नई दिल्ली: बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक रोहित शेट्टी एक बार फिर अपनी शानदार कार कलेक्शन को लेकर चर्चा में हैं। इस बार वह 'लाफ्टर शेफ्स' के ग्रैंड फिनाले में अपनी नई और बेहद लग्जरी GMC Hummer EV से पहुंचे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ऑरेंज रंग की इस दमदार इलेक्ट्रिक SUV ने सेट पर मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। 4.76 करोड़ रुपये की इलेक्ट्रिक SUV रोहित शेट्टी जिस GMC Hummer EV में पहुंचे, उसकी कीमत करीब 4.76 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह इलेक्ट्रिक SUV अपने विशाल आकार, बॉक्सी डिजाइन और दमदार रोड प्रेजेंस के लिए दुनियाभर में मशहूर है। हालांकि GMC Hummer EV को अभी तक भारत में आधिकारिक तौर पर लॉन्च नहीं किया गया है। देश में इसकी कुछ चुनिंदा यूनिट्स ही प्राइवेट इम्पोर्ट के जरिए लाई गई हैं। बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह भी इस लग्जरी इलेक्ट्रिक SUV के मालिक हैं। लग्जरी कारों के शौकीन हैं रोहित शेट्टी रोहित शेट्टी का कारों के प्रति लगाव किसी से छिपा नहीं है। उनकी फिल्मों 'सिंघम', 'गोलमाल' और 'सूर्यवंशी' में दमदार कार स्टंट उनकी पहचान बन चुके हैं। उनके गैराज में पहले से कई महंगी और लग्जरी गाड़ियां मौजूद हैं, जिनमें शामिल हैं: Ford Mustang Range Rover Sport Mercedes-Benz AMG G63 Lamborghini Urus GMC Hummer EV (नई एंट्री) इन सभी कारों की कीमत करोड़ों रुपये में है और यह रोहित शेट्टी के ऑटोमोबाइल प्रेम को बखूबी दर्शाती हैं। अपकमिंग प्रोजेक्ट्स पर भी नजर वर्कफ्रंट की बात करें तो रोहित शेट्टी हाल ही में 'सिंघम अगेन' के निर्देशन के बाद चर्चा में रहे। उन्होंने 'खतरों के खिलाड़ी 15' की शूटिंग भी पूरी कर ली है। इसके अलावा खबरें हैं कि वह मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया के जीवन पर आधारित एक नई एक्शन फिल्म पर काम कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म में जॉन अब्राहम और तमन्ना भाटिया अहम भूमिकाओं में नजर आ सकते हैं। हालांकि मेकर्स की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
लंदन,एजेंसियां। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ अब इंग्लैंड का सामना खिताबी मुकाबले में मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा। दोनों टीमों के बीच होने वाला फाइनल क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बेहद रोमांचक माना जा रहा है। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने बनाए 169 रन टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम ने 23 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद कप्तान नैट स्किवर-ब्रंट ने 47 गेंदों पर 75 रन और हीदर नाइट ने 47 गेंदों पर 58 रन की शानदार पारी खेली। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 133 रन की रिकॉर्ड साझेदारी हुई, जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 169 रन बना लिए। दक्षिण अफ्रीका 129 रन पर ही सिमटी 170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट पर 129 रन ही बना सकी। ताज़मिन ब्रिट्स ने सर्वाधिक 51 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों का पर्याप्त साथ नहीं मिला। इंग्लैंड की अनुशासित गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग के सामने दक्षिण अफ्रीका की टीम बेबस नजर आयी। नैट स्किवर-ब्रंट बनीं प्लेयर ऑफ द मैच चोट से वापसी कर रही कप्तान नैट स्किवर-ब्रंट ने मैच जिताऊ 75 रन की पारी खेली और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इंग्लैंड की ओर से लॉरेन बेल और चार्ली डीन ने दो-दो विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदों को झटका दिया। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से होगी टक्कर इस जीत के साथ इंग्लैंड ने आठ वर्षों बाद महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है। अब उसका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा, जिसने पहले सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। क्रिकेट प्रशंसकों को दोनों मजबूत टीमों के बीच रोमांचक खिताबी मुकाबले का इंतजार है। रोमांचक फाइनल का इंतजार क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच फाइनल मुकाबला बेहद कांटे का हो सकता है। दोनों टीमों के पास अनुभवी खिलाड़ी और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है। अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें रविवार को होने वाले महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल पर टिकी हैं।
नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जून 2026 में इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की बिक्री रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई। इस दौरान 1,93,495 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 75 प्रतिशत अधिक हैं। बिक्री के मामले में TVS Motor ने लगातार अपनी बादशाहत कायम रखी, जबकि Bajaj Auto ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए कंपनी को कड़ी चुनौती दी। वहीं, कभी बाजार में नंबर-1 रही Ola Electric अभी भी अपनी खोई हुई बढ़त वापस पाने की कोशिश कर रही है। छह महीने में 9.7 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री जनवरी से जून 2026 के बीच देशभर में 9,70,611 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 53 प्रतिशत की वृद्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि मई में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बड़ी संख्या में ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओर रुख किया, जिसका सीधा असर जून की बिक्री पर दिखाई दिया। TVS ने लगातार तीसरे महीने बनाए रखा दबदबा जून 2026 में TVS Motor ने 46,999 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बेचकर सबसे अधिक बिक्री दर्ज की। इसके साथ कंपनी की बाजार हिस्सेदारी लगभग 24 प्रतिशत रही। TVS लगातार तीसरे महीने 40 हजार से अधिक यूनिट बेचने में सफल रही है। इसी अवधि में कंपनी ने भारत में 10 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री का महत्वपूर्ण आंकड़ा भी पार कर लिया। Bajaj Chetak ने बढ़ाई प्रतिस्पर्धा Bajaj Auto ने जून में 43,234 यूनिट की बिक्री दर्ज की। कंपनी का लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर Chetak लगातार ग्राहकों की पसंद बना हुआ है। बाजार में Bajaj की हिस्सेदारी अब करीब 22 प्रतिशत तक पहुंच गई है और बिक्री के मामले में TVS और Bajaj के बीच का अंतर लगातार कम होता जा रहा है। Ather और Hero Vida की शानदार रफ्तार Ather Energy ने जून में 31,188 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे, जो पिछले साल की तुलना में 95 प्रतिशत अधिक हैं। कंपनी का फैमिली स्कूटर Rizta बिक्री बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। वहीं Hero Vida ने सबसे तेज बढ़त दर्ज करते हुए जून में 21,792 यूनिट की बिक्री की। कंपनी की सालाना वृद्धि 175 प्रतिशत रही, जो इस सूची में सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन में से एक है। Ola Electric अभी भी वापसी की कोशिश में एक समय भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार की सबसे बड़ी कंपनी रही Ola Electric जून में 16,144 यूनिट बेचकर पांचवें स्थान पर रही। हालांकि कंपनी की सालाना बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन पिछले पांच महीनों से उसकी मासिक बिक्री में लगातार सुधार देखने को मिला है। इससे संकेत मिलता है कि Ola Electric धीरे-धीरे अपनी बाजार हिस्सेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रही है। Ampere और River Mobility ने भी दिखाया दम Ampere ने जून में 10,928 यूनिट की बिक्री दर्ज की और अपनी स्थिति मजबूत की। वहीं River Mobility ने 4,391 यूनिट बेचते हुए 214 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हासिल की, जो सभी प्रमुख कंपनियों में सबसे अधिक रही। इसके अलावा BGauss, E-Sprinto और Simple Energy भी जून 2026 में टॉप-10 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों की सूची में शामिल रहीं। इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती मांग और नए मॉडल्स के लॉन्च के चलते भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार पहले से अधिक प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है। TVS और Bajaj के बीच नंबर-1 की दौड़ तेज हो गई है, जबकि Ather, Hero Vida और Ola Electric भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही हैं। आने वाले महीनों में यह मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है।
नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने का विकल्प चुन रहे हैं। बाजार में 80 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले कई इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध हैं, जिनमें लंबी रेंज, स्मार्ट फीचर्स और आकर्षक डिजाइन का दावा किया जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कंपनी द्वारा बताई गई रेंज, कीमत या फीचर्स के आधार पर इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना सही फैसला नहीं है। कई खरीदार बाद में बैटरी, चार्जिंग, सर्विस और ऐप सपोर्ट जैसी समस्याओं का सामना करते हैं, जिससे अतिरिक्त खर्च और असुविधा बढ़ सकती है। अगर आप नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन पांच महत्वपूर्ण बातों पर जरूर ध्यान दें। 1. कंपनी की बताई रेंज पर पूरी तरह भरोसा न करें अधिकांश कंपनियां इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज नियंत्रित परीक्षण (Test Conditions) के आधार पर बताती हैं। वास्तविक परिस्थितियों में ट्रैफिक, सड़क की स्थिति, मौसम, वाहन पर लोड और ड्राइविंग स्टाइल के कारण यह रेंज काफी कम हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी स्कूटर की आधिकारिक रेंज 120 किलोमीटर बताई गई है, तो सामान्य उपयोग में वह लगभग 75 से 90 किलोमीटर तक ही चल सकता है। इसलिए स्कूटर खरीदने से पहले वास्तविक उपयोगकर्ताओं के अनुभव पढ़ें, वीडियो रिव्यू देखें और संभव हो तो मौजूदा मालिकों से बात करें। 2. बैटरी वारंटी की शर्तें ध्यान से पढ़ें बैटरी किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर का सबसे महंगा हिस्सा होती है। कई कंपनियां 3 से 5 वर्ष तक की वारंटी देती हैं, लेकिन हर वारंटी की अपनी अलग शर्तें होती हैं। खरीदने से पहले यह जरूर जान लें कि किन परिस्थितियों में बैटरी मुफ्त बदली जाएगी और किन मामलों में वारंटी लागू नहीं होगी। इससे भविष्य में होने वाले बड़े खर्च से बचा जा सकता है। 3. घर पर चार्जिंग की सुविधा पहले जांच लें इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके घर या अपार्टमेंट में सुरक्षित चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है। पुराने मकानों या कुछ सोसायटी में बिजली की वायरिंग, लोड क्षमता या चार्जिंग की अनुमति से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। यदि सही चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध नहीं होगा, तो रोजाना स्कूटर चार्ज करना मुश्किल हो सकता है। फ्लैट में रहने वाले लोगों को सोसायटी के नियम भी पहले से जान लेने चाहिए। 4. नजदीकी सर्विस सेंटर की उपलब्धता जरूर देखें इलेक्ट्रिक स्कूटर की मरम्मत हर सामान्य मैकेनिक नहीं कर सकता। इसके लिए कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर की जरूरत होती है। यदि सर्विस सेंटर आपके घर से काफी दूर है, तो छोटी-सी तकनीकी खराबी में भी समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ सकते हैं। खरीदारी से पहले कंपनी की वेबसाइट या डीलर से अपने शहर के सर्विस नेटवर्क की पूरी जानकारी जरूर लें। 5. कंपनी और उसके मोबाइल ऐप की विश्वसनीयता जांचें आज के अधिकांश इलेक्ट्रिक स्कूटर मोबाइल ऐप से जुड़े होते हैं। इन ऐप्स के जरिए वाहन की लोकेशन, बैटरी स्टेटस, लॉक- अनलॉक, डायग्नोस्टिक्स और कई स्मार्ट फीचर्स का उपयोग किया जाता है। यदि भविष्य में कंपनी ऐप का सपोर्ट बंद कर दे या नियमित अपडेट न दे, तो कई स्मार्ट सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए यह भी देखें कि कंपनी कितने समय से बाजार में मौजूद है, उसकी वित्तीय स्थिति कैसी है, सर्विस नेटवर्क कितना मजबूत है और ऐप को नियमित अपडेट मिलते हैं या नहीं। सिर्फ रेंज नहीं, पूरी तस्वीर देखें इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना एक लंबी अवधि का निवेश है। ऐसे में केवल अधिक रेंज या कम कीमत देखकर फैसला करना सही नहीं होगा। अगर आप रेंज के साथ बैटरी की गुणवत्ता, वारंटी, चार्जिंग सुविधा, सर्विस नेटवर्क और कंपनी की विश्वसनीयता जैसे पहलुओं का भी ध्यान रखेंगे, तो भविष्य में होने वाली परेशानियों और अनावश्यक खर्च से बच सकते हैं। सही जानकारी के साथ लिया गया फैसला न केवल आपके पैसे बचाएगा बल्कि बेहतर ओनरशिप अनुभव भी देगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki अगले महीने अपनी लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी Brezza का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 Maruti Brezza फेसलिफ्ट को 23 जुलाई को भारतीय बाजार में पेश किया जा सकता है। वर्ष 2022 में लॉन्च हुई दूसरी पीढ़ी की Brezza को पहली बार बड़ा मिड-लाइफ अपडेट मिलने जा रहा है। नई Brezza में डिजाइन के साथ-साथ इंजन, फीचर्स और तकनीक के स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। एक्सटीरियर में मिलेगा नया लुक नई Brezza के डिजाइन में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन इसमें रिवाइज्ड फ्रंट ग्रिल, नए डिजाइन के बंपर, स्टाइलिश एलॉय व्हील्स और कुछ नए एक्सटीरियर कलर विकल्प दिए जा सकते हैं। कंपनी मौजूदा मॉडल की लोकप्रियता को देखते हुए इसके मूल डिजाइन को बरकरार रख सकती है। पहली बार मिलेगा टर्बो-पेट्रोल इंजन 2026 Brezza की सबसे बड़ी खासियत इसका नया इंजन विकल्प होगा। मौजूदा 1.5-लीटर K15 पेट्रोल इंजन के साथ पहली बार 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन भी उपलब्ध कराया जा सकता है। यह विकल्प बेहतर परफॉर्मेंस और दमदार ड्राइविंग अनुभव चाहने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वहीं CNG वेरिएंट में अंडरबॉडी CNG टैंक लेआउट दिया जा सकता है, जिससे बूट स्पेस पहले की तुलना में अधिक मिलेगा। फीचर्स और कीमत में भी होगा बदलाव नई Brezza के केबिन में फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स, बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, अपडेटेड कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी और एडवांस सेफ्टी फीचर्स जैसे कई नए अपडेट मिलने की उम्मीद है। इन बदलावों के कारण इसकी कीमत में भी मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। अनुमान है कि नई Brezza की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 8.50 लाख रुपये से शुरू होकर 13.50 लाख रुपये तक जा सकती है। लॉन्च के बाद इसका मुकाबला Tata Nexon, Kia Sonet, Hyundai Venue और Skoda Kylaq जैसी कॉम्पैक्ट एसयूवी से होगा।
नई दिल्ली: अगर आपका बजट करीब 11 लाख रुपये है और आप एक ऐसी 7-सीटर MPV खरीदना चाहते हैं, जो आराम, फीचर्स, माइलेज और भरोसेमंद परफॉर्मेंस का बेहतरीन संतुलन दे, तो Maruti Suzuki Ertiga ZXi आपके लिए सबसे समझदारी भरे विकल्पों में से एक हो सकती है। अक्सर ग्राहक सीधे टॉप मॉडल खरीदने की सोचते हैं, लेकिन हर बार सबसे महंगा वेरिएंट ही सबसे बेहतर नहीं होता। Ertiga का ZXi वेरिएंट उन लोगों के लिए तैयार किया गया है, जो बिना अतिरिक्त खर्च किए लगभग सभी जरूरी प्रीमियम फीचर्स चाहते हैं। Maruti Suzuki Ertiga ZXi की कीमत Maruti Suzuki Ertiga ZXi की एक्स-शोरूम कीमत इस प्रकार है: मैनुअल: ₹10.96 लाख CNG: ₹11.92 लाख ऑटोमैटिक: ₹12.31 लाख इस कीमत पर यह Maruti Suzuki की सबसे लोकप्रिय और किफायती 7-सीटर MPV में से एक है। इंजन और परफॉर्मेंस Ertiga में 1.5-लीटर K15C Smart Hybrid पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 101.6bhp की पावर और 139Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसमें ग्राहकों को: 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है। वहीं, CNG वेरिएंट में यही इंजन 86.6bhp की पावर और 121.5Nm का टॉर्क देता है। यह उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है जो कम रनिंग कॉस्ट चाहते हैं। ZXi वेरिएंट में मिलते हैं ये फीचर्स Maruti Suzuki Ertiga ZXi में रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— डुअल-टोन इंटीरियर और सीट अपहोल्स्ट्री रियर रूफ स्पॉइलर 60:40 स्प्लिट सेकेंड रो सीट 50:50 स्प्लिट थर्ड रो सीट कलर मल्टी-इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले (MID) पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप तीनों रो के लिए AC वेंट्स सभी पावर विंडो 7-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम Android Auto और Apple CarPlay सपोर्ट 4-स्पीकर ऑडियो सिस्टम मल्टी-फंक्शन स्टीयरिंग व्हील ऑटोमैटिक वेरिएंट में पैडल शिफ्टर्स क्या ZXi वेरिएंट खरीदना चाहिए? अगर आपका बजट लगभग 11 लाख रुपये है और आप एक ऐसी 7-सीटर MPV चाहते हैं जिसमें रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए लगभग सभी जरूरी फीचर्स मिल जाएं, तो Maruti Suzuki Ertiga ZXi सबसे बेहतर विकल्पों में से एक साबित हो सकती है। यह वेरिएंट कीमत, फीचर्स, कम्फर्ट, माइलेज और भरोसेमंद परफॉर्मेंस के बीच शानदार संतुलन बनाता है। यही वजह है कि इसे Ertiga लाइनअप का सबसे Value for Money वेरिएंट माना जाता है।
नई दिल्ली: भारतीय कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में लंबे समय से मजबूत पकड़ बनाए हुए Maruti Suzuki की लोकप्रिय SUV Maruti Brezza जल्द बड़े बदलावों के साथ बाजार में दस्तक दे सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी 2026 Brezza Facelift पर काम कर रही है, जिसमें डिजाइन, फीचर्स, टेक्नोलॉजी और इंजन के स्तर पर कई महत्वपूर्ण अपडेट देखने को मिल सकते हैं। सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि नई Brezza में पहली बार टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है, जो इसे मौजूदा मॉडल की तुलना में अधिक दमदार बना सकता है। पहली बार मिल सकता है टर्बो-पेट्रोल इंजन रिपोर्ट्स के अनुसार, फेसलिफ्ट मॉडल में 1.0-लीटर 3-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलने की संभावना है। संभावित इंजन स्पेसिफिकेशन: 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन लगभग 98.6 hp पावर 147.6 Nm टॉर्क 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स इसके अलावा कंपनी मौजूदा 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन को भी जारी रख सकती है। मौजूदा इंजन आउटपुट: 103 hp पावर 137 Nm टॉर्क 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन CNG मॉडल में मिलेगा बड़ा फायदा नई Brezza में फैक्ट्री-फिटेड अंडरबॉडी CNG टैंक दिए जाने की भी चर्चा है। इस बदलाव के फायदे: बूट स्पेस बढ़ेगा सामान रखने में आसानी होगी CNG सिलेंडर के कारण लगेज स्पेस कम नहीं होगा बेहतर प्रैक्टिकलिटी मिलेगी यह फीचर भारतीय ग्राहकों के लिए काफी आकर्षक साबित हो सकता है। इंटीरियर होगा पहले से ज्यादा प्रीमियम नई Brezza के केबिन में भी कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संभावित फीचर्स: 10.1 इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम वायरलेस Android Auto वायरलेस Apple CarPlay नया डैशबोर्ड लेआउट प्रीमियम सीट अपहोल्स्ट्री बेहतर इंटीरियर फिनिश इन अपडेट्स के जरिए कंपनी Brezza को अधिक आधुनिक और प्रीमियम बनाने की तैयारी में है। पहली बार मिल सकता है लेवल-2 ADAS नई Brezza का सबसे बड़ा तकनीकी अपडेट लेवल-2 ADAS (Advanced Driver Assistance System) हो सकता है। संभावित ADAS फीचर्स: लेन कीप असिस्ट अडैप्टिव क्रूज़ कंट्रोल ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग लेन डिपार्चर अलर्ट यदि यह फीचर शामिल किया जाता है, तो Brezza अपने सेगमेंट की सबसे एडवांस SUV में शामिल हो सकती है। एक्सटीरियर में क्या होगा नया? फेसलिफ्ट मॉडल के डिजाइन में भी कई कॉस्मेटिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संभावित बदलाव: नई फ्रंट ग्रिल अपडेटेड बंपर नए फॉग लैंप हाउसिंग सिल्वर फिनिश स्किड प्लेट नए डिजाइन के अलॉय व्हील्स रिफ्रेश्ड फ्रंट और रियर लुक हालांकि SUV का प्लेटफॉर्म और ओवरऑल साइज पहले जैसा ही रहने की संभावना है। कब होगी लॉन्च? रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 Maruti Brezza Facelift को जुलाई 2026 के आसपास लॉन्च किया जा सकता है। यह अपडेट कंपनी की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत Brezza, Fronx और Grand Vitara जैसी SUVs को 2027 तक नए फीचर्स और तकनीक के साथ अपडेट किया जाएगा। कितनी हो सकती है कीमत? फिलहाल मौजूदा Brezza की एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹8.26 लाख से ₹14.04 लाख तक है। नई Brezza Facelift में: टर्बो इंजन ADAS बड़ा टचस्क्रीन नए फीचर्स जैसे अपग्रेड मिलने की वजह से कीमत में कुछ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि कंपनी ने अभी तक लॉन्च डेट, इंजन या कीमत को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। क्या इंतजार करना सही रहेगा? अगर आप अगले कुछ महीनों में Brezza खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो फेसलिफ्ट मॉडल का इंतजार करना फायदे का सौदा हो सकता है। खासकर उन ग्राहकों के लिए जो बेहतर टेक्नोलॉजी, एडवांस सेफ्टी फीचर्स और अधिक आधुनिक इंटीरियर चाहते हैं।
आज की आधुनिक कारों और ट्रकों में एडवांस LED और प्रोजेक्टर हेडलाइट्स देखने को मिलती हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब सड़कों पर चलने वाले कई ट्रकों, बसों और कारों की हेडलाइट पर काली पट्टी लगाई जाती थी। नई पीढ़ी के लिए यह सिर्फ एक अजीब डिजाइन लग सकता है, लेकिन इसके पीछे सड़क सुरक्षा, तकनीकी सीमाएं और ऐतिहासिक कारण जुड़े हुए थे। तेज रोशनी से बचाने के लिए अपनाया जाता था यह तरीका पहले के दौर में वाहनों में आधुनिक हेडलाइट तकनीक उपलब्ध नहीं थी। अधिकांश गाड़ियों में साधारण बल्ब आधारित हेडलाइट्स लगी होती थीं, जिनमें रोशनी को नियंत्रित करने के लिए बेहतर फोकसिंग सिस्टम नहीं होता था। ऐसे में हाई बीम की तेज रोशनी सामने से आने वाले वाहन चालक की आंखों में पड़कर दुर्घटना का कारण बन सकती थी। इसी समस्या से बचने के लिए कई ड्राइवर हेडलाइट के ऊपरी हिस्से पर काली पट्टी या काला रंग लगा देते थे। इससे रोशनी का कुछ हिस्सा अवरुद्ध हो जाता था और प्रकाश सड़क पर अधिक केंद्रित रहता था, जिससे सामने वाले वाहन चालक को कम ग्लेयर महसूस होता था। द्वितीय विश्व युद्ध से भी जुड़ा है इसका इतिहास हेडलाइट पर काली पट्टी लगाने का चलन केवल आम वाहनों तक सीमित नहीं था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कई देशों की सैन्य गाड़ियों में भी हेडलाइट्स को आंशिक रूप से ढंका जाता था। इसका उद्देश्य दुश्मन को वाहन की सटीक स्थिति और दिशा का अंदाजा लगाने से रोकना था। रात में सीमित रोशनी के साथ वाहन चलाना उस समय सैन्य रणनीति का हिस्सा माना जाता था। इसलिए हेडलाइट की चमक को नियंत्रित करना आवश्यक समझा जाता था। भारतीय ट्रक ड्राइवरों का लोकप्रिय जुगाड़ भारत में 1970 से 1990 के दशक के बीच ट्रक और बस चालकों के बीच यह तरीका काफी लोकप्रिय था। कई ड्राइवर अपने अनुभव के आधार पर हेडलाइट पर तिरछी काली पट्टी लगाते थे। उनका मानना था कि इससे सामने वाले वाहन चालक को कम चकाचौंध होती है और रात के समय दुर्घटनाओं की आशंका घट जाती है। दिलचस्प बात यह है कि यह किसी सरकारी नियम या कानून का हिस्सा नहीं था, बल्कि पूरी तरह ड्राइवरों के अनुभव और व्यवहारिक समझ पर आधारित एक देसी जुगाड़ था। अब क्यों नहीं दिखाई देती काली पट्टी? समय के साथ वाहन तकनीक में बड़ा बदलाव आया है। आज की कारों और ट्रकों में लो बीम और हाई बीम सिस्टम अलग-अलग तरीके से काम करते हैं। LED, प्रोजेक्टर और मैट्रिक्स हेडलाइट्स रोशनी को अधिक सटीक दिशा में भेजती हैं। कई आधुनिक वाहनों में ऑटोमैटिक हाई-बीम कंट्रोल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दौर में हेडलाइट पर काली पट्टी लगाने से चालक की अपनी विजिबिलिटी प्रभावित हो सकती है, इसलिए इसकी जरूरत लगभग खत्म हो चुकी है। तकनीक ने बदल दी पुरानी परंपरा जिस समस्या का समाधान कभी ड्राइवर काली पट्टी लगाकर करते थे, आज वही काम आधुनिक हेडलाइट तकनीक आसानी से कर रही है। हालांकि पुराने ट्रकों और बसों की तस्वीरों में दिखाई देने वाली यह काली पट्टी आज भी ऑटोमोबाइल इतिहास की एक दिलचस्प याद के रूप में देखी जाती है।
Low Seat Height Electric Scooters: भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय केवल रेंज, टॉप स्पीड और फीचर्स ही नहीं, बल्कि सीट हाइट भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर बन चुकी है। खासकर कम हाइट वाले राइडर्स के लिए ऐसा स्कूटर चुनना जरूरी होता है, जिसमें दोनों पैर आसानी से जमीन तक पहुंच सकें। इससे ट्रैफिक में बार-बार रुकने, यू-टर्न लेने और तंग पार्किंग स्पेस में स्कूटर संभालना काफी आसान हो जाता है। अगर आप भी कम सीट हाइट वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ये मॉडल आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। Bajaj Chetak सीट हाइट: 760 mm बजाज चेतक भारत के सबसे कम सीट हाइट वाले मेनस्ट्रीम इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में शामिल है। इसकी 760 मिमी सीट हाइट कम कद वाले राइडर्स के लिए बेहद सुविधाजनक साबित होती है। ट्रैफिक में बार-बार रुकने और चलने के दौरान दोनों पैर आसानी से जमीन पर टिक जाते हैं। इसके अलावा स्कूटर में TFT डिस्प्ले, कनेक्टेड फीचर्स और वेरिएंट के अनुसार 120 किलोमीटर से अधिक की दावा की गई रेंज मिलती है। खास बातें 760 mm सीट हाइट 120 km+ रेंज TFT डिस्प्ले कनेक्टेड टेक्नोलॉजी TVS iQube सीट हाइट: 770 mm TVS iQube अपनी आरामदायक सीट और आसान राइडिंग पोजिशन के लिए जाना जाता है। इसकी 770 मिमी सीट हाइट लंबी और रोजमर्रा की यात्रा को सुविधाजनक बनाती है। कंपनी इसे अलग-अलग बैटरी विकल्पों के साथ पेश करती है और टॉप वेरिएंट में 140 किलोमीटर से अधिक की रेंज का दावा किया गया है। खास बातें 770 mm सीट हाइट 140 km+ रेंज आरामदायक राइडिंग पोजिशन शहर के ट्रैफिक के लिए उपयुक्त Ather Rizta सीट हाइट: 780 mm एथर रिज्टा को फैमिली और कम्फर्ट को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसकी लंबी और चौड़ी सीट लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाती है। 780 मिमी सीट हाइट लगभग हर प्रकार के राइडर्स के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इसमें बड़ा अंडर-सीट स्टोरेज, ट्रैक्शन कंट्रोल और स्मार्ट कनेक्टेड फीचर्स भी मिलते हैं। टॉप वेरिएंट में 159 किलोमीटर तक की IDC रेंज का दावा किया गया है। खास बातें 780 mm सीट हाइट 159 km तक की रेंज बड़ा स्टोरेज स्पेस ट्रैक्शन कंट्रोल और स्मार्ट फीचर्स Hero Vida V1 सीट हाइट: 780 mm हीरो Vida V1 भी 780 मिमी सीट हाइट के साथ आता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत रिमूवेबल बैटरी है, जिसे घर या ऑफिस में आसानी से चार्ज किया जा सकता है। यह उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जिनके पास पार्किंग में चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होती। स्कूटर में टचस्क्रीन डिस्प्ले, कई राइड मोड्स और बेहतर रेंज जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। खास बातें 780 mm सीट हाइट रिमूवेबल बैटरी टचस्क्रीन डिस्प्ले मल्टीपल राइड मोड्स कौन सा स्कूटर है सबसे बेहतर? अगर आपकी प्राथमिकता सबसे कम सीट हाइट है, तो Bajaj Chetak सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। वहीं, अधिक रेंज और फैमिली कम्फर्ट चाहने वाले ग्राहकों के लिए Ather Rizta और TVS iQube बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। जिन लोगों के पास फिक्स्ड चार्जिंग की सुविधा नहीं है, उनके लिए Hero Vida V1 काफी उपयोगी रहेगा।
नई दिल्ली: आधुनिक बाइक्स और स्कूटर्स में अब किक स्टार्ट तेजी से गायब होता जा रहा है और उसकी जगह इलेक्ट्रिक स्टार्ट यानी सेल्फ स्टार्ट ने ले ली है। बटन दबाते ही इंजन चालू होने की सुविधा ने राइडिंग को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है, लेकिन इसके साथ कुछ ऐसी कमजोरियां भी जुड़ी हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। कैसे काम करता है किक स्टार्ट सिस्टम? किक स्टार्ट पूरी तरह मैकेनिकल तकनीक पर आधारित होता है। इसमें किसी बैटरी या इलेक्ट्रिकल पावर की जरूरत नहीं पड़ती। जब राइडर किक लीवर पर पैर से दबाव डालता है, तो यह इंजन के क्रैंकशाफ्ट को घुमाता है और पिस्टन के जरिए फ्यूल में दहन की प्रक्रिया शुरू होती है। इसी से इंजन स्टार्ट हो जाता है। यही वजह है कि बैटरी पूरी तरह खत्म होने के बावजूद किक स्टार्ट वाली बाइक आसानी से चालू की जा सकती है। इसी कारण इसे लंबे समय तक सबसे भरोसेमंद सिस्टम माना जाता रहा है। सेल्फ स्टार्ट का विज्ञान क्या है? इलेक्ट्रिक स्टार्ट या सेल्फ स्टार्ट पूरी तरह बैटरी पर निर्भर करता है। स्टार्ट बटन दबाने पर बैटरी से करंट स्टार्टर मोटर तक पहुंचता है, जो इंजन के गियर को घुमाकर उसे चालू कर देती है। यह प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाती है और इसमें किसी शारीरिक मेहनत की जरूरत नहीं होती। यही कारण है कि नई पीढ़ी की ज्यादातर बाइक्स और स्कूटर्स में केवल सेल्फ स्टार्ट सिस्टम ही दिया जा रहा है। खराब मौसम में सामने आती हैं कमजोरियां हालांकि दोनों सिस्टम की अपनी सीमाएं हैं। किक स्टार्ट कड़ाके की ठंड में कई बार ज्यादा मेहनत मांगता है। लंबे समय तक खड़ी रहने वाली बाइक को किक से स्टार्ट करना मुश्किल हो सकता है। दूसरी तरफ, सेल्फ स्टार्ट का सबसे बड़ा दुश्मन कमजोर या डेड बैटरी है। भारी बारिश, जलभराव या अत्यधिक ठंड में बैटरी की क्षमता कम हो सकती है, जिससे बाइक स्टार्ट नहीं होती। इलेक्ट्रिकल सिस्टम में नमी आने पर शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बढ़ जाता है। बैटरी पूरी तरह खत्म हो जाए तो क्या करें? अगर आपकी बाइक में किक स्टार्ट नहीं है और बैटरी डेड हो जाए, तो आपके पास दो विकल्प बचते हैं— जंप स्टार्ट: किसी दूसरी गाड़ी की बैटरी की मदद से शुरुआती पावर देकर बाइक स्टार्ट की जा सकती है। पुश स्टार्ट: मैनुअल गियरबॉक्स वाली बाइक्स में धक्का देकर दूसरे गियर में इंजन चालू किया जा सकता है। हालांकि यह तरीका ऑटोमैटिक स्कूटरों में काम नहीं करता। कौन सा सिस्टम ज्यादा भरोसेमंद? विशेषज्ञों के अनुसार, रोजमर्रा की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक स्टार्ट सबसे बेहतर विकल्प है, लेकिन आपात स्थिति में किक स्टार्ट एक मजबूत बैकअप साबित होता है। यही कारण है कि कई राइडर्स आज भी किक स्टार्ट वाली बाइक्स को अधिक भरोसेमंद मानते हैं।
भारतीय बाजार में नई 2026 Citroen eC3 X Electric लॉन्च हो चुकी है और इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 11.99 लाख रुपये रखी गई है। खास बात यह है कि नया मॉडल पिछले वर्जन की तुलना में लगभग 1.74 लाख रुपये सस्ता है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक कार को तीन वेरिएंट्स—Live, Live (O) और Shine—में पेश किया है। ऐसे में सवाल यह है कि किस वेरिएंट पर पैसा लगाना सबसे समझदारी भरा फैसला होगा। Live वेरिएंट: बजट खरीदारों के लिए 11.99 लाख रुपये की कीमत वाला बेस वेरिएंट रोजमर्रा की जरूरतों के हिसाब से जरूरी फीचर्स के साथ आता है। मुख्य फीचर्स: हैलोजन हेडलैंप 15-इंच स्टील व्हील रियर पार्किंग सेंसर रिमोट कीलेस एंट्री फैब्रिक सीट्स मैनुअल एसी डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर Eco और Power ड्राइव मोड 4 एयरबैग ABS और EBD यह वेरिएंट उन ग्राहकों के लिए सही है जो कम बजट में इलेक्ट्रिक कार खरीदना चाहते हैं और अतिरिक्त टेक्नोलॉजी फीचर्स को प्राथमिकता नहीं देते। Live (O): सबसे संतुलित विकल्प 12.39 लाख रुपये की कीमत वाला यह मिड वेरिएंट सिर्फ 40,000 रुपये अतिरिक्त खर्च में कई उपयोगी फीचर्स जोड़ता है। अतिरिक्त सुविधाएं: 9.8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto ब्लूटूथ कनेक्टिविटी 4-स्पीकर ऑडियो सिस्टम रिवर्स पार्किंग कैमरा लेदरेट सीट अपहोल्स्ट्री व्हील कवर आज के समय में टचस्क्रीन, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी और रिवर्स कैमरा जैसे फीचर्स काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसलिए कीमत और सुविधाओं के हिसाब से यह वेरिएंट सबसे बेहतर संतुलन प्रदान करता है। Shine वेरिएंट: प्रीमियम अनुभव चाहने वालों के लिए 13.26 लाख रुपये की कीमत वाला टॉप मॉडल ज्यादा प्रीमियम फीचर्स के साथ आता है। मुख्य फीचर्स: प्रोजेक्टर LED हेडलैंप LED DRLs और फ्रंट फॉग लैंप 15-इंच डायमंड-कट अलॉय व्हील वायरलेस चार्जर 10.2-इंच टचस्क्रीन My Citroen Connect टेक्नोलॉजी 7-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले हाइट एडजस्टेबल ड्राइवर सीट 6 एयरबैग सभी यात्रियों के लिए 3-पॉइंट सीटबेल्ट यदि आपका बजट अधिक है और आप प्रीमियम अनुभव चाहते हैं, तो Shine वेरिएंट अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। बैटरी, रेंज और चार्जिंग नई Citroen eC3 X में 29.2kWh बैटरी पैक दिया गया है। रेंज: 325 किमी (MIDC प्रमाणित) पावर: 57hp टॉर्क: 143Nm 0-60 किमी/घंटा: 6.8 सेकंड टॉप स्पीड: 107 किमी/घंटा चार्जिंग समय AC चार्जर: 10% से 100% तक लगभग 10 घंटे 30 मिनट DC फास्ट चार्जर: 10% से 80% तक केवल 57 मिनट कौन-सा वेरिएंट खरीदना चाहिए? अगर केवल बेसिक जरूरतें हैं तो Live वेरिएंट पर्याप्त है। वहीं ज्यादा फीचर्स और प्रीमियम अनुभव के लिए Shine उपयुक्त रहेगा। लेकिन कुल मिलाकर देखा जाए तो Live (O) वेरिएंट सबसे ज्यादा Value for Money साबित होता है। केवल 40 हजार रुपये अतिरिक्त देकर आपको आधुनिक इंफोटेनमेंट, वायरलेस कनेक्टिविटी, रिवर्स कैमरा और बेहतर इंटीरियर जैसे कई जरूरी फीचर्स मिल जाते हैं।
बोकारो। बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के बाजार टांड में शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। खासमहाल से कोयला स्लरी लादकर उत्तर प्रदेश के बनारस जा रहा 14 चक्का ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक के खलासी 28 वर्षीय अबू सुफेयान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल चालक गिरजेश कुमार दुबे अस्पताल से इलाज के बाद फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। कई दुकानों और मकानों को भारी नुकसान प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार के कारण ट्रक असंतुलित होकर सड़क किनारे बने कई दुकानों और मकानों से टकरा गया। हादसे में गणेश साहु के करीब 14 हजार ईंट, गैराज और मकान की 10 फीट लंबी दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा मोहन महतो की स्टील फर्नीचर दुकान, प्रमोद के घर का बाहरी हिस्सा, प्रदीप की चाय दुकान और सड़क किनारे खड़ी अनुपम साव की पिकअप वैन भी क्षतिग्रस्त हो गई। बिजली आपूर्ति भी हुई बाधित ट्रक की टक्कर से डीवीसी के ऐश पौंड तक जाने वाली बिजली लाइन के दो पोल और बंच केबल टूटकर गिर गए, जिससे आसपास के इलाके की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। हादसे के बाद कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायल चालक पुलिस को चकमा देकर भागा सूचना मिलते ही बेरमो एसडीपीओ रविंद्र कुमार सिंह, बोकारो थर्मल थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से चालक को मलबे से निकालकर डीवीसी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने मृतक अबू सुफेयान के शव को पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और सड़क पर बिखरे कोयले को हटाकर यातायात बहाल करने का काम किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
अगर आप कम बजट में ऐसी बाइक खरीदना चाहते हैं जो शानदार माइलेज दे, मेंटेनेंस कम हो और रोजमर्रा के सफर के लिए भरोसेमंद साबित हो, तो बाजार में कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। 1 लाख रुपये से कम की कीमत में आपको कम्यूटर से लेकर स्पोर्टी डिजाइन वाली बाइक्स तक कई विकल्प मिल जाते हैं। यहां हम आपको ऐसी 5 लोकप्रिय बाइक्स के बारे में बता रहे हैं, जो प्रदर्शन, माइलेज और फीचर्स के मामले में ग्राहकों की पसंद बनी हुई हैं। 1. Bajaj Platina 110 कम बजट में बेहतर माइलेज और आरामदायक राइडिंग के लिए Bajaj Platina 110 एक शानदार विकल्प मानी जाती है। इंजन: 115.45cc पावर: 8.60 hp टॉर्क: 9.81 Nm गियरबॉक्स: 5-स्पीड माइलेज: लगभग 70 kmpl शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत (रांची): ₹73,142 इस बाइक का सस्पेंशन खराब सड़कों पर भी आरामदायक अनुभव देता है और इसका मेंटेनेंस खर्च भी कम है। 2. TVS Star City Plus TVS Star City Plus भारतीय बाजार की सबसे लोकप्रिय कम्यूटर बाइक्स में से एक है। इंजन: 109.7cc पावर: 8.1 hp टॉर्क: 8.7 Nm माइलेज: 67 से 83 kmpl फीचर्स: LED हेडलाइट, USB चार्जिंग पोर्ट, इको इंडिकेटर, फ्रंट डिस्क ब्रेक शुरुआती कीमत (रांची): ₹74,900 से ₹77,800 यह बाइक Drum और Disc दोनों वेरिएंट में उपलब्ध है। 3. Honda Shine 125 Honda Shine 125 अपनी विश्वसनीयता और कम मेंटेनेंस के लिए जानी जाती है। इंजन: 123.9cc पावर: 10.5 hp टॉर्क: 11 Nm माइलेज: 55 से 65 kmpl फीचर्स: डिजिटल डिस्प्ले, USB Type-C चार्जिंग पोर्ट, ट्यूबलेस टायर शुरुआती कीमत (रांची): ₹82,142 से ₹86,502 यह बाइक रोजाना लंबी दूरी तय करने वालों के लिए भी अच्छा विकल्प मानी जाती है। 4. Hero Super Splendor Xtec अगर आप कम कीमत में ज्यादा फीचर्स चाहते हैं, तो Hero Super Splendor Xtec आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकती है। इंजन: 124.7cc गियरबॉक्स: 5-स्पीड माइलेज: 60 से 65 kmpl फीचर्स: ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, डिजिटल डिस्प्ले, LED हेडलाइट एक्स-शोरूम कीमत (रांची): लगभग ₹85,275 से ₹88,916 यह बाइक प्रदर्शन और आधुनिक फीचर्स का अच्छा संतुलन प्रदान करती है। 5. Bajaj Pulsar 125 स्पोर्टी डिजाइन पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए Bajaj Pulsar 125 एक बेहतरीन विकल्प है। इंजन: 124.4cc माइलेज: 50 से 55 kmpl स्पोर्टी लुक और दमदार परफॉर्मेंस इसकी खासियत है। शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत (रांची): ₹91,757 यह बाइक युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है और रोजाना इस्तेमाल के साथ बेहतर राइडिंग अनुभव भी देती है। किसके लिए कौन-सी बाइक बेहतर? सबसे ज्यादा माइलेज: TVS Star City Plus आरामदायक राइड: Bajaj Platina 110 भरोसेमंद इंजन: Honda Shine 125 सबसे ज्यादा फीचर्स: Hero Super Splendor Xtec स्पोर्टी लुक: Bajaj Pulsar 125 कम बजट में नई बाइक खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए ये पांचों मॉडल शानदार विकल्प साबित हो सकते हैं।
नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय लोग अक्सर रेंज, बैटरी और चार्जिंग पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल में सबसे अहम चीज स्टोरेज स्पेस होती है। ऑफिस बैग, बच्चों का सामान या घर का राशन रखने के लिए अधिक जगह की जरूरत पड़ती है। ऐसे में रिवर इंडी इलेक्ट्रिक स्कूटर अपनी बड़ी स्टोरेज क्षमता और प्रैक्टिकल डिजाइन के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कंपनी इसे ‘स्कूटर्स की एसयूवी’ कहती है और इसकी सबसे बड़ी वजह इसका विशाल स्टोरेज स्पेस है। 55 लीटर स्टोरेज इसकी सबसे बड़ी ताकत रिवर इंडी में कुल 55 लीटर का लॉक करने योग्य स्टोरेज मिलता है। इसमें 43 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज और 12 लीटर का फ्रंट ग्लव बॉक्स दिया गया है। इसमें फुल-फेस हेलमेट के साथ अन्य जरूरी सामान भी आसानी से रखा जा सकता है। फ्रंट ग्लव बॉक्स में मोबाइल, दस्तावेज और छोटी दैनिक उपयोग की चीजें रखी जा सकती हैं। यही वजह है कि यह स्कूटर परिवार और रोजमर्रा के उपयोग के लिए बेहद सुविधाजनक माना जा रहा है। मजबूत डिजाइन और अलग पहचान रिवर इंडी का डिजाइन पारंपरिक स्कूटरों से अलग है। इसका मजबूत और बॉक्सी लुक इसे सड़क पर अलग पहचान देता है। स्कूटर में चौड़ा फ्लोरबोर्ड, आरामदायक राइडिंग पोजिशन, ट्विन एलईडी हेडलैंप, इंटीग्रेटेड क्रैश गार्ड और 14 इंच के बड़े पहिए दिए गए हैं। यह मॉडल मानसून ब्लू, समर रेड, स्प्रिंग येलो, स्टॉर्म ग्रे और विंटर व्हाइट जैसे रंगों में उपलब्ध है। दमदार बैटरी और 160 किलोमीटर तक की रेंज रिवर इंडी में 4 किलोवाट-घंटा बैटरी पैक और मिड-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है, जो लगभग 9 बीएचपी की शक्ति पैदा करती है। कंपनी के अनुसार, यह स्कूटर एक बार फुल चार्ज होने पर 160 किलोमीटर तक की प्रमाणित रेंज प्रदान कर सकता है। 750 वॉट फास्ट चार्जर की मदद से बैटरी को 0 से 80 प्रतिशत तक लगभग 5 घंटे में चार्ज किया जा सकता है, जबकि सामान्य चार्जर से इसमें करीब 8 घंटे का समय लगता है। प्रदर्शन में भी नहीं है पीछे यह इलेक्ट्रिक स्कूटर 0 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार केवल 3.7 सेकेंड में पकड़ सकता है। इसकी अधिकतम गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसके अलावा इसमें अलग-अलग राइडिंग मोड्स भी दिए गए हैं, जिससे उपयोगकर्ता अपनी जरूरत के अनुसार बेहतर प्रदर्शन या अधिक ऊर्जा बचत का विकल्प चुन सकते हैं। कीमत और मुकाबला भारतीय बाजार में रिवर इंडी की एक्स-शोरूम कीमत लगभग 1.50 लाख रुपये है। इसका मुकाबला एथर रिज्टा, बजाज चेतक, ओला एस1 प्रो और टीवीएस आईक्यूब जैसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से है। हालांकि स्टोरेज और उपयोगिता के मामले में रिवर इंडी अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहा है। अगर आप ऐसा इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं, जो शानदार रेंज और स्पीड के साथ रोजमर्रा की जरूरतों को भी बेहतर तरीके से पूरा कर सके, तो रिवर इंडी एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है।
चीनी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता BYD ने भारत में अपनी नई Seal U SUV और एडवांस DM-i (Dual Mode Intelligent) प्लग-इन हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को पेश कर दिया है। कंपनी की यह नई SUV साल 2026 के अंत तक भारतीय बाजार में लॉन्च की जा सकती है। खास बात यह है कि Seal U एक Plug-in Hybrid Electric Vehicle (PHEV) होगी, जो इलेक्ट्रिक और पेट्रोल दोनों पावरट्रेन का बेहतरीन संतुलन प्रदान करेगी। BYD की यह तकनीक पहले से ही वैश्विक बाजार में काफी लोकप्रिय है और कंपनी इसे बेहतर माइलेज, लंबी रेंज और दमदार परफॉर्मेंस का कॉम्बिनेशन बता रही है। क्या है BYD की DM-i टेक्नोलॉजी? BYD Seal U DM-i पारंपरिक हाइब्रिड कारों से अलग है। इसका पूरा सिस्टम "Electric First" कॉन्सेप्ट पर आधारित है, यानी सामान्य ड्राइविंग के दौरान कार अधिकतर समय इलेक्ट्रिक मोड में चलती है और जरूरत पड़ने पर पेट्रोल इंजन सहायता प्रदान करता है। इस SUV में मिलते हैं: 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन 18.3 kWh Blade Battery ट्रैक्शन इलेक्ट्रिक मोटर अतिरिक्त जनरेटर मोटर इन सभी के संयोजन से बेहतर परफॉर्मेंस और कम ईंधन खपत हासिल की जाती है। इसकी बैटरी को EV की तरह बाहरी चार्जर से भी चार्ज किया जा सकता है। 1,200 किलोमीटर तक की कंबाइंड रेंज BYD का दावा है कि Seal U DM-i एक बार फुल टैंक और फुल चार्ज के बाद लगभग 1,200 किलोमीटर तक की कुल रेंज देने में सक्षम होगी। कंपनी के अनुसार इसका 1.5-लीटर इंजन 43.04 प्रतिशत तक की थर्मल एफिशिएंसी प्रदान करता है, जो इसे काफी फ्यूल-एफिशिएंट बनाता है। तीन अलग-अलग मोड में काम करता है सिस्टम BYD का DM-i सिस्टम तीन मोड में संचालित होता है: फुल इलेक्ट्रिक मोड इस मोड में SUV केवल बैटरी से चलती है और पेट्रोल इंजन का उपयोग नहीं होता। सीरीज मोड इस स्थिति में पेट्रोल इंजन केवल बैटरी चार्ज करने का काम करता है जबकि पहियों को इलेक्ट्रिक मोटर चलाती है। पैरलल मोड अधिक पावर की जरूरत पड़ने पर इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों मिलकर पहियों को शक्ति प्रदान करते हैं। 0 से 100 kmph की रफ्तार सिर्फ 5.9 सेकंड में कंपनी का दावा है कि BYD Seal U PHEV महज 5.9 सेकंड में 0 से 100 kmph की स्पीड हासिल कर सकती है। कुछ वेरिएंट्स में यह आंकड़ा 5.5 सेकंड तक भी पहुंच सकता है, जो इसे कई 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल SUVs के बराबर या उससे बेहतर बनाता है। 20 kmpl से ज्यादा माइलेज का दावा BYD के अनुसार यह SUV 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में केवल 4.8 लीटर पेट्रोल खर्च करती है। यानी इसका अनुमानित माइलेज करीब 20.8 kmpl हो सकता है। 70 किलोमीटर से ज्यादा की इलेक्ट्रिक रेंज Seal U DM-i में दी गई 18.3 kWh Blade Battery के साथ SUV केवल इलेक्ट्रिक मोड में लगभग 70 किलोमीटर तक चल सकती है। यह सुविधा रोजमर्रा के शहरी उपयोग में पेट्रोल की खपत को काफी कम कर सकती है। भारत में बढ़ेगी हाइब्रिड SUV सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा BYD की नई Seal U SUV भारतीय बाजार में लॉन्च होने के बाद हाइब्रिड और इलेक्ट्रिफाइड SUV सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती है। लंबी रेंज, बेहतर माइलेज और दमदार प्रदर्शन के कारण यह उन ग्राहकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती है जो EV और पेट्रोल दोनों का संतुलन चाहते हैं।
Nissan ने अपनी लोकप्रिय 7-सीटर MPV Nissan Gravite की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। फरवरी 2026 में लॉन्च हुई इस MPV को कंपनी ने शुरुआती दौर में इंट्रोडक्टरी प्राइसिंग के साथ पेश किया था, लेकिन अब यह ऑफर समाप्त हो चुका है। इसके बाद कंपनी ने अलग-अलग वेरिएंट्स की कीमतों में ₹8,000 से लेकर लगभग ₹18,000 तक की बढ़ोतरी की है। नई कीमतों के बाद Nissan Gravite अब ₹5.73 लाख से लेकर ₹9.08 लाख (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उपलब्ध है। वेरिएंट के हिसाब से बढ़ीं कीमतें Nissan Gravite के एंट्री-लेवल Visia MT वेरिएंट की कीमत में लगभग ₹8,000 की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत ₹5.73 लाख हो गई है। वहीं N-Connecta MT वेरिएंट सबसे ज्यादा महंगा हुआ है। इसकी कीमत में करीब ₹18,000 का इजाफा किया गया है और अब यह वेरिएंट ₹7.38 लाख में उपलब्ध होगा। इसके अलावा: Acenta वेरिएंट्स लगभग ₹9,400 तक महंगे हुए हैं। Tekna और Tekna LE वेरिएंट्स की कीमत में करीब ₹17,000 तक की बढ़ोतरी हुई है। AMT (ऑटोमैटिक) वेरिएंट्स की कीमत भी लगभग ₹15,000 तक बढ़ाई गई है। ऐसे में अब Nissan Gravite खरीदने के लिए ग्राहकों को पहले की तुलना में अधिक बजट तैयार रखना होगा। डिजाइन और फीचर्स में मिलता है प्रीमियम लुक Nissan Gravite को आकर्षक डिजाइन के साथ पेश किया गया है। इसमें कंपनी की सिग्नेचर V-Motion ग्रिल, LED DRLs के साथ स्टाइलिश हेडलैंप, नया फ्रंट बंपर और सिल्वर स्किड प्लेट जैसे एलिमेंट्स दिए गए हैं। केबिन में भी कई आधुनिक फीचर्स मिलते हैं, जिनमें शामिल हैं: 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम 7-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर ड्यूल-टोन सीट अपहोल्स्ट्री 7-सीटर फ्लेक्सिबल सीटिंग अरेंजमेंट वायरलेस चार्जर ऑटो हेडलैम्प्स रेन-सेंसिंग वाइपर्स एम्बिएंट लाइटिंग चुनिंदा वेरिएंट्स में एयर प्यूरीफायर इन फीचर्स की वजह से यह MPV फैमिली ग्राहकों के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बनती है। इंजन और माइलेज Nissan Gravite में 1.0-लीटर, 3-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया गया है। यह इंजन 71hp की पावर और 96Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड AMT गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है। माइलेज की बात करें तो: मैनुअल वेरिएंट लगभग 19.3 kmpl का माइलेज देता है। AMT वेरिएंट करीब 19.6 kmpl तक की फ्यूल एफिशिएंसी प्रदान करता है। फैमिली कार सेगमेंट में मजबूत दावेदार अपडेटेड कीमतों के बावजूद Nissan Gravite अपने फीचर्स, 7-सीटर लेआउट और बेहतर माइलेज के कारण बजट MPV सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनी हुई है। हालांकि कीमत बढ़ने के बाद ग्राहकों के लिए अब अन्य प्रतिस्पर्धी मॉडलों के साथ इसकी तुलना और भी अहम हो जाएगी।
पटना, एजेंसियां। बिहार की राजधानी पटना के दानापुर थाना क्षेत्र स्थित ताराचक इलाके में रविवार देर रात आपसी रंजिश को लेकर हुई गोलीबारी ने एक किशोर की जान ले ली, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है। मृतक की पहचान 16 वर्षीय नितिन कुमार के रूप में हुई है, जो बिहटा के मुस्तफापुर का रहने वाला था। वह अपनी मां के साथ दानापुर स्थित ननिहाल में किराये के मकान में रहता था। परिजनों के अनुसार, बदमाशों ने घर से कुछ दूरी पर नितिन को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य लोग भी हुए घायल गोलीबारी में आनंद बाजार निवासी 68 वर्षीय विजय कुमार और सन्नी कुमार भी घायल हो गए। विजय कुमार को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया, जबकि सन्नी कुमार का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। दोनों की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सुबह के विवाद ने शाम को लिया हिंसक रूप पुलिस के अनुसार, दोनों गुटों के बीच सुबह भी मारपीट हुई थी। पुरानी दुश्मनी और तनाव के कारण शाम होते-होते विवाद और बढ़ गया तथा दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इसके बाद ताबड़तोड़ फायरिंग हुई, जिसमें नितिन की जान चली गई। घटनास्थल से मिले कई अहम साक्ष्य पुलिस ने मौके से आठ खोखे, शराब की बोतलें, लाठी और लोहे की रॉड बरामद की हैं। बरामद सामग्री से यह संकेत मिलता है कि दोनों पक्ष पहले से टकराव की तैयारी में थे। घटना के बाद एफएसएल टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है। एसआईटी का गठन, आरोपियों की तलाश जारी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। सिटी एसपी पश्चिमी ने बताया कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। वहीं बेटे की मौत से नितिन की मां सदमे में हैं। परिवार का कहना है कि एक साल पहले सड़क दुर्घटना में बड़े बेटे की भी मौत हो चुकी थी और अब नितिन के निधन से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
भारत में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली में E85 फ्यूल की बिक्री शुरू हो गई है। इसकी कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर तय की गई है, जो मौजूदा पेट्रोल की कीमतों से करीब 20 रुपये तक कम है। कम कीमत के कारण यह ईंधन वाहन मालिकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि क्या आपकी कार इसके लिए उपयुक्त है या नहीं। क्या है E85 फ्यूल? E85 एक हाई-एथेनॉल मिश्रित ईंधन है, जिसमें 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल होता है। इसके मुकाबले भारत में वर्तमान में E20 पेट्रोल का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिसमें केवल 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित होता है। एथेनॉल की मात्रा अधिक होने के कारण E85 का दहन व्यवहार सामान्य पेट्रोल से अलग होता है। यही वजह है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए इंजन और फ्यूल सिस्टम की आवश्यकता होती है। क्या आपकी कार E85 पर चल सकती है? यह सबसे अहम सवाल है। भारत में बिकने वाली अधिकांश पेट्रोल कारें E20 फ्यूल के अनुरूप बनाई गई हैं, लेकिन वे E85 के लिए तैयार नहीं हैं। E85 का सुरक्षित उपयोग केवल फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-Fuel) तकनीक से लैस वाहनों में ही किया जा सकता है। ऐसे वाहन ईंधन में मौजूद एथेनॉल की मात्रा के अनुसार इंजन और फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम को स्वतः एडजस्ट कर लेते हैं। यदि किसी सामान्य पेट्रोल कार में E85 भरवा दिया जाए, तो इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, माइलेज कम हो सकता है और लंबे समय में इंजन व फ्यूल सिस्टम को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। सस्ता है, लेकिन क्या वाकई खर्च कम होगा? 82.12 रुपये प्रति लीटर की कीमत आकर्षक जरूर लगती है, लेकिन केवल प्रति लीटर कीमत देखकर निर्णय लेना सही नहीं होगा। एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल की तुलना में कम होती है। इसका मतलब है कि E85 पर चलने वाली गाड़ी को समान दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन की आवश्यकता पड़ती है। अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार E85 के उपयोग से माइलेज में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। यानी ईंधन सस्ता होने के बावजूद कई मामलों में प्रति किलोमीटर लागत पेट्रोल के बराबर या उससे अधिक भी हो सकती है। सरकार E85 को क्यों बढ़ावा दे रही है? E85 का उद्देश्य केवल वाहन चालकों की जेब पर बोझ कम करना नहीं है। इसके पीछे देश की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय रणनीति जुड़ी हुई है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। एथेनॉल का उत्पादन देश में कृषि आधारित संसाधनों से किया जा सकता है, जिससे विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, अधिक एथेनॉल मिश्रित ईंधन को कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। फिलहाल आम लोगों के लिए कितना उपयोगी? हालांकि E85 फ्यूल बाजार में उपलब्ध हो चुका है, लेकिन भारत में फ्लेक्स-फ्यूल वाहन अभी शुरुआती चरण में हैं। कई वाहन कंपनियों ने ऐसे मॉडल और प्रोटोटाइप पेश किए हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर उनकी बिक्री अभी शुरू नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल E85 को भविष्य की ईंधन तकनीक की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसका वास्तविक लाभ तब दिखाई देगा जब फ्लेक्स-फ्यूल वाहन आम होंगे और देशभर में E85 की उपलब्धता बढ़ेगी।
2G Ethanol Technology: भारत में इथेनॉल आधारित ईंधन को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग से लेकर E85 फ्यूल तक, सरकार तेल आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में अब 2G इथेनॉल (Second Generation Ethanol) चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे इथेनॉल की अगली पीढ़ी की तकनीक माना जाता है, क्योंकि यह अनाज की बजाय कृषि अवशेषों और जैविक कचरे से तैयार किया जाता है। क्या है 2G इथेनॉल? 2G इथेनॉल यानी सेकेंड जेनरेशन इथेनॉल एक ऐसा जैव ईंधन है, जिसे गन्ने के रस या खाद्यान्न से नहीं बल्कि कृषि से निकलने वाले अवशेषों से तैयार किया जाता है। इसके लिए मुख्य रूप से इन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है— पराली (Rice Straw) गन्ने की खोई (Bagasse) मक्के के डंठल बांस अन्य कृषि और जैविक कचरा यह तकनीक खाद्यान्न संकट की चिंता को दूर करती है और किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत भी बन सकती है। 1G और 2G इथेनॉल में क्या अंतर है? 1G इथेनॉल 2G इथेनॉल गन्ने के रस और अनाज से बनता है कृषि कचरे और जैविक अवशेषों से बनता है खाद्यान्न उपयोग को लेकर चिंता रहती है खाद्यान्न पर कोई असर नहीं पड़ता पारंपरिक तकनीक उन्नत और आधुनिक तकनीक सीमित कच्चा माल बड़े पैमाने पर उपलब्ध कृषि अवशेष कैसे बनता है 2G इथेनॉल? 2G इथेनॉल तैयार करने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है— 1. कच्चे माल का संग्रह खेतों से पराली, गन्ने की खोई और अन्य कृषि अवशेषों को इकट्ठा कर प्लांट तक पहुंचाया जाता है। 2. प्री-ट्रीटमेंट कचरे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर स्टीम और केमिकल्स की मदद से उसके रेशों को ढीला किया जाता है। 3. एंजाइम प्रक्रिया विशेष एंजाइम्स की मदद से जटिल कार्बोहाइड्रेट को फर्मेंटेबल शुगर में बदला जाता है। 4. फर्मेंटेशन यीस्ट की सहायता से शुगर को अल्कोहल में परिवर्तित किया जाता है। 5. डिस्टिलेशन अंतिम चरण में पानी अलग करके शुद्ध 2G इथेनॉल तैयार किया जाता है। 2G इथेनॉल के फायदे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होती है। पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलती है। किसानों को कृषि अवशेषों से अतिरिक्त आय मिल सकती है। कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। पर्यावरण के अनुकूल ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। गाड़ियों के अलावा कहां-कहां होता है इस्तेमाल? 2G इथेनॉल का उपयोग सिर्फ पेट्रोल में मिश्रण तक सीमित नहीं है। सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल इससे विमानन क्षेत्र के लिए पर्यावरण अनुकूल ईंधन तैयार किया जा सकता है। दवा और कॉस्मेटिक उद्योग कॉस्मेटिक्स, दवाइयों, पेंट और रसायन उद्योग में इसका उपयोग किया जाता है। बायोप्लास्टिक निर्माण 2G इथेनॉल से ऐसे बायोप्लास्टिक तैयार किए जा सकते हैं, जो आसानी से नष्ट हो जाते हैं और पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाते हैं। बिजली उत्पादन इथेनॉल प्लांट से निकलने वाले अवशेषों का उपयोग बिजली उत्पादन में भी किया जा सकता है। भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण? 2G इथेनॉल तकनीक भारत के लिए दोहरी समस्या का समाधान पेश करती है। एक ओर यह तेल आयात पर निर्भरता कम करती है, वहीं दूसरी ओर पराली जलाने जैसी पर्यावरणीय समस्या से निपटने में भी मददगार साबित हो सकती है।
भारत में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली के पूसा रोड स्थित इंडियन ऑयल आउटलेट पर राजधानी के पहले E85 फ्यूल पंप का उद्घाटन किया। इसके साथ ही दिल्ली में हाई-इथेनॉल ईंधन की व्यावसायिक शुरुआत हो गई है। E20 पेट्रोल से करीब 20 रुपये सस्ता दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। यह मौजूदा E20 पेट्रोल की तुलना में लगभग 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता है। उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रम की स्थिति से बचाने के लिए पेट्रोल पंप पर E85 के लिए अलग डिस्पेंसर और स्पष्ट लेबलिंग की व्यवस्था की गई है। यह पहल सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना है। क्या है E85 फ्यूल? जहां E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है, वहीं E85 में लगभग 85 प्रतिशत इथेनॉल और केवल 15 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। E85 के फायदे पेट्रोल पर निर्भरता कम होती है। क्रूड ऑयल की खपत घटती है। घरेलू स्तर पर उत्पादित इथेनॉल के उपयोग को बढ़ावा मिलता है। ईंधन की लागत कम हो सकती है। कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिलती है। क्या हर गाड़ी में इस्तेमाल किया जा सकता है? नहीं। E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल इंजन वाली गाड़ियों में सीधे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसके लिए फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक से लैस इंजन की आवश्यकता होती है, जो हाई-इथेनॉल मिश्रण को संभालने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए जाते हैं। कौन-सी गाड़ियां E85 सपोर्ट करती हैं? भारत में फिलहाल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की संख्या सीमित है। इनमें शामिल हैं— Hero Splendor+ Flex Fuel Hero HF Deluxe Flex Fuel Maruti Suzuki WagonR Flex Fuel (लॉन्च की तैयारी में) आने वाले समय में कई अन्य कंपनियां भी फ्लेक्स-फ्यूल वाहन बाजार में उतार सकती हैं। देश की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम विशेषज्ञों का मानना है कि E85 जैसे वैकल्पिक ईंधन भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही इससे किसानों को भी फायदा होगा, क्योंकि इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से कृषि आधारित फसलों से किया जाता है।
भारत के बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैफिक, सीमित पार्किंग और बढ़ती ईंधन लागत के बीच कॉम्पैक्ट कारें लोगों की पहली पसंद बनती जा रही हैं। ये कारें बेहतर माइलेज, आसान पार्किंग, कम रखरखाव खर्च और आरामदायक ड्राइविंग अनुभव का शानदार संतुलन प्रदान करती हैं। यदि आप 2026 में शहर के लिए नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ये सात मॉडल आपकी सूची में जरूर होने चाहिए। मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स एसयूवी जैसा आकर्षक लुक, हैचबैक जैसी फुर्ती मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स उन ग्राहकों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो एसयूवी जैसी दमदार मौजूदगी चाहते हैं, लेकिन शहर में आसान ड्राइविंग भी उनके लिए जरूरी है। इसका कॉम्पैक्ट आकार, हल्का स्टीयरिंग और अच्छा माइलेज इसे रोजाना इस्तेमाल के लिए उपयुक्त बनाता है। मारुति सुजुकी स्विफ्ट शहर की सड़कों की भरोसेमंद साथी नई स्विफ्ट लंबे समय से भारतीय ग्राहकों की पसंदीदा कारों में शामिल रही है। इसकी फुर्तीली ड्राइविंग, बेहतर माइलेज और कम चलाने का खर्च इसे रोजाना कार्यालय आने-जाने वाले लोगों के लिए आदर्श बनाता है। ट्रैफिक में भी यह कार आरामदायक अनुभव देती है। होंडा अमेज आराम और जगह का शानदार संतुलन यदि आप हैचबैक से अधिक जगह चाहते हैं लेकिन बड़ी सेडान नहीं खरीदना चाहते, तो होंडा अमेज एक मजबूत विकल्प है। इसका आरामदायक केबिन और बड़ा सामान रखने का स्थान इसे शहर और सप्ताहांत की यात्राओं दोनों के लिए उपयुक्त बनाता है। टाटा पंच छोटे आकार में दमदार एसयूवी का अनुभव टाटा पंच ने माइक्रो एसयूवी श्रेणी में अपनी अलग पहचान बनाई है। ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस, मजबूत बनावट और बेहतरीन सुरक्षा इसे शहर की सड़कों के साथ-साथ खराब रास्तों के लिए भी उपयुक्त बनाते हैं। हुंडई वेन्यू आधुनिक तकनीक और आराम का बेहतरीन मेल हुंडई वेन्यू अपने आधुनिक फीचर्स, कनेक्टेड तकनीक और प्रीमियम इंटीरियर के कारण शहरी परिवारों के बीच लोकप्रिय है। यह कार शहर में आसान ड्राइविंग के साथ आरामदायक यात्रा का अनुभव भी प्रदान करती है। किआ सोनेट स्टाइल, फीचर्स और प्रीमियम अनुभव किआ सोनेट अपने आकर्षक डिजाइन, आधुनिक सुविधाओं और प्रीमियम केबिन के लिए जानी जाती है। इसका कॉम्पैक्ट आकार भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्राइविंग और पार्किंग को आसान बनाता है। महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ दमदार प्रदर्शन और बेहतर सुरक्षा महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ उन ग्राहकों के लिए उपयुक्त है जो मजबूत इंजन, उच्च सुरक्षा और प्रभावशाली रोड प्रेजेंस चाहते हैं। यह कार शहर और राजमार्ग दोनों जगह संतुलित प्रदर्शन देती है। शहरों में कॉम्पैक्ट कारों की मांग क्यों बढ़ रही है? विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में कॉम्पैक्ट कारों की लोकप्रियता और बढ़ेगी। इसके पीछे कई कारण हैं— बेहतर माइलेज कम रखरखाव खर्च आसान पार्किंग ट्रैफिक में सुविधाजनक ड्राइविंग आधुनिक सुरक्षा और तकनीकी फीचर्स शहर और लंबी यात्राओं दोनों के लिए उपयुक्त इसी वजह से वाहन निर्माता कंपनियां इस श्रेणी में लगातार नए फीचर्स और आधुनिक तकनीक जोड़ रही हैं ताकि ग्राहकों की बदलती जरूरतों को पूरा किया जा सके।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।