नई दिल्ली: महिला टी20 विश्व कप 2026 का 10वां संस्करण 12 जून से इंग्लैंड में शुरू होने जा रहा है। टूर्नामेंट के आगाज से पहले पिछले नौ संस्करणों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कई गेंदबाजों ने अपनी धारदार गेंदबाजी से इतिहास रचा है। सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों की सूची में ऑस्ट्रेलिया की मेगान स्कट शीर्ष पर हैं, जबकि भारत की ओर से केवल पूनम यादव इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाने में सफल रही हैं।
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इस सूची में भारत की ओर से केवल लेग स्पिनर पूनम यादव शामिल हैं। उन्होंने सिर्फ 18 मैचों में 28 विकेट हासिल किए और संयुक्त रूप से 9वें स्थान पर मौजूद हैं। अपनी विविधता और सटीक लाइन-लेंथ के दम पर पूनम ने कई बड़े मुकाबलों में भारतीय टीम को सफलता दिलाई।
अब सभी की नजरें महिला टी20 विश्व कप 2026 पर होंगी, जहां नई स्टार गेंदबाजों के पास इन रिकॉर्ड्स को चुनौती देने का मौका होगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज आकाशदीप जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, वह 24 जून को वाराणसी में अपनी मंगेतर अक्षिता के साथ सात फेरे लेंगे। दोनों परिवारों में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और गांव से लेकर शहर तक उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। शादी की रस्में 21 जून से शुरू होंगी, जिसमें तिलक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 22 जून को मेहंदी और 23 जून को हल्दी की रस्म पूरी की जाएगी। सभी पारंपरिक आयोजन उनके पैतृक क्षेत्र में पारिवारिक और करीबी लोगों की मौजूदगी में संपन्न होंगे। सूत्रों के मुताबिक सूत्रों के मुताबिक, आकाशदीप की शादी वाराणसी में इसलिए रखी गई है क्योंकि वह भगवान शिव के भक्त हैं और काशी विश्वनाथ मंदिर में उनकी विशेष आस्था है। परिवार और रिश्तेदारों के साथ-साथ क्रिकेट जगत से जुड़े कई लोगों के भी समारोह में शामिल होने की संभावना है। आकाशदीप बिहार के रोहतास जिले के डेहरी-ऑन-सोन के मानिकपुर गांव से आते हैं। संघर्षों से भरा उनका जीवन सफर रहा है, जिसमें कम उम्र में पिता और भाई को खोने का दर्द भी शामिल है। इसके बावजूद उन्होंने क्रिकेट में अपने करियर को आगे बढ़ाया और बंगाल की घरेलू टीम से लेकर IPL तक अपनी पहचान बनाई। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन रहा घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई और अपनी तेज गेंदबाजी से खास पहचान स्थापित की। इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में 10 विकेट लेने के साथ-साथ महत्वपूर्ण बल्लेबाजी योगदान देकर उन्होंने इतिहास रच दिया था। अब क्रिकेट मैदान के बाद निजी जीवन में भी यह नई शुरुआत उनके लिए खास मानी जा रही है। परिवार, रिश्तेदार और प्रशंसक इस शादी को लेकर उत्साहित हैं और पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है।
लंदन, एजेंसियां। विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 12 जून को होने जा रहा है। इसमें 12 टीमें हिस्सा लेंगी। मौजूदा फॉर्म, वर्ल्ड कप रिकॉर्ड, टीम कॉम्बिनेशन और कप्तानी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया, भारत, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका खिताब की सबसे मजबूत दावेदार नजर आती हैं। आइए इन टीनों की ताकत समझते हैं। 1. ऑस्ट्रेलिया: सातवें खिताब की सबसे बड़ी दावेदार विमेंस क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया जितनी सफल टीम कोई नहीं रही। टीम ने 9 में से 6 टी-20 वर्ल्ड कप जीते हैं। एलिसा हीली के बाद सोफी मोलिन्यूक्स की कप्तानी में टीम उतरेगी। एलिस पेरी, बेथ मूनी, एश्ले गार्डनर, ताहलिया मैक्ग्रा और मेगन शुट जैसी स्टार खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को मजबूत बनाती है। फैक्टर-1: 80% मैच जीतने वाली इकलौती टीम ऑस्ट्रेलिया ने टी-20 वर्ल्ड कप में 49 मैच खेले हैं। इसमें 39 जीते और सिर्फ 9 हारे। टीम का जीत प्रतिशत टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 80.6% है। टी-20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया का हाईएस्ट स्कोर 191 रहा है। फैक्टर-2: 2025-26 में सिर्फ 2 मैच हारी पिछले डेढ़ साल में ऑस्ट्रेलिया ने 12 में से 10 टी-20 मुकाबले जीते हैं। लेकिन, हाल के ICC टूर्नामेंट्स में टीम अपने ताकत के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। 2025 वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में उसे भारत के हाथों हार झेलनी पड़ी थी। वहीं 2024 टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका ने उसे बाहर कर दिया था। फैक्टर-3: नई कप्तान, लेकिन पुराना दम सोफी मोलिन्यूक्स का यह पहला बड़ा ICC टूर्नामेंट है। उन्होंने अब तक 6 मैचों में कप्तानी की है। इसमें 4 जीत और 2 हार मिली है। उनकी कप्तानी में टीम ने अपना पांचवां सबसे बड़ा टोटल 211 रन बनाया है। 2. भारत: वनडे के बाद अब टी-20 ट्रॉफी पर नजर भारत ने 2025 में पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा था। अब हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम टी-20 वर्ल्ड कप जीतकर लगातार दो ICC खिताब जीतने वाली टीम बनना चाहेगी। ऐसा अब तक सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ही कर पाया है। फैक्टर-1: 2020 में फाइनल, कुल 55% मैच जीते भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में 40 मैच खेले हैं। इनमें 22 जीत और 18 हार मिली हैं। टीम का जीत पर्सेंटेज 55 है। भारत 2020 में फाइनल और 2018 व 2023 में सेमीफाइनल तक पहुंची थी। फैक्टर-2: पिछले डेढ़ साल में सबसे ज्यादा जीत भारत ने 2025-26 में 21 टी-20 खेले और 12 जीते। यह चारों दावेदारों में सबसे ज्यादा जीत है। हालांकि टीम को इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका दौरे पर सीरीज हार का सामना भी करना पड़ा। दूसरी ओर भारत ने घर में श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया को हराया। फैक्टर-3: हरमनप्रीत ने 57% मैच जिताए हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने 81 टी-20 मैच जीते हैं। वहीं विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में 19 मैच खेले हैं, जिनमें 13 जीते और 6 हारे हैं। टीम की सबसे बड़ी उम्मीद स्मृति मंधाना होंगी, जिन्होंने पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाए थे। ऋचा घोष, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा और रेणुका सिंह जैसी खिलाड़ी भारत को संतुलन देती हैं। 3. इंग्लैंड: घरेलू मैदान पर 17 साल बाद ट्रॉफी की उम्मीद 2009 में पहला विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली इंग्लैंड टीम उसके बाद खिताब नहीं जीत सकी है। 2012, 2014 और 2018 में टीम रनरअप रही हैं। फैक्टर-1: 75% मैच जीतकर दूसरी सबसे सफल टीम इंग्लैंड ने टूर्नामेंट में 42 मैच खेले हैं। इनमें 31 जीते और 10 हारे। टीम का जीत प्रतिशत 75% है। यह ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा सबसे बेहतर रिकॉर्ड है। फैक्टर-2: न्यूजीलैंड और भारत को हराया इंग्लैंड ने हाल ही में न्यूजीलैंड और भारत दोनों को 2-1 से हराया। खास बात यह रही कि कप्तान नैट सिवर-ब्रंट की गैरमौजूदगी में भी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। एलिस कैप्सी, सोफी एक्लेस्टोन, चार्ली डीन और हीदर नाइट जैसे खिलाड़ी शानदार लय में हैं। इंग्लैंड ने 1 जनवरी 2025 के बाद 17 टी-20 मुकाबले खेले हैं। इनमें 9 जीते और 8 हारे हैं। टीम का जीत प्रतिशत 52.94% रहा है। फैक्टर-3: 69% जीत का रिकॉर्ड नैट सिवर-ब्रंट को इंग्लैंड के एक डोमेस्टिक टूर्नामेंट के दौरान चोट लगी थी। हालांकि वे फिट हो गई हैं और टूर्नामेंट में टीम की कप्तानी करेंगी। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने 16 टी-20 में से 11 जीते हैं। बल्लेबाजी और ऑलराउंड क्षमता के कारण वे टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। 4. साउथ अफ्रीका: लगातार फाइनल के बाद अब ट्रॉफी की बारी? साउथ अफ्रीका ने पिछले दो टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल खेले हैं, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत सकी। टीम 2023 में ऑस्ट्रेलिया और 2024 में न्यूजीलैंड से हार गई थी। फैक्टर-1: 39 मैच में 18 जीते साउथ अफ्रीका ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के 39 मैचों में 18 जीत हासिल की हैं। जीत प्रतिशत सिर्फ 46% है, लेकिन हाल में टीम ने ICC टूर्नामेंट्स में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। फैक्टर-2: 2025-26 में 56% मैच जीते साउथ अफ्रीका ने 1 जनवरी 2025 के बाद 18 टी-20 मुकाबले खेले हैं। इसमें 10 जीते और 8 हारे हैं। टीम का जीत प्रतिशत 55.56% रहा है। इस दौरान उसने 220 रन का बेस्ट स्कोर बनाया और भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज में 4-1 से जीत दर्ज की। फैक्टर-3: वोल्वार्ट ने 50% से ज्यादा मैच जीते वोल्वार्ट की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने 21 टी-20 मैच जीते हैं। वहीं टी-20 वर्ल्ड कप में 6 में से 4 मुकाबले अपने नाम किए हैं। वोल्वार्ट की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल खेला था। उन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल में शतक लगाया था। वे टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर भी रहीं थीं। टीम में मरिजान कैप, सुने लुस, क्लो ट्रायन और डेन वान नीकर्क जैसी खिलाड़ी हैं। शबनम इस्माइल की वापसी ने बॉलिंग अटैकिंग को और मजबूत किया है।
मेक्सिको सिटी, एजेंसियां। फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ FIFA World Cup 2026 का आगाज 11 जून से होने जा रहा है। इस बार टूर्नामेंट की मेजबानी संयुक्त रूप से United States, Mexico और Canada कर रहे हैं। उद्घाटन समारोह को लेकर दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है। इस खास मौके पर मशहूर पॉप स्टार Shakira अपनी प्रस्तुति से समारोह में चार चांद लगाने के लिए तैयार हैं। शकीरा ने साझा की रिहर्सल की झलकियां ओपनिंग सेरेमनी से पहले शकीरा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर रिहर्सल की कुछ बिहाइंड-द-सीन (BTS) तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं। इन तस्वीरों में वह डांसर्स और क्रू मेंबर्स के साथ मंच पर अंतिम तैयारियां करती नजर आ रही हैं। उन्होंने पोस्ट के साथ लिखा, “पूरा सप्ताह लगातार रिहर्सल में बीता है। हम तैयार हैं और फीफा वर्ल्ड कप की ओपनिंग सेरेमनी में आप सभी से मिलने का इंतजार कर रहे हैं।” मैक्सिको सिटी में होगा शानदार प्रदर्शन रिपोर्ट्स के अनुसार, शकीरा मैक्सिको सिटी में आयोजित होने वाले उद्घाटन समारोह में प्रस्तुति देंगी। उनकी टीम पिछले कई दिनों से इस मेगा इवेंट की तैयारियों में जुटी हुई है। समारोह को यादगार बनाने के लिए विशेष मंच सज्जा, डांस परफॉर्मेंस और तकनीकी तैयारियां की गई हैं। बर्ना बॉय के साथ पेश करेंगी आधिकारिक गीत खास बात यह है कि शकीरा नाइजीरियाई संगीत स्टार Burna Boy के साथ फीफा विश्व कप 2026 का आधिकारिक गीत “दाई दाई” भी प्रस्तुत करेंगी। यह पहली बार होगा जब इस गीत का लाइव प्रदर्शन वैश्विक दर्शकों के सामने किया जाएगा। दुनियाभर की निगाहें उद्घाटन समारोह पर उद्घाटन समारोह में कई अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के शामिल होने की उम्मीद है। फुटबॉल और संगीत का यह संगम विश्वभर के करोड़ों दर्शकों के लिए एक यादगार अनुभव बनने जा रहा है। शकीरा की प्रस्तुति को लेकर प्रशंसकों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है।