Amazon Prime Video

Romantic couple in scenic Italy landscape from Under the Stars film streaming on OTT
OTT पर रिलीज: इटली की खूबसूरत लोकेशन में बसी लव स्टोरी ‘Under the Stars’ अब ऑनलाइन उपलब्ध

नई दिल्ली: रोमांस, ट्रैवल और नई शुरुआत की दिल छू लेने वाली कहानी लेकर आई फिल्म Under the Stars अब OTT पर स्ट्रीम हो रही है। हल्की-फुल्की और सुकून देने वाली इस रोमांटिक कॉमेडी को दर्शकों से मिलाजुला रिस्पॉन्स मिल रहा है, लेकिन इसकी खूबसूरत कहानी और लोकेशन इसे खास बनाती हैं। कहां देखें यह फिल्म? Under the Stars को आप Amazon Prime Video पर देख सकते हैं। इसके अलावा यह फिल्म Apple TV और Fandango At Home जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध है। अब दर्शक घर बैठे इस रोमांटिक कहानी का आनंद ले सकते हैं। क्या है कहानी? फिल्म की कहानी एक ऐसी राइटर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी लव लाइफ से निराश हो चुकी है। जिंदगी में ठहराव महसूस करने के बाद वह इटली की खूबसूरत वादियों में यात्रा करने निकलती है। वहीं, नई जगह, नए लोगों और नए अनुभवों के बीच उसे न सिर्फ नया प्यार मिलता है, बल्कि वह खुद को भी फिर से खोज लेती है। यह फिल्म एक संदेश देती है–जिंदगी बदलने के लिए कभी-कभी एक मौका लेना जरूरी होता है। स्टार कास्ट और मेकिंग फिल्म में Eva De Dominici Toni Collette Andy Garcia Alex Pettyfer मुख्य भूमिकाओं में नजर आते हैं। इस फिल्म का निर्देशन Michelle Danner ने किया है और इसे Victoria Vinuesa ने लिखा है। दर्शकों की प्रतिक्रिया फिल्म को दर्शकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला है। IMDb पर इसे 5.4/10 की रेटिंग मिली है। कुछ दर्शकों को इसकी सिंपल और सुकून देने वाली कहानी पसंद आई, जबकि कुछ ने इसे धीमी बताया।  

surbhi मई 4, 2026 0
Nicolas Cage as Spider-Noir in 1930s setting with dark noir theme and vintage city backdrop
Spider-Noir OTT Release: 1930s की दुनिया में लौटेगा सुपरहीरो, 27 मई से होगी स्ट्रीमिंग

हॉलीवुड के सुपरहीरो जॉनर में एक नया और दिलचस्प ट्विस्ट आने वाला है। Spider-Noir, जो लंबे समय से चर्चा में थी, अब अपनी रिलीज डेट के साथ तैयार है। यह लाइव-एक्शन सीरीज 27 मई 2026 से डिजिटल प्लेटफॉर्म Amazon Prime Video पर स्ट्रीम होगी। 1930 के दशक की कहानी, अलग अंदाज इस सीरीज की कहानी 1930 के दशक की पृष्ठभूमि में सेट है, जहां एक उम्रदराज प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर और पूर्व सुपरहीरो अपने अतीत से जूझता नजर आएगा। मुख्य भूमिका में Nicolas Cage नजर आएंगे, जो ‘बेन रेली’ नाम के किरदार को निभा रहे हैं। यह किरदार कभी शहर का इकलौता सुपरहीरो था, लेकिन अब उसे फिर से खतरनाक साजिशों और माफिया से टकराना होगा। दमदार कहानी और एक्शन का वादा सीरीज में दर्शकों को एक्शन, थ्रिल और नॉयर स्टाइल का अनोखा मिश्रण देखने को मिलेगा। कहानी में बेन रेली को अपने पुराने दौर को वापस पाने और शहर को बचाने के लिए फिर से मैदान में उतरना पड़ेगा। इसमें खतरनाक विलेन जैसे सिल्वरमेन और फ्लिंट मार्को से टक्कर भी देखने को मिलेगी, जो कहानी को और रोमांचक बनाते हैं। स्टार कास्ट और क्रू इस सीरीज का निर्देशन Harry Bradbeer ने किया है। कास्ट में निकोलस केज के अलावा Brendan Gleeson, Lamorne Morris, Jack Huston और Li Jun Li जैसे कलाकार शामिल हैं। सीरीज का म्यूजिक माइकल डीन पार्सन्स और क्रिस बोवर्स ने तैयार किया है, जो इसके माहौल को और प्रभावी बनाता है। क्यों खास है Spider-Noir? यह सीरीज पारंपरिक सुपरहीरो कहानियों से अलग है। इसमें क्लासिक फिल्म-नोयर स्टाइल, डार्क टोन और पुरानी दुनिया का माहौल देखने को मिलेगा, जो इसे बाकी मार्वल-प्रेरित कहानियों से अलग बनाता है।  

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
Tatiana Maslany in eerie cabin scene from horror film Keeper now streaming on Amazon Prime Video
OTT पर रिलीज हुई हॉरर फिल्म ‘Keeper’: डर, रहस्य और रिश्तों की काली सच्चाई का खौफनाक सफर

फोक हॉरर जॉनर की चर्चित फिल्म Keeper अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। इस फिल्म का निर्देशन मशहूर फिल्ममेकर Osgood Perkins ने किया है, जो अपने डार्क और मनोवैज्ञानिक हॉरर स्टाइल के लिए जाने जाते हैं। कब और कहां देखें? यह फिल्म अब Amazon Prime Video पर उपलब्ध है। दर्शक इसे हिंदी और अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में देख सकते हैं। फिल्म देखने के लिए एक्टिव सब्सक्रिप्शन जरूरी है। क्या है फिल्म की कहानी? ‘Keeper’ की कहानी एक कपल के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी एनिवर्सरी मनाने के लिए एक सुनसान और रहस्यमयी केबिन में जाते हैं। लिज (Tatiana Maslany) और डॉ. मैल्कम वेस्टब्रिज (Rossif Sutherland) का यह ट्रिप धीरे-धीरे एक डरावने अनुभव में बदल जाता है। केबिन में अजीब घटनाएं, रहस्यमयी माहौल, और अनजानी ताकतों का सामना करते हुए यह कपल उस जगह के अंधेरे अतीत की परतें खोलने लगता है। कहानी में एक अजीब चॉकलेट केक और रिश्तेदार की एंट्री के बाद घटनाएं और भी जटिल हो जाती हैं। डर और मनोविज्ञान का अनोखा मेल फिल्म सिर्फ हॉरर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई गहरे विषयों को भी छूती है: सर्वाइवल (जीवित रहने की जद्दोजहद) टॉक्सिक रिलेशनशिप मानसिक नियंत्रण और हेरफेर की ताकत इसकी डरावनी घटनाएं दर्शकों को लगातार सस्पेंस में रखती हैं। स्टारकास्ट और टीम फिल्म की कहानी Nick Lepard ने लिखी है। मुख्य कलाकार: Tatiana Maslany Rossif Sutherland अन्य कलाकारों में Birkett Turton, Eden Weiss, Erin Boyes और Tess Degenstein शामिल हैं। सिनेमैटोग्राफी: Jeremy Cox बैकग्राउंड स्कोर: Edo Van Breemen क्यों देखें ‘Keeper’? अगर आप हॉरर फिल्मों के शौकीन हैं और मनोवैज्ञानिक थ्रिल के साथ गहरी कहानी पसंद करते हैं, तो ‘Keeper’ आपके लिए एक परफेक्ट वॉच हो सकती है।  

surbhi अप्रैल 9, 2026 0
Collage of upcoming OTT and theatre releases April 2026 featuring movies and web series posters
Upcoming Releases: OTT से थिएटर्स तक इस हफ्ते एंटरटेनमेंट की भरमार

हर हफ्ते की तरह इस बार भी दर्शकों के लिए मनोरंजन का फुल डोज तैयार है। 1 अप्रैल से 5 अप्रैल 2026 के बीच सिनेमाघरों से लेकर OTT प्लेटफॉर्म्स तक कई नई फिल्में और वेब सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। रोमांस, कॉमेडी, थ्रिलर और ड्रामा-हर जॉनर के फैंस के लिए इस हफ्ते कुछ न कुछ खास मौजूद है। आइए जानते हैं इस हफ्ते की बड़ी रिलीज़- OTT और थिएटर पर रिलीज होने वाली फिल्में-सीरीज इट प्रे बार्क (Eat Pray Bark) प्लेटफॉर्म: Netflix रिलीज: 1 अप्रैल हॉलीवुड की यह डार्क कॉमेडी फिल्म इस हफ्ते OTT पर एंटरटेनमेंट का तड़का लगाएगी। एजेंट फ्रॉम अबव (Agent From Above) प्लेटफॉर्म: Netflix रिलीज: 2 अप्रैल यह एक ताइवानी फैंटसी स्पाई थ्रिलर सीरीज है, जो सस्पेंस और एक्शन से भरपूर है। चिरंजीवी हनुमान (Chiranjeevi Hanuman) रिलीज: 2 अप्रैल (थिएटर) AI तकनीक से बनी यह एनिमेटेड फिल्म इस हफ्ते की इकलौती थिएटर रिलीज है। भाबीजी घर पर हैं: Fun On The Run प्लेटफॉर्म: ZEE5 रिलीज: 3 अप्रैल टीवी शो पर आधारित यह कॉमेडी फिल्म अब OTT पर दर्शकों को हंसाने के लिए तैयार है। मां का सम (Maa Ka Sum) प्लेटफॉर्म: Amazon Prime Video रिलीज: 3 अप्रैल मां-बेटे के रिश्ते पर आधारित यह इमोशनल ड्रामा सीरीज दिल को छू सकती है। मामला लीगल है सीजन 2 (Mamla Legal Hai Season 2) प्लेटफॉर्म: Netflix रिलीज: 3 अप्रैल रवि किशन की कोर्टरूम ड्रामा-कॉमेडी का दूसरा सीजन, जो पहले से ज्यादा मनोरंजक होने वाला है। वध 2 (Vadh 2) प्लेटफॉर्म: Netflix रिलीज: 3 अप्रैल संजय मिश्रा और नीना गुप्ता की हिट फिल्म का क्राइम थ्रिलर सीक्वल, अब OTT पर दस्तक देगा। सितारे जमीन पर (Sitaare Zameen Par) प्लेटफॉर्म: Sony LIV रिलीज: 3 अप्रैल आमिर खान की यह चर्चित फिल्म, थिएटर रिलीज के करीब 9 महीने बाद अब OTT पर आएगी।  इस हफ्ते क्या है खास? इस बार का वीक खास इसलिए भी है क्योंकि: OTT पर एक ही दिन (3 अप्रैल) कई बड़ी रिलीज़ हो रही हैं थिएटर और OTT दोनों प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की विविधता देखने को मिलेगी कॉमेडी, थ्रिलर, रोमांस और इमोशन-हर तरह का कंटेंट उपलब्ध है

surbhi मार्च 31, 2026 0
Naazdeekiyan
करण जौहर की नई वेब सीरीज Naazdeekiyan में नजर आएंगे ताहा शाह

मुंबई, एजेंसियां। ताहा शाह एक बार फिर चर्चा में हैं। हीरामंडी में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें एक बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। अब वे फिल्ममेकर Karan Johar की अपकमिंग वेब सीरीज ‘नजदीकियां’ में लीड रोल निभाते नजर आएंगे।   Amazon Prime पर रिलीज होगी ‘नजदीकियां’ यह वेब सीरीज Amazon Prime Video पर रिलीज की जाएगी। इस प्रोजेक्ट में ताहा शाह के साथ परेश पाहुजा, आकांक्षा सिंह और निकिता दत्ता भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। सीरीज को धर्माटिक एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनाया जा रहा है।   बड़ी टीम के साथ तैयार हो रहा प्रोजेक्ट ‘नजदीकियां’ को करण जौहर, आदर पूनावाला और अपूर्व मेहता मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं, जबकि इसका निर्देशन रुचिर अरुण करेंगे। यह प्रोजेक्ट ताहा शाह के करियर के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।   ‘हीरामंडी’ से मिली नई पहचान ताहा शाह को असली पहचान संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ से मिली, जहां उनके अभिनय की खूब सराहना हुई। इस सीरीज ने उनके करियर को नई दिशा दी और इंडस्ट्री में उनकी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।   करण जौहर संग काम करने पर जताई खुशी करण जौहर के साथ दोबारा काम करने को लेकर ताहा शाह ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए खास पल है और वह इस नए प्रोजेक्ट को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने इसे अपने करियर का एक “फुल सर्कल मोमेंट” बताया।   फैंस को है बेसब्री से इंतजार ‘नजदीकियां’ को लेकर दर्शकों में भी उत्सुकता बढ़ गई है। ‘हीरामंडी’ के बाद ताहा शाह को एक नए अंदाज में देखने के लिए फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

Anjali Kumari मार्च 21, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0