Gemini AI

Google Android Show presentation highlighting Quick Share, Gemini AI, and Android Auto new features
Google के Android Show में बड़े ऐलान, अब Android से iPhone में होगा आसान फाइल शेयर

Google ने पेश किए Android के नए AI और स्मार्ट फीचर्स Google ने “The Android Show: I/O Edition” इवेंट में Android यूजर्स के लिए कई बड़े फीचर्स का ऐलान किया है। कंपनी ने Quick Share, AI फीचर्स, Android Auto और नए इमोजी समेत कई अपडेट्स पेश किए, जो इस साल अलग-अलग डिवाइसेज में रोलआउट किए जाएंगे। सबसे ज्यादा चर्चा Quick Share और Apple AirDrop के बीच आने वाली नई compatibility को लेकर हो रही है। अब Android से iPhone में भी होगा फाइल शेयर Google ने घोषणा की है कि अब Android का Quick Share फीचर Apple के AirDrop के साथ काम करेगा। इसका मतलब है कि Android यूजर्स आसानी से iPhone में फाइल शेयर कर सकेंगे। शुरुआत Google Pixel 10 से होगी, जिसके बाद यह फीचर Samsung, Oppo, OnePlus, Vivo, Xiaomi और Honor के चुनिंदा डिवाइसेज में भी आएगा। इसके अलावा यूजर्स QR Code बनाकर किसी भी iPhone में क्लाउड के जरिए फाइल भेज सकेंगे। Chrome में आएंगे Gemini AI फीचर्स Google ने बताया कि अगले महीने से Android के Google Chrome में Gemini AI फीचर्स शामिल किए जाएंगे। Gemini की मदद से यूजर्स: लंबे आर्टिकल का सार पढ़ सकेंगे वेबपेज से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे कठिन विषयों की आसान व्याख्या पा सकेंगे कैलेंडर में इवेंट जोड़ सकेंगे Gmail से जानकारी खोज सकेंगे Keep में रेसिपी सेव कर सकेंगे AI Agent खुद करेगा ऑनलाइन काम Google ने “Auto Browse” नाम का AI एजेंट भी पेश किया है। यह फीचर यूजर्स की तरफ से वेबसाइट्स पर जाकर मल्टी-स्टेप काम पूरा कर सकेगा। उदाहरण के तौर पर: ऑनलाइन शॉपिंग फॉर्म भरना टिकट या बुकिंग करना हालांकि शुरुआती चरण में यह फीचर भारत में उपलब्ध नहीं होगा। Android Auto में मिलेगा 3D Navigation Android Auto को भी बड़ा अपडेट मिलने जा रहा है। अब Google Maps में Immersive Navigation फीचर मिलेगा, जिसमें: 3D बिल्डिंग्स फ्लाईओवर ट्रैफिक लाइट लेन गाइडेंस स्टॉप साइन जैसी चीजें ज्यादा स्पष्ट दिखाई देंगी। इसके अलावा Android Auto में पहली बार YouTube वीडियो सपोर्ट भी जोड़ा जा रहा है। यूजर्स गाड़ी पार्क होने पर Full HD वीडियो देख सकेंगे। इन कार कंपनियों को मिलेगा सपोर्ट नई सुविधाएं कई ऑटोमोबाइल ब्रांड्स की गाड़ियों में आएंगी, जिनमें शामिल हैं: BMW Ford Hyundai Kia Mahindra Mercedes-Benz Škoda Auto Tata Motors Volvo Android में आएंगे नए Emoji और Screen Reactions Google Android में कई नए इमोजी भी जोड़ रहा है और पुराने इमोजी का डिजाइन बदल रहा है। साथ ही “Screen Reactions” फीचर भी लाया जा रहा है, जिससे यूजर्स स्क्रीन रिकॉर्डिंग के साथ अपना वीडियो रिएक्शन भी जोड़ सकेंगे। यह फीचर खासतौर पर सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के लिए उपयोगी माना जा रहा है। Instagram के लिए बेहतर कैमरा सपोर्ट Meta के साथ साझेदारी के तहत Android फोन्स में Instagram अपलोड के दौरान बेहतर कैमरा क्वालिटी मिलेगी। इसमें शामिल होंगे: Ultra HDR फोटो Night Sight Built-in Video Stabilisation जिससे सोशल मीडिया कंटेंट की क्वालिटी और बेहतर होगी।  

surbhi मई 13, 2026 0
Google Android Show 2026 promotional screen highlighting Android 17, Gemini AI and upcoming Android ecosystem updates
Google Android Show 2026 आज, Android 17 से Gemini AI तक कई बड़े ऐलान संभव

Google आज अपने खास इवेंट The Android Show 2026 का आयोजन करने जा रहा है। कंपनी का यह प्री-रिकॉर्डेड शो Android यूजर्स और डेवलपर्स के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें Android इकोसिस्टम से जुड़े कई बड़े अपडेट्स और नए AI फीचर्स पेश किए जा सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस इवेंट में Android 17, Gemini AI और Android XR से जुड़े नए फीचर्स की झलक देखने को मिल सकती है। इसके अलावा लंबे समय से चर्चा में चल रहे Aluminium OS प्रोजेक्ट पर भी कंपनी अपडेट दे सकती है। कब और कहां देख सकते हैं The Android Show 2026? The Android Show 2026 भारत में 12 मई को रात 10:30 बजे (IST) शुरू होगा। यूजर्स इसे Google YouTube Channel और Google Events Page पर ऑनलाइन देख सकेंगे। इस बार कंपनी लाइव कीनोट की बजाय प्री-रिकॉर्डेड प्रेजेंटेशन पेश करेगी, जिसमें Android और उससे जुड़े प्लेटफॉर्म्स के आने वाले अपडेट्स दिखाए जाएंगे। वहीं Google I/O 2026 का आयोजन 19 और 20 मई को Shoreline Amphitheatre में किया जाएगा। Android 17 की पहली झलक मिलने की उम्मीद हर साल की तरह इस बार भी Google अपने मुख्य डेवलपर कॉन्फ्रेंस से पहले अलग Android इवेंट आयोजित कर रहा है। माना जा रहा है कि कंपनी यहां Android 17 की शुरुआती झलक दिखा सकती है। लीक्स और डेवलपर प्रीव्यू के अनुसार Android 17 में मल्टीटास्किंग को और बेहतर बनाया जा सकता है। इसके अलावा स्क्रीन रिकॉर्डिंग टूल्स में अपग्रेड और बड़े स्क्रीन डिवाइसेस के लिए बेहतर इंटरफेस देखने को मिल सकता है। Aluminium OS से उठ सकता है पर्दा रिपोर्ट्स के मुताबिक, Google इस इवेंट में Aluminium OS प्रोजेक्ट पर भी चर्चा कर सकता है। कहा जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट Android और ChromeOS को एक यूनिफाइड प्लेटफॉर्म एक्सपीरियंस में बदलने की दिशा में काम कर रहा है। हालांकि कंपनी ने अब तक इस नए सिस्टम को आधिकारिक तौर पर लॉन्च नहीं किया है, लेकिन टेक इंडस्ट्री में इसे लेकर काफी चर्चा है। AI फीचर्स पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस इस बार इवेंट का सबसे बड़ा आकर्षण AI फीचर्स हो सकते हैं। Gemini AI और Android XR से जुड़े कई नए टूल्स और फीचर्स पेश किए जाने की उम्मीद है। पिछले साल कंपनी ने Material 3 Expressive डिजाइन और AI आधारित Android फीचर्स पेश किए थे। इस बार भी Google अपने AI इकोसिस्टम को और मजबूत करने की तैयारी में दिख रहा है।  

surbhi मई 12, 2026 0
Google Gemini AI interface displaying personalized responses using Gmail, Photos, and YouTube data integration.
Google Gemini में ‘Personal Intelligence’ फीचर भारत में लॉन्च, अब AI देगा और ज्यादा स्मार्ट व पर्सनल जवाब

भारत में AI तकनीक को नया आयाम देते हुए Google ने अपने AI असिस्टेंट Gemini के लिए Personal Intelligence फीचर रोलआउट कर दिया है। यह फीचर यूजर्स को पहले से ज्यादा पर्सनल और कॉन्टेक्स्ट-बेस्ड जवाब देने में सक्षम बनाता है। पहले यह सुविधा केवल अमेरिका में पेड यूजर्स के लिए उपलब्ध थी, लेकिन अब भारत में भी इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया गया है। क्या है Personal Intelligence फीचर? Personal Intelligence एक ऐसा AI सिस्टम है, जो अलग-अलग ऐप्स से जानकारी लेकर उसे जोड़कर जवाब देता है। यह फीचर यूजर्स को इन ऐप्स से कनेक्ट करने की सुविधा देता है: Gmail Google Photos YouTube Search इससे Gemini यूजर के सवालों का जवाब देते समय कई सोर्स से डेटा लेकर ज्यादा सटीक और पर्सनल जानकारी देता है। कैसे काम करता है यह फीचर? मान लीजिए आप जयपुर ट्रिप प्लान कर रहे हैं– Gemini Gmail से आपकी बुकिंग डिटेल्स निकाल सकता है Photos से सेव किए गए स्क्रीनशॉट या नोट्स दिखा सकता है YouTube हिस्ट्री के आधार पर जगहों की सिफारिश कर सकता है यानि अब एक ही जवाब में पूरी जानकारी मिल सकती है, बिना अलग-अलग ऐप्स में जाने की जरूरत के। यूजर कंट्रोल और प्राइवेसी पर जोर Google के अनुसार: यह फीचर डिफॉल्ट रूप से बंद रहेगा यूजर खुद तय करेगा कि कौन-से ऐप्स कनेक्ट करने हैं डेटा का उपयोग सिर्फ जवाब देने के लिए होगा, AI ट्रेनिंग के लिए नहीं यूजर कभी भी इस फीचर को बंद कर सकता है अभी भी डेवलपमेंट स्टेज में कंपनी ने यह भी माना है कि यह फीचर अभी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है। कभी-कभी गलत या जरूरत से ज्यादा पर्सनल जवाब मिल सकते हैं AI कॉन्टेक्स्ट को गलत समझ सकता है हालांकि यूजर्स फीडबैक देकर इसे सुधारने में मदद कर सकते हैं। क्यों है यह बड़ा अपडेट? यह फीचर AI को एक नए स्तर पर ले जाता है, जहां: AI सिर्फ सवालों का जवाब नहीं देता, बल्कि संदर्भ समझता है यूजर के डेटा को जोड़कर बेहतर सुझाव देता है डिजिटल असिस्टेंट ज्यादा “पर्सनल” बनता है Gemini का Personal Intelligence फीचर भारत में AI उपयोग के तरीके को बदल सकता है। हालांकि, इसकी सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि यूजर्स प्राइवेसी और सुविधा के बीच कैसे संतुलन बनाते हैं।  

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Google AI illustration
Google का बड़ा AI अपडेट: अब सर्च बार से ही रेस्टोरेंट बुकिंग, बदल जाएगा खाने का प्लान करने का तरीका

टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। Google ने अपने नए AI फीचर के जरिए सर्च को सिर्फ जानकारी देने वाला टूल नहीं, बल्कि काम पूरा करने वाला प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब यूजर्स सीधे सर्च बार से ही रेस्टोरेंट टेबल बुक कर सकेंगे। यह फीचर Google के “AI Mode” का हिस्सा है, जो उसके एडवांस Gemini AI पर आधारित है। यह सिस्टम यूजर्स की डिटेल्ड रिक्वेस्ट को समझकर उसी के हिसाब से विकल्प और बुकिंग सुविधा प्रदान करता है। कैसे काम करता है यह नया फीचर? पारंपरिक सर्च में यूजर्स को कई वेबसाइट्स और ऐप्स पर जाकर जानकारी ढूंढनी पड़ती थी। लेकिन अब: आप सर्च में लिख सकते हैं: “South Delhi में rooftop restaurant में कल के लिए टेबल बुक करो” AI आपकी लोकेशन, समय और पसंद को समझता है फिर यह Zomato, Swiggy जैसे प्लेटफॉर्म से डेटा लेकर ऑप्शन दिखाता है रियल-टाइम स्लॉट के साथ सीधे बुकिंग का विकल्प मिलता है कई मामलों में AI खुद ही बुकिंग प्रक्रिया को काफी हद तक पूरा कर देता है, जिससे यूजर का समय और मेहनत दोनों बचते हैं। “Agentic AI” की ओर बड़ा कदम यह फीचर “Agentic AI” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां AI सिर्फ जानकारी नहीं देता, बल्कि मल्टी-स्टेप टास्क खुद पूरा करता है। यानी अब यूजर्स को अलग-अलग ऐप्स में जाकर तुलना करने और बुकिंग करने की जरूरत नहीं होगी। यूजर्स के लिए क्या बदलेगा? समय की बचत ज्यादा पर्सनलाइज्ड सुझाव एक ही जगह पर सर्च से लेकर बुकिंग तक का पूरा काम बेहतर और तेज प्लानिंग चाहे दोस्तों के साथ डिनर हो या किसी खास मौके की तैयारी - अब पूरा प्रोसेस पहले से ज्यादा आसान और स्मार्ट हो जाएगा। आगे क्या? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में Google इसी तकनीक के जरिए: मूवी टिकट डॉक्टर अपॉइंटमेंट ट्रैवल बुकिंग जैसे काम भी सीधे सर्च बार से कराने की सुविधा दे सकता है।  

surbhi अप्रैल 11, 2026 0
Google AI Pro plan interface showing 5TB cloud storage upgrade with Gemini AI tools and Drive integration.
Google AI Pro प्लान हुआ और दमदार: अब मिलेगा 5TB क्लाउड स्टोरेज, वो भी बिना अतिरिक्त कीमत के

टेक दिग्गज Google ने अपने प्रीमियम सब्सक्रिप्शन Google AI Pro प्लान को और ज्यादा आकर्षक बना दिया है। कंपनी ने इस प्लान के तहत मिलने वाले क्लाउड स्टोरेज को बढ़ाकर 2TB से सीधे 5TB कर दिया है, और सबसे बड़ी बात-इसके लिए यूज़र्स को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। भारत में यह प्लान पहले की तरह ₹1,950 प्रति माह (या ₹19,500 सालाना) की कीमत पर ही उपलब्ध रहेगा। अब 5TB स्टोरेज, वो भी बिना एक्स्ट्रा चार्ज Google के इस अपडेट के बाद यूज़र्स को 5TB तक का विशाल स्टोरेज मिलेगा, जिसका इस्तेमाल वे एक साथ कई प्लेटफॉर्म पर कर सकेंगे- Google Drive Gmail Google Photos यह बढ़ा हुआ स्टोरेज खासकर उन यूज़र्स के लिए फायदेमंद होगा, जो बड़ी मात्रा में फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट्स स्टोर करते हैं या AI टूल्स का ज्यादा उपयोग करते हैं। AI टूल्स के साथ और बढ़ी ताकत Google AI Pro प्लान सिर्फ स्टोरेज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई एडवांस AI फीचर्स भी शामिल हैं- Gemini AI का एक्सेस वीडियो जनरेशन के लिए Veo AI मॉडल इमेज और टेक्स्ट जनरेशन के लिए एडवांस टूल्स NotebookLM में ज्यादा लिमिट और बेहतर फीचर्स इन टूल्स की मदद से यूज़र्स कंटेंट क्रिएशन, रिसर्च और प्रोडक्टिविटी को नए स्तर पर ले जा सकते हैं। स्टूडेंट्स और ऑफर्स का भी फायदा इस प्लान का लाभ सिर्फ पेड यूज़र्स ही नहीं, बल्कि स्टूडेंट ऑफर्स और टेलीकॉम पार्टनरशिप (जैसे जियो) के तहत जुड़े यूज़र्स को भी मिलेगा। हर महीने 1000 AI क्रेडिट टेक्स्ट, इमेज और वीडियो जनरेशन के लिए उपयोग Google Docs, Sheets और Slides में AI इंटीग्रेशन क्यों खास है यह अपडेट? आज के समय में AI कंटेंट तेजी से बढ़ रहा है-वीडियो, इमेज और बड़े फाइल्स ज्यादा स्टोरेज मांगते हैं। ऐसे में बिना कीमत बढ़ाए 5TB स्टोरेज देना Google की बड़ी रणनीतिक चाल मानी जा रही है, जिससे यूज़र्स को ज्यादा वैल्यू मिलेगी और प्रतिस्पर्धा में कंपनी मजबूत होगी।  

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
Google Maps AI search feature
10 साल बाद Google Maps में जुड़ा स्मार्ट AI सर्च फीचर, अब रास्ता ढूंढना हुआ और आसान

नई दिल्ली, एजेंसियां। टेक कंपनी गूगल ने अपने लोकप्रिय नेविगेशन प्लेटफॉर्म Google Maps में बड़ा अपडेट जारी किया है। कंपनी के अनुसार यह पिछले दस वर्षों में मैप्स का सबसे बड़ा बदलाव है। इस अपडेट के तहत दो नए एआई आधारित फीचर पेश किए गए हैं Ask Maps और Immersive Navigation। ये दोनों फीचर Gemini AI मॉडल पर आधारित हैं और यूजर्स के लिए लोकेशन खोजने और नेविगेशन को पहले से ज्यादा आसान बनाने के लिए तैयार किए गए हैं।गूगल का कहना है कि इन नए फीचर्स से लोग मैप्स का इस्तेमाल बिल्कुल नए तरीके से कर पाएंगे और उन्हें ज्यादा पर्सनलाइज्ड और स्मार्ट अनुभव मिलेगा। Ask Maps: सवाल पूछकर ढूंढें लोकेशन   नए अपडेट में शामिल Ask Maps फीचर एक स्मार्ट सर्च टूल की तरह काम करता है। इसमें यूजर सीधे मैप्स ऐप के अंदर सवाल पूछकर अपनी जरूरत के हिसाब से जगह ढूंढ सकते हैं।उदाहरण के तौर पर अगर कोई यूजर पूछे कि “आज रात खेलने के लिए लाइट वाला पब्लिक टेनिस कोर्ट कहां मिलेगा?” या “ऐसी कॉफी शॉप बताओ जहां फोन चार्ज करने की सुविधा हो और ज्यादा भीड़ भी न हो”, तो यह फीचर तुरंत आसपास की संबंधित लोकेशन दिखा देगा।यूजर को सिर्फ Ask Maps बटन पर टैप करना होगा और इसके बाद मैप पर ही उन्हें पर्सनलाइज्ड जवाब और सुझाव मिल जाएंगे। यह फीचर यूजर के पिछले सर्च, सेव किए गए लोकेशन और उनकी पसंद को ध्यान में रखकर भी परिणाम दिखाता है। गूगल के अनुसार Ask Maps फीचर 30 करोड़ से अधिक स्थानों के डेटा और लगभग 50 करोड़ यूजर रिव्यू का विश्लेषण करता है। इसके साथ ही यूजर उसी इंटरफेस से रेस्टोरेंट बुकिंग, लोकेशन सेव करना, दोस्तों के साथ शेयर करना और सीधे नेविगेशन शुरू करना जैसे काम भी कर सकेंगे।यह फीचर भारत और अमेरिका में धीरे-धीरे रोलआउट किया जा रहा है। Immersive Navigation से मिलेगा 3D नेविगेशन दूसरा नया फीचर Immersive Navigation है, जो मैप्स के नेविगेशन अनुभव को पूरी तरह बदलने वाला माना जा रहा है। इसमें यूजर को रास्तों का 3D व्यू दिखाई देगा, जिसमें आसपास की इमारतें, सड़कें, फ्लाईओवर और अन्य संरचनाएं वास्तविक जैसी दिखाई देंगी। इस फीचर में ट्रैफिक लाइट, क्रॉसवॉक, स्टॉप साइन और रोड लेन जैसी महत्वपूर्ण चीजें भी साफ दिखाई देंगी। इससे ड्राइविंग के दौरान सही लेन चुनना और मोड़ लेना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा। गूगल के अनुसार यह फीचर स्ट्रीट व्यू और एरियल इमेज की मदद से अधिक सटीक विजुअल तैयार करता है। साथ ही इसमें स्मार्ट ज़ूम, ट्रांसपेरेंट बिल्डिंग ओवरले और ज्यादा प्राकृतिक आवाज में नेविगेशन निर्देश भी मिलेंगे।फिलहाल Immersive Navigation फीचर को शुरुआती चरण में अमेरिका में लॉन्च किया गया है और आने वाले महीनों में इसे अन्य देशों में भी उपलब्ध कराया जाएगा।

Anjali Kumari मार्च 14, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0