Royal Enfield अपनी सबसे आइकॉनिक बाइक Royal Enfield Bullet को अब नए अवतार में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी जल्द ही भारतीय बाजार में नई Bullet 650 पेश कर सकती है। माना जा रहा है कि यह बाइक जून 2026 के आसपास लॉन्च हो सकती है। यह पहली बार होगा जब Bullet सीरीज में 650cc ट्विन-सिलेंडर इंजन देखने को मिलेगा। लंबे समय से Royal Enfield फैंस इस बाइक का इंतजार कर रहे थे और अब कंपनी इसे क्लासिक डिजाइन के साथ मॉडर्न टेक्नोलॉजी के कॉम्बिनेशन में पेश करने जा रही है। क्लासिक डिजाइन में मिलेगा पावरफुल इंजन नई Bullet 650 अपने पारंपरिक Bullet डीएनए को बरकरार रखेगी। बाइक में: टियरड्रॉप फ्यूल टैंक राउंड हेडलैंप क्लासिक बॉडी स्टाइल टाइगर-आई पायलट लैम्प्स जैसे पुराने Bullet वाले डिजाइन एलिमेंट्स देखने को मिलेंगे। हालांकि बाहरी लुक रेट्रो रहेगा, लेकिन अंदर पूरी तरह मॉडर्न हार्डवेयर दिया जाएगा। मिलेगा 650cc पैरेलल-ट्विन इंजन नई Bullet 650 में कंपनी का मशहूर 647.95cc पैरेलल-ट्विन इंजन दिया जा सकता है। यही इंजन फिलहाल: Royal Enfield Interceptor 650 Royal Enfield Super Meteor 650 जैसी बाइक्स में इस्तेमाल हो रहा है। यह इंजन करीब: 47bhp की पावर 52.3Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसके साथ 6-स्पीड गियरबॉक्स मिलेगा। हाईवे टूरिंग के लिए होगी खास नई Bullet 650 को सिर्फ शहर के इस्तेमाल के लिए नहीं, बल्कि लंबी दूरी की राइडिंग को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। बाइक में मिल सकते हैं: चौड़ी और आरामदायक सीट ऊंचा हैंडलबार रिलैक्स्ड राइडिंग पोजिशन जिससे हाईवे राइडिंग ज्यादा आरामदायक हो सके। रिपोर्ट्स के अनुसार बाइक का वजन करीब 243 किलोग्राम हो सकता है और इसमें 14.8 लीटर का बड़ा फ्यूल टैंक मिलेगा। फीचर्स में मिलेगा रेट्रो और मॉडर्न का मिश्रण Royal Enfield इस बार क्लासिक डिजाइन के साथ कई नए फीचर्स भी जोड़ सकती है। संभावित फीचर्स: LED हेडलाइट LED टेललाइट सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर गियर पोजिशन इंडिकेटर ट्रिप मीटर सर्विस रिमाइंडर USB Type-C चार्जिंग पोर्ट सेफ्टी फीचर्स भी होंगे दमदार सेफ्टी के लिए बाइक में: डुअल-चैनल ABS फ्रंट और रियर डिस्क ब्रेक दिए जा सकते हैं। सस्पेंशन सेटअप में: आगे 43mm टेलिस्कोपिक फोर्क पीछे ट्विन शॉक एब्जॉर्बर मिलने की उम्मीद है। Royal Enfield के लिए क्यों खास है Bullet 650? पिछले कुछ वर्षों में Royal Enfield अपने 650cc पोर्टफोलियो को तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी चाहती है कि उसके क्लासिक मॉडल्स भी ज्यादा पावर और मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ नए ग्राहकों को आकर्षित करें। भारत में प्रीमियम रेट्रो मोटरसाइकिल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में Bullet 650 कंपनी के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकती है। कितनी हो सकती है कीमत? हालांकि कंपनी ने अभी आधिकारिक कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसकी एक्स-शोरूम कीमत करीब 3.5 लाख रुपये हो सकती है। लॉन्च के बाद इसका मुकाबला: BSA Gold Star 650 Kawasaki Eliminator जैसी प्रीमियम बाइक्स से हो सकता है।
अगर आप कम बजट में ज्यादा माइलेज देने वाली और फीचर्स से भरपूर डीजल कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो Tata Altroz आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकती है। भारतीय बाजार में डीजल कारों की संख्या लगातार कम हो रही है, लेकिन लंबी दूरी तय करने वाले और रोजाना ज्यादा ड्राइव करने वाले ग्राहकों के बीच डीजल कारों की मांग अब भी बनी हुई है। ऐसे समय में Tata Altroz उन चुनिंदा कारों में शामिल है, जो किफायती कीमत, शानदार माइलेज, प्रीमियम फीचर्स और मजबूत सेफ्टी का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देती है। यही वजह है कि इसे भारत की सबसे सस्ती डीजल कारों में गिना जाता है। कीमत कितनी है? Tata Motors की इस प्रीमियम हैचबैक की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 6.30 लाख रुपये है। वहीं इसका टॉप वेरिएंट 10.77 लाख रुपये तक जाता है। अगर आप डीजल वेरिएंट खरीदना चाहते हैं, तो इसकी कीमत 8.15 लाख रुपये से शुरू होकर Accomplished S ट्रिम के लिए 10.27 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक पहुंचती है। इंजन ऑप्शन्स Tata Altroz तीन इंजन विकल्पों के साथ आती है: 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन 88 PS पावर 115 Nm टॉर्क 1.2 लीटर CNG इंजन 73.5 PS पावर 103 Nm टॉर्क 1.5 लीटर डीजल इंजन 90 PS पावर 200 Nm टॉर्क गियरबॉक्स विकल्प कार में सभी इंजन ऑप्शन के साथ 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स स्टैंडर्ड मिलता है। इसके अलावा पेट्रोल वेरिएंट में: 5-स्पीड AMT 6-स्पीड DCT का विकल्प भी उपलब्ध है। हालांकि डीजल वेरिएंट केवल 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ आता है। माइलेज में भी दमदार कंपनी का दावा है कि Altroz डीजल वेरिएंट 23.64 kmpl तक का माइलेज देता है। यही वजह है कि यह कार लंबी दूरी तय करने वालों और रोजाना ज्यादा ड्राइव करने वाले ग्राहकों के लिए काफी किफायती मानी जाती है। फीचर्स और सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो Tata Altroz कई प्रीमियम सुविधाओं के साथ आती है, जिनमें शामिल हैं: 10.25 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम Apple CarPlay और Android Auto सपोर्ट 7 इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर वॉइस कमांड सनरूफ वायरलेस मोबाइल चार्जर 360 डिग्री कैमरा सेफ्टी के मामले में भी यह कार काफी मजबूत मानी जाती है। Global NCAP क्रैश टेस्ट में इसे 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिल चुकी है, जो इसे अपने सेगमेंट की सबसे सुरक्षित कारों में शामिल करती है।
पहले से ज्यादा किफायती हुई हाई-परफॉर्मेंस लग्जरी SUV ब्रिटिश लग्जरी कार निर्माता Land Rover ने भारतीय बाजार में अपनी नई Range Rover Sport SV लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.05 करोड़ रुपये रखी है। नई Sport SV अब पहले से ज्यादा किफायती हो गई है और यह लिमिटेड एडिशन SV Edition Two से करीब 30 लाख रुपये सस्ती है। कंपनी ने इसकी बुकिंग शुरू कर दी है, जबकि पहली डिलीवरी अगस्त 2026 से शुरू होगी। एक्सटीरियर में मिलेगा स्पोर्टी और अग्रेसिव लुक नई Range Rover Sport SV को खासतौर पर भारतीय ग्राहकों के लिए कई एक्सक्लूसिव कलर ऑप्शंस के साथ पेश किया गया है। इसमें Satin Green, Matte Orange, Gloss Blue, Matte Violet और Gloss Teal जैसे प्रीमियम पेंट फिनिश मिलते हैं। SUV में ब्लैक रूफ और 22-इंच के फोर्ज्ड अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो इसे दमदार रोड प्रेजेंस देते हैं। कार में SV बैजिंग, क्वाड एग्जॉस्ट और बड़ा रियर स्पॉइलर दिया गया है। इसके अलावा फ्रंट ग्रिल, एयर इंटेक, पिलर्स, ORVM हाउसिंग और Range Rover बैजिंग को ब्लैक-आउट फिनिश में रखा गया है। हालांकि इसमें Edition Two वाले 23-इंच कार्बन फाइबर व्हील्स और कार्बन-सिरेमिक ब्रेक नहीं दिए गए हैं। लग्जरी फीचर्स से लैस है केबिन SUV के इंटीरियर में Light Cloud और Ebony थीम वाले परफोरेटेड Windsor लेदर सीट्स दिए गए हैं। इसके साथ स्लाइडिंग पैनोरमिक सनरूफ भी मिलता है, जिसे खास तौर पर भारतीय मौसम और ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसके अलावा इसमें Meridian सिग्नेचर साउंड सिस्टम, एक्सटेंडेड लेदर पैकेज और इल्यूमिनेटेड SV डोर सिल्स जैसे प्रीमियम फीचर्स शामिल हैं। कंपनी ने इस मॉडल को रोजमर्रा की लग्जरी ड्राइविंग और बेहतर कम्फर्ट पर फोकस करते हुए तैयार किया है। 3.8 सेकंड में पकड़ती है 100 kmph की रफ्तार नई Range Rover Sport SV में 4.4-लीटर ट्विन-टर्बो V8 माइल्ड-हाइब्रिड इंजन दिया गया है, जो 635 hp की पावर और 750 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। SUV में ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन मिलता है। कंपनी के मुताबिक यह लग्जरी SUV सिर्फ 3.8 सेकंड में 0 से 100 kmph की स्पीड पकड़ सकती है। बेहतर हैंडलिंग के लिए इसमें 6D Dynamics सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है, जो खराब और अलग-अलग रोड कंडीशंस में भी बॉडी रोल और पिच को कम करता है।
Honda की प्रीमियम बाइक में तकनीकी गड़बड़ी Honda Motorcycle & Scooter India ने अपनी प्रीमियम स्पोर्ट्स बाइक Honda CB1000 Hornet SP के लिए भारत में वॉलंटरी रिकॉल जारी किया है। कंपनी ने बाइक में सामने आई दो तकनीकी समस्याओं को देखते हुए यह फैसला लिया है। प्रभावित मोटरसाइकिलों का निर्माण 30 सितंबर 2024 से 22 अगस्त 2025 के बीच किया गया था। कंपनी के अनुसार रिकॉल अभियान के तहत फ्यूल फीड होज की रूटिंग और इंजन ऑयल कंजम्प्शन से जुड़ी दिक्कतों की जांच की जाएगी। किन समस्याओं के कारण लिया गया फैसला? Honda ने बताया कि कुछ बाइकों में फ्यूल फीड होज सही तरीके से फिक्स नहीं हो पा रही है, जिससे विशेष परिस्थितियों में परेशानी आ सकती है। इसके अलावा कुछ यूनिट्स में इंजन ऑयल की खपत सामान्य से ज्यादा देखी गई है, जो इंजन पर असर डाल सकती है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने एहतियात के तौर पर निरीक्षण और जरूरी सुधार करने का निर्णय लिया है। ग्राहकों को फ्री में मिलेगी सर्विस रिकॉल अभियान के तहत सभी जरूरी मरम्मत और पार्ट्स रिप्लेसमेंट बिना किसी शुल्क के किए जाएंगे। यह सुविधा वारंटी खत्म होने के बाद भी ग्राहकों को मिलेगी। कंपनी ने कहा है कि देशभर के अधिकृत BigWing Topline डीलरशिप्स पर यह जांच और मरम्मत की जाएगी। ग्राहकों को कॉल, SMS और ईमेल के जरिए सूचना दी जाएगी ताकि वे सर्विस सेंटर पर समय लेकर पहुंच सकें। ऐसे करें चेक आपकी बाइक रिकॉल में शामिल है या नहीं ग्राहक Honda की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी बाइक का VIN यानी Vehicle Identification Number डालकर यह जांच सकते हैं कि उनकी बाइक इस रिकॉल अभियान में शामिल है या नहीं। दमदार इंजन और फीचर्स से लैस है CB1000 Hornet SP Honda CB1000 Hornet SP में 999cc का इनलाइन फोर-सिलेंडर इंजन मिलता है, जो 155 bhp की पावर और 107 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इस सुपरबाइक में कई एडवांस फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं– स्लिपर क्लच बाय-डायरेक्शनल क्विक शिफ्टर Honda Selectable Torque Control पांच राइडिंग मोड बाइक में 310mm Brembo फ्रंट डिस्क ब्रेक और ड्यूल चैनल ABS जैसी सेफ्टी सुविधाएं भी दी गई हैं। कितनी है कीमत? भारतीय बाजार में Honda CB1000 Hornet SP की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 13.29 लाख रुपये है।
Tata Punch ने मारी बाजी, Fronx और Nexon में कांटे की टक्कर भारत में कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। अप्रैल 2026 में भी ग्राहकों ने माइक्रो और सब-4 मीटर SUVs को जमकर पसंद किया। बिक्री के आंकड़ों में Tata Punch सबसे ज्यादा बिकने वाली कॉम्पैक्ट SUV बनकर उभरी। वहीं Maruti Suzuki Fronx और Tata Nexon ने भी बेहद करीबी मुकाबला दिया। दिलचस्प बात यह रही कि टॉप-3 SUVs की बिक्री में 1000 यूनिट से भी कम का अंतर देखने को मिला, जिससे अप्रैल का महीना इस सेगमेंट के लिए बेहद प्रतिस्पर्धी रहा। अप्रैल 2026 की टॉप 10 सबसे ज्यादा बिकने वाली कॉम्पैक्ट SUVs रैंक मॉडल अप्रैल 2026 बिक्री सालाना बढ़ोतरी 1 Tata Punch 19,107 52.9% 2 Maruti Fronx 18,829 31.3% 3 Tata Nexon 18,126 17.3% 4 Maruti Brezza 14,124 -16.8% 5 Hyundai Venue 12,420 56.2% 6 Kia Sonet 10,537 30.6% 7 Hyundai Exter 8,096 49.5% 8 Mahindra XUV 3XO 7,517 -0.7% 9 Skoda Kylaq 4,089 -23.8% 10 Toyota Taisor 2,550 5.3% Tata Punch बनी सबसे ज्यादा बिकने वाली SUV Tata Punch ने अप्रैल 2026 में 19,107 यूनिट की बिक्री के साथ पहला स्थान हासिल किया। इस SUV की सालाना बिक्री में 52.9 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसकी ऊंची ग्राउंड क्लीयरेंस, SUV जैसा डिजाइन और शहरों में आसान ड्राइविंग इसे ग्राहकों की पहली पसंद बना रहे हैं। Fronx और Nexon में जोरदार मुकाबला Maruti Suzuki Fronx ने 18,829 यूनिट बेचकर दूसरा स्थान हासिल किया। यह Punch से सिर्फ 278 यूनिट पीछे रही। इसके स्पोर्टी डिजाइन और बेहतर माइलेज ने ग्राहकों को आकर्षित किया। वहीं Tata Nexon ने 18,126 यूनिट बिक्री के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। Nexon की बिक्री में भी 17.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली। Brezza की बिक्री घटी, Venue ने दिखाई ताकत Maruti Suzuki Brezza की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल में इसकी 14,124 यूनिट बिकीं, जो पिछले साल के मुकाबले 16.8 प्रतिशत कम रहीं। माना जा रहा है कि ग्राहक इसके फेसलिफ्ट मॉडल का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर Hyundai Venue ने शानदार प्रदर्शन किया। इसकी बिक्री 56.2 प्रतिशत बढ़कर 12,420 यूनिट पहुंच गई। नए अपडेटेड मॉडल और Bharat NCAP की 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग का इसे फायदा मिला। Sonet, Exter और XUV 3XO भी दौड़ में शामिल Kia Sonet ने 10,537 यूनिट की बिक्री के साथ मजबूत पकड़ बनाए रखी। वहीं Hyundai Exter की बिक्री में 49.5 प्रतिशत की बड़ी छलांग दर्ज की गई। Mahindra XUV 3XO की बिक्री लगभग स्थिर रही और इसमें मामूली गिरावट देखी गई। Skoda Kylaq और Toyota Taisor का प्रदर्शन Skoda Kylaq की बिक्री में 23.8 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बावजूद यूरोपियन डिजाइन और ड्राइविंग एक्सपीरियंस के कारण इसकी अलग पहचान बनी हुई है। वहीं Toyota Taisor ने 2,550 यूनिट बिक्री के साथ टॉप-10 सूची में जगह बनाई।
नई कार या बाइक खरीदते समय चाबी के साथ एक छोटा सा मेटल या एल्युमीनियम टैग जरूर मिलता है। ज्यादातर लोग इसे बेकार समझकर तुरंत हटा देते हैं या कहीं फेंक देते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह छोटा सा टैग आपकी गाड़ी की सुरक्षा और सुविधा से सीधे जुड़ा होता है। असल में इस टैग पर लिखा हुआ कोड आपकी गाड़ी की चाबी का बेहद महत्वपूर्ण “की-कोड” होता है। अगर कभी आपकी गाड़ी की चाबी खो जाए, चोरी हो जाए या खराब हो जाए, तो यही छोटा सा कोड आपको बड़ी परेशानी और भारी खर्च से बचा सकता है। क्या होता है इस मेटल टैग पर लिखा कोड? वाहन कंपनियां हर चाबी के साथ एक यूनिक अल्फान्यूमेरिक कोड देती हैं। यह कोड उस चाबी की तकनीकी पहचान माना जाता है। यह कोड चाबी की कटिंग डिजाइन और लॉक सिस्टम से जुड़ी जानकारी स्टोर करता है। इसी वजह से सर्विस सेंटर या अधिकृत डीलर उसी कोड के आधार पर आपकी गाड़ी की नई चाबी तैयार कर सकते हैं। नई चाबी बनवाने में कैसे करता है मदद? अगर आपकी गाड़ी की दोनों चाबियां खो जाएं, तो आमतौर पर लोग सोचते हैं कि पूरा लॉक सिस्टम बदलवाना पड़ेगा। पहले ऐसा ही होता था, लेकिन अब आधुनिक तकनीक ने यह काम आसान कर दिया है। अधिकृत सर्विस सेंटर में मौजूद मशीन इस की-कोड को पढ़कर बिल्कुल वैसी ही नई चाबी तैयार कर देती है जैसी कंपनी ने मूल रूप से दी थी। इससे समय भी बचता है और लॉक किट बदलने का भारी खर्च भी नहीं उठाना पड़ता। स्मार्ट की और की-फोब में भी है बेहद जरूरी आजकल कई आधुनिक कारों में स्मार्ट की और की-फोब सिस्टम दिया जाता है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक लॉकिंग सिस्टम के साथ एक छोटी इमरजेंसी फिजिकल चाबी भी मौजूद रहती है। अगर यह इमरजेंसी चाबी खो जाए या फोब खराब हो जाए, तब भी यही की-कोड नई चाबी बनाने में काम आता है। इतना ही नहीं, अगर चाबी चोरी हो जाए तो सर्विस सेंटर इसी कोड की मदद से पुरानी चाबी को सिस्टम से हटाकर नई चाबी को रजिस्टर कर सकता है। क्यों नहीं रखना चाहिए इसे चाबी के साथ? विशेषज्ञों के मुताबिक इस टैग को चाबी के साथ लटकाकर रखना सुरक्षित नहीं माना जाता। अगर किसी गलत व्यक्ति के हाथ आपकी चाबी और यह कोड दोनों लग जाएं, तो वह आसानी से डुप्लीकेट चाबी बनवा सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि इस टैग को वाहन के दस्तावेजों के साथ सुरक्षित जगह पर रखें। साथ ही इसके कोड की फोटो मोबाइल या ईमेल में सेव करके रखना भी समझदारी माना जाता है। छोटी सी चीज, लेकिन बड़े काम की दिखने में मामूली लगने वाला यह छोटा मेटल टैग आपकी गाड़ी की सुरक्षा का अहम हिस्सा है। इसे फेंकना या नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए अगली बार नई गाड़ी खरीदें तो इस टैग को संभालकर जरूर रखें।
TVS Motor Company ने भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए नया TVS iQube S 4.7 kWh वेरिएंट लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को 1,37,142 रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर पेश किया है। नया मॉडल पुराने 3.5 kWh बैटरी वेरिएंट की जगह लेगा और इसमें ज्यादा रेंज के साथ कई एडवांस फीचर्स दिए गए हैं। बड़ी बैटरी, ज्यादा रेंज नए TVS iQube S में 4.7 kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया गया है। कंपनी के मुताबिक यह स्कूटर सिंगल चार्ज पर 175 किलोमीटर तक की IDC रेंज देने में सक्षम है, जो इसे लंबी दूरी के लिए और ज्यादा उपयोगी बनाता है। स्कूटर की इलेक्ट्रिक मोटर 5.9 hp की पीक पावर और 33 Nm का अधिकतम टॉर्क जनरेट करती है। वहीं इसकी टॉप स्पीड 82 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। शानदार परफॉर्मेंस परफॉर्मेंस के मामले में भी नया iQube S काफी दमदार नजर आता है। कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर 0 से 40 kmph की रफ्तार सिर्फ 4.3 सेकंड में पकड़ सकता है। चार्जिंग की बात करें तो पोर्टेबल चार्जर की मदद से इसकी बैटरी को 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज होने में करीब 4 घंटे का समय लगता है। मिलेंगे कई स्मार्ट फीचर्स नया TVS iQube S कई प्रीमियम स्मार्ट फीचर्स के साथ आता है। इसमें– TFT डिस्प्ले स्मार्टफोन कनेक्टिविटी नेविगेशन सपोर्ट राइड स्टैटिस्टिक्स कॉल और नोटिफिकेशन अलर्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा स्कूटर में रिवर्स मोड, क्रैश अलर्ट, फॉल अलर्ट और एंटी-थेफ्ट अलर्ट जैसे सेफ्टी फीचर्स भी शामिल किए गए हैं। डस्ट और वाटर रेसिस्टेंट डिजाइन कंपनी ने इसके इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स को IP67 डस्ट और वाटर रेसिस्टेंस रेटिंग दी है, जिससे स्कूटर खराब मौसम और पानी से बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है। हार्डवेयर और ब्रेकिंग सिस्टम स्कूटर का कर्ब वेट 128.8 किलोग्राम है। इसकी सीट हाइट 770mm और ग्राउंड क्लीयरेंस 157mm रखा गया है। इसमें 12-इंच अलॉय व्हील्स के साथ दोनों तरफ 90/90-12 ट्यूबलेस टायर्स दिए गए हैं। ब्रेकिंग के लिए– फ्रंट में 220mm डिस्क ब्रेक रियर में 130mm ड्रम ब्रेक का सेटअप मिलता है। नए कलर ऑप्शन्स भी शामिल TVS ने नए बैटरी वेरिएंट के साथ दो नए कलर ऑप्शन्स भी पेश किए हैं– Magnificence Purple Beige Harlequin Blue Beige इसके अलावा स्कूटर Titanium Grey Matte रंग में भी उपलब्ध रहेगा।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के बीच Citroen e C3 एक किफायती और एंट्री-लेवल विकल्प के रूप में उभरकर सामने आई है। यह कार खासतौर पर शहरी उपयोग को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है, जहां कम दूरी, ट्रैफिक और रोजमर्रा की जरूरतें प्राथमिक होती हैं। डिजाइन: कॉम्पैक्ट लेकिन SUV जैसा स्टांस Citroen e C3 हैचबैक प्लेटफॉर्म पर बनी है, लेकिन इसकी ऊंची ग्राउंड क्लियरेंस और बॉक्सी डिजाइन इसे मिनी-SUV जैसा लुक देते हैं। इसका कॉम्पैक्ट आकार शहर के ट्रैफिक और टाइट पार्किंग स्पेस में इसे आसानी से मैनेज करने लायक बनाता है। बैटरी और परफॉर्मेंस: शहर के लिए पर्याप्त इसमें 29.2 kWh का बैटरी पैक दिया गया है। कंपनी के अनुसार इसकी रेंज 320 किमी (MIDC) तक है, लेकिन वास्तविक उपयोग में यह लगभग 200–220 किमी तक ही मिलती है। इलेक्ट्रिक मोटर 57 PS की पावर और 143 Nm का टॉर्क जनरेट करती है। 0 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार यह 6.8 सेकंड में पकड़ लेती है, जो सिटी ड्राइविंग के लिहाज से काफी फुर्तीली मानी जाती है। चार्जिंग: फास्ट और होम दोनों विकल्प Citroen e C3 DC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है, जिससे 10% से 80% तक चार्ज होने में करीब 57 मिनट लगते हैं। वहीं, घरेलू चार्जिंग से इसे फुल चार्ज करने में लगभग 10.5 घंटे का समय लगता है–यानी रातभर में आसानी से चार्ज हो सकती है। फीचर्स: जरूरी टेक्नोलॉजी पर फोकस कार में 10.24-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और MyCitroën ऐप कनेक्टिविटी मिलती है। इसके अलावा मैनुअल AC, एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और इलेक्ट्रिक ORVM जैसे बेसिक लेकिन उपयोगी फीचर्स दिए गए हैं। स्पेस और कम्फर्ट: सिटी यूज के लिए बेहतर Citroen अपनी सॉफ्ट सस्पेंशन ट्यूनिंग के लिए जानी जाती है, और e C3 में भी यही खासियत देखने को मिलती है। इसमें 315 लीटर का बूट स्पेस और 170 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है, जिससे खराब सड़कों पर भी ड्राइविंग अपेक्षाकृत आरामदायक रहती है। सेफ्टी: यहां थोड़ा समझौता सुरक्षा के लिहाज से इसमें डुअल एयरबैग्स, ABS with EBD और रियर पार्किंग सेंसर जैसे फीचर्स दिए गए हैं। हालांकि, Global NCAP क्रैश टेस्ट में इसे 0-स्टार रेटिंग मिली है, जो संभावित खरीदारों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। वेरिएंट और कीमत: पहली EV के तौर पर आकर्षक Citroen e C3 Live, Feel और Shine वेरिएंट्स में उपलब्ध है। इसकी कीमत इसे बजट EV सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनाती है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहली बार इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं। क्या यह आपके लिए सही विकल्प है? अगर आपकी जरूरत शहर के अंदर रोजाना की ड्राइविंग, कम खर्च और आसान मेंटेनेंस है, तो यह कार एक प्रैक्टिकल ऑप्शन साबित हो सकती है। हालांकि, अगर आपकी प्राथमिकता हाई सेफ्टी रेटिंग और एडवांस फीचर्स हैं, तो निर्णय लेने से पहले अन्य विकल्पों पर भी विचार करना जरूरी होगा।
मुंबई, एजेंसियां। मुंबई के मीरा रोड के नया नगर इलाके में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने दो सुरक्षाकर्मियों पर चाकू से हमला कर दिया। आरोपी ने पहले गार्डों से उनका नाम और धर्म पूछा, फिर उन्हें कलमा पढ़ने को कहा। मना करने पर उसने दोनों पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर दिया। घटना रविवार सुबह करीब 4 बजे की बताई जा रही है। घायल सुरक्षाकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सीसीटीवी के आधार पर आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान 31 वर्षीय जुबैर अंसारी के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस कर गिरफ्तारी की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमला एक निर्माणाधीन इमारत में ड्यूटी कर रहे गार्डों पर किया गया। ATS कर रही गहन जांच, संदिग्ध नोट बरामद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच Mumbai ATS को सौंप दी गई है। आरोपी के पास से एक नोट बरामद हुआ है, जिसमें ‘लोन वुल्फ’, ‘जिहाद’, ‘गाजा’ और अन्य उग्र विचारों का जिक्र पाया गया है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि हमला किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा था या आरोपी ने इसे अकेले अंजाम दिया। डिजिटल गतिविधियों और संपर्कों की जांच जारी एजेंसियां आरोपी के मोबाइल, ब्राउजिंग हिस्ट्री और संपर्कों की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी संगठन से जुड़ा था या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। घटना से इलाके में दहशत का माहौल इस वारदात के बाद इलाके में डर का माहौल है। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जांच पूरी होने के बाद ही हमले के असली मकसद का खुलासा हो पाएगा।
स्पोर्ट्स बाइक सेगमेंट में अपनी अलग पहचान रखने वाली KTM Duke 390 अब नए विकल्प के साथ बाजार में उपलब्ध है। कंपनी ने अपने लोकप्रिय मॉडल में 350cc वेरिएंट जोड़कर ग्राहकों को एक किफायती विकल्प दिया है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि 350cc और 399cc में से कौन सा वर्जन खरीदना ज्यादा समझदारी भरा फैसला होगा। 350cc vs 399cc: पावर और कीमत का खेल स्टैंडर्ड 399cc Duke 390 जहां करीब 46 हॉर्सपावर देता है, वहीं नया 350cc वेरिएंट लगभग 41.5 हॉर्सपावर जेनरेट करता है। पावर में अंतर मामूली लग सकता है, लेकिन कीमत में बड़ा फर्क देखने को मिलता है। 399cc मॉडल की एक्स-शोरूम कीमत करीब ₹3.39 लाख है, जबकि 350cc वेरिएंट लगभग ₹2.77 लाख के आसपास उपलब्ध हो सकता है। यही वजह है कि 350cc मॉडल “वैल्यू फॉर मनी” के रूप में उभरकर सामने आता है। अगर प्रति हॉर्सपावर लागत देखें, तो 350cc वर्जन ज्यादा किफायती साबित होता है। इसके साथ ही कम इंजन कैपेसिटी का फायदा टैक्स, इंश्योरेंस और मेंटेनेंस लागत में भी मिलता है, जो लंबे समय में आपकी जेब पर कम दबाव डालता है। फीचर्स में नहीं हुआ समझौता कीमत कम होने के बावजूद कंपनी ने फीचर्स, सस्पेंशन और ब्रेकिंग सिस्टम में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब यह है कि आपको 350cc वेरिएंट में भी लगभग वही प्रीमियम राइडिंग एक्सपीरियंस मिलेगा, जिसके लिए Duke 390 जानी जाती है। इंजन में क्या बदलाव किए गए? 350cc वेरिएंट के लिए कंपनी ने पूरी तरह नया इंजन विकसित नहीं किया, बल्कि मौजूदा इंजन को री-ट्यून किया है। स्ट्रोक की लंबाई कम करके इंजन कैपेसिटी घटाई गई है, जबकि इसका बेस आर्किटेक्चर पहले जैसा ही रखा गया है। इसका फायदा यह है कि बाइक की हाई-रेविंग नेचर काफी हद तक बरकरार रहती है। हालांकि, टॉप पावर और टॉर्क में हल्की कमी महसूस हो सकती है, खासकर हाई RPM पर। किसके लिए कौन सा वेरिएंट बेहतर? 350cc वेरिएंट चुनें अगर: आप बजट में KTM का अनुभव चाहते हैं बाइक का इस्तेमाल रोजमर्रा के काम के लिए करना है कम लागत और बेहतर माइलेज प्राथमिकता है 399cc वेरिएंट चुनें अगर: आपको ज्यादा पावर और स्पोर्टी परफॉर्मेंस चाहिए हाईवे राइडिंग और स्पीड आपके लिए ज्यादा मायने रखती है बजट आपके लिए बड़ी चिंता नहीं है
भारत में ऑटोमोबाइल और ऊर्जा क्षेत्र एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पहले E20 पेट्रोल के विस्तार ने चर्चा को गर्माया था, और अब E85 फ्यूल को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। यह सिर्फ एक नया ईंधन नहीं, बल्कि देश की फ्यूल नीति, ऑटो इंडस्ट्री और आम उपभोक्ताओं के लिए एक संभावित बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है। अब सवाल यह है कि क्या भारत इस हाई-एथेनॉल फ्यूल सिस्टम के लिए तैयार है या यह बदलाव अभी समय से पहले है। E20 से E85 तक की छलांग क्यों बड़ी मानी जा रही है? भारत का एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है। E20 तक का सफर अपेक्षाकृत आसान माना गया क्योंकि मौजूदा पेट्रोल इंजन मामूली बदलावों के साथ इसे स्वीकार कर सकते हैं। लेकिन E85 फ्यूल पूरी तरह अलग तकनीक पर आधारित है। इसमें एथेनॉल की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे: इंजन की कार्यप्रणाली बदल जाती है फ्यूल सिस्टम पर अलग तरह का दबाव पड़ता है तकनीकी संरचना पूरी तरह एडवांस हो जाती है इसी कारण इसे सिर्फ पेट्रोल का विकल्प नहीं, बल्कि एक नई फ्यूल कैटेगरी के रूप में देखा जा रहा है। इंजन टेक्नोलॉजी में बड़े बदलाव की जरूरत E85 को अपनाने के लिए मौजूदा वाहनों में बड़े तकनीकी बदलाव आवश्यक होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार: फ्यूल पाइप और इंजेक्टर को अलग सामग्री से बनाना होगा एथेनॉल की नमी सोखने की क्षमता को संभालने के लिए खास सिस्टम चाहिए एडवांस ECU (Electronic Control Unit) की जरूरत होगी जो फ्यूल मिक्स के अनुसार इंजन को एडजस्ट कर सके यानी सामान्य पेट्रोल इंजन E85 को सुरक्षित तरीके से हैंडल नहीं कर सकते। फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल्स बनेंगे भविष्य की कुंजी भारत में E85 का भविष्य फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल्स (FFV) पर निर्भर करेगा। ये वाहन: अलग-अलग एथेनॉल ब्लेंड पर चल सकते हैं प्रदर्शन में स्थिरता बनाए रखते हैं फ्यूल बदलने पर भी इंजन को नुकसान नहीं पहुंचाते कुछ दोपहिया कंपनियों ने इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं, लेकिन कार सेगमेंट में यह तकनीक अभी शुरुआती चरण में है। सबसे बड़ी चुनौती: इंफ्रास्ट्रक्चर E85 को लागू करना सिर्फ गाड़ियों का मामला नहीं है, बल्कि पूरे ईंधन ढांचे को बदलने की जरूरत है। मुख्य चुनौतियां: पेट्रोल पंप पर अलग स्टोरेज टैंक की आवश्यकता E85 के लिए अलग डिस्पेंसिंग सिस्टम उपभोक्ताओं को जागरूक करना विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सही जानकारी के गलत फ्यूल भरने से इंजन को गंभीर नुकसान हो सकता है। मौजूदा गाड़ियों पर क्या असर होगा? भारत में चल रही अधिकांश गाड़ियां अभी: E10 या E20 मानकों के अनुसार डिजाइन की गई हैं अगर E85 को तेजी से लागू किया गया तो: पुराने वाहनों के लिए तकनीकी समस्याएं बढ़ सकती हैं माइलेज और इंजन पर असर पड़ सकता है इसलिए माना जा रहा है कि E85 को धीरे-धीरे और सीमित स्तर पर ही लागू किया जाएगा।
भारतीय मोटरसाइकिल बाजार में मिड-साइज स्क्रैम्बलर सेगमेंट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, और इसी कड़ी में Yezdi Motorcycles अपनी चर्चित बाइक Scrambler को नए अवतार में पेश करने की तैयारी कर रही है। कंपनी, जो Classic Legends के अंतर्गत आती है, ने हाल ही में कुछ टीजर जारी किए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि 2026 Yezdi Scrambler में कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर सभी स्पेसिफिकेशन साझा नहीं किए हैं, लेकिन सामने आई जानकारी के अनुसार यह अपडेटेड मॉडल डिजाइन, इंजन और फीचर्स के मामले में पहले से ज्यादा एडवांस और प्रतिस्पर्धी होगा। डिजाइन में बदलाव, कम्फर्ट पर खास फोकस मौजूदा लाइनअप में Scrambler के अलावा Roadster और Adventure मॉडल पहले ही अपडेट हो चुके हैं, लेकिन Scrambler लंबे समय से अपडेट का इंतजार कर रही थी। ऐसे में 2026 मॉडल में विजुअल और एर्गोनॉमिक्स दोनों स्तर पर बदलाव की उम्मीद है। नई बाइक में बेसिक सिल्हूट बरकरार रह सकता है, लेकिन इसमें नए कलर ऑप्शन और आकर्षक ग्राफिक्स दिए जा सकते हैं। साथ ही राइडिंग पोजिशन को बेहतर बनाने के लिए सीट और हैंडलबार सेटअप में बदलाव संभव है, जिससे लंबी दूरी की राइडिंग और भी आरामदायक हो सके। रिपोर्ट्स यह भी संकेत देती हैं कि कंपनी बाइक के वजन को कम करने पर काम कर रही है, जिससे इसकी हैंडलिंग और कंट्रोल बेहतर हो सके। इंजन और परफॉर्मेंस में अपग्रेड की संभावना वर्तमान मॉडल में 334cc का सिंगल-सिलेंडर, लिक्विड-कूल्ड इंजन मिलता है, जो 29 hp की पावर और 29 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। हालांकि, नए वर्जन में इस इंजन को अपडेट किए जाने की संभावना है। टीजर के आधार पर यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कंपनी बड़ा या ज्यादा ट्यून किया गया इंजन पेश कर सकती है, जिससे बाइक की परफॉर्मेंस में स्पष्ट सुधार देखने को मिलेगा। फीचर्स और कीमत में बढ़ोतरी के संकेत नई Scrambler में फीचर्स को भी अपग्रेड किया जा सकता है, जिसमें बेहतर इंस्ट्रूमेंट कंसोल, कनेक्टिविटी और सेफ्टी फीचर्स शामिल हो सकते हैं। भारतीय बाजार में इसका सीधा मुकाबला Triumph Scrambler 400 X और Royal Enfield Scram 440 जैसी मजबूत बाइक्स से होगा। इन सभी संभावित अपग्रेड्स के चलते कीमत में भी इजाफा हो सकता है। फिलहाल मौजूदा मॉडल की शुरुआती कीमत करीब 1.95 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है, लेकिन नए वर्जन के साथ यह बढ़ सकती है।
भारत के प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। JSW MG Motor India ने अपनी दो हाई-एंड इलेक्ट्रिक कारों – MG M9 और MG Cyberster – की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। यह नई कीमतें अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी हैं, और कंपनी ने इस फैसले के पीछे बढ़ती इनपुट कॉस्ट्स को मुख्य वजह बताया है। MG M9: लग्जरी इलेक्ट्रिक MPV अब और महंगी प्रीमियम सेगमेंट में अपनी अलग पहचान बना चुकी MG M9 अब 5 लाख रुपये तक महंगी हो गई है। इसकी नई एक्स-शोरूम कीमत 75.90 लाख रुपये तय की गई है। यह इलेक्ट्रिक MPV खासतौर पर उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो कम्फर्ट और लक्जरी को प्राथमिकता देते हैं। इसमें 90 kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया गया है, जो एक बार चार्ज करने पर 548 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा करता है। फीचर्स की बात करें तो इसमें 7-सीटर लेआउट, वेंटिलेटेड और मसाज सीट्स, ड्यूल पैन सनरूफ और 13-स्पीकर प्रीमियम साउंड सिस्टम जैसे हाई-एंड एलिमेंट्स शामिल हैं। इसके अलावा Level 2 ADAS जैसी एडवांस सेफ्टी टेक्नोलॉजी भी दी गई है। भारतीय बाजार में इसका सीधा इलेक्ट्रिक मुकाबला फिलहाल मौजूद नहीं है, लेकिन इसे Kia Carnival जैसे लग्जरी MPV का इलेक्ट्रिक विकल्प माना जा रहा है। MG Cyberster: स्पीड और परफॉर्मेंस का इलेक्ट्रिक पावरहाउस दूसरी ओर, MG Cyberster की कीमत में 2.50 लाख रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इसकी नई एक्स-शोरूम कीमत 77.49 लाख रुपये हो गई है। यह एक परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड इलेक्ट्रिक रोडस्टर है, जिसमें ड्यूल-मोटर ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम मिलता है। यह सेटअप 528 bhp की पावर और 725 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। Cyberster केवल 3.2 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है, जो इसे अपने सेगमेंट की सबसे तेज इलेक्ट्रिक कारों में शामिल करता है। इसमें 77 kWh का बैटरी पैक दिया गया है, जो 580 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा करता है। प्रीमियम EV सेगमेंट में मजबूत पकड़ MG की ये दोनों कारें कंपनी की MG Select डीलरशिप्स के जरिए बेची जाती हैं, जो इनके प्रीमियम पोजिशनिंग को और मजबूत बनाती हैं। कीमतों में यह बढ़ोतरी साफ संकेत देती है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के हाई-एंड सेगमेंट में लागत और टेक्नोलॉजी दोनों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।
नई दिल्ली: भारत में टू-व्हीलर सेफ्टी को लेकर बढ़ती जागरूकता का सीधा असर अब बाजार के आंकड़ों में साफ दिखने लगा है। इसी बीच हेलमेट निर्माता Steelbird Hi-Tech India Limited की ROX सीरीज ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 1 करोड़ यूनिट बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। करीब ₹969 की किफायती कीमत वाले इस हेलमेट ने खासकर डेली कम्यूटर राइडर्स के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की है। ISI सर्टिफिकेशन और मजबूत डिजाइन के चलते यह मॉडल भारत के मास मार्केट में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत करता जा रहा है। कैसे बना ROX हेलमेट इतना लोकप्रिय? ROX सीरीज को खास तौर पर मिड-सेगमेंट और रोजाना बाइक-स्कूटर चलाने वाले उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, इस प्रोडक्ट की सफलता का मुख्य कारण इसकी किफायती कीमत और भरोसेमंद सेफ्टी फीचर्स हैं। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में अब उपभोक्ता केवल कम कीमत नहीं बल्कि सुरक्षा मानकों के साथ संतुलन वाले उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं, और ROX सीरीज इसी जरूरत को पूरा करती है। सेफ्टी और डिजाइन फीचर्स ROX हेलमेट में कई आधुनिक और उपयोगी फीचर्स शामिल किए गए हैं: हाई-इम्पैक्ट ABS शेल, जो मजबूत सुरक्षा प्रदान करता है मल्टी-डेंसिटी EPS लेयर, जो दुर्घटना के समय झटके को कम करती है बेहतर एयर वेंटिलेशन सिस्टम, जिससे लंबे समय तक पहनने में आराम मिलता है स्क्रैच-रेसिस्टेंट वाइजर और क्विक-रिलीज बकल हल्का वजन, जिससे रोजमर्रा के उपयोग में सुविधा रहती है इसके अलावा, यह हेलमेट ISI सर्टिफिकेशन के साथ आता है, जो इसकी बेसिक सेफ्टी स्टैंडर्ड को प्रमाणित करता है। कीमत बनी सबसे बड़ी ताकत करीब ₹969 की कीमत ने ROX सीरीज को आम उपभोक्ताओं के लिए बेहद सुलभ बना दिया है। यही वजह है कि यह मॉडल सिर्फ मेट्रो शहरों में ही नहीं बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से लोकप्रिय हुआ है। कम कीमत में सुरक्षित विकल्प उपलब्ध कराने की रणनीति ने कंपनी को मास मार्केट में मजबूत स्थिति दिलाई है। रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए बेहतर विकल्प ROX हेलमेट को मुख्य रूप से डेली कम्यूटिंग के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी पैडिंग को हटाकर साफ किया जा सकता है, जिससे इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करना आसान हो जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार यह हेलमेट हाई-स्पीड राइडिंग या प्रोफेशनल मोटरस्पोर्ट उपयोग के लिए नहीं बल्कि सामान्य दैनिक यात्रा के लिए अधिक उपयुक्त है। बाजार में क्या संकेत मिल रहे हैं? इस सफलता से यह स्पष्ट होता है कि भारत में उपभोक्ता अब सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से अधिक जागरूक हो चुके हैं। सरकारी नियमों और सड़क सुरक्षा अभियानों ने भी इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जर्मन कार निर्माता Volkswagen ने अपनी लोकप्रिय मिड-साइज SUV टाइगुन का फेसलिफ्ट मॉडल भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। नए अवतार में कार को कॉस्मेटिक बदलावों के साथ कई नए फीचर्स और अपडेटेड टेक्नोलॉजी दी गई है। कीमत और ऑफर नई टाइगुन फेसलिफ्ट की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹11 लाख रखी गई है, जो टॉप वेरिएंट में ₹19.3 लाख तक जाती है। कंपनी ने ग्राहकों के लिए Assured Buyback Scheme भी पेश की है: 31 मई 2026 तक बुकिंग पर लागू 3 साल या 30,000 किमी बाद 75% तक वैल्यू वापस मिलने का दावा एक्सटीरियर में क्या नया? नई टाइगुन को ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न लुक दिया गया है: नए डिजाइन की LED हेडलाइट्स और बंपर फ्रंट और रियर में इल्युमिनेटेड लोगो पीछे LED लाइट बार के साथ सीक्वेंशियल इंडिकेटर्स नए अलॉय व्हील्स और नए कलर ऑप्शन इंटीरियर और फीचर्स केबिन में टेक्नोलॉजी और कम्फर्ट दोनों को अपग्रेड किया गया है: 10.25-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले 10.1-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम पहली बार पैनोरमिक सनरूफ वेंटिलेटेड सीट्स, एम्बिएंट लाइटिंग वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto वायरलेस चार्जिंग और 6-स्पीकर साउंड सिस्टम इंजन और परफॉर्मेंस इंजन ऑप्शन वही हैं, लेकिन गियरबॉक्स में बड़ा बदलाव हुआ है: 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल (115hp) 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल (150hp) नया अपडेट: 1.0L इंजन के साथ अब 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स 1.5L इंजन के साथ 7-स्पीड DCT माइलेज: 1.0L मैन्युअल: 19.98 kmpl 1.0L ऑटोमैटिक: 19.54 kmpl 1.5L DCT: 18.85 kmpl सेफ्टी फीचर्स सुरक्षा के मामले में भी कार को मजबूत बनाया गया है: 6 एयरबैग (स्टैंडर्ड) ABS + EBD इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम हायर वेरिएंट में रियर डिस्क ब्रेक्स किनसे होगा मुकाबला? नई टाइगुन फेसलिफ्ट का मुकाबला भारतीय बाजार में इन SUVs से रहेगा: Hyundai Creta Kia Seltos Skoda Kushaq Renault Duster Volkswagen Taigun फेसलिफ्ट अब पहले से ज्यादा फीचर-लोडेड, स्टाइलिश और टेक्नोलॉजी से लैस हो गई है। खासकर पैनोरमिक सनरूफ और नया ऑटोमैटिक गियरबॉक्स इसे सेगमेंट में और मजबूत बनाते हैं। अगर आप 10–20 लाख के बजट में प्रीमियम SUV देख रहे हैं, तो यह नया मॉडल एक मजबूत विकल्प बनकर सामने आया है।
अगर आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अप्रैल 2026 आपके लिए शानदार मौका लेकर आया है। Toyota Kirloskar Motor ने अपने कई पॉपुलर मॉडल्स पर आकर्षक ऑफर्स की घोषणा की है, जिनके तहत ग्राहक ₹1 लाख से ज्यादा तक की बचत कर सकते हैं। इन ऑफर्स में कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, लॉयल्टी बेनिफिट, कॉर्पोरेट ऑफर और एक्सेसरी पैकेज शामिल हैं। हालांकि, ये ऑफर्स शहर और डीलरशिप के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। Toyota Glanza पर ऑफर टोयोटा ग्लैंजा के पेट्रोल वेरिएंट (CNG और AMT को छोड़कर) पर कुल ₹69,000 तक का फायदा मिल रहा है। इसमें ₹10,000 कैश डिस्काउंट, ₹15,000 एक्सचेंज बोनस, ₹30,000 लॉयल्टी बोनस, ₹4,000 कॉर्पोरेट बेनिफिट और ₹10,000 का एक्सेसरी किट शामिल है। Toyota Urban Cruiser Taisor पर ऑफर टर्बो MT वेरिएंट पर ₹55,000 तक और नॉन-टर्बो वेरिएंट्स पर ₹45,000 तक के बेनिफिट्स दिए जा रहे हैं। यह ऑफर इस कॉम्पैक्ट SUV को बजट सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनाता है। Toyota Urban Cruiser Hyryder पर सबसे बड़ा फायदा इस SUV पर सबसे ज्यादा छूट मिल रही है: S Neo Drive: ₹1.10 लाख तक G और V ट्रिम: ₹1.01 लाख तक E वेरिएंट: ₹1.05 लाख तक CNG वेरिएंट: ₹1.02 लाख तक Strong Hybrid: ₹52,000 तक यह ऑफर माइलेज और फीचर्स दोनों चाहने वाले ग्राहकों के लिए खास है। Toyota Hilux पर भारी छूट टोयोटा की प्रीमियम पिकअप Hilux पर ₹1.10 लाख तक का फायदा मिल रहा है। इसमें ₹80,000 कैश डिस्काउंट और ₹30,000 एक्सचेंज बोनस शामिल है, जिससे यह डील और भी आकर्षक बन जाती है। Toyota Rumion पर ऑफर Rumion MPV पर ₹15,000 तक का फायदा मिल रहा है। हालांकि यह ऑफर अन्य मॉडल्स के मुकाबले कम है, लेकिन फैमिली कार के तौर पर यह अभी भी एक किफायती विकल्प है। क्या है खास? Toyota के ये ऑफर्स उन ग्राहकों के लिए बेहतरीन अवसर हैं, जो कम कीमत में प्रीमियम कार खरीदना चाहते हैं। खासकर Hyryder और Hilux पर मिल रही भारी छूट बाजार में मजबूत प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाती है।
भारतीय दोपहिया बाजार में एक बार फिर हलचल तेज होने वाली है। Yezdi Motorcycles ने अपनी अपकमिंग बाइक को लेकर बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने सोशल मीडिया पर एक टीजर जारी कर संकेत दिया है कि नई बाइक 23 अप्रैल 2026 को लॉन्च की जाएगी। टीजर के बाद ऑटो सेक्टर में इस मॉडल को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है। यह बाइक Classic Legends के तहत तैयार की जा रही है, जो पहले से ही प्रीमियम सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ बना चुकी है। टीजर में क्या मिला खास संकेत? कंपनी ने टीजर के साथ एक दिलचस्प कैप्शन दिया-“Well, at least it’s not 69 days to go.” यह ‘69’ आंकड़ा Yezdi की मौजूदा Yezdi Roadster और Yezdi Adventure से जुड़ा है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि नई बाइक में मौजूदा 334cc इंजन नहीं होगा, बल्कि कुछ नया और ज्यादा पावरफुल देखने को मिल सकता है। Scrambler सेगमेंट में हो सकती है एंट्री ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह नई बाइक Scrambler सेगमेंट में आ सकती है। खास बात यह है कि उसी दिन BSA Scrambler 650 भी भारत में लॉन्च होने वाली है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि Yezdi भी इसी सेगमेंट में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। क्या मिलेगा नया इंजन? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर यह बाइक BSA Scrambler 650 के प्लेटफॉर्म पर आधारित होती है, तो इसमें दमदार फीचर्स मिल सकते हैं, जैसे: 652cc सिंगल-सिलेंडर, लिक्विड-कूल्ड इंजन लगभग 45 hp की पावर 55 Nm का टॉर्क 6-स्पीड गियरबॉक्स यह सेटअप मौजूदा मॉडल्स की तुलना में काफी ज्यादा पावरफुल हो सकता है। Scrambler का अपडेटेड अवतार? फिलहाल Yezdi के पोर्टफोलियो में Yezdi Scrambler, Roadster और Adventure शामिल हैं। जहां Roadster और Adventure को हाल ही में अपडेट मिला है, वहीं Scrambler को लंबे समय से कोई बड़ा अपडेट नहीं मिला। ऐसे में संभावना है कि कंपनी इस मॉडल को नए अवतार में पेश करे। 23 अप्रैल का लॉन्च Yezdi के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। अगर कंपनी ज्यादा पावरफुल इंजन और नए डिजाइन के साथ बाइक पेश करती है, तो यह मिड-साइज प्रीमियम सेगमेंट में कड़ी टक्कर दे सकती है।
भारतीय ऑटो बाजार में मिड-साइज़ SUV सेगमेंट को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए Volkswagen ने अपनी लोकप्रिय SUV Volkswagen Taigun का फेसलिफ्ट वर्जन लॉन्च से पहले पेश कर दिया है। 9 अप्रैल को होने वाले आधिकारिक लॉन्च से पहले सामने आए इस नए मॉडल में डिजाइन, फीचर्स और टेक्नोलॉजी में कई अहम बदलाव देखने को मिल रहे हैं। यह Taigun का 2021 में लॉन्च के बाद पहला बड़ा अपडेट है, जिसे कंपनी ने अधिक प्रीमियम लुक और बेहतर इन-कैबिन अनुभव देने के उद्देश्य से तैयार किया है। इस SUV का प्रोडक्शन पुणे के चाकन प्लांट में शुरू भी हो चुका है, जहां इसे Skoda Kushaq के साथ तैयार किया जा रहा है। डिजाइन में बड़ा बदलाव, अब और ज्यादा प्रीमियम लुक फेसलिफ्ट मॉडल में सबसे बड़ा बदलाव इसके फ्रंट डिजाइन में देखने को मिलता है। नई Taigun में रीडिजाइन बंपर, चौड़ा ग्रिल और स्लिम LED लाइट बार के साथ जुड़ी नई हेडलाइट्स दी गई हैं, जो इसे पहले से ज्यादा मॉडर्न और आकर्षक बनाती हैं। इसके अलावा, इल्यूमिनेटेड Volkswagen लोगो और क्रोम एलिमेंट्स इसकी रोड प्रेजेंस को और मजबूत करते हैं। GT वेरिएंट को और स्पोर्टी बनाने के लिए इसमें ग्लॉस ब्लैक फिनिश का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें बंपर, अलॉय व्हील्स, ORVMs और रूफ रेल्स शामिल हैं। इंटीरियर में मिलेंगे नए टेक्नोलॉजी फीचर्स हालांकि कंपनी ने केबिन की पूरी जानकारी अभी साझा नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें बड़ा डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, अपडेटेड इंफोटेनमेंट सिस्टम और AI बेस्ड फीचर्स मिल सकते हैं। इसके अलावा पैनोरमिक सनरूफ और बेहतर रियर सीट कम्फर्ट जैसे अपग्रेड्स भी देखने को मिल सकते हैं। इंजन और परफॉर्मेंस में क्या नया? नई Taigun में मौजूदा इंजन ऑप्शन बरकरार रहने की संभावना है। इसमें 1.0-लीटर TSI (115bhp) और 1.5-लीटर TSI (150bhp) इंजन शामिल होंगे। हालांकि 1.0-लीटर वेरिएंट में नया 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स जोड़े जाने की उम्मीद है, जो ड्राइविंग एक्सपीरियंस को और बेहतर बना सकता है। किनसे होगी टक्कर? लॉन्च के बाद नई Taigun का मुकाबला भारतीय बाजार में Hyundai Creta, Kia Seltos, Maruti Suzuki Grand Vitara, Renault Duster और Tata Sierra जैसी पॉपुलर SUVs से होगा। कीमतों का खुलासा लॉन्च के दिन किया जाएगा, लेकिन माना जा रहा है कि यह मौजूदा मॉडल से थोड़ी महंगी हो सकती है।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की दौड़ तेजी से आगे बढ़ रही है, और इसी कड़ी में Tata Motors एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनी अपनी लोकप्रिय SUV Tata Safari का इलेक्ट्रिक वर्जन Safari EV फेस्टिव सीजन 2026 में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। यह Tata की पहली तीन-रो (7-सीटर) इलेक्ट्रिक SUV होगी और कंपनी के EV पोर्टफोलियो को एक नया आयाम देगी। प्लेटफॉर्म और पावरट्रेन: Harrier EV से मिलेगा बेस नई Safari EV, Tata Harrier EV के acti.ev+ प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी। हालांकि यह पूरी तरह नई EV (born-electric) नहीं होगी, बल्कि मौजूदा ICE मॉडल का इलेक्ट्रिक अवतार होगी। इसमें 65kWh और 75kWh बैटरी पैक मिलने की संभावना है: स्टैंडर्ड रियर-व्हील ड्राइव (RWD) हाई वेरिएंट में ड्यूल-मोटर AWD विकल्प अनुमानित रेंज Harrier EV से थोड़ी कम होगी, क्योंकि Safari का आकार बड़ा है Harrier EV के आधार पर, Safari EV में करीब 500–600 किमी की रेंज मिलने की उम्मीद है। साथ ही 100kW DC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी दिया जा सकता है। दमदार फीचर्स और टेक्नोलॉजी Safari EV में Tata का नया TiDAL (Tata Intelligent Digital Architecture Layer) सिस्टम मिलेगा, जिससे कई एडवांस फीचर्स शामिल होंगे: OTA अपडेट 540-डिग्री कैमरा लेवल-2 ADAS ऑटो पार्क असिस्ट ऑफ-रोड क्रूज़ कंट्रोल UPI आधारित इन-कार पेमेंट (DrivePay) समन मोड (remote parking) इसके अलावा, मल्टी-लिंक रियर सस्पेंशन और अलग-अलग टेरेन मोड (Snow, Sand, Rock Crawl आदि) बेहतर ड्राइविंग अनुभव देंगे। डिजाइन और इंटीरियर डिजाइन में हल्के बदलाव देखने को मिलेंगे: क्लोज्ड फ्रंट ग्रिल EV बैजिंग नए एयरो अलॉय व्हील्स इंटीरियर काफी हद तक मौजूदा Safari जैसा रहेगा, लेकिन टेक्नोलॉजी अपग्रेड के साथ। लॉन्च टाइमलाइन और कीमत Safari EV का प्रोडक्शन अगस्त 2026 से शुरू हो सकता है और इसे त्योहारों के सीजन में लॉन्च किया जाएगा। कीमत की बात करें तो यह SUV लगभग 22.5 लाख से 30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच आ सकती है। किससे होगी टक्कर? लॉन्च के बाद Safari EV का सीधा मुकाबला Mahindra XEV 9S से होगा, जिससे भारतीय EV SUV मार्केट में प्रतिस्पर्धा और तेज होगी।
भारतीय ऑटो बाजार में मिड-साइज SUV सेगमेंट में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी Volkswagen Taigun अब मिड-साइकिल फेसलिफ्ट के साथ लौटने की तैयारी में है। 9 अप्रैल 2026 को इसके आधिकारिक अनावरण की उम्मीद है। यह अपडेटेड मॉडल अपने प्लेटफॉर्म ट्विन Skoda Kushaq के अनुरूप कई नए फीचर्स के साथ आएगा। ड्राइविंग डायनामिक्स के लिए मशहूर Taigun में इस बार डिजाइन, इंटीरियर और टेक्नोलॉजी के स्तर पर कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। क्या होंगे बड़े बदलाव? कनेक्टेड फ्रंट लाइट बार नई Volkswagen Taigun में फ्रंट पर कनेक्टेड LED लाइट बार मिलने की संभावना है, जो हेडलाइट्स को जोड़ते हुए एक मॉडर्न और प्रीमियम लुक देगा। रियर कनेक्टेड टेललाइट्स पहले की तरह बरकरार रहेंगी। पैनोरमिक सनरूफ अब इस SUV में ड्यूल-पेन पैनोरमिक सनरूफ मिल सकता है, जो केबिन को ज्यादा खुला और लग्जरी फील देगा-यह फीचर ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय है। अपग्रेडेड इंटीरियर इंटीरियर में बेहतर इंफोटेनमेंट UI, नया अपहोल्स्ट्री डिजाइन, एंबियंट लाइटिंग और खासतौर पर दूसरी पंक्ति की सीटों में मसाज फंक्शन जैसी प्रीमियम सुविधाएं मिल सकती हैं। नए कलर ऑप्शन्स कंपनी नए कलर वेरिएंट्स भी पेश कर सकती है, जिससे ग्राहकों को ज्यादा पर्सनलाइजेशन का विकल्प मिलेगा। परफॉर्मेंस में बड़ा बदलाव: नया 8AT गियरबॉक्स सबसे अहम अपडेट ट्रांसमिशन में देखने को मिल सकता है। Volkswagen Taigun में अब 6-स्पीड ऑटोमैटिक की जगह 8-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक (8AT) गियरबॉक्स मिलने की उम्मीद है। हालांकि 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन की पावर (114bhp/178Nm) में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन नया गियरबॉक्स ड्राइव को ज्यादा स्मूद और रिफाइंड बनाएगा। क्या रह सकता है मिसिंग? जहां एक ओर नए फीचर्स जोड़े जा रहे हैं, वहीं कुछ आधुनिक टेक्नोलॉजी फीचर्स की कमी रह सकती है: ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) नहीं मिलेगा 360-डिग्री कैमरा की भी संभावना कम ये दोनों फीचर्स आजकल इस सेगमेंट में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, ऐसे में इनका न होना कुछ ग्राहकों को निराश कर सकता है। कीमत और पोजिशनिंग फेसलिफ्टेड Volkswagen Taigun की अनुमानित कीमत ₹12 लाख से ₹21 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच हो सकती है। यह SUV अपने प्रीमियम ड्राइविंग एक्सपीरियंस के कारण पहले से ही एक पसंदीदा विकल्प रही है। निष्कर्ष नई Taigun फेसलिफ्ट डिजाइन, इंटीरियर और ड्राइविंग अनुभव में सुधार के साथ एक मजबूत पैकेज बनकर आ सकती है। हालांकि, ADAS और 360° कैमरा जैसे फीचर्स की कमी इसे कुछ प्रतिस्पर्धियों से पीछे कर सकती है।
वियतनाम की उभरती ऑटोमोबाइल कंपनी VinFast भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार नए उत्पाद पेश कर रही है। इसी कड़ी में कंपनी ने अपनी नई इलेक्ट्रिक मल्टी-पर्पज़ व्हीकल VinFast MPV 7 की बुकिंग भारत में आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। यह प्रीमियम फीचर्स से लैस इलेक्ट्रिक MPV 15 अप्रैल 2026 को भारतीय बाजार में लॉन्च की जाएगी। भारत में तीसरी पेशकश, दो वेरिएंट में आएगी MPV 7 VinFast इससे पहले VinFast VF6 और VinFast VF7 को पेश कर चुकी है। अब कंपनी MPV सेगमेंट में एंट्री लेकर अपने पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। इस नई MPV को ड्यूल ब्रांडिंग के साथ पेश किया जाएगा- Limo Green वर्जन: कमर्शियल और फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए VF MPV 7: निजी ग्राहकों के लिए ₹21,000 की टोकन राशि के साथ इसकी बुकिंग शुरू हो चुकी है, जिससे कंपनी शुरुआती ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। डिजाइन: स्पेस और स्टाइल का संतुलन MPV 7 का डिजाइन VinFast की SUV लाइनअप से प्रेरित है। इसमें फ्रंट और रियर LED लाइट बार, वर्टिकल हेडलाइट्स और एयरो-डायनामिक अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। हालांकि इसका बॉक्सी लुक खासतौर पर केबिन स्पेस बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे यह फैमिली और कमर्शियल दोनों यूज़ के लिए उपयुक्त बनती है। इंटीरियर और फीचर्स केबिन को मिनिमलिस्ट और टेक-फोकस्ड रखा गया है। इसमें मिलते हैं- 10.1-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम फ्लोटिंग सेंटर कंसोल संभावित हेड-अप डिस्प्ले ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक 4 एयरबैग और ABS+EBD स्टीयरिंग-माउंटेड कंट्रोल्स ये फीचर्स इसे प्रीमियम MPV सेगमेंट में मजबूत दावेदार बनाते हैं। परफॉर्मेंस और बैटरी MPV 7 में 60.13kWh बैटरी पैक और फ्रंट-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है, जो 204bhp की पावर और 280Nm का टॉर्क जनरेट करता है। कंपनी का दावा है कि यह MPV एक बार चार्ज करने पर लगभग 450 किलोमीटर (NEDC) की रेंज दे सकती है। फास्ट चार्जिंग के लिए 80kW DC चार्जर का सपोर्ट दिया गया है, जिससे बैटरी 10% से 70% तक सिर्फ 30 मिनट में चार्ज हो सकती है। ऑफर्स और कस्टमर बेनिफिट्स VinFast इस MPV को “वैल्यू-फॉर-मनी” प्रोडक्ट के रूप में पेश कर रही है। शुरुआती ग्राहकों को मिल सकते हैं- ₹2 लाख तक EV इंसेंटिव फ्री चार्जिंग सुविधा बायबैक ऑप्शन 10 साल की बैटरी वारंटी साथ ही कंपनी की रेजिडुअल वैल्यू पॉलिसी के तहत- 2 साल में 75% वैल्यू 3 साल में 55% वैल्यू की गारंटी बाजार में मुकाबला भारतीय बाजार में MPV 7 का सीधा मुकाबला आने वाली इलेक्ट्रिक 3-रो गाड़ियों जैसे Kia Carens Clavis EV, Mahindra XEV 9S और BYD eMax 7 से होगा। Historical Fact 2 अप्रैल का इतिहास: महत्वपूर्ण घटनाएँ, जन्म और विशेष दिवस 2 अप्रैल इतिहास के पन्नों में कई उल्लेखनीय घटनाओं, महान व्यक्तित्वों के जन्म और महत्वपूर्ण उपलब्धियों के लिए दर्ज है। यह दिन विज्ञान, राजनीति, खेल और सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलावों का साक्षी रहा है। 2 अप्रैल की प्रमुख घटनाएँ 1984 – स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा ने सोयूज़ टी-11 मिशन के तहत अंतरिक्ष में जाकर इतिहास रचा और पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने। 1989 – फिलिस्तीन मुक्ति संगठन के नेता यासर अराफात फिलिस्तीन के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। 2007 – सोलोमन द्वीप में भीषण सुनामी ने भारी तबाही मचाई। 2011 – भारत ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को हराकर ICC क्रिकेट विश्व कप 2011 जीता, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास की ऐतिहासिक जीत रही। 2 अप्रैल को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति 1943 – बिंदेश्वर पाठक, ‘सुलभ इंटरनेशनल’ के संस्थापक और समाज सुधारक। 1891 – टी. बी. कुन्हा, गोवा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी। 1902 – बड़े ग़ुलाम अली ख़ाँ, शास्त्रीय संगीत के महान गायक। 1942 – रोशन सेठ, प्रसिद्ध अभिनेता। 1969 – अजय देवगन, बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता, निर्देशक और निर्माता। 1935 – ए. वी. रामा राव, प्रसिद्ध रसायनशास्त्री और आविष्कारक। 1881 – वी. वी. सुब्रमण्य अय्यर, क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी। 2 अप्रैल को हुए निधन 2023 – सलीम दुर्रानी, भारत के प्रसिद्ध क्रिकेट ऑलराउंडर। 1933 – रणजी (के. एस. रणजीतसिंहजी), भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी। 1907 – राधाकृष्ण दास, बहुभाषी साहित्यकार। 1825 – बन्धुल, प्रसिद्ध बर्मी सेनापति। 1720 – बालाजी विश्वनाथ, मराठा साम्राज्य के महत्वपूर्ण नेता। महत्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस – यह दिन ऑटिज़्म से जुड़े लोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें समाज में समान अवसर दिलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। निष्कर्ष 2 अप्रैल न केवल ऐतिहासिक घटनाओं का प्रतीक है, बल्कि यह दिन हमें प्रेरित करता है कि कैसे विज्ञान, खेल और समाज में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ मानव जीवन को नई दिशा देती हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।