बेंगलुरु ,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज राहुल द्रविड़ के बेटे समित द्रविड़ ने महाराजा ट्रॉफी KSCA टी20 2026 में अपनी आक्रामक और 360 डिग्री बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कल्याणी बेंगलुरु ब्लास्टर्स की ओर से खेलते हुए समित ने हुबली टाइगर्स के खिलाफ सिर्फ 23 गेंदों में 32 रन बनाए। उनकी पारी में 6 शानदार चौके शामिल रहे। मैदान के चारों ओर लगाए आकर्षक शॉट समित ने अपनी पारी के दौरान कवर ड्राइव, बैकफुट कट, पुल और लॉफ्टेड शॉट्स समेत मैदान के लगभग हर हिस्से में रन बटोरे। उनकी 360 डिग्री बल्लेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्रिकेट प्रशंसक उनकी तकनीक व आत्मविश्वास की जमकर तारीफ कर रहे हैं। बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने रोमांचक मुकाबला जीता इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए कल्याणी बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 203 रन बनाए। जवाब में हुबली टाइगर्स की टीम निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 201 रन ही बना सकी। इस तरह बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने 2 रन से रोमांचक जीत दर्ज की। 'राहुल द्रविड़ 2.0' और 'जूनियर वॉल' बता रहे फैंस समित की बल्लेबाजी देखने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस उन्हें 'राहुल द्रविड़ 2.0' और 'जूनियर वॉल' कहकर बुला रहे हैं। कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने भी उनकी तकनीक और शॉट चयन की सराहना की है। भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा समित द्रविड़ हाल के महीनों में लगातार घरेलू क्रिकेट में प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनका यही प्रदर्शन जारी रहा तो आने वाले वर्षों में वे भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
चेस्टर-ले-स्ट्रीट, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला लगातार बारिश के कारण रद्द हो गया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 189/7 का मजबूत स्कोर बनाया, लेकिन बारिश के चलते इंग्लैंड अपनी पारी का एक भी गेंद नहीं खेल सका। मुकाबला बिना परिणाम (No Result) समाप्त हुआ और सीरीज 0-0 से बराबरी पर है। श्रेयस और अभिषेक ने खेली दमदार पारियां भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने 47 गेंदों में 68 रन, जबकि अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 24 गेंदों में 59 रन की विस्फोटक पारी खेली। अंत में शिवम दुबे ने 21 गेंदों पर नाबाद 42 रन की तेज तर्रार पारी खेलकर भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। इंग्लैंड के तरफ से साकिब महमूद ने 3 विकेट लिए। दूसरा मुकाबला मैनचेस्टर में बारिश के कारण दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला। अब सीरीज का दूसरा टी20 शनिवार को मैनचेस्टर में खेला जाएगा, जहां दोनों टीमें जीत के साथ सीरीज में बढ़त बनाने की कोशिश करेंगी।
इस्लामाबाद/ल्यूसर्न: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर को लेकर एक सनसनीखेज दावा सामने आया है। ब्राजील के पत्रकार पेपे एस्कोबार ने आरोप लगाया है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने स्विट्जरलैंड दौरे के दौरान आसिम मुनीर और पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार और काल्पनिक बताया है। पत्रकार का दावा- मुनीर को निशाना बनाने की तैयारी कर रही थी मोसाद पेपे एस्कोबार ने राजनीतिक विश्लेषक मारियो नवफल के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान दावा किया कि पाकिस्तान की सेना को ऐसी विश्वसनीय जानकारी मिली थी, जिसके अनुसार मोसाद कथित रूप से आसिम मुनीर और पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही थी। एस्कोबार के अनुसार, यह कथित योजना उस समय बनाई गई जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न में महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठकों में भाग लेने पहुंचे थे। 'अगर प्रतिनिधिमंडल को नुकसान पहुंचाया तो...' पाकिस्तान की कथित चेतावनी ब्राजीलियाई पत्रकार ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान ने कथित तौर पर इजरायल को कड़ा संदेश भेजा था। उनके अनुसार, यह संदेश संभवतः ओमान के माध्यम से पहुंचाया गया था। एस्कोबार के मुताबिक, पाकिस्तान ने चेतावनी दी थी कि यदि उसके प्रतिनिधिमंडल को कोई नुकसान पहुंचाया गया तो इसका गंभीर परिणाम होगा। हालांकि इस कथित संदेश की किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान ने दावों को बताया पूरी तरह झूठा इन दावों के सार्वजनिक होने के बाद पाकिस्तान की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया सामने आई। पाकिस्तानी मीडिया संस्थान ARY News के चेयरमैन कामरान खान ने एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा कि यह खबर "पूरी तरह बकवास और वास्तविकता से परे" है। अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की स्विट्जरलैंड यात्रा पूरी तरह सामान्य रही और कार्यक्रम पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार संपन्न हुआ। यात्रा के दौरान किसी प्रकार का सुरक्षा अलर्ट जारी नहीं किया गया था। स्विस दौरे में नहीं मिला कोई सुरक्षा खतरा पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, न तो स्विस सुरक्षा एजेंसियों और न ही अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने यात्रा के दौरान किसी संभावित खतरे की जानकारी दी। सुरक्षा व्यवस्था सामान्य प्रोटोकॉल के तहत संचालित होती रही और पूरे दौरे में कोई असामान्य स्थिति दर्ज नहीं की गई। अधिकारियों ने कहा कि मोसाद से जुड़ी साजिश की कहानी का वास्तविक घटनाओं से कोई संबंध नहीं है। ईरान-अमेरिका वार्ता के दौरान स्विट्जरलैंड में मौजूद था पाकिस्तान गौरतलब है कि पाकिस्तान का यह दौरा ऐसे समय हुआ था जब अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने के लिए बातचीत चल रही थी। स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में आयोजित बैठकों के दौरान पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद थे। आसिम मुनीर की कथित हत्या की साजिश संबंधी दावों की अब तक किसी आधिकारिक एजेंसी या स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा प्रतिष्ठान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे अफवाह और अटकलों पर आधारित बताया है।
मैनचेस्टर, एजेंसियां। विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में गुरुवार को ग्रुप-ए के समीकरण बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गए हैं। भारतीय महिला टीम का सामना बांग्लादेश से होगा, जबकि दूसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की टीम नीदरलैंड से भिड़ेगी। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत, बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका तीनों टीमों के लिए जीत जरूरी है। तीन मैचों के बाद इन तीनों टीमों के चार-चार अंक हैं, जबकि नीदरलैंड पहले ही शीर्ष-4 की दौड़ से बाहर हो चुकी है। बांग्लादेश के खिलाफ भारत का शानदार रिकॉर्ड विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में बांग्लादेश की टीम भारत को अब तक एक भी बार नहीं हरा सकी है। दोनों टीमें टूर्नामेंट में तीन बार आमने-सामने आई हैं और हर बार भारतीय टीम ने जीत दर्ज की है। वहीं कुल टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की बात करें तो दोनों देशों के बीच 23 मैच खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 20 और बांग्लादेश ने केवल तीन मुकाबले जीते हैं। स्मृति मंधाना और श्री चरणी पर रहेंगी निगाहें भारतीय टीम की ओपनर स्मृति मंधाना शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने टूर्नामेंट के तीन मैचों में 159 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 154 से अधिक रहा है। गेंदबाजी में एन. श्री चरणी टूर्नामेंट की सबसे सफल गेंदबाज बनी हुई हैं। उन्होंने तीन मुकाबलों में 10 विकेट झटके हैं। इसके अलावा जेमिमा रोड्रिग्स से भी बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी। दूसरी ओर बांग्लादेश के लिए जुआरिया फिरदौस और संजीदा अख्तर मेघला प्रमुख खिलाड़ी होंगी। जुआरिया टीम की सबसे सफल बल्लेबाज रही हैं, जबकि संजीदा ने गेंद से प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। दक्षिण अफ्रीका को बड़ी जीत की तलाश दिन के दूसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका का सामना नीदरलैंड से होगा। दक्षिण अफ्रीका न केवल जीत बल्कि बेहतर नेट रन रेट के लिए बड़ी जीत दर्ज करना चाहेगा। मारिजान काप और कप्तान लौरा वोल्वार्ट टीम की प्रमुख उम्मीदें होंगी, जबकि नीदरलैंड की कप्तान बेबेट डी लीडे एक बार फिर टीम की सबसे बड़ी ताकत रहेंगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए महिला टी20 विश्व कप के हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हराकर टूर्नामेंट में दमदार जीत दर्ज की। इस मुकाबले की सबसे बड़ी नायिका स्टार ओपनर स्मृति मंधाना रहीं, जिन्होंने दबाव भरी परिस्थितियों में शानदार अर्धशतक जड़कर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। एक छक्के से बदला मुकाबले का पूरा रंग भारतीय पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुरुआती नौ ओवरों में पाकिस्तान के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स के विकेट जल्दी निकाल लिए। रन बनाने में संघर्ष कर रही भारतीय टीम पर दबाव बढ़ता जा रहा था। इसी दौरान 10वें ओवर में स्मृति मंधाना ने क्रीज से बाहर निकलकर लंबा छक्का जड़ा, जिसने मैच की दिशा बदल दी। इसके बाद उन्होंने स्पिन गेंदबाजों पर लगातार आक्रामक शॉट खेलते हुए चौके-छक्कों की बरसात की और शानदार अर्धशतक पूरा किया। उनकी तेजतर्रार बल्लेबाजी से पाकिस्तान की गेंदबाजी रणनीति पूरी तरह बिखर गई। ऋचा घोष ने दिलाई मजबूत फिनिश मंधाना के आउट होने के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने अंतिम ओवरों में तेज रन बटोरते हुए भारत का स्कोर 170 रन तक पहुंचा दिया। चुनौतीपूर्ण लक्ष्य ने पाकिस्तान पर अतिरिक्त दबाव बना दिया। दीप्ति और श्री चरनी ने तोड़ी पाकिस्तान की कमर 171 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने पावरप्ले में 52 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की। हालांकि इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी की। दीप्ति शर्मा और श्री चरनी ने मध्यक्रम को लगातार झटके देकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से पाकिस्तान की पूरी टीम दबाव में आ गई और लक्ष्य से काफी दूर रह गई। मैच के बाद पाकिस्तान के मुख्य कोच वहाब रियाज ने स्वीकार किया कि स्मृति मंधाना की आक्रामक बल्लेबाजी ने उनकी पूरी रणनीति को विफल कर दिया। भारत ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी पर यादगार जीत दर्ज की।
राज्य की बहुप्रतीक्षित झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) का आगाज 10 जून से होने जा रहा है। टूर्नामेंट में कुल छह टीमें हिस्सा लेंगी और इसके लिए आयोजित खिलाड़ियों की नीलामी में कई बड़े नामों पर जमकर बोली लगी। सबसे ज्यादा चर्चा युवा बल्लेबाज रोबिन मिंज की रही, जो इस ऑक्शन के सबसे महंगे खिलाड़ी बने। रॉबिन मिंज पर लगी सबसे बड़ी बोली आईपीएल में Mumbai Indians का हिस्सा रह चुके बाएं हाथ के बल्लेबाज रॉबिन मिंज को कोयलांचल सुपर किंग्स ने 15.25 लाख रुपये में खरीदा। झारखंड क्रिकेट में उन्हें "क्रिस गेल ऑफ झारखंड" के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि आईपीएल में वह अभी तक अपनी प्रतिभा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं, लेकिन उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी क्षमता को देखते हुए फ्रेंचाइजी ने उन पर बड़ा दांव लगाया है। ईशान किशन दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी भारतीय टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज Ishan Kishan भी नीलामी का प्रमुख आकर्षण रहे। उन्हें संथाल स्ट्राइकर्स ने 14.70 लाख रुपये में खरीदा। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ईशान किशन जो इतने अच्छे फॉर्म में और क्रिकेट में पूरी तरह फिर से वापसी कर चुके है। इतना ही नहीं IPL 2026 में भी सनरायझर्स हैदराबाद की और से भी विकेटकीपिंग करते नजर आए। दरअसल बात यह हैं कि पुरे JPL में उनकी उपस्तिथि बहुत कम रहेगी। पुरे सीरीज में वह कह सकते कि 1 या 2 मैच ही खेल पाएंगे। कारण उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। यह सीरीज 13 से 20 जून के बीच खेली जाएगी, जिससे यहां कुछ मैच मिस होंगे । अब जानते है टीम और खिलाडियों के बारे में? इस सीजन में छोटा नागपुर रॉयल्स, धनबाद डायमंड्स, जमशेदपुर स्टीलर्स, कोयलांचल सुपर किंग्स, रांची टाइटंस और संथाल स्ट्राइकर्स खिताब के लिए भिड़ेंगी। सभी टीमों ने अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलित संयोजन तैयार किया है। • छोटा नागपुर रॉयल्स: विराट सिंह, मोहम्मद नाजिम सिद्दीकी, विकाश सिंह, कुमार कुशाग्र, सुप्रियो चक्रवर्ती, पंकज यादव, मोहित कुमार, दीपांशु रावत, सोनू कुमार सिंह, वरुण कुमार सिंह, ऋत्विक पाठक, दुर्गेश कुमार, चंदन मुखी, आर्यमान लाला, श्रेष्ठ सागर, राहुल रजक, अविनाश कुमार, हिमांशु द्विवेदी। • धनबाद डायमंड्स: सुशांत मिश्रा, पंकज कुमार, बाल कृष्ण, अतुल सिंह सुरवार, राम रोशन सरन, बिसेश दत्ता, विकाश कुमार विशाल, मो. शमशाद, विवेकानंद तिवारी, आर्यमन सेन, आदित्य सिंह, तनिष चौबे, प्रभात कुमार यादव, मीत जैन, हिमांशु रंजन कुमार, अभिषेक यादव, गौरव सिंह, सिद्धार्थ सिन्हा। • जमशेदपुर स्टीलर्स: मोहम्मद कौनैन कुरैशी, साहिल राज, कुमार देवब्रत, अनुकूल रॉय, प्रतीक रंजन, नितिन कुमार पांडे, रवि शर्मा, हर्ष राणा, आदर्श गिरी, कुमार करण, समीर शर्मा, सिद्धांत रघुवंशी, अमन कुमार, रितिक अनंत, मणिकांत मिश्रा, अनुराग सिंह सेंगर, प्रांजल कुमार, जसराज सिंह। • कोयलांचल सुपर किंग्स: रॉबिन मिंज, शुभ शर्मा, उत्कर्ष सिंह, अमित कुमार, हर्ष राज, शरणदीप सिंह, योगेश भास्कर, सत्यम सिंह, राहुल प्रसाद, सेंटू कुमार यादव, आदित्य झा, गुंजन यादव, लक्ष्य, अभिनव शरण, जुनैद अशरफ, सनी सचिन तिवारी, संजीव चतुर्वेदी। • रांची टाइटंस: शिखर मोहन, राजनदीप सिंह, श्रेष्ठ, जतिन पांडे, सौरभ शेखर, आयुष भारद्वाज, प्रिंस मुर्मू, आर्यन हुडा, यश भगत, ईशान ओम, कुमार अंकित, सचिन यादव, ओम सिंह, सत्या सेतु, प्रेम कुमार चौरसिया, मुकेश कुमार, युवराज सिंह, युवराज कुमार। • संथाल स्ट्राइकर: ईशान किशन, अरविंद कुमार, सुमित कुमार, अनमोल राज, मनीषी, विवेक कुमार, रेयान सपकोटा, रवि यादव, प्रत्यूष कुमार, विकास कुमार, कुमार सूरज, रौनक कुमार, ओजस वर्धन, रितेश पटेल, विभोर पांडे, सादाब हुसैन, संजीत शर्मा, आशीष कुमार।
मुंबई, एजेंसियां। IPL 2026 गजब का रहा है। लीग स्टेज खत्म होते-होते IPL 2026 रनरेट, सिक्सर्स और 200 से ऊपर के स्कोर के मामलों में अब तक का सबसे बड़ा सीजन बन गया है। 70 मैचों में ही 61 बार 200 या इससे ज्यादा का स्कोर बन चुका है। शुरुआती 9 सीजन- 2008 से 2016 तक हुए 538 मैचों में 57 बार ही 200+ का स्कोर बना था। 8 बिंदुओं में समझिये क्यों गजब का है ये IPL ... 1. सबसे तेज रनरेट वाला सीजन इस सीजन का ओवरऑल रनरेट 9.85 रहा, जो IPL इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में रनरेट 9.62 और 2024 में 9.56 था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन का रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था। 2008 में IPL का रनरेट 8.30 था, यानी 18 साल में बल्लेबाजी की गति करीब डेढ़ रन प्रति ओवर बढ़ चुकी है। 2. 61 बार बने 200+ स्कोर, बड़े टारगेट भी अब सुरक्षित नहीं IPL 2025 में 52 बार 200+ स्कोर बने थे, लेकिन 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 61 तक पहुंच गया। यह IPL इतिहास में किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ टोटल हैं। खास बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में 20 से ज्यादा बार 200+ स्कोर नहीं बने थे। इस सीजन सिर्फ बड़े स्कोर ही नहीं बने, बल्कि बड़े टारगेट चेज करना भी आम हो गया। IPL 2026 में 16 बार 200+ रनचेज हुए, जो किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले 2025 में 9 और 2023 में 8 बार ऐसा हुआ था। सबसे बड़ा बदलाव 220+ टारगेट चेज में देखने को मिला। इस सीजन 220 या उससे ज्यादा का स्कोर 9 बार चेज हुआ, जबकि IPL के पहले 18 सीजन मिलाकर ऐसा सिर्फ 5 बार हुआ था। इस सीजन सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स ने सबसे ज्यादा 9-9 बार 200+ स्कोर बनाए, जो किसी एक टी-20 टूर्नामेंट में किसी टीम द्वारा सबसे ज्यादा हैं। 3. पहली पारी का औसत स्कोर और विनिंग टोटल रिकॉर्ड स्तर परः IPL 2026 सिर्फ रनरेट और 200+ स्कोर के मामले में ही नहीं, बल्कि औसत स्कोरिंग में भी सबसे आगे निकल गया। इस सीजन में पहली पारी का औसत स्कोर 192 रहा, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह 191 और 2024 में 190 था। सबसे बड़ा बदलाव विनिंग टोटल में देखने को मिला। IPL 2026 में जीतने वाली टीम का औसत स्कोर 217 रहा, जो IPL इतिहास में पहली बार 215 के पार पहुंचा। इससे पहले 2025 में यह 211 और 2024 में 211 था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में औसत विनिंग स्कोर 200 तक नहीं पहुंचा था। इस सीजन का सबसे बड़ा टोटल पंजाब किंग्स के नाम हैं टीम ने दिल्ली के खिलाफ 265/4 का स्कोर बनाया था। यह IPL का सबसे बड़ा रनचेज भी है। 4. शतकों में रिकॉर्ड की बराबरी, अभी 4 मैच बाकी इस सीजन के लीग मैचों में ही अब तक 14 शतक लग चुके हैं। यह किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी है। इससे पहले 2024 में भी 14 सेंचुरी बनी थीं। अभी IPL 2026 में प्लेऑफ के मैच होने हैं। ऐसे में उम्मीद हैं कि यह रिकॉर्ड भी टूट जाए। 2022 तक किसी भी सीजन में 10 से ज्यादा शतक नहीं लगे थे। 5. हर 12वीं गेंद पर सिक्सः 2025 में 1294 और 2024 में 1260 सिक्स लगे थे, लेकिन 2026 ने इन दोनों रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया। इस सीजन अब तक 1349 छक्के लग चुके हैं। सबसे बड़ा बदलाव सिक्स लगाने की फ्रीक्वेंसी में देखने को मिला। इस सीजन करीब हर 12 गेंद पर एक छक्का लगा, जो IPL इतिहास में सबसे तेज है। 2009 में जहां एक सिक्स के लिए औसतन 26 गेंद लगती थीं, वहीं अब बल्लेबाज लगभग हर दो ओवर में एक सिक्स लगा रहे हैं। इस सीजन पंजाब किंग्स ने लीग स्टेज में सबसे ज्यादा 163 सिक्स लगाए, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद ने 162 सिक्स जड़े। IPL इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा 178 छक्कों का रिकॉर्ड हैदराबाद के नाम है, जिसे टीम प्लेऑफ में तोड़ सकती है। 6. पहली बार पावरप्ले में रनरेट 10 से ऊपर पहुंचा IPL इतिहास में पहली बार पावरप्ले (1-6 ओवर) का रनरेट 10 के पार पहुंच गया। इससे पहले 2025 में यह 9.60 और 2024 में 9.47 था। 2022 तक किसी भी सीजन में पावरप्ले रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था। इस सीजन का हाईएस्ट पावरप्ले टोटल पंजाब किंग्स के नाम है। टीम ने दिल्ली के खिलाफ शुरुआती 6 ओवर में 116 रन बनाए थे। 7. गेंदबाजों की शामत, पेसर्स-स्पिनर्स दोनों पिटे IPL 2026 का हाई स्कोरिंग ट्रेंड गेंदबाजों पर सबसे भारी पड़ा। यह सीजन स्पिनर्स और पेसर्स, दोनों के लिए सबसे महंगा साबित हुआ। स्पिन गेंदबाजों ने 9.26 की इकोनॉमी से रन दिए, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह आंकड़ा 8.86 और 2024 में 8.68 था। तेज गेंदबाजों की स्थिति भी ज्यादा अलग नहीं रही। IPL 2026 में पेसर्स की और इकोनॉमी 9.94 रही। यह IPL इतिहास में सबसे खराब हैं। इससे पहले 2025 में पेसर्स की इकॉनमी 9.90 और 2024 में 9.78 थी। इस सीजन लीग स्टेज के टॉप-10 विकेट टेकरों में सिर्फ दो स्पिनर्स शामिल हैं- राशिद खान (19 विकेट) और सुनील नरेन (15 विकेट)। गुजरात के प्लेऑफ में पहुंचने के कारण संभावना है कि सीजन खत्म होने तक राशिद ही टॉप-10 में अकेले स्पिनर बचें। इससे पहले ऐसा सिर्फ 2016 में हुआ था, जब युजवेंद्र चहल टॉप-10 में शामिल अकेले स्पिनर थे। 8. फील्डिंग प्रेशर में, 169 कैच छूटे हाई-स्कोरिंग क्रिकेट का असर सिर्फ गेंदबाजों पर नहीं, बल्कि फील्डिंग पर भी साफ दिखाई दिया। IPL 2025 में रिकॉर्ड 188 कैच छोड़े गए थे, जबकि 2026 में यह संख्या 169 रही। 2022 के बाद लगातार हर सीजन में 148 से ज्यादा कैच छूटे हैं। टीमों के हिसाब से देखें तो इस सीजन सबसे खराब फील्डिंग रिकॉर्ड हैदराबाद का रहा। टीम ने सबसे ज्यादा 26 कैच छोड़े। इसके बाद पंजाब और चेन्नई ने 20-20 कैच ड्रॉप किए।
हैदराबाद, एजेंसियां। IPL में शुक्रवार को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को 55 रन से हरा दिया। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में हैदराबाद ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग की। उसने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 255 रन बनाए। जवाब में बेंगलुरु 4 विकेट खोकर 200 रन ही बना सकी। इस हार के बावजूद बेंगलुरु लीग स्टेज में टॉप बनी रही। वहीं, हैदराबाद जीत के साथ तीसरे स्थान पर है। अब IPL 2026 का पहला क्वालिफायर बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा। पाटीदार ने 56 रन की पारी खेली 256 रन के टारगेट का पीछा करते हुए ओपनर वेंकटेश अय्यर ने 19 गेंदों में 44 रन बनाए। इसके बाद कप्तान रजत पाटीदार ने 39 गेंदों में 56 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की, जबकि देवदत्त पडिक्कल ने 21 रन का योगदान दिया। विराट कोहली इस बार बड़ी पारी नहीं खेल सके और 15 रन बनाकर आउट हो गए। अंत में कुणाल पंड्या 41 और टिम डेविड 15 रन बनाकर नाबाद लौटे, लेकिन टीम 20 ओवर में 200/4 तक ही पहुंच सकी। सनराइजर्स के लिए ईशान मलिंगा सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 2 विकेट लिए, जबकि साकिब हुसैन और ट्रैविस हेड को 1-1 विकेट मिला। हैदराबाद के तीन बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाए हैदराबाद के लिए अभिषेक शर्मा ने 22 गेंदों में 56 रन की पारी खेलकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई, जबकि ईशान किशन ने 46 गेंदों में 79 रन बनाकर पारी को संभाला। हेनरिक क्लासन ने भी 24 गेंदों में 51 रन की पारी खेली। आखिर में नितीश कुमार रेड्डी ने 12 गेंदों में नाबाद 29 रन जोड़कर टीम को 250 के पार पहुंचाया। बेंगलुरु के गेंदबाज पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए, जहां रसिख सलाम ने 2 विकेट लिए, जबकि सुयश शर्मा और क्रुणाल पंड्या को 1-1 सफलता मिली।
धर्मशाला, एजेंसियां। मुंबई इंडियंस ने रोमांचक मुकाबले में पंजाब किंग्स को 6 विकेट से हरा दिया। आखिरी ओवर में टीम को 15 रन चाहिए थे, जिसे उसने 1 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया। जीत के हीरो तिलक वर्मा रहे, जिन्होंने 33 गेंदों में नाबाद 75 रन बनाए। पंजाब की यह लगातार 5वीं हार रही। पंजाब ने 200 रन बनाये गुरुवार को धर्मशाला के HPCA स्टेडियम में पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 200 रन बनाए। जवाब में मुंबई ने 19.5 ओवर में 4 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। तिलक-जैक्स के बीच नाबाद 56 रन की साझेदारी मुंबई के लिए तिलक के अलावा रायन रिकल्टन ने 48 रन बनाए, जबकि विल जैक्स ने 10 गेंदों में नाबाद 25 रन की तेज पारी खेली। तिलक और जैक्स के बीच 5वें विकेट के लिए नाबाद 56 रन की साझेदारी हुई। पंजाब के लिए अजमतुल्लाह ओमरजई ने 2 विकेट लिए। युजवेंद्र चहल और मार्को यानसन को 1-1 सफलता मिली। प्रभसिमरन सिंह का अर्धशतक पंजाब के लिए प्रभसिमरन सिंह ने सबसे ज्यादा 57 रन बनाए, जबकि अजमतुल्लाह ओमरजई ने 17 गेंदों में 38 रन की विस्फोटक पारी खेली। आखिर में जेवियर बार्टलेट ने 7 गेंदों में नाबाद 18 रन जोड़कर टीम को 200 तक पहुंचाया। प्रभसिमरन और प्रियांश के बीच पहले विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी हुई। वहीं, प्रभसिमरन ने दूसरे विकेट के लिए कोनोली के साथ 57 रन जोड़े। मुंबई के लिए शार्दूल ठाकुर सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 4 विकेट लिए। वहीं, दीपक चाहर को 2 विकेट मिले। शुरुआत में पंजाब ने तेज रन बनाए, लेकिन बीच के ओवरों में लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई। इसके बावजूद उमरजई और बार्टलेट की तेज पारियों ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया।
आईपीएल 2026 के मुकाबले में Lucknow Super Giants को Rajasthan Royals के खिलाफ 40 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज Jofra Archer की घातक गेंदबाजी ने लखनऊ की बल्लेबाजी को पूरी तरह से झकझोर दिया। 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम मात्र 119 रनों पर सिमट गई। हार के बाद कप्तान Rishabh Pant काफी निराश नजर आए और उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके पास इस हार का कोई ठोस जवाब नहीं है। “जवाब बाहर नहीं, अंदर ढूंढने होंगे” – पंत मैच के बाद पंत ने स्वीकार किया कि टीम पिच को सही तरीके से समझने में असफल रही। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी यूनिट ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया, जिससे टीम को भारी नुकसान हुआ। पंत ने कहा, “मेरे पास इस हार का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। हमें अपने अंदर झांककर सुधार करना होगा। बल्लेबाजों को थोड़ा समय लेकर खेलना चाहिए था।” उन्होंने यह भी माना कि वह खुद अपनी पारी को लंबा नहीं खींच पाए, जो टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। पंत के मुताबिक, पूरी बल्लेबाजी इकाई को जिम्मेदारी लेनी होगी और गलतियों से सीखना होगा। गेंदबाजों की तारीफ, उम्मीदें बरकरार पंत ने टीम के गेंदबाजों के प्रदर्शन, खासकर Mohammed Shami की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं, जिन पर टीम आगे काम कर सकती है। उन्होंने भरोसा जताया कि अभी टूर्नामेंट में काफी मैच बाकी हैं और टीम वापसी कर सकती है। “पहले से अंदाजा था कि गेंद स्विंग करेगी” – रियान पराग वहीं राजस्थान के कप्तान Riyan Parag ने जीत के बाद कहा कि पिच गेंदबाजों के अनुकूल थी और उन्हें पहले से अंदाजा था कि गेंद स्विंग करेगी। उन्होंने Nandre Burger और जोफ्रा आर्चर की शानदार लाइन-लेंथ की जमकर तारीफ की और टीम के सकारात्मक माहौल को जीत का अहम कारण बताया। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ जडेजा का खास बयान मैच में अहम भूमिका निभाने वाले Ravindra Jadeja ने नाबाद 43 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता। उन्होंने यह अवॉर्ड अपनी पत्नी रिवाबा जडेजा को समर्पित किया। जडेजा ने कहा कि पिच बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं थी और गेंद लगातार सीम और स्विंग कर रही थी। उन्होंने हालात के अनुसार धैर्य से खेलते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
मुंबई, एजेंसियां। आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ अपनी आतिशी बल्लेबाजी से सुर्खियां तो बटोरीं, लेकिन उनके आउट होने के तरीके ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 26 गेंदों पर 78 रन बनाने वाले वैभव एक बेहद साधारण शॉट खेलकर उस समय आउट हो गए जब उनकी टीम एक ऐतिहासिक स्कोर की ओर बढ़ रही थी। मैच के बाद खुद खिलाड़ी ने भी स्वीकार किया कि उनकी इस लापरवाही की वजह से टीम के खाते में 10 से 20 रन कम जुड़े, जो अंत में टीम के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते थे। विराट के हाथों में थमाया कैच और थमी रनों की रफ्तार राजस्थान की पारी के 9वें ओवर में जब वैभव पूरी तरह सेट हो चुके थे और मैच का रुख तय कर चुके थे, तब उन्होंने क्रुणाल पांड्या की गेंद पर एक अनावश्यक और खराब शॉट खेला। गेंद सीधे विराट कोहली के हाथों में गई और वैभव की आक्रामक पारी का असमय अंत हो गया। उन्होंने अपनी इस पारी में 8 चौके और 7 छक्के जरूर लगाए, लेकिन उनके इस गैर-जिम्मेदाराना विकेट ने मिडिल ऑर्डर पर अचानक दबाव बढ़ा दिया। विशेषज्ञों और कमेंटेटर्स का मानना है कि यदि वे क्रीज पर थोड़ा और संयम दिखाते, तो राजस्थान की जीत और भी बड़ी हो सकती थी। मोहम्मद कैफ और सबा करीम जैसे दिग्गजों ने स्पष्ट किया कि वैभव से इस मैच में शतक की उम्मीद थी, लेकिन एक 'लूज शॉट' ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। वैभव ने खुद स्वीकार किया कि जब वह गलत शॉट खेलकर आउट होते हैं, तो उन्हें गहरा अफ़सोस होता है क्योंकि इससे टीम को नुकसान पहुंचता है। दिग्गजों को निशाना बनाने की जिद पड़ सकती है भारी वैभव की बल्लेबाजी शैली को लेकर पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान और हरभजन सिंह ने एक अलग थ्योरी पेश की है। उनका दावा है कि वैभव जानबूझकर जसप्रीत बुमराह, जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार जैसे बड़े कद वाले गेंदबाजों को टारगेट करते हैं। यह 'अति-आक्रामकता' किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए भविष्य में जोखिम भरी साबित हो सकती है। इरफान पठान ने कहा कि गेंदबाज अब उनसे डरने लगे हैं, लेकिन यह रणनीति हमेशा सफल नहीं होती। जसप्रीत बुमराह की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ना या हेजलवुड के एक ओवर में लगातार प्रहार करना सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन अनुभवी गेंदबाजों के सामने ऐसी 'बिंदास' शैली अक्सर जल्दी विकेट गंवाने का कारण बनती है। दिग्गजों का मानना है कि बड़े गेंदबाजों के खिलाफ ऐसी आक्रामकता दिखाने के चक्कर में वे अक्सर अपनी पारी को लंबा नहीं खींच पाते। आंकड़ों का मायाजाल और परिपक्वता का अभाव आंकड़े बताते हैं कि वैभव ने आईपीएल के 11 मैचों में 230 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से 452 रन बनाए हैं। इस सीजन के केवल 4 मैचों में ही वे 18 छक्के जड़ चुके हैं, जो उन्हें लीग की छक्का सूची में शीर्ष पर रखता है। हालांकि, इन बड़े नंबरों के पीछे वह परिपक्वता अभी भी नजर नहीं आ रही है जिसकी उम्मीद एक सलामी बल्लेबाज से की जाती है। उनके नाम अब तक कुल 36 चौके और 42 छक्के दर्ज हैं, लेकिन जब तक वे अपनी पारी को बड़े शतकीय स्कोर में तब्दील करने की क्षमता विकसित नहीं करते, तब तक ये छोटी-बड़ी आक्रामक पारियां टीम के लिए पूर्ण रूप से संतोषजनक नहीं होंगी। उनकी प्रैक्टिस और मैच की परिस्थितियों के बीच तालमेल की कमी उनके 'डिसमिसल' में साफ झलकती है। शोहरत के बीच एकाग्रता की चुनौती वैभव सूर्यवंशी का यह सार्वजनिक अफ़सोस उनकी टीम के लिए एक चिंता का विषय है। 15 साल की कच्ची उम्र में मिली यह अत्यधिक शोहरत कहीं उनकी एकाग्रता को भंग न कर दे, इसे लेकर उनके कोच और टीम मैनेजर रोमी भिंडर लगातार उन्हें सतर्क कर रहे हैं। उनके पिता ने भी उन्हें गेम पर फोकस करने की सलाह दी है। मैदान पर उनकी शैली कभी-कभी आत्मविश्वास के बजाय गैर-जिम्मेदारी की ओर झुकती दिखाई देती है। आगामी मुकाबलों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वैभव अपनी इन गलतियों से सीख लेकर लंबी पारियां खेल पाते हैं, या फिर 'लूज शॉट' खेलकर आउट होने का यह सिलसिला उनके करियर के लिए एक बड़ा रोड़ा साबित होगा।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान के उभरते सितारे Sahibzada Farhan को शानदार प्रदर्शन का बड़ा इनाम मिला है। International Cricket Council (ICC) ने उन्हें फरवरी 2026 के लिए ‘मेन्स प्लेयर ऑफ द मंथ’ चुना है। यह सम्मान उन्हें ICC Men's T20 World Cup 2026 में उनके धमाकेदार प्रदर्शन के लिए दिया गया है, जहां उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक में खास जगह बना ली। रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन से जीता दिल साहिबजादा फरहान ने पूरे टूर्नामेंट में कुल 383 रन बनाए, जो इस एडिशन में सबसे ज्यादा रहे। उन्होंने दो शतक लगाए वह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में एक ही संस्करण में दो शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए उनका पहला शतक नामीबिया के खिलाफ आया, जहां उन्होंने 58 गेंदों में 100 रन ठोके। दूसरा शतक श्रीलंका के खिलाफ पल्लेकेले में आया, जिसमें उन्होंने अपने ओपनिंग पार्टनर Fakhar Zaman के साथ 176 रन की शानदार साझेदारी की। टीम के लिए अकेले संभाला मोर्चा पूरे टूर्नामेंट में फरहान ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी लगभग अकेले ही संभाली। मुश्किल परिस्थितियों में भी उनकी निरंतरता और आक्रामकता ने उन्हें इस अवॉर्ड का सबसे मजबूत दावेदार बनाया। फरहान ने अवॉर्ड मिलने पर कहा कि यह उनके लिए “अविश्वसनीय एहसास” है और दुनियाभर के फैंस का समर्थन इसे और खास बनाता है। PCB विवादों के बीच आई राहत टूर्नामेंट से पाकिस्तान के बाहर होने के बाद Pakistan Cricket Board (PCB) पर खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें सामने आई थीं। हालांकि बोर्ड ने इन दावों को खारिज कर दिया और कहा कि कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया गया है, लेकिन भविष्य में जवाबदेही सुनिश्चित करने के उपाय किए जाएंगे। ऐसे माहौल में फरहान का यह अवॉर्ड पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक बड़ी सकारात्मक खबर बनकर सामने आया है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।