजनाएं लंबे समय तक चली हड़ताल के कारण प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा की कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित रहीं। मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल पा रहा था, वहीं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य भी धीमे पड़ गए थे। इसके चलते लाभुकों और मजदूरों को आर्थिक व रोजगार संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा।   प्रशासन की लगातार अपील के बाद वापसी हड़ताल के दौरान प्रशासन की ओर से रोजगार सेवकों को कई बार पत्र भेजकर काम पर लौटने की अपील की गई थी। संवाद और वार्ता की प्रक्रिया के बाद अंततः सोमवार को रोजगार सेवकों ने सामूहिक रूप से प्रखंड कार्यालय पहुंचकर अपनी वापसी की घोषणा की और आधिकारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया।   राधेश्याम पंडित के नेतृत्व में लौटे काम पर मनरेगा कर्मी संघ के नेता राधेश्याम पंडित के नेतृत्व में रोजगार सेवकों ने काम पर वापसी की। इस दौरान अनिल चौधरी, अब्दुल्लाह, मेघलाल रजक, सरीफ आलम, सुमंतो दास सहित कई कर्मी मौजूद रहे। सभी ने प्रखंड कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराते हुए अपने दायित्वों का पुनः निर्वहन शुरू किया।   योजनाओं में आएगी तेजी रोजगार सेवकों की वापसी से अब मनरेगा की रुकी हुई योजनाओं के दोबारा शुरू होने और ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन को भी भरोसा है कि आने वाले दिनों में योजनाएं सामान्य गति से आगे बढ़ेंगी और मजदूरों को समय पर रोजगार मिल सकेगा।

anjali kumari जून 22, 2026 0
Jasidih Bypass Line
जसीडीह बाईपास लाइन काम के कारण 22 और 23 जून को कई ट्रेनें रद्द

जामताड़ा। आसनसोल मंडल के अंतर्गत देवघर लिंक केबिन और कुमड़ाबाद रोहिणी सेक्शन के बीच जसीडीह बाईपास लाइन निर्माण से जुड़े प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 22 एवं 23 जून को कई ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहेंगी। रेलवे प्रशासन ने इस दौरान ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक की घोषणा की है, जिससे विभिन्न पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया जाएगा। रेलवे के अनुसार 22 जून को प्री-एनआई कार्य तथा 23 जून को एनआई कार्य के दौरान जसीडीह-देवघर, जसीडीह-दुमका और मुख्य रेलखंड पर ट्रैफिक ब्लॉक रहेगा। इसके चलते कई ट्रेनों को रद्द, कुछ को आंशिक रूप से समाप्त या प्रारंभ तथा कुछ ट्रेनों को निर्धारित समय से विलंबित कर चलाया जाएगा।   रद्द रहेंगी ये ट्रेनें 22 और 23 जून को अंडाल-जसीडीह, जसीडीह-अंडाल, जसीडीह-बांका एवं बांका-जसीडीह पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहेंगी। इसके अलावा 22 जून को जसीडीह-झाझा, झाझा-जसीडीह, आसनसोल-जसीडीह, जसीडीह-किऊल और किऊल-जसीडीह ट्रेनें भी नहीं चलेंगी। 23 जून को देवघर-झाझा ट्रेन भी रद्द रहेगी।   आंशिक रूप से चलेंगी कई ट्रेनें बर्द्धमान-झाझा ट्रेन 22 जून को केवल आसनसोल तक चलेगी, जबकि झाझा-बर्द्धमान ट्रेन 23 जून को आसनसोल से खुलेगी। इसी प्रकार दुमका-जसीडीह, जसीडीह-दुमका, रामपुरहाट-जसीडीह, जसीडीह-रामपुरहाट तथा पटना-देवघर ट्रेनों का परिचालन भी आंशिक रूप से किया जाएगा। कुछ ट्रेनों को रास्ते में रोका जाएगा जसीडीह-आसनसोल पैसेंजर को जसीडीह में 20 मिनट तक रोका जाएगा। वहीं धनबाद-पटना एक्सप्रेस, आनंद विहार टर्मिनल-डानकुनी स्पेशल और हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस को भी 20 से 30 मिनट तक नियंत्रित किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे पूछताछ माध्यमों से ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए रेलवे ने खेद व्यक्त किया है।

abhishek singh जून 20, 2026 0
Jamtara Police Cyber Crime Update
जामताड़ा में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार; 9 मोबाइल और 22 सिम कार्ड बरामद

जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 9 मोबाइल फोन तथा 22 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। इसके बाद साइबर डीएसपी अमित कुमार  के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।   जंगल में छापेमारी कर दबोचे गए आरोपी पुलिस टीम ने जामताड़ा थाना क्षेत्र के सुपाईडीह और शेखपुरा के बीच स्थित जंगल में छापेमारी कर दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया, जबकि एक अन्य आरोपी को बाद में दबोचा गया। मौके से बरामद मोबाइल और सिम कार्ड का उपयोग कथित रूप से साइबर ठगी की वारदातों में किया जा रहा था।   बड़े नेटवर्क की आशंका, जांच जारी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इनके पीछे कोई संगठित साइबर गिरोह तो नहीं काम कर रहा। शुरुआती जांच में कई अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है, जिससे बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।   पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने को कहा गया है, ताकि साइबर ठगी की घटनाओं को रोका जा सके।

abhishek singh जून 19, 2026 0
Jamtara Green Mission
विश्व पर्यावरण दिवस पर जामताड़ा में ‘ग्रीन मिशन’ का संकल्प

जामतारा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर झारखंड के जामतारा में जिला प्रशासन, वन विभाग और नगर पंचायत द्वारा संयुक्त रूप से कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। खराब मौसम और बीच-बीच में हो रही बारिश के बावजूद ऐतिहासिक गांधी मैदान में बड़ी संख्या में लोग जुटे और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और जिले को स्वच्छ एवं हरित बनाने की दिशा में प्रेरित करना था। वृक्षारोपण अभियान का हुआ शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की गई। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील भी की गई। आयोजकों का कहना था कि पेड़ केवल पर्यावरण को संतुलित नहीं रखते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य भी सुनिश्चित करते हैं। जागरूकता रैली में शामिल हुए बच्चे और नागरिक पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली में स्कूली बच्चों, नगर पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों, समाजसेवियों तथा स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण बचाने, पेड़ लगाने और प्रदूषण कम करने के संदेश वाले नारे लगाए। पर्यावरण संरक्षण को बताया समय की जरूरत कार्यक्रम में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और आधुनिक जीवनशैली के कारण पेड़ों की संख्या लगातार घट रही है, जो पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने लोगों से प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने और पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझने का आह्वान किया। जिलेभर में चलाए गए जागरूकता कार्यक्रम विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी जागरूकता अभियान चलाया। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से जोड़ना और “स्वच्छ जामताड़ा-ग्रीन जामताड़ा” अभियान को जनआंदोलन का रूप देना है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

Unknown जून 6, 2026 0
Mihijam illegal sand
मिहिजाम में अवैध बालू ढुलाई, दो ट्रैक्टर जब्त

जामताड़ा। जामताड़ा जिले में अवैध बालू खनन और परिवहन पर प्रशासन ने शनिवार को कड़ा शिकंजा कसा। मिहिजाम थाना क्षेत्र के असनचुआ इलाके में माइनिंग विभाग की टीम ने विशेष जांच अभियान चलाकर बिना वैध कागजात बालू ले जा रहे दो ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया।   सूत्रों के अनुसार, विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में अवैध ढुलाई की जा रही है। माइनिंग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और वाहनों की जांच की। चालकों से कागजात मांगे गए, लेकिन वे कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।   दोनों ट्रैक्टरों को मौके पर जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मिहिजाम थाना के हवाले किया गया। इस कार्रवाई के बाद अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने कहा कि अवैध खनन और बिना अनुमति बालू परिवहन के खिलाफ अभियान सख्ती से जारी रहेगा।

Unknown मई 16, 2026 0
Jamtara protest
नीट पेपर लीक और महंगाई के विरोध में जामताड़ा में पुतला दहन

जामताड़ा। जामताड़ा शहर के इंदिरा चौक पर शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला कमेटी के नेतृत्व में झारखंड छात्र मोर्चा ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन नीट परीक्षा में पेपर लीक की घटना और लगातार बढ़ती महंगाई के विरोध में किया गया।   कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान इंदिरा चौक पर माहौल काफी गर्म रहा और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।   झामुमो जिला अध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू, जिला उपाध्यक्ष अशोक मंडल, जिला सचिव परेश यादव और अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।   नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता और छात्र नेता मौजूद रहे।

Unknown मई 16, 2026 0
Raped in Jamtara
Jamtara: 59 साल के व्यक्ति ने 8 साल की बच्ची से किया रेप, गिरफ्तार

जामताड़ा। जामताड़ा में 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। गांव के ही 59 वर्षीय बलराम सिंह पर दुष्कर्म का आरोप है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। घटना, बिंदापाथर थानाक्षेत्र की है। पीड़िता की मां ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने भी आवेदन पर त्वरित एक्शन लेते हुए आरोपी बलराम सिंह को हिरासत में लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस कानून कार्रवाई में जुटी है।    स्थानीय लोग आक्रोशित पुलिस ने मेडिकल जांच के लिए पीड़िता को सदर अस्पताल भेजा। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने कहा कि बच्ची के साथ ऐसी जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। आरोपी को ऐसी सजा मिले कि, वह बाकियों की खातिर मिसाल बने।

Unknown अप्रैल 30, 2026 0
Bhojpuri singer Devi
भोजपुरी सिंगर देवी ने जागरण में बांधा समा, गीतों पर झूमे श्रद्धालु

जामतारा। जामतारा के मटटार गांव में आयोजित भव्य धार्मिक कार्यक्रम में भोजपुरी गायिका Devi ने अपने सुरों का जादू बिखेर दिया। उनके भक्ति गीतों और भजनों ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया और पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।   महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन कर्माटांड़ थाना क्षेत्र स्थित पार्वती मंदिर में मां देवी की प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर नौ दिवसीय शिव शक्ति महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान अयोध्या से आए कथावाचक द्वारा राम कथा का प्रवचन भी किया जा रहा है। साथ ही भजन-कीर्तन, भक्ति जागरण और मेले का भी आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।   देवी के भजनों पर झूमे श्रद्धालु भक्ति जागरण के दौरान Devi ने अपने लोकप्रिय भजनों और गीतों की प्रस्तुति दी। उनके गानों ने दर्शकों को इतना प्रभावित किया कि लोग देर रात तक कार्यक्रम में डटे रहे और भक्ति संगीत का आनंद लेते रहे। मंच पर उनकी प्रस्तुति ने पूरे माहौल को भक्तिरस में डुबो दिया।   दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचे हैं। मेले और जागरण कार्यक्रम ने क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना दिया है।   सांस्कृतिक और धार्मिक संगम का केंद्र बना मटटार गांव यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों का भी केंद्र बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम समाज में एकता और भक्ति भावना को मजबूत करते हैं।

Unknown अप्रैल 29, 2026 0
Mass wedding stars
सामूहिक विवाह में सितारों की चमक, चंकी पांडे ने लूटी महफिल

जामतारा। जामतारा के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में बॉलीवुड अभिनेता चंकी पांडे ने अपनी मौजूदगी से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। देर रात तक चले इस आयोजन में उन्होंने गीत, संगीत और संवादों के जरिए लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।   51 गरीब कन्याओं का हुआ विवाह इस विशेष कार्यक्रम में 51 गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराया गया। गाजे-बाजे के साथ बारात निकली और समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। मेहंदी, संगीत और अन्य पारंपरिक रस्मों के साथ पूरे आयोजन को सांस्कृतिक रंग दिया गया।   चंकी पांडे के प्रदर्शन पर झूमे दर्शक गांधी मैदान दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था। जैसे ही चंकी पांडे मंच पर आए, माहौल उत्साह से भर गया। उन्होंने अपनी फिल्मों के मशहूर डायलॉग और गाने प्रस्तुत किए। खासकर जब उन्होंने लोकप्रिय गीत “ओ लाल दुपट्टे वाली” गाया, तो दर्शक झूम उठे। उन्होंने जामताड़ा की तारीफ करते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें बेहद खुशी महसूस हो रही है।   नवविवाहित जोड़ों को मिला आशीर्वाद और उपहार कार्यक्रम के दौरान सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया गया। प्रत्येक जोड़े को 5100 रुपये नगद, कपड़े, बर्तन और अन्य जरूरी सामान उपहार स्वरूप प्रदान किए गए। इस आयोजन में लोगों ने रिश्तों की जिम्मेदारी निभाते हुए पिता और भाई की भूमिका भी निभाई।   सांस्कृतिक एकता का संदेश यह आयोजन सिर्फ विवाह समारोह नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया। विभिन्न विभागों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसने समाज में सहयोग और समर्पण की भावना को मजबूत किया।

Unknown अप्रैल 27, 2026 0
Jamtara police reshuffle
जामताड़ा में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, कई थाना प्रभारियों का तबादला

जामताड़ा। जिले में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रशासन ने बड़े स्तर पर पुलिस पदाधिकारियों का तबादला किया है। जारी आदेश के तहत कई अधिकारियों को उनके वर्तमान पद से हटाकर अलग-अलग थानों और इकाइयों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।   थाना प्रभारियों में व्यापक बदलाव   जारी सूची के अनुसार, किशन कुमार को मिहिजाम थाना से हटाकर बागडेहरी थाना का प्रभारी बनाया गया है, जबकि प्रदीप राणा को बागडेहरी से मिहिजाम थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह विकास कुमार यादव को बिन्दापाथर से स्थानांतरित कर नाला थाना का प्रभारी नियुक्त किया गया है।   वहीं, अलखनाथ चौबे को जामताड़ा थाना से हटाकर करमाटांड़ थाना की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा विनय कुमार यादव को नारायणपुर थाना से स्थानांतरित कर बिन्दापाथर थाना प्रभारी बनाया गया है।   कुछ अधिकारियों को पुलिस केंद्र भेजा गया   प्रशासनिक फेरबदल के तहत चंदन कुमार तिवारी को करमाटांड़ थाना से हटाकर पुलिस केंद्र जामताड़ा भेजा गया है। वहीं नाला थाना में पदस्थ राजीव रंजन कुमार को भी स्थानांतरित कर पुलिस केंद्र में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।   इसके अतिरिक्त विवेकानन्द दूबे को मिहिजाम थाना प्रभारी के पद से हटाकर डीसीबी शाखा, पुलिस कार्यालय जामताड़ा में पदस्थापित किया गया है।   प्रशासनिक मजबूती के लिए लिया गया निर्णय   बताया जा रहा है कि यह फेरबदल जिले में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा पुलिस कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के साथ तत्काल प्रभाव से योगदान देने का निर्देश दिया गया है।

Unknown अप्रैल 11, 2026 0
Anganwadi gas shortage
आंगनबाड़ी में गैस न मिलने के कारण, सेविकाएं घर से बनाकर ला रहीं बच्चों का भोजन

जामताड़ा। जामताड़ा जिले के सदर प्रखंड स्थित दुलाडीह आंगनबाड़ी केंद्र से सरकारी व्यवस्थाओं की पोल खोलने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन बनाने के लिए गैस उपलब्ध नहीं हो रही, जिसके कारण आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका को या तो कोयले के चूल्हे पर खाना पकाना पड़ रहा है या फिर अपने घर से भोजन बनाकर केंद्र तक लाना पड़ रहा है। इस स्थिति ने न केवल सेविकाओं की परेशानी बढ़ाई है, बल्कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।   चावल विभाग से, बाकी सामान बाजार से खरीदने की मजबूरी स्थानीय जानकारी के अनुसार, केंद्र को विभाग की ओर से केवल चावल उपलब्ध कराया जाता है, जबकि दाल, सूजी, तेल, हल्दी, नमक और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री सेविका को खुद बाजार से खरीदनी पड़ती है। इसके बाद इन खर्चों का बिल कार्यालय में जमा किया जाता है। सेविका का कहना है कि केंद्र में गैस चूल्हा तो है, लेकिन गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही। पहले गैस की व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर थी, लेकिन अब सिलेंडर महंगा होने और समय पर उपलब्ध न होने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है।   सीपीआईएम ने उठाए भ्रष्टाचार के आरोप, जांच की मांग इस मामले पर सीपीआईएम नेता सुरजीत सिन्हा ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में राशन और गैस की व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन अगर सेविकाओं को खुद बाजार से सामान खरीदना पड़ रहा है, तो यह प्रशासनिक लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया जाएगा। यह मामला बच्चों के पोषण कार्यक्रम की जमीनी हकीकत को उजागर करता है।

Unknown अप्रैल 9, 2026 0
Jamtara water crisis Bamandiha village
जामताड़ा के बमनडीहा गांव में जल संकट, दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा जिले के बमनडीहा गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी के बीच गंभीर जल संकट सामने आया है। जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव के करीब 400 लोग आज भी साफ पानी के लिए तरस रहे हैं। गांव में मौजूद पांच चापाकल वर्षों से खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को मजबूरी में नाले (जोरिया) और डोभा का दूषित पानी पीना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं किया गया है।   आधा किलोमीटर दूर से लाना पड़ता है पानी गांव की महिलाएं रोजाना करीब आधा किलोमीटर दूर जाकर पानी लाती हैं। इस पानी को छानकर और उबालकर पीने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है।   उधार में लेना पड़ता है पानी गांव के एकमात्र निजी कुएं का जलस्तर भी लगातार गिर रहा है। ऐसे में कई बार ग्रामीणों को पड़ोसियों से पानी उधार लेना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां “राशन नहीं, पानी उधार मिलता है”, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।   योजनाओं से वंचित गांव जहां आसपास के गांवों में सोलर प्लांट और आधुनिक जल आपूर्ति योजनाएं पहुंच चुकी हैं, वहीं बमनडीहा आज भी इन सुविधाओं से दूर है। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। यह स्थिति न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी की हकीकत भी उजागर करती है।

Unknown मार्च 23, 2026 0
three bodies were found in a well near a forest area in Jamtara, Jharkhand.
जामताड़ा में सनसनी: जंगल के पास कुएं से 3 शव बरामद, एक मासूम भी शामिल

  ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस झारखंड के Jamtara जिले में शनिवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया। Bagdehri Police Station area के मुड़ाबेड़िया जंगल के पास स्थित एक कुएं से पुलिस ने तीन अज्ञात लोगों के शव बरामद किए हैं। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों के बीच कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने कुएं में शव दिखाई देने की सूचना पुलिस को दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीनों शवों को बाहर निकालकर अपने कब्जे में ले लिया।   एक बच्ची, किशोर और पुरुष के होने की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शव काफी पुराने हैं और सड़-गल चुके हैं, जिससे उनकी पहचान करना फिलहाल मुश्किल हो रहा है। शरीर की बनावट के आधार पर पुलिस का अनुमान है कि मृतकों में एक लगभग 4 वर्ष की बच्ची, एक 13 से 14 वर्ष का किशोर और करीब 35 से 40 वर्ष का एक पुरुष शामिल हो सकता है।   घटनास्थल से मिला आधार कार्ड जांच के दौरान पुलिस को मौके से एक आधार कार्ड भी मिला है। इसे मामले में अहम सुराग माना जा रहा है। पुलिस अब आधार कार्ड के आधार पर मृतकों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। फिलहाल तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है।   हत्या या हादसा? जांच जारी पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। समाचार लिखे जाने तक मृतकों की आधिकारिक पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मामले की असली वजह सामने आ सकेगी।  

surbhi मार्च 14, 2026 0
जामताड़ा के कटंगी गांव में जल संकट, 5 महीनों से बंद पड़ा सोलर वाटर प्लांट

जामताड़ा। डिजिटल इंडिया के दौर में भी जामताड़ा प्रखंड का कटंगी गांव गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। जिला समाहरणालय से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस गांव में करीब 400 की आबादी आज भी दूषित पानी पीने को मजबूर है। विडंबना यह है कि जिस समाहरणालय में जिले के उपायुक्त समेत कई आला अधिकारी बैठते हैं, वहीं से कुछ ही दूरी पर ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कुल आठ चापाकल लगे हुए हैं, लेकिन इनमें से पांच लंबे समय से खराब पड़े हैं। ऐसे में गांव के लोगों के लिए राहत की एकमात्र उम्मीद यहां स्थापित सोलर वाटर प्लांट था, जो पिछले करीब पांच महीनों से बंद पड़ा है। जब यह प्लांट चालू था, तब गांव के लगभग 50 से 60 घरों को शुद्ध पेयजल मिल पाता था, लेकिन अब यह पूरी तरह बेकार साबित हो रहा है। महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर पानी की किल्लत का सबसे ज्यादा असर गांव की महिलाओं पर पड़ रहा है। पीने और घरेलू कामों के लिए उन्हें करीब एक किलोमीटर दूर नदी या तालाब तक जाना पड़ता है। इससे उनका काफी समय और श्रम दोनों खर्च हो रहे हैं। शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरी में कभी-कभी गांव के लोग चंदा इकट्ठा कर चापाकलों की मरम्मत खुद ही करवाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद वे फिर खराब हो जाते हैं। आंदोलन की चेतावनी गर्मी बढ़ने के साथ ही गांव में जल संकट और गहरा गया है। इससे ग्रामीणों का धैर्य भी जवाब देने लगा है। गांव के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सोलर वाटर प्लांट और खराब चापाकलों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस मामले में जब संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

Unknown मार्च 12, 2026 0
Administration using JCB and bulldozers to close illegal coal mines in Jamtara
जामताड़ा में अवैध कोयला खदानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, जेसीबी-बुलडोजर से भरवाई गई बंद खदानें

  जामताड़ा: जिले में अवैध कोयला उत्खनन पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता के निर्देश पर नाला थाना क्षेत्र के कास्ता और पलास्थली इलाके में बंद पड़ी अवैध कोयला खदानों को जेसीबी और बुलडोजर की मदद से मिट्टी भरकर बंद करने का अभियान चलाया गया।   हादसों के बाद प्रशासन हुआ सख्त बताया जाता है कि इसी वर्ष फरवरी महीने में कास्ता और पलास्थली क्षेत्र की अवैध खदानों में कोयला निकालने के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ था। उस दुर्घटना में तीन से चार मजदूरों के मलबे में दबने की सूचना सामने आई थी। इस घटना के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे और अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई थी।   ECL और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई घटना को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को पुलिस और ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की। बंद पड़ी खदानों को जेसीबी और बुलडोजर से मिट्टी भरकर डोजिंग की गई, ताकि वहां दोबारा अवैध उत्खनन न हो सके।   वर्षों से चल रहा था अवैध खनन जानकारी के अनुसार, ये खदानें मूल रूप से ECL के पांडेश्वर जोनल ऑफिस के अधीन थीं और कई साल पहले इन्हें बंद कर दिया गया था। लेकिन बीते करीब तीन दशकों में यहां अवैध कोयला उत्खनन का जाल फैल गया था। इसके कारण कई जगहों पर गहरी और बेहद असुरक्षित खदानें बन गई थीं।   भारी पुलिस बल की तैनाती इस अभियान का नेतृत्व नाला थाना प्रभारी राजीव रंजन कुमार और ECL अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। कार्रवाई के दौरान CISF और नाला थाना की पुलिस भी मौके पर तैनात रही। इस दौरान सहायक अवर निरीक्षक संजय गहलौत समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे।   अवैध खनन पर सख्त चेतावनी प्रशासन ने इलाके के लोगों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि इन क्षेत्रों में किसी भी कीमत पर अवैध कोयला उत्खनन को दोबारा पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस और ECL की टीम लगातार निगरानी करेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी व्यक्ति अवैध खनन में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय अवैध कोयला कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
Venomous Kharish snake captured by villagers in Mohra village of Jamtara Jharkhand and kept inside drum
जामताड़ा के मोहड़ा गांव में दिखा खतरनाक ‘खरिश’ सांप, ग्रामीणों ने सूझबूझ से पकड़ा; वन विभाग की देरी पर उठे सवाल

  झारखंड के जामताड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहड़ा गांव में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव में एक अत्यंत विषैला ‘खरिश’ सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, ग्रामीणों की सूझबूझ और साहस के कारण बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।   गांव में फैली दहशत, लोगों ने संभाली स्थिति ग्रामीणों के अनुसार, यह सांप बेहद खतरनाक माना जाता है और इसके काटने से कुछ ही समय में जान जाने का खतरा रहता है। जैसे ही सांप नजर आया, शुरुआती समय में लोग घबरा गए। लेकिन बाद में गांव के कुछ युवाओं ने हिम्मत दिखाते हुए स्थिति को संभाला और सावधानी के साथ सांप को पकड़ने की योजना बनाई। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने पहले सांप को एक बोरे में बंद किया। इसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे एक बड़े ड्रम में डाल दिया गया, ताकि वह बाहर निकलकर किसी को नुकसान न पहुंचा सके।   वन विभाग को सौंपने की थी योजना ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सांप को मारना नहीं था। वे उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर वन विभाग को सौंपना चाहते थे, ताकि उसे जंगल में छोड़ दिया जाए। इसी वजह से सांप को पकड़ने के तुरंत बाद वन विभाग को सूचना दी गई।   वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल हालांकि, इस घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव के निवासी नबीब अंसारी ने बताया कि सांप पकड़े जाने के बाद सोमवार शाम से ही वन विभाग को कई बार फोन किया गया, लेकिन अधिकारियों की ओर से संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से यह कहा गया कि सिर्फ एक सांप के लिए तत्काल कर्मचारी भेजना संभव नहीं है।   16 घंटे बाद भी नहीं पहुंची रेस्क्यू टीम सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि सोमवार रात से लेकर मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे तक, यानी लगभग साढ़े 16 घंटे बीत जाने के बाद भी वन विभाग की कोई रेस्क्यू टीम गांव नहीं पहुंची। इस दौरान सांप ड्रम के अंदर ही बंद रहा और पूरी रात ग्रामीणों में भय का माहौल बना रहा। संभावित खतरे के कारण कई लोग रातभर सो भी नहीं सके और अनहोनी की आशंका में जागते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे मामलों में वन विभाग को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

India vs England Series
स्पोर्ट्स

इंग्लैंड से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया का होगा प्रदर्शन रिव्यू, BCCI करेगा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मूल्यांकन

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?