झारखंड

मोराबादी में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा राजद ने किया विरोध प्रदर्शन

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Ranchi RJD
Ranchi RJD Protest

रांची। देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच झारखंड की राजधानी रांची में युवा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सोमवार को बापू वाटिका में एक दिवसीय सत्याग्रह आयोजित किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से संगठन ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई।


धरने के दौरान युवा राजद नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा संबंधी विवादों ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था से कमजोर कर दिया है। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की अपील की।

 

प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने आरोप लगाया 


प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था का अत्यधिक व्यवसायीकरण हो गया है। उनका कहना था कि मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्र कई वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं, जबकि उनके अभिभावक कोचिंग और अन्य तैयारियों पर लाखों रुपये खर्च करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं न केवल छात्रों की मेहनत पर पानी फेर देती हैं, बल्कि उनके भविष्य को भी प्रभावित करती हैं।

 

युवा राजद ने उन छात्रों और परिवारों की चिंता भी व्यक्त की, जो परीक्षा विवादों के कारण मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि बार-बार परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने से युवाओं का आत्मविश्वास प्रभावित हो रहा है और उनके करियर पर गंभीर असर पड़ रहा है।

 

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर


प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से उठाई जा रही मांगों पर कोई ठोस पहल या प्रभावी संवाद नहीं हुआ है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

 

युवा राजद नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन चरणबद्ध तरीके से अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगा। उनका कहना है कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए प्रभावी सुधार समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Abhishek Singh Abhishek123

झारखंड

View more
Dark monsoon clouds over Jharkhand as heavy rainfall and lightning trigger an IMD yellow alert across multiple districts.
झारखंड Weather Update: 21 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

रांची: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में सोमवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने 21 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट घोषित किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दो सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से आने वाले घंटों में कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा जिलों में मंगलवार, 21 जुलाई को गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। सोमवार को कहां कितनी हुई बारिश साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से सोमवार को राज्य के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। रांची – 3 मिमी जगन्नाथपुर – 13 मिमी जमशेदपुर – 4 मिमी खूंटी – 5 मिमी देवघर – 2 मिमी कोडरमा – 7 मिमी हजारीबाग – 2 मिमी देर रात भी राज्य के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश यहां पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ जिलों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हजारीबाग – 139.2 मिमी लोहरदगा – 112 मिमी कांके – 80.2 मिमी जामताड़ा – 56 मिमी लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। क्यों बदल रहा है मौसम? मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। पहला सिस्टम रोहतक, हरदोई, वाराणसी, मेदिनीनगर, पुरुलिया और दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है। दूसरा साइक्लोनिक सर्कुलेशन उत्तर झारखंड, बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल की दिशा में सक्रिय है। इन्हीं दोनों मौसम प्रणालियों के कारण झारखंड के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। सामान्य से अब भी 33 प्रतिशत कम बारिश हालांकि हाल के दिनों में बारिश बढ़ी है, लेकिन पूरे मानसून सीजन के आंकड़े अभी भी सामान्य से पीछे हैं। 1 जून से 20 जुलाई तक सामान्य वर्षा: 319.8 मिमी अब तक हुई वर्षा: 261.4 मिमी कमी: 33 प्रतिशत रांची में भी इस अवधि के दौरान सामान्य 406.4 मिमी के मुकाबले केवल 331.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 19 प्रतिशत कम है। तापमान में आई गिरावट बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। रांची – 29.8°C जमशेदपुर – 33.4°C मेदिनीनगर – 30.2°C मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। लोगों के लिए जरूरी सलाह खराब मौसम के दौरान खुले मैदान में न रहें। वज्रपात के समय पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें। किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

surbhi जुलाई 21, 2026 0
Jharkhand Property Registration

झारखंड में अब जमीन-मकान खरीदना होगा महंगा! जानिए कितना बढ़ेगा खर्च?

Jharkhand Weather

Jharkhand Weather: झारखंड में मानसून सक्रिय, पांच जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

Ranchi RJD

मोराबादी में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा राजद ने किया विरोध प्रदर्शन

Jharkhand Heavy Rain
झारखंड में अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी

रांची। झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, कई जिलों में भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।   कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है 20 जुलाई को हजारीबाग, रामगढ़, रांची, लोहरदगा, चतरा और लातेहार जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। वहीं, 21 जुलाई को रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और लातेहार में भी भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा 22 से 25 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।   वज्रपात और हादसों में पांच की मौत इधर, रविवार को वज्रपात और अन्य हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई। सरायकेला के नुवागोड़ा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से रोशनी सुरीन और सोनू सरदार (32) की जान चली गई। चंपुआ थाना क्षेत्र के विष्णुपुर गांव में किसान मोहन चरण गिरि (55) की भी वज्रपात से मौत हो गई। गोमिया के तेनुघाट डैम में मछली पकड़ने गए संतोष केवट उर्फ डमडम केवट (34) की डूबने से मौत हो गई, जबकि गुमला जिले के सिसई में जयंती देवी (56) की जान ठनका गिरने से चली गई।   24 घंटे में कई स्थानों पर हुई बारिश पिछले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। धनबाद के राजदह में सर्वाधिक 76.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हेंदेगिर (67.2 मिमी), नवाडीह (67 मिमी), जगन्नाथपुर (65 मिमी), पुटकी (57.2 मिमी) और राजधनवार (48.8 मिमी) में भी उल्लेखनीय बारिश हुई। राजधानी रांची में करीब दो घंटे तक हुई लगातार बारिश से कांके रोड, रातू रोड और बरियातू सहित कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई, जबकि मेन रोड, धुर्वा और डोरंडा में हल्की बारिश दर्ज की गई।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Durand Cup 2026

रांची पहली बार बनेगा डूरंड कप का मेजबान, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे उद्घाटन

Pahari Mandir

सावन में पहाड़ी मंदिर में शीशे- मेटल की पूजन सामग्री पर लगी रोक

DSPMU Protest

DSPMU में सीट कटौती और क्लस्टर सिस्टम के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन, कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी

Jagannath Rath Yatra
रथयात्रा के पांचवें दिन मनाई जाएगी हेरा पंचमी, रथ भंगिनी की अनूठी परंपरा निभाएंगे श्रद्धालु

खरसावां। जगन्नाथ रथयात्रा के पांचवें दिन मनाई जाने वाली हेरा पंचमी जगन्नाथ संस्कृति का एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है। यह केवल एक पारंपरिक उत्सव नहीं, बल्कि भगवान जगन्नाथ और देवी महालक्ष्मी के बीच प्रेम, विरह और मान-मनौव्वल का प्रतीक माना जाता है। ओडिशा के श्रीजगन्नाथ पुरी की तर्ज पर झारखंड के सरायकेला, खरसावां और हरिभंजा में भी सोमवार को श्रद्धा और परंपरा के साथ रथ भंगिनी की रस्म निभाई जाएगी।   हेरा पंचमी के अवसर पर क्या होता है? हेरा पंचमी के अवसर पर शाम को मां महालक्ष्मी की कांस्य प्रतिमा को श्रीमंदिर स्थित लक्ष्मी मंदिर से विशेष पालकी में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा के साथ गुंडिचा मंदिर ले जाया जाएगा। मंदिर के मुख्य द्वार पर विधि-विधान से पूजा और पारंपरिक संवाद के बाद देवी महालक्ष्मी भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ तक पहुंचेंगी। यहां वह अपनी नाराजगी के प्रतीक स्वरूप रथ के अगले हिस्से की लकड़ी और पहिए को प्रतीकात्मक रूप से क्षतिग्रस्त करेंगी। इसी रस्म को रथ भंगिनी कहा जाता है। इसके बाद पुजारी और सेवायत देवी का मान-मनौव्वल कर उन्हें सम्मानपूर्वक श्रीमंदिर वापस ले जाएंगे।   इस अनुष्ठान में भगवान जगन्नाथ के सेवकों की अपेक्षा मां लक्ष्मी के भक्तों, विशेषकर महिलाओं की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण होती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पालकी यात्रा में शामिल होकर इस परंपरा का हिस्सा बनते हैं।   पौराणिक मान्यता के अनुसार पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ गुंडिचा मंदिर चले जाते हैं और कई दिनों तक वापस नहीं लौटते। इससे नाराज होकर देवी महालक्ष्मी स्वयं उनसे मिलने पहुंचती हैं और क्रोध में उनके रथ का एक हिस्सा प्रतीकात्मक रूप से तोड़ देती हैं। पुजारियों के माध्यम से ओड़िया भाषा में मान-मनौव्वल के बाद देवी लौट जाती हैं।   हेरा पंचमी के साथ ही भगवान जगन्नाथ की श्रीमंदिर वापसी यानी बाहुड़ा रथयात्रा की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं। इस परंपरा को जगन्नाथ संस्कृति में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व प्राप्त है।

anjali kumari जुलाई 20, 2026 0

झारखंड के संताली फिल्म ‘आंगेन’ को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

Rain in Ranchi

बारिश के बाद रांची की सड़कें बनीं हादसों का अड्डा

Ration Card Verification

राशन कार्ड जांच में अपात्र निकले तो भरना होगा पूरा जुर्माना

0 Comments

Top week

Iranian military officials address the media as tensions escalate over the Strait of Hormuz following U.S. security announcements.
दुनिया

हॉर्मुज पर महायुद्ध की आहट: ईरान ने अमेरिका को दी खुली चेतावनी, कहा- मदद करने वाले देशों को भी नहीं छोड़ेंगे

Deepshikha जुलाई 14, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?