झारखंड

अपनी पहचान व अस्मिता के लिए सड़क पर उतरे झारखंड आंदोलकारी

anjali kumari जून 10, 2026 0
Jharkhand Tribal Protest
Jharkhand Tribal Protest

रांची। अपनी पहचान, अस्मिता, पेंशन समेत अन्य मांगों को लेकर झारखंड आंदोलनकारी बुधवार 10 जून को सड़क पर उतर आये। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले यह आंदोलन शुरू हुआ है। इसी कड़ी में बुधवार को पूरे राज्य से हजारों की संख्या में आंदोलनकारी रांची के मोरहाबादी मैदान पहुंचे। यहां से ये आंदोलनकारी सीएम आवास का घेराव करने निकलें हैं। उधर, आंदोलन को देखते हुए रांची पुलिस ने व्यापक तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री आवास पहुंचने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जगह जगह पुलिस के जवान तैनात किए गए है।


शहर की कई सड़कें जाम


आंदोलनकारियों के जुटान के कारण शहर की कई सड़कें सुबह से ही जाम हैं। कई रास्तों को बदला गया है। खाल तौर पर रातू रोड आने-जाने वालों को परेशानी हो रही है। सुबह से ही पुलिस ने राजभवन के निकट बैरिकेडिंग कर कांके रोड जाने वाली सड़क को बंद कर दिया है। 


सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, हर जगह जवान है तैनात


सुरक्षा के मद्देनजर तीन कंपनी रैपिड एक्शन पुलिस , एसआईआरबी, जैप और इको बल सहित करीब 600 सुरक्षाकर्मियों को मोरहाबादी मैदान से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक तैनात किया गया है। इनमें हथियारबंद जवानों के साथ लाठी पार्टी भी शामिल है। इसके अलावा मोरहाबादी मैदान और मुख्यमंत्री आवास के आसपास ब्रज वाहन, फायर ब्रिगेड वाहन, रंगीन पानी के टैंकर और आंसू गैस स्क्वॉड की भी तैनाती की गई है। प्रशासन की प्राथमिक कोशिश आंदोलनकारियों को मोरहाबादी मैदान में ही रोकने की है।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

झारखंड

View more
Dark clouds and strong winds over Jharkhand as weather department issues orange alert for multiple districts.
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, 11 जून को 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

रांची: झारखंड में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, वज्रपात और हल्की बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं, 15 से 17 जून के बीच संताल परगना क्षेत्र के रास्ते दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के झारखंड में प्रवेश करने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। कोडरमा और हजारीबाग को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने और गरज के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 11 जून को 14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 11 जून के लिए राज्य के 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, वज्रपात होने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिले हैं: रांची खूंटी रामगढ़ धनबाद हजारीबाग कोडरमा गिरिडीह देवघर दुमका गोड्डा जामताड़ा पाकुड़ साहिबगंज बोकारो मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है। 12 जून को भी जारी रहेगा असर 12 जून को भी राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि ऐसी स्थिति 15 जून तक बनी रह सकती है। मॉनसून की स्थिति क्या है? दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों में मॉनसून पहुंच सकता है। झारखंड में मॉनसून का प्रवेश संताल परगना क्षेत्र से होने की संभावना जताई गई है।  

surbhi जून 10, 2026 0
Jharkhand weather

Jharkhand weather: झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, 11 जून को 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

Hemant Soren Jal Jivan Mission Order

पेयजल व्यवस्था में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त: सीएम हेमंत सोरेन

Nathwani nomination

नाथवानी के नामांकन पर घमासान, कांग्रेस का प्रदर्शन

Hemant Soren
मोरहाबादी मैदान में 16 से 18 जून तक आयोजित होगा कृषि व्यापार मेला, मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन

रांची। झारखंड सरकार कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों को नई तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से रांची के मोरहाबादी मैदान में 16 से 18 जून तक तीन दिवसीय कृषि व्यापार मेला आयोजित करने जा रही है। इस मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री Hemant Soren करेंगे।   आयोजन का उद्देश्य किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, व्यापारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहां वे कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीन प्रयोगों और तकनीकी विकास पर विचार-विमर्श कर सकें।   देशभर से आएंगे विशेषज्ञ और लगेंगे आधुनिक कृषि स्टॉल कृषि व्यापार मेले में देश के विभिन्न राज्यों से कृषि क्षेत्र से जुड़े संस्थान, कंपनियां और संगठन अपने स्टॉल लगाएंगे। मेले में 50 से अधिक वैज्ञानिक और कृषि विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर व्याख्यान देंगे। किसानों के लिए पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है ताकि अधिक से अधिक किसान इस आयोजन का लाभ उठा सकें।   कृषि विभाग के अनुसार मेले में आधुनिक खेती, उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक, जैविक कृषि और कृषि व्यवसाय से जुड़ी नई जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। किसानों को उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने के उपायों से भी अवगत कराया जाएगा।   आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों पर रहेगा विशेष फोकस मेले का प्रमुख आकर्षण कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों का प्रदर्शन होगा। इसके साथ ही कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली आधुनिक कृषि पद्धतियों, मत्स्य पालन, बागवानी और कृषि यंत्रीकरण से जुड़ी तकनीकों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। विशेषज्ञ किसानों को इन तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग और उनके लाभों की जानकारी देंगे।   सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भी सजेगा आयोजन कृषि व्यापार मेला केवल तकनीकी और व्यावसायिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा। शाम के समय झारखंड की पारंपरिक लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नृत्य और गीत-संगीत के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य के प्रगतिशील किसान और अन्य राज्यों के सफल कृषि विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे किसानों को नई प्रेरणा और सीख मिलेगी। यह मेला कृषि क्षेत्र में नवाचार, ज्ञान और अवसरों का महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है।

abhishek singh जून 10, 2026 0

चलती स्कूटी पर स्टंट का वीडियो वायरल, ट्रैफिक पुलिस ने ठोका 5 हजार का जुर्माना

Giridih Registrar Office News

गिरिडीह रजिस्ट्रार ऑफिस में चले लात-घूंसे, जमीन विवाद को लेकर मारपीट

Santosh Kumar Gangwar

झारखंड में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की राह खुली, राज्यपाल ने दी मंजूरी

Early tax payment
30 जून तक भरें होल्डिंग टैक्स और पाएं 10% तक की छूट

रांची। रांची नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए होल्डिंग टैक्स जमा करने वाले करदाताओं को बड़ी राहत दी है। निगम ने समय पर कर भुगतान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष छूट योजना शुरू की है, जिसके तहत निर्धारित अवधि के भीतर होल्डिंग टैक्स का एकमुश्त भुगतान करने पर देय कर राशि में अधिकतम 10 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इस योजना का लाभ उठाने के लिए करदाताओं को 30 जून 2026 तक अपना पूरा होल्डिंग टैक्स जमा करना होगा।   योजना की अंतिम तिथि नजदीक, बचे हैं केवल 20 दिन नगर निगम के अनुसार, इस विशेष छूट योजना की समय-सीमा तेजी से करीब आ रही है और लाभ लेने के लिए अब केवल 20 दिन शेष हैं। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचते हुए जल्द से जल्द अपना कर भुगतान करें। समय पर भुगतान करने से न केवल छूट का लाभ मिलेगा, बल्कि भविष्य में किसी अतिरिक्त जुर्माने या ब्याज से भी बचा जा सकेगा।   ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध करदाताओं की सुविधा के लिए रांची नगर निगम ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भुगतान की व्यवस्था की है। नागरिक स्मार्ट रांची ऐप, व्हाट्सएप चैटबॉट, निगम की आधिकारिक वेबसाइट, जन सुविधा केंद्र तथा डोर-टू-डोर कर संग्रह व्यवस्था के जरिए टैक्स जमा कर सकते हैं।   स्मार्ट रांची ऐप पर होल्डिंग नंबर दर्ज कर बकाया राशि की जानकारी प्राप्त की जा सकती है और डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या यूपीआई के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है। वहीं निगम की वेबसाइट पर प्रॉपर्टी टैक्स सेक्शन में होल्डिंग नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर के अंतिम चार अंक दर्ज कर ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।   जन सुविधा केंद्रों पर भी जमा कर सकते हैं टैक्स ऑफलाइन भुगतान के लिए रांची नगर निगम मुख्यालय और डोरंडा स्थित जन सुविधा केंद्रों में विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा निगम द्वारा अधिकृत कर संग्राहक घर-घर जाकर भी टैक्स संग्रह कर रहे हैं। निगम ने नागरिकों से डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करने और समय रहते इस विशेष छूट योजना का लाभ उठाने की अपील की है।

anjali kumari जून 10, 2026 0
Jharkhand ATS News

झारखंड एटीएस के टारगेट पर गैंगस्टर, 150 लिस्टेड

Jharkhand Weather News

झारखंड में 11 जून को झमाझम बारिश के आसार

Jharkhand Tribal Protest

अपनी पहचान व अस्मिता के लिए सड़क पर उतरे झारखंड आंदोलकारी

0 Comments

Top week

Jamshid Ghomi accused of exporting sensitive US technology to Iran in sanctions case
दुनिया

अमेरिका में ईरान कनेक्शन का खुलासा, प्रतिबंधित टेक्नोलॉजी सप्लाई के आरोप में CEO गिरफ्तार

Deepshikha जून 4, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?