राष्ट्रीय

Two Students Killed in Telangana Road Crash

तेलंगाना में भीषण सड़क हादसा, तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से दो कॉलेज छात्रों की मौत

surbhi मार्च 7, 2026 0
Fatal road accident kills Two College Students
Hanamkonda Road Accident Kills Two College Students

 

तेलंगाना में Hanamkonda जिले के हसनपर्थी इलाके में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो कॉलेज छात्रों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार छात्रों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार यह हादसा हसनपर्थी क्षेत्र में स्थित बड़े चेरुवु (पेड्डा चेरुवु) के पास हुआ। मृतकों की पहचान सुप्रतीक और अकरम के रूप में हुई है, जो SSR डिग्री कॉलेज के छात्र बताए जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक दोनों छात्र मोटरसाइकिल से कॉलेज जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों छात्र सड़क पर गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

हसनपर्थी पुलिस इंस्पेक्टर एम. राजेश ने बताया कि शुरुआती जांच में हादसे की वजह डंपर की तेज रफ्तार सामने आई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।

पुलिस ने दोनों छात्रों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और उनके परिवारों को घटना की सूचना दे दी गई है। इस हादसे की खबर से कॉलेज और स्थानीय समुदाय में शोक की लहर फैल गई है। साथियों और शिक्षकों ने दोनों छात्रों को मेहनती और उज्ज्वल भविष्य वाला बताया।

 

 

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

राष्ट्रीय

View more
Lenskart Q4 performance
लेंसकार्ट का शानदार Q4 प्रदर्शन, 2500 करोड़ के पार पहुंचा रेवेन्यू

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश की प्रमुख आईवियर कंपनी Lenskart ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) और पूरे कारोबारी साल के नतीजों का ऐलान किया है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बाद कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली। बुधवार को नतीजे जारी होने के बाद कंपनी का शेयर करीब 1.66 प्रतिशत चढ़कर 494.95 रुपये पर पहुंच गया। भारतीय शेयर बाजार में भी सकारात्मक माहौल रहा और निफ्टी 50 इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।   Q4 में रेवेन्यू और आय में जबरदस्त बढ़ोतरी कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू चौथी तिमाही में बढ़कर 2,517 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 1,778 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी ने सालाना आधार पर करीब 41.6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की। कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 2,545 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि के 1,939 करोड़ रुपये से लगभग 31.3 प्रतिशत अधिक है। टैक्स से पहले मुनाफा (PBT) 254.19 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 5.6 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में हल्की गिरावट दर्ज की गई। Q4FY26 में PAT 203.62 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 220.13 करोड़ रुपये था।   तीसरी तिमाही की तुलना में भी मजबूत प्रदर्शन कंपनी ने तीसरी तिमाही की तुलना में भी बेहतर प्रदर्शन किया। Q3FY26 में जहां ऑपरेशनल रेवेन्यू 2,104 करोड़ रुपये था, वहीं Q4 में यह बढ़कर 2,517 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह PAT भी 132.71 करोड़ रुपये से बढ़कर 203.62 करोड़ रुपये पहुंच गया।   पूरे साल में रिकॉर्ड ग्रोथ FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 8,814 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो FY25 के 6,053 करोड़ रुपये से लगभग 45.6 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का सालाना शुद्ध लाभ 500.95 करोड़ रुपये रहा, जिसमें करीब 68.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने ओमनीचैनल नेटवर्क का विस्तार जारी रखा, जिससे ब्रांड की लोकप्रियता और बिक्री दोनों में मजबूत वृद्धि देखने को मिली।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Vijay cabinet expansion

विजय की कैबिनेट का विस्तार, 23 मंत्रियों ने शपथ ली

Flooded highways and stranded vehicles after heavy rain triggered flash floods in Atlanta

अटलांटा में अचानक आई बाढ़ से हाहाकार, हाईवे पर फंसीं कई गाड़ियां; ट्रैफिक पूरी तरह ठप

Cockroach Janata Party

CJI के बयान के विरोध में बनी कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम पर 6 दिन में 1.23 करोड़ फॉलोअर्स

Donald Trump speaks about Israel, Benjamin Netanyahu and Iran during a press conference
इजरायल में PM चुनाव लड़ने वाला ट्रंप का दावा, नेतन्याहू और ईरान पर भी दिए बड़े बयान

Donald Trump ने एक बार फिर अपने बयान से वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने दावा किया कि इजरायल में उनकी लोकप्रियता 99 प्रतिशत है और अगर वह चाहें तो वहां प्रधानमंत्री पद का चुनाव भी लड़ सकते हैं। रिपोर्टर्स से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “इस समय इजरायल में मेरी लोकप्रियता 99% है। मैं वहां प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ सकता हूं।” “मेरे पास 99% समर्थन है” ट्रंप ने दावा किया कि उन्हें इजरायल में भारी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्हें एक सर्वे मिला, जिसमें उनकी लोकप्रियता 99 प्रतिशत बताई गई। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “शायद यह काम खत्म करने के बाद मैं इजरायल जाऊं और वहां प्रधानमंत्री पद का चुनाव लड़ूं।” हालांकि ट्रंप ने इस दौरान किसी सर्वे एजेंसी या आधिकारिक पोल का नाम नहीं बताया। ईरान पर हमले को लेकर क्या बोले ट्रंप? ईरान को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि वह फिलहाल किसी समझौते को मौका देना चाहते हैं और जल्दबाजी में सैन्य कार्रवाई नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, “हमें स्ट्रेट खोलनी होगी और वह तुरंत खुल जाएगी। हम इसे एक मौका देने जा रहे हैं। मुझे कोई जल्दी नहीं है। मैं कम से कम लोगों की मौत देखना चाहता हूं।” ट्रंप का इशारा Strait of Hormuz की ओर माना जा रहा है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का बेहद अहम समुद्री मार्ग है। नेतन्याहू को बताया “शानदार इंसान” प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने Benjamin Netanyahu की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “वह बहुत अच्छे इंसान हैं। वह वही करेंगे जो मैं कहूंगा। वह एक शानदार व्यक्ति हैं। यह मत भूलिए कि वह युद्धकालीन प्रधानमंत्री रहे हैं।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि नेतन्याहू के साथ इजरायल में सही व्यवहार नहीं किया जा रहा है। ईरान को फिर दी चेतावनी इससे पहले ट्रंप ईरान को लेकर भी सख्त चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर हालात नहीं सुधरे तो “एक और बड़ा हमला” हो सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है। ट्रंप और नेतन्याहू पर इनाम की चर्चा इसी बीच ईरान में ट्रंप और नेतन्याहू को लेकर एक नए विवाद ने भी ध्यान खींचा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी ने एक नए विधेयक का जिक्र किया है। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित बिल का नाम “इस्लामिक रिपब्लिक की सैन्य और सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई” रखा गया है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस प्रस्ताव में ट्रंप और नेतन्याहू की हत्या करने वाले व्यक्ति या संगठन को करोड़ों डॉलर का इनाम देने की बात कही गई है। हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि और संसदीय प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप के बयान ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।  

surbhi मई 21, 2026 0
Vande Mataram mandatory in west bengal

पश्चिम बंगाल के सभी मदरसों में 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य

UGC NET June 2026

UGC NET June 2026: नेट परीक्षा के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी

CBI investigating NEET-UG paper leak case involving huge cash deals, blank cheques and coaching mafia network.

₹5 लाख से ₹50 लाख तक में बेचा गया पेपर, ब्लैंक चेक लेकर करते थे डील

Prime Minister Narendra Modi and Congress leaders pay tribute to former PM Rajiv Gandhi at Veer Bhumi in Delhi.
पूर्व पीएम राजीव गांधी को श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और कांग्रेस नेताओं ने किया नमन

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर गुरुवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर नरेंद्र मोदी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें याद किया और उनके योगदान को नमन किया। राजधानी दिल्ली स्थित ‘वीर भूमि’ में आयोजित प्रार्थना सभा में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने किया नमन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राजीव गांधी को याद किया। उन्होंने लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी को उनकी पुण्यतिथि पर नमन।” प्रधानमंत्री के संदेश के बाद कई राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सोशल मीडिया पर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। वीर भूमि पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने वीर भूमि पहुंचकर राजीव गांधी की समाधि पर फूल चढ़ाए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सोनिया गांधी भी मौजूद रहीं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपने पिता की समाधि पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राहुल गांधी ने साझा किया भावुक संदेश राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राजीव गांधी के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा। आपकी सीख, आपके संस्कार और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी।” उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में रहा। 1984 में बने थे प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने 31 अक्टूबर 1984 से 2 दिसंबर 1989 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल में सूचना प्रौद्योगिकी, टेलीकॉम और आधुनिक भारत की नींव रखने वाले कई कदम उठाए गए। 21 मई 1991 को श्रीपेरंबदूर में चुनाव प्रचार के दौरान एक आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई थी। उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।  

surbhi मई 21, 2026 0
CAPF personnel deployed in West Bengal for law and order duties after elections under central government approval.

बंगाल में 20 जून तक तैनात रहेंगी CAPF की 500 कंपनियां, गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी

Massive fire engulfs Gamdevi Market Complex near Thane railway station as firefighters battle flames overnight.

ठाणे स्टेशन के पास भीषण आग, फायरमैन और सिक्योरिटी गार्ड की मौत

Taxi and auto drivers protesting in Delhi-NCR during a three-day strike over rising fuel prices and fares.

Delhi-NCR Drivers Strike: टैक्सी-ऑटो चालकों की 3 दिन की हड़ताल शुरू, सप्लाई और सफर पर पड़ सकता है असर

0 Comments

Top week

Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?