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Android Gets iPhone File Sharing

Google के Android Show में बड़े ऐलान, अब Android से iPhone में होगा आसान फाइल शेयर

surbhi मई 13, 2026 0
Google Android Show presentation highlighting Quick Share, Gemini AI, and Android Auto new features
Google Android Show 2026 Updates

Google ने पेश किए Android के नए AI और स्मार्ट फीचर्स

Google ने “The Android Show: I/O Edition” इवेंट में Android यूजर्स के लिए कई बड़े फीचर्स का ऐलान किया है। कंपनी ने Quick Share, AI फीचर्स, Android Auto और नए इमोजी समेत कई अपडेट्स पेश किए, जो इस साल अलग-अलग डिवाइसेज में रोलआउट किए जाएंगे।

सबसे ज्यादा चर्चा Quick Share और Apple AirDrop के बीच आने वाली नई compatibility को लेकर हो रही है।

अब Android से iPhone में भी होगा फाइल शेयर

Google ने घोषणा की है कि अब Android का Quick Share फीचर Apple के AirDrop के साथ काम करेगा।

इसका मतलब है कि Android यूजर्स आसानी से iPhone में फाइल शेयर कर सकेंगे। शुरुआत Google Pixel 10 से होगी, जिसके बाद यह फीचर Samsung, Oppo, OnePlus, Vivo, Xiaomi और Honor के चुनिंदा डिवाइसेज में भी आएगा।

इसके अलावा यूजर्स QR Code बनाकर किसी भी iPhone में क्लाउड के जरिए फाइल भेज सकेंगे।

Chrome में आएंगे Gemini AI फीचर्स

Google ने बताया कि अगले महीने से Android के Google Chrome में Gemini AI फीचर्स शामिल किए जाएंगे।

Gemini की मदद से यूजर्स:

  • लंबे आर्टिकल का सार पढ़ सकेंगे
  • वेबपेज से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे
  • कठिन विषयों की आसान व्याख्या पा सकेंगे
  • कैलेंडर में इवेंट जोड़ सकेंगे
  • Gmail से जानकारी खोज सकेंगे
  • Keep में रेसिपी सेव कर सकेंगे

AI Agent खुद करेगा ऑनलाइन काम

Google ने “Auto Browse” नाम का AI एजेंट भी पेश किया है। यह फीचर यूजर्स की तरफ से वेबसाइट्स पर जाकर मल्टी-स्टेप काम पूरा कर सकेगा।

उदाहरण के तौर पर:

  • ऑनलाइन शॉपिंग
  • फॉर्म भरना
  • टिकट या बुकिंग करना

हालांकि शुरुआती चरण में यह फीचर भारत में उपलब्ध नहीं होगा।

Android Auto में मिलेगा 3D Navigation

Android Auto को भी बड़ा अपडेट मिलने जा रहा है।

अब Google Maps में Immersive Navigation फीचर मिलेगा, जिसमें:

  • 3D बिल्डिंग्स
  • फ्लाईओवर
  • ट्रैफिक लाइट
  • लेन गाइडेंस
  • स्टॉप साइन

जैसी चीजें ज्यादा स्पष्ट दिखाई देंगी।

इसके अलावा Android Auto में पहली बार YouTube वीडियो सपोर्ट भी जोड़ा जा रहा है। यूजर्स गाड़ी पार्क होने पर Full HD वीडियो देख सकेंगे।

इन कार कंपनियों को मिलेगा सपोर्ट

नई सुविधाएं कई ऑटोमोबाइल ब्रांड्स की गाड़ियों में आएंगी, जिनमें शामिल हैं:

  • BMW
  • Ford
  • Hyundai
  • Kia
  • Mahindra
  • Mercedes-Benz
  • Škoda Auto
  • Tata Motors
  • Volvo

Android में आएंगे नए Emoji और Screen Reactions

Google Android में कई नए इमोजी भी जोड़ रहा है और पुराने इमोजी का डिजाइन बदल रहा है।

साथ ही “Screen Reactions” फीचर भी लाया जा रहा है, जिससे यूजर्स स्क्रीन रिकॉर्डिंग के साथ अपना वीडियो रिएक्शन भी जोड़ सकेंगे। यह फीचर खासतौर पर सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के लिए उपयोगी माना जा रहा है।

Instagram के लिए बेहतर कैमरा सपोर्ट

Meta के साथ साझेदारी के तहत Android फोन्स में Instagram अपलोड के दौरान बेहतर कैमरा क्वालिटी मिलेगी।

इसमें शामिल होंगे:

  • Ultra HDR फोटो
  • Night Sight
  • Built-in Video Stabilisation

जिससे सोशल मीडिया कंटेंट की क्वालिटी और बेहतर होगी।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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मुकेश अंबानी ने तय किया रिलायंस का उत्तराधिकार, बच्चों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

मुंबई, एजेंसियां। रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी के उत्तराधिकार (सक्सेशन) को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने बताया कि रिलायंस के दैनिक संचालन की जिम्मेदारियां उनके तीनों बच्चे आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी को सौंपने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि कंपनी का भविष्य सुरक्षित हाथों में है और नई पीढ़ी रिलायंस को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।   तीनों बच्चों को मिली अलग-अलग जिम्मेदारी मुकेश अंबानी ने बताया कि तीनों बच्चे पिछले तीन वर्षों से रिलायंस इंडस्ट्रीज के बोर्ड में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ईशा अंबानी कंपनी के कंज्यूमर और रिटेल कारोबार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जबकि आकाश अंबानी टेलीकॉम और डिजिटल टेक्नोलॉजी बिजनेस का नेतृत्व कर रहे हैं। वहीं अनंत अंबानी ऊर्जा क्षेत्र और नए एनर्जी प्रोजेक्ट्स की कमान संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीनों अलग-अलग क्षेत्रों का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन उनका उद्देश्य रिलायंस के समग्र विकास को आगे बढ़ाना है।   परिवार के पुराने विवाद से लिया सबक मुकेश अंबानी ने भले ही अपने संबोधन में पारिवारिक विवाद का सीधा उल्लेख नहीं किया, लेकिन रिलायंस में उत्तराधिकार की स्पष्ट व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताया। धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद वसीयत नहीं होने के कारण कंपनी के नियंत्रण को लेकर दोनों भाइयों के बीच लंबा विवाद हुआ था। माना जा रहा है कि उसी अनुभव से सीख लेते हुए मुकेश अंबानी ने समय रहते अगली पीढ़ी को जिम्मेदारियां सौंपने और कारोबारी ढांचे को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया पूरी की है।   500 युवा नेताओं पर भी भरोसा मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस सिर्फ परिवार पर निर्भर नहीं है, बल्कि कंपनी ने 30 से 40 वर्ष आयु वर्ग के करीब 500 युवा नेताओं की भी मजबूत टीम तैयार की है। ये युवा तकनीक, नवाचार और आधुनिक कारोबारी सोच के साथ कंपनी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अनंत अंबानी की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा, "बहुत बढ़िया अनंत।" अंबानी का कहना था कि अगली पीढ़ी और युवा नेतृत्व मिलकर रिलायंस के भविष्य को और मजबूत बनाएंगे।

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Oil, LNG and LPG cargo ships crossing the Strait of Hormuz amid easing regional tensions
होर्मुज से भारत के लिए राहत की खबर: LPG, LNG और कच्चे तेल से लदे 30 जहाज निकले, 26 अब भी इंतजार में

नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण प्रभावित हुई जहाजों की आवाजाही अब धीरे-धीरे सामान्य होती दिख रही है। भारत के लिए एलपीजी, एलएनजी और कच्चा तेल लेकर आने वाले कई जहाज इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं। शिपिंग मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक भारत से जुड़े कुल 30 व्यावसायिक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं। हालांकि अभी भी 26 जहाज इस मार्ग से गुजरने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 30 जहाजों ने पार किया रणनीतिक समुद्री मार्ग मंत्रालय के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने वाले 30 जहाजों में ऊर्जा और आवश्यक वस्तुओं की बड़ी खेप शामिल है। इनमें: 15 जहाज एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) लेकर भारत आ रहे हैं। 8 जहाज बल्क कार्गो यानी सामान्य औद्योगिक और व्यापारिक सामान लेकर चल रहे हैं। 7 जहाज कच्चे तेल (Crude Oil) के टैंकर हैं। इन जहाजों के सुरक्षित रूप से निकलने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शांति समझौते के बाद बढ़ी आवाजाही सूत्रों के मुताबिक 1 मार्च से 17 जून के बीच कुल 19 जहाजों ने यह मार्ग पार किया था। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा शांति समझौते के बाद 11 अतिरिक्त जहाज भी सुरक्षित रूप से होर्मुज पार करने में सफल रहे हैं। यह संकेत है कि क्षेत्र में समुद्री गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रही हैं। विदेशी झंडे वाले जहाजों की भी बड़ी भूमिका भारत आने वाले 30 जहाजों में से 17 विदेशी ध्वज वाले जहाज शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक जहाज Marshall Islands के ध्वज के तहत संचालित बताए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग में विदेशी ध्वज वाले जहाजों की भागीदारी सामान्य मानी जाती है, क्योंकि कई वैश्विक कंपनियां इन्हीं रजिस्ट्रियों का उपयोग करती हैं। अभी भी 26 जहाजों को है इंतजार हालांकि स्थिति में सुधार के बावजूद फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारत से जुड़े 26 जहाज अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इन जहाजों में शामिल हैं: 3 जहाज ऊर्जा और ईंधन (LPG, LNG और तेल) लेकर आ रहे हैं। 10 जहाज उर्वरक (Fertilizers) की खेप लेकर चल रहे हैं। 13 जहाज अन्य आवश्यक वस्तुएं और औद्योगिक सामान लेकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन जहाजों के निकलने के बाद भारत की आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूती मिलने की संभावना है। क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य? Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। यह Iran और Oman के बीच स्थित है और फारस की खाड़ी को अरब सागर तथा ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। इस मार्ग से होकर: सऊदी अरब इराक कुवैत संयुक्त अरब अमीरात ईरान जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों का निर्यात होता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से आयात करता है। इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आयात लागत को प्रभावित कर सकता है। भारत के लिए क्या हैं मायने? विशेषज्ञों का मानना है कि जहाजों की आवाजाही सामान्य होने से: एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति बेहतर होगी। कच्चे तेल की उपलब्धता बनी रहेगी। ऊर्जा कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। उर्वरकों की आपूर्ति सुचारू रहने से कृषि क्षेत्र को राहत मिलेगी। वैश्विक व्यापार और शिपिंग लागत में स्थिरता आ सकती है। होर्मुज मार्ग के खुलने और जहाजों के निकलने से भारत सहित कई आयातक देशों ने राहत की सांस ली है।  

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