Global Market Impact

Indian stock market crash with falling Sensex and Nifty displayed on trading screens amid global tensions
Stock Market Crash: हफ्ते की शुरुआत में बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1100 अंक लुढ़का, निवेशकों में घबराहट

सोमवार, 30 मार्च को भारतीय शेयर बाजार ने बेहद कमजोर शुरुआत की, जिससे निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया। वैश्विक तनाव और मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के असर से बाजार खुलते ही भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 1,137 अंक (करीब 1.55%) गिरकर 72,445 के स्तर पर आ गया, जबकि Nifty 50 भी 336 अंक (1.47%) टूटकर 22,483 के नीचे फिसल गया। इस तेज गिरावट से निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए। बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा मार आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग शेयरों पर देखा गया। Nifty Bank करीब 2.1% तक गिर गया, जो दिन का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। हालांकि, गिरावट के इस माहौल में Nifty Metal ने थोड़ी राहत दी और 0.4% की बढ़त के साथ टॉप गेनर बना रहा। पिछले हफ्ते से जारी है गिरावट बाजार में कमजोरी का यह सिलसिला नया नहीं है। पिछले सप्ताह भी सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1.27% की गिरावट दर्ज की गई थी। शुक्रवार को भी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ था, जिससे निवेशकों का भरोसा पहले से ही कमजोर था। एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखा गया: Nikkei 225 4.65% तक गिरा Kospi 3.51% टूटा Hang Seng Index 1.84% नीचे ASX 200 1.18% कमजोर मिडिल-ईस्ट तनाव और तेल की कीमतों का असर विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल-ईस्ट में बढ़ते युद्ध जैसे हालात और वैश्विक अनिश्चितता ने बाजार पर गहरा असर डाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ईरान के तेल को “जब्त” करने वाले बयान ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा, जहां Brent Crude $116 प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI भी $102 से ऊपर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे समय में निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।  

surbhi मार्च 30, 2026 0
Sensex and Nifty rising with green indicators
शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 300 अंक उछला, निफ्टी 23,650 के पार

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (18 मार्च 2026) को भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। लगातार तीसरे दिन बाजार हरे निशान में खुला, जिससे निवेशकों में उत्साह देखा गया। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में मजबूत बढ़त सुबह 9:16 बजे के आसपास: Nifty 50 23,683 के स्तर पर पहुंच गया, जो करीब 102 अंकों (0.43%) की बढ़त है BSE Sensex 76,389 के स्तर पर रहा, जिसमें 319 अंकों (0.42%) की तेजी दर्ज की गई इससे पहले मंगलवार को भी बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था। वैश्विक संकेतों से मिला सहारा बाजार की इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय संकेतों का बड़ा योगदान रहा: अमेरिकी बाजारों में बढ़त, खासकर ट्रैवल सेक्टर में खरीदारी एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख कच्चे तेल की कीमतों में नरमी विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक अब वैश्विक तनाव के बावजूद स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं। क्या कहते हैं एक्सपर्ट? वी के विजयकुमार, चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, Geojit Investments Limited के अनुसार: बाजार में अनिश्चितता के बावजूद रिकवरी देखने को मिल रही है कच्चा तेल $120 के पार नहीं गया, इससे राहत मिली आगे बाजार अच्छे और बुरे खबरों पर सीमित प्रतिक्रिया देगा सेक्टर में बदल रहा निवेश का रुख रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक अब कुछ सेक्टरों में अपनी रणनीति बदल रहे हैं: IT और महंगे FMCG से पैसा निकल रहा है टेलीकॉम, फार्मा, डिफेंस और फाइनेंशियल सेक्टर में निवेश बढ़ रहा है इससे टेलीकॉम जैसे सेक्टर में मजबूती देखी जा रही है। FII-DII का अलग-अलग रुख मंगलवार के आंकड़ों के अनुसार: विदेशी निवेशक (FII) ने ₹4,741 करोड़ की बिकवाली की घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) ने ₹5,225 करोड़ की खरीदारी की यानी घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सपोर्ट दिया। तेल और सोने का हाल कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट अमेरिका में क्रूड स्टॉक बढ़ने के संकेत सोने की कीमतें स्थिर, निवेशक सतर्क आगे क्या रहेगा ट्रेंड? विशेषज्ञों का मानना है कि: बाजार में फिलहाल हल्की सकारात्मक धारणा बनी रह सकती है वैश्विक घटनाओं और फेडरल रिजर्व के फैसले पर नजर रहेगी निवेशक सतर्क रहकर ही निवेश कर रहे हैं

surbhi मार्च 18, 2026 0
Indian stock market crash amid global tensions as Sensex and Nifty fall sharply.
रेड अलर्ट! शेयर बाजार में भारी तबाही, निवेशकों के 34 लाख करोड़ रुपये डूबे

  पश्चिम एशिया में युद्ध का असर भारतीय बाजार पर पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। पिछले दो हफ्तों के भीतर ही निवेशकों की संपत्ति में करीब 34 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आ गई है। लगातार बिकवाली और वैश्विक तनाव के चलते बाजार में घबराहट का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की तेज बिकवाली ने भारतीय बाजार को गहरा झटका दिया है।   सेंसेक्स में 5,250 अंकों से ज्यादा की गिरावट पिछले दो हफ्तों में शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक BSE Sensex में करीब 5,250 अंक यानी लगभग 6.5% की गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार के कारोबार में भी बाजार कमजोर शुरुआत के साथ खुला। दिनभर गिरावट का सिलसिला जारी रहा और सेंसेक्स 74,455 अंक के निचले स्तर तक फिसल गया। अंत में यह 1,471 अंक (1.9%) की गिरावट के साथ 74,564 अंक पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 भी गिरावट के साथ 488 अंक (2.1%) टूटकर 23,151 अंक पर बंद हुआ।   कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार बाजार में गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल भी है। युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। भारत के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि कच्चा तेल देश का सबसे बड़ा आयात है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।   रुपये ने छुआ ऐतिहासिक निचला स्तर बाजार में अस्थिरता का असर भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा। Indian Rupee डॉलर के मुकाबले गिरकर 92.48 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपये की कमजोरी से आयात महंगा हो सकता है और इससे आर्थिक संतुलन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।   विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली गिरावट की सबसे बड़ी वजह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की भारी बिकवाली मानी जा रही है। शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने 10,717 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए, जो पिछले 14 महीनों में सबसे बड़ी एकदिवसीय बिकवाली में से एक है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ते जोखिम के कारण विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं।   मार्जिन सेलिंग ने बढ़ाई गिरावट लगातार गिरते बाजार के बीच मार्जिन ट्रेड फाइनेंस (MTF) से जुड़ी जबरन बिकवाली भी देखने को मिली। जब शेयरों की कीमत गिरती है तो उधार लेकर निवेश करने वाले निवेशकों के शेयर बैंकों या ब्रोकर्स द्वारा बेच दिए जाते हैं। इससे बाजार में और तेजी से गिरावट आ सकती है। साथ ही सप्ताहांत से पहले कई ट्रेडरों ने जोखिम से बचने के लिए अपनी पोजिशन भी बंद कर दी, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।   इन बड़ी कंपनियों के शेयरों से बढ़ी गिरावट शुक्रवार को सेंसेक्स की 30 में से 28 कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए। गिरावट में सबसे ज्यादा योगदान देने वाली कंपनियों में Larsen & Toubro HDFC Bank State Bank of India जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल रहीं।   आगे बाजार में क्या रह सकता है असर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया का तनाव जल्द कम नहीं हुआ और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और लंबी अवधि की रणनीति के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।  

surbhi मार्च 14, 2026 0
Indian stock market graph showing sharp fall in Sensex and Nifty amid global geopolitical tensions.
चार साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट: शेयर बाजार धड़ाम, रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर

  पश्चिम एशिया में तनाव का असर, बाजार में भारी बिकवाली पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह जोरदार गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की लगातार बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये की कमजोरी ने बाजार के माहौल को और नकारात्मक बना दिया। नतीजतन, घरेलू शेयर बाजार ने लगभग चार वर्षों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट देखी।   सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट सप्ताह के दौरान BSE सेंसेक्स में 5.51 प्रतिशत यानी 4,354.98 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 74,563.92 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी50 भी 1,299.35 अंक यानी 5.31 प्रतिशत गिरकर 23,151.10 के स्तर पर आ गया। पूरे सप्ताह में केवल मंगलवार को बाजार में हल्की तेजी देखने को मिली, जबकि बाकी सभी कारोबारी सत्रों में सूचकांक दबाव में रहे।   स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव स्मॉलकैप कंपनियों के शेयर भी इस गिरावट से अछूते नहीं रहे। BSE स्मॉलकैप इंडेक्स में इस सप्ताह करीब 3.6 प्रतिशत की गिरावट आई। इस दौरान Aqylon Nexus, Silver Touch Technologies, SEPC, InfoBeans Technologies, Amber Enterprises India, PG Electroplast, Yasho Industries, Sapphire Foods India, Capacite Infraprojects, Sunteck Realty, Rain Industries, Dynamatic Technologies और Precision Wires India जैसे कई शेयरों में 22 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। हालांकि कुछ कंपनियों के शेयरों में तेजी भी रही। Confidence Petroleum, Chemplast Sanmar, Jindal Poly Films, Happiest Minds Technologies, Apollo Pipes, Liberty Shoes और TTK Prestige जैसे शेयरों में 15 से 22 प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया।   लार्जकैप और मिडकैप कंपनियों पर भी असर BSE लार्जकैप इंडेक्स में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट रही। इस दौरान Polycab India, IDBI Bank, Larsen & Toubro, TVS Motor Company, UltraTech Cement, Mahindra & Mahindra, Eicher Motors, IndusInd Bank, Maruti Suzuki India, Varun Beverages और Tata Motors के शेयरों में 10 से 15 प्रतिशत तक गिरावट आई। वहीं BSE मिडकैप इंडेक्स भी 4.5 प्रतिशत कमजोर रहा। इस दौरान KEI Industries, Bharat Forge, Ashok Leyland, Schaeffler India, Colgate Palmolive India, Ramco Cements, IDFC First Bank, Godrej Industries और APL Apollo Tubes के शेयरों में 10–15 प्रतिशत तक गिरावट देखी गई। दूसरी ओर Premier Energies, LT Technology Services, Aurobindo Pharma, Ipca Laboratories, Suzlon Energy और Dixon Technologies जैसे कुछ शेयरों में तेजी भी दर्ज की गई।   सेक्टरल इंडेक्स में व्यापक गिरावट लगभग सभी सेक्टरल इंडेक्स इस सप्ताह लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो और बैंकिंग शेयरों में देखने को मिली। निफ्टी ऑटो: 10.6% गिरावट निफ्टी PSU बैंक: 7.2% गिरावट निफ्टी डिफेंस: 7% गिरावट निफ्टी प्राइवेट बैंक: 7% गिरावट निफ्टी मेटल: 6% गिरावट   विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार चौथे सप्ताह भी बिकवाली करते रहे। इस दौरान उन्होंने करीब 35,052 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) ने बाजार को कुछ सहारा दिया और उन्होंने लगभग 37,739 करोड़ रुपये की खरीदारी की।   रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय मुद्रा भी दबाव में रही। रुपया लगातार दूसरे सप्ताह कमजोर हुआ और शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.47 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। सप्ताह के अंत में रुपया 92.45 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो एक सप्ताह पहले 91.74 के स्तर पर था।   आगे क्या रहेगा बाजार का रुख? विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करेंगी। यदि वैश्विक हालात सामान्य होते हैं तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है, लेकिन फिलहाल निवेशकों के लिए सतर्क रहना जरूरी माना जा रहा है।  

surbhi मार्च 14, 2026 0
Indian stock market falls amid global tensions and rising inflation
युद्ध और महंगाई का दोहरा असर, लाल निशान में डूबा भारतीय शेयर बाजार

    वैश्विक तनाव और बढ़ती महंगाई के बीच शुक्रवार 13 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। कारोबार शुरू होते ही बाजार लाल निशान में चला गया, जिससे निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया।   सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट आज बाजार खुलते ही BSE Sensex में करीब 590 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 75,444.22 के स्तर पर आ गया। वहीं Nifty 50 भी करीब 177 अंकों की गिरावट के साथ 23,462.50 पर खुला। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि लगातार हो रही बिकवाली और वैश्विक तनाव के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है।   बाजार गिरने की बड़ी वजहें विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं- विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता युद्ध और तनाव मार्केट विशेषज्ञ अजय बग्गा के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तो विदेशी निवेशक अपने नुकसान की भरपाई के लिए उभरते बाजारों से पूंजी निकाल लेते हैं, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ जाता है।   कच्चे तेल और महंगाई का असर वैश्विक तनाव के कारण Brent Crude की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। वहीं Strait of Hormuz में आपूर्ति प्रभावित होने से तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि भारत ने Russia से करीब 3 करोड़ बैरल तेल सुरक्षित कर लिया है, लेकिन महंगाई का खतरा अभी भी बना हुआ है। देश में खुदरा महंगाई दर 3.21% तक पहुंच गई है और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में यह और बढ़ सकती है।   इन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर आज के कारोबार में लगभग सभी सेक्टरों में कमजोरी देखने को मिली। सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो सेक्टर में रही, जो एक प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। इसके अलावा प्राइवेट बैंक, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई।   वैश्विक बाजारों का भी असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों में भी दबाव देखा गया। अमेरिका का Dow Jones Industrial Average और जापान का Nikkei 225 भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है और निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Crowd chaos at Nalanda Sheetla Temple during religious event causing stampede-like situation and casualties
बिहार

नालंदा मंदिर हादसा: भीड़ ने ली 8 महिलाओं की जान, धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ जैसी स्थिति

surbhi मार्च 31, 2026 0