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आज का राशिफल, 8 अप्रैल 2026: ये 4 राशिवाले करें प्रयास, मिलेगी मनचाही जॉब! मेष को सबसे अधिक भाग्य का साथ, जानें 12 राशियों के ज्योतिष उपाय

Kartikey Tiwari अप्रैल 8, 2026
आज का राशिफल, 8 अप्रैल 2026: ये 4 राशिवाले करें प्रयास, मिलेगी मनचाही जॉब! मेष को सबसे अधिक भाग्य का साथ, जानें 12 राशियों के ज्योतिष उपाय
आज का राशिफल, 8 अप्रैल 2026: ये 4 राशिवाले करें प्रयास, मिलेगी मनचाही जॉब! मेष को सबसे अधिक भाग्य का साथ, जानें 12 राशियों के ज्योतिष उपाय
Today Horoscope 8 April 2026: आज 8 अप्रैल का दिन मेष राशिवालों के​ लिए अच्छा है. आज आपको 79% भाग्य का साथ मिलेगा. आज कर्क समेत 4 राशिवाले मनचाही जॉब के लिए प्रयास करेंगे, तो नई नौकरी मिल सकती है. आज गणेश जी की पूजन करके दिन की शुरूआत करें. कानपुर की ज्योतिषाचार्या स्वाति सक्सेना से जानें आज का राशिफल और 12 राशियों के लिए आज का ज्योतिष उपाय.

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Ank Jyotish 8 April 2026: मूलांक 4, 6 वालों को प्रॉपर्टी लाभ, नंबर 3 का बढ़ेगा धन, अंक 1-8 रहें सावधान! जानें आज का अंक ज्योतिष
Ank Jyotish 8 April 2026: मूलांक 4, 6 वालों को प्रॉपर्टी लाभ, नंबर 3 का बढ़ेगा धन, अंक 1-8 रहें सावधान! जानें आज का अंक ज्योतिष

Ank Jyotish 8 April 2026 Numerology Horoscope: गणेशजी कहते हैं कि आज का न्यूमरोलॉजी फोरकास्ट बताता है कि अलग-अलग नंबरों के लिए यह दिन मौकों, इमोशनल बदलावों और सब्र की ज़रूरत से भरा रहेगा. नंबर 2, 4, 6, और 8 को करियर या बिज़नेस में पॉजिटिव डेवलपमेंट देखने को मिल सकते हैं, जिसमें सपोर्टिव अथॉरिटी वाले लोग, फायदेमंद कम्युनिकेशन, प्रॉपर्टी से जुड़ी तरक्की, या प्रोफेशनल पहचान शामिल है. फाइनेंशियली नंबर 3 को बिज़नेस में कॉम्पिटिटर को हराने से फायदा हो सकता है, जबकि नंबर 7 को बढ़ते घरेलू खर्चों का सामना करना पड़ सकता है. हेल्थ के लिहाज़ से, नंबर 1 और 8 को आँखों में खिंचाव, सिरदर्द, या हल्के बुखार से सावधान रहना चाहिए. पर्सनल फ्रंट पर, रिश्ते मिले-जुले संकेत लाते हैं-नंबर 1, 2, और 6 प्यार में तालमेल या कमिटमेंट का आनंद ले सकते हैं, जबकि नंबर 3, 5, और 9 को रिश्ते के मुद्दों या इमोशनल दूरी पर सोचने की ज़रूरत हो सकती है. जानें 8 अप्रैल 2026 का दैनिक अंक ज्योतिष.

Kartikey Tiwari अप्रैल 8, 2026
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Today Horoscope 8 April 2026: आज 8 अप्रैल का दिन मेष राशिवालों के​ लिए अच्छा है. आज आपको 79% भाग्य का साथ मिलेगा. आज कर्क समेत 4 राशिवाले मनचाही जॉब के लिए प्रयास करेंगे, तो नई नौकरी मिल सकती है. आज गणेश जी की पूजन करके दिन की शुरूआत करें. कानपुर की ज्योतिषाचार्या स्वाति सक्सेना से जानें आज का राशिफल और 12 राशियों के लिए आज का ज्योतिष उपाय.

Kartikey Tiwari अप्रैल 8, 2026
आज घर में नए वाहन की हो सकती है एंट्री! घर में लक्ष्मी आने का संयोग, वृषभ राशि वाले जान लें राशिफल
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Aaj Ka Vrishabh Rashifal: वृषभ राशि के जातकों के घर में आज खुशहाली आएगी. आज आपको धन का लाभ होगा और आपका रुका हुआ पैसा भी वापस मिलेगा. वृषभ राशि वालों को आज कानूनी मामलों में सफलता भी मिल सजती है. आइए काशी के ज्योतिष से जानते हैं कि वृषभ राशि वालों का आज पूरा दिन कैसा रहेगा.

Aryan Seth अप्रैल 8, 2026
Mithun Rashifal: गजकेसरी योग और बुध के गोचर से चमकेगा भाग्य, प्रमोशन और वैवाहिक सुख का वरदान
Mithun Rashifal: गजकेसरी योग और बुध के गोचर से चमकेगा भाग्य, प्रमोशन और वैवाहिक सुख का वरदान

Aaj Ka Mithun Rashifal 8 april: ज्योतिषाचार्य योगेश कुकरेती ने बताया कि कार्यक्षेत्र में आज मिथुन जातकों की रचनात्मकता और कार्यकुशलता चरम पर रहेगी. आप अपने कार्यों को न सिर्फ समय पर पूरा करेंगे, बल्कि उन्हें बहुत ही सावधानी और नए विचारों के साथ कर करेंगे. राशि स्वामी बुध की अनुकूलता के चलते आपकी मेहनत का पूरा फल आपको मिलेगा.

Monali Paul अप्रैल 8, 2026
Aaj Ka Mesh Rashifal : आज दूरियां होंगी खत्म, उफान मारेगा प्रेम...मेष राशि के जातक काटेंगे चांदी
Aaj Ka Mesh Rashifal : आज दूरियां होंगी खत्म, उफान मारेगा प्रेम...मेष राशि के जातक काटेंगे चांदी

Aaj Ka Mesh Rashifal 8 April 2026 : मेष राशि की आज सेहत सामान्य रहेगी. काम की वजह से थके हुए नजर आ सकते हैं. सुबह उठकर व्यायाम करें. प्यार और रिश्तों के लिए दिन ठीक रहेगा. जीवनसाथी के साथ भावनात्मक लगाव बढ़ सकता है. विंध्यधाम के ज्योतिषाचार्य अखिलेश अग्रहरि लोकल 18 से बताते हैं कि आज मेष राशि में चंद्रमा लग्न के चौथे भाव में गोचर कर रहे हैं. आवेग में कुछ भी करने से परहेज करें. परिवार में मिलाजुला माहौल रहेगा. माता जी का विशेष ख्याल रखें.

Priyanshu Gupta अप्रैल 8, 2026
यहां हमारे कान्हा का दिन में लगता है 10 बार भोग, देर होने पर कमजोर हो जाती है 'रहस्यमयी प्रतिमा'
यहां हमारे कान्हा का दिन में लगता है 10 बार भोग, देर होने पर कमजोर हो जाती है 'रहस्यमयी प्रतिमा'

Thiruvarppu Sreekrishna Swami Temple: भगवान श्रीकृष्ण के आपने कई मंदिरों के दर्शन किए होंगे लेकिन एक मंदिर ऐसा है, जहां भगवान का 10 बार भोग लगाया जाता है. अगर भोग लगाने में देरी हो जाती है तो प्रतिमा कमजोर हो जाती है. भोग लगने में कोई परेशानी ना हो इसलिए ग्रहण के समय भी पट बंद नहीं किए जाते हैं. मान्यता है कि यहां दर्शन करने मात्र से भक्त की सभी इच्छाएं पूरी हो जाती है. आइए जानते हैं भगवान श्रीकृष्ण के इस मंदिर के बारे में...

Parag Sharma अप्रैल 7, 2026
Aaj Ka Tarot Rashifal, 8 April 2026: मिथुन वालों को नौकरी के कुछ अच्छे मौके मिलेंगे तो कन्या वाले बेवजह की बहस से बचें, इन 3 राशि वालों को धन लाभ, पढ़ें आज का टैरो राशिफल
Aaj Ka Tarot Rashifal, 8 April 2026: मिथुन वालों को नौकरी के कुछ अच्छे मौके मिलेंगे तो कन्या वाले बेवजह की बहस से बचें, इन 3 राशि वालों को धन लाभ, पढ़ें आज का टैरो राशिफल

Aaj Ka Tarot Rashifal, 8 April 2026: टैरो कार्ड बताता है कि आज मेष राशि वाले घर से जुड़ा कोई इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं. वृषभ राशि वाले बिज़नेस शुरू करने के लिए पैसे का इंतज़ाम कर सकते हैं. वहीं सिंह राशि वालों की आज किसी बात पर बच्चे से बहस हो सकती है और धनु राशि वालों को स्किल्स और टैलेंट को निखारने का मौका मिल सकता है. कुंभ राशि वालों को आज बिज़नेस की शुरुआत में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकते हैं तो मीन राशि वाले छोटी-छोटी बातों को झगड़े में ना बदलने दें. जानें 12 राशिवालों का आज का टैरो राशिफल.

Parag Sharma अप्रैल 7, 2026
Satbahini Devi Temple: रोजगार मिलने में आ रही है परेशानी तो माता के इस मंदिर का करें दर्शन, सात रूपों में मां भवानी देती हैं दर्शन
Satbahini Devi Temple: रोजगार मिलने में आ रही है परेशानी तो माता के इस मंदिर का करें दर्शन, सात रूपों में मां भवानी देती हैं दर्शन

Satbahini Devi Temple: मां दुर्गा के आपने कई मंदिरों और शक्तिपीठों के दर्शन किए होंगे लेकिन आज हम आपको विश्व का एकमात्र ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां माता सात मुख के साथ विराजमान हैं. मान्यता है कि जो भक्त यहां दर्शन करने आता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. आइए जानते हैं माता के इस मंदिर के बारे में...

Parag Sharma अप्रैल 7, 2026
10 मुखी रुद्राक्ष के चमत्कारी फायदे: डर, बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव से लेकर जीवन में शांति और सफलता तक का असर
10 मुखी रुद्राक्ष के चमत्कारी फायदे: डर, बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव से लेकर जीवन में शांति और सफलता तक का असर

10 Mukhi Rudraksha Benefits: 10 मुखी रुद्राक्ष भगवान विष्णु का रूप माना जाता है. यह नकारात्मक ऊर्जा से बचाव करता है. मानसिक शांति और तनाव कम करने में मदद करता है. आत्मविश्वास और फोकस बढ़ाता है. बुरी नजर और डर से सुरक्षा देता है.

Mohit Mohit अप्रैल 7, 2026
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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